देश-विदेश
"एलोन मस्क को झटका! ट्विटर के हेडक्वार्टर पर लगाए गए 'X' लोगो को हटाया गया, वजह अब आई सामने"
Elon Musk ने करीब एक सप्ताह पहले Twitter का नाम बदलकर X किया था, तब से लेकर अब तक कंपनी हर जगह X ब्रांडिंग को लागू करने का प्रोसेस पूरा कर रही है. इसी बीच दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक Elon Musk को एक बड़ा झटका लगा है. दरअसल, सोमवार सुबह सामने आई जानकारी में पता चला कि पूर्व Twitter हेडक्वाटर की बिल्डिंग पर लगाए गए लाइटिंग वाले आकर्षक X Logo को हटा दिया है.
बीते हफ्ते लगा था X Logo
कंपनी ने रिब्रांडिंग के तौर पर बीते हफ्ते इस X logo को हेडक्वार्टर पर लगाया था. कंस्ट्रक्शन इंस्पेक्शन विभाग के प्रवक्ता Patrick Hannan के मुताबिक, इस तरह के लोगो को लगाने से पहले बिल्डिंग परमिट की जरूरत होती है. इसके अलावा, एक शिकायत आई थी कि बिल्डिंग की साइड में पुराना ट्विटर लोगो लगा हुआ था, जिसे पुलिस ने हटाने से रोका था और ये एक असुरक्षित स्थिति में था. हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने बताया कि X लोगो बिल्डिंग पर एक इवेंट के लिए अस्थायी तौर पर लगाया था.
Elon Musk ने भी शेयर किया था वीडियो
Elon Musk ने हाल ही में बिल्डिंग पर न्यू लोगो का सेटअप होने के बाद एक वीडियो भी पोस्ट की थी. इसमें एरियल व्यू में ट्विटर लोगो को दिखाया. साथ ही रात के समय यह बहुत ज्यादा चमक के साथ नजर आ रहा था.
"रेलवे बोर्ड की पहली महिला CEO और अध्यक्ष बनेंगी जया वर्मा सिन्हा: जानिये कौन है जया वर्मा"
नई दिल्ली: रेलवे बोर्ड की नई अध्यक्ष और सीईओं के रूप मे जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गयी है। रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओं रहे अनिल कुमार लाहोटी की जगह जया वर्मा लेंगी और 1 सितंबरए 2023 को पदभार ग्रहण करेंगी। आपको बता दे कि जया वर्मा सिन्हा रेलवे बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष हैं, विजयलक्ष्मी विश्वनाथन रेलवे बोर्ड की पहली महिला सदस्य थीं।
गौतरलब हैं कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में जया वर्मा सिन्हा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। जया वर्मा एक दिन बाद 1 सितंबर से रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और सीईओं का पदभार संभालेंगी। 1988 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा की अधिकारी जया वर्मा वर्तमान में रेलवे बोर्ड के सदस्य संचालन और व्यवसाय विकास के रूप में काम कर रही हैं।
वह ऐसे समय में बोर्ड का प्रभार संभालेंगी जब भारतीय रेलवे को केंद्र सरकार से रिकॉर्ड बजटीय आवंटन मिला हुआ है। केंद्रीय बजट 2023-24 में भारतीय रेलवे को 2.74 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय आवंटित किया गया है। यह राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर को किया गया अब तक का सबसे अधिक आवंटन है। वित्त वर्ष 2022-23 में रेलवे के लिए 1.37 लाख करोड़ रुपये का सकल बजटीय आवंटन किया गया था।
एक देश, एक चुनाव: सरकार गठित करेगी कमेटी, पूर्व राष्ट्रपति कोविंद अध्यक्ष
नई दिल्ली : केंद्र सरकार के द्वारा 18 से 22 सितंबर तक संसद के विशेष सत्र के ऐलान के एक दिन बाद आज शुक्रवार 1 सितंबर को "एक राष्ट्र, एक चुनाव" (One Nation, One Election) की संभावनाओं पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस संबंध में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने समिति के गठन की पुष्टि की है। बता दें कि संसद के विशेष सत्र के लिए एजेंडा अभी तक सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक समिति का गठन न केवल इस संबंध में जल्द ही एक कानून लाने की स्थिति तलाशने के लिए किया गया है, बल्कि आम सहमति और कानून को सुचारू रूप से पारित करने के लिए अन्य राजनीतिक दलों तक पहुंचने के लिए भी किया गया है।
क्यों एक साथ चुनाव कराना चाहती है सरकार?
