मध्य प्रदेश
बस ने भाई-बहन को कुचला: बहन की मौके पर ही मौत, भाई घायल
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां तेज रफ्तार बस ने स्कूटी सवार भाई बहन को कुचला दिया। हादसे में बहन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भाई गंभीर रूप से घायल है। जिसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
घटना एयरपोर्ट रोड की है। जहां तेज रफ्तार यात्री बस ने स्कूटी सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय मुस्कान खान की मौत हो गई, जबकि उसका भाई घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब दोनों भाई-बहन चाउमिन खाकर घर लौट रहे थे। एयरपोर्ट रोड पर बस की तेज रफ्तार के कारण स्कूटी को पीछे से टक्कर लगी।
हादसे में 15 साल की मुस्कान खान पर बस का अगला पहिया चढ़ा। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, उसका भाई घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इधर घटना के बाद बस चालक खुद बस को छोड़ थाने पहुंचा। पुलिस ने बस को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
‘उद्योग के रास्ते युवाओं को रोजगार’, जापान जाने से पहले CM डॉ. मोहन बोले- कई सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जापान यात्रा से पहले एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने अपने दौरे का उद्देश्य बताया। सीएम ने कहा कि फरवरी महीने में आयोजित होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर मीट के लिए आमंत्रित करने जा रहा हूं। उद्योग के रास्ते युवाओं को रोजगार देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कई सेक्टर में मध्य प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
MP में जल्द स्थापित होगी देश की सबसे ऊंची भगवान बालाजी की प्रतिमाः रात में दिखेगा आकर्षक रूप, लिफ्ट में सवार होकर भक्त कर सकेंगे माल्यार्पण
खंडवा। दुनिया भर में तिरुपति बालाजी भगवान के अनगिनत भक्त हैं, लेकिन क्या आपको पता है की मध्य प्रदेश के खंडवा में भी तिरुपति बालाजी के एक ऐसे ही भक्त हैं, जिन्होंने अपने आराध्य बालाजी भगवान की विशाल प्रतिमा अपने ही शहर में बनाने का बीड़ा उठाया है। खंडवा के उद्योगपति रितेश गोयल बालाजी भगवान की 81 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करवा रहे हैं।
बताया जा रहा है, कि बालाजी भगवान की यह प्रतिमा एशिया में सबसे ऊंची बालाजी की प्रतिमा है। इस प्रतिमा का निर्माण कार्य 4 से 5 चरणों में चल रहा है, जिसके तहत बालाजी भगवान का श्रीमुख बनकर तैयार है। जो बालाजी धाम में रखा गया है। 81 फीट की प्रतिमा के केवल श्री मुख की ऊंचाई 18 से 20 फीट बताई जा रही है। इस प्रतिमा के साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को माता पद्मावती तथा माता लक्ष्मी के दर्शन करने का भी मौका मिलेगा। लगभग ढाई लाख स्क्वायर फीट में तैयार हो रहे इस बालाजी धाम में रंगारंग लाइट शो की व्यवस्था भी की जाएगी। आध्यात्मिक दृष्टिकोण की अगर बात करें तो इस पूरे परिसर तथा बालाजी भगवान की प्रतिमा का निर्माण कार्य तिरुपति बालाजी मंदिर के हाथीराम मठ से जुड़े जानकारों के निर्देशन में हो रहा है।
बालाजी भगवान के भक्त रितेश गोयल ने बताया कि, बालाजी भगवान की 81 फिट की ये प्रतिमा एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी इसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बस कुछ ही दिनों में ये बालाजी भगवान की मूर्ति आकर ले लेंगे और आप सभी बालाजी भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इस मूर्ति में अत्याधुनिक फाउंटेन, चमकदार नगीने और लेजर लाइट भी लगाए जा रहे है। लिफ्ट में सवार होकर भक्त बालाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सकेंगे।
आसपास एक ऐसा वातावरण डिवेलप किया जा सकेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे खंडवा शहर का भी नाम होगा । इसमें हमें बालाजी मंदिर टस्ट के लोग भी हमे संयोग दे रहे है उनकी ओर से भी हमे मूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है और वहीं के पंडित ही आएंगे और मूर्ति की स्थापना करेंगे। वहीं से हमें बताया गया है कि भगवान बालाजी के दर्शन के बाद मां पद्मावती के दर्शन करना अनिवार्य है। इस लिए हमने यह पद्मावती के मंदिर का निर्माण भी चालू कर दिया है। जल्द भक्तों को भगवान बालाजी और मां पद्मावती के दर्शन कर सकेंगे।
MP के इस शहर में बनता है ISI मार्क वाला खादी का तिरंगा, जानें क्या है इसकी खासियत
ग्वालियर. Republic Day 2025: देश मे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ती जा रही है. गणतंत्र दिवस के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ तिरंगा बनाने वाली ग्वालियर की मध्य भारत खादी संस्था के पास तिरंगे की मांग इस बार 5 गुना बढ़ी. मध्य भारत खादी संघ 25 जनवरी तक एक करोड़ रुपये कीमत के झंडे सप्लाई कर चुका है, जिसमें देश के 14 राज्यों में 22000 से ज्यादा झंडे सप्लाई किए. देश की सर्वश्रेष्ठ संस्था में तिरंगा झंडा तैयार करने में 6 दिन का समय लगता है. यहां 180 से लेकर 9000 रुपये तक कीमत के झंडे बनाए जाते हैं.
