छत्तीसगढ़ / गरियाबंद
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए 31 जुलाई तक प्रविष्टियां आमंत्रित
गरियाबंद। भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) की स्थापना की गई। इस पुरस्कार का उद्देश्य उन बच्चों को उचित प्रोत्साहन देना है। जिन्होंने विभिन्न क्षेत्र जैसे दूसरों के लिए असाधारण बहादुरी एवं असाधारण क्षमताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले बच्चे, जो रोल मॉडल हैं और जिन्होंने खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण कला और संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में समाज पर व्यापक और दृश्यमान प्रभाव डाला है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए भारतीय नागरिक पात्र है और वह भारत में रहता है।
कोई भी बच्चा, जिसकी आयु 5 वर्ष से अधिक है और 18 वर्ष (31 जुलाई 2025 को) से अधिक नहीं है। घटना, उपलब्धि आवेदन, नामांकन की प्राप्ति की अंतिम तिथि से 2 वर्ष के भीतर होनी चाहिए। आवेदक को किसी भी श्रेणी में पहले उसी पुरस्कार का प्राप्तकर्ता नहीं होना चाहिए। पीएमआरबीपी-2025 हेतु आवेदन प्राप्त किए जाने हेतु पोर्टल केवल ऑनलाईन माध्यम से ही आवेदन स्वीकार होंगे। इसके लिए पोर्टल पर विकल्प है, जिसमें आवेदक बच्चा स्वयं फार्म भर सकता है अथवा कोई अन्य अर्थात् माता-पिता, अधिकारी, शिक्षक आदि भी बच्चे का नामांकन कर सकते है। ऑनलाईन आवेदन पत्र प्राप्ति की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित है।
भाजपा मंडल गरियाबंद की कार्यकारिणी घोषित, मंडल अध्यक्ष सुमित पारख ने की सर्वसम्मति से की घोषणा
गरियाबंद। भारतीय जनता पार्टी ने गरियाबंद मंडल कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री पवन साय तथा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर की सहमति से मंडल अध्यक्ष सुमित पारख ने की है।
भाजपा ने बिंद्रानवागढ़ मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा की
भाजपा ने बिंद्रानवागढ़ मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा की
गरियाबंद जिले में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त पदों से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित, शीघ्र भर्ती की मांग तेज
गरियाबंद जिले में स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में रिक्त पदों से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित, शीघ्र भर्ती की मांग तेज
डिजिटल समावेशन और सुलभता' पर एकदिवसीय संगोष्ठी संपन्न।
देवभोग में विशेष आधार शिविर आज
आधार कार्ड बनाने से छूटे हुए लोग ले सकेंगे लाभ
गरियाबंद । कलेक्टर बीएस उइके के निर्देशानुसार देवभोग में 19 मई को विशेष आधार शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड बनाने से अभी तक छूटे हुए लोगों का शिविर में आधार कार्ड बनाया जाएगा। शिविर का आयोजन एनआरएलएम भवन जनपद पंचायत देवभोग में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। आधार शिविर में देवभोग क्षेत्र के जिन लोगों के आधार बनने में समस्या आ रही है वैसे लोगों का आधार कार्ड बनाया जाएगा। ऐसे लोग शिविर में आकर आधार कार्ड बनवाने का लाभ ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ लोगों के आधार कार्ड बनने में दिक्कत आने की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री उइके ने विशेष आधार कार्ड निर्माण शिविर का आयोजन करने के निर्देश दिए थे। इसी तारतम्य में 19 मई सोमवार को देवभोग में विशेष आधार कार्ड शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
स्पोर्टस कॉम्पलेक्स के लिए भूमि का हुआ आबंटन
दावा-आपत्ति 23 मई तक आमंत्रित
गरियाबंद। जिले में स्पोर्टस काम्पलेक्स के निर्माण की त्वरित आवश्यकता तथा शासकीय भूमि के आबंटन में समय लगने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम डोंगरीगावं, तहसील गरियाबंद में स्थित शासकीय भूमि खसरा नम्बर 267/1 रकबा 16.60 हे. में से 8.00 हे. भूमि को छ.ग. शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को स्पोर्ट्स काम्पलेक्स अंतर्गत अधोसंरचना निर्माण हेतु नियत शतों के अधीन अग्रिम अधिपत्य का आदेश न्यायालय कलेक्टर द्वारा 17 अप्रैल 2025 को पारित किया गया है। उपरोक्त संबंध में किसी भी व्यक्ति/संस्था/शासकीय/अर्द्धशासकीय निकाय या अन्य संस्था को किसी भी प्रकार की दावा/आपत्ति हो तो सुनवाई हेतु 23 मई 2025 तक स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से लिखित दावा/ आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। नियत तिथि के बाद प्राप्त होने वाले दावा/आपत्ति पर किसी प्रकार की कोई सुनवाई नहीं कि जावेगी।
