छत्तीसगढ़ / जांजगीर-चाम्पा
शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन के लिए 22 जुलाई तक आवेदन आमंत्रित
जांजगीर-चांपा 10 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के तहत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) चांपा ने विकासखंड बम्हनीडीह के शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी 542005015 बिर्रा एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी 542005017 सिलादेही में संचालनकर्ता रिक्त होने के फलस्वरूप उक्त ग्राम पंचायत के शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी (रा.) चांपा ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन के लिए उक्त ग्राम पंचायत के इच्छुक संस्था, समूह अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में 22 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे तक इस कार्यालय में प्रस्तुत करें। प्रस्तुत आवेदन पत्र में संलग्नक के रूप में संस्था, समूह का पंजीयन प्रमाण पत्र, बैंक की छायाप्रति बचत राशि सहित एवं आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य रूप से हो। निर्धारित तिथि व समय के उपरांत प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन के संबंध में सूचना उक्त ग्राम पंचायत कार्यालय व कार्यालय जनपद पंचायत बम्हनीडीह की नोटिस बोर्ड में चस्पा किया गया है।
एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा: कलेक्टर ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग की बैठक ली
एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने सभी विभाग समन्वय से करें कार्य - कलेक्टर
एक माह तक विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने, शिविर लगाने एवं जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश
जांजगीर-चांपा, 10 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिले में 14 वर्ष से आयु वर्ग की बालिकाओं के एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान में तेजी लाने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाने, अधिक से अधिक शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा ग्राम स्तर पर छात्राओं, पालकों एवं अभिभावकों से संपर्क कर एचपीवी टीकाकरण के लाभों की जानकारी दें तथा अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने अभियान की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग को नियमित समीक्षा, प्रभावी समन्वय एवं मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिले के सभी पालकों से अपील की है कि वे अपनी बालिकाओं का निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है तथा भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। यह टीका महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है। जिले में लगभग 11,380 पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जाना है। यह टीकाकरण रविवार एवं शासकीय अवकाश को छोड़कर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए वही किशोरियां पात्र हैं जिन्होंने अपना 14 वां जन्मदिन पूरा कर लिया हो, लेकिन 15वां जन्मदिन अभी न मनाया हो। आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र अथवा अन्य वैध दस्तावेज मान्य हैं। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ-पत्र भी स्वीकार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना बनी किसान जगनथिया कश्यप का सहारा
योजना की सहायता राशि से खाद-बीज खरीदकर मजबूत कर रहे खेती
जांजगीर-चांपा 10 जुलाई 2026
शासन द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए संबल बन रही है। प्रतिवर्ष मिलने वाली 6 हजार रुपये की सहायता राशि किसानों को खेती की आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने में मदद कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पेंड्री निवासी किसान श्री जगनथिया कश्यप भी इस योजना से लाभान्वित होकर खाद-बीज की व्यवस्था कर अपनी खेती को मजबूत बना रहे हैं। लगभग 2.5 एकड़ कृषि भूमि में खेती करने वाले श्री जगनथिया कश्यप को योजना के तहत प्रतिवर्ष 3 किस्तो में हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होती है।
श्री कश्यप बताते हैं कि इस राशि का उपयोग वे खेती के लिए आवश्यक खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री खरीदने में कर रहे हैं। समय पर मिलने वाली यह सहायता खेती की लागत कम करने में मदद करती है और कृषि कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायक बनती है। वे कहते हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इससे खेती की आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने में सुविधा मिलती है और किसानों को आर्थिक संबल भी प्राप्त होता है। श्री जगनथिया कश्यप ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त की है और कहा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पामगढ़ विकासखंड के डोंगाकोहरौद बस्ती में मार्ग निर्माण कार्य की मिली प्रशासकीय स्वीकृति
605.09 लाख रुपये की लागत से 4.337 किलोमीटर लंबी सड़क का होगा निर्माण
जांजगीर-चांपा, 10 जुलाई 2026
पामगढ़ क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप पामगढ़ से लाहौद मार्ग स्थित डोंगाकोहरौद बस्ती तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 605.09 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति के तहत 4.337 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सड़क निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
सुशासन तिहार: जन समस्या निवारण शिविर में त्वरित कार्रवाई, श्री कलेश कश्यप को मिली किसान किताब
जांजगीर-चांपा। मई 2026
जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम जर्वे (च) निवासी श्री कलेश कश्यप के लिए सुशासन तिहार 2026 खुशियों की सौगात लेकर आया। किसान किताब के लिए कलेश कश्यप ने जब सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में अपना आवेदन प्रस्तुत किया, तो उन्हें उम्मीद थी कि उनकी समस्या सुनी जाएगी। लेकिन उन्होंने नहीं सोंचा था कि समाधान इतनी जल्दी मिल जाएगा। शिविर में अधिकारियों द्वारा आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की गई और श्री कलेश कश्यप को तत्काल किसान किताब प्रदान की गई। किसान किताब हाथ में लेते ही उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलकने लगी।
किसान किताब मिलने से अब श्री कलेश कश्यप को फसल ऋण, कृषि अनुदान, बीज एवं उर्वरक वितरण सहित शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इससे उनकी कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही खेती-किसानी से जुड़ी कई सुविधाओं और योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता खुल गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर में आवेदनों का समाधान त्वरित हो रहा है और शासन की योजनाएं अब वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।
जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री
शिक्षा, संगठन और संस्कार से ही समाज की प्रगति संभव: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
तेज रफ्तार वाहन ने ली मासूम की जान, पोस्टमार्टम के दौरान गायब हुआ सोने का लॉकेट
जांजगीर-चांपा । जिले के बिर्रा-शिवरीनारायण मार्ग स्थित केरा गांव में तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम हर्ष श्रीवास की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक छोटा हर्ष अपने पिता मनोज कुमार श्रीवास की सैलून दुकान के बाहर खड़ा था, तभी तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
गंभीर रूप से घायल बच्चे को उसके पिता तत्काल नवागढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को रातभर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया।
इधर, परिजनों ने पोस्टमार्टम के दौरान बच्चे के गले से सोने का लॉकेट गायब होने का आरोप लगाया है।
परिवार का कहना है कि अस्पताल लाने के समय लॉकेट मौजूद था, लेकिन अगले दिन वह नहीं मिला।
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर फरार वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल परिसर में लॉकेट गायब होने के मामले की भी जांच की जा रही है।
तालाब में डूबने से दो सगी बहनों की मौत, गांव में पसरा मातम
अर्जुनी । अर्जुनी गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में तालाब में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। मृत बच्चियों की पहचान मुस्कान रात्रे (9) और श्रुति रात्रे (8) के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार दोनों बहनें दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल के पास स्थित तालाब में अपनी दादी के साथ नहाने गई थीं। दादी तालाब किनारे कपड़े धो रही थीं, जबकि बच्चियां पानी में खेल रही थीं। इसी दौरान दोनों खेलते-खेलते गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं।
कुछ देर बाद जब बच्चियां दिखाई नहीं दीं तो दादी ने शोर मचाया। ग्रामीणों ने तालाब में तलाश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। घटना के बाद लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं प्रशासन से तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
सुशासन तिहार : बलौदा के ग्राम पंचायत भिलाई में आयोजित हुआ जनसमस्या निवारण शिविर
खनिज विकास निगम के अध्यक्ष, विधायक, कलेक्टर ने नागरिकों से शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित निराकरण के लिए सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत भिलाई के शासकीय पूर्व माधमिक शाला भिलाई में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।
भिलाई कलस्टर में 23 ग्राम पंचायत भिलाई, चारपारा, बछौद, ढोरला, नवापारा-ब, महुदा-ब, जुनाडीह, बुड़गहन, पनोरा, बिरगहनी-ब, कोरबी, डोंगरी, सोनबरसा, कुरमा, हरदीविशाल, नवापारा-ख, खिसोरा, बगडबरी, जावलपुर, झपेली, रसौटा, पोंच, दहकोनी ग्राम पंचायत शामिल हुए। शिविर में उपस्थिति अतिथियों द्वारा पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास योजना के तहत चाबी, मनरेगा जॉब कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, श्रम कार्ड, सुपोषण कीट, स्वसहायता समूहों की दीदियों को ऋण सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत सामग्रियों, चेक का वितरण किया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। शिविर में ग्राम पंचायत भिलाई में कुल 746 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमे 689 मांग एवं 57 शिकायत से संबंधित है।
छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है, उन्होंने नागरिकों से अपील की जनसमस्या निवारण शिविर में अधिक से अधिक भाग ले कर अपनी समस्याओं के समाधान करायें। उन्होंने प्रत्येक गांव में महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से नए तालाब निर्माण एवं जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता देने कहा। साथ ही किसानों के केसीसी प्रकरणों के निराकरण एवं शासन की विभिन्न योजनाओं की पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ देने की बात भी कही।
अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि मिलकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने ने नागरिकों से अधिक से अधिक आवेदन प्रस्तुत कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। पूर्व सांसद कमला देवी पाटले ने कहा कि सुशासन तिहार सरकार आपके द्वारा की भावना को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें तथा अपनी आवश्यकताओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत करें। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यह शिविर जनता की है और सभी को इसमें अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का विधिवत पंजीयन किया जाएगा तथा आवेदकों को इसकी सूचना दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। साथ ही राजस्व विभाग से संबंधित सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारा जैसे प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से विभिन्न योजनाओं में ई-केवाईसी अवश्य कराने की अपील की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य बबीता रात्रे, जनपद पंचायत अध्यक्ष शारदा देवांगन, वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोगरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनसमस्या निवारण शिविर में आयोजित हुए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन :
कलेक्टर महोबे के निर्देशानुसार जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम भिलाई में आयोजित सुशासन तिहार के अवसर पर जनसमस्या निवारण शिविर अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल, हीमोग्लोबिन जांच एवं ईसीजी जांच की सुविधा प्रदान की गई। साथ ही जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नेत्र रोग, ईएनटी, शिशु रोग एवं स्त्री रोग संबंधी सेवाएं भी दी गईं। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड का वितरण किया गया। वहीं क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 06 मरीजों को पोषण किट वितरित किया गया।
विकसित कृषि संकल्प अभियान : कलेक्टर महोबे ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जांजगीर-चांपा । जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “विकसित कृषि संकल्प अभियान” की शुरुआत की गई। यह अभियान 5 मई से 20 मई तक जिलेभर में संचालित होगा। अभियान के तहत कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्यक्रम समन्वयक खेमादास महंत सहित कृषि एवं समवर्गीय विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि अभियान के माध्यम से कृषि विभाग की टीम प्रत्येक विकासखंड के गांव-गांव पहुंचकर किसानों को खरीफ मौसम की तैयारी, उन्नत बीजों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, हरी खाद, जैव उर्वरकों, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के प्रयोग के संबंध में जानकारी देगी। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, पीएम-आशा योजना अंतर्गत फसल विविधिकरण, आधुनिक कृषि यंत्रों तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के उपयोग तथा फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों के संबंध में भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कृषि एवं समवर्गीय विभागों के अधिकारियों के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय विशेषज्ञ गांवों में पहुंचकर किसानों को प्रत्यक्ष मार्गदर्शन देंगे। इसके अलावा दलहन, तिलहन एवं अन्य फसलों के उत्पादन बढ़ाने के उपायों की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकें।
सुशासन तिहार : त्रिवेणी रात्रे को मिली खुशियों की चाबी, पक्के घर का सपना हुआ साकार
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित सुशासन तिहार 2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों व नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर आमजनों से आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण कर रहे हैं।
इसी कड़ी में जनपद पंचायत अकलतरा के ग्राम तिलई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम मुरलीडीह की निवासी त्रिवेणी रात्रे को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के आवास की खुशियों की चाबी सौंपी गई। वर्षों से पक्के घर का सपना देख रही त्रिवेणी रात्रे के लिए यह पल यादगार बन गया। त्रिवेणी रात्रे ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में निवास करता था, जहां बारिश के मौसम में घर में पानी टपकता था और गर्मी के दिनों में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान स्वीकृत हुआ, जिससे अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहा है। पक्का घर बनने से न केवल रहने की सुविधा मिली है, बल्कि परिवार में आत्मविश्वास और सुरक्षित भी महसूस कर रही हैं। रात्रे ने कहा कि सुशासन तिहार 2026 वास्तव में आम लोगों के लिए राहत और खुशियों का माध्यम बनकर सामने आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है।
सभी जनपद पंचायतों में हुआ रोजगार दिवस व आवास दिवस का आयोजन
जांजगीर-चांपा । जिले के जनपद पंचायत के ग्राम पंचायतों में 07 मई 2026 को “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में इस दौरान आवास एवं मनरेगा योजनाओं से संबंधित विषयों के निराकरण करने के निर्देश दिए। रोजगार दिवस में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने हेतु विस्तृत चर्चा की गई।
रोजगार दिवस कार्यक्रम बरभांठा, पेंड्री, सेमरा, टूरी,चौराभांठा, पुटपुरा, करमा, बुड़गहन,ससहा, ठाकुरदिया,करमंदी, अमोरा, सुकली,झर्रा, पीथमपुर, खपरीडीह में हितग्राहियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण एवं जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही मनरेगा अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने एवं मांग आधारित नए कार्य प्रारंभ करने पर भी चर्चा की गई। “मोर गांव - मोर पानी - मोर तरिया अभियान” के तहत “नवा तरिया - आय के जरिया” अभियान की जानकारी दी गई। जल संचयन एवं संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु स्लोगन, नारे एवं जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया।.