देशभर में आज गणतंत्र दिवस धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. संस्थानों से लेकर लोग अपने घरों में “तिरंगा” फहरा रहे हैं. यही वजह है कि तिरंगे की मांग इस बार पांच गुना ज्यादा बढ़ गई. ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज निर्माण एजेंसियां बड़ी मात्रा में तिरंगा बनाने में जुटी रही. ग्वालियर में बने तिरंगे की देशभर में मांग है. ग्वालियर में मध्य भारत खादी संघ की स्थापना 1925 में चरखा संघ के तौर पर हुई थी. 1956 में मध्य भारत खादी संघ को आयोग का दर्जा मिला. ग्वालियर में बने तिरंगे की देश के 15 से ज्यादा राज्यों में सप्लाई होती हैं. मध्य भारत खादी संघ 25 जनवरी तक एक करोड़ रुपए कीमत के झंडे सप्लाई कर चुका है, जिसमें देश के 14 राज्यों में यह झंडे सप्लाई किए.
बता दे कि तिरंगा कई चरणों के बाद बनकर तैयार होता है. जिसमें धागा बनाना, कपड़े की बुनाई, ब्लीचिंग और डाइंग, चक्र की छपाई, तीनों पटिृयों की सिलाई, आयरन करना और टॉगलिंग (गुल्ली बांधना) शामिल है.
ग्वालियर में जो तिरंगे तैयार होते हैं, वो राष्ट्रीय ध्वज मानकों ISI के आधार पर होता है. तिरंगा झंडा के लिए धागा इसी केंद्र पर हाथों से तैयार किया जाता है, जिसमें ताना बाना की मजबूती से लेकर रंग तक राष्ट्रीय मानक के आधार पर रहता है. तिरंगे की सिलाई के दौरान कपड़े का मेजरमेंट, रंगों की मजबूती, सहित अन्य मानकों को जांचने के लिए मशीनों से टेस्टिंग की जाती है. करीब 20 से ज्यादा टेस्टिंग से गुजरने के बाद तिरंगा तैयार होता है. तिरंगा बनाने वाले भी खुश हैं कि इस साल तिरंगा को लेकर लोगों में भारी क्रेज बढ़ा है. साथ ही इस बात का गर्व महसूस होता है कि वो देश की शान तिरंगा बनाने का काम करते हैं.
अलग-अलग स्थानों के लिए झंडे का आकार भी अलग-अलग होता है
1. सबसे छोटा 6:4 इंच का तिरंगा मीटिंग, कॉन्फ्रेंस आदि में टेबल पर रखा जाता है.
2. VVIP कारों के लिए इसका आकार 9:6 इंच होता है.
3. राष्ट्रपति, VVIP, एयरक्राफ्ट और ट्रेन के लिए इसका आकार 18:12 इंच होता है.
4. कमरों में क्रॉस बार पर दिखने वाले झंडे 3:2 फुट.
5. बहुत छोटी पब्लिक इमारत पर लगने वाले झंडे 5.5:3 फुट.
6. शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर पर लिपटे तिरंगे का आकार 6:4 फुट होता है.
7. संसद भवन और मध्यम साइज वाली सरकारी इमारतों के लिए इसका आकार 9:6 फुट,
8. गन कैरिएज, लाल किले और राष्ट्रपति भवन के लिए 12:8 फुट रखा गया है.
9. बहुत बड़ी सरकारी इमारत के लिए तिरंगे का आकार 21:14 फुट है.
राष्ट्रीय ध्वज की क्वालिटी को BIS चेक करता है. हर सेक्शन पर कुल 18 बार तिरंगे की क्वालिटी चेक की जाती है. देश मे हुबली और ग्वालियर में ही ISI मार्क वाले खादी के तिरंगे बनाए जाते हैं. देश की आनबान तिरंगा बनाने का गौरव गवलियर को मिला है, जिससे हर किसी को गर्व महसूस होता है.
रेल कर्मचारी अतीक खान व रवि भारती गणतंत्र दिवस पर हुए सम्मानित
जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कोचिंग) स्वप्निल पाटिल द्वारा अतीक खान को वर्ष 2024 में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन हेतु यह पुरस्कार प्रदान किया गया है.
ये पुरस्कार आज 26 जनवरी 2025 को दिया गया, पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ जबलपुर के वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश दास ने श्री अतीक खान और श्री रवि भारती को पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई देते है.
अब 180 कैमरों के जरिए होगी तहसीलों की निगरानी
चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के सभी सब रजिस्ट्रार/जॉइंट सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोगों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला किया है. इस पहल के तहत, पूरे पंजाब में इन कार्यालयों में कुल 180 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
सभी डिप्टी कमिश्नरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक कैमरा सुचारू रूप से कार्य करे. अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) अनुराग वर्मा ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को कैमरों की चालू स्थिति के बारे में 31 जनवरी तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.
मुख्यालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी भी इन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करेंगे. डिप्टी कमिश्नरों को सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज के माध्यम से किसी भी समय अचानक चेकिंग करने का अधिकार दिया गया है. वे जब चाहें, कैमरों के माध्यम से कार्यालयों की गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इस पहल से लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
MP सरकार का बड़ा निर्णय: राज्य के 17 धार्मिक स्थलों में शराब की बिक्री पर बैन, सीएम यादव ने की घोषणा
इंदौर. मध्य प्रदेश में जल्द 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लग जाएगा. इसकी घोषणा गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की. सीएम ने राज्य के नरसिंहपुर जिले में एक समारोह के दौरान कहा, शराब के सेवन के दुष्प्रभावों से हर कोई वाकिफ है. हम नहीं चाहते कि हमारे युवा बिगड़ें, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं. मध्य प्रदेश सरकार 17 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाएगी. उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश में जहां भी भगवान कृष्ण और भगवान राम ने अपने कदम रखे हैं, वहां शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने पिछले साल कहा था कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश में भगवान राम और भगवान कृष्ण से जुड़े स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करेगी. हालांकि अधिकारियों ने फिलहाल प्रस्तावित 17 शराब-मुक्त स्थानों के नाम नहीं बताए, न ही प्रतिबंध लागू होने की तारीख बताई है. इस मामले पर मंत्रिमंडल की बैठक शुक्रवार को मंदिर नगर महेश्वर में होगी.
