ECI का बड़ा अभियान: SIR के बाद छूटे मतदाताओं के नाम जुड़वाने घर-घर जाएंगे BLO
नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जहां विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभियान में पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्री-SIR और मौजूदा सूची का होगा मिलान
आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूदा मतदाता सूची की तुलना प्री-SIR सूची से करें। इसके आधार पर ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम पिछली सूची में थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं।
इसके बाद BLO घर-घर जाकर इन मतदाताओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। पात्र पाए जाने पर उन्हें Form 6 के माध्यम से दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने में मदद की जाएगी।
हर BLO को सप्ताह में 20-25 मतदाताओं का लक्ष्य
चुनाव आयोग ने BLO को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने का लक्ष्य दिया है। इस पूरी कवायद को करीब एक महीने में पूरा करने की योजना है। अधिकारियों को प्रत्येक मतदाता की स्थिति और Form 6 भरे जाने की जानकारी भी दर्ज करनी होगी।
पहली बार वोट देने वालों पर भी फोकस
अभियान सिर्फ SIR के दौरान छूटे मतदाताओं तक सीमित नहीं रहेगा। ऐसे युवा और पहली बार वोट देने वाले नागरिक, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें भी पंजीकरण में मदद दी जाएगी। आयोग ने दोहराया है कि मतदाता पंजीकरण एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और पात्र व्यक्ति नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी साझा होगी सूची
BLO द्वारा तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। भरे गए Form 6 और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संबंधित ERO को सौंपी जाएगी। ERO इन आवेदनों की जांच जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत करेंगे।
बूथ स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप
आयोग ने नामांकन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बूथ लेवल कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी, बेघर और अन्य वंचित वर्गों के लिए विशेष कैंप लगाए जा सकते हैं। शिक्षण संस्थानों और SVEEP जैसी जागरूकता गतिविधियों के जरिए भी लोगों को मतदाता पंजीकरण के बारे में जानकारी दी जाएगी।
आयोग ने CEO, DEO और ERO स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा और निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने के अवसर से वंचित न रहे।