Subhash Ghai की जिस फिल्म की कहानी सुनकर सो गया था हीरो, उसी ने Box Office पर मचाया था बवाल
नई दिल्ली। सुभाष घई (Subhash Ghai) हिंदी सिनेमा के वो निर्माता-निर्देशक हैं, जिन्होंने किसी को हीरो बनाया तो किसी को खलनायक। माधुरी दीक्षित, ऐश्वर्या राय और संजय दत्त जैसे कलाकारों को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में सुभाष घई का काफी हद तक हाथ रहा है। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया FTII से पढ़ने के बाद सुभाष घई ने फिल्मों की ओर रुख किया लेकिन सफलता की सीढ़ी चढ़ने से पहले उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा।
जब सुभाष घई फिल्मों में आए तो उनका मकसद अभिनेता बनना था। FTII से ग्रेजुएट होते ही वह मुंबई भाग आए थे, लेकिन आउटसाइडर होने के चलते कोई निर्माता अपने स्टूडियो में उन्हें घुसने ही नहीं देता था। एक के बाद दूसरे और फिर तीसरे स्टूडियो के चक्कर लगाने के बाद सुभाष ने दिमाग लगाया और निर्माता से मिलने के लिए यूनाइटेड फिल्मफेयर टैलेंट कॉन्टैस्ट में हिस्सा लिया और 5000 लोगों में तीन लोग सिलेक्ट हुए जिनमें से एक वह भी थे। इसके बाद ही उन्हें पहली फिल्म बन गई थी।
अभिनय में नहीं चला सिक्का
सुभाष घई ने साल 1967 में फिल्म तकदीर से एक्टिंग डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने छोटा सा रोल किया था। फिर उन्हें राजेश खन्ना की फिल्म आराधना मिली। छोटे-मोटे रोल करने के बाद सुभाष ने बतौर लीड हीरो फिल्म उमंग और गुमराह में काम किया। तमाम कोशिश के बावजूद सुभाष घई को हीरो के रूप में खास पहचान नहीं मिली। निर्देशन का हुनर तो था ही, इसलिए उन्होंने अभिनय का रुख छोड़ निर्देशन करना शुरू कर दिया।
शत्रुघ्न सिन्हा नहीं करना चाहते थे कालीचरण
आपको जानकर हैरानी होगी कि सुभाष घई की पहली फिल्म को बनाने में पसीने छूट गए थे, क्योंकि कोई भी निर्माता उनकी लिखी कहानी पर फिल्म बनाने के लिए राजी नहीं हो रहा था। यहां तक कि हीरो ने भी फिल्म करने से साफ-साफ इनकार कर दिया था। इस बात का खुलासा खुद सुभाष घई ने किया था। एएनआई को दिए इंटरव्यू में निर्देशक ने कहा था कि उन्होंने पहले कालीचरण की स्क्रिप्ट शत्रुघ्न सिन्हा को भेजी थी, लेकिन अभिनेता कहानी सुनते-सुनते सो गए थे। उन्हें फिल्म की कहानी पसंद नहीं आई और उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया था।
प्रोड्यूसर ने हीरो को किया था राजी
कुछ दिनों बाद प्रोड्यूसर एनएन सिप्पी को पता चला कि सुभाष घई के पास एक फिल्म की स्क्रिप्ट है। उन्होंने तुरंत उन्हें बुलाया और कहानी को दोबारा पढ़ने के लिए कहा। सुभाष घई ने साफ-साफ कह दिया था कि कालीचरण रिजेक्टेड स्क्रिप्ट है। कोई भी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर इसे नहीं करना चाहता है। तब एनएन सिप्पी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह फिल्म बनाएंगे और शत्रुघ्न ही लीड रोल में होंगे। उन्होंने किसी भी तरह अभिनेता को यह फिल्म करने के लिए राजी कराया और निर्देशन का जिम्मा सुभाष घई को दिया।
शत्रुघ्न सिन्हा, अजीत और रीना रॉय स्टारर एक्शन थ्रिलर कालीचरण (Kalicharan) 1976 की हिट मूवी थी। बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, इस फिल्म ने उस समय 2.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।