बता दें कि चुनाव कराने की वित्तीय लागत, बार-बार प्रशासनिक स्थिरता, सुरक्षा बलों की तैनाती में होने वाली परेशानी और राजनीतिक दलों की वित्तीय लागत को देखते हुए मौजूदा सरकार एक देश, एक चुनाव की योजना पर विचार कर रही है। इसके तहत सरकार लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराना चाहती है। साल 1951-52 में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए थे। इसके बाद 1957, 1962 और 1967 में भी लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हुए, लेकिन बाद में 1968, 1969 में कुछ विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने और 1970 में लोकसभा को समय से पहले भंग होने से यह साथ चुनाव कराने का चक्र बाधित हो गया। यही वजह है कि अब स्थिति ये हो गई है कि हर साल कहीं ना कहीं चुनाव हो रहे होते हैं। ऐसे में सरकार फिर से लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। अब इस दिशा में कमेटी का गठन एक बड़ा कदम है।
सरकार के लिए भी आसान नहीं है फैसला
सरकार ने एक देश, एक चुनाव की संभावनाओं पर विचार के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। हालांकि सरकार के लिए भी इस फैसले को लागू करना और इस संबंध में कानून बनाना आसान नहीं होगा। दरअसल एक साथ चुनाव कराने के लिए कई विधानसभाओं के कार्यकाल में मनमाने ढंग से कटौती करनी पड़ेगी। जिसका विरोध होना तय है।
क्षेत्रीय दलों को हो सकता है नुकसान
राजनीति के जानकारों का मानना है कि एक देश, एक चुनाव अगर देश में लागू हो जाता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्रीय दलों को होगा। दरअसल लोकसभा चुनाव में आमतौर पर मतदाता राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर और राष्ट्रीय पार्टी को वोट देना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव होंगे तो हो सकता है कि क्षेत्रीय दलों को इसका नुकसान झेलना पड़े।
भारत की अध्यक्षता में G20: जानिए इसका महत्व और स्थापना का इतिहास
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का प्रमुख मंच है. यह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों पर वैश्विक संरचना और अधिशासन निर्धारित करने तथा उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. भारत 1 दिसंबर 2022 से 30 नवंबर 2023 तक G20 की अध्यक्षता कर रहा है.
ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं. G20 सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है.
G20 की स्थापना
G20 की स्थापना 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में की गई थी.
G20 शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष एक क्रमिक अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है. शुरुआत में G20 व्यापक आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित था, परंतु बाद में इसके एजेंडे में विस्तार करते हुए इसमें अन्य बातों के साथ व्यापार, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और भ्रष्टाचार-विरोध शामिल किया गया.
G20 की कार्यशैली
- G20 अध्यक्षता के तहत एक वर्ष के लिए G20 एजेंडा का संचालन किया जाता है और शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाता है. G20 में दो समानांतर ट्रैक होते हैं: वित्त ट्रैक और शेरपा ट्रैक. वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गवर्नर वित्त ट्रैक का नेतृत्व करते हैं जबकि शेरपा ट्रैक का नेतृत्व शेरपा करते हैं.
- शेरपा पक्ष की ओर से G20 प्रक्रिया का समन्वय सदस्य देशों के शेरपाओं द्वारा किया जाता है, जो नेताओं के निजी प्रतिनिधि होते हैं. वित्त ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक गवर्नर करते हैं. दो ट्रैक के भीतर, विषयगत रूप से उन्मुख कार्य समूह हैं जिनमें सदस्यों के संबंधित मंत्रालयों के साथ-साथ आमंत्रित/अतिथि देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं (वित्त ट्रैक मुख्य रूप से वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में है). ये कार्य समूह प्रत्येक अध्यक्षता के पूरे कार्यकाल में नियमित बैठकें करते हैं. शेरपा वर्ष के दौरान हुई वार्ता का पर्यवेक्षण करते हैं, शिखर सम्मेलन के लिए एजेंडा आइटम पर चर्चा करते हैं और G20 के मूल कार्य का समन्वय करते हैं.
