नमाज के लिए पीछे गया को-पायलट, अचानक सिर पर होने लगे वार....
यरूशलम/नई दिल्ली । दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने उस खौफनाक घटना के बारे में बताया है। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में बताया कि उड़ान के दौरान उनका को-पायलट प्रार्थना कर रहा था और कुछ ही मिनट बाद अचानक पीछे से उनके सिर पर जोरदार हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे बाहर मौजूद लोगों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
प्रार्थना कर रहा था को-पायलट, अचानक हुआ हमला
कैप्टन मच्छार के मुताबिक, उड़ान की शुरुआत सामान्य थी। को-पायलट ने उनसे कुछ समय प्रार्थना करने की अनुमति मांगी थी। मच्छार ने बताया कि यह असामान्य बात नहीं लगी, इसलिए उन्होंने सम्मान के तौर पर पीछे देखने के बजाय सामने की ओर ध्यान रखा।
कुछ मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान को किसी तरह का बड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन जब लगातार वार होने लगे, तब उन्हें एहसास हुआ कि हमला विमान पर नहीं, बल्कि खुद उन पर किया जा रहा है।
धुंधली हो गई थी नजर, विमान तेजी से नीचे जा रहा था
हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी नजर भी प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें उस समय की पूरी घटना स्पष्ट रूप से याद नहीं है और यादें टुकड़ों में हैं।
मच्छार के अनुसार, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उन्हें समझ आ गया था कि अगर कॉकपिट का दरवाजा नहीं खुला तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
पहली कोशिश के बाद फिर बंद कर दिया गया दरवाजा
कैप्टन ने बताया कि उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल लिया था, लेकिन हमलावर ने उसे दोबारा बंद कर दिया। इसके बाद वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए। उन्हें विमान की तेज आवाज और बाहर यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। मच्छार ने बताया कि उन्हें लगा कि उनके पास एक आखिरी कोशिश का मौका है। उन्होंने बची हुई पूरी ताकत जुटाई और दोबारा दरवाजे तक पहुंचकर उसे खोल दिया।
दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद लोगों ने संभाला मोर्चा
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद बाहर मौजूद क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने हमलावर को काबू किया और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की। फ्लाइट को बाद में सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराई गई।
इस घटना में विमान में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई। कैप्टन मच्छार को गंभीर चोटें आईं और उनका इलाज चल रहा है।
नेतन्याहू ने कहा- ‘आप इजरायल और भारत के हीरो हैं’
कैप्टन मच्छार की आपबीती सुनने के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उनके साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह बेहद कठिन परिस्थितियों में मच्छार के धैर्य और सही फैसला लेने की क्षमता से प्रभावित हैं।
नेतन्याहू ने मच्छार को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया का हीरो बताया और उनके परिवार के लिए शुभकामनाएं दीं।
नेतन्याहू ने मोदी और मच्छार को दिया खास न्योता
बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने और मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने इसे इजरायल के स्वतंत्रता दिवस का बेहद सम्मानित समारोह बताया।
हालांकि, इजरायल के Times of Israel के अनुसार, मशाल जलाने वालों के चयन की औपचारिक प्रक्रिया अलग है और नेतन्याहू अकेले अंतिम चयन नहीं कर सकते।
हमले की जांच जारी
फ्लाईदुबई की इस घटना को लेकर संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला किया था और विमान की स्थिति गंभीर हो गई थी। हमले के पीछे की वजह और अन्य पहलुओं की जांच जारी है।