मध्य प्रदेश
दिवाली पर भड़के पंडित धीरेद्र शास्त्री, बकरीद में बकरों पर प्रतिबंध नहीं, दिवाली पर पटाखे बैन क्यों?
भोपाल। दिवाली पर कई राज्यों में प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखा फोड़ने पर बैन कर दिया गया है। इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इन सबके बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हम दोपक्षीय बात करने वालों पर ही सुतली बम रख देंगे। बागेश्वर बाबा ने कहा है कि लोग जमकर दिवाली पर पटाखे फोड़ें। हमने भी सुतली बम खरीद लिया है। शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म के विरोध में कोई पटाखा से प्रदूषण की बात करता है, कोई दीयों का तेल गरीबों को देने कहता है, कोई होली पर पानी बर्बादी की बात करता है। बकरीद के खूनखराबा पर भी तो टिप्पणी करो, ये दो पक्षीय कानून नहीं चलेंगे।
मध्य प्रदेश में बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के लिए मिलेगी पर्यटकों को पीएम श्री वायु सेवा
उमरिया। एयर टैक्सी की यह सेवा उमरिया जिले के बांधवगढ़, मंडला और बालाघाट जिले के कान्हा नेशनल पार्क और सिवनी और छिंदवाड़ा जिले और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित पेंच टाइगर रिजर्व के लिए शुरू होने वाली है।
उमरिया में सुविधाजनक हवाई पट्टी
उमरिया जिले में एयर टैक्सी के लिए सुविधाजनक एयर पट्टी पहले से उपलब्ध है। हालांकि इस एयर पट्टी की मरम्म्त का कुछ काम होना है जिसके लिए हाल ही मैं पांच करोड़ से ज्यादा की एक राशि स्वीकृत होने के बाद अस्वीकृत कर दी गई।
पर्यटकों के हवाई जहlज भी उतरते हैं, पेंच और कान्हा की हवाई पट्टी के निरीक्षण का काम
उमरिया एयर पट्टी का संचालन एक जिनी कंपनी के द्वारा किया जा रहा है और यहां पर्यटकों के हवाई जहlज भी उतरते हैं। जबकि पेंच और कान्हा की हवाई पट्टी के निरीक्षण का काम किया जा रहा है।
भोपाल से मिलेगा सीधा कनेक्शन
यह जानकारी भी सामने आ रही है कि तीनों नेशनल पार्कों के बीच उड़ानों का संचालन करने के साथ भोपाल से भी इन उड़ानों का सीधा कनेक्शन होगा। एयर टैक्सी की उड़ानों के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग और उड़ानों का संचालित करने वाली जेट सर्व एविएशन प्रालि फ्लाय ओला कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से इसकी प्लानिंग की जा रही है।
100 रुपए किलो गेंदा फूल, 70 रुपए की माला… किसानों की ‘हैप्पी दीवाली’ आम आदमी की जेब पर भारी
मनावर। दिल को खुश करने वाली खुशबू बिखेरने वाले फूल आसपास के उन्नत किसानों के जीवन में आर्थिक उन्नति में मददगार बनेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर गेंदे के फूलों की खेती की जाती है।
दीपोत्सव पर गेंदा फूलों की मांग अधिक रहती है, जिससे किसान को अच्छी आमदनी का मौका मिलता है। क्षेत्र के किसानों ने अपने खेतों के कई हिस्सों में गेंदे के फूल लगा रखे हैं, जो इन दिनों खिलकर मंडी में बिकने के लिए आ रहे हैं।
दीपोत्सव पर 100 रुपये किलो तक बिक जाते हैं फूल
लुन्हेरा के किसान बाबूलाल मुकाती, मोराड़ के जगदीश चौहान व सुरेश मुवेल ने बताया कि खरीफ मौसम में फूलों की खेती शुरू कर दी थी। प्रतिदिन हमारे द्वारा खेत में इन पौधों की देखरेख की गई।
फूल खिलने लगे हैं, जिन्हें तोड़कर मंडी व व्यापारियों को बेच रहे हैं, जिससे अच्छी आमदनी हुई है। दीपावली पर्व पर दुकान लगाकर फूलों की बिक्री करेंगे, क्योंकि दीपावली के समय इन फूलों से अच्छी आमदनी होती है।
नगर के सिंघाना रोड, धार रोड, इंदौर रोड पर फूल माला की कई दुकानें लगती हैं, जहां 40 से 70 रुपये के बीच फूल माला बिकती है। किसानों ने कहा कि ज्यादा फूल आने पर कम भाव और कम फूल आने पर अच्छा भाव मिलता है।
