छत्तीसगढ़ / बालोद
नक्शा एवं खसरा के संबंध में आपत्ति होने पर प्रकाशन तिथि के 15 दिवस के भीतर दावा आपत्ति
बालोद, । जिले के गुरूर तहसील के वन ग्राम से राजस्व ग्राम घोषित करने हेतु गुरूर तहसील के ग्राम बोरिदकला के आश्रित ग्राम आमापानी, बालोद गहन के आश्रित ग्राम जगतरा एवं ग्राम कर्रेझर के आश्रित ग्राम नगबेलडीह के लिए कार्य एजेंसी आईआईटी रूड़की द्वारा अंतिम प्रकाशन हेतु तहसील गुरूर के अंतर्गत संबंधित तीनों ग्रामों को नक्शा सीट उपलब्ध कराया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्य एजेंसी आईआईटी रूड़की द्वारा उलपब्ध कराए गए जिले के गुरूर विकासखण्ड के इन तीनों ग्रामों के नक्शा सीट के अंतिम प्रकाशन के संबंध में उद्घोषणा जारी किया गया है। ज्ञातव्य हो कि कार्य एजेंसी आईआईटी रूड़की द्वारा गुरूर तहसील के राजस्व निरीक्षक मण्डल मिर्रीटोला के अंतर्गत ग्राम बोरिदकला के आश्रित ग्राम आमापानी पटवारी हल्का नंबर 27 एवं ग्राम बालोद गहन के आश्रित ग्राम जगतरा पटवारी हल्का नंबर 29 तथा ग्राम कर्रेझर के आश्रित ग्राम नगबेलडी पटवारी हल्का नंबर 37 के अंतिम प्रकाशन हेतु नक्शा सीट उपलब्ध कराया गया है। इसके अंतर्गत कार्य एजेंसी आईआईटी रूड़की के द्वारा इन सभी तीनों ग्रामों के लिए 01-01 नक्शा सीट उलपब्ध कराया गया है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि संबंधित नक्शा सीट का भौतिक सत्यापन राजस्व सर्वेक्षण दल द्वारा पूर्ण करने के उपरांत नक्शा व खसरा तैयार किया गया है। हल्का पटवारियों के द्वारा तैयार राजस्व अभिलेख खसरा व नक्शा भूधारकों के अवलोकन हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों में कार्यलयीन अवधि में उपलब्ध रहेगा। संबंधित ग्रामों को उपलब्ध कराए गए नक्शा एवं खसरा के किसी भी प्रविष्टि के संबंध में किसी व्यक्ति या संस्था को आपत्ति होने पर उद्घोषणा के प्रकाशन तिथि के 15 दिवस के भीतर लिखित में आवेदन कार्यालयीन समय में आपत्तिकर्ता स्वयं या अभिभाषक के माध्यम से तहसील कार्यालय गुरूर एवं संबंधित ग्राम पंचायतों में दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नही किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह उद्घोषणा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा अपने हस्ताक्षर एवं पदमुद्रा के साथ जारी किया गया है।
जनगणना हस्तपुस्तिका के लिए निर्देशिका आंकड़ों के संकलन व संचयन के संबंध में अधिकारियों को प्रशिक्षण
बालोद, । प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य के संबंध में आज संयुक्त जिला कार्यालय के आॅडोटोरियम में प्रशिक्षण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर और आशीष पेेंद्रो ने प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जनसंपर्क अधिकारी चंद्रेश ठाकुर, जिला परिवहन अधिकारी योगेश भण्डारी एवं तहसीलदारों के अलावा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं विकासखण्ड एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
इस दौरान अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा ने जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका आंकड़ों के संकलन एवं संचयन कार्य से संबंधित जानकारी 30 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जारी किए गए निर्देशों के आधार पर सभी अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी 30 अगस्त 2026 तक जनगणना पोर्टल में अनिवार्य रूप से एंट्री करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान सभी अधिकारियों को नगर की नागरिक स्थिति, लोेकेशन कोड, विभिन्न जनगणनाओं में नगर की जनसंख्या एवं लिंगानुपात, नगर का स्थान, विवरण एवं जलवायु के अलावा नागरिक एवं अन्य सुविधा एवं आधारभूत अधोसंरचनाओं से जुड़ी सुविधाओं से संबंधित जानकारियों को जनगणना पोर्टल में आॅनलाईन एंट्री कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके अलावा शैक्षणिक सुविधाएं, सामाजिक एवं सांस्कृतिक मनोरंजक सुविधाएं, उद्योग एवं बैंकिंग सुविधाएं, चिकित्सा सुविधाओं के अलावा नागरिक एवं अन्य सुविधाएं आदि के एंट्री के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस मौके पर अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा ने जनगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी सावधानी के साथ त्रुटिरहित ढंग से कार्य का संपादन करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: गुरूर के नंदकिशोर शर्मा के घर आने वाला बिजली का बिल हुआ शुन्य
