छत्तीसगढ़ / दुर्ग
कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में दुर्ग जिले की 77 पंचायतें चयनित
कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए सरपंचों का सराहनीय योगदान
दुर्ग। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए पोषण अभियान के अंतर्गत कुपोषण मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सराहनीय बनती जा रही है। इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में दुर्ग जिले में सबसे अधिक 77 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है, जहां अगले 6 माह में कुपोषण को कम करने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू ने बताया कि चयनित ग्राम पंचायतों में 247 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, पर्यवेक्षक और परियोजना अधिकारी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान कुपोषण से मुक्त हुए ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन किया जाएगा और सर्वाधिक कुपोषण से मुक्त हुए पंचायतों को विभाग की ओर से एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। अभियान में जनप्रतिनिधियों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। कई सरपंच अपने निजी खर्च से कुपोषित बच्चों को चना, मूंगफली, मुर्रा, गुड़ और केला जैसी पोषक सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। करेला पंचायत में सरपंच डॉ. राजेश बंछोर द्वारा बच्चों को पोषण सामग्री वितरित की गई है। पहदा झा पंचायत में सरपंच दिनेश ठाकुर ने पोषण सामग्री दी है। जामगांव एम की सरपंच तुलसी सिन्हा ने 7 केंद्रों के लिए चना, मूंगफली और गुड़ उपलब्ध कराया। धौराभाठा में सरपंच विनय चंद्राकर द्वारा सप्ताह में दो दिन दूध और केला दिया जा रहा है।
छांटा पंचायत में भी दूध और केला उपलब्ध कराया जा रहा है। सांतरा पंचायत में सरपंच ज्योति गोलू चंद्राकर ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर पोषण सामग्री उपलब्ध करवाई है। इन सभी ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा रेडी टू ईट मिलाकर लड्डू बनाया गया है। जिसे रोज कुपोषित बच्चों को खिलाया जाता है। चिन्हांकित ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार गृहभेंट कर कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के खान-पान में विशेष ध्यान दे रही है। इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं।
मात्र कर्मकांड से होगी मायिक क्षणभंगुर स्वर्ग की प्राप्ति - सुश्री धामेश्वरी देवी
मात्र कर्मकांड से होगी मायिक क्षणभंगुर स्वर्ग की प्राप्ति - सुश्री धामेश्वरी देवी
स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था देह व्यापार, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस भी हुई दंग
भिलाई l भिलाई के पॉश इलाके में एक स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का खेल खुलेआम चल रहा था। मसाज का नाम लेकर अंदर सेक्स रैकेट का पूरा जाल बिछा था। पुलिस ने रेड मारकर इसका पर्दाफाश किया है।भिलाई सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी को सूचना मिली थी कि जुनवानी चौक के पास स्थित अगम स्पा में मसाज के बहाने सेक्स वर्कर भेजी जा रही हैं। सूचना लगते ही रविवार रात करीब आठ बजे पुलिस टीम ने वहां दबिश दी। स्पा सेंटर के अंदर का नजारा चौंकाने वाला थाlजैसे ही पुलिस अंदर पहुंची, देखा कि वहां लड़कियां मसाज के साथ-साथ अनैतिक गतिविधियों में लिप्त थीं। मौके से चार ग्राहक और स्पा सेंटर की संचालिका को पकड़कर स्मृति नगर चौकी लाया गया। लड़कियों को छोड़ दिया गया।
मामले में पुलिस ने स्वतंत्र द्विवेदी (50) स्मृति नगर, राहुल चौधरी (25) राजीव नगर जामुल, विकास ग्रैंड्रे (25) जुनवानी चौक, धरमश्री खोब्रागढ़े (34) अटल विहार कॉलोनी राजनांदगांव , प्रिया सिंह (31) कोहका निवासी को गिरफ्तार किया है l