दीपावली पर्व पर 100 रुपये किलो तक भी फूल बिकते हैं। आम दिनों में तो इन फूलों के भाव कम रहते हैं। दीपावली पर फूलों से आमदनी अच्छी होती है, इसलिए हमारे द्वारा खेत के कुछ हिस्से में फूल लगाए जाते हैं।
चित्रकूट की परिक्रमा कर रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बनाई चाय ... पत्नी के कहने पर बोले- तुम्हारे लिए नहीं, बहन के लिए बनाएंगे
सतना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पत्नी सीमा के साथ चित्रकूट की परिक्रमा की। यहां वे एक चाय की दुकान में पहुंचे। उन्होंने अदरक कूटा और फिर चाय बनाई। तभी उनकी पत्नी ने कहा, मुझे तो कभी चाय बनाकर नहीं पिलाई। इस पर सीएम बोले- ये हमारी बहन है तुम थोड़ी हो। बहन के लिए चाय बनाएंगे।
चाय पिलाने के बाद उन्होंने राधा को चाय के 100 रुपए भी दिए
दरअसल, मुख्यमंत्री ने राधा बाई उर्फ ममता सोनी की चाय दुकान पर पहुंच गए। उन्होंने गैस चूल्हे पर चाय चढ़ाई। फिर अदरक कूटकर डाली। उनकी पत्नी सीमा ने भी सहयोग किया। इसके बाद सीएम ने वहां मौजूद लोगों को चाय छानकर पिलाई। चाय पिलाने के बाद उन्होंने राधा को चाय के 100 भी दिए।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से आत्मीयता के साथ की बातचीत
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने दो दिवसीय प्रवास पर गत शनिवार को शाम चित्रकूट पहुंचने के बाद दीनदयाल शोध संस्थान के रामनाथ आश्रम शाला चित्रकूट में अध्ययनरत वनवासी छात्र-छात्राओं से स्नहेपूर्ण वातावरण में आत्मीयता से बातचीत की एवं विद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किये गये लोकनृत्य एवं बुन्देलखण्डी दिवारी नृत्य का मनोयोग के साथ आनंद लिया।
बच्चों के साथ लाठी भांजने की कला का प्रदर्शन भी किया
छात्रों द्वारा प्रस्तुत किये गये दिवारी नृत्य में अपनी भी सहभागिता निभाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों के साथ लाठी भांजने की कला का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सीमा यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित थी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्र पर पुश्पांजलि अर्पित की।
दीपावली पर वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन दे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर दीपावली के लिए (दीया-बाती, श्रंगार एवं अन्य) सामग्री तैयार कर बाजार में बेचने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाये।
वनवासी छात्रावास के छात्र-छात्राओं से परिचय प्राप्त किया
मुख्यमंत्री ने वनवासी छात्रावास के छात्र-छात्राओं से परिचय प्राप्त किया तथा उनसे भविष्य में क्या करोगे तथा क्या बनोगे की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने कक्षा 7वीं के चौरई निवासी सुमित सिंह से पूछा कि आपके कितने भाई-बहन है और क्या बनोगे। सुमित ने बताया कि हम डॉक्टर बनेंगे, कक्षा दूसरी की छात्रा कु. सोनाली से मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या बनोगी, तो उसने बताया कि डाक्टर बनूंगी।
धनतेरस पर 81 लाख किसानों के खातों में 1624 करोड़ रुपये सम्मान निधि ट्रांसफर करेंगे पीएम मोदी
भोपाल। दीपावली के पहले सरकार किसानों को बड़ा उपहार देने जा रही है। 29 अक्टूबर को 81 लाख किसानों के खाते में एक हजार 624 करोड़ रुपये किसान सम्मन निधि डाली जाएगी। मंदसौर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगल क्लिक से वर्चुअल यह राशि डालेंगे।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नीमच, मंदसौर और सिवनी में चिकित्सा महाविद्यालयों का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे। वह मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र का वितरण भी करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, मध्य प्रदेश सहित नीमच, मंदसौर और सिवनी जिले को दीपावली पर यह बड़ा उपहार देंगे। आने वाले समय में हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
बकौल सीएम, कभी बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्य प्रदेश आज विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। आज मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की गति तीव्र हो गई है। सुशासन के साथ औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा, उच्च शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, कृषि और स्व-रोजगार सहित अन्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं।
Diwali व Chhath पर घर जाने के लिए नहीं मिल रही कंफर्म टिकट, ये आसान टिप्स कर देंगे कमाल
इंदौर। अक्टूबर के महीने बड़े त्योहार पड़ने वाले हैं। दिवाली और छठ बड़े त्योहार हैं, जिसमें दूसरे प्रदेशों में नौकरी करने वाले अपने घर जरूर जाएंगे। इस दौरान ट्रेन में टिकट बुक करने की बहुत मारामारी है। सारी ट्रेनें लगभग फुल चल रही हैं, इसलिए सीट का कंफर्म होने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में यात्री इन तरीकों का इस्तेमाल करके कंफर्म टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
विकल्प स्कीम के इस्तेमाल का मौका
भारतीय रेलवे ने 2015 में अल्टरनेट ट्रेन अकोमोडेशन स्कीम की शुरूआत की थी। इसकी मदद से बुकिंग करते समय आप दूसरी ट्रेनों में बुकिंग का ऑप्शन ले सकते हैं। आप एक साथ 7 ट्रेनों ऑप्शन में रख सकते हैं। इसका फायदा यह है कि आपकी सीट कंफर्म नहीं हुई, तो फिर विकल्प की 7 ट्रेनों में सीट खाली होने की स्थिति में आपको अलॉट हो जाती है। इसमें यह गारंटी नहीं है कि आपको सीट अलॉट हो ही जाए, लेकिन कंफर्म होने की संभावनाएं ज्यादा हो जाती है।
तत्काल का ऑप्शन का उपयोग करके देखें
भारतीय रेलवे तत्काल बुकिंग के रूप में टिकट को कंफर्म करने की सुविधा देता है। टिकट कंफर्म न होने पर तत्काल बुकिंग के ऑप्शन का उपयोग करना चाहिए। यह आपको एक मौका देता है, जिससे टिकट कंफर्म हो सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि यात्रा से 24 घंटे पहले ही यह ऑप्शन खुलता है। यहां भी आपको रेलवे 100 फीसदी गांरटी नहीं देता है कि टिकट कंफर्म हो ही जाए, लेकिन संभावनाएं बढ़ जाती हैं। आप तत्काल बुकिंग का ऑप्शन खुलने के बाद जल्दी बुकिंग कर लेते हैं, तो टिकट कंफर्म हो जाएगी।
दीपावली पर इंदौर में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार
इंदौर। अभी इंदौर शहर में सुबह व शाम के समय हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शहरवासियों को हो रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस बार इंदौर में दीपावली पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। बादल भी छाने से तापमान में हल्की गिरावट दिखाई देगी।
दाना तूफान अब आंध्रप्रदेश व ओड़िशा के क्षेत्र में चक्रवाती हवा के घेरे में तब्दील हो गया है। इसके प्रभाव से आगामी सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होगी। वहीं इंदौर सहित पश्चिमी मप्र के कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
बादलों के कारण रात का तापमान बढ़ा हुआ रहेगा। वहीं सुबह व शाम के समय शहर में धुंध व कोहरा भी दिखाई देगा। इंदौर में अगले तीन-चार दिन शुष्क रहेंगे। उसके बाद बारिश होने की संभावना है। अभी हवा का रुख उत्तर पश्चिमी है। आगामी दिनों में उत्तरी-पूर्वी हवा चलने पर ठंड का असर शहर में बढ़ेगा।