कलेक्टर ने देवभोग ब्लॉक के पीएम आवास योजना की समीक्षा की
कार्याे में कम प्रगति एवं अपूर्णता पर 23 ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं आवास मित्र को नोटिस जारी
गरियाबंद । जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत कार्यों को पूर्ण कराने कलेक्टर बी.एस. उइके जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में जाकर मैदानी अमलों की लगातार बैठक ले रहे हैं। इसी कड़ी में आज देवभोग विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्रों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में पीएम आवास की कम प्रगति एवं कार्य अपूर्णता पर गहरी नाराजगी जताते हुए कुल 23 ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक एवं आवास मित्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। इनमें ग्राम पंचायत बरकानी, डुमरगुड़ा, कदलीमुड़ा, सुपेबेड़ा, नवागांव, सितलीजोर, सुकलीभाठा पुराना के ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम बरकानी, डुमरगुड़ा, कदलीमुड़ा, सुपेबेड़ा, सितलीजोर, सुकलीभाठा पुराना के आवास मित्र एवं बरकानी, डुमरगुड़ा, कदलीमुड़ा, नवागांव, सितलीजोर, सुकलीभाठा पुराना के रोजगार सहायक शामिल है। इसी प्रकार तकनीकी सहायक उपासना ध्रुव, कुरेन्द्र बघेल, देहुती अलेन्द्र एवं शिवकुमार नारंगे को नोटिस देने के निर्देश दिये गए। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री आवासा योजना केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण एवं फ्लैगशिप योजना है। इसके तहत पात्र लोगों को आवास की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता पाये जाने पर संबंधितों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने पंचायत वार स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत, हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त आबंटन एवं अप्रारंभ कार्यों की जानकारी लेकर अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू करने और जारी कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर नवीन भगत, एसडीएम तुलसीदास मरकाम सहित तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि देवभोग ब्लॉक अंतर्गत कुल 6 हजार 723 आवास वर्ष 2024-25 अंतर्गत स्वीकृत किये गये है। इनमें से 1 हजार 528 आवास पूर्ण हो चुके है, शेष प्रगतिरत है। कलेक्टर ने पीएम आवास योजना अंतर्गत धीमी प्रगति वाले पंचायतों के अधिकारी कर्मचारियों को सक्रिय होकर प्राथमिकता में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों का जिओ टैगिंग भी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पीएम आवास योजना अंतर्गत सर्वे, जिओ टैगिंग, इंस्टॉलमेंट के नाम से अवैध वसूली की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इस संबध में शिकायत पाये जाने पर संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करने कोई लापरवाही न बरते। सर्व संबंधित सक्रियता एवं गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए लोगों को योजना से लाभान्वित कराये।
नगर सैनिकों की भर्ती, लिखित परीक्षा 22 जून को
30 मई तक आवेदन आमंत्रित
गरियाबंद । होमगार्ड विभाग में 1715 महिला नगर सैनिकों (छात्रावास ड्यूटी) तथा 500 नगर सैनिकों (जनरल ड्यूटी) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु वर्ष 2024 में शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा 04 संभागीय केद्रों-रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में आयोजित की गई थी। जिसमें पात्र कुल 20 हजार 137 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिये चयनित किया गया है। चयनित सभी अभ्यर्थियों की सूची विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध है। चयनित सभी अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा हेतु छ.ग. व्यापम वेबसाईट के लिंक में जाकर रजिस्ट्रेशन एवं ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य होगा। जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2025 है। लिखित परीक्षा 22 जून 2025 को व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम)द्वारा राज्य के चार जिले रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में आयोजित की जायेगी।