- इसके अलावा, ऐसे सम्पर्क समूह हैं जो G20 देशों के नागरिक समाजों, सांसदों, विचार मचों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों, व्यवसायों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाते हैं.
- इस समूह का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है. इसकी अध्यक्षता ट्रोइका द्वारा समर्थित है – पिछला, वर्तमान और आने वाला अध्यक्षता. भारत की अध्यक्षता के दौरान, ट्रोइका में क्रमशः इंडोनेशिया, भारत और ब्राजील शामिल होंगे.
महंगाई पर नजर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना,देखे
दिल्ली: देश में महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। बीते दिनों रसोई गैस की कीमतों में कटौती की है। भारत सरकार के इस कदम से मुद्रास्फीति कम हो सकती है। कुछ प्रमुख त्योहारों और प्रमुख चुनावों से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की ओर ध्यान केंद्रित हो सकता है।
अब महंगाई को और कम करने और पेट्रोल और डीजल के दाम को कटौती होने की संभावना है। इसके दो जगहों से संकेत मिल रहे है। पहला संकेत केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से एक इंटरव्यू ने दिया गया है। वहीं दूसरा संकेत ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों की कटौती संकेत मिले है। बता दें कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत नहीं दी गई। मई 2022 के बाद से देश में फ्यूल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
हरदीप सिंह पुरी ने दिए संकेत
हाल ही में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू संकेत दिया है आने वाले दिनों महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों को फ्यूल की कीमतें कम करने के प्रयास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 नवंबर, 2021 में टैक्स को कम करते हुए पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल की कीमत में कटौती की थी। इसके बाद 22 मई, 2022 को सरकार ने फिर टैक्स को कम किया और पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर की राहत दी।
एलपीजी के बाद, पेट्रोल- डीजल का नंबर
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में इस साल की आखिरी तिमाही में चुनाव होने वाले है। इसके बाद 2024 की शुरुआत में आम चुनाव होंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे टर्म को लेकर पूरी कोशिश में लगे हुए है। इसको लेकर अर्थशास्त्रियों ने कहा कि महंगाई को कंट्रोल करने और रूरल इनकम को सपोर्ट करने के लिए और अधिक राजकोषीय उपायों पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है चुनाव नजदीक आने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की जाएगी।
गैस सिलेंडर हुआ 200 रुपए सस्ता
आपको बता दें कि भारत सरकार ने मंगलवार को 14.2 किलोग्राम गैस वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपए की कमी की है। इससे लगभग 300 मिलियन उपभोक्ताओं को राहत मिली। खाद्य पदार्थों की कीमतें कम करने और घरेलू बजट को नियंत्रण में रखने के लिए भारत ने पहले ही चावल, गेहूं और प्याज जैसे मुख्य खाद्य पदार्थों के निर्यात को सख्त कर दिया है।
मोदी सरकार की विशेष सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' बिल पेशी की जा सकती है,देखे
केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है. सरकार से जुड़े कुछ सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि संसद के इस विशेष सत्र में मोदी सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’ (one nation one election) वाला बिल ला सकती है. यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और महिला आरक्षण बिल भी पेश किया जा सकता है.
दरअसल काफी समय से वन नेशन-वन इलेक्शन’ को लेकर चर्चा चल रही है. लॉ कमीशन ने इस साल जनवरी में इसको लेकर राजनीतिक दलों से छह सवालों के जवाब मांगे थे. केंद्र सरकार इस बिल को लागू करना चाहती है, दूसरी ओर राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं. चुनाव से पहले शीतकालीन सत्र भी है तो उससे पहले यह फैसला क्यों लिया गया. विपक्ष की ओर से इस फैसले पर सवाल खड़े किए गए हैं.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ऐसी कौन सी इमरजेंसी है, शीतकालीन सत्र तो होना है. विपक्ष के सवाल के बीच समय पूर्व चुनाव, संसद की नई बिल्डिंग में प्रवेश, चंद्रयान और जी 20, विधानसभा चुनाव से पहले कोई बड़ा फैसला, एक देश एक चुनाव का बिल, इसको लेकर अलग-अलग चर्चा शुरू हो गई है.