बालोद, । बालोद जिले के गुरूर निवासी नंदकिशोर शर्मा के घर अब बिजली का बिल शून्य आता है और यह सब मुमकिन हुआ है प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से, इस योजना से अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के बाद से वे पूरी तरह से बेफिक्र हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बालोद जिले के आम नागरिकों के जीवन में उजियारा फैलाने के साथ-साथ आर्थिक बचत का बड़ा माध्यम बन रही है। योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाते हुए जिले के गुरूर निवासी नंदकिशोर शर्मा ने अपने घर की छत पर 03 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित कराया है, जिससे उनका बिजली का बिल शुन्य हो गया है। नंदकिशोर शर्मा के घर 03 महीने पहले ही यह सोलर पैनल लगाया गया है, जिससे उनका बिजली बिल बिल्कुल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि पहले 04 से 05 हजार तक बिल आता था, लेकिन अब उनका बिजली का बिल पूरी तरह शुन्य हो गया है। योजना की सराहना करते हुए नंदकिशोर शर्मा ने बताया कि सोलर पैनल लगवाने की प्रक्रिया बेहद आसान और पारदर्शी है। आवेदन के बाद वेंडर द्वारा घर का भौतिक निरीक्षण किया गया और लोन व सब्सिडी से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई। जिसके बाद बेहद कम समय में उनके घर पर पैनल स्थापित कर दिए गए। उन्हें इस योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 01 लाख 08 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। श्री शर्मा ने कहा कि यह योजना पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल है। बिना किसी प्रदूषण के सीधे सूर्य के प्रकाश से बिजली बनकर तैयार होती है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की भी प्रशंसा की और कहा कि वित्तीय सहायता मिलने से इस योजना को अपनाना बेहद आसान और किफायती हो गया है। श्री शर्मा ने योजना के बेहतर संचालन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति प्रसन्नतापूर्वक आभार व्यक्त किया है।
महिला व बाल विकास विभाग द्वारा चलाया गया विशेष जागरूकता एवं बाल संरक्षण अभियान
बालोद । कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा डौंडीलोहारा क्षेत्र में विशेष जागरूकता एवं सतत् मॉनिटरिंग अभियान संचालित किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 03 अगस्त को नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के विभिन्न वार्डों में बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 के तहत बाल श्रम रेसक्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत टीम द्वारा विभिन्न वार्डों और सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया गया। जिसके अंतर्गत ऐसे बालक जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है जो बाल मजदूरी कर रहे हैं एवं भिक्षावृत्ति करने को मजबूर है को चिन्हित कर विशेष रेसक्यू किया गया।
इस दौरान क्षेत्र में एक बच्चे की स्थिति को संज्ञान में लेते हुए टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके तहत यह पाया गया कि वह बच्चा घुमंतू प्रवृत्ति का है जो कि स्थानीय नही है। वह महाराष्ट्र से अपने परिजनों के साथ यहाँ आया हुआ है। जिसे भिक्षावृत्ति की स्थिति से दूर रखने के लिए विशेष रेस्क्यू और संवेदीकरण अभियान चलाया गया। इस दौरान अभिभावकों से बच्चों को भिक्षावृत्ति नही कराने की बात कही गई। इसके अलावा नागरिकों को शिक्षा के महत्व एवं बच्चों के अधिकारों की जानकारी भी दी गई।
जिले में ’विवाह पूर्व संवाद केन्द्र’ का किया जाएगा संचालन
बालोद, । संचालनालय, महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार बालोद जिले में महिलाओं और उनके परिवारों में मजबूत रिश्तों को बढ़ावा देना, वैवाहिक चुनौतियों में कमी लाना, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण, लिंग आधारित हिंसा और तलाक रोकने में मदद करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना आदि के उद्देश्य से बालोद जिले में विवाह पूर्व संवाद केन्द्र (पीएमसीसी) का संचालन एवं क्रियान्वयन किया जाएगा। जिसके अंतर्गत जिले के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संस्था अध्यक्षों को सदस्य के रूप में शामिल करने हेतु प्रविष्टियां 15 अगस्त 2026 तक आमंत्रित की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग के मार्गदर्शन में ’तेरे मेरे सपने’ नामक विवाह पूर्व संवाद केन्द्र की परिकल्पना की गई है। जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में विवाह पूर्व संवाद केन्द्र ’तेरे मेरे सपने’ का संचालन का प्रारंभ किया जाएगा। विवाह पूर्व संवाद केन्द्र का क्रियान्वयन जिला स्तर पर गठित समिति के द्वारा जिला स्तरीय हब के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्र के संचालन हेतु जिला स्तर पर गठित समिति में क्रियाशील समाजिक कार्यकर्ता एवं संस्था के अध्यक्ष को सदस्य के रूप में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के इच्छुक जिला स्तर पर क्रियाशील सामाजिक कार्यकर्ता एवं संस्था के अध्यक्ष से प्रविष्टियां 15 अगस्त 2026 तक जिला कार्यकम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कक्ष क्रमांक 79 संयुक्त कलेक्ट्रेट परिसर बालोद में स्वयं उपस्थित होकर या रजिस्टर्ड डॉक के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते है।
पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु चतुर्थ चरण (संस्था स्तर) की काउंसिलिंग प्रारंभ