जिला सेनानी नगर सेना एवं जिला अग्निशमन अधिकारी गरियाबंद ने बताया कि विभाग द्वारा आबंटित एप्लीकेशन आईडी एवं जन्म तिथि डालकर अभ्यर्थी छ.ग.व्यापम की वेबसाईट पर लिखित परीक्षा हेतु आवेदन करेंगे। व्यापम द्वारा पंजीयन नंबर पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा। जिन पात्र अभ्यर्थी द्वारा छ.ग. व्यापम के वेबसाईट में जाकर पंजीयन एवं आवेदन सबमिट नहीं किया जायेगा वे अभ्यर्थी लिखित परीक्षा से वंचित होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी की स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा होमगार्ड विभाग के वेबसाईट पर पूर्व में जमा किये गये ऑनलाईन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी। व्यापम की वेबसाईट पर आवेदन पत्र को सफलतापूर्वक सबमिट करना अनिवार्य है।
कलेक्टर एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धौराकोट में आयोजित समाधान शिविर में हुए शामिल
समाधान शिविर धौराकोट कलस्टर अंतर्गत 3 हजार 670 निराकृत
गरियाबंद। सुशासन तिहार अंतर्गत आज जनपद पंचायत देवभोग के ग्राम पंचायत धौराकोट में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर बीएस उइके एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुसार कलस्टर में जुड़े ग्रामों के जनसामान्य की समस्याओं का समाधान शिविर में किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजना महतारी वंदन योजना, कृषक सम्मान निधि, राशन कार्ड, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान योजना से जनसामान्य लाभान्वित हो रहे है। इस दौरान कलेक्टर श्री उइके जनसामान्य से रूबरू हुए एवं उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को तन्मयतापूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जनमानस से स्टाल का अवलोकन करने तथा अधिक से अधिक शासन की योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करने तथा लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जनपद अध्यक्ष श्रीमती पद्मलया निधि, जनपद उपाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नेहा सिंघल, देशबंधु नायक, धौराकोट के सरपंच शोभाराम नायक, पूर्व विधायक डमरूधर पुजारी, गोवर्धन मांझी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्राप्त जानकारी अनुसार सुशासन तिहार के दौरान धौराकोट कलस्टर अंतर्गत 3 हजार 670 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 3 हजार 667 विभिन्न मांगों से संबंधित थे। तथा तीन आवेदन शिकायत के थे जिसे अधिकारियों ने गंभीरतापूर्वक जांच कर निराकृत किया।
शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दो नन्हें बच्चों का अन्नप्राशन और तीन गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म अदायगी की। साथ ही हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी सर्टिफिकेट परीक्षा में उच्चतम अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दो दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड अन्य सामग्री प्रदाय किया गया।
शिविर में ग्राम पंचायत धौराकोट सहित 12 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों से प्राप्त मांगों एवं शिकायतों के संबंध में प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इनमें ग्राम पंचायत बरबहाली, नवागांव, चिचिया, माहुलकोट, मोखागुड़ा, कदलीमुड़ा, गाड़ाघाट, डुमरपीटा, धौराकोट, सिलतीजोर, फलसापारा एवं भतराबहली शामिल है। समाधान शिविर में सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की जानकारी अधिकारियों द्वारा वाचन किया गया। शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने अवलोकन किया। स्टॉल में अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। शिविर में ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में रक्त परीक्षण, ब्लड प्रेशर, मधुमेह का परीक्षण कराया। स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यकता अनुसार दवाईयों का वितरण किया गया। वही आयुर्वेद विभाग के स्टॉल में जनसामान्य को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाईयों का वितरण किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने आधार कार्ड बनवाया तथा आधार अपडेशन भी करवाया।