वास्तविक महापुरुष की शरणागति से मिलते हैं भगवान् - सुश्री धामेश्वरी देवी
वास्तविक महापुरुष की शरणागति से मिलते हैं भगवान् - सुश्री धामेश्वरी देवी
सहकारी बैंक दुर्ग की ऋण उप समिति की बैठक में कुल 389.20 करोड़ का ऋण स्वीकृत
दुर्ग । अभिजीत सिंह कलेक्टर एवं प्राधिकृत अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की अध्यक्षता में ऋण उप समिति की बैठक विगत 09 मई 2025 को सम्पन्न हुई। बैठक में संचालक सदस्य अवधेश मिश्रा उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ दुर्ग, विकास साहू सहायक संचालक कृषि जिला दुर्ग एवं सचिव के रुप में एस. के. जोशी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग उपस्थित थे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार बैठक में कुल 322 ऋण प्रकरणों का राशि 389.20 करोड़ ऋण स्वीकृत किया गया। जिसमें फसल ऋण केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 से 2027-28 कुल 33 समितियों के लिए राशि 38227.41 लाख, गन्ना फसल ऋण केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 से 2027-28 के अंतर्गत 49 प्रकरणों में राशि 81.93 लाख, उद्यानिकी फसल केला ऋण केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 के 2 प्रकरणों में राशि 7.28 लाख, उद्यानिकी फसल टमाटर ऋण केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 अंतर्गत 08 प्रकरणों में राशि 4.34 लाख स्वीकृत की गई है।
गौपालन हेतु केसीसी साख सीसा वर्ष 2025-26 के लिए नवीन के 54 प्रकरणों में राशि 97.70 लाख एवं नवीनीकरण के 129 प्रकरणों में 209.94 लाख, मत्स्य पालन हेतु केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 के लिए नवीनीकरण के 03 प्रकरणों में 5.10 लाख, बकरीपालन हेतु नवीन केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 के 02 प्रकरणों में राशि 3.00 लाख तथा नवीनीकरण के 01 प्रकरण में 2.20 लाख, कुक्कुट पालन हेतु केसीसी साख सीमा वर्ष 2025-26 के लिए नवीनीकरण के 02 प्रकरणों में राशि 4.40 लाख एवं नवीन कुक्कुट पालन हेतु 01 प्रकरण में 3.00 लाख रुपए मध्यकालीन व्यक्तिगत ऋण के 7 प्रकरण में राशि 55.50 लाख, कर्मचारी आवास ऋण अंतर्गत 01 प्रकरण में राशि 19.00 लाख, कुक्कुट पालन नगद साख सीमा वर्ष 2025-26 के लिए नवीनीकरण अंतर्गत 02 प्रकरण में राशि 20.00 लाख, गोल्डन क्रेडिट कार्ड अंतर्गत नगद साख सीमा नवीन के 2 प्रकरणों में राशि 10.00 लाख, गोल्डन क्रेडिट कार्ड अंतर्गत नगद साख सीमा पुनः स्वीकृति 08 प्रकरणों में राशि 40.00 लाख, गोल्डन क्रेडिट कार्ड अंतर्गत नगद साख सीमा नवीनीकरण के 20 प्रकरणों में राशि 100.00 लाख, स्वयं सहायता समूह ऋण स्वीकृति पश्चात पुष्टि हेतु 4 प्रकरणों में राशि 3.70 लाख, स्वयं सहायता समूह ऋण स्वीकृति हेतु 8 प्रकरणों में राशि 19.50 लाख, स्वयं सहायता समूह एन.आर.एल.एम. अंतर्गत 1 प्रकरण में राशि 2.50 लाख, दीर्घावधि ट्रेक्टर ऋण अंतर्गत 01 प्रकरण में राशि 4.00 लाख की स्वीकृति दिया गया है। बैठक में बैंक अधिकारी कुसुम ठाकुर अतिरिक्त मुख्य पर्यवेक्षक एवं एस.पी. वाहने शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।
महापुरुष मिथ्या आशीर्वाद व श्राप दोनों नहीं देता - सुश्री धामेश्वरी देवी