बालोद, । संचालनालय तकनीकी शिक्षा रायपुर के निर्देशानुसार सत्र 2026-27 के लिए पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु चतुर्थ चरण (संस्था स्तर) की ऑनलाइन काउंसिलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। शासकीय पॉलिटेक्निक दुधली के प्राचार्य ने बताया कि संस्था में संचालित डिप्लोमा इन सिविल, इलेक्ट्रिकल और माइनिंग ब्रांच की रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट https://cgdte.admissions.nic.in के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पॉलीटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश हेतु चतुर्थ चरण (संस्था स्तर) की ऑनलाइन काउंसिलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 तक संपन्न की जाएगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को 13 अगस्त को सुबह 10 बजे संस्था में उपस्थित होना है।
राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद ने ग्राम पंचायत कामता का किया निरीक्षण
बालोद, । स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद द्वारा विकासखंड डौंडी की ग्राम पंचायत कामता का भ्रमण कर एसडब्ल्यूएम रूल 2026 के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था, स्त्रोत स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता संबंधी जनजागरुकता गतिविधियों तथा ग्राम में निर्मित ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन संरचनाओं का अवलोकन किया। उन्होंने स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जा रहे नियमित कचरा संग्रहण एवं ग्रामवासियों के सहयोग से संचालित स्वच्छता गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। राज्य सलाहकार ने ग्राम पंचायत में ग्रे. वॉटर प्रबंधन के लिए निर्मित मैजिक पिट, सोख्ता गड्ढों एवं अन्य जल निकासी संरचनाओं का निरीक्षण करते हुए इनके प्रभाव का मूल्यांकन किया। उन्होंने बताया कि ऐसे प्रयासों से अपशिष्ट जल का बेहतर प्रबंधन होने के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण, जलभराव में कमी तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान ग्राम में संचालित बायोगैस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं सुरक्षित प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। साथ ही ग्रामवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। श्रीमती अभिलाषा आनंद द्वारा ग्राम औराटोला एवं पथराटोला का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि एसडब्ल्यूएम रूल-2026 का उद्देश्य केवल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करना ही नहीं, बल्कि स्वच्छ स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल ग्रामों का निर्माण करना है। इसके लिए ग्रामीणों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्राम पंचायत कामता में किए जा रहे नवाचारों एवं स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों की जागरूकता की सराहना करते हुए इसे अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।
मत्स्य पालक के आश्रित परिवार को मिला 5 लाख रुपए का बीमा भुगतान
बालोद,। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालकों का निःशुल्क दुर्घटना बीमा के अंतर्गत जिले के मृतक शंकरलाल के नामिनी श्रीमती सुरेखा बाई (पत्नी) को 05 लाख रूपए का बीमा भुगतान किया गया है। मछली पालन विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम कोरगुड़ा निवासी स्व. शंकरलाल का प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत बीमा किया गया था। विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात नॉमिनी श्रीमती सुरेखा बाई (पत्नी स्व. शंकरलाल) के खाते में डी.बी.टी. के माध्यम से गो-डिजिट इंश्योरेंस कंपनी द्वारा 05 लाख रूपए का भुगतान किया गया, जिससे संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार को बड़ा आर्थिक संबल मिला है। ज्ञातव्य हो कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालकों का निःशुल्क दुर्घटना बीमा किया जाता है। इस योजना का लाभ हितग्राहियों को एन.एफ.डी.बी. हैदराबाद से गो-डिजिट इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से भुगतान किया जाता है। बीमा के तहत मृत्यु होने पर 05 लाख रूपए, स्थायी, अस्थायी अपंगता पर 2.50 लाख एवं अस्पताल भर्ती में 25 हजार रूपये तक की सहायता बीमित व्यक्ति या नॉमिनी को भुगतान की जाती है। मत्स्य पालन विभाग की इस योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों को संकट की स्थिति में सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी: कलेक्टर
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