सूत्रों ने बताया कि शराब प्रतिबंध उज्जैन, ओरछा, सलकनपुर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर, अमरकंटक और मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में लागू किया जा सकता है. जहां उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थल हैं. वहीं मैहर एक शक्तिपीठ है. ओरछा में राजा राम मंदिर है, जहां भगवान राम की पूजा राजा के रूप में की जाती है. महेश्वर देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है और अमरकंटक वह स्थान है जहां से नर्मदा नदी का उद्गम होता है.
वायरल गर्ल मोनालिसा ने अचानक क्यों छोड़ा महाकुंभ?
इंदौर। इंदौर की हुस्न परी कहे जाने वाली मोनालिसा ने आखिरकार परेशान होकर प्रयागराज महाकुंभ छोड़ दिया। सुंदर आंखों वाली मोनालिसा महाकुंभ में माला बेचती थीं, जिनका वीडियो वायरल होने के बाद वो पूरे सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। अब मोनालिसा ने महाकुंभ छोड़ने पर अपने चाहने वालों को खास मैसेज दिया है।
महाकुंभ छोड़ घर गईं मोनालिसा
दरअसल, मोनालिसा (Maha Kumbh viral girl) की सुंदरता देख उनके साथ सेल्फी लेने के लिए महाकुंभ की भीड़ काफी दबाव बनाने लगी थी। इससे मोनालिसा कई बार परेशान भी हो जाती थी, जिसका वीडियो भी सामने आया था।
पोस्ट में लिखा- अब अगली बार मिलेंगे
अब उन्होंने महाकुंभ छोड़ने पर एक पोस्ट किया है। मोनालिसा ने लिखा,
परिवार और अपनी सुरक्षा के लिए मुझे वापस इंदौर जाना पड़ रहा है। हो सका तो अगले साही स्नान तक प्रयागराज महाकुंभ में वापस मिलते हैं। सभी के सहयोग और प्यार के लिए दिल से धन्यवाद।
खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली है मोनालिसा
मोनालिसा मप्र के खरगोन जिले के महेश्वर की रहने वाली है। महेश्वर मोनालिसा महेश्वर में कई वर्षों से निवास कर रही है, फिलहाल मोनालिसा माता-पिता के साथ माला बेचने महाकुंभ गई है।
माला बेचती है मोनालिसा
मोनालिसा के दादा लक्ष्मण ने बताया कि वह 20 साल पहले पट्टे मिले हैं। उन्होंने बताया कि वह वाराणसी, हरिद्वार से कच्चा माल लेकर आते हैं, यहां मालाएं बनाते हैं। एक माला 20 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये की होती है। इसमें रुद्राक्ष सहित अन्य मोतियों की माला होती है।
मोनालिसा महाकुंभ में माला बेच रही हैं और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं। मोनालिसा के हर दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होते हैं। मोनालिसा का वीडियो बहुत वायरल है, उनके पास अब कंठी-माला खरीदने के लिए विदेशी ग्राहक भी आ रहे हैं, जबकि दिन भर मीडिया के कैमरे उनसे बात करते हैं।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सनी देओल को 4 माह बाद जमानत, लड़की ने कहा- वह अपनी मर्जी से गई थी
ग्वालियर। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपित सनी देओल को चार माह बाद जमानत दे दी है। आरोपी युवक की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता मोहित भदौरिया ने बताया कि युवक की उम्र अभी 18 वर्ष है और उस पर जिस लड़की के साथ दुष्कर्म का आरोप है, वह उसके साथ दो साल से रिलेशनशिप में है। यह बात उसने अपने बयानों में भी दर्ज करवाई है।
नाबालिग ने अपने बयानों में यह भी कहा है कि वर्तमान आरोपी युवक ने उसके साथ जोर जबरदस्ती नहीं की। वह अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट से समक्ष भी यह तथ्य पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने युवक को कोर्ट ने जमानत दे दी।
गर्भवती है पीड़िता
यह घटना 29 जुलाई 2024 की है, जब नाबालिग अपने घर से एक कार्यक्रम में शामिल होने बिना बताए चली गई थी। इसके बाद नाबालिग के पिता ने थाना करहरिया में रिपोर्ट दर्ज कराई।
20 सितंबर 2024 को पुलिस को नाबालिग ग्वालियर में मिली। न्यायालय के समक्ष उसके बयान कराये जाने के बाद उसका मेडिकल कराया गया, तो मालूम चला कि वह गर्भवती है।
लड़की नाबालिग थी इस कारण से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि नाबालिग और आरोपी दो साल से आपस में प्रेम करते थे।
तथ्य छिपाकर लगाई याचिका 25 हजार के जुर्माने सहित खारिज
ग्वालियर में ही कोर्ट से जुड़े एक अन्य खबर के अनुसार, हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म के मामले के आरोपी रिंकू की राजीनामा के आधार पर मामला खत्म करने की याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ कोर्ट ने आरोपी पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
दरअसल डबरा थाने में दर्ज इस मामले के आरोपी ने पहले तीन बार जमानत का आवेदन किया था, जिसके कोर्ट ने खारिज कर दिया। फिर बीते दिनों उसने हाईकोर्ट में मामला खत्म करने के लिए याचिका लगाई जिसे एकल पीठ ने खारिज कर दिया था।
