देश-विदेश
सरकार बनाने होगा मंथन : NDA-INDI गठबंधन के घटक दल की बैठक आज...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दलों ने भाजपा को आश्वासन दिया है कि वे सरकार बनाने में पार्टी का साथ देंगे। जदयू, लोजपा, टीडीपी, जदएस और शिवसेना दिल्ली में बुधवार को होने वाली एनडीए की बैठक में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, चार बजे एनडीए के घटक दलों की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में सरकार बनाने को लेकर चर्चा होगी। वहीं, विपक्षी इंडि गठबंधन भी अपनी बैठक करेगा। यह बैठक शाम छह बजे होगी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-एसपी (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को ही इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि इंडि गठबंधन कल यानी की बुधवार को दिल्ली में एक बैठक करेगी।
शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी बैठक में शामिल होंगे
एनडीए में शामिल शिवसेना व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिया है। दोनों ही दलों के नेता आज दिल्ली में एनडीए की बैठक में शामिल होंगे। शिवसेना को महाराष्ट्र में सात और एनसीपी को एक सीट पर जीत मिली है।
तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) भाजपा के बाद दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है। इसके वरिष्ठ नेता कनकमेडला रविंद्र कुमार ने कहा कि आंध्र प्रदेश में भाजपा और जनसेना के साथ हमारा चुनाव पूर्व समझौता महज राजनीतिक अंकगणित की सौदेबाजी नहीं है, बल्कि यह विश्वसनीयता का बंधन है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि हम जनादेश का सम्मान करते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी इंडी गठबंधन के संस्थापकों में शामिल रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि वह विपक्षी गठबंधन में फिर से शामिल हो सकते हैं। त्यागी ने अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा क जनता का फैसला सर्वोपरि है। जदयू ने एनडीए में रहकर भाजपा के साथ चुनाव लड़ा है और केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी।
चिराग भी होंगे शामिल
लोक जनशक्ति पार्टी-राम विलास के प्रमुख चिराग पासवान ने भी कहा कि वे किसी भी सूरत में एनडीए का साथ नहीं छोड़ेंगे और बुधवार को दिल्ली में होने वाली एनडीए की बैठक में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि मैं देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे नरेंद्र मोदी को बधाई देना चाहता हूं। उनके नेतृत्व में एनडीए तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने जा रहा है। एनडीए का तीसरा कार्यकाल देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिसका वादा उन्होंने देश से किया है। यह सरकार विकास से जुड़े सभी वादों को पूरा करेगी। हमारी पार्टी और हमारे सांसद एनडीए सरकार का समर्थन करेंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्ष की बैठक
लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद, INDI गठबंधन के नेता बुधवार शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक करेंगे। बैठक में INDI गठबंधन की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इसके अलावा इस बैठक में नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से संपर्क करने के बारे में भी फैसला होगा।
शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू
राष्ट्रपति भवन में नई सरकार की शपथ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परंपरा के मुताबिक पीएम मोदी बृहस्पतिवार को नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। सबसे बड़े दल के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें आमंत्रित करेंगी।
लोकसभा चुनाव 2024 : कई दिग्गजों को मिली करारी हार
स्मृति ईरानी, दिग्विजय, भूपेश और उमर अब्दुल्ला तक चुनाव हार गए
नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम जारी हो चुका है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 292 सीटों के साथ एक बार फिर से विजयी हुआ है। हालांकि, भाजपा 240 सीटों के साथ अकेले बहुमत से दूर रह गई है। इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस समेत अनेक पार्टियों के दिग्गज नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ा है। हारने वाले प्रत्याशियों स्मृति ईरानी से लेकर दिग्विजय सिंह तक के नाम शामिल हैं।
स्मृति ईरानी- अमेठी से कांग्रेस के किशोरी लाल ने 167196 वोट से हराया। स्मृति को 372032 और किशोरी को 539228 वोट मिले।
दिग्विजय सिंह- राजगढ़ से भाजपा के रोडमल नागर ने 146089 वोट से हराया। रोडमल नागर को 758743 और दिग्विजय को 612654 वोट मिले।
मेनका गांधी- सुल्तानपुर में सपा के रामभुआल निषाद ने 43174 वोट से हराया। रामभुआल 444330 और मेनका को 401156 वोट मिले।
भूपेश बघेल- राजनंदगांव में भाजपा के संतोष पांडे ने 44411 वोट से हराया। संतोष को 712057 और बघेल को 667646 वोट मिले।
नकुलनाथ- कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा से हारे। भाजपा के बंटी विवेक साहू ने 113618 वोट से हराया। बंटी को 644738 और नकुलनाथ को 531120 वोट मिले।
उमर अब्दुल्ला- बारामूला से निर्दलीय अब्दुल राशिद ने 204142 वोट से हराया। राशिद को 472481 और उमर को 268339 वोट मिले।
माधवी लता- हैदराबाद से ओवैसी ने 338087 वोटों से हराया। ओवैसी को 661981 और माधवी को 323894 वोट मिले।
अर्जुन मुंडा- खूंटी से कांग्रेस के कालीचरण मुंडा ने 149675 वोट से हराया। कालीचरण को 511647 और अर्जुन मुंडा को 361972 वोट मिले।
महबूबा मुफ्ती- अनंतनाग से नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ ने 281794 वोट से हराया। अल्ताफ को 521836 और महबूबा को 240042 वोट मिले।
अधीर रंजन- बहरामपुर से TMC के युसूफ पठान ने 85022 वोट से हराया। युसूफ को 524516 और अधीर को 439494 वोट मिले।
अजय मिश्रा टेनी- खीरी से सपा के उत्कर्ष वर्मा ने 34329 वोट से हराया। उत्कर्ष को 557365 और टेनी को 523036 वोट मिले।
आरके सिंह- आरा से CPIM के सुदामा प्रसाद ने 59808 वोट से हराया। सुदामा को 529382 वोट और आरके सिंह को 469574 मिले।
दलजीत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं निखिल पटेल !