बालोद, । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए गुरूर विकासखण्ड के विभिन्न प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर प्रगति एवं उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारी को बेहतर कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को 15 अगस्त को जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उइके, जिला अस्पताल बालोद के मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आरके श्रीमाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अखिलेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में टीबी मुक्त अभियान के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को गुरूर विकासखण्ड को टीबी मुक्त बनाने के पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके अंतर्गत उन्होंने संदेहस्पाद व्यक्तियों का सैम्पल कलेक्शन आदि कार्यों की जानकारी लेते हुए इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों में अधिकारी-कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की स्थिति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रवार संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केन्द्रों में जून 2026 की स्थिति में अब तक कराए गए कुल प्रसव के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती माताओं को अन्य अस्पतालोें में रेफर किए जाने पर उसका कारण भी पूछा। उन्होंने बिना वाजिब कारणों से अन्य अस्पतालोें में बिल्कुल भी रेफर नही करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम, सोंहपुर, खुदनी आदि स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव की बेहतर स्थिति पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इन स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने उपस्वास्थ्य केन्द्र बड़भूम में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के रूप में एक मात्र अधिकारी पदस्थ होने पर उनके सहयोगी स्टाफ की पदस्थापना करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव में अपेक्षित प्रगति नही लाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने गुरूर विकासखण्ड में 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर सेे बचाव हेतु टीकाकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी बालिकाओं को शत प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के बचाव हेतु टीका लगाने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होेंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को गुरूर विकासखण्ड के सभी प्राचार्यों को पत्र जारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अलावा आम नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य, मुँह एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच के अलावा उच्च रक्तचाप, डायबिटिज आदि बीमारियों की जांच के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को इसका नियमित रूप से जांच करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने वर्षा ऋतु के मद्देनजर मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम हेतु पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को समझाईश देते हुए कहा कि आप लोगों का कार्य आम जनता के जीवन से सीधे जुड़े होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण एवं आदर्श पेशा है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे समय मुस्तैद रहकर अपने जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शासन के मंशानुरूप जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बनाना मेरे भी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए उन्होंने नियमित रूप से सभी विकासखण्डों में जाकर स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा करने की बात कही। जिससे कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मैं हर समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का सहयोग करने के लिए खड़ी हूँं। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर गुरूर विकासखण्ड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी को पौधे भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया गया।
सीएम हेल्पलाइन 1076 से वनांचल के ग्राम देवपाण्डुम में 48 घंटे के भीतर सुलझी पेयजल की समस्या
तेज हवा और बारिश से खराब हुआ था सोलर सिस्टम, क्रेडा की टीम ने तुरंत पहुंचकर किया दुरुस्त
ग्रामीण छत्तर सिंह कुमेटी ने हेल्पलाइन की त्वरित सेवा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार
बालोद, । छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकताओं में शामिल सीएम हेल्पलाइन 1076, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल में स्थित ग्राम देवपाण्डुम में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से पेयजल की गंभीर समस्या का समाधान महज 48 घंटे के भीतर कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि 25 परिवारों वाले इस छोटे से वनांचल गांव में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित जल प्रदाय योजना स्थापित है, जिससे हर घर नल से जल की आपूर्ति की जाती है। लेकिन हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण गांव का सोलर सिस्टम खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया। ग्राम देव पाण्डुम के निवासी छत्तर सिंह कुमेटी ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में देखा था। जब गांव में पेयजल की समस्या आई, तो उन्होंने बिना देर किए 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों में क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। इसके बाद लगातार बारिश के बावजूद अगले ही दिन तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम देवपाण्डुम पहुंची। टीम ने सोलर सिस्टम की खामियों को पहचानकर उसे दुरुस्त किया और पेयजल सप्लाई को पहले की तरह सुचारू रूप से शुरू कर दिया। समस्या का समाधान होने पर छत्तर सिंह और पूरे गांव ने खुशी व्यक्त की है। छत्तर सिंह ने कहा, हमें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी और वनांचल क्षेत्र में हमारी बात सुनी जाएगी। शिकायत दर्ज कराने के महज 48 घंटे के भीतर हमारे गांव में पानी की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। ग्राम देवपाण्डुम के निवासियों ने जल जीवन मिशन के तहत निर्बाध जल आपूर्ति और सीएम हेल्पलाइन 1076 के त्वरित एवं प्रभावी संचालन के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
निर्माण कार्यों हेतु 2 निविदकारों का आवेदन अपात्र
बालोद, ।कृषि उपज मंडी समिति के सचिव ने बताया कि कृषि उपज मंडी समिति बालोद क्षेत्र अंतर्गत गुंडरदेही विकासखंड के विभिन्न 06 स्थानों में सामुदायिक भवन, सी.सी. रोड एवं शेड निर्माण किए जाने हेतु मैन्युअल निविदा 23 मई 2026 को जारी की गई थी। जिसके अंतर्गत 02 निविदाकारों का आवेदन अपात्र किया गया था। जिसमें से 01 निविदाकार के आवेदन में संलग्न अभिलेख नोटरी से सत्यापित नहीं होने के कारण तथा 01 निविदाकार द्वारा वैध बैंक साल्वेंसी प्रस्तुत नही करने के कारण उक्त आवेदनों को अपात्र किया गया है।
4 अगस्त को बैठक
बालोद, ।भारत सरकार, गृह मंत्रालय, जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला जनगणना हस्त पुस्तिका हेतु ग्राम एवं नगर निर्देशिका के आंकड़ों के संकलन एवं संचन का कार्य जिले में चार्ज स्तर पर 01 अगस्त 2026 से 30 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि इस कार्य के सुचारू संचालन और समन्वय के संबंध में संयुक्त जिला कार्यालय के ऑडिटोरियम कक्ष में 04 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से बैठक आयोजित की गई है। बैठक में संबंधितों को निर्धारित समय पर आवश्यक जानकारियों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
2 अगस्त को जिलेभर के युवाओं को दिलाई जाएगी नशामुक्ति की शपथ
बालोद, ।भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत संयुक्त तत्वावधान में 02 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ’नशामुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ किया जाएगा। जिसके अंतर्गत जिले के युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देश के लगभग 10 हजार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें 01 करोड़ से अधिक युवाओं की सहभागिता का लक्ष्य है। यह अभियान प्रत्येक रविवार को आगामी 100 सप्ताह तक चलेगा। इसी क्रम में जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले के समस्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल अकादमियों, एनएसएस, एनसीसी वालिंयटियर, युवा, कस्बों, नशा मुक्ति केन्द्रों एवं युवा संगठनों में 02 अगस्त 2026 को ’नशामुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के शुभारंभ अवसर पर युवाओं को ’नशामुक्ति संकल्प’ दिलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु जिले के इच्छुक हितग्राहियों से आवेदन
बालोद, । मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु जिले के इच्छुक हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला परियोजना लाईलवीहुड काॅलेज के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत जिले के इच्छुक हितग्राहियों के लिए फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, सिक्यूरिटी गार्ड, सोलर पैनल इंस्टालर (सूर्य मित्र) एवं मोबाईल फोन हार्डवेयर रिपेयरिंग संकाय के अंतर्गत निःशुल्क प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। उन्होेंने बताया कि इच्छुक हितग्राही जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज पाकुरभाट में कार्यालयीन समय में समस्त शैक्षणिक योग्यता, आधार कार्ड, जाति, निवासी प्रमाण पत्र की छायाप्रति एवं 02 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित होकर आवेदन जमा कर सकते हैं।
बालोद में सामान्य से 22.7% अधिक बारिश: किसानों के खिले चेहरे, जलभराव से जनजीवन प्रभावित