इन सभी तथ्यों को छिपाते हुए याचिकाकर्ता ने फिर से याचिका लगा दी जिसे शासन की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष उजागर कर दिया। हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए न सिर्फ याचिका को खारिज किया बल्कि जुर्माना भी लगाया। बता दें कि आरोपित पर डबरा थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है।
महाकाल की भस्म आरती में मोबाइल ले जाने पर लगा बैन, एंट्री गेट पर होगी चेकिंग
उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में गुरुवार से भस्म आरती में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दर्शनार्थी प्रवेश द्वार पर भस्म आरती अनुमति की जांच कराने के बाद लाकर में मोबाइल जमा करेंगे।
इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। दिन में भी प्रवेश द्वारों पर दर्शनार्थियों की कड़ी पड़ताल की जाएगी। उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर परिसर में फिल्मी गानों पर रील बनाने और इसे वायरन होने के मामले आए दिन सामने आते हैं।
बीते दिनों कुछ पुजारियों ने इस पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने गुरुवार से भस्म आरती में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। दिन में भी मोबाइल को भीतर ले जाने से रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर सख्ती से जांच की जाएगी।

युवती ने बनाई थी रील
महाकाल मंदिर में एक युवती ने भगवान शिव के सामने फिल्मी गाने पर रील बनाई थी। इस मामले में मंदिर के पुजारी नाराज हैं और कहा है कि धर्म स्थान पर अमर्यादित आचरण करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मंदिर प्रशासन ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन फिर भी युवक-युवतियों द्वारा मंदिर में फिल्मी गानों पर रील बनाने के मामले सामने आते रहते हैं।

फूहड़ता फैलाने वालों पर एक्शन हो
इस मामले में पुजारियों ने कहा है कि मंदिर धर्म और अध्यात्म के केंद्र हैं और यहां फूहड़ता फैलाने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जबलपुर से दो ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हार्ट भोपाल और लिवर इंदौर भेजा… सागर के बलिराम ने दो लोगों को दी नई जिंदगी
जबलपुर। सागर निवासी बलिराम पटेल उम्र 61 वर्ष का 21 जनवरी का एक्सीडेंट हो गया था। उन्हें इलाज के लिए जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने बलिराम को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
बलिराम के अंगों का अन्य मरीजों के लिए उपयोग हो सके, इस बात को ध्यान में रखते हुए परिजन ने अंग डोनेट करने की इच्छा जताई। अब गुरुवार को जबलपुर के मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल से दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। एक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हार्ट को विमान से एम्स भोपाल भेजा गया।
दूसरा कॉरिडोर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पास कोकिला रिसोर्ट के मैदान तक बनाया गया। इससे बलिराम के लिवर को एयर एंबुलेंस की मदद से चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर भेजा गया।
डॉक्टर संजय मिश्रा (संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर) ने बताया कि मेडिकल में यह पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है, जिसमें एक अंग को भोपाल और दूसरे को इंदौर भेजा गया है।
एमआर को दुर्घटना व स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिए जाने की मांग
जबलपुर से मिली एक अन्य खबर के अनुसार, मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने मेडिकल रिप्रेंजेटिव की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
इसमें कहा गया है कि दवा कंपनियों के विक्रय के लिए देशभर में शहर और गांव का दौरा करने वाले एमआर कई बार दुर्घटना का शिकार होते हैं। न केवल गंभीर घायल होते हैं बल्कि अनेक बार अनहोनी का शिकार हो जाते हैं। लिहाजा सरकार उनका एसबीआई की तरह दुर्घटना बीमा कराए।
साथ ही इसमें आयुष्मान कार्ड से 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना लाभ प्रदान किया जाए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित सिसोदिया, डॉ. अजय वाधवानी अध्यक्ष जबलपुर, डॉ. अभिजीत जैन, एड भावना निगम ने अपनी बात रखी है।
फिल्म पुष्पा का 'शेखावत' बन कांस्टेबल ने बनाई रील, कट गया चालान
इंदौर। सिर मुंडवा कर रील बनाना सिपाही को भारी पड़ गया। क्राइम ब्रांच ने उसे न सिर्फ पकड़ा बल्कि चालान भी बना दिया। डीआईजी ने तो अनुशासनहीनता की कार्रवाई शुरू कर दी है। सिपाही ने इन्फुलेंसर के बहकावे में आकर फिल्म पुष्पा के एक कलाकार की नकल की थी।
एडिशनल डीसीपी(अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। इसमें एक युवक बाइक चला रहा है और उसके पीछे पुलिसकर्मी बैठा हुआ है।
सिगरेट का धुआं निकालता है
