बुमराह की टीम है, ढंग से कर दी ऑसी की तैसी, कंगारुओं की पुश्तें याद रखेंगी
पर्थ: 16 मैच जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम 2001 में कोलकाता ईडन गार्डंस पहुंची थी तब सौरव गांगुली की भारतीय टीम ने स्टीव वॉ की हेकड़ी निकाल दी थी। 2021 में डे-नाइट टेस्ट में सिर्फ 36 रनों पर ऑलआउट होने के बाद बिना विराट कोहली के अस्थायी कप्तान अजिंक्य रहाणे ने ब्रिस्बेन गाबा का घमंड तोड़ा तो अब जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को पर्थ में हराने वाली पहली टीम बन गई है। रोहित शर्मा टीम के साथ नहीं थे, विराट कोहली फॉर्म में नहीं थे, तेज पिच थी और टीम दो डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों के साथ उतरी, लेकिन जो कुछ पर्थ के इस ऑप्टस स्टेडियम में हुआ उसकी शायद खुद जसप्रीत बुमराह ने कल्पना नहीं की होगी। इस 295 रनों की जीत को लेकर अगर देसी अंदाज में एक लाइन में कहा जाए तो बूम-बूम बुमराह की टीम ने ऑसी (Aussie) की ऐसी तैसी कर दी है।
यह जीत इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पहुंची तो उसके पूर्व क्रिकेटर और मीडिया 12th मैन की तरह खड़े हो गए। हर बार की तरह उन्होंने कुछ प्लेयर्स का गुणगान किया तो आदत के अनुसार कुछ एक लोगों को निशाना बनाया। बार-बार विराट कोहली को याद दिलाया कि वह महान हैं, लेकिन फॉर्म खराब है। याद दिलाया कि भारतीय टीम की कमान एक कम अनुभवी (कप्तानी को लेकर) तेज गेंदबाज के हाथों में है। उसने याद दिलाया कि यह क्रिकेट मैच नहीं, जंग है। हमारे हेड कोच गौतम गंभीर को लगातार निशाना बनाया। पूरी कोशिश की कि कोई न कोई विवाद में गंभीर फंसें, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
जसप्रीत बुमराह ने हालांकि पहले ही खुद को तैयार कर लिया था। वह अब वह कप्तान नहीं रहे, जिसे इंग्लैंड में रणनीति के मामले में दो-चार होना पड़ा था। अब बुमराह अपने साथी मुंबई इंडियंस को 5 बार चैंपियन बनाने वाले रोहित शर्मा से सारे गुण सीख चुके थे। वह अनुभव की भट्टी में तप चुके थे। उन्हें पता था टीम को कैसे मोटिवेट करना है। उन्होंने टी20 विश्व कप 2024 की तरह रोहित को फॉलो किया। उन्होंने रोहित की तरह ही फ्रंट फुट पर कप्तान की तरह लीड किया।