बालोद । जिले में इस वर्ष मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश से जहां खेतों में हरियाली लौट आई है और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं कई इलाकों में जलभराव और बाधित आवागमन लोगों की परेशानी का कारण बन गया है। जिले में अब तक सामान्य से 22.7 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
खेती-किसानी को मिली रफ्तार
पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है। इससे धान की रोपाई समेत कृषि कार्यों ने गति पकड़ ली है। किसान इसे अच्छी फसल का संकेत मानते हुए राहत महसूस कर रहे हैं।
सियादेवी मंदिर का संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश के कारण जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सियादेवी मंदिर के पहुंच मार्ग पर बने पुल के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो गई है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, शाम तक 15 से अधिक वाहन मंदिर परिसर में फंसे रहे। वहीं पुल निर्माण के लिए रखी गई रेत और गिट्टी भी तेज बहाव में बह गई, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।
शहर में जलभराव, ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
भारी बारिश के चलते बालोद नगर पालिका का ड्रेनेज सिस्टम भी जवाब देता नजर आया। शहर के कई वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।
प्रशासन ने जारी की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
लगातार बारिश ने जहां किसानों के लिए राहत और अच्छी फसल की उम्मीद जगाई है, वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और धार्मिक स्थलों तक पहुंच में कठिनाइयों ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
बालोद जिले में 30 जुलाई को आयोजित होगा वृहद वृक्षारोपण महाअभियान
प्रशासनिक अमले के साथ-साथ तैयारी में जुटे महतारी वंदन योजना के हितग्राही एवं आम नागरिकगण
वनमण्डलाधिकारी सहित महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा महिलाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर अभियान को सफल बनाने की अपील की
बालोद । मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बालोद जिले के इतिहास में शीघ्र ही एक और नई उपलब्धि जुड़ने वाली है। बालोद जिले के नागरिकों के द्वारा जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधे मिलाते हुए गुरूवार 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर एक साथ पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य मे अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिलेे के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत बालोद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए जा रहे महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के दौरान जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाएं एवं समाज के सभी वर्गों के द्वारा एक साथ वृहद पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस अभियान को सफल बनाने हेतु प्रशासनिक अमले के साथ-साथ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों तथा अन्य महिलाओं के अलावा आम नागरिकगण पूरे मनोयोग से जुड़ रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार वन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा 30 जुलाई को पौधरोपण के कार्य में भागीदारी सुनिश्चित करने वाले लोगों के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालयों में समुचित मात्रा में पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत मुख्यालयों से पौधा प्राप्त कर आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पौधरोपण करने वाले सभी लोगों को पौधे वितरित किया जा रहा है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी लोगों के द्वारा 30 जुलाई को सुबह 11 बजे अपने घरों, बाड़ियों, खेत-खलिहानों एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर पौध रोपण करने हेतु गड्ढे आदि की खुदाई कार्य भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके अलावा महिलाओं एवं महिलाओं एवं ग्रामीणों को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में पौधरोपण के महत्व की जानकारी देते हुए जागरूकता रैली निकालकर एवं अन्य सभी माध्यमों से उन्हें पौधरोपण के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के चिखलाकसा परियोजना के ग्राम पथराटोला एवं अन्य ग्रामों में महिलाओं के द्वारा जागरूकता रैली निकालकर महिलाओं एवं ग्रामीणों को 30 जुलाई को पौधरोपण के लिए पे्र्ररित किया गया।