दोनों फिल्म पुष्पा के कलाकारों की अदाकारी करते हुए नजर आ रहे थे। बाइक पर बैठा पुलिसकर्मी सिगरेट पी रहा था और लोग उसे शेखावत सर...शेखावत सर पुकार रहे थे। पुलिसकर्मी उन्हें देख कर सिगरेट का धुआं निकालता है।
रील देखने पर पता चला पुलिसकर्मी पीआरटीएस में पदस्थ सिपाही जितेंद्र तंवर है। वहीं बाइक चलाने वाला कमलेश डामोर और वीडियो बनाने वाले का नाम अतुल डामोर है। एडीसीपी ने उसे इन्फुलेंसर के साथ तलब कर फटकार लगाई।
जितेंद्र ने सफाई में कहा उसने न रील बनाई न वीडियो अपलोड किया। एडीसीपी कहा इस तरह का कृत्य अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के उल्लंघन में आता है। रील बनाना है तो ऐसा काम करो, जिससे विभाग का नाम रोशन हो।
हेलमेट न पहनने और सिगरेट पीने पर फाइन
अभिनेता जैसी शक्ल बनाने से कुछ नहीं होता है। अफसरों ने हेलमेट न पहनने पर उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई कर दी। सिगरेट पीने पर नगर निगम से स्पॉट फाइन की कार्रवाई करवाई। उधर पीआरटीएस के डीआईजी ने भी जितेंद्र के खिलाफ जांच बैठा दी है।
हवाई यात्रियों के लिए अच्छी खबर: समर सीजन में इंदौर से सीधे जुड़ सकते हैं भुवनेश्वर और जेवर एयरपोर्ट
इंदौर। इंदौर से लगातार कई शहरों के लिए सीधी उड़ान की सुविधा शुरू हो रही है। दो माह बाद शुरू होने वाले समर सीजन में इंदौर से भुवनेश्वर और नोएड़ा के जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती है। विमान कंपनियों ने इसके लिए इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन से संपर्क किया है। इससे इंदौर और आसपास के शहरों से ओडिशा और नोएड़ा जाने वाले यात्रियों को फायदा होगा और उनके समय की बचत भी होगी।हालांकि अभी शेड्यूल जारी नहीं हुआ है, लेकिन विमान कंपनियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से वर्तमान में करी 86 उड़ानें प्रतिदिन संचालित हो रही हैं।
मार्च से शुरू होने वाले समर सीजन के लिए विमान कंपनियों ने उड़ानों का नया शेड्यूल बनाना शुरू कर दिया है।
इंदौर से देश के कुछ एयरपोर्ट तक सीधी उड़ान सेवाएं शुरू होगी।
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन आफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेंमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि ओडिशा के लिए इंदौर से सीधी कनेक्टिविटी नहीं है।
यहां पर्यटन, धार्मिक यात्रा के साथ ही बीजनेस के लिए बड़ी संख्या में लाेग जाते हैं। ऐसे में सीधी कनेक्टिविटी से लोगों को बड़ा फायदा होगा।
श्रृद्धालुओं को मिलेगा फायदा
इंदौर से भुवनेश्वर के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से जगन्नाथपुरी जाने वाले श्रृद्धालुओं को बड़ा फायदा होगा।भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों की पहुंच आसान होगी। सीधी उडा़न से भुवनेश्वर जाने के बाद बस या ट्रेन से यात्रा कर महज डेढ़ घंटे में पूरी पहुंचा जा सकेगा। इससे इंदौर और आसपास के लाखों श्रृद्धालुओं की राह आसान होगी। अभी इंदौर से संचालित होने वाली साप्ताहिक ट्रेन से यात्रियों को जाना पड़ता है। यह ट्रेन 28 घंटे में पूरी पहुंचाती है।
नोयडा की कनेक्टिविटी होगी सुगम
दिल्ली एनसीआर के पास उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर नोएडा में बनाए गए जेवर एयरपोर्ट के लिए इंदाैर से सीधी उडा़न की सुविधा भी आने वाले माह में मिलेगी। इसके लिए इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन से विमान कंपनियों ने संपर्क किया गया है। इसको देखते हुए समर सीजन में इंदौर से जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी उड़ान शुरू हो सकती है। इससे नोएड़ा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र तक यात्रियों की पहुंच आसान हो जाएगी।
मध्य प्रदेश में लापता हुईं 4 हजार से ज्यादा बेटियों को अब तक नहीं खोज पाई पुलिस
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष जितनी बालिकाएं गायब हो रही हैं, उनमें लगभग 25 प्रतिशत को पुलिस खोज ही नहीं पाती। पिछले चार वर्षों में गुम हुईं चार हजार से अधिक बालिकाओं को खोज पाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम है।
यह आंकड़े जनवरी 2021 से लेकर दिसंबर 2024 तक के हैं। इसमें मानव तस्करी का भी संदेह है। यह प्रदेश के माथे पर कलंक की तरह है। कारण- यह कि सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी कई योजनाएं चला रही है, लेकिन प्रदेश का पुलिस तंत्र गायब बेटियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इसकी एक बड़ी वजह पुलिस बल की कमी भी है। बालिकाओं को खोजने के लिए पुलिस वर्ष 2021 से वर्ष में दो बार ऑपरेशन 'मुस्कान' भी चलाती है।
गुम होने वाली बालिकाओं की संख्या बढ़ रही

गुम होने वाली बालिकाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2024 के अंत तक की स्थिति में पुराने और नए मामले मिलाकर 15 हजार 671 बालिकाएं गुम हुई। इनमें ऑपरेशन मुस्कान और अन्य माध्यमों से 11 हजार 670 बालिकाओं को पुलिस ने खोजा, पर अभी भी चार हजार से अधिक का पता नहीं है।
