सरकार सदन में छात्र आंदोलनों पर चर्चा के लिए तैयार, विपक्षी दल करें सहयोग : रिजिजू
नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्र आंदोलनों और उनसे जुड़ी गतिविधियों पर सदन में विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से अपील की कि चर्चा और सरकार के जवाब के दौरान सदन में किसी तरह की बाधा न डाली जाए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान सुना जाए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि सरकार का प्रस्ताव स्पष्ट है। उनके मुताबिक, छात्र आंदोलनों से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की जा सकती है और सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि एक बार चर्चा शुरू होने के बाद मुद्दे के सभी पहलुओं पर विस्तार से बात होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि चर्चा के दौरान सदन का ध्यान भटकाने या गृह मंत्री के बयान को रोकने की कोशिश न की जाए।
किरेन रिजिजू ने कहा, विपक्ष हर मुद्दे पर बोल रहा है। राम मंदिर के मुद्दे पर मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि एसआईटी के गठन के साथ ही यूपी सरकार की कार्रवाई और कई अन्य कदम उठाए गए हैं। इसलिए, मैं अभी उस मामले पर और कुछ नहीं कहना चाहता। मैं यहां सरकार का स्पष्ट रुख रखने आया हूं कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों और छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा के लिए तैयार है।
रिरिजू ने कहा, मैं कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से अपील करता हूं कि सरकार छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि चर्चा के दौरान कोई व्यवधान न हो और आप गृह मंत्री तथा सरकार की बात पूरी तरह शांति से सुनें। आपको हमें इस बात का भरोसा भी दिलाना होगा।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मौजूदा संसद सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने परिसीमन की जरूरत बताते हुए कहा कि इस पर आम सहमति बननी चाहिए और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। अठावले ने संसद में जारी हंगामे को समाप्त कर मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर सदन में बहस होनी चाहिए।