गरियाबंद: ऑपरेशन सिंदूर के बाद तिरंगा यात्रा का भव्य आयोजन, देशभक्ति से सराबोर हुआ शहर
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
गरियाबंद, [तारीख] — "ऑपरेशन सिंदूर" की सफलता के उपलक्ष्य में गरियाबंद जिले में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा की शुरुआत कलेक्टर बी.एस. उइके एवं पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय से हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी मैदान में सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, मंडल अध्यक्ष सुमित पारख नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना के शौर्य और पराक्रम के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उत्साह के साथ शामिल हुए। इसका उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को प्रबल और मजबूत करना है।”
वहीं, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने कहा, “भारतीय सेना के समर्थन में आज तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आज पूरे देश की जनता सेना के साथ है।”
यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से नगर गूंज उठा। प्रतिभागियों ने तिरंगा थामे देश के प्रति अपनी आस्था, सम्मान और समर्थन व्यक्त किया। समापन के बाद गांधी मैदान में सभा का आयोजन किया गया, जहाँ सेना के साहस और बलिदान को सलाम किया गया।
यह तिरंगा यात्रा गरियाबंद जिले में एक नई ऊर्जा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनकर उभरी।
इस दौरान यात्रा में नगर पालिका उपाध्यक्ष आसिफ मेमन, पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोनटेके, वरिष्ठ नागरिक मुरलीधर सिन्हा, आशीष शर्मा, राधेश्याम सोनवानी, सागर मयाणी,, प्रशांत मानिकपुरी, रेणुका साहू पुष्पा साहू, नपा सभापति विष्णु मरकाम, सूरज सिन्हा, खेम सिंह बघेल, प्रकाश यादव, भीम साहू, प्रकाश सोनी, प्रतीक सिंह, विनोद नेताम सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
प्रशानिक अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ मरकाम, अपर कलेक्टर नवीन भगत, जिला शिक्षा अधिकारी एसके सारस्वत, तहसीलदार मयंक अग्रवाल, नायब तहसीलदार अवंती गुप्ता मौजूद थे।
भूतेश्वर नाथ रोड को चौड़ीकरण करने की नितांत आवश्यकता
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
भूतेश्वर नाथ रोड क्षेत्र की एक अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क है, जो धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से एक प्रमुख मार्ग बन चुकी है। इस सड़क का चौड़ीकरण वर्तमान समय की आवश्यकता बन गया है क्योंकि तीर्थयात्रियों, स्थानीय नागरिकों और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण यह सड़क अत्यधिक संकीर्ण हो गई है। संकरी सड़क के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
भूतेश्वर नाथ एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन हेतु आते हैं। चौड़ी सड़क श्रद्धालुओं की सुविधा को बढ़ाएगी और यातायात को सुगम बनाएगी। वहीं, संकरी सड़क के कारण एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को आने-जाने में कठिनाई होती है। चौड़ी सड़क आपदा प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगी।
इसके अलावा चौड़ी सड़क स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के अवसरों को बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक उन्नति होगी। भविष्य में क्षेत्र के जनसंख्या और यातायात के और अधिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए अभी से चौड़ीकरण आवश्यक है, ताकि भविष्य में बड़ी लागत से बचा जा सके।
निष्कर्ष
भूतेश्वर नाथ रोड का चौड़ीकरण केवल यातायात सुधार की दिशा में कदम नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास, सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल होगी। अतः प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आग्रह है कि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएं।
"जिला मुख्यालय गरियाबंद में अधिकारी-कर्मचारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर — अल्प मानदेय कर्मचारियों की बढ़ती पीड़ा"