एमपी में दीपावली के अगले दिन भी रहेगा अवकाश, गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाएंगे
भोपाल। हमारे भारत की पहचान पशुपालन से भी है। हमारे यहां दूध और दही की नदियां बहती थीं। गांव का निचला तबका भी गोवर्धन पूजा बड़े उत्साह से मनाता है। हमारे त्योहारों को पुनर्स्थापित करने की जरूरत है।
गौ माता के विशेष पूजन के साथ केंद्र सरकार भी गोवर्धन पूजा को धूमधाम से मनाएगी और मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस भी 30 अक्टूबर से लेकर चार नवंबर तक अलग-अलग उत्सव मना रहे हैं। यह बात शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से कहा कि हमारी सरकार ने भी गोशालाओं का बजट दुगुना किया है।गौ माता के विशेष पूजन के साथ केंद्र सरकार भी गोवर्धन पूजा को धूमधाम से मनाएगी और मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस भी 30 अक्टूबर से लेकर चार नवंबर तक अलग-अलग उत्सव मना रहे हैं। यह बात शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में मीडिया से कहा कि हमारी सरकार ने भी गोशालाओं का बजट दुगुना किया है।
महाकाल की नगरी उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर के रूप में पहचान देने की तैयारी
उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर (ग्लोबल स्पिरिचुअल सिटी) बनाने को योजना तैयार की है। ये योजना मोक्षदायिनी शिप्रा नदी से सटी 3062 हेक्टेयर सिंहस्थ भूमि के विकास की है, जिस पर सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज का स्थायी काम कराकर आश्रम, स्कूल-कॉलेज और धर्मशाला बनाने के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
इससे साधु-संत और श्रद्धालुओं को होटलों के महंगे किराये से मुक्ति मिलेगी और पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह बात अलग है कि इससे करीब तीन हजार हेक्टेयर खेती का रकबा कम हो जाएगा, लेकिन संबंधित किसान मालामाल होंगे। 2028 में सिंहस्थ नए स्वरूप में लगाने की तैयारी है।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ क्षेत्र में साधु-संतों के लिए आश्रम, स्कूल-कॉलेज और धर्मशाला बनवाने की घोषणा की थी। कहा था कि उज्जैन की पहचान साधु-संतों से है। इनके उज्जैन में ठहरने, कथा-भागवत करने को पर्याप्त रूप से भूमि की आवश्यकता पड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूखंड लेकर आश्रम बनाए जा सकेंगे।
उज्जैन मास्टर प्लान- 2035 अंतर्गत इस योजना में यदि किसी को आश्रम के लिए पांच बीघा जमीन दी जाती है तो उसमें से चार बीघा जमीन उसे खुली रखनी होगी ताकि वहां कथा, यज्ञ जैसे कार्यक्रम आसानी से हो सकें। परिसर में वाहन भी पार्क किए जा सकें। भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
भाजपा द्वारा 2023 में संकल्प पत्र के रूप में जारी किए चुनावी घोषणा पत्र में उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक नगर बनाने का उल्लेख है। सरकार का मानना है कि महाकालेश्वर मंदिर, शिप्रा तट और योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा स्थल महर्षि सांदीपनि आश्रम होने से उज्जैन में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का मेला लगा रहता है।
एमपी-यूपी आएंगे साथ, चित्रकूट में लगेंगे 'चार चांद', सीएम मोहन की बड़ी सौगात, अयोध्या की तर्ज पर होगा विकास
अयोध्या की तर्ज पर धार्मिक नगरी चित्रकुट का भी विकास किया जाएगा। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सरकार दोनों मिलकर चित्रकूट के विकास में कोई कसर नहीं छोडेंगे। सीएम मोहन यादव ने यह बात चित्रकूट के दो दिन दौरे पर आए एक भाषण के दौरान कही हैं।
