दिल्ली में बड़ा हादसा: सत्य निकेतन में गिरी इमारत, छात्रों के दबे होने की आशंका
नई दिल्ली।
राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास सत्य निकेतन इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि गिरी हुई इमारत में छात्रों के लिए हॉस्टल/पीजी संचालित किया जा रहा था। घटना के वक्त वहां बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।
40-50 छात्रों के मौजूद होने की बात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत गिरने के समय करीब 40 से 50 छात्र वहां मौजूद हो सकते थे। अब तक बचाव दल ने तीन छात्रों को मलबे से बाहर निकाल लिया है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हादसे की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दोपहर करीब 1:33 बजे मिली। इसके बाद फायर डिपार्टमेंट की टीमें और स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचीं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
'हॉस्टल डेज' नाम से चल रहा था PG
एक चश्मदीद के मुताबिक, हादसे में गिरी इमारत को 'हॉस्टल डेज' के नाम से बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि यह लड़कों के लिए चलाया जा रहा करीब पांच मंजिला पीजी था। इसके बगल की एक अन्य इमारत के भी गिरने की जानकारी सामने आई है।
चश्मदीद के अनुसार, कुछ छात्र अपने कमरों में मौजूद थे और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, फंसे छात्रों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। यह संख्या हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
DDMA और NDRF को भी दी गई सूचना
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और NDRF को भी सूचना दी गई है। राहत एवं बचाव अभियान में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त उपकरण मौके पर मंगाए गए हैं।
मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए हैं। पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ रेस्क्यू टीमों को सुरक्षित तरीके से काम करने में मदद कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
बारिश के बीच हादसे ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में इमारत गिरने की घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इमारत गिरने की वास्तविक वजह और नुकसान का पूरा आंकड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।