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय में कार्यरत अनेक शासकीय अधिकारी और कर्मचारी आज भी अपने परिवार के साथ किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। विडंबना यह है कि जिला गठन के वर्षों बीत जाने के बावजूद यहां स्थायी सरकारी आवासों की भारी कमी बनी हुई है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक असुविधा का कारण बन रही है, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
जिन अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला गरियाबंद जिला मुख्यालय में हुआ है, उन्हें न तो विभागीय आवास उपलब्ध हैं, न ही आवास भत्ता इतना पर्याप्त कि वे आराम से शहर में मकान किराए पर ले सकें। सबसे अधिक तकलीफ उन कर्मचारियों को हो रही है जो अल्प मानदेय में सेवा दे रहे हैं। उनकी मासिक आमदनी का एक बड़ा हिस्सा किराए में ही चला जाता है।
स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा:
यह स्थिति निश्चित रूप से चिंताजनक है। गरियाबंद जैसे छोटे शहर में जहां जीवन यापन की लागत अपेक्षाकृत कम होनी चाहिए, वहीं जब सरकारी कर्मचारी ही आर्थिक संकट में किराए के मकान तलाशने को मजबूर हों, तो यह नीति-निर्माताओं की प्राथमिकता पर सवाल उठाता है।
जिला प्रशासन एवं राज्य शासन को इस ओर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। यहां कर्मचारियों हेतु आवासीय परिसर बनाए जाएं, साथ ही जब तक आवास उपलब्ध न हो, तब तक किराया भत्ता यथासंभव बढ़ाया जाए। विशेषकर अल्प मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को राहत देने की आवश्यकता है, ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर अपने कार्यों को कुशलता से संपादित कर सकें।
निष्कर्ष:
यह केवल कर्मचारियों की समस्या नहीं है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की निरंतरता का भी प्रश्न है। यदि कर्मचारी ही बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझते रहेंगे, तो आम जनता को सुचारु सेवाएं कैसे मिलेंगी? अतः शासन-प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाकर गरियाबंद जिला मुख्यालय में सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
देर रात CMHO का जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, ,प्रीमैच्योर डिलीवरी के दौरान खुद मैदान में उतरीं डॉ. गार्गी, नवजात को बचाने संभाली कमान।
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
देर रात CMHO का जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, ,प्रीमैच्योर डिलीवरी के दौरान खुद मैदान में उतरीं डॉ. गार्गी, नवजात को बचाने संभाली कमान। बार-बार मिल रही शिकायतों के बीच सीधा एक्शन, अस्पताल में लापरवाहों पर जल्द गिरेगी गाज।
गरियाबंद। गरियाबंद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए गुरुवार देर रात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर गार्गी यदु ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया और मरीजों व उनके परिजनों से रूबरू चर्चा कर व्यवस्था और सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की शिकायत सामने आई। दरअसल अस्पताल में एक डिलीवरी में प्रीमैच्योर बेबी हुई। नवजात की स्थिति गंभीर होने के कारण शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को इमरजेंसी कॉल किया गया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जिसके बाद डॉक्टर गार्गी यदु डिलीवरी के दौरान स्वयं मौजूद रही। बच्चे की जांच भी की। उसे में एनआईसीयू में रखा गया। CMHO ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ को कई बार कॉल किया गया लेकिन उठाया नहीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने वार्डों, दवा वितरण केंद्र, लैब और आपातकालीन कक्ष का दौरा किया। इस दौरान कई मरीजों ने उन्हें अच्छे से इलाज सुविधा मिलने की बात कही।।
निरीक्षण के बाद जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ गार्गी यदु ने कहा कि कई बार रात्रि समय में डॉक्टर और स्टाफ नर्स के अनुपस्थिति मिलने की शिकायत मिली थी। इसके चलते आज औचक किया। मरीजों से बातचीत कर सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान डॉक्टर और नर्स उपस्थित मिले। कुछ समय के पहली ही एक डिलीवरी भी हुई। एक प्री मैच्योर बेबी भी है। दो डिलीवरी और होनी है। जिसमें एक बच्चे को जन्मजात विकृती है।
सीएमएचओ ने कहा कि कई बार डॉक्टर और स्टाफ नर्स के अनुपस्थिति की शिकायत मिलती रहती है इसलिए अभी आगे समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहेंगे। इस दौरान डॉक्टर लक्ष्मी जांगड़े, नोडल सीकेडी डॉ सुनील रेड्डी, अस्पताल सलाहकार शंकर पटेल भी उपस्थित थे।