इसमें मानव तस्करी के लिए उनके अपहरण की आशंका है। बता दें कि अकेले वर्ष 2024 में बालिकाओं और महिलाओं के अपहरण के 10 हजार 400 मामले पंजीबद्ध किए गए हैं।
अब महिलाओं की बात करें तो इनके गुम होने की संख्या हजारों में है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें अगर महिला के साथ अपराध नहीं होता, एफआईआर कायम करने का भी प्रविधान नहीं है।
जबरदस्ती पकड़कर ले जाई गईं बालिकाओं में पुलिस ने 659 को खोजा
ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत जनवरी 2021 से फरवरी 2024 के बीच 12 हजार 567 बालिकाओं को खोजा गया, इनमें 659 को जबरदस्ती पकड़ कर ले जाया गया था।

लैंगिक शोषण के लिए 630, बंधुआ मजदूरी के लिए 17 और नौकरी के लिए 12 बालिकाओं को अपराधी जबरदस्ती पकड़कर ले गए थे। 2,389 बालिकाओं ने बताया कि वे प्रेमी के साथ गई थीं। फिरौती के लिए दो बालिकाओं का अपहरण किया गया था।
आबिदा सुल्तान से क्या था सैफ अली खान का रिश्ता… देखिए पटौदी परिवार इतिहास और समझिए शत्रु संपत्ति विवाद
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व रियासत से जुड़ी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कानून के तहत सरकारी घोषित करने की अधिसूचना पर लगा स्थगन आदेश खत्म होने के बाद राजधानी में भ्रम का माहौल बन गया है।
कहा जा रहा है कि इस आदेश से सरकार करीब 150 एकड़ में फैली उन संपत्तियों पर कब्जा कर लेगी, जिस पर इस समय करीब चार-पांच लाख की आबादी बसी है। एक तरफ लोगों में डर का माहौल है, तो दूसरी तरफ भोपाल के इतिहास और नवाब खानदान को लेकर भी देशभर में चर्चा हो रही है।
नवाब परिवार को जान लीजिए
नवाब हमीदुल्लाह खान- भोपाल के आखिरी शासक, वर्ष 1926 से 1960 तक मृत्युपर्यंत रहे।
उनकी तीन बेटियां थीं आबिदा सुल्तान, साजिदा सुल्तान और राबिया सुल्तान।
परंपरा के अनुसार नवाब की उत्तराधिकारी उनकी बड़ी बेटी आबिदा सुल्तान को बनाया जाना था, लेकिन 1950 में वे अपने बेटे के साथ पाकिस्तान चली गईं।
इसके बाद भारत सरकार ने उनकी दूसरी बेटी साजिदा सुल्तान को नवाब अधिसूचित कर दिया।
साजिदा का विवाह हरियाणा के पटौदी रियासत के नवाब इफ्तेखार अली खान से हुआ।
साजिदा सुल्तान के निधन के बाद उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी को भोपाल का नवाब मान लिया गया।
उनके बाद सैफ अली खान को नवाब की उपाधि मिली है और परंपरा में इस संपत्ति के वे वारिश हैं।
नवाब हमीदुल्लाह खान की तीसरी बेटी राबिया सुल्तान हैदराबाद में ब्याही गईं।
उनके वंशजों का भी इस संपत्ति पर दावा है। इसका विवाद भी न्यायालय में चल रहा है, जिसमें सैफ अली खान एक पक्षकार हैं।
(नवाब हमीदुल्लाह खान की तीनों बेटियां , आबिदा सुल्तान, साजिदा सुल्तान और राबिया सुल्तान (बायें से दायें)। lफाइल फोटो: खालिद गनी)
आबिदा सुल्तान की संपत्ति बची ही नहीं जिसे माना है शत्रु संपत्ति
इस बीच भोपाल रियासत के इतिहास और कानून के जानकारों का कहना है कि जिस आबिदा सुल्तान के पाकिस्तान जाने की वजह से रियासत की संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कहा जा रहा है, उनकी कोई निजी संपत्ति तो भोपाल में बची भी नहीं है। वे पाकिस्तान जाने से पहले उन्हें बेच गई थीं।

तोहफे में मिली थी नूर-उस-सबा पैलेस और नानी की हवेली
नवाबी इतिहास के जानकार रिजवानउद्दीन अंसारी बताते हैं कि आबिदा सुल्तान के नाम यहां नूर-उस-सबा पैलेस और नानी की हवेली जैसी कुछ संपत्तियां थीं, जो उन्हें तोहफे में मिली थीं। इनमें से ज्यादातर संपत्ति को वे पाकिस्तान जाने से पहले ही बेच गई थीं।
नवाब हमीदुल्लाह खान का महल कस्र-ए-सुल्तानी भी पहले ही बिक चुका है। इसी इमारत में आज का सैफिया कॉलेज है। यह महल बिकने के बाद नवाब परिवार कोहेफिजा स्थित फ्लैग स्टाप हाउस में रहने लगा था।
आयकर विभाग के मृत्यु कर के तौर पर नवाब ने कोहेफिजा क्षेत्र की बड़ी जमीन सरकार को दी थी, जिस पर आज बीडीए कॉलोनी बनी है। इसी तरह उन्होंने अपने अर्दलियों और करीबियों को संपत्ति का बड़ा हिस्सा अपने जीवित रहते ही दान कर दिया था।
अंसारी कहते हैं कि अभी तो नवाब हमीदुल्लाह खान की दो छोटी बेटियों- साजिदा सुल्तान और राबिया सुल्तान के वंशजों के बीच संपत्ति की विरासत को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है।
सरकार को अभी यह तय करना होगा कि वास्तव में पाकिस्तान में बस गईं आबिदा सुल्तान की संपत्ति कौन-सी है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि अभी तक उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति नहीं मिली है।

रियासत की बड़ी संपत्ति पर तो सरकार पहले ही काबिज
वरिष्ठ अधिवक्ता और भोपाल हिस्ट्री फोरम के संयोजक शाहनवाज खान बताते हैं कि आजादी के बाद नवाब ने अपनी बहुत-सी निजी इमारतें सरकार को उपयोग करने के लिए दी हैं। इसमें भोपाल का कलेक्टर कार्यालय, सदर मंजिल, चार बंगले, पुलिस मुख्यालय, लाल परेड मैदान शामिल हैं।