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित इस अभियान को सफल बनाने हेतु सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसी कड़ी में वनमण्डलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल सहित जिले के महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा अन्य महिलाओं ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु बालोद जिला प्रशासन के इस अभिनव प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा समाज के सभी वर्गो के लोगों से गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे ’एक पेड़ महतारी (मां)’ के नाम से अपने घर, गांवों, बाड़ी, खेतों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर अनिवार्य रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील है। वनमण्डलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा बालोद जिले में जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’कार्यक्रम के अंतर्गत जल संचयन के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया गया है। अग्रवाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया है। उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित सभी हितग्राहियों के अलावा अन्य महिलाओं एवं संपूर्ण जिलेवासियों से गुरूवार 30 जुलाई को अपने घर, बाड़ी, खेत-खलिहान एवं शासकीय भूमि, आंगनबाड़ी, पंचायत, भवन आदि अन्य स्थानों पर ’एक पेड़ अपने मां के’ नाम पर या अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के नाम पर अनिवार्य रूप से लगाकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील की। वनमण्डलाधिकारी श्री अग्रवाल ने सभी जिले वासियों को पौधरोपण के पश्चात् फोटो सेल्फी लिंक पर अपलोड कर फोटोयुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करने को कहा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किया गया आपका छोटा से कदम आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेगा। इसी तरह इस अभियान की सराहना करते हुए डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम धोबेदण्ड के महतारी वंदन योजना के लाभान्वित हितग्राही श्रीमती सरिता ठाकुर ने जिला प्रशासन के इस प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि वे जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए पौधे को अपने घर के बाड़ी में रोपण करने के लिए ले जा रही हैं। श्रीमती सरिता ठाकुर ने कहा कि वे इस पौधे का देखभाल अपने बच्चे की तरह करेंगी। उन्होंने संपूर्ण जिलेवासियों से पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आयोजित इस पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए गुरूवार 30 जुलाई को अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने को कहा। इसी तरह जिला प्रशासन की इस अभियान की सराहना ग्राम धोबा निवासी श्रीमती मंजू साहू ने की है। उन्होंने कहा कि आज उन्हें जिला प्रशासन द्वारा 30 जुलाई को पौधरोपण करने हेतु पौधा प्रदान किया गया है। श्रीमती मंजू साहू ने कहा कि जिस तरह से वे अपने बच्चों का पालन-पोषण की है इसी तरह इस पौधे का देखभाल सुनिश्चित करेंगी। इसी तरह जिला प्रशासन के इस महाअभियान के फलस्वरूप 30 जुलाई को उन्हें पौधरोपण का अवसर प्राप्त होने पर ग्राम धोबा की विद्यार्थी कुमारी रोशनी साहू बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि वे 30 जुलाई को अपने मां के नाम से पौधरोपण कर इसका पूरा मनोयोग से देखभाल करेंगी। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड की ग्राम ढोर्रीठेमा की नन्हीं बालिका संस्कृति कोसमा ने भी जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए 30 जुलाई को अपने मां के नाम से अनिवार्य रूप से पौधरोपण की बात कही है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों एवं अन्य महिलाओं तथा ग्रामीणों में भी 30 जुलाई को जिले में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। समाज के सभी वर्गों के लोगों ने जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधे मिलाते हुए 30 जुलाई को अनिवार्य रूप से पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने बात कही है।
पौधरोपण के बाद सेल्फी लेकर अपलोड करें और पाएं फोटोयुक्त सर्टिफिकेट
बालोद,। बालोद जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार गुरूवार 30 जुलाई को महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर पौधरोपण के इस महाअभियान को चिरस्मरणीय बनाए रखने हेतु इस अवसर पर पौधरोपण करने वाले लोगों को फोटोयुक्त प्रमाण पत्र प्रदान करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत गुरूवार 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान पौधरोपण करने के पश्चात् रोपे गए पौधे के साथ फोटो या सेल्फी लेकर लिंक wcdbalod.com पर अपलोड करने पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें फोटोयुक्त प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। जिससे कि पर्यावरण के सरंक्षण एवं संवर्धन हेतु जिले में शुरू किए गए इस महाअभियान में उनका योगदान चिरस्मरणीय बना रहे।
उल्लेखीनय है कि 30 जुलाई को वृहद वृक्षारापेण अभियान अंतर्गत पौधरोपण करने के पश्चात् आप अपनी फोटो लेकर वेबसाईट wcdbalod.com पर जाकर अपना नाम दर्ज करेंगे। जिसके पश्चात् ब्लॉक का चयन कर अपना ग्राम चयन करेंगे। इसके पश्चात् अपनी फोटो अपलोड कर ’प्रमाण पत्र बनाए’ पर चयन करते ही अपना फोटोयुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।