महिला सरपंच,व्यायाम शिक्षक पति और अन्य दो के विरुद्ध मामला दर्ज
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
गरियाबंद- जिले की ग्राम पंचायत आमदी म में महिला सरपंच के पति की मनमानी व पंचायत कार्यो में हस्तक्षेप का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
विवादों के बढ़ते घटनाक्रम में मंगलवार आमदी म की महिला सरपंच श्रीमती रेखा ठाकुर उनके पति जयंत ठाकुर अन्य दो दिव्यांश पटेल तथा लूणकरण के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराया गया है।
रिपोर्टकर्ता नेहरू साहू के अनुसार 10 मई की रात जयंत ठाकुर दिव्यांश पटेल रेखा ठाकुर और लूणकरण ठाकुर, शिक्षक नगर आमदी में मेरे घर के सामने आकर मेरे बड़े भाई जीवन एस साहू का नाम लेकर अश्लील गंदी गाली गलौज कर रहे थे। अखबार में समाचार छापने से नाराज धमकी दे रहे थे।
पिछले दिनों आमदी म के वार्ड नं 09 में सरकारी पैसे से बनाया गया कूड़ादान को मोहल्लेवासियों की जानकारी के बिना तुडवा दिया गया, जिससे कचरा निस्तारण में आ रही परेशानी को लेकर जीवन एस साहू द्वारा समाचार लिखा गया। पेपर में समाचार छपने से नाराज होकर रात में पत्रकार को धमकी दी गई। पत्रकार जीवन उस रात किसी विवाह कार्यक्रम में गये थे, गाली गलौज सुनकर उसके भाई नेहरू साहू उसका पुत्र और पुत्रवधु घर के बाहर आये और उनको समझाने की कोशिश की।घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में वीडियो फुटेज की जानकारी थाने में दी गई है।
पहले भी दर्ज है मामला
आमदी म की महिला सरपंच रेखा ठाकुर के पति शासकीय शिक्षक है लेकिन पंचायत कार्यों में दखल देते रहते हैं। मार्च महीने में तिवारी परिवार द्वारा वर्षों पूर्व बनाये गए पूर्वजों के मठ को भी तुडवा दिया था , जिसमे सरपंच पति के ऊपर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दिव्यांश पटेल और लूणकरण पर भी प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज है।
सुशासन तिहार शिविर में भी शिकायत
आपको बता दें कि पत्रकार जीवन एस साहू के भाई नेहरू की रिपोर्ट पर चारों आरोपियों पर धारा 296, 351 (2), 3( 5) लगाई गई है।
आमदी म गांव के बहुत से लोगो ने सढौली में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में शासकीय शिक्षक सरपंच पति और उनके संबंधित कुछ लोगों द्वारा गांव में शांति भंग कर अराजकता फैलाने को लेकर शिकायत की है।
"एक देश, एक चुनाव देश की जरूरत : सांसद रूप कुमारी चौधरी"
राधेश्याम सोनवानी, रितेश यादव
"एक देश, एक चुनाव देश की जरूरत : सांसद रूप कुमारी चौधरी"
गरियाबंद। एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लेकर मंगलवार को नगर के ऑक्सन हॉल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्व समाज, गायत्री परिवार और व्यापारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लिया और अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद रूप कुमारी चौधरी थी। उन्होंने एक साथ चुनाव के उद्देश पर फोकस किया।
सांसद चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय में देश को एक देश, एक चुनाव की सख्त जरूरत है। हर साल देश के किसी न किसी हिस्से में चुनाव होते रहते हैं, इससे प्रशासनिक तंत्र पर भी बोझ पड़ता है और विकास कार्य बाधित होते हैं। बार-बार आचार संहिता लागू होने के कारण कई योजनाएं अधर में लटक जाती हैं और शासन-प्रशासन का सामान्य कार्य भी बाधित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने से न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी अपने कार्यकाल का पूरा समय जनता की सेवा में लगाने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम राज्य भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने बताया कि 1952 से 1967 तक, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ ही होते थे। लेकिन बाद में, कुछ राज्यों में विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने के कारण यह सिलसिला टूट गया। उन्होंने एक साथ चुनाव पर जोर देते हुए कहा कि बार-बार चुनाव दीर्घकालिक नीतियां प्रभावित होती है। एक साथ चुनाव होगा तो सरकारों को पांच साल का स्थिर कार्यकाल मिलेगा, जिससे वे बेहतर नीतियां बना सकेंगी। कार्यक्रम को पूर्व विधायक समरूधर पुजारी ने भी सम्बोधित किया।