जगद्गुरुत्तम श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी द्वारा लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण, अनुष्ठा रेसीडेंसी, जुनवानी खम्हारिया रोड नियर स्मृति नगर भिलाई, में चल रही 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के सातवें दिन बताया कि उस ईश्वर तत्व को जानने के लिए श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की आवश्यकता है, जिसके शरणागत होकर, सेवापूर्वक जिज्ञासु बनकर ही परमतत्व का ज्ञान प्राप्त हो सकता है। ग्रंथों एवं लोक में भी तीन शब्द पढ़ने सुनने में आते हैं - एक पुरुष, दूसरा महापुरुष, तीसरा परमपुरुष। जिस पुरुष या जीवात्मा ने परमपुरुष या परमात्मा को जान लिया, देख लिया, उसमें प्रविष्ट हो चुका हो, वही महापुरुष या महात्मा है। भावार्थ यह कि ईश्वर-प्राप्त जीव को ही महापुरुष कहते हैं। प्रायः दो प्रकार के महापुरुष प्राप्त होते हैं।
1. जिनको ईश्वर का वास्तविक ज्ञान, दर्शन आदि अनुभव हो एवं बाहर भी उसी रूप में दिखते हो। ऐसे महापुरुष को पहचानना सरल है।
2. दूसरे महापुरुष होते हैं जो भीतर से तो वास्तव में ही महापुरुष होते हैं किंतु बाह्य व्यवहार में सांसारिक से दिखते हैं ऐसे महापुरुष को पहचाना अति कठिन होता है।
जो महापुरुष अनादिकाल से मायातीत ही रहे, कभी मायाधीन नहीं थे। उन्हें ईश्वर का परिकर, पार्षद आदि कहते हैं। दूसरे वे जो अनादिकाल से मायाधीन रहे हैं, किन्तु किसी गुरु की शरण में जाकर उनके द्वारा निर्दिष्ट पथ पर चलकर अनंत काल के लिए वे भी महापुरुष हो गए हैं।
वास्तव में महापुरुष उसे कहते हैं जो कुछ न कर सके, न शुभ कर्म कर सके और न अशुभ कर्म कर सके। महापुरुष मिथ्या आशीर्वाद नहीं देता एवं श्राप भी नहीं देता।
महापुरुष को पहचानने का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि महापुरुष के दर्शन सत्संग आदि से ईश्वर में स्वाभाविक रूप से मन लगने लगता है। दूसरा प्रत्यक्ष लाभ यह होता है कि साधक की साधना पथ की क्रियात्मक गुत्थियां होती हैं, उन्हें वह सुलझाने का कार्य करता है। तीसरा प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वास्तविक महापुरुष की वें क्रियात्मक अवस्थाएं जो समय-समय पर बहिरंग रूप से गोचर होती है उन्हें देखकर साधक को स्वाभाविक उत्साह एवं भगवदीय उत्तेजना मिलती है। प्रेमास्पद भगवान् के नाम, गुण, लीला आदि के स्मरण कीर्तन आदि से वह प्रेम बाहर छलक पड़ता है। जिसे हम सात्विक भाव के रूप में देखते हैं।
प्रवचन का अंत श्री राधा कृष्ण भगवान् की आरती के साथ हुआ। प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 14 मई 2025 तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 9 बजे तक होगा।
दावा आपत्ति 17 तक
दुर्ग। एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग शहरी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 03 और सहायिका 04 पद की अंतिम सूची जारी कर दी गई है। उक्त सूची पर दावा आपत्ति 17 मई 2025 तक कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना दुर्ग शहरी में कार्यालयीन समय में उपस्थित होकर प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
बूटस्ट्रैप कार्यक्रम निर्यात जागरूकता एवं मार्गदर्शन के संबंध में कार्यशाला संपन्न
दुर्ग। जिले में एक दिवसीय जिला स्तरीय बूटस्ट्रैप कार्यक्रम निर्यात जागरूकता एवं मार्गदर्शन के संबंध में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग एवं एक्सपोर्ट काउंसिल के सौजन्य से 09 मई 2025 को होटल अमित पार्क इंटरनेशनल में कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यशाला में भारत सरकार के द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विदेश व्यापार संस्थान निर्यातकों और उद्यमियों को नवीनतम निर्यात आयात नीतियों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करने के लिए उद्यमियों और निर्यातों के लिए निर्यात प्रक्रियाओं और दस्तावेज उद्यमियों के लिए विषय पर आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य निर्यातकों और उद्यमियों केा विदेशी बाजारों में अपने व्यापार को बढ़ाने और विकसित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है।
इस कार्यशाला में निर्यात परिदृश्य से संबंधित जिलों पर आधारित उत्पादों और संभावनाएं, उत्पादों और विदेशी बाजार के लिए निर्यात , निर्यात संवर्ध्रन , प्रशिक्षण,निर्यात के समर्थन, संगठनात्मक संरचना और कार्य , वैश्विक आर्थिक और व्यापार स्थिति,प्रलेखन,निर्यात के समर्थन प्रक्रिया के अलावा निर्यात के लिए उत्पादों और बाजारों की पहचान तथा निर्यात के लिए आवश्यक दस्तावेजीकरण के बारे में आई.आई.एफ.टी. कोलकाता के विशेषज्ञ टीम के डॉ.के.रंगराजन प्रोफेसर एंव केन्द्राध्यक्ष कोलकाता कैंपस, संस्थापक एमएसएमई अघ्ययन केन्द्र, सुश्री सुमना दास, समन्वयक निर्यात सुविधा केन्द्र, के द्वारा उद्यमियों को मार्गदर्शन दिया गया। इस कार्यक्रम में उद्यमियों को निर्यात के प्रति सकरात्मक रूप से प्रभावित किया और प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़ शासन के मंशानुरूप राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-30 तक अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर क्षेत्र के नवीन उद्योगों को स्थापना एंव विद्यमान उद्योगों को विस्तार किया जा सके, नए औद्योगिक नीति के लाभ लेने क्षेत्र के उद्यमी न केवल अपने उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा बल्कि केन्द्र सरकार के उत्पादों को विश्व पटल पर बढ़ाते हुए निर्यात को अग्रसर हो, जिससे की राज्य व क्षेत्र के उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके।
इस अवसर पर भारतीय विदेश व्यापार संगठन के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक पी.आर. खण्डेलवाल, राकेश चौरसिया, प्रबंधक तुषार त्रिपाठी, संजय सिंह, औद्योगिक संगठनों से अजय भसीन प्रदेश महामंत्री छ.ग. चेम्बर आफ कामर्स, ई.ई.पी.सी. से अंकित मेहता, उद्योग चेम्बर से जे.पी. गुप्ता, करमजीत सिंह बेदी, म्यूरा इंफ्रास्ट्रक्चर से श्री सुधाकर व अन्य उद्योगपति उपस्थित थे।
दो प्रकार का होता है संसार - भीतर एवं बाहर - सुश्री धामेश्वरी देवीजी
भिलाई, लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण, अनुष्ठा रेसीडेंसी, जुनवानी खम्हारिया रोड नियर स्मृति नगर में चल रही दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के पॉंचवें दिन, जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी ने वेदों के अनुसार संसार के स्वरूप को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि वास्तव में दो प्रकार का संसार होता है, एक भीतर का संसार, दूसरा बाहर का संसार। कुछ ज्ञानी लोग कहते हैं कि संसार मिथ्या है और कुछ कहते हैं कि संसार सत्य है, ये दोनों बातें वेदों शास्त्रों के अनुसार सही सिद्ध हो जाती हैं। वास्तव में हमारे मन में काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि माया के विकार होते हैं। साथ ही मन सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी, तीन तरह की माया के अधीन रहता है इसी कारण हमारे मन के विचार प्रतिक्षण बदलते रहते हैं और यही कारण है कि संसार में किसी की किसी से नहीं पटती अर्थात् विचारों में आपसी मतभेद रहता है। यह भीतर का संसार हमारे लिए ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि जैसे मानसिक विचार होते हैं वैसे ही व्यक्ति की प्रवृत्तियां हो जाती है कोई सतोगुणी, कोई रजोगुणी तो कोई तमोगुणी दिखाई पड़ता है। इसके विपरीत बाहर का संसार हमारे भौतिक शरीर को चलाने के लिए ईश्वर द्वारा बनाया गया है। बाहरी संसार सत्य है क्योंकि वह सदैव समान बना रहता है, पंचतत्व का हमारा शरीर, पंचतत्व के बने इस सत्य संसार से ही ठीक ठीक चलता है।
देवी जी ने बताया कि कोई भी संसारी विचार मन में आते ही मन को वहां से हटाकर तुरंत भगवान् में लगाना है। संसार से मन हटाना और भगवान् में मन लगाना, निरंतर इसका अभ्यास करना होगा तभी अनादिकाल से संसार में आसक्त मन धीरे-धीरे भगवान् में लगने लगेगा और वास्तविक गुरु की कृपा से मन पूर्ण रूप से भगवान् के शरणागत हो जाएगा। संसार के स्वरूप का वेद शास्त्र आधारित और भी विवरण आगे प्रवचन में बताया जायेगा। दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 14 मई 2025 तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 9 बजे तक होगा
सुशासन तिहार बना किसान ऐश्वर्य सिंह की उम्मीद की किरण
दुर्ग। ऐश्वर्य सिंह अरसनारा गांव का एक मेहनती किसान, वर्षों से खेती कर रहे हैं। लेकिन एक छोटी सी चीज़ फटी-पुरानी ऋण पुस्तिका, उनकी परेशानियों का कारण बन गई थी। बैंक के काम बार-बार अटकते और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पाता था।
ऐश्वर्य ने बताया कि मेरी पुरानी ऋण पुस्तिका इतनी खराब हो चुकी थी कि पन्ने अलग हो जाते थे, हस्ताक्षर और खाते की जानकारी तक पढ़ना मुश्किल था। बैंक में कई बार लौटाया गया। फिर आया साल 2025 और साथ आया सुशासन तिहार। सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान शिविर सिरसाखुर्द में ऐश्वर्य ने सबसे पहले आवेदन किया। आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी एवं नायब तहसीलदार ज्योत्सना कलिहारी ने उन्हें नई, साफ-सुथरी, व्यवस्थित ऋण पुस्तिका प्रदान की। जब ऐश्वर्य ने नई ऋण पुस्तिका हाथ में ली, तो उसे लगा जैसे उसकी पहचान लौट आई हो। अब मेरी ज़मीन की स्थिति भी स्पष्ट है। यह सिर्फ कागज़ नहीं है, ये मेरी मेहनत और हक की पहचान है। इससे अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। अन्य किसानों ने भी पुस्तिका नवीनीकरण कराया। ऐश्वर्य ने कहा कि सरकार की तरफ से मिला ये एक छोटा-सा कागज़ नहीं, बल्कि किसानों की पहचान है।
अस्पताल में सड़क दुर्घटना रिपोर्टिंग के लिए विशेष काउंटर की स्थापना
एनआईसी दुर्ग की पहल पर आईआरएडी परियोजना के अंतर्गत नई सुविधा
दुर्ग। आम नागरिकों की सुविधा और सड़क सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से जिला अस्पताल दुर्ग में एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना (आईआरएडी) के अंतर्गत एक विशेष रिपोर्टिंग काउंटर की स्थापना की गई है। यह पहल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) दुर्ग के सुझाव पर की गई है। इस विशेष काउंटर की मदद से सड़क दुर्घटनाओं की सूचना त्वरित और सही तरीके से दर्ज की जा सकेगी, ताकि उसे आईआरएडी पोर्टल में समय रहते प्रविष्ट किया जा सके। यह पहल सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन और रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या है आईआरएडी परियोजना
एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना(आईआरएडी), भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
इस परियोजना के तहत पुलिस कर्मी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से दुर्घटना की सूचना फोटो और वीडियो सहित दर्ज कर सकते हैं। हर घटना के लिए एक विशिष्ट आईडी जारी की जाती है। लोक निर्माण विभाग या स्थानीय निकाय के इंजीनियर को उसी क्षण अलर्ट मिलता है, जिससे वे मौके पर जाकर जांच कर सकते हैं। सड़क की बनावट और अन्य तकनीकी विवरण दर्ज किए जाते हैं, जो आगे डेटा विश्लेषण और सुधार कार्यों में सहायक होते हैं।
आईआरएडी से नागरिकों को होने वाले तात्कालिक लाभ
एम्बुलेंस और पुलिस समय पर पहुंचती है, जिससे गंभीर घायलों की जान बच सकती है। आम नागरिक मोबाइल ऐप के ज़रिए सीधे दुर्घटना की सूचना दे सकते हैं। हादसे से संबंधित सटीक जानकारी बीमा दावों व कानूनी कार्यों में मददगार होती है। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर नागरिकों को सचेत किया जाता है, जिससे आगे दुर्घटनाएं टल सकती हैं।
अहिवारा एवं धमधा में समाधान शिविर