कोहेफिजा से खानूगांव, चिकलोद और बैरसिया के इलाके में जो जमीनें नवाब परिवार से जुड़ी थीं, उन पर लाखों की आबादी बसी हुई है। सरकार का स्पष्टीकरण आने तक अभी इस मामले में कुछ भी साफ नहीं है। इसने लंबी कानूनी लड़ाई का एक नया आधार बना दिया है।

प्रशासन का सर्वे भी भ्रम बढ़ाता रहा
1962 की केंद्रीय अधिसूचना के हिसाब से नवाब की दूसरी बेटी साजिदा सुल्तान वारिस बन चुकी थीं। ऐसे में शत्रु संपत्ति कानून उनकी संपत्ति पर लागू नहीं होता। इसी वजह से प्रत्येक सर्वे में शत्रु संपत्ति की संख्या घटती बढ़ती रही है।
2013 के सर्वे के बाद जिला प्रशासन ने नवाब परिवार से जुड़ी शत्रु और निष्कांत संपत्तियों की संख्या 24 बताई थी। 2015 में इनकी संख्या केवल 16 रह गई। वहीं 2016 में पाकिस्तान में बस जाने वाली आबिदा सुल्तान के नाम पर दर्ज केवल एक संपत्ति नानी की हवेली की पहचान हो पाई।
खरगोन में दिनदहाड़े डकैती, मुनीम पर हमला कर 15 लाख रुपये से भरा बैग ले गए तीन बदमाश
खरगोन। खरगोन शहर के डाबरिया रोड पर एक जिनिंग कर्मचारी के साथ 15 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया हे। कर्मचारी बैंक से रुपये लेकर जिनिंग लौट रहा था, इसी दौरान जिनिंग से 100 मीटर पहले नकाबपोश दो बाइक सवारों ने कर्मचारी के सिर पर डंडे से वारकर घायल कर दिया।
लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। अस्पताल में उपचारित घायल कर्मचारी प्रकाश महाजन ने बताया हमलावर दो थे, जिन्होंने बाइक सामने अड़ाने के बाद डंडे से अचानक सिर पर वार कर दिया और रुपयों से भरा बैग लेकर भाग निकले।
जिनिंग से 100 मीटर दूरी पर वारदात
एक हमलावर का उन्होंने चेहरा देख लिया है, जिसे वे पहचान सकते हैं। रुचि जिनिंग संचालक प्रकाश महाजन ने बताया कर्मचारी प्रकाश रोज की भांति बैंक से रुपए लेकर लौट रहा था, दोपहर करीब 12.20 बजे जिनिंग से महज 100 मीटर की दूरी पर लूट की वारदात हो गई। कर्मचारी रोज अलग वाहन से जाता हैं और साथ दूसरा कर्मचारी होता हे। प्रकाश आज अकेला गया था।
हम समझे किसी का विवाद हो रहा है
प्रत्यक्षदर्शी जीनिंग मजदूर सखाराम व राहगीर विशाल ने बताया कि गुरुवार का दिन छुट्टी का है। शराब पीकर मजदूर विवाद कर रहे होंगे। मुनीम के सिर से खून निकला और दो नकाबपोश बाइक लेकर भागने लगे तो घटना लगी।
उन्होंने बताया कि एक आरोपित सफेद शर्ट और दूसरा काली जैकेट पहना था। पीछे वाले काले जैकेट पहने युवक ने डंडे से हमला किया। इसके बाद बैग छीनकर जैकेट में भरा और डाबरिया की ओर बाइक लेकर गए।
पुलिस टीम अलग अलग जगह रवाना हुई हैं। वारदात में चार से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। इसमें बैंक और रास्ते में रेकी करने वाले हो सकते हैं। पुलिस ने 20 से ज्यादा जगह सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
भोपाल में बना सबसे बड़ा फ्लाई ओवर डॉ. आंबेडकर के नाम पर... शहरवासियों को मिलेगी जाम से मुक्ति
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के सबसे लंबे ब्रिज जीजी फ्लायओवर का लोकार्पण किया। 153 करोड़ की लागत से बने 2534. मी. लंबे इस ब्रिज को अब डॉ भीमराव आंबेडकर सेतु के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने संबोधन में इस बात की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस ब्रिज का एक सिरा सुभाष चंद्र बोस सेतु से जुड़ता है तो दूसरा सिरा सावरकर सेतु से जुड़ेगा। ऐसे में हम इस ब्रिज का नाम डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना, अतिक्रमण, मेट्रो प्रोजेक्ट जैसी कई मुश्किलों के बावजूद श्रमिकों ने रात-रात भर जागकर इस सेतु का निर्माण किया।
कांग्रेस के शासन में भोपाल का विकास नहीं हुआ

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासन में भोपाल का कभी विकास नहीं हो पाया। कांग्रेस ने भोपाल के विकास को रोके रखा लेकिन पटवा सरकार में विकास की नई इबारत लिखी गई। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बैरागढ़ ब्रिज का लोकार्पण किया जाएगा।
साथ ही मुख्यमंत्री ने बावड़ियाकलां में 180 करोड़ की लागत से नया ब्रिज बनाए जाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राजधानी वृहद परियोजना का नक्शा आने वाला है। जिसमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा को मिलाकर एक बड़ी परियोजना बनाई जाएगी।
दो साल की देरी से पूरा हुआ निर्माण
फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2024 में पूरा हो गया था। इसे लोकार्पित करने में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। पहले इसे 26 दिसंबर 2024 को शुरू करने की योजना थी।
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के गुजरात दौरे के कारण यह तिथि टालनी पड़ी। इसके बाद तीन जनवरी 2025 को लोकार्पण की नई तिथि तय की गई थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन और राष्ट्रीय शोक के चलते इसे फिर स्थगित कर दिया गया।