18 सितंबर से शुरू होगा संसद का विशेष सत्र: केंद्र सरकार ने घोषित किया
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र खत्म हुए बमुश्किल 20 दिन ही हुए हैं, कि केंद्र सरकार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा कर सनसनी पैदा कर दी है. 18 सितंबर से 22 सितंबर तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चलेगी. इस बात की जानकारी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को दी.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ट्वीट कर बताया कि संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) आगामी 18 से 22 सितंबर के दौरान होगा, जिसमें 5 बैठकें होंगी. अमृत काल के समय में होने वाले इस सत्र में संसद में सार्थक चर्चा और बहस होने को लेकर आशान्वित हूं.
इसके पहले 20 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र 11 अगस्त तक चला था. इस दौरान विपक्ष ने मणिपुर हिंसा मामले और महिलाओं के सामने आए वीडियो को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग की थी. इसके बाद विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में जवाब दिया था. बाद में विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया.
बुलडोजर कार्रवाई पर 'सुप्रीम' रोक बरकरार...
नई दिल्ली। संपत्तियों को गिराने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'हम यह स्पष्ट करने जा रहे हैं कि सिर्फ इसलिए कि कोई आरोपी या दोषी है, उसकी संपत्ति को गिराने का आधार नहीं बनाया जा सकता।' हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों, सरकारी जमीन पर किसी भी अनधिकृत निर्माण को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कई राज्यों में अपराधियों, आरोपियों और अन्य की संपत्तियों को गिराया जा रहा है।
सभी नागरिकों के लिए दिशा निर्देश, किसी धर्म विशेष के लिए नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि 'वह संपत्तियों को ध्वस्त करने के मुद्दे पर सभी नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश तय करेगा, किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं।' पीठ ने कहा कि 'हम जो भी तय कर रहे हैं, हम इसे पूरे देश में सभी नागरिकों, सभी संस्थानों के लिए तय कर रहे हैं, किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं। हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं। किसी धर्म विशेष के लिए अलग कानून नहीं हो सकता।' पीठ ने कहा कि 'वह सार्वजनिक सड़कों, सरकारी भूमि या जंगलों पर किसी भी अनधिकृत निर्माण को संरक्षण नहीं देगी।' सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि 'हम ये भी सुनिश्चित करेंगे कि हमारी सीमाओं या किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण न हो सके।'
सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी रोक
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने इससे पहले 17 सितंबर के अपने आदेश में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी थी। 17 सितंबर के अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 1 अक्टूबर तक बिना सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति के किसी की भी संपत्तियों को नहीं गिराया जाएगा। अपने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अवैध रूप से ध्वस्तीकरण का एक भी मामला संविधान के 'मूल सिद्धांतों' के खिलाफ है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि उसका आदेश उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां सड़क, गली, फुटपाथ, जंगल, रेलवे लाइन या किसी जल निकाय जैसे किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई अनधिकृत संरचना है और उन मामलों में भी लागू नहीं होगा, जहां न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर चुनाव : 415 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में होगी कैद
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण का मतदान आज (मंगलवार) को है। इस चरण में सात जिलों की 40 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। इस चरण में उतरे 415 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी। तीसरे दौर में सबसे ज्यादा 11 सीटें जम्मू जिले में हैं। इसके बाद बारामुला में सात, कुपवाड़ा और कठुआ की छह-छह, उधमपुर की चार और बांदीपोरा और सांबा की तीन-तीन विधानसभा सीटें हैं, जहां मंगलवार को मतदान है। चुनाव आयोग के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक 28.12 फीसदी लोगों ने अपने-अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। सबसे ज्यादा मतदान उधमपुर में 33.84 फीसदी रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा मतदान की सबसे धीमी रफ्तार बारामूला में 23.20 फीसदी दर्ज की गई।
पहले दो चरणों का हाल
इससे पहले 25 सितंबर को दूसरे चरण में जम्मू कश्मीर के छह जिलों में 57.31 फीसदी मतदान हुआ था। वहीं 18 सितंबर को हुए पहले चरण में 61.38 फीसदी मतदान हुआ था।
इनके बीच मुकाबला
जम्मू कश्मीर में मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस (गठबंधन), पीडीपी के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने जम्मू में जहां सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, दूसरी ओर कश्मीर में कुछ ही सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। महबूबा मुफ्ती की पीडीपी दोनों क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा अन्य छोटे दलों ने भी मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश की है।
लंबे समय के बाद खुली हाउसिंग बोर्ड की ई-नीलामी
जयपुर। राजस्थान आवासन मण्डल की ओर से लंबे समय बाद राजस्थान के प्रमुख शहरों में प्रीमियम प्रॉपर्टीज की नीलामी की जा रही है। राजस्थान आवासन मण्डल ने जयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में स्थित आवासीय व व्यावसायिक भूखंड एवं निर्मित आवास नीलामी के माध्यम से उपलब्ध करवाए हैं। आवासन मंडल की ओर से प्रीमियम प्रॉपर्टी की ई-नीलामी 4 स्लॉट्स में की जाएगी।
आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने बताया कि राजस्थान आवासन मंडल एक बार फिर आमजन के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। राजस्थान के प्रमुख शहरों में प्रीमियम संपत्ति खरीदने का आमजन के पास अब सुनहरा मौका है। आवासन मंडल की ओर से जयपुर, भरतपुर, फलोदी, बीकानेर, अलवर, चूरू, सीकर, जोधपुर और भिवाड़ी में प्रीमियम संपत्तियों की ई-नीलामी की जा रही है। डॉ शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 4 स्लॉट्स में ई-नीलामी होगी 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर, 7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर, 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर और 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक 4 अलग-अलग स्लॉट्स में भूखंडों की नीलामी होगी। जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के भूखंड और आवासीय निर्माण शामिल हैं।
जयपुर में 11 बड़े व्यावसायिक भूखंड, 39 छोटे व्यावसायिक भूखंड, 31 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास बीकानेर में 46 छोटे व्यावसायिक भूखंड, 7 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास भिवाड़ी में 3 बड़े व्यावसायिक भूखंड, 29 छोटे व्यावसायिक भूखंड, 4 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास फलोदी में 1 बड़ा व्यावसायिक भूखंड अलवर में 3 छोटे व्यावसायिक भूखंड, 7 आवासीय भूखंड और निर्मित आवास चूरू में 9 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास सीकर में 4 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास भरतपुर में 7 आवासीय भूखंड एवं निर्मित आवास नीलामी के लिए उपलब्ध हैं।
नीलामी में भाग लेने और अधिक जानकारी के लिए आमजन http://rhb.rajasthan.gov.in पर लॉगिन कर या हेल्पलाइन नं. 0141-2744688, 2740009, एवं 9460254319 पर संपर्क कर सकते है। त्यैहारी सीज़न में सुनहरा मौका, अधिक से अधिक लोग उठाएं लाभ-आयुक्त आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने कहा कि त्योहारी सीज़न में आमजन के लिए प्रीमियम प्रॉपर्टी खरीदने का यह सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि आवासन मंडल की ओर से आगे भी विभिन्न आवासीय योजनाओं व नीलामी के प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
चिकित्सा मंत्री ने की मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि विगत कुछ दिन से मौसमी बीमारियों के केस में वृद्धि को देखते हुए चिकित्सा विभाग हाई अलर्ट मोड पर रहते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें। सभी अधिकारी एवं कार्मिक कार्य स्थल पर उपस्थित रहते हुए रोगियों को तत्काल जांच एवं उपचार सेवाएं उपलब्ध कराएं। मौसमी बीमारियों के प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हो।
खींवसर सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेशभर में मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आगामी करीब एक माह मौसमी बीमारियों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, इसे ध्यान में रखते हुए मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण के माकूल इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में मौसमी बीमारियों के केस ज्यादा सामने आ रहे हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए। अधिकारी इन जिलों में लगातार निगरानी रखते हुए सघन रोकथाम गतिविधियां संचालित करवाएं। एंटीलार्वल, सोर्स रिडक्शन एवं फॉगिंग सहित अन्य गतिविधियां नियमित रूप से हों। इसके लिए नगरीय निकाय सहित संबंधित विभागों के साथ समुचित समन्वय स्थापित किया जाए।
चिकित्सा मंत्री ने अस्पतालों में जांच किट्स एवं दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के केस ज्यादा हैं, वहां डेडीकेटेड ओपीडी संचालित करने के साथ ही रोगियों के लिए बेड की समुचित उपलब्धता रखी जाए। आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। किसी रोगी को उपचार में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
श्री खींवसर ने जिलावार मौसमी बीमारियों के केसों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राज्य स्तर के साथ साथ संभाग एवं जिला स्तर पर नियमित मीटरिंग की जाए। अस्पतालों के औचक निरीक्षण किए जाएं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि सभी जिलों में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर आई ई सी गतिविधियां की जाएं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोगी घरेलू नुस्खे अपनाते हैं और स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचते हैं। इसके चलते कई बार रोगी का जीवन बचा पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आमजन को डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया आदि के लक्षण, जांच एवं उपचार के बारे में जानकारी दी जाए और समय पर उपचार के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रभावी प्रबंधन के कारण प्रदेश में अब तक मौसमी बीमारियों की स्थिति नियंत्रण में रही है। केस विगत वर्ष के मुकाबले कम होने के साथ ही मौसमी बीमारियों से मृत्यु के मामले नगण्य हैं। सभी जिलों में जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
इस सरकार के पहले 100 दिनों में एक नई योजना ‘जल ही अमृत’ को मंजूरी
दिल्ली। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की 100 दिनों की उपलब्धियों पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, "सरकार और मंत्रालय ने नई सरकार के पहले 100 दिनों में नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में काम किया है।"
उन्होंने कहा कि घर जैसी मूलभूत ज़रुरत को पूरा करने के लिए पीएम श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी के लिए आवास का नारा दिया और 10 जून 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घरों के निर्माण के लिए सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार 10 लाख करोड़ के निवेश के साथ पीएमएवाई-यू 2.0, एक करोड़ परिवारों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करेगा, ताकि प्रत्येक नागरिक बेहतर गुणवत्ता वाला जीवन जी सके। (अनुलग्नक 3)
परिवहन के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि सरकार के 100 दिनों के भीतर ही 31,000 करोड़ रुपये की तीन मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें बेंगलुरु मेट्रो चरण -3, ठाणे आंतरिक रिंग रोड मेट्रो परियोजनाएं और पुणे मेट्रो रेल परियोजना का दक्षिण की ओर विस्तार शामिल है। (अनुलग्नक 4)
जल के महत्व पर जोर देते हुए केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में, पानी के पुन:उपयोग के साथ-साथ उसके रीसाइक्लिंग और प्रसंस्करण पर भी ध्यान दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पहले 100 दिनों में ही एक नई योजना जल ही अमृत को मंजूरी दी गई है।
मनोहर लाल ने बताया कि इस पहल के तहत, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उपयोग किए गए जल (सीवेज) उपचार संयंत्रों (यूडब्ल्यूटीपी/एसटीपी) को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए प्रोत्साहित करने की परिकल्पना की गई है ताकि पुनर्नवीनीकरण योग्य अच्छी गुणवत्ता वाला उपचारित पानी उपलब्ध कराया जा सके। यूएलबी और पैरास्टैटल एजेंसियां अपने-अपने राज्यों से एसटीपी को नामांकित करने की प्रक्रिया में हैं। (अनुलग्नक 1) केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अमृत 2.0 के अंतर्गत, 100 दिनों की उपलब्धि के तहत बिहार, छत्तीसगढ़, दादर और नगर हवेली और दमन और दीव, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 3020 करोड़ रुपये की 68 परियोजनाएं और 3,805 करोड़ रुपये की 41 परियोजनाएं यानि कुल 6,825 करोड़ रुपये लागत वाली परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। कुल मिलाकर 100 दिनों में 9,352 करोड़ रुपए की 263 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास पूरा किया जाएगा। (अनुलग्नक 2)
स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब 7.5 लाख स्वच्छता लक्ष्य इकाइयां (सीटीयू) पोर्टल पर पंजीकृत की गई हैं और करीब 86% सीटीयू पहले ही साफ की जा चुकी हैं।
6 दिनों तक धारा 163 लागू