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण हेतु प्रभावी एवं संवेदनशील पहल की जा रही है। साथ ही श्रमवीरों एवं भूमिहीन कृषि मजदूरों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाएं उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना भूमिहीन परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को प्रतिवर्ष 10,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं को भी मजबूती मिल रही है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कन्हाईबंद की निवासी सावित्री यादव इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में उनका जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में व्यतीत हो रहा था। भूमिहीन होने के कारण उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था और वे पूर्णतः मजदूरी कार्य पर निर्भर थीं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती था।
उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता था, लेकिन योजना के तहत प्राप्त होने वाली वार्षिक सहायता राशि ने उनके जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। अब वे इस राशि का उपयोग घरेलू खर्चों एवं अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। सावित्री यादव ने कहा कि यह योजना उनके जैसे भूमिहीन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास एवं सुरक्षा की भावना भी विकसित की है।
लूट की झूठी कहानी का खुलासा, दूसरी ओर सूने मकान में चोरी
जांजगीर-चांपा। जिले में एक ओर जहां लूट की झूठी कहानी का पुलिस ने खुलासा किया, वहीं दूसरी ओर सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात सामने आई है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में कृष्णा हुंडई में काम करने वाले सेल्समैन प्रयांश देवांगन ने पुलिस में 4.50 लाख रुपए की लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला सामने आते ही पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन पूछताछ के दौरान युवक बार-बार बयान बदलने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि लूट की कहानी झूठी थी और उसने पैसे खुद खर्च कर दिए थे। टीआई मोतीलाल पटेल के अनुसार आरोपी के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है।
वहीं बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में अटल आवास निरतु में चोरी की घटना हुई। पीड़ित मोहम्मद आजाद अपने परिवार के साथ 26 मार्च को शादी में चिरमिरी गए थे। 3 अप्रैल को लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अलमारी का लॉकर खुला हुआ था।
चोरों ने 30 हजार रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवर समेत करीब 65 हजार रुपये का सामान पार कर दिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री साय ने लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की दी सौगात
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले लगभग 21 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत आज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रदेश के लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात दी है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। योजना के तहत जिले 21135 हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से कुल 211.35 लाख रूपए अंतरित किए गए।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया, नगर पालिका जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रेखा देवा गढेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, विवेका गोपाल, आशुतोष गोस्वामी सहित गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भूमिहीन कृषक उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं हितग्राहियों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन सुना।
कार्यक्रम में पूर्व नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा से भूमिहीन कृषि मजदूर भाइयों के खातें में योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां की अर्थव्यवस्था फसलों पर आधारित है। ऐसे में भूमिहीन कृषि मजदूर, जो खेती में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और अन्न उत्पादन में सहयोग करते हैं, उनके लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सहायता राशि भूमिहीन किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव का मजदूर सशक्त होगा, तभी गांव मजबूत होगा और प्रदेश व देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एक शुभचिंतक परिवार की तरह सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहनों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है और उनके खाते में सीधे राशि अंतरित कर उनका सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पेंड्री के किसान राजेन्द्र श्रीवास से किया संवाद :
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पेंड्री निवासी हितग्राही राजेंद्र कुमार श्रीवास से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत राशि प्राप्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इस राशि का उपयोग अपने पारंपरिक व्यवसाय सैलून की दुकान को आगे बढ़ाने में कर रहे हैं। अब वे अपनी दुकान में आवश्यक संसाधन बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले 211.35 लाख रूपए की राशि :