संगोष्ठी में गायत्री परिवार से श्रीमती सुनीता साहू, वरिष्ठ नागरिक सत्यप्रकाश मानिकपुरी, प्राचार्य डॉ आरके तलवारे, डॉ सत्येंद्र तिवारी, अधिवक्ता लोकनाथ साहू सहित मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी एक देश, एक चुनाव को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने इसे देशहित में एक आवश्यक सुधार बताया, जिससे संसाधनों का समुचित उपयोग संभव होगा। कार्यक्रम में वक्ताओं को एक देश एक चुनाव का मोमोंटो भी दिया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व राजिम विधायक संतोष उपाध्याय,
जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, पूर्व अध्यक्ष राजेश साहू, बलदेव सिंह हुंदल, कार्यक्रम के संयोजक चंद्रशेखर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव, जिला मंत्री मिलेश्वरी साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप, उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, नपा उपाध्यक्ष आसिफ मेमन, सुरेंद्र सोनटेके, राधेश्याम सोनवानी, अनूप भोसले, व्यापारी संघ से हरीश भाई ठक्कर, हलमन ध्रुवा, सुमित पारख, भगवानों बेहरा, सोहन देवांगन, विजय शर्मा, राजेंद्र परिहार, विकास रोहरा, सूरज सिन्हा, खेम सिंह बघेल, पुष्पा साहू, ताकेश्वरी साहू सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिवक्तागण, व्यापारीगण, गायत्री परिवार के सदस्य साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
पीएम आवास में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने पर 11 ग्राम पंचायत सचिवों को मीटिंग में ही कारण बताओ नोटिस जारी
कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना की गहन समीक्षा की। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों की बैठक लेकर जिले में पीएम आवास योजना के प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत सभी कार्यों का गंभीरतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधितों को दिए। उन्होंने पंचायत वार स्वीकृत कार्यों, प्रगतिरत, हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त आबंटन एवं अप्रारंभ कार्यों की जानकारी ली।
उन्होंने अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू करने और जारी कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक के दौरान पीएम आवास निर्माण कार्यों में उदासीनता, लापरवाही स्वेच्छाचारिता एवं अरुचि दिखाने वाले 11 ग्राम पंचायत सचिवों को मीटिंग के दौरान ही कारण बताओं नोटिस जारी किए। इनमें ग्राम पंचायत दांतबाय कला, कोसमबुड़ा, गुजरा, खरता, हाथबाय, बरबाहरा, मौहाभांठा, बेगरपाला, लोहारी, मरदाकला एवं खरहरी के पंचायत सचिव शामिल है। कलेक्टर ने धीमी प्रगति वाले पंचायतों के अधिकारी कर्मचारियों को सक्रिय होकर प्राथमिकता में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों का जिओ टैगिंग भी सुनिश्चित करने करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पीएम आवास योजना अंतर्गत सर्वे , जिओ टैगिंग, इंस्टॉलमेंट के नाम से अवैध लेन देन की शिकायत नहीं आनी चाहिए। अन्यथा संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को लाभान्वित करने कोई कोताही न बरते।
इस दौरान बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर श्री नवीन भगत सहित पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री उइके ने बैठक में कहा कि शासन के मंशानुसार हितग्राहियों के आवास समय पर पूर्ण हो, जिससे उन्हें आवास योजना का लाभ आसानी से मिल सके। आवास योजना की लगातार शासन स्तर से भी समीक्षा हो रही है। हितग्राहियों को लाभान्वित करने मैदानी अमले सक्रिय होकर गंभीरतापूर्वक कार्य करे। कलेक्टर श्री उइके बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने जनमन योजना अंतर्गत बन रहे आवासों की जानकारी ली। अपर कलेक्टर श्री भगत ने बताया कि जिले में कमार परिवारों को आवास सुविधाओं से लाभान्वित करने पीएम जनमन योजना अंतर्गत 911 आवास स्वीकृत किए गए है। इनमें 295 आवास पूर्ण हो चुके है, शेष प्रगतिरत है। कलेक्टर ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए शेष कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समन्वित प्रयास कर विशेष कार्य योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की प्रशंसा भी की। साथ ही धीमी प्रगति वाले क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों को उनसे सीख लेने की अपेक्षा की।