दिल्ली। कई जगहों पर अगले 6 दिन के लिए BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के नोटिस के मुताबिक, नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली के अलावा दिल्ली के सभी बॉर्डर्स पर 6 दिनों के लिए धारा 163 लागू रहेगी। 30 सितंबर से 5 अक्टूबर के दौरान इ जगहों पर धरना प्रदर्शन पर पाबंदी रहेगी और किसी तरह के हथियार लेकर आने पर भी पाबंदी रहेगी। आइए जानते हैं पूरा मामला।
दिल्ली पुलिस ने नोटिस में बताया है कि कई संगठनों ने अक्टूबर 2024 के पहले सप्ताह में दिल्ली क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन समेत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है।
वक्फ संशोधन विधेयक (प्रस्तावित), शाही ईदगाह का मुद्दा, एमसीडी स्थायी समिति चुनाव जैसे मुद्दों के कारण दिल्ली में सामान्य माहौल कानून और व्यवस्था के दृष्टिकोण से संवेदनशील है।
इसके साथ ही DUSU के नतीजों की घोषणा भी लंबित है। ऐसे में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने दिए क्षेत्र में धारा 163 लागू करने के आदेश दिए हैं।
गांधी जयंती का भी हवाला
नोटिस में कहा गया है कि 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के कारण नई दिल्ली और सेंट्रल जिले में वीवीआईपी व्यक्तियों की भारी आवाजाही होगी। साथ ही जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। इस कारण दिल्ली की सीमाओं से लोगों और वाहनों की आवाजाही पर निरंतर जांच करने की भी जरुरत है।
इन चुनावों के कारण राष्ट्रीय राजधानी में पब्लिक ऑर्डर में गड़बड़ी फैलाने का मकसद रखने वाले असामाजिक तत्वों के इशारे पर घुसपैठ और उकसावे के कारण राज्यों के प्रवासियों द्वारा बसाए गए क्षेत्र विशेष रूप से असुरक्षित हो सकते हैं। इसके साथ ही त्योहारों का सीजन भी नजदीक है दशहरा और दीपावली भी आने वाली है।
इन चीजों पर रहेगी पाबंदी
दिल्ली पुलिस कमीश्नर संजय अरोड़ा ने आदेश में कहा है कि दिल्ली की सीमाओं पर क्षेत्रीय अधिकार वाले सभी पुलिस स्टेशनों के अलावा नई दिल्ली, उत्तरी और मध्य जिलों में 30/09/2024 से 05/10/2024 तक धारा 163 लागू रहेगी। इस दौरान इन गतिविधियों पर पांबदी रहेगी।
योगी सरकार ने गौ सेवा आयोग का किया गठन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौ सेवा आयोग का गठन किया है। यूपी के झांसी जिले के रहने वाले श्याम बिहारी गुप्ता को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके साथ ही बस्ती जिले के महेश कुमार शुक्ला और कुशीनगर जिले के जसवंत सिंह उर्फ अतुल सिंह को आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मुरादाबाद जिले के रहने वाले दीपक गोयल, फिरोजाबाद जिले के रमाकांत उपाध्याय और महोबा जिले के राजेश सिंह सेंगर को आयोग का सदस्य नामित किया गया है।
पशुधन विभाग के प्रमुख सचिव के. रविंद्र नायक ने सोमवार को गौ सेवा आयोग के गठन को मंजूरी देते हुए नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए।आयोग के गठन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को समायोजित किया गया है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) आयोग का गठन किया गया था। इसका अध्यक्ष पूर्व विधायक बैजनाथ रावत को बनाया गया। पूर्व विधायक बेचन राम और जीत सिंह खरवार को आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
बाराबंकी के बैजनाथ रावत अनुसूचित जाति से हैं। भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले रावत तीन बार विधायक, एक बार सांसद और यूपी सरकार में बिजली राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी नियुक्ति को अनुसूचित जाति को पार्टी से जोड़ने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
वहीं पूर्व सांसद राजेश वर्मा को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। साथ ही बबीता चौहान को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को महिला आयोग में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वीआर चौधरी ने भारतीय वायु सेना की कमान नवनियुक्त प्रमुख अमर प्रीत सिंह को सौंपी
नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी सोमवार को सेवानिवृत हो गए। वीआर चौधरी ने भारतीय वायु सेना की कमान नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह को सौंपी। सोमवार को अपनी सेवानिवृत्ति से पहले उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दिवंगत वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद वीआर चौधरी को भारतीय वायुसेना के वायु योद्धाओं द्वारा विदाई सलामी दी गई। सलामी के रूप में उन्हे औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वीआर चौधरी को 29 दिसंबर 1982 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ था। उनके पास ऑपेरशन-मेघदूत और ऑपेरशन-सफेद सागर के दौरान संचालित मिशनों समेत विभिन्न प्रकार के लड़ाकू और ट्रेनर विमानों का चार हजार घंटों से अधिक का उड़ान अनुभव है।
