बिहार: थानेदारों को मिल गया नया काम, हर हाल में बताने होंगे तीन नाम; अब बचना मुश्किल है!
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में शराब तस्करों की अब खैर नहीं! शराब के अवैध कारोबार से अकूत संपति अर्जित करने वाले तस्करों की संपत्ति अब नहीं बचेगी। जांच में उनकी अवैध संपत्ति चाहे जिस रूप में होगी, उस पर पुलिस हाथ डालने की पहल शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि शराब के बड़े तस्करों का आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के लिए जिला पुलिस प्रशासन के द्वारा ठोस रणनीति अपनाई गई है। अगर पुलिस का यह संदेश सुनकर भी तस्कर सीख नहीं लिए, तो उन्हें काफी महंगा पड़ सकता है।
तीन तस्करों के नाम का मांगा प्रस्ताव
एसपी अमित रंजन ने शराब के धंधे पर अंकुश लगाने के पूर्व से जारी प्रयासों को अब और सख्त करने का निर्णय लिए है। यानी अब तस्करों के खिलाफ माकूल कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। उन्होंने थानाध्यक्षों से अपने थाना क्षेत्रों के शराब के तीन-तीन बड़े तस्करों के नामों का प्रस्ताव मांगा है। प्रस्ताव में अर्जित संपत्ति का भी जिक्र करना है, ताकि अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त किया जा सके।
अप्रैल में यह काम सर्वोच्च प्राथमिकता
बताया गया है कि एसपी ने थानाध्यक्षों को अप्रैल माह में ही तस्करों के नामों की सूची भेजने को कहा है। इस माह में उक्त काम को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बॉर्डर पार नेपाल से शराब की होने वाली तस्करी को रोकने के लिए भी थानाध्यक्षों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। इसके लिए नेपाल से आने वालों की सघन जांच का निर्देश दिया है।
नेपाल से आती है शराब और नशीली दवाएं
गौरतलब है कि सीतामढ़ी जिला भारत-नेपाल सीमा पर है। बॉर्डर की सुरक्षा के लिए एसएसबी तैनात है। पुलिस भी नजर रखती है। बावजूद बड़े पैमाने पर नेपाल से भारतीय क्षेत्र में शराब लाया जाता है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग शराब का सेवन करने नेपाल जाते हैं। शराब के कारोबार में विशेष कर बॉर्डर इलाके के ही बड़े तस्कर सक्रिय रहे हैं। शराब जब्ती की कार्रवाई की इस बात का सबूत है।