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दस दिन की शांति के बाद फिर सुनाई दी पीले पंजे की गूंज

 धौलपुर    दस दिन की शांति के बाद दोपहर कड़ी धूप में परिषद के पीले पंजे की गर्जना फिर सुनाई दी। गर्जना के कंपन से जहां चूड़ी मार्केट पूरी तरह से साफ हो गया तो वहीं शिवनगर पोखरा पर नालों और नालियों पर हो रहे अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान 30 से 40 कच्ची दुकानों को जमींदोज किया।

शहर की जलनिकासी और सडक़ों के चौड़ीकरण को लेकर पिछले एक माह से ज्यादा वक्त से चल रहे नगर परिषद का अतिक्रमण हटाओ अभियान कुछ दिन विराम के बाद बुधवार को फिर प्रारंभ हो गया। जिसकी शुरुआत शहर के बीचो बीच और गांधी पार्क स्थित चूड़ी मार्केट से की। दोपहर 3 बजे के बाद पहुंची परिषद की टीम को देखकर लोगों में हडक़ंप मच गया। पीला पंजा की गर्जना प्रारंभ हो उससे पहले ही दुकानदार खुद ही अतिक्रमण को हटाने लगे। लेकिन कुछ दुकानदारों ने इसका विरोध भी किया लेकिन पीले पंजे की गर्जना में उनकी आवाज भी अतिक्रमण की तरह ध्वस्त हो गई। कार्रवाई के दौरान नगर आयुक्त अशोक शर्मा, अधीक्षण अभियंता गुमान सिंह सैनी, जेईएन प्रभा सिंह, सफाई कर्मचारी प्रमुख प्रकाश श्रीवास्तव, एईएन पदम सिंह, एईएन प्रिया कुमारी, एईएन नीरज शर्मा सहित परिषद के अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे।

चौड़ा हुआ चूड़ी मार्केट रास्ता

 

शहर के बीचो बीच गांधी पार्क स्थित चूड़ी मार्केट कई वर्षों से संचालित हो रहा है। जहां दुकानदारों ने सडक़ों को घर अपनी दुकानें सजा ली थीं। परिषद पहले भी यहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर चुका था, लेकिन अमले के जाने के पश्चात फिर दुकानें सज जाती थी। लेकिन बुधवार की कार्रवाई में कुछ अलग देखने को मिला। कार्रवाई के दौरान लाइन से 30 से 40 कच्ची दुकानों को जमींदोज कर दिया। अतिक्रमण हटने के बाद चूड़ी मार्केट का संकरा रास्ता चौड़ा हो गया। चूड़ी मार्केट से अतिक्रमण हटाने के बाद परिषद का अमला शिवनगर पोखरा पहुंच गया। जहां नालों और नालियों पर हो रहे अतिक्रमण को एक-एक कर ध्वस्त किया गया।

नालों में गोबर और गंदगी डालने वालों पर कार्रवाई

 

नगर परिषद नालों और नालियों को खोलने के लिए जहां अतिक्रमण को ध्वस्त कर रहा है, वहीं नालों में गोबर, गंदगी आदि पदार्थ डालने वालों पर सख्त रुख अपना रहा है। इस कड़ी में मंगलवार को जहां चोपड़ा मंदिर के बीच लक्ष्मी डेयरी संचालक पर 5100 रुपए का चालान किया। तो वहीं बुधवार की कार्रवाई के दौरान सीवर में गोबर डालने को लेकर एक जने पर 500 रुपए का अर्थदण्ड लगाया। परिषद पहले ही लोगों को सीवर में गोबर, कचरा, पत्थर या अन्य पदार्थ डालने को लेकर शहरवासियों को चेता चुका है। अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो परिषद उस पर कार्रवाई करेगा।

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