वह नेशनल डिफेंस एकेडमी और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के पूर्व छात्र रह चुके हैं। भारतीय वायु सेना में अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने फ्रंटलाइन फाइटर बेस में एक फाइटर स्क्वाड्रन की कमान संभाली। वह वायु सेना प्रमुख बनने से पहले वायु सेना अकादमी में डिप्टी कमांडेंट, असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ ऑपरेशन्स (एयर डिफेंस) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (पर्सनेल ऑफिसर्स) रहे थे।
उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ और पूर्वी वायुसेना कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर की प्रतिष्ठित कमान भी संभाली थी। वह पश्चिमी वायुसेना कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ भी रह चुके थे।
नए वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह एक बेहतरीन फाइटर पायलट रहे हैं। वह योग्य उड़ान प्रशिक्षक और प्रायोगिक टेस्ट पायलट हैं। वायु सेना के नए प्रमुख, अमर प्रीत सिंह इंडियन एयर फोर्स में लगभग 40 वर्षों से बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। अपनी इस लंबी और शानदार सर्विस के दौरान, उन्होंने कई कमांड, स्टाफ और विदेशी नियुक्तियों के लिए अपनी अतुल्य सेवाएं दी हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक नए चीफ एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अलग-अलग तरह के फिक्स्ड और रोटरी विंग विमानों पर 5,000 घंटे से अधिक उड़ान भरी है।
प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों के लोगों को उनके स्थापना दिवस पर दी बधाई
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के स्थापना दिवस पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। पोस्ट की एक सीरीज में, मोदी ने इस अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों को उसके स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर पोस्ट किया, आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर, इस गतिशील राज्य के लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। अपनी असाधारण प्रतिभा, अटूट संकल्प और दृढ़ दृढ़ता के साथ, एपी के लोगों ने उत्कृष्टता के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है।
मैं उनकी निरंतर समृद्धि और सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं। मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कर्नाटक के लोगों को शुभकामनाएं दीं, इस कन्नड़ राज्योत्सव पर, हम कर्नाटक की भावना का जश्न मनाते हैं, जो प्राचीन नवाचार और आधुनिक उद्यम का उद्गम स्थल है। इसके लोग, गर्मजोशी और ज्ञान का मिश्रण, महानता की ओर राज्य की निरंतर यात्रा को बढ़ावा देते हैं। कर्नाटक का विकास, नवाचार और प्रेरणा जारी रहे। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के लोगों को भी उनके स्थापना दिवस पर बधाई दी।
अप्रैल में जीएसटी राजस्व 2.10 लाख करोड़ के पार
नई दिल्ली ,। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह चालू वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल 2024 में पहली बार रिकार्ड दो लाख करोड़ को पार करते हुये 210267 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो अप्रैल 2023 के 187035 करोड़ रुपये की तुलना में 12.4 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्रालय ने मासिक जीएसटी संग्रह के आंकड़े जारी किये जिसके अनुसार रिफंड के बाद अप्रैल 2024 में शुद्ध जीएसटी राजस्व संग्रह 1.92 लाख करोड़ रुपये रहा है जो अप्रैल 2023 के शुद्ध संग्रह से 17.1 प्रतिशत अधिक है। जीएसटी संग्रह में तेजी का रूख बना हुआ है और अप्रैल 2024 लगातार 11 वां ऐसा महीना है जिसमें जीएसटी संग्रह 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इस वर्ष में जीएसटी संग्रह 1.78 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है।
जीएसटी के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2024 में कुल जीएसटी संग्रह 210267 करोड़ रुपये रहा है। इसमें सीजीटी 43846 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 53538 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 99623 करोड़ रुपये है, जिसमें आयात पर संग्रहित 37826 करोड़ रुपये भी शामिल है। इसके साथ ही जीएसटी क्षतिपूर्ति कर के तौर पर 13260 करोड़ रुपये, जिसमें आयात पर संग्रहित 1008 करोड़ रुपये भी शामिल है।
सरकार ने नियमित निपटान के तहत आईजीएसटी में से सीजीएसटी में 50307 करोड़ रुपए और एसजीएसटी में 41600 करोड़ रुपये दिये है। इस तरह से कुल सीजएसटी 94,153 करोड़ रुपये और एसजीएसटी 95,138 करोड़ रुपये रहा है।