देश-विदेश
ठंड की चपेट उत्तर भारत, इन राज्यों में बर्फबारी के आसार
नई दिल्ली - पूरा उत्तर भारत ठंड की चपेट में है। ठंड की वजह से लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी और बिहार तक हर राज्य में ठंड काफी ज्यादा बढ़ गई है। दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो नए साल के साथ ही ठंड काफी ज्यादा बढ़ गई है। वहीं तेज हवाओं की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि तेज हवाओं की वजह से दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी में थोड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। मौसम विभान ने दिल्ली-एनसीआर के तापमान में और अधिक कमी आने की आशंका जताई है।
यूपी-बिहार में कड़ाके की ठंड
इसके अलावा यूपी में भी ठंड का मौसम बना रहेगा। यहां यूपी के अधिकांश जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को कौशांबी, प्रयागराज, वाराणसी, संतरविदासनगर, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। इसी तरह से बिहार में भी ठंड की वजह से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बिहार के कई जिलों में ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार
वहीं पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में भी ठंड से हाल बेहाल है। कोहरे की वजह से लोगों को दिन में भी कम विजिबिलिटी की सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड में 6 जनवरी को बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के इलाकों में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की आशंका जताई गई है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी बर्फ पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कई जगहों पर पाला पड़ने की आशंका जताई है, जिससे पहाड़ी इलाकों में फसलों को काफी नुकसान हो सकता है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश
वहीं केरल में बारिश का दौर शुरू हो गया है। यहां कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने केरल में अगले दो दिन तक भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा कर्नाटक में भी अच्छी बारिश देखने को मिल रही है। राज्य में अगले दो दिन बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसके अलावा पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार में अगले 2 दिन भारी बारिश होने की संभावना है।
असम और त्रिपुरा में तड़के भूकंप के तेज झटके
नई दिल्ली - भारत समेत पूरी दुनिया में बीते कुछ समय से भूकंप की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई देशों में आए भीषण भूकंपों के कारण भारी जनहानि हुई है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इसी कड़ी में सोमवार तड़के भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम और त्रिपुरा में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, सबसे पहले त्रिपुरा में भूकंप आया। सोमवार तड़के 3 बजकर 33 मिनट पर गोमती जिले में धरती हिली। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र धरती से करीब 54 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। हालांकि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।इसके बाद असम में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, असम के मोरीगांव में तड़के 4 बजकर 17 मिनट पर भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 5.1 रिकॉर्ड की गई। इस भूकंप का केंद्र धरती से लगभग 50 किलोमीटर की गहराई में था। झटकों के कारण लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए।विशेषज्ञों के अनुसार, धरती के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की आपसी हलचल और टकराव के कारण भूकंप आते हैं। ऊर्जा के अचानक बाहर निकलने से धरती हिलने लगती है, जिससे भूकंप की घटनाएं होती हैं।
डीएमके की सरकार पूरे भारत में सबसे भ्रष्ट', तमिलनाडु में गरजे अमित शाह
पुडुकोट्टई - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को डीएमके की अगुवाई वाली तमिलनाडु सरकार को पूरे भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया और विश्वास जताया कि इस वर्ष तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत होगी।
बीजेपी की एक विशाल रैली को यहां संबोधित करते हुए शाह ने 2024 से भाजपा-राजग की जीतों का ब्योरा दिया, जिसमें हरियाणा में लगातार तीसरी जीत भी शामिल है।
शाह ने कहा कि अब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की बारी है। सत्ताधारी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या राज्य ‘भ्रष्ट मंत्रियों की फौज’ के साथ प्रगति कर सकता है?
शाह ने तमिलनाडु में परिवारवाद पर निशाना साधा
शाह ने सत्ताधारी DMK सरकार और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर भी तीखा हमला बोला और उन पर लोगों की भलाई के बजाय राजनीतिक उत्तराधिकार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। शाह ने कहा, "तमिलनाडु में परिवारवाद को खत्म करने का समय आ गया है।
पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन, और अब उदयनिधि, मुख्यमंत्री बनने का यह सपना सच नहीं होगा।" उन्होंने आगे दावा किया कि तमिलनाडु सरकार का ध्यान राज्य के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों को सुलझाने के बजाय सिर्फ उदयनिधि स्टालिन को अगला मुख्यमंत्री बनाने पर है।
" उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार की महिलाओं की सुरक्षा और आम कानून-व्यवस्था की स्थिति की अनदेखी करने के लिए आलोचना की।
अमित शाह दो दिन के तमिलनाडु दौरे पर
अमित शाह रविवार को तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने उनका स्वागत किया।
पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक हवाई अड्डे पर जमा हुए और शाह के दौरे की शुरुआत पर अपना उत्साह दिखाया, जिसे राज्य में आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्तार, न्यूयॉर्क की अदालत में होगी पेशी
वाशिंगटन/नई दिल्ली - अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी ने शुक्रवार रात वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की, जिसके दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को कराकास स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। दोनों को अमेरिकी युद्धपोत के जरिए न्यूयॉर्क ले जाया गया।
सूत्रों के अनुसार, रविवार को निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के केंद्र में पेश किया गया। इस दौरान सामने आए एक वीडियो में मादुरो के हाथों में हथकड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दो DEA अधिकारी उन्हें पकड़कर अंदर ले जा रहे हैं। कथित तौर पर मादुरो ने अधिकारियों से “गुड नाइट” और “हैप्पी न्यू ईयर” कहा।
न्यूयॉर्क में अदालत में पेशी की तैयारी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को मैनहट्टन स्थित संघीय अदालत में पेश किया जाएगा। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को नशीली दवाओं की तस्करी और नार्को-आतंकवाद की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग पहले ही मादुरो की गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर चुका था।इस बीच वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश जारी किया है। अदालत की संवैधानिक पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति मादुरो की अनुपस्थिति में यह कदम प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि आगे इस मामले में कानूनी ढांचे पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी।
ट्रंप का बयान, कानूनी प्रक्रिया पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में हालात सामान्य होने तक अमेरिका वहां की सरकार का नियंत्रण अस्थायी रूप से संभालेगा। हालांकि, इस सैन्य कार्रवाई के लिए कानूनी अनुमति क्या थी और क्या अमेरिकी कांग्रेस से पहले सलाह ली गई थी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टता सामने नहीं आई है।
मादुरो की गिरफ्तारी पर जेलेंस्की का तीखा बयान, पुतिन पर साधा इशारा
किव/नई दिल्ली - वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिका द्वारा नाटकीय गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर परोक्ष संकेत किया है।
रूस ने अमेरिका से की मादुरो को रिहा करने की मांग
इस बीच रूस ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि निकोलस मादुरो वेनेजुएला के वैध रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति हैं और अमेरिका को उन्हें बिना शर्त रिहा करना चाहिए।
रूस ने यह भी कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच किसी भी तरह के विवाद का समाधान सैन्य या बल प्रयोग से नहीं, बल्कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए होना चाहिए।
न्यूयॉर्क में चलेगा मादुरो पर मुकदमा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी को वेनेजुएला की राजधानी कराकास से एक संयुक्त अभियान में हिरासत में लिया गया और अमेरिका लाया गया। दोनों पर न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिका ने मादुरो की हथकड़ियों में ‘पर्प वॉक’ का वीडियो भी सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, जो अपनी कठोर और अमानवीय परिस्थितियों को लेकर पहले भी विवादों में रहा है।
डेल्सी रोड्रिग्ज बनीं अंतरिम राष्ट्रपति, ट्रंप ने वेनेजुेएला को अमेरिकी नियंत्रण में लिया
न्यूयार्क - वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने देश को अस्थायी अमेरिकी नियंत्रण में लेने का ऐलान कर दिया है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद देश में सियासी संकट गहरा गया है। वेनेजुएला की अदालत ने 56 वर्षीय डेल्सी रोड्रिग्ज को देश का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है।पद संभालने से पहले, रोड्रिग्ज ने टेलीविजन पर लाइव संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सेना के 'मिडनाइट ऑपरेशन' की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि वेनेजुएला अपनी संप्रभुता और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। रोड्रिग्ज ने स्पष्ट किया कि मादुरो ही देश के एकमात्र वैध नेता हैं।दूसरी ओर, हिरासत में लिए गए निकोलस मादुरो को अमेरिका ले जाया जा चुका है। ताजा जानकारी के अनुसार, उन्हें न्यूयॉर्क की एक फेडरल जेल (मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर) में रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार को उन्हें पहली बार मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच, वॉशिंगटन से आ रहे बयानों ने दुनिया भर में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि अमेरिका अब सीधे तौर पर वेनेजुएला के प्रशासन में दखल दे रहा है।फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान किया। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला को फिलहाल 'अस्थायी अमेरिकी नियंत्रण' में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम तब तक वहां का शासन चलाएंगे जब तक एक सुरक्षित और समझदारी भरा बदलाव नहीं हो जाता।' ट्रंप ने तर्क दिया कि वे वेनेजुएला को किसी ऐसे हाथों में जाने का जोखिम नहीं उठा सकते जो वहां की जनता के हित में काम न करे।
IIT हैदराबाद के छात्र एडवर्ड नाथन वर्गीज को मिला 2.5 करोड़ रुपये का पैकेज
हैदराबाद - तेलंगाना में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद के छात्र एडवर्ड नाथन वर्गीज ने कड़ी रोजगार चुनौतियों के बीच सालाना 2.5 करोड़ रुपये का पैकेज पाकर रिकॉर्ड तोड़ दिया है।IIT हैदराबाद में कम्प्यूटर विज्ञान के छात्र वर्गीज को नीदरलैंड स्थित एक ट्रेडिंग फर्म से ढाई करोड़ रुपये के वार्षिक वेतन वाली नौकरी का प्रस्ताव मिला है।बताया जा रहा है कि यह पैकेज 2008 में संस्थान की स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा प्लेसमेंट पैकेज है।
21 वर्षीय वर्गीज को जॉब ऑफर 2 महीने की समर इंटर्नशिप को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) के तौर पर मिला है।वर्गीय जुलाई से ऑप्टिवर के नीदरलैंड कार्यालय में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शामिल होंगे।इंटर्नशिप के लिए चुने गए 2 IIT हैदराबाद के छात्रों में वे एकमात्र थे, जिन्हें PPO प्राप्त हुआ।ऑप्टिवर में इंटर्नशिप के दौरान, वर्गीस ने 2 सप्ताह के गहन प्रशिक्षण के बाद 6 सप्ताह की एक परियोजना पूरी की थी।हैदराबाद में जन्में वर्गीय अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में थे। यहां उन्होंने सातवीं से 12वीं तक पढ़ाई की है।IIT हैदराबाद में प्रवेश के पहले वर्ष से ही उन्होंने प्रतियोगी प्रोग्रामिंग पर ध्यान दिया और देश के शीर्ष 100 कोडर्स में जगह बनाई।कैंपस में उनका उल्लेखनीय कार्य रहा, जहां उन्होंने करियर सर्विसेज कार्यालय के समग्र प्रमुख के रूप में काम कर 8 छात्र प्रबंधकों की मुख्य टीम का प्रबंधन किया।इससे पहले, वे इंटर्नशिप सेल समन्वयक बने थे।टाइम्स ऑफ इंडिया को एक साक्षात्कार में वर्गीज ने बताया कि उन्होंने इसी पहली और एकमात्र कंपनी में प्लेसमेंट के लिए इंटरव्यू दिया था और चयन भी हो गया, जिसके लिए उन्होंने कोई खास तैयारी नहीं की थी।अब तक IIT हैदराबाद में किसी छात्र को दिया गया उच्चतम पैकेज लगभग 1 करोड़ रुपये था, जो 2017 में दर्ज किया गया था।इससे पहले 2024-25 में सबसे अधिक पैकेज 66 लाख रुपये और 2023-24 में पैकेज 90 लाख रुपये था।
प्रयागराज में माघ मेला-2026 का शुभारंभ, स्नान पर्व में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
प्रयागराज - प्रयागराज में शुक्रवार को माघ मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। संगम तट की ओर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर लोगों ने पुण्य लाभ अर्जित किया। पहले ही दिन मेले क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि तक चलेगा। इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व और धार्मिक आयोजन होंगे। पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं, जिनका असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दिया।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व बताई जा रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक एआई-इनेबल्ड सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिए हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से भी भीड़ और यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है। जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोरों को संगम और आसपास के घाटों पर तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एटीएस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र को कई सेक्टरों में बांटकर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा ने बताया कि माघ मेला 2026 के पहले बड़े स्नान पर्व को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, आज माघ मेला 2026 का पहला बड़ा स्नान पर्व है। इसे देखते हुए इलाके की निगरानी के लिए ड्रोन, एआई-इनेबल्ड कैमरे और एआई-आधारित सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हमारी ट्रैफिक और सुरक्षा टीमें जमीन पर मौजूद हैं ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहे।उन्होंने आगे बताया कि सभी पुलिस कर्मियों को एक महीने से अधिक समय तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। भीड़ प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी तमाम तरह की ट्रेनिंग पहले ही पूरी कर ली गई थी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हर जगह हमारी टीमें तैनात हैं और सभी श्रद्धालु सुगमता के साथ स्नान कर वापस जा रहे हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों से की भेंट
उदयपुर - रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को उदयपुर प्रवास के दौरान समोर बाग पहुंचे, जहाँ उन्होंने मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों से भेंट की। समोर बाग में रक्षा मंत्री की राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ व नाथद्वारा विधायक एवं मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ से मुलाकात हुई।
जेपी नड्डा ने भारतीय फार्माकोपिया के 10 वें संस्करण का किया विमोचन
नई दिल्ली - केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में भारतीय फार्माकोपिया 2026 (आईपी) 2026- भारत के औषधि मानकों की आधिकारिक पुस्तक के 10वें संस्करण का विमोचन किया। यह संस्करण दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को मजबूत करने के भारत के निरंतर प्रयासों की एक कड़ी है।
श्री नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय फार्माकोपिया देश में दवाओं के लिए आधिकारिक मानक पुस्तक और भारत के फार्मास्यूटिकल्स नियामक ढांचे का आधार है। उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया का 10वां संस्करण वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक सर्वोत्तम विधियों और फार्मास्युटिकल और विनियमन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया 2026 में 121 नए मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं, जिससे मोनोग्राफ की कुल संख्या बढ़कर 3,340 हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि तपेदिक रोधी, मधुमेह रोधी और कैंसर रोधी दवाओं के साथ-साथ आयरन सप्लीमेंट सहित प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों में कवरेज को काफी मजबूत किया गया है, जिससे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत उपयोग की जाने वाली दवाओं का व्यापक मानकीकरण सुनिश्चित होता है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने फार्माकोविजिलेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि 'हाल के वर्षों में, भारतीय फार्माकोपिया के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकृति मिली है क्योंकि यह भारत सरकार की स्वास्थ्य कूटनीति के अंतर्गत एक प्रमुख एजेंडा बन गया है।' उन्होंने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया को अब वैश्विक दक्षिण के 19 देशों में मान्यता प्राप्त है।
भारतीय जनसंचार संस्थान ने शुरू किया पीएच.डी. पाठ्यक्रम
नई दिल्ली - भारतीय जनसंचार संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) ने 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से अपने पीएच.डी. पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया, जो संस्थान की 60 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पीएच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु शोधार्थियों का चयन किया जाएगा।
पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू हो गई है और यह 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। यूजीसी-नेट योग्यता वाले उम्मीदवारों को सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। वहीं, यूजीसी-नेट के बिना आवेदन करने वाले अंशकालिक उम्मीदवारों को 15 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा देनी होगी। चयनित उम्मीदवारों की सूची 23 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी और साक्षात्कार 9 मार्च 2026 से शुरू होंगे। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और कोर्सवर्क की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी। पीएच.डी. प्रवेश पोर्टल के शुभारंभ पर बोलते हुए, आईआईएमसी की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि इस पीएच.डी. पाठ्यक्रम का उद्देश्य उभरते हुए भारत के लिए अनुसंधान में वास्तविक योगदान देना है। डॉ. पालीवाल गौड़ ने ऐसी अनुसंधान परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो लीक से हटकर हों और व्यापक स्तर पर समाज तथा राष्ट्र के लिए सहायक सिद्ध हों।
ठंड की चपेट में पूरा उत्तर भारत, दिल्ली-NCR में छाएगा घना कोहरा
नई दिल्ली - उत्तर भारत ठंड की चपेट में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई शहरों में आने वाले दिनों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके चलते मौसम विभाग ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार को ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जहां 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 रहा।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में कड़ाके की ठंड हो रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का मजा ले रहे हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
अलाव का सहारा ले रहे लोग
राजस्थान, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी शीतलहर का प्रकोप है। राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड से लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बिहार में पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कोहरे ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
4 जनवरी से 7 जनवरी के बीच शीत लहर का अलर्ट
मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 4 जनवरी से 7 जनवरी के बीच शहर के कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति बन सकती है। सुबह के समय दृश्यता कम रही है आने वाले दिनों में घना कोहरा के चलते दृश्यता और भी कम हो सकती है।
8.1 डिग्री सेल्सियस पहुंचा न्यूनतम तापमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस मौसम के औसत से 1.2 डिग्री अधिक है।
सबसे ठंडा रहा दिल्ली का पालम एरिया
अधिकतम तापमान के स्टेशनवार आंकड़ों से पता चला कि पालम में 15.8 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 17.6 डिग्री सेल्सियस, रिज में 16.3 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 17.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इस बीच, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस, पालम में 7.9 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 8 डिग्री सेल्सियस, रिज में 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आयानगर में तापमान सबसे कम 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
‘खराब’ श्रेणी में दिल्ली की हवा
आईएमडी के अनुसार, घने कोहरे के चलते सफदरजंग में करीब नौ बजे दृश्यता घटकर 800 मीटर रह गई, जो बाद में बढ़कर 1,200 मीटर हो गई। इस बीच, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के 14 निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई ‘खराब’, 17 पर ‘बहुत खराब’ और छह पर ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 340 के साथ सबसे खराब दर्ज किया गया।
10 किलो चरस के साथ नेपाली नागरिक गिरफ्तार
नई दिल्ली - दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान महेश (46) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से 10.97 किलोग्राम हाई-ग्रेड चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महेश लंबे समय से नेपाल से दिल्ली तक अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और वितरण में शामिल था। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और इसका नेटवर्क नेपाल से शुरू होकर भारत के कई राज्यों तक फैला हुआ था।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर महेश को दिल्ली में गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में चरस बरामद हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूरे नेटवर्क की तलाश जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि बरामद की गई चरस किसी बड़ी खेप का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।
वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम
इंदौर, 04 जनवरी 2026: वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”
घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।
विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।
भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।
यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।
वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”
नशे में मंदिर के शिखर पर चढ़कर शराब मांगने लगा शख्स, पुलिस को 3 घंटे तक करनी पड़ी मशक्कत
आंध्र प्रदेश । तिरुपति शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां शहर में स्थित प्रसिद्ध श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में एक युवक गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि मंदिर बंद होने के कुछ ही देर में युवक मंदिर के अंदर घुस गया और वो शराब के नशे में था। TTD के विजिलेंस विभाग के लोगों को इसकी भनक लगती तब तक यह व्यक्ति मुख्य गोपुरम के शिखर पर चढ़ गया। यहां चढ़कर वह शिखर पर लगे कलश को निकालने की कोशिश करने लगा।
दीवार फांदकर अंदर घुसा शख्स
विजिलेंस वालों को पता चलने से पहले ही वह मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुस गया, आरोपी की पहचान कुट्टाडी तिरुपति के तौर पर हुई, जो कुर्मा वाडा, पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी, निजामाबाद (तेलंगाना) का रहने वाला है। तिरुपति ईस्ट पुलिस और फायर डिपार्टमेंट के लोगों को युवक को मंदिर के गोपुरम से नीचे उतारने के लिए तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब पुलिसकर्मी लोहे की सीढ़ियों की मदद से शिखर तक पहुंचे तो समझाईश के दौरान युवक ने शर्त रख दी कि शराब की क्वाटर बोतल मिलेगी तभी वो नीचे उतरेगा। पुलिसकर्मी ने नीचे उतरने पर शराब पिलाने का झांसा देकर उसे नीचे उतारा और फिर गिरफ्तार कर लिया।
तिरुपति ईस्ट के डीएसपी एम. भक्तवत्सलम नायडू ने बताया कि तिरुपति के श्री गोविन्दराजस्वामी मंदिर में शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति ने हंगामा खड़ा कर दिया। वह व्यक्ति सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर मंदिर परिसर में घुस गया। जैसे ही उसने मंदिर की दीवार पर चढ़ने की कोशिश की, सतर्कता दल ने उसे तुरंत देख लिया। मंदिर के अंदर उसने गोपुरम (मंदिर का शिखर) पर चढ़कर कलशों तक पहुंचने की कोशिश भी की। उस व्यक्ति की पहचान कुट्टाडी तिरुपति (45) के रूप में हुई, जो तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कुर्मावाड़ा स्थित पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी का निवासी है। उस व्यक्ति ने एक क्वार्टर शराब की मांग की और कहा कि वह उसे मिलने के बाद ही नीचे उतरेगा। उसकी मांग मान लेने के बाद उसे नीचे उतारा गया और तिरुपति पूर्व पुलिस स्टेशन ले जाया गया। आगे की जांच जारी है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे वृंदावन, संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा
वृंदावन। आरएसएस के तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत वृंदावन पहुंच गए हैं। मोहन भागवत यहां सात दिनों तक वृंदावन में रहेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित लगभग 40 केंद्रीय पदाधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां छोटी बैठकों का दौरा कल से शुरू होगा, जबकि मुख्य बैठक 6 जनवरी से 8 जनवरी तक चलेगी।
RSS की होनी है बैठक
दरअसल, RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक वृंदावन के केशव धाम में प्रारंभ हो रही है। यह बैठक 6 जनवरी से 8 जनवरी तक चलेगी। इस बैठक से पहले टोली बैठकों का दौर सोमवार से शुरू हो जाएगा। बता दें कि हर साल जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक होती है। इसमें जिन संगठनों पर विशेष चर्चा की जानी होती है उन संगठनों के प्रतिनिधियों को इस बैठक में बुलाया जाता है।
संघ के प्रमुख पदाधिकारी होंगे शामिल
इस बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित संघ के लगभग 40 प्रमुख पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। मोहन भागवत के अलावा, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होशबाले, 6 सह सरकार्यवाह सहित लगभग 40 केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
संघ से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के ऊपर अत्याचार, सहकार क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र के संबंध में भी चर्चा की जाएगी। बंगाल के चुनाव के संबंध में भी चर्चा होने की संभावना बताई जा रही है।
सुदामा कुटी आश्रम जाएंगे मोहन भागवत
9 जनवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत चंद्रोदय मंदिर जाएंगे। वहां पर वह ठाकुर जी के दर्शन, गौशाला और रसोई देखने के बाद पदाधिकारी से चर्चा भी करेंगे। इसके बाद नाभापीठ सुदामा कुटी का शताब्दी समारोह भी 10 जनवरी से 21 जनवरी तक आयोजित किया गया है।
10 जनवरी को संघ प्रमुख मोहन भागवत सुदामा कुटी आश्रम में इसके उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की भी संभावना है।
अवैध खदान में विस्फोट: कई मजदूर फंसे, बचाव कार्य जारी..
ढेंकनाल। ओडिशा के ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाका हुआ है, जिसके चलते खदान में कई मजदूर फंस गए हैं। हादसे में कई मजदूरों के मारे जाने की आशंका है। मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। सूत्रों के अनुसार, ढेंकनाल के गोपालपुर में अवैध पत्थर खदान में यह धमाका हुआ। हादसे में कई मजदूरों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि अभी तक सरकारी अधिकारियों की तरफ से इसे लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
खदान में फंसे मजदूरों की कोशिश जारी
हादसा शनिवार देर रात का है। जैसे ही घटना के बारे में जानकारी हुई, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर वहां लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। अभी राहत और बचाव अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि खदान में कितने मजदूर फंसे हैं और उनकी क्या स्थिति है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि खदान में विस्फोट करने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी और अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। स्थानीय अग्निशमन दल, ओडिशा आपदा प्रबंधन दल की टीमों के साथ ही डॉग स्कवायड और विभिन्न उपकरणों के साथ बचाव दल खदान में फंसे मजदूरों को निकालने में जुटा है। ढेंकनाल के जिलाधिकारी और एसपी भी मौके पर मौजूद हैं।
नवीन पटनायक ने की जांच की मांग
विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाके के चलते मजदूरों के फंसने से दुखी हूं। पता चला है कि हादसे में मजदूरों की मौत हुई है। इस दुख की घड़ी में मैं पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और हादसे में मारे गए लोगों के आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।' नवीन पटनायक ने हादसे की जांच कराने की मांग की। साथ ही सरकार से मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने भी मांग की।