दुर्ग। जिले में “सुशासन तिहार“ कार्यक्रम के अंतर्गत तृतीय चरण 5 मई से 30 मई 2025 तक नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरूवार 8 मई 2025 को नगर पालिका परिषद अहिवारा में वार्ड क्रमांक 3 मंगल भवन अहिवारा और जनपद पंचायत धमधा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गोढ़ी में शिविर आयोजित की जाएगी।
21 दिवसीय निःशुल्क ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर
दुर्ग। जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग द्वारा 09 से 29 मई 2025 तक 21 दिवसीय निःशुल्क ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर पूर्णतः निःशुल्क होगा। जिसमें सबजूनियर/जूनियर वर्ग के बालक/बालिकाएं भाग ले सकते हैं। शिविर में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का पंजीयन, संबंधित मैदान पर किया जाएगा, जिसमें पालक की सहमति होना अनिवार्य है। पंजीयन हेतु खिलाड़ी एक नग पासपोर्ट साईज नवीन फोटो के साथ संबंधित खेल मैदान पर प्रशिक्षक से सम्पर्क कर सकते हैं।
प्रशिक्षण हेतु विभाग द्वारा निःशुल्क खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर प्रतिदिन प्रातः 5.30 बजे से 7.30 बजे एवं संध्या सूर्यास्त होने के पूर्व मौसम व गर्मी को देखते हुए बच्चों की सुविधा अनुसार प्रशिक्षक समय निर्धारित करेंगे। प्रशिक्षण पूर्व ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आयोजन वर्ष 2025-26 के संबंध में बैठक 07 मई 2025 को आयोजित की गई। शिविर के सुचारु आयोजन हेतु विलियम लकड़ा सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग की अध्यक्षता एवं तनवीर अकील जिला क्रीडा अधिकारी जिला दुर्ग, व्यायाम शिक्षकों, खेल संघों एवं खेल प्रशिक्षकों की 07 मई 2025 को कार्यालय सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
जिले के विभिन्न खेल मैदानों पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। जिसमें हॉकी के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुरूद, समृद्धि बाजार के पास दुर्ग में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसी तरह व्हालीबॉल के लिए हॉस्पिटल सेक्टर हुड़कों, बजरंग पारा कोहका में। खो-खो के लिए नेशनल स्कूल मैदान दुर्ग, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पुरई, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला झीट पाटन, खो-खो मैदान पाउवारा में। फुटबॉल के लिए रविशंकर स्टेडियम दुर्ग, साइंस कालेज मैदान दुर्ग, हाउसिंग बोर्ड भिलाई में। कबड्डी के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मर्रा पाटन, बैगापारा स्टेडियम दुर्ग, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जोन-2 खुर्सीपार, दशहरा मैदान उतई में। साफ्टबॉल के लिए नवीन कालेज मैदान खुर्सीपार में। बेसबॉल के लिए खेल मैदान भिलाई-03 में, साइकल पोलो के लिए साइकल पोलो मैदान भिलाई में। साइक्लिंग के लिए भिलाई निवास के सामने में। भारोत्तोलन के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मर्रा, झीट मैदान में। कुश्ती के लिए महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक शाला दुर्ग में। एथलेटिक्स के लिए खेल मैदान खम्हरियां में। बास्केटबॉल के लिए राजेश पटेल मैदान सेक्टर-02, सेंट थामस कॉलेज मैदान रिसाली में। नेटबॉल के लिए एन.सी.आर.टी. स्कूल सेक्टर-06, भिलाई विद्यालय सेक्टर-02 में, ताईकंडो के लिए जे.पी. नगर भिलाई, महावीर खेल मैदान दुर्ग में। मार्शल आर्ट के लिए जुनवानी वार्ड क्र. 01 भिलाई और कुडों के लिए प्राथमिक शाला कसारीडीह दुर्ग में निःशुल्क ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इच्छुक खिलाड़ी संबंधित मैदान पर उपस्थित होकर पंजीयन करवाने उपरान्त निःशुल्क प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
आपात कालीन स्थितियों से निपटने मॉकड्रिल की गई
दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में दुर्ग/भिलाई नगर में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये नागरिकों को तैयार करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से 7 मई 2025 को सायं 4.00 बजे आपातकालीन स्थितियां निर्मित की गई, जो ऑल क्लियर सिग्नल बजने तक जारी रही। ’’रेड अलर्ट’’ सायरन बजने पर प्रारंभ होकर ’’ऑल क्लियर’’ सायरन बजने तक नागरिक सुरक्षा मॉकड्रिल आयोजित की गई। मॉकड्रिल के दौरान जो नागरिक रोड पर थे, वे सड़क पर लेट कर मुंह में कपड़ा या रुमाल दबा कर दोनों हाथों से कान को ढक लिये थे, जो लोग वाहनों पर थे, वे भी अपने वाहन को वही रोड किनारे पर खड़े कर उसकी हैडलाइट और बैकलाइट बंद कर वाहनों से निकल कर सड़क पर लेट गये। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी मॉकड्रिल में शामिल हुए। सेक्टर-6 भिलाई पुलिस कंट्रोल रूम के बाजू पुलिस पेट्रोल पम्प के सामने चौक पर पूर्व सैनिक हरप्रीत सिंह छ.ग. आर्मी फाउण्डेशन द्वारा नागरिकों को मॉकड्रिल करायी गई। बीएसपी सेक्टर एवं प्लांट, सूर्यामॉल, सराफा बाजार, पावर हाउस, पुलगांव चौक दुर्ग, इंदिरा मार्केट दुर्ग, नल घर काम्प्लेक्स इमरजेंसी हॉस्पीटल मेडिकल कॉलेज आदि स्थानों पर मॉकड्रिल करायी गई। सायं 7.30 बजे से 7.45 बजे तक भिलाई सेक्टर क्षेत्र में ’’रेड अलर्ट’’ सायरन बजने से प्रारंभ कर ’’ऑल क्लियर’’ सायरन बजने तक ’’ब्लैक आउट माकड्रिल’’ का आयोजन किया गया। इस दौरान रैड अलर्ट साइरन बजने पर सभी नागरिक अपने घर, दुकान, आफिस, संस्थान आदि की रोशनी को बंद किये। सड़क पर चल रहे वाहन रेड अलर्ट साइरन बजते ही वाहन खडे़ कर हैडलाइट और बैकलाइट भी बंद कर दी गई। ग्रीन अलर्ट साइरन “आल क्लीयर सिग्नल” बजने के बाद लाइट्स आन की गई। यह मॉकड्रिल पूर्वाभ्यास की एक सामान्य प्रक्रिया है। मॉकड्रिल के दौरान समस्त दैनिक गतिविधियाँ यथावत चालू थी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ, होमगॉर्ड, एनसीसी के कैडेट्स, सेना के भूतपूर्व सैनिक, पुलिस बल तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन व बीएसपी के अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे।
मन बुद्धि की शरणागति से मिलेगी भगवद् कृपा- सुश्री धामेश्वरी देवीजी
भाग्य अथवा पुरुषार्थ - कैसे मिलेगी भगवत् कृपा - सुश्री धामेश्वरी देवीजी
भिलाई, लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण, अनुष्ठा रेसीडेंसी, जुनवानी खम्हारिया रोड नियर स्मृति नगर में चल रही जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी की दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के तीसरे दिन देवी जी ने वेद और शास्त्रों के प्रमाण सहित बताया कि बुद्धि से भगवान् को जाना नहीं जा सकता परंतु यदि किसी पर भगवान् की कृपा हो जाये और भगवान् की बुद्धि (दिव्य शक्ति) उसे मिल जाये, तो साधारण मनुष्य भी भगवान् को जान सकता है। भगवद् कृपा के बिना भगवान् को नहीं जाना जा सकता। किन्तु भगवान् की कृपा के सिद्धांत का मतलब यह नहीं कि सब कुछ भगवान् ही करेगा, हमें भी कर्म करने की आवश्यकता है। कर्म का मतलब है प्रमुख रूप से मन से हरि गुरु का स्मरण एवं उनकी मानसी सेवा, यह भक्ति रूपी पुरुषार्थ है।
जब भगवान् की भक्ति का नंबर आता है तो मनुष्य बहाना बनाता है कि मेरे भाग्य में नहीं लिखा है या तो समय नहीं आया है या तो ईश्वर की इच्छा नहीं है। इसका मतलब यह है भगवान् की इच्छा से ही मनुष्य देह मिलता है और मनुष्य देह केवल भगवान् को पाने के लिए ही मिलता है क्योंकि चैरासी लाख में पशु पक्षी कीट पतंग भगवान् को नहीं जान सकते हैं तो इसीलिए मनुष्य देह भगवान् देते हैं और जब तक हम भक्ति रूपी पुरुषार्थ नहीं करेंगे हमारा भाग्य भी अच्छा नहीं हो सकता। भाग्य को अच्छा स्वयं को बनाना पड़ता है, वो पुरुषार्थ से परिश्रम से होगा। भगवान् हमें पुरुषार्थ को करने के लिए मार्ग बताएँगे किन्तु मनुष्य को स्वयं ही पुरुषार्थ करना है और उसी पुरुषार्थ से भगवान् की कृपा होगी, बहुत से लोग भगवान् की कृपा का गलत मतलब लगाते हैं कि सब कुछ ईश्वर ही कराता है। ईश्वर तभी कराएगा जब हम परिश्रम करेंगे किन्तु कोई कितना भी परिश्रम करे भगवान् की कृपा पाने के लिए शर्त होती है वो शर्त क्या है वो आगे कल प्रवचन में बताया जायेगा। प्रवचन के अंत में श्री राधाकृष्ण भगवान् की आरती के साथ समापन हुआ। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 14 मई 2025 तक प्रतिदिन शाम 7 से रात 9 बजे तक होगा।
भगवद् कृपा से ही बुद्धि भगवान् को जान सकती है - सुश्री धामेश्वरी देवीजी
भिलाई, लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण, अनुष्ठा रेसीडेंसी, जुनवानी खम्हारिया रोड नियर स्मृति नगर में चल रही जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी की दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के दूसरे दिन वेद और शास्त्रों के प्रमाणों सहित देवी जी ने बताया कि सर्वान्तरयामी सर्वशक्तिमान भगवान् को बुद्धि के द्वारा बड़े बड़े ज्ञानी तो क्या, ब्रम्हा विष्णु शंकर भी नहीं जान सकते क्योंकि भगवान् बुद्धि से परे हंै, मायातीत हंै। हम सभी जीव गुणों के आधीन हैं, भगवान् माया से परे है, दिव्य है, शाश्वत है, हमारी इन्द्रिय मन बुद्वि मायिक है, प्राकृत है इसलिए क्षुद्र शक्ति युक्त है। इसके अतिरिक्त भगवान् अनंत विरोधी धर्मों के अधिष्ठान भी हैं इसलिए बडे़ बडे़ ब्रम्हा विष्णु शंकर आदि बुद्धि के आधार पर नहीं जान सकते तो साधारण मनुष्य भी भगवान् की शक्ति को नहीं जान सकता। भगवान् छोटे से भी छोटा है, भगवान् बडे़ से भी बड़ा है, वो धर्म से परे है, अधर्म से भी परे है, सृष्टि से परे है किन्तु सृष्टिकर्ता भी है, अकर्ता है किन्तु न्यायकर्ता भी है, कृपाकर्ता भी है, भगवान् से भय भी भयभीत होता है किन्तु भगवान् यशोदा मैया की छड़ी से डरते हंैंै। भगवान् को बड़े बडे़ ऋषि मुनि महात्मा अपने पराक्रम से नहीं जान सकते और वो आत्माराम पूर्णकाम है किन्तु ब्रजगोपियों के साथ रास भी करते हैं इसलिए ऐसे भगवान् को जानना बुद्धि से असंभव है। बुद्धि से भगवान् को जाना नहीं जा सकता परंतु यदि किसी पर भगवान् की कृपा हो जाये और भगवान् की बुद्धि (दिव्य शक्ति) उसे मिल जाये, तो साधारण मनुष्य भी भगवान् को जान सकता है।
विश्व के अधिकांश महानुभाव यह कह दिया करते हंै कि ईश्वर की इच्छा के बिना कुछ नहीं हो सकता। कुछ लोग कोटेशन आदि के द्वारा प्रत्येक कर्म के लिए भगवान् को जिम्मेदार ठहराते हंैंै। उसे जैसा करना होता है, करा लेता है। किन्तु यह बात गलत है। ईश्वर ने हमें मनुष्य देह दिया, कर्म करने की शक्ति दी। चाहे हम अच्छे कर्म करें, चाहे बुरे कर्म। भगवान् उन कर्मों को नोट करता है फिर उन कर्मों के अनुसार हमें फल देता है।
भगवान् ने हमें सत्कर्म करने की शक्ति दी है किंतु उसकी दी हुई शक्तियों का हम दुरुपयोग करते हंै। यानि संसार में आसक्ति करते हंै और फिर कह देते हैं, हमारे भाग्य में नहीं है। अथवा भगवान् को दोषी ठहराते हंैंै। मनुष्य देह प्राप्त करके ईश्वर की भक्ति करने की बजाय संसार की जिम्मेदारियों की आड़ लेते हैं। वास्तव में भगवान् की कृपा का सही अर्थ समझना होगा, शास्त्रों से और संतो से। भगवद् कृपा के बिना भगवान् को नहीं जाना जा सकता। भगवान् की जिस पर कृपा हो जाती है वह उसे पूर्णतया जान लेता है। देवीजी ने यह भी बताया कि सगुण साकार भगवान् ही कृपा करता है इनकी कृपा के बिना किसी की भी माया-निवृत्ति नहीं हो सकती। प्रवचन का समापन श्री राधाकृष्ण भगवान् की आरती के साथ हुआ। 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 14 मई 2025 तक रोज शाम 7 से रात 9 बजे तक होगा।