सीएम मोहन ने जानकारी देते हुए आगे कहा कि अयोध्या में 500 वर्ष के अंतराल के बाद रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। तब से पूरे देश में सनातन संस्कृति की धारा बह रही है। चित्रकूट के कण-कण में भगवान राम की महिमा व्याप्त है। अयोध्या की तरह चित्रकूट तीर्थस्थल का भी विकास किया जायेगा।
दो दिवसीय दौरे पर सतना पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना जिले के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ रामलीला मंचन भी देखी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान राम के चरित्र प्रसंगों को समेटे चित्रकूट का यह क्षेत्र अलग-अलग स्वरूपों के साथ मनोरम है।चित्रकूट की धरती पर भगवान राम मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाये।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामलीला
रामलीला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले हमारे कलाकार हैं। राम की लीला को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया, इंडोनेषिया, थाइलैंण्ड, कम्बोडिया में भी प्रेरणा के रूप में पहुंचाने वाले हमारे कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में अंतर्राष्ट्रीय रामलीला में प्रस्तुतियां देने वाले ये सभी कलाकार महाकाल की नगर उज्जैन से आते हैं। मध्यप्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
चित्रकूट का विकास सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम के तीर्थ चित्रकूट को सबसे अच्छा बनाना सरकार का संकल्प है। भौतिक संरचना के साथ समाज में बदलाव लाने की संकल्पना भी होनी चाहिए। राज्य सरकार ने सभी त्यौहारों को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। पुरूषार्थ और पराक्रम के प्रतीक दशहरा के दिन सभी स्थानों पर शस्त्र पूजन किया गया है।
रामलीला का आनंद लेने स्वयं पहुंचा हूं चित्रकूट
दीपावली के अवसर पर प्रभु राम के प्रसंगों पर आधारित रामलीला का आनंद लेने वह स्वयं श्रीराम के धाम चित्रकूट आये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने दीवाली के अवसर पर गोवर्धन पूजा का पर्व मंत्रिमण्डल के सहयोगी और जनप्रतिनिधियों के साथ मनाये जाने का निर्णय लिया है।
किसानों की तरह पशुपालकों को मिलेगा बोनस
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश की दूध उत्पादन क्षमता देश की तुलना में 9 प्रतिशत है। हम इसे अगले 2 वर्षों में 20 प्रतिशत तक ले जाएंगे। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को किसानों की तरह दूध उत्पादन पर बोनस दिया जाएगा। हर घर में गाय पालने को प्रोत्साहन दिया जाएगा और गोवर्धन पूजा भी की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार बड़ी गौशालाओं को आर्थिक मदद देगी।
इंदौर पुलिस के 'यमराज' जवाहरसिंह जादौन की करंट लगने से मौत, कोरोनाकाल में हुए थे मशहूर
इंदौर। कोरोनाकाल में यमराज का वेश बनाकर लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करने वाले हेड कांस्टेबल जवाहरसिंह जादौन की शुक्रवार को करंट लगने से मौत हो गई। वह जूनी इंदौर थाने के पीछे शासकीय आवास के बाहर सुबह करीब 11.30 बजे गाय को नहला रहे थे कि आसपास फैले बिजली के तारों से उन्हें करंट लग गया।
इसके बाद स्वजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जादौन एमजी रोड थाने में भी पदस्थ रह चुके हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया है। बता दें कि हेड कांस्टेबल जादौन कोरोनाकाल में लोगों से एक मीटर की दूरी बनाए रखने और घर से बाहर नहीं निकलने की अपील करते हुए प्रसिद्ध हुए थे।
सड़क हादसे में साउंड आपरेटर की मौत
एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 21 वर्षीय राज की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। पुलिस के मुताबिक, वर्धमान नगर निवासी राज डीजे वाहन पर साउंड ऑपरेटर के रूप में काम करता था। शुक्रवार को छोटा बांगड़दा क्षेत्र से उसे गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल भिजवाया गया था।
मंदिर से लौट रही महिला का मंगलसूत्र चोरी
एरोड्रम थाना क्षेत्र में बदमाश महिला का मंगलसूत्र चुरा ले गए। महिला बिजासन माता मंदिर से दर्शन कर लौट रही थी। पुलिस के मुताबिक, स्कीम-51 निवासी माधुरी टेकम के साथ घटना हुई है। महिला ने पुलिस को बताया कि दर्शन करने गई तब मंगलसूत्र था। लौटी तो गायब मिला और थाने में शिकायत की।
वाहन चोर गिरफ्तार सात गाड़ियां जब्त
एमआइजी पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपित से सात गाड़ियां बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपित जतिन रविश झांजा निवासी धानीघाटी हाटपिपल्या (देवास) है। आरोपित को अयोध्यापुरी कालोनी से चोरी की गाड़ी के साथ पकड़ा था। पूछताछ में अलग-अलग जगह से गाड़ियां चुराना स्वीकारा है।
ट्रेन में पटाखे ले जाने की गलती ना करें, वरना हो जाएगी बड़ी कार्रवाई… आरपीएफ को जारी हुए निर्देश
जबलपुर। दीपावली से पहले ट्रेनों में चोरी-छिपे पटाखों के परिवहन को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सतर्क हो गया है। आरपीफ की ओर से पश्चिम मध्य रेल के समस्त पोस्ट प्रभारियों को सुरक्षा गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रहने कहा है। संदिग्धों पर दृष्टि रखने और रेलवे स्टेशन के साथ ही ट्रेनों में निरंतर जांच करने का आदेश दिया है।
क्या कहता है नियम, कितनी सजा का प्रावधान
पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय से जारी आदेश के बाद आरपीएफ सीसीटीवी कैमरे से चौकसी की सीमा का विस्तार किया है। स्टेशन और प्लेटफार्म पर प्रत्येक व्यक्ति की गतिविधि को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
ज्वलनशील सामग्री की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड का उपयोग किया जा रहा है। ट्रेनों में ज्वलनशील सामग्री या पटाखे लेकर यात्रा करना रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत एक गंभीर अपराध है।
ऐसे करते पाए जाने पर तीन वर्ष का कारावास या एक हजार रुपये अर्थदंड का प्रावधान है। इसे बताते हुए यात्रियों को अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ या पटाखे लेकर नहीं चलने की चेतावनी दी जा रही है।
यात्रियों को किया जा रहा जागरूक
सुरक्षा की दृष्टि से यात्रियों को अपने सामान की सुरक्षा, अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पानी की सामग्री का सेवन नहीं करने जागरूक किया जा रहा है। किसी भी संदिग्ध की गतिविधि पर आरपीएफ, जीआरपी या रेलवे सहायता दूरभाष क्रमांक 139 पर सूचित करने की अपील भी यात्रियों से की जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर बढ़ी निगरानी
दीपावली का त्योहार की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आरपीएफ और जीआरपी की निगरानी भी बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन परिसर में जो लोग बैठे हुए नजर आते हैं, उनसे आरपीएफ के जवान पूछताछ भी कर रहे हैं। उनके बैग आदि की चेकिंग की जा रही है।
आरपीएफ के जवानों को साफ निर्देश है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आने की दृष्टि में आला अधिकारियों को सूचना दी जाए।
दीवाली मनाने के लिए गांव जाने ट्रैक्टर-ट्राली में बैठे थे मजदूर, रास्ते में पलटने से हो गई दो की मौत
बैतूल। बैतूल जिले के बैतूल-सारनी मार्ग पर बंजारी माई घाट में रविवार सुबह ट्रैक्टर-ट्राली पलट गई। इस दुर्घटना में ट्राली में सवार दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए। सभी मजदूर बैतूल के डुल्हारा और बाकुड गांव के निवासी हैं, जो कन्याकुमारी के अलघर में स्थित नमक फैक्ट्री में काम करते हैं।
दीवाली मनाने के लिए वे रविवार सुबह त्रिकुल एक्सप्रेस से बैतूल रेलवे स्टेशन पर उतरे और अपने गांव जाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली में बैठ गए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बैतूल-सारनी मार्ग पर बंजारी माई के पास सुबह करीब 9.30 बजे ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और ट्राली समेत पलट गया।
इस दुर्घटना में ट्रैक्टर-ट्राली में सवार 17 मजदूरों में से बलराम (25) और श्रवण (24) की गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल 12 मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल मजदूर नंदलाल ने बताया कि वे सभी कन्याकुमारी के अलघर में स्थित नमक की फैक्ट्री में काम करते हैं। दीपावली के मौके पर घर लौटने के लिए वे त्रिकुल एक्सप्रेस से बैतूल पहुंचे थे। बैतूल रेलवे स्टेशन से अपना सामान लेकर वे कमानी गेट की ओर जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक ट्रैक्टर मिला, जिसमें वे सभी सवार हो गए। इसी दौरान बंजारी माई घाट में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। एएसपी कमला जोशी ने बताया कि दुर्घटना में दो लोगों की मौत हुई है और 12 लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्कूल के चौकीदार कर रहे थे भ्रूण लिंग परीक्षण, मॉडर्न पोर्टेबल मशीन से डोर-टू-डोर देते थे सर्विस
मुरैना। शहर के तुस्सीपुरा इलाके के एक मकान में सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले दो आरोपितों को पकड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचनाएं आ रहीं थी, जिस पर एक महिला को तैयार कर यहां भेजा गया। जिसके बाद मौके से इन्हें पकड़ा।
स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है ऐसी मशीन
भ्रूण लिंग परीक्षण में उपयोग की जा रही सोनोग्राफी मशीन देखकर स्वास्थ्य अधिकारी भी चकित रह गए। पोर्टेबल मशीन लैपटाप जैसी थी, जिसे कहीं भी उठाकर ले जाया जा सकता है। यह मशीन अभी स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। आरोपितों पर पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने महिला को भेज पकड़ा
नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी डा. अजय गोयल को पता चला थी कि तुस्सीपुरा इलाके में एक घर में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इस पर योजना बना कर शुक्रवार की शाम एक महिला को इस घर में भेजा गया। इसके बाद विभाग ने छापा मारकर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए दो लोगों को पकड़ा। दोनों ही आरोपितों पर सोनोग्राफी का न तो कोई लाइसेंस है और न ही किसी तरह का अनुभव।
स्कूल में करते थे चौकीदारी
पकड़े गए आरोपित राघवेंद्र गुर्जर वनखंडी रोड गोपालपुरा व संजू शर्मा गोपालपुरा के रहने वाले हैं। दोनों ही किसी स्कूल में चौकीदार जैसा काम करते थे, इसके बाद पाेर्टेबल मशीन लाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करने लगे। इस पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए जहां भी दो तीन महिलाएं मिलतीं, वहां पहुंचकर भ्रूण लिंग परीक्षण करते थे। डा. अजय गोयल की फरियाद पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने आरोपित राघवेंद्र गुर्जर व संजू शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सार्वजनिक नहीं होगी मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट, एमपी हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका
इंदौर। छह जून 2017 को मंदसौर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गोली किसके आदेश पर चलाई गई थी यह सवाल अब हमेशा के लिए फाइलों में बंद होकर रहस्य रह जाएगा। गोलीकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगी। रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखने की मांग करने वाली जनहित याचिका हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने निरस्त कर दी।
हाई कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो गुरुवार को सामने आया। नौ पेज के फैसले में कोर्ट ने कहा कि अधिनियम में रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखने की अधिकतम समय सीमा छह माह निर्धारित की है, लेकिन छह माह में रिपोर्ट विधानसभा पटल पर नहीं रखी जाए तो क्या होगा यह स्पष्ट नहीं है।
मामले को छह-सात वर्ष बीत चुके हैं, ऐसे में अब इसका कोई मतलब नहीं। छह जून 2017 को किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में पुलिस और किसानों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए गोली चलाई थी। इसमें पांच किसानों की मृत्यु हो गई थी। मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेके जैन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग गठित किया गया था।
गांधीसागर अभयारण्य में तैयारी हुई तेज, साल के अंत तक आ सकते हैं चीते
मंदसौर। अब सबकुछ ठीक रहा तो साल के अंत में गांधीसागर अभयारण्य में चीते आ जाएंगे। इसके साथ ही देश में कूनो के बाद गांधीसागर अभयारण्य चीतों के दूसरे घर के रूप में पहचाना जाएगा। यहां बड़े घास के मैदान, पानी, कंदराएं सभी कुछ चीतों के लिए मुफीद हैं।
अभयारण्य भी उनके स्वागत के लिए तैयार है। अभी चीतों के लिए हिरण, चीतल को यहां लाने का काम भी फिर से शुरू हो गया है। 1250 हिरण-चीतल लाने हैं और अभी तक 434 ही पहुंचे हैं।
अभयारण्य में 6400 हेक्टेयर में चीतों के लिए बड़े बाड़े बनकर तैयार हैं। इनमें आठ क्वारंटाइन बाड़े भी हैं, जहां शुरुआत में आठ चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में रखा जाएगा।
चीतों के भोजन को लेकर भी हुई चर्चा
केंद्र सरकार की तरफ से जो संकेत मिले हैं, उसके अनुसार साल के आखिर तक चीते गांधीसागर में आ सकते हैं। ये अफ्रीका से लाए जाएंगे या केन्या से यह अभी तय नहीं है। दक्षिण अफ्रीका व फिर केन्या से आए दल ने गांधीसागर अभयारण्य में चीतों को बसाने के लिए की गई सभी तैयारी का निरीक्षण किया है।
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की रिजर्व सूची जारी, सीहोर के हिमांशु का चयन
सीहोर। संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा&2023 की आरक्षित सूची जारी कर दी है। इसमें कुल 120 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इस सूची में सीहोर के हिमांशु गुप्ता का नाम भी नाम है। छोटे से शहर के एक बेहद प्रतिभाशाली, विनम्र और आत्मविश्वासी लड़के ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है और पूरे शहर को गौरवान्वित किया है।
नेहरू कॉलोनी निवासी सतीश कुमार गुप्ता और स्वर्गीय मिथलेश गुप्ता के बेटे हिमांशु ने यूपीएससी परीक्षा में बाजी मार ली है, जिसे सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। क्योंकि लाखों उम्मीदवारों में से केवल सैकड़ा भर ही इस परीक्षा को पास कर पाते हैं। अब हिमांशु को भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा में शामिल होने की उम्मीद है। हिमांशु ने क्लेट में भी सफलता प्राप्त की थी और मप्र उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हैं। उनके पिता मप्र सरकार के आदिवासी कल्याण विभाग में कार्यरत हैं।