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत जिले के 21135 पात्र परिवारों को 211.35 लाख रूपए अंतरित किया गया। जिसमें तहसील अकलतरा के 3783 हितग्राही को 37.83 लाख रूपए, चांपा के 1535 हितग्राही को 15.35 लाख रूपए, जांजगीर के 3655 हितग्राही को 36.55 लाख रूपए, नवागढ़ के 1585 हितग्राही को 15.85 लाख, पामगढ़ के 5925 हितग्राही 59.25 लाख रूपए, बम्हनीडीह के 745 हितग्राही को 7.45 लाख रूपए, बलौदा के 928 हितग्राहियों को 9.28 लाख रूपए, शिवरीनारायण के 1914 हितग्राहियों को 19.14 लाख रूपए एवं सारागांव 1065 हितग्राहियों को 10.65 लाख रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित किये गये।
रेत के अवैध परिवहन पर की गई कार्रवाई : 13 हाईवा व 3 ट्रैक्टर जब्त
जांजगीर-चांपा । कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर रोकथाम हेतु राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानो का औचक जांच किया गया।
खनि अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाये जाने पर अकलतरा क्षेत्र में 6 हाईवा, चांपा के हथनेवरा में 6 हाईवा व 3 ट्रैक्टर एवं पामगढ़ क्षेत्र में 1 हाईवा को जब्त कर कार्रवाई की गई। खनिजो के अवैध परिवहन के दर्ज प्रकरणों पर अवैध परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध खांन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर महोबे के निर्देशन में जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के संबंध में खनिज विभाग द्वारा निरंतर जांच कार्यवाही की जा रही है, जो कि निरंतर जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की दी सौगात
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले लगभग 21 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि
जांजगीर-चांपा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत आज जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रदेश के लगभग 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात दी है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। योजना के तहत जिले 21135 हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से कुल 211.35 लाख रूपए अंतरित किए गए।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत आज जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया, नगर पालिका जांजगीर-नैला के अध्यक्ष रेखा देवा गढेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, विवेका गोपाल, आशुतोष गोस्वामी सहित गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में भूमिहीन कृषक उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों एवं हितग्राहियों ने वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन सुना।
कार्यक्रम में पूर्व नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा से भूमिहीन कृषि मजदूर भाइयों के खातें में योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां की अर्थव्यवस्था फसलों पर आधारित है। ऐसे में भूमिहीन कृषि मजदूर, जो खेती में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और अन्न उत्पादन में सहयोग करते हैं, उनके लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सहायता राशि भूमिहीन किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब गांव का मजदूर सशक्त होगा, तभी गांव मजबूत होगा और प्रदेश व देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एक शुभचिंतक परिवार की तरह सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। योजना के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर भाई-बहनों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है और उनके खाते में सीधे राशि अंतरित कर उनका सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा हितग्राहियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पेंड्री के किसान राजेन्द्र श्रीवास से किया संवाद :
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पेंड्री निवासी हितग्राही राजेंद्र कुमार श्रीवास से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें योजना के तहत राशि प्राप्त होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। संवाद के दौरान राजेंद्र कुमार श्रीवास ने बताया कि उन्हें दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इस राशि का उपयोग अपने पारंपरिक व्यवसाय सैलून की दुकान को आगे बढ़ाने में कर रहे हैं। अब वे अपनी दुकान में आवश्यक संसाधन बढ़ा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जिले के कुल 21135 हितग्राहियों को मिले 211.35 लाख रूपए की राशि :
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत जिले के 21135 पात्र परिवारों को 211.35 लाख रूपए अंतरित किया गया। जिसमें तहसील अकलतरा के 3783 हितग्राही को 37.83 लाख रूपए, चांपा के 1535 हितग्राही को 15.35 लाख रूपए, जांजगीर के 3655 हितग्राही को 36.55 लाख रूपए, नवागढ़ के 1585 हितग्राही को 15.85 लाख, पामगढ़ के 5925 हितग्राही 59.25 लाख रूपए, बम्हनीडीह के 745 हितग्राही को 7.45 लाख रूपए, बलौदा के 928 हितग्राहियों को 9.28 लाख रूपए, शिवरीनारायण के 1914 हितग्राहियों को 19.14 लाख रूपए एवं सारागांव 1065 हितग्राहियों को 10.65 लाख रूपए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित किये गये।