मुंबई । दलजीत कौर और निखिल पटेल कई दिनों से अपने तलाक की खबरों को लेकर खबरों में बने हुए हैं। भारत वापस आने के बाद एक्ट्रेस लगातार सोशल मीडिया पर अपने पति के खिलाफ पोस्ट शेयर कर रह है। हैरान करने वाली बात तो ये है कि दलजीत कौर ने कुछ दिन पहले ही इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें लिखा था कि मेरे पति का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है। इस बीच अब इन सब आरोपों के जवाब में निखिल ने अपने रिश्ते को खत्म कर दिया है। इतना ही नहीं बल्कि निखिल ने दलजीत को कानूनी नोटिस जारी किया है।
लोकसभा चुनाव 2024 : कई दिग्गजों को मिली करारी हार
स्मृति ईरानी, दिग्विजय, भूपेश और उमर अब्दुल्ला तक चुनाव हार गए
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम जारी हो चुका है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 292 सीटों के साथ एक बार फिर से विजयी हुआ है। हालांकि, भाजपा 240 सीटों के साथ अकेले बहुमत से दूर रह गई है। इस चुनाव में भाजपा, कांग्रेस समेत अनेक पार्टियों के दिग्गज नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ा है। हारने वाले प्रत्याशियों स्मृति ईरानी से लेकर दिग्विजय सिंह तक के नाम शामिल हैं।
स्मृति ईरानी- अमेठी से कांग्रेस के किशोरी लाल ने 167196 वोट से हराया। स्मृति को 372032 और किशोरी को 539228 वोट मिले।
दिग्विजय सिंह- राजगढ़ से भाजपा के रोडमल नागर ने 146089 वोट से हराया। रोडमल नागर को 758743 और दिग्विजय को 612654 वोट मिले।
मेनका गांधी- सुल्तानपुर में सपा के रामभुआल निषाद ने 43174 वोट से हराया। रामभुआल 444330 और मेनका को 401156 वोट मिले।
भूपेश बघेल- राजनंदगांव में भाजपा के संतोष पांडे ने 44411 वोट से हराया। संतोष को 712057 और बघेल को 667646 वोट मिले।
नकुलनाथ- कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा से हारे। भाजपा के बंटी विवेक साहू ने 113618 वोट से हराया। बंटी को 644738 और नकुलनाथ को 531120 वोट मिले।
उमर अब्दुल्ला- बारामूला से निर्दलीय अब्दुल राशिद ने 204142 वोट से हराया। राशिद को 472481 और उमर को 268339 वोट मिले।
माधवी लता- हैदराबाद से ओवैसी ने 338087 वोटों से हराया। ओवैसी को 661981 और माधवी को 323894 वोट मिले।
अर्जुन मुंडा- खूंटी से कांग्रेस के कालीचरण मुंडा ने 149675 वोट से हराया। कालीचरण को 511647 और अर्जुन मुंडा को 361972 वोट मिले।
महबूबा मुफ्ती- अनंतनाग से नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियां अल्ताफ ने 281794 वोट से हराया। अल्ताफ को 521836 और महबूबा को 240042 वोट मिले।
अधीर रंजन- बहरामपुर से TMC के युसूफ पठान ने 85022 वोट से हराया। युसूफ को 524516 और अधीर को 439494 वोट मिले।
अजय मिश्रा टेनी- खीरी से सपा के उत्कर्ष वर्मा ने 34329 वोट से हराया। उत्कर्ष को 557365 और टेनी को 523036 वोट मिले।
आरके सिंह- आरा से CPIM के सुदामा प्रसाद ने 59808 वोट से हराया। सुदामा को 529382 वोट और आरके सिंह को 469574 मिले।
राष्ट्रपति ने 264वें सत्र का सत्रावसान किया
नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के 264वें सत्र का सत्रावसान कर दिया है। राज्यसभा सचिवालय ने बृहस्पतिवार देर रात बताया कि राष्ट्रपति ने 264वें सत्र का सत्रावसान करने की घोषणा की है। सत्र की शुरुआत 27 जून को हुई थी और तीन जुलाई को इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो फोरम इंडिया के वार्षिक कॉन्क्लेव-2024 में व्यक्त किये।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं विकसित अधोसंरचना को देखते हुए मध्यप्रदेश में दिल्ली की तरह एयर कार्गो हब बनने की पूरी संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश भारत के दिल (मध्य) में स्थित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे, मेट्रो और एक्सप्रेस-वे का घना जाल बिछाया जा चुका है। अब प्रदेश में हवाई यातायात एवं कार्गो की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में सातों एयरपोर्ट में कार्गो की संभावना है। ये विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो फोरम इंडिया के वार्षिक कॉन्क्लेव-2024 में व्यक्त किये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अंतर्राज्यीय वायु सेवा प्रारंभ की गई है। प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जिसमें सक्षम व्यक्तियों के अलावा आयुष्मान कार्ड धारकों को भी इस सेवा का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली सर्विस भी शुरू करवाई गई है। इस दृष्टि से वायु परिवहन के साथ साथ एयर कार्गो के लिए भी प्रदेश में