सीएम ने कहा- अधोसंरचना विकास के लिए नागरिक दें सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के अधोसंरचना विकास को लेकर नागरिकों से सकारात्मक सुझाव आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में जन सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागरिक अपने बहुमूल्य सुझाव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज सकते हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी। अच्छे सुझावों पर अमल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस के शासन में भोपाल का विकास नहीं हुआ
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासन में भोपाल का कभी विकास नहीं हो पाया। कांग्रेस ने भोपाल के विकास को रोके रखा लेकिन पटवा सरकार में विकास की नई इबारत लिखी गई। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बैरागढ़ ब्रिज का लोकार्पण किया जाएगा।
साथ ही मुख्यमंत्री ने बावड़ियाकलां में 180 करोड़ की लागत से नया ब्रिज बनाए जाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राजधानी वृहद परियोजना का नक्शा आने वाला है। जिसमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा को मिलाकर एक बड़ी परियोजना बनाई जाएगी।
कांग्रेस ने नेताजी बोस को घर बैठाया
वहीं सुभाष जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि नेताजी ने अग्रेजों के शासनकाल में सबसे कठिन आईसीएस की परीक्षा पास की लेकिन उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी नहीं की बल्कि देश की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए।
लेकिन कांग्रेस ने नेताजी जैसे अच्छे नेताओं को भी परेशान किया। कांग्रेस हमेशा अच्छे नेताओं को घर बैठाने का काम करती आई। वे चुनाव जीतकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने लेकिन आखिरकार उन्हें इस्तीफा देने को मजबूर किया गया। मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जबलपुर से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया।
कांग्रेस ने बार-बार डॉ अंबेडकर के साथ किया अन्याय
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नेताजी की ही तरह कांग्रेस ने डॉ अंबेडकर के साथ भी बार-बार अन्याय किया। आज कांग्रेस के नेता बगुलाभगत की तरह महू से यात्रा निकालने का सपना देख रहे हैं। लेकिन पहले कांग्रेस को अपने पुराने पापों का हिसाब करना चाहिए।
उन्हें अपने गिरेबां में झांककर देखना चाहिए। डॉ अंबेडकर ने धारा 370 समेत जिन मुद्दों का विरोध किया, लेकिन पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरु ने उन्हीं फैसलों को लागू किया। कांग्रेस ने बाबा साहब को मनपसंद के विभाग नहीं दिये। उन्हें जीते-जी कोई सम्मान नहीं दिया गया। डॉ अंबेडकर को चुनाव हराने की कांग्रेस ने बार-बार कोशिश की।
जिसने डॉ अंबेडकर को चुनाव हराया कांग्रेस ने उन्हें पद्मविभूषण देकर सम्मानित किया। जबकि भाजपा ने बाबा साहब से जुड़े स्थानों को तीर्थ स्थान बनाने का काम किया। उनके जन्मस्थान, दीक्षास्थल, उनकी शिक्षा स्थली, संघर्ष के स्थान, और निर्वाण स्थल को हमने पंचतीर्थ बनाया।
महिला सशक्तिकरण की पॉलिसी कल होगी पारित
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोकमाता मां अहिल्या को नमन करते हुए उनके शासनकाल की उपलब्धियां और विशेषता बताते हुए कहा कि उनकी 300वीं जयंती के अवसर पर हम महेश्वर में कैबिनेट की बैठक करने जा रहे हैं।
जहां कई बड़े फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार ने नई पॉलिसी बना ली है। जिसे कल कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय ने जानकारी दी कि 11 फरवरी को लालघाटी पर नमो उपवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। साथ ही भोपाल में प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में दस हजार गायों के लिए गौशाला का निर्माण शुरू हो चुका है।
नागरिकों को जाम की समस्या से मिलेगी राहत
यह फ्लाई ओवर शहर के यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकार्पण सरकार द्वारा 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक प्रदेश में चलाए जा रहे मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत विकास कार्यों के जरिए प्रदेश की जनता को दी जा रही सुविधाओं में से एक है।
ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा
वल्लभ भवन चौराहे से शुरू होने वाले इस फ्लाई ओवर पर करीब 60 प्रतिशत ट्रैफिक गणेश मंदिर के पास उतर जाएगा। केवल एमपी नगर, ज्योति टाकीज चौराहा, बोर्ड ऑफिस चौराहा या व्यापमं चौराहा जाने वाले वाहनों को फ्लाई ओवर का उपयोग नहीं करना पड़ेगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि इन चौराहों पर ट्रैफिक की रफ्तार बनी रहेगी और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा।