छत्तीसगढ़ / बालोद
कलेक्टर ने ग्राम कोसमी केला उत्पादन के कार्य का किया अवलोकन
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कोसमी के केला उत्पादक कृषक पन्नालाल जैन के खेत में पहुँचकर केला उत्पादन के कार्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं केला उत्पादक कृषक पन्नालाल जैन से उनके खेत में केला एवं अन्य फसलों के उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।
किसान पन्नालाल जैन ने बताया कि उनके द्वारा कुल 50 एकड़ भूमि पर उद्यानिकी फसलों के उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 35 एकड़ भूमि में केला का उत्पादन एवं 05 एकड़ भूमि में खीरा उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कुल 10 एकड़ भूमि पर केले के नए प्लांटेशन करने की भी जानकारी दी।
मौके पर उपस्थित उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत केला उत्पादन कार्य हेतु केला फसल के रखरखाव के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सब्सिडी 02 साल के लिए प्रदान करने की जानकारी दी। इस दौरान चन्द्रवाल ने फसलों में आॅटोमेटिक दवाई छिड़काव हेतु किसान पन्नालाल जैन के खेत में लगाए गए आॅटोमेशन फर्टी किट का भी अवलोकन किया। चन्द्रवाल ने किसान एवं अधिकारियों से केले की बिक्री की व्यवस्था के संबंध मंे जानकारी ली। इस दौरान एसडीएम शिवनाथ बघेल, तहसीलदार गोविंद सिन्हा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने दुधली में किया फसल गिरदावरी के कार्य का निरीक्षण
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दुधली के 03 किसानों के खेतों में पहुँचकर फसल गिरदावरी के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों एवं किसानों से फसल गिरदावरी के कार्य के प्रगति के संबंध में जानकारी ली तथा उन्होंने इस कार्य को विशेष सावधानी एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर चन्द्रवाल ने विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के समीपस्थ ग्राम बटेरा में पहुँचकर कल्याण आदिवासी महिला स्वसहायता समूह द्वारा किए जा रहे बेर के अचार निर्माण कार्य का अवलोकन किया।
उन्होंने स्वसहायता समूह के द्वारा स्वादिष्ट अचार निर्माण कार्य की सराहना करते हुए अचार की समुचित बिक्री एवं इसका उचित दाम दिलाने आदि के संबंध में मदद उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया। इस दौरान कलेक्टर चन्द्रवाल ने ग्राम बटेरा में बेर अचार का उत्पादन करने वाले कल्याण महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती विजयलक्ष्मी के घर में पहुँचकर बेर अचार के अवलोकन के साथ-साथ इसके निर्माण के संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली।
महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी धुव्र ने कलेक्टर चन्द्रवाल को अचार निर्माण के पूर्व बेर की समुचित साफ-सफाई, पैकेजिंग तथा इसकी बिक्री आदि प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्राम बटेरा में निर्मित स्वादिष्ट बेर अचार को प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली में भेजे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा निर्मित इस बेर अचार को आसपास के गांवों के अलावा बालोद बाजार तथा मांग के अनुसार धमतरी, भिलाई, दुर्ग-राजनांदगांव आदि शहरों में भी इनकी बिक्री की जाती है।
चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रोशनी भगत एवं अन्य अधिकारियों को बेर अचार के उत्पादन कार्य में लगे महिलाओं को जरूरी मदद उपलब्ध कराने तथा इनके उत्पादों की समुचित बिक्री एवं उचित मूल्य दिलाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती भगत ने बताया कि बेर अचार के निर्माण कार्य में लगे इस महिला स्वसहायता समूह को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत 01 लाख 70 हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। इसके अलावा इस कार्य के लिए 01 लाख 50 हजार रुपये का बैंक लिंकेज तथा 10-10 हजार रुपये की मुख्यमंत्री एवं विधायक निधि प्रोत्साहन राशि एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है। इस दौरान एसडीएम शिवनाथ बघेल, तहसीलदार गोविंद सिन्हा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
हितग्राही उद्यमों की स्थापना एवं उन्नयन हेतु ले सकेंगे सब्सिडीयुक्त ऋण
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना
बालोद। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत हितग्राही सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना या उनके विस्तार हेतु 35 प्रतिशत सब्सिडीयुक्त ऋण बैकों के माध्यम से प्रदान किये जाते हैं। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना अंतर्गत सेव, मिक्चर, मिठाई, बेकरी, आचार, पापड़, बड़ी आदि के उत्पादक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का विस्तार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक उद्यमी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बालोद में संपर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पटाखा दुकानों में आग से बचाव के उपाय सुनिश्चित नही करने पर की जाएगी कार्यवाही
आग से बचाव हेतु जारी की गई एडवाइजरी
बालोद। बालोद जिले में संचालित सभी स्थायी, अस्थायी पटाखा दुकानों में आग से बचाव के उपाय सुनिश्चित नही करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, अधिनियम 2018 व छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत् कार्रवाई की जाएगी। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना ने बताया कि अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा पटाखा दुकानों में आग से बचाव के संबंध में एडवाइजरी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत पटाखा दुकान किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे-कपड़ा, बांस, रस्सी, टेंट इत्यादि का न होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। पटाखा दुकान एक दूसरे से कम से कम 3 मीटर की दूरी पर एवं एक दूसरे के सामने न बनाई जानी चाहिए। पटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल लैंप, गैस लैंप एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित किया जाना अनिवार्य है। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होनी चाहिए। विद्युत तारों में ज्वाइन्ट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिए, जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बंद हो जाए। पटाखा दुकानें ट्रांसफार्मर के पास न हो और उसके ऊपर से हाई टेंशन पावर लाईन न गुजरती हो। प्रत्येक पटाखा दुकान में 05 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना चाहिए जिसकी मारक क्षमता 06 फीट की होती है। पटाखा दुकानों के सामने कुछ अंतराल में 200 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाईक, कार की पार्किंग प्रतिबंधित होना चाहिए। अग्निशमन वाहन एवं एम्बुलेंस का फोन नंबर दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मूवमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
आगामी दीपावली पर्व में अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानी हेतु एडवाइजरी जारी
बालोद। जिले में आगामी दीपावली पर्व के दौरान अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानी हेतु अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएँ तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा एडवाइजरी जारी किया गया है। जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना ने बताया कि इस दौरान लायसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें। यह सुनिश्चित करें कि गुणवत्ता वाले पटाखे खरीदें जो दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए अनुमोदित हो। इमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क, बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाल्टी निकट रखें। आग से संबंधित चोट के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें क्योंकि सिथेंटिक कपडे आसानी से आग पकड़ सकते हंै। पटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे हैं। पटाखे फोड़ने के बाद इस्तेमाल किए गए पटाखों का पानी की बाल्टी में सुरक्षित तरीके से निपटान करें ताकि किसी बची हुई चिंगारी से अग्नि दुर्घटना न हो। एक बार में एक ही पटाखे जलाएं एवं आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई पटाखे जलाने से बचे। पटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी रखें। पटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें जिससे उसकी चिंगारी घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़े। उन्होंने बताया कि इस दौरान घर के अंदर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी पटाखे न जलाए। पटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखों का उपयोग न करें, पटाखों को सुखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर या वाहनों जैसी वस्तुओं से दूर रखें। यदि कोई पटाखा जलने में विफल रहता है तो उसे पुनः जलाने का प्रयास न करें, अपितु कुछ देर प्रतीक्षा करने के उपरांत उसका सुरक्षित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में न जलाए जाएं जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दियों या मोमबत्तियों को जलते हुए उपेक्षित न छोड़े, विशेष रूप से पर्दा या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह की चोट लगने या जलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें तथा उचित मार्ग दर्शन के बिना घरेलू उपचार न करें।
पीएमश्री शालाओं का जिला स्तरीय एक दिवसीय समर कैंप
बालोद। पीएमश्री शालाओं का जिला स्तरीय एक दिवसीय समर कैम्प का आयोजन 23 अक्टूबर को तांदुला पुल के समीप बालाजी रिसोर्ट में किया जाएगा। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा जिला बालोद ने बताया कि जिला स्तरीय एक दिवसीय समर कैम्प में जिले के 08 पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शालाओं के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न विधाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक नृत्य, एकल नृत्य, प्रहसन की प्रस्तुति देंगे। इसके अतिरिक्त रंगोली, चित्रकला, फूगडी, मूर्तिकला, मेंहदी, वाद-विवाद, क्विज प्रतियोगिता, प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।
जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न
बालोद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन कार्यक्रम, टी.बी., एन.सी.डी., एन.वी.बी.डी.सी.पी., अधत्व निवारण कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ट उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम. के. सूर्यवंशी, एन.टी.ई.पी., एन.सी. डी. आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव ग्लैड, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एन.एच.एम. अखिलेश शर्मा एवं विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखण्ड डाटा प्रबंधक एवं सेक्टर उपस्थित थे।
बैठक में गर्भवती पंजीयन प्रथम तिमाही में किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने, सेक्टर बैठक में लक्ष्य दम्पत्तिवार समीक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रगति तथा उक्त कार्यक्रमों की समयावधि में मासिक रिपोर्ट की प्रविष्टि कराये जाने, उच्च जोखिम वाले गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं फॉलोअप, सभी गर्भवती महिलाओं का 4 जाँच अनिवार्य रूप से पूर्ण कराये जाने एवं जाँच हेतु छुटे गर्भवती महिलाओं की पहचान कर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, एनीमिक गर्भवती महिलाओं का विशेष देखभाल एवं खान-पान में सुधार कराने, संस्थागत प्रसव में वृध्दि करने, पोषण पुनर्वास केन्द्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सिकल सेल एनीमिया का नवम्बर के प्रथम सप्ताह तक शतप्रतिशत जाँच, शेष हितग्राहियों का आयुष्मान भारत कार्ड का बनाये जाने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित 10 सेक्टर चिकित्सकों तथा सेक्टर प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस दिये जाने, संस्थागत प्रसव हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 05 व 05 से कम तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रो में समुचित संसाधन उपरान्त शून्य प्रसव वाले संस्था प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने, फील्ड स्तर के स्टॉफ के मुख्यालय में निवास का औचक निरीक्षण एवं आगामी समय में मैदानी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ बैठक किये जाने के सख्त निर्देश दिये गये।
कौशल पखवाड़ा का हो रहा आयोजन
बालोद । जिले में केन्द्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत् प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण स्तर के युवाओं तक कौशल प्रशिक्षण की पहुँच बनाने के उद्देश्य से 14 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक कौशल पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कौशल प्रशिक्षण हेतु 14 से 45 वर्ष के युवाओं को काउंसलिंग कर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सम्मिलित कराकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम कन्नेवाड़ा में ‘‘कौशल पखवाड़ा‘‘ का आयोजन किया गया। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक ने बताया कि 23 अक्टूबर को जनपद पंचायत डौण्डी में सुबह 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक, 24 अक्टूबर को सामुदायिक भवन देवरी में सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक तथा सामुदायिक भवन अर्जुंदा मंे दोपहर 01 बजे से 03 बजे तक एवं 25 अक्टूबर को जनपद पंचायत सभागार गुण्डरदेही में सुबह 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक, 28 अक्टूबर को जनपद पंचायत बालोद में सुबह 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक और 29 अक्टूबर को अरमरीकला पंचायत भवन में सुबह 01 बजे से दोपहर 03 बजे तक युवाओं का काउंसलिंग कर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उन्हें रोजगार व स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कलेक्टर ने किया आंगनबाड़ी केन्द्र सोरर का निरीक्षण
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल आज गुरूर विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र सोरर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होेंने मौके पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं विभाग के अधिकारियों से आंगनबाड़ी केन्द्र में कुल कुपोषित बच्चों की संख्या के संबंध में जानकारी ली।
उन्होेंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं विभाग के अधिकारियों को कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं नाश्ता प्रदान करने के अलावा आवश्यकता अनुसार इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराकर उन्हें कुपोषण मुक्त बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चन्द्रवाल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं विभाग के अधिकारियों तथा बच्चों के माताओं को कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर चन्द्रवाल ने आंगनबाड़ी केन्द्र के नन्हें-मुन्हें बच्चों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। कलेक्टर के मधुर एवं आत्मीय व्यवहार से बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। इस दौरान कलेक्टर चन्द्रवाल ने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को स्वादिष्ट चिक्की भी भेंट किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य ललिता पिमन साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन, तहसीलदार हनुमंत श्याम सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
बालिकाओं के बेहतर भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना अत्यंत लाभकारी: कलेक्टर
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि बालिकाओं के 21 वर्ष की आयु पूरा होने के उपरान्त उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए सुकन्या समृद्धि योजना अत्यंत लाभकारी योजना है। चन्द्रवाल आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कार्यालय सोरर में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिकाओं के खाता खोलने के जिला स्तरीय अभियान के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना को बालिकाओं के लिए हर दृष्टि से लाभकारी एवं अत्यंत महत्वाकांक्षी बताते हुए जिले व ग्राम पंचायत सोरर के सभी बालिकाओं का शत प्रतिशत खाता खुलवाने की अपील भी की। उल्लेखनीय है कि सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत मात्र 250 रुपये में बालिकाओं की खाता खुलवाने के साथ ही न्यूनतम 50 रुपये के गुणांकों में 01 वर्ष में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की राशि जमा की जा सकती है।
इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने वाले हितग्राहियों को बचत खाता से लगभग दुगुना ब्याज प्रदान करने के अलावा हितग्राहियों को आयकर में भी छुट प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य ललिता पिमन साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन एवं परियोजना अधिकारी के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर चन्द्रवाल ने उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को सुकन्या समृद्धि योजना के महत्व के संबंध मंे विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत बालिकाओं के खाते में प्रतिमाह जमा की गई न्यूनतम राशि से भी बालिकाओं के 21 वर्ष की आयु पूरा करने तक उनके खाते में अच्छी खासी राशि जमा हो जाएगी। जो उनके पढ़ाई-लिखाई, शादी-ब्याह एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर चन्द्रवाल ने ग्राम पंचायत सोरर में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिकाओं के खाता खुलवाने हेतु बड़ी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। चन्द्रवाल ने ग्रामीणों एवं महिलाओं को सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत सभी बालिकाओं को लाभान्वित कराने के साथ-साथ समाज को कुपोषण मुक्त बनाने हेतु भी अपनी अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने एक स्वस्थ एवं विकसित समाज के निर्माण हेतु कुपोषण को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए इससे निजात पाने हेतु समाज के सभी वर्गों की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा कुपोषण को दूर करने हेतु सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा कुपोषित बच्चों को ’रेडी टू इट’ पौष्टिक भोजन, नाश्ता इत्यादि प्रदान की जा रही है। चन्द्रवाल ने सभी गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को इसका लाभ उठाने को कहा। जिला पंचायत सदस्य ललिता पिमन साहू ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रारंभ की गई महत्वकांक्षी सुकन्या समृद्धि योजना की भूरी-भूरी सराहना की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बेटियों की सुरक्षा तथा उनके हितों के रक्षा एवं उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। साहू ने कहा कि हमारी सरकार ने हमारी सरकार ने बेटा एवं बेटियों में भेदभाव किए बिना सुकन्या समृद्धि योजना जैसे अत्यंत लाभकारी योजना प्रारंभ की गई है। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों एवं बालिकाओं के माता-पिता से इस योजना के तहत सभी बालिकाओं का खाता खुलवाकर महिला सशक्तिकरण के पूनीत कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं महिलाओं को सुकन्या समृद्धि योजना के महत्व एवं विशेषताओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हम सभी की प्रयास होनी चाहिए कोई भी बालिका इस योजना अंतर्गत खाता खुलवाने से वंचित न हो पाए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, बेहतर खान-पान एवं इलाज आदि कार्यों के लिए करने की अपील भी की। कार्यक्रम में तहसीलदार हनुमंत श्याम, नायब तहसीलदार रमेश मण्डावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र भूलनडबरी में पहुँचकर सुपोषण चौपाल का किया निरीक्षण
कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे कार्यों का लिया जायजा
बालोद। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल गुरूर विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र भूलनडबरी में पहुँचकर 01 से 30 सितम्बर तक आयोजित राष्ट्रीय पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र में आयोजित सुपोषण चौपाल एवं वजन त्यौहार के विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों का वजन जाँच कराकर तथा पोषण ट्रेक एप्प में एण्ट्री के कार्य का अवलोकन के अलावा बच्चे, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को प्रदान की जाने वाली रेडी टू इट आदि पौष्टिक खाद्य पदार्थों का जाँचकर कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे उपायों का जायजा लिया। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों से आंगनबाड़ी केन्द्र में कुल कुपोषित बच्चों की संख्या तथा उनकी स्थिति में सुधार हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने कुपोषण मुक्ति अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के अलावा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को प्रदान की जाने वाली पौष्टिक खाद्य पदार्थों के संबंध में भी जानकारी ली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि इसके अंतर्गत 01 से 03 वर्ष के तक के बच्चों के अलावा गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को नियमित रूप से गर्म भोजन प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं नाश्ते के अलावा दुध, केला इत्यादि भी प्रदान किया जा रहा है।
इस मौके पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया। इसी तरह उन्होंने गर्भवती माताओं को पौष्टिक भोजन की थाल भेंटकर उनकी गोद भराई रस्म को पूरा किया। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित मितानिनों को गर्भवती माताओं का नियमित रूप से देखरेख करने के अलावा उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयरन आदि की गोली प्रदान करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र में उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर एसडीएम प्राची ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन, तहसीलदार हनुमंत श्याम, परियोजना अधिकारी श्री मण्डावी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।
जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों के समस्याओं का किया गया मौके पर निराकरण
शिविर में कुल 250 आवेदनों का मौके पर निराकृत
बालोद। गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनेली में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर अंचल के ग्रामीणों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत ग्रामीणों के अनेक समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। इस अवसर पर जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 388 आवेदनों में से कुल 250 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान विधायक संगीता सिन्हा, कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, प्राची ठाकुर ने शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅल का निरीक्षण कर आम जनता से कुल प्राप्त आवेदन तथा उनके निराकरण हेतु की जा रही कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। इस अवसर पर विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने शिविर में अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम जनता के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शिविर में विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं अन्य अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को नया राशनकार्ड प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में 02-02 दिव्यांगों को ट्रायसायकल एवं छड़ी तथा 02 श्रवणबाधित महिलाओं को श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर विधायक, कलेक्टर एवं अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया गया एवं गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भी प्रदान किया गया। जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में जिला पंचायत सदस्य ललिता पीमन साहू, जनपद उपाध्यक्ष तोषण लाल साहू, तहसीलदार हनुमंत श्याम, ग्राम पंचायत धनेली के सरपंच गोविंद राम गजपाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा जिला स्तरीय अधिकारी के अलावा मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए विधायक संगीता सिन्हा ने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर के महत्व एवं उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। श्रीमती सिन्हा ने ग्रामीणों को जनसमस्या निवारण शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने शिविर में उपस्थित अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण हेतु समुचित कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने शिविर में उपस्थित लोगों को जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से जिला प्रशासन के आला अधिकारी आम जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि शिविर में संबंधित विभाग के द्वारा त्वरित निराकरण होने योग्य आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया जाता है। इसके साथ ही बजट एवं शासन स्तर से संबंधित प्रकरणों को शासन को प्रेषित किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों की भाँति आज गुरूर विकासखण्ड के अंतर्गत आपके ग्राम धनेली में भी जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने धनेली एवं आसपास के ग्रामीणों को शिविर में उपस्थित होकर अपने मांगों एवं समस्याओं की जानकारी शासन के आला अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को धान के बदले अन्य फसल लगाने एवं एक सशक्त देश एवं समाज के निर्माण के लिए बच्चों एवं उनके माताओं को कुपोषण मुक्त बनाने हेतु चलाए जा रहे कुपोषण मुक्ति अभियान में समाज के सभी वर्गांे के लोगों को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनेली के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना भी की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने कहा कि प्रशासन के आला अधिकारियों के ग्रामीणों के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं का मौके पर निराकरण सुनिश्चित करने हेतु जिले प्रत्येक विकासखण्डों में नियमित रूप से जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिससे की आम जनता को अपने छोटे-मोटे कार्यों के लिए जिला स्तरीय कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। इस अवसर पर उन्होेंने प्रधानमंत्री आवास योजना के नवीन प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता ही सेवा अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की। इस अवसर पर एसडीएम प्राची ठाकुर ने भी विचार व्यक्त करते हुए जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।
शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने विभाग को प्राप्त कुल एवं निराकृत आवेदनों की संख्या तथा लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु किए जा रहे कार्यवाही के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग को प्राप्त 25 आवेदनों में से सभी 25 आवेदन, जनपद पंचायत गुरूर को प्राप्त 259 आवेदन में से 196, कृषि विभाग को प्राप्त 09 आवेदन में से 09, खाद्य विभाग को प्राप्त 04 आवेदनों में से 04 आवेदन, श्रम विभाग को प्राप्त 06 आवेदनों में से 05 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इसी तरह शिविर में तहसील कार्यालय गुरूर को 50, विद्युत विभाग को 18, महिला बाल विकास विभाग को 05, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को 05 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज शिविर में निराकरण हेतु शेष रह गए आवेदनों के समुचित निराकरण हेतु उचित कार्रवाई की जा रही है।
जिले के मंदिरो में चोरी के मामले में बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता
बालोद : जनदर्शन में संयुक्त कलेक्टर श्री लकरा ने सुनी आम लोगों की समस्याएं
छन्नूलाल एवं सिंधुराम को मिला श्रवण यंत्र
बालोद, 20 फरवरी 2024
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देश पर आज जनदर्शन मंे पहुँचे दो श्रवणबाधित व्यक्तियों को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के द्वारा श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि आज अपने कानों में कम आवाज सुनाई देने की समस्या को लेकर जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम गारका निवासी श्री छन्नूलाल एवं गुरूर विकासखण्ड के ग्राम बोरतरा निवासी श्री सिन्धुराम ने श्रवण यंत्र की मांग करने कलेक्टर जनदर्शन में पहुँचे थे। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल के निर्देशानुसार समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के द्वारा उन्हें तत्काल श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। जिला प्रशासन के त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप श्रवण यंत्र मिलने से दोनों श्रवणबाधित बहुत प्रसन्नचित आ रहे थे। उन्होंने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित होने वाली कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम की भूरी-भूरी सराहना करते हुए अपने जैसे अनेक लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
जनदर्शन में आज बालोद विकासखण्ड के ग्राम सिवनी निवासी श्री दिनदयाल ने ऋण-पुस्तिका का दुरूस्तीकरण, ग्राम अर्जुंदा निवासी न्यायिक दास निषाद ने अपने घर मंे बिजली मीटर लगाने, ग्राम भालूकोन्हा निवासी श्री कोमल सिंह ने पशु शेड निर्माण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। इसी तरह श्री कचरू साहू ने शासकीय भूमि एवं अपने ग्राम के परपंरागत रास्ते को ड्रोन से सर्वे कराकर भूमि चिन्हाकित करने की मांग की। ग्राम पलारी निवासी कुमारी दामिनी ने असंगठित कर्मकार के स्थान पर संगठित कर्मकार कार्ड बनाने का आवेदन प्रस्तुत किया। इसी तरह श्री चुरामन लाल ने राशनकार्ड बनाने, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम खपरी निवासी केवल सिंह ने बालोद में वन औषधि बोर्ड खोलने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में आम नागरिक अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिला कार्यालय पहुँचे थे। संयुक्त कलेक्टर श्री लकरा ने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली।
आचार संहिता का पालन कराने बालोद पुलिस ने किया शहर में फ्लैग मार्च
आचार संहिता का पालन कराने शहर के जय स्तंभ चौक में बालोद थाना एवं यातायात द्वारा संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग कर 45 वाहनों पर 16400 रू. की कार्यवाही किया गया।
कलेक्टर ने सुदूर वनांचल के ग्राम कुमुड़कट्टा के ग्रामीणों को आगामी लोकसभा आम निर्वाचन में शत प्रतिशत मतदान करने की अपील की
लोकसभा आम निर्वाचन 2024 : जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने स्वीप कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु बनाई गई कार्य योजना
जिला पंचायत सीईओ ने जिला स्तरीय स्वीप कोर कमेटी की ली बैठक