समुचित अधोसंरचना विकसित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों के दोहन के लिए व्यापार को बढ़ावा देने के लिए और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रदेश में कार्गो हब का निर्माण सहायक होगा। भविष्य में मध्यप्रदेश को व्यापार का केंद्र बनाने के लिए "फ्यूचर रेडी मध्यप्रदेश" नाम से डेस्क भी तैयार किया गया है। प्रदेश की आर्थिक विकास गति 20% से अधिक है और कृषि विकास की दर 25% है। गत दिवस प्रस्तुत किए गए प्रदेश के बजट में पिछले बजट के मुकाबले 16% अधिक आवंटन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में एयर कार्गो के माध्यम से 6 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों का परिवहन होता है। उन्होंने बताया कि इस दृष्टि से एयर कार्गो उद्योग के लिए मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो उद्योग को प्रदेश के विकास में सहभागी बनने और प्रदेश में निवेश करने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर कार्गो फोरम इंडिया द्वारा प्रकाशित 'स्किलिंग मैन्युअल' नाम की पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एयर कार्गो फोरम इंडिया टास्क पिलर्स: स्किल डेवलपमेंट, नॉलेज एंड रिसर्च, डिजिटल ऑटोमेशन, गो ग्रीन, डोमेस्टिक एयर कार्गो, प्रोसेस सिंपलिफिकेशन, ब्रांडिंग, पॉलिसी एडवोकेसी और इवेंट मैनेजमेंट के लीडर्स को भी सम्मानित किया।
जस्टिस बीआर षाड़ंगी झारखंड हाईकोर्ट के 15वें चीफ जस्टिस हैं।
रांची । जस्टिस विद्युत रंजन षाड़ंगी ने शुक्रवार सुबह झारखंड हाई कोर्ट के नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राजभवन के बिरसा मंडप में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस बीआर षाड़ंगी झारखंड हाईकोर्ट के 15वें चीफ जस्टिस हैं। शपथ ग्रहण समारोह में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो सहित कई विशिष्ट लोग उपस्थित रहे।
जस्टिस बीआर षाड़ंगी झारखंड से पहले ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस थे। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की अनुशंसा पर राष्ट्रपति ने 3 जुलाई को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। जस्टिस षाड़ंगी का कानून की प्रैक्टिस और न्यायाधीश के रूप में 27 वर्षों का लंबा अनुभव है। उन्हें 20 जून 2013 को ओडिशा हाई कोर्ट का जस्टिस नियुक्त किया गया था। इसके पहले वह वह ओडिशा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बतौर अधिवक्ता प्रैक्टिस कर चुके हैं।
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रहे संजय कुमार मिश्र करीब सात माह पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उसके बाद 29 दिसंबर 2023 को जस्टिस एस. चंद्रशेखर को झारखंड हाई कोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस बनाया गया था, जिनका तबादला राजस्थान हाई कोर्ट कर दिया गया है।
डिजनी-हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग शुरू हो गई है
नई दिल्ली । फेसेस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस, 16 खंड़ों वाली एक अवॉर्ड विनिंग डॉक्यूमेंट्री सीरीज, की आज से (शुक्रवार, 5 जुलाई) डिजनी-हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग शुरू हो गई है। इन डॉक्यूमेंट्रीज को थिंक टैंक काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) ने इंडिया क्लाइमेट कोलैबोरेटिव, एडेलगिव फाउंडेशन और ड्रोकपा फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है।
ये फिल्में केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और उत्तराखंड समेत भारत के पांच सर्वाधिक जलवायु-संवेदनशील राज्यों की आवाजों को समेटे हुए है। चौंकाने वाले आंकड़ों और सुर्खियों से आगे बढ़कर, ये डॉक्यूमेंट्रीज रेखांकित करती हैं कि भारत में जमीनी स्तर पर व्यक्ति और समुदाय कैसे जलवायु संकट के साथ अनुकूलन स्थापित कर रहे हैं, और बाढ़, चक्रवात, सूखे व जंगल में आग लगने जैसी आपदाओं का सामना करने के लिए लचीलापन विकसित कर रहे हैं। कोच्चि स्थित फिल्म निर्माता शॉन सेबेस्टियन निर्देशित फेसेस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस ने प्रतिष्ठित 2023 सीएमसीसी क्लाइमेट चेंज कम्युनिकेशन अवार्ड ‘रेबेका बैलेस्ट्रा’ के साथ-साथ डॉक्यूमेंट्रीज़ विदाउट बॉर्डर इंटरनेशनल फेस्टिवल (USA) और अरावली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (भारत) में अवॉर्ड जीते हैं और पूरी दुनिया में प्रशंसा बटोरी है।
इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज में शामिल फिल्म ‘मंदाकिनी की आवाज’ बताती है कि कैसे उत्तराखंड में एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन लोगों को आपदा का सामना करने के लिए तैयार कर रहा है। ‘रिबिल्डिंग चेरूथोनी आफ्टर 2018’ डॉक्यूमेंट्री दिखाती है कि कैसे केरल का एक शहर बाढ़ और भारी बारिश से बचाव के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को जलवायु आपदाओं से सुरक्षित बना रहा है। उत्तराखंड के युवा जल वैज्ञानिकों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री पहाड़ों पर जलसंकट को दूर करने के प्रयासों को दर्ज करती है। फेसेस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंश, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लोगों के निजी और सामूहिक प्रयासों की शक्ति को दर्शाती है। यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीईईडब्ल्यू के अध्ययन बताते हैं कि देश के 75 प्रतिशत जिले जलवायु से जुड़ी चरम घटनाओं के लिए सुभेद्य (वल्नरेबल) हैं। अब इस डॉक्यूमेंट्री सीरीज की डिजनी-हॉटस्टार स्ट्रीमिंग कर रहा है।
मिलन जॉर्ज जैकब, कम्युनिकेशंस स्पेशलिस्ट,सीईईडब्ल्यू और सीरीज के क्रिएटिव प्रोड्यूसर, ने कहा: “जलवायु संकट हमारे समय की एक जीती-जागती सच्चाई है। सर्वाधिक तापमान वाली गर्मियों में से एक मौसम बीतने के साथ, दिल्ली से लेकर असम और केरल तक, सभी का ध्यान बाढ़ से निपटने पर केंद्रित हो गया है। सीईईडब्ल्यू के विश्लेषण के अनुसार, 10 में से 8 भारतीय उन जिलों में रहते हैं, जो जलवायु प्रेरित चरम मौसमी घटनाओं के लिए वल्नरेबल हैं। लगातार गर्म होती दुनिया में, ऐसी चरम मौसमी घटनाओं की संभावनाएं बढ़ेंगी, इसलिए इन्हें सहने की शक्ति यानी लचीलापन विकसित करना जरूरी है। इसकी प्रेरणा के लिए हमें कहीं दूर देखने की जरूरत नहीं है। ‘फेसेस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस’ ने भारत के स्थानीय क्लाइमेट हीरोज की कहानियां और जलवायु परिवर्तन से अनुकूलन लाने में उनकी कुशलता को दिखाया है। ये फिल्में बताती हैं कि सामूहिक प्रयासों को संगठित करना वास्तविक रूप से प्रभाव डाल सकता है।”
शॉन सेबेस्टियन, डायरेक्टर, फेसेज ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस, ने कहा, “जलवायु परिवर्तन धीरे-धीरे एक सुस्पष्ट चरित्र बनता जा रहा है, यहां तक कि पॉप कल्चर में भी। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। जलवायु संकट से उभर रही मांगों को पूरा करने के लिए, हमें निश्चित तौर पर जीवन जीने योग्य भविष्य की उन कहानियों और उदाहरणों को खोजना होगा, जो लोगों को कदम उठाने के लिए प्रेरित करें। फेसस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस, देश भर में जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लचीलापन (रेजिलिएंस) विकसित करने वाली कहानियों को जुटाने का एक प्रयास है।”
फेसेस ऑफ क्लाइमेट रेजिलिएंस, साउथ लंदन फिल्म फेस्टिवल (यूके) 2024, सीएमएस वातावरण इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (भारत) 2024 में फाइनलिस्ट/नामांकित डॉक्यूमेंट्री रही। इसके अलावा, कालामाटा इंटरनेशनल शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल (ग्रीस) 2023, गोएथे-इंस्टीट्यूटस् साइंस फिल्म फेस्टिवल (बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका) 2023, मीडिया वन एकेडमी फिल्म फेस्टिवल 2023 (भारत) और अंकुर फिल्म फेस्टिवल (भारत) 2022 में ऑफीशियल सेलेक्शन भी रही।
पहली बार इन फिल्मों को 2022 में मिस्र में वैश्विक जलवायु सम्मेलन कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP27) से पहले रिलीज किया गया था। अब तक ये फिल्में 40 से अधिक स्क्रीनिंग में शामिल हो चुकी हैं और 15 से अधिक भारतीय व अंतरराष्ट्रीय शहरों में चर्चाएं हो चुकी हैं।
हाथरस में पीड़ितों के घर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, परिजनों से मिलकर दी सांत्वना
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को हाथरस की भगदड़ में जान गंवाने वाले पीड़ितों के घर पहुंचे। यहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा राहुल गांधी सुबह करीब 7 बजे अलीगढ़ के पिलखना पहुंचे। यहां वह हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिले। हाथरस भगदड़ मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
अब तक इस घटना में आयोजन समिति से जुड़े छह सेवादारों को गिरफ्तार किया गया। वहीं इस घटना के मुख्य आयोजक-मुख्य सेवादार की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। गिरफ्तार लोगों में उपेंद्र, मंजू यादव, मुकेश कुमार शामिल हैं। घटना पर अलीगढ़ के आईजी शलभ माथुर ने कहा कि जोन स्तर पर सभी जिलों में एसओजी की टीमों को आरोपियों को चिह्नित व गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। साथ ही मौके से मिले साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जा रहा है।
लेबर पार्टी ने पार किया बहुमत का आंकड़ा
ब्रिटेन में आम चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। आम चुनाव के लिए 4 जुलाई को मतदान हुआ था। मतदान के बाद जारी किए गए एग्जिट पोल्स में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। एग्जिट पोल्स में लेबर पार्टी को 650 सीटों में से 410 सीटों पर जीत मिलने का दावा किया गया है। वहीं भारतीय मूल के ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी को 131 सीटें मिल सकती हैं।
ब्रिटेन के आम चुनाव में जो मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे, उनमें अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, अवैध प्रवासी मुद्दा, आवास, पर्यावरण, अपराध, शिक्षा, टैक्स के साथ ही ब्रेग्जिट भी प्रमुख मुद्दा रहा।
भारतीय राजदूत ने किया भुगतान ,पेरिस में यूपीआई सेवा शुरू
भारत ने पेरिस के ऐतिहासिक डिपार्टमेंट स्टोर गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लॉन्च किया है। यह ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूपीआई के वैश्विकरण के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक और कदम है। 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा इसे विकसित किया गया था।
फ्रांस में भारतीय दूतावास ने कहा कि 3 जुलाई 2024 को पेरिस के हॉसमैन में विश्व प्रसिद्ध गैलरीज लाफायेट के प्रमुख स्टोर पर यूपीआई सेवाएं शुरू हो गईं। बयान में कहा गया कि इससे पहले प्रतिष्ठित एफिल टॉवर में यूपीआई को सफलता पूर्वक लॉन्च किया गया था। फ्रांस और मोनाको की रियासत में भारत के राजदूत जावेद अशरफ ने गैलरीज लाफायेट के सीईओ निकोलस हाउज और लाइरा ग्रुप के चेयरमैन एलेन लैकोर की मौजूदगी में स्टोर पर यूपीआई के जरिये भुगतान भी किया। अशरफ ने एक पोस्ट में यूपाआई सेवा के लॉन्च होने की पुष्टि की।
अब 31 जुलाई तक करा सकते है ई-केवाईसी राशनकार्ड के सभी सदस्यों का
भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी की कार्रवाई अब 31 जुलाई 2023 तक किया जाएगा। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है।
राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है। उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण ई-केवाईसी की कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य के दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे। जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।
कांग्रेस जनता-जनार्दन के 'मन से उतरी' और भाजपा वापस 'मन में उतरी'
बांग्लादेश हिंसा में 101 लोगों की मौत
ढाका । बांग्लादेश में भड़की अभूतपूर्व हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है। आरक्षण सुधार की मांग से शुरू हुआ आंदोलन सरकार बदलने के आंदोलन के रूप में तब्दील हो गया है।
सरकार के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थक लोगों के बीच भीषण झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बातचीत के न्योते को भी ठुकरा दिया है।
दोनों गुटों के बीच टकराव में अब तक 101 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं, जिन पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के दफ्तरों और उनके नेताओं के आवास पर हमला किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने रविवार शाम छह बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक', ‘मैसेंजर', ‘व्हॉट्सऐप' और ‘इंस्टाग्राम' को बंद करने का आदेश दिया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिवसीय सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।
कुछ दिन पहले ही पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में 200 से अधिक लोग मारे गए थे। छात्र विवादास्पद कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग कर रहे थे। यह प्रणाली 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले दिग्गजों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देती है।
सत्ता हो विपक्ष, राजनीति तो स्वाभाविक है
विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार ने बजट को लेकर राजनीति की है। विपक्ष का आरोप है कि इस बजट में नीतीश कुमार और एन चंद्रबाबू नायडू ने अल्पमत सरकार को समर्थन देने की कीमत वसूली है। आरोप यह भी है कि सरकार बचाने के लिए बीजेपी ने बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज दिया है, जबकि अन्य राज्यों को कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। आरोप को बढ़ाते हुए विपक्ष यहां तक कह रहा है कि यह पूरे देश का बजट नहीं है। कांग्रेस तो यहां तक कह रही है कि मौजूदा बजट उसके चुनाव घोषणा पत्र की कॉपी है।
जहां तक बजट में राजनीति का सवाल है तो शायद ही कोई सरकार या दल होगा, जिसने अपने कार्यकाल में प्रस्तुत बजट में राजनीति ना की होगी। हर राजनीतिक दल की अपनी विचारधारा है, उसका अपना एजेंडा होता है, उसका अपना वोट बैंक होता है। बजट हो या अन्य सरकारी फैसले, हर राजनीतिक दल और सरकार अपने कदम उठाते वक्त उनका ध्यान रखती है। इसके साथ ही हर राजनीतिक दल अपने भावी और लक्षित वोट बैंक को लुभाने के लिहाज से भी फैसले लेता है। हर राजनीतिक दल की चाहत होती है कि उसका मौजूदा वोट आधार बढ़े। इस लिहाज से भी वह अपने राजनीतिक फैसले लेता है और उसकी सरकारें भी अपनी नीतियां इसी हिसाब से बनाती और बढ़ाती हैं। इस नजरिए से देखें तो अगर मोदी सरकार ने नीतीश और नायडू के राज्यों को कुछ विशेष सहूलियतें दी है तो कोई गलत नहीं है। अगर बिहार बाकी राज्यों की तुलना में पिछड़ा है, वह जनसंख्या पलायन का दंश झेलने को मजबूर है तो हर सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उस देश के साथ कदमताल करने के लिए बिहार को अगर सहूलियत देनी पड़ी तो दे। मदद का हाथ बढ़ाना पड़े तो बढ़ाए। अगर आंध्र प्रदेश को भी मदद की दरकार हो तो मिलनी चाहिए। सिर्फ बिहार और आंध्र ही नहीं, जो राज्य पिछड़ा है, उसे आगे लाने और उसे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मदद की स्पष्ट नीति होनी चाहिए। अव्वल तो हम देश को एक इकाई के तौर पर देखने का दावा करते हैं। अपना संविधान नागरिक को देश की मूल इकाई घोषित करता है। इस लिहाज से हर नागरिक बराबर है। लेकिन आर्थिक और सामाजिक नजरिए से देखें तो हर नागरिक बराबरी की बेंच पर नहीं बैठा है। समान मतदान और कानून के सामने बराबरी के अधिकार ने एक हद तक बराबरी की इस अवधारणा को जिंदा जरूर रखा है। यह बात और है कि अक्सर अमीर और गरीब के लिए कानूनी पेच और प्रक्रियाएं, यहां तक कि न्यायिक अवधारणा भी बदल जाती है। इन बातों को छोड़ दें तो कम से कम आर्थिक आधार पर बराबरी की ओर बढ़ने की कोशिश होनी चाहिए। प्रशासनिक सहूलियत और सांस्कृतिक आधार पर हमने राज्य गठित कर लिए तो इसका यह मतलब नहीं कि उनकी असमानताओं को अनदेखी की जाए। किसे नहीं पता है कि बिहार के उत्तरी हिस्से में हर साल कोसी नदी प्रलय लेकर आती है। जिससे तकरीबन आधार बिहार नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर रहता है। इसी तरह समूचे देश को पता है कि तेलंगाना के अलग होने के बाद हैदराबाद आंध्र की राजधानी नहीं रहा। उसे राजधानी बनाने के लिए संसाधन चाहिए ही होंगे। इसलिए अगर बिहार और आंध्र को सहूलियतें कुछ ज्यादा मिली भी हैं तो उसे राजनीतिक चश्मे से देखने की बजाय जमीनी हकीकत के लिहाज से समझा जाना चाहिए।
वैसे यह भी अर्ध सत्य ही है कि बाकी राज्यों को बजट में कुछ नहीं मिला। जबकि इस बजट में अगर रेल परियोजनाएं हैं, अगर कृषि बजट को सवा लाख करोड़ से बढ़ाकर एक करोड़ 52 लाख करोड़ कर दिया गया है, अगर सड़क परियोजनाओं की बाढ़ लाई गई है, अगर केंद्रीय करो में राज्यों का हिस्सा बढ़ाया गया है तो इससे किसी एक ही राज्य का भला नहीं होना है, बल्कि देश के हर राज्य को भला होना है। बजट में आदिवासी लोगों के लिए बजट में वित्त मंत्री पूर्वोदय योजना लेकर आई हैं। जिसके जरिए झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। झारखंड को एक और योजना का सीधा फायदा मिलेगा। बजट प्रस्तावों में ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ योजना भी लायी गई है। आदिवासी गांवों और लोगों के विशेष विकास के लिए विशेष रूप से डिजाइन इस योजना का फायदा उन सभी राज्यों को मिलना है, जहां आदिवासी आबादी है। झारखंड में जहां 27 फीसद आबादी जनजातीय है। वहीं उसके पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में करीब 32 फीसद आबादी जनजातीय समुदाय की है। ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ के दायरे में 63 हजार गांवों को लाया जाना है। जिससे सीधे तौर पर पांच करोड़ जनजातीय लोगों की जिंदगी बदलने की कोशिश की जानी है। जाहिर है कि इसका फायदा उड़ीसा, झारखंड और छ्त्तीसगढ़ के साथ कांग्रेस शासित तेलंगाना को भी मिलेगा, क्योंकि इन्हीं राज्यों में देश का सबसे ज्यादा जनजातीय आबादी रहती है।
कांग्रेस ने युवाओं को लुभाने के लिए तीस लाख खाली पड़े सरकारी पदों को भरने और डिप्लोमा धारक सभी बेरोजगार युवाओं को इंटर्नशिप और एक लाख रूपए सालाना देने का वादा किया था। राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने इस वायदे को खूब प्रचारित किया। राहुल गांधी कहा करते थे कि इस सरकार बनी और उधर खटाखट-खटाखट खाते में पैसे ट्रांसफर होने लगे थे। माना जाता है कि इससे युवाओं का एक वर्ग विपक्ष की ओर आकर्षित भी हुआ। कांग्रेस की सीटें बढ़ने में इस वायदे की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। बजट में सरकार ऐसी योजना तो लेकर नहीं आई, अलबत्ता वह युवाओं के लिए इंटर्नशिप योजना लेकर आई है। जिसके तहत हर साल एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप दी जानी है, जिसके लिए उन्हें पांच हजार रूपए मासिक और एक मुश्त साल में एक बार छह हजार रूपए भी दिए जाने हैं। करीब चार करोड़ दस लाख युवाओं को कुशल बनाने की भी योजना लाई गई है। इन्हीं योजनाओं का हवाला देकर कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है कि उसके वायदे को सरकार ने कॉपी कर लिया है। इसके बहाने वह कांग्रेस पर हमलावर भी है।
चाहे सरकार को विपक्ष, सबका दावा है कि उनकी राजनीति का उद्देश्य देश के लोगों का जीवन स्तर सुधारना है। सवाल यह है कि जब सबका यही उद्देश्य है तो कल्याणकारी योजनाएं कोई भी लाए, उसे खुश होना चाहिए। कांग्रेस को तो वाकई में प्रसन्न होना चाहिए कि उसका वायदा इतना ताकतवर रहा कि उसे अपनाने के लिए उसकी कट्टर विरोधी बीजेपी की सरकार को मजबूर होना पड़ा। लेकिन हकीकत में कांग्रेस खुश नहीं है, उसे लगता है कि सरकार ने सत्ता के जरिए उसका मुद्दा लपक लिया है। कांग्रेस को डर है कि अगर इस प्रस्ताव को ईमानदारी से लागू कर दिया गया तो उसकी ओर आकर्षित हो रहे युवाओं के आकर्षण में कमी आ सकती है। जिसकी वजह से उसे सियासी नुकसान हो सकता है या भविष्य में जितने फायदे मिलने की उम्मीदें रहीं हैं, वह पूरा नहीं हो पाएगा।
सत्ता संभालने की बात हो या उसके विरोध की, सबका उद्देश्य जब राजनीति ही है तो फिर सरकारी कदमों में राजनीति ना होने की उम्मीद पालना बेमानी ही कहा जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी अगर राजनीति में हैं तो वह संत की भूमिका निभाने के लिए नहीं हैं और अगर राहुल भी राजनीति में हैं तो वह अध्यात्म की सेवा करने के लिए नहीं हैं। इसलिए बजट हो विरोध, राजनीति होगी। लिहाजा बजट को लेकर आरोप लगाना कि यह राजनीति बजट है, उसका कोई मतलब नहीं। राजनीति तो यह समझती ही है, आम वोटरों को भी यह जल्द से जल्द समझ लेना चाहिए।
बिहार में करंट की चपेट में आने से 8 कांवड़ियों की मौत
हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र में हाई वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आने से आठ कांवड़ियों की मौत हो गई। ये सभी एक वाहन पर सवार होकर हरिहरनाथ मंदिर जलाभिषेक करने जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह घटना सुलतानपुर गांव की है। कारण को लेकर फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन आशंका है कि डीजे ट्रॉली में बांधकर ले जाने के दौरान 11 हजार वोल्ट का तार माइक के संपर्क में आ गया होगा जिसकी वजह से दर्दनाक हादसा हुआ। इस दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से झुलस गए।
पुलिस उपाधीक्षक (सदर) ओम प्रकाश ने बताया कि सभी मृतक सुल्तानपुर गांव के ही रहने वाले थे। ये सावन महीने में प्रत्येक रविवार को निकलते थे। ऐसा ही 4 अगस्त को किया और रात करीब 12 बजे सभी लोग पहलेजा घाट से गंगाजल भरने और हरिहरनाथ मंदिर जलाभिषेक करने निकले थे। तभी यह घटना घटी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद तत्काल बिजली कार्यालय को फोन किया गया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। पुलिस ने सभी शवों को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शाजापुर में लगेगी फूड इंडस्ट्री, बेहतर होगी स्वास्थ्य सेवायें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार कृत-संकल्पित है। इसी कड़ी में आज शाजापुर में 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का लोकार्पण किया गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस चिकित्सालय में जच्चा और बच्चा को उच्च स्तरीय सेवाएँ मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शाजापुर में मातृ-शिशु चिकित्सालय का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शाजापुर जिले के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी। जिले में नर्मदा जी का जल आ चुका है। अब पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना का लाभ भी शाजापुर को मिलेगा। परियोजना से 13 जिले लाभान्वित होंगे। किसानों को 24 घंटे पानी और बिजली की उपलब्धता मिलेगी, जिससे जिले में फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने शाजापुर की उप तहसील मक्सी को तहसील बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने चिकित्सालय परिसर में पौधा भी रोपा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का जीवन बेहतर बनाने के लिए ही सरकार बनी है। किसान अपने पराक्रम से फसलों का उत्पादन करता है। शाजापुर में आलू-प्याज खरीदने के लिए पूरे देश के लोग आते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के गठन के बाद लगातार प्रयास किया है कि प्रदेश में किसानों को लाभ मिले और इस दिशा में किसानों ने अपनी उत्पादकता भी अच्छी बढ़ाई है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में रोजगार के संसाधन बढ़ाए जायें, इसके लिए औद्योगिक विकास की भी आवश्यकता है। औद्योगिक विकास दर बढ़ाने के लिए उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाजापुर में कृषि आधारित फूड इंडस्ट्री भी लगाई जायेगी।
प्रदेश में कृषि उत्पादकता तो बहुत अच्छी हो गई है, अब प्रदेश में रोजगार स्थापित करने के लिए औद्योगिक उत्पादकता में भी वृद्धि लाना है। विगत दिनों उज्जैन में संपन्न हुई इन्वेस्ट समिट में संभाग के साथ प्रदेश में औद्योगिक विकास पर भी चर्चा हुई। तमिलनाडु के उद्योगपतियों से भी चर्चा हुई है और उनसे प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर में कृषि आधारित फूड इंडस्ट्री लगाने की घोषणा की, इससे किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम मिलेगा और यहां के उत्पाद देश-विदेश में भी जायेंगे, जिससे क्षेत्र में किसानों की उन्नति होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति दुनिया की श्रेष्ठ संस्कृति है। हमारी अच्छाई हम दुनिया में बांटने के लिए निकले हैं। हमारे तीज-त्यौहार घर में मनाने के लिए नहीं है। प्रत्येक तीज त्यौहार समाज के साथ सबके बीच आनंद महसूस करते हुए मनाए जाने की जरूरत है। हमने इसकी परंपरा प्रारंभ की है। सावन के माह में रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के लिए राज्य सरकार 10 अगस्त को सिंगल क्लिक से प्रदेश की 1 करोड़ 39 लाख बहनों के खाते में प्रतिमाह मिलने वाले 1250 रूपये के अतिरिक्त 250 रूपये उपहार स्वरूप प्रदान करेगी। इसके लिए प्रदेश के 25 हजार से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर रक्षाबंधन का त्यौहार भी मनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनेक कदम उठाएं जा रहे हैं। महिलाओं को सभी क्षेत्रों में भागीदारी देने के प्रयास जारी हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विकास के लिए भी केन्द्र सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। हमारे यहां गुरू-शिष्य की परंपरा है। गुरू शिष्य को अंधेरे से प्रकाश की ओर ले जाता है। हमारी संस्कृति विश्वगुरू के नाम से दुनिया में जानी जाती है। किसी देश पर कब्जा करने का हमारा इतिहास नहीं है। हमारा अच्छाई बांटने का इतिहास है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे देश में तक्षशिला, नालंदा जैसे अनेक विश्वविद्यालय थे, जो मानवता के लिए जाने जाते हैं। भगवान कृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र को विकास का मॉडल बनाये। उन्होंने कहा कि बजट साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये का है, इसे 5 साल में बढ़ाकर 7 लाख करोड़ का करना है। विकास के मामले में लगातार आगे बढ़कर देश में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाया जायेगा।
विशाल राखी भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शाजापुर में मातृ-शिशु चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह में लाड़ली बहनों द्वारा तैयार की गई लगभग 20 फिट की विशाल राखी भेंट की गई। साथ ही बड़ी संख्या में बहनों ने राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये । कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कच्ची घानी का तेल, गाय का घीं, नीमाड़ी मिर्च पाउडर, शाजापुर का प्रसिद्ध लाल प्याज, बारामासी सफेद जामुन का पौधा मुख्यमंत्री को भेंट किया।
कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल और सांसद श्री महेन्द्र सिंह सोलंकी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। स्थानीय विधायक, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी सहित बड़ी संख्या में किसान, लाड़ली बहनें और नागरिक उपस्थित रहे।