छत्तीसगढ़ / जशपुर
विश्व पर्यटन दिवस पर ओडिशा में गूंजी जशपुर के मॉडल होम-स्टे की सफलता की कहानी
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जशपुर जिले में विकसित हो रहा समुदाय आधारित होमस्टे मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी अनुभव और प्रेरणा का माध्यम बन रहा है।
विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर ओडिशा पर्यटन विभाग के विशेष आमंत्रण पर जशपुर के प्रतिनिधियों ने भुवनेश्वर स्थित सेवा भवन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण की अपनी सफलता की कहानी साझा की। कार्यक्रम में जशपुर जिले के पर्यटन नोडल अधिकारी दीपक मिंज और ग्राम केरे (देशदेखा) के होमस्टे संचालक बिपिन राम ने जिले में होमस्टे विकास की यात्रा, स्थानीय समुदाय की भागीदारी और इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।
जशपुर का होमस्टे मॉडलरू ग्रामीण पर्यटन से आत्मनिर्भरता की ओर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच के अनुरूप जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन एवं Homestays of India के सहयोग से जिले के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल पर्यटकों को आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को पर्यटन उद्यमी के रूप में विकसित करना, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण करना तथा पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचाना है।
होमस्टे संचालक ने साझा की अपनी सफलता की कहानी
कार्यक्रम में जिले से दीपक मिंज नोडल जिला पर्यटन जशपुर एवं होम-स्टे संचालन बिपिन राम ग्राम केरे देशदेखा के निवासी द्वारा सफल अनुभव को साझा किया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार होम-स्टे संचालन ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
पर्यटकों की मेजबानी से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले अतिथियों के साथ संवाद ने उनके आत्मविश्वास और अनुभव को भी समृद्ध किया है। उन्होंने अपने घर में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की मेजबानी के अनुभव का भी उल्लेख किया, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक यादगार उपलब्धि रही।
जशपुर के अनुभव से अन्य राज्यों को भी मिलेगा लाभ
कार्यक्रम में जशपुर के प्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन की सफलता के लिए केवल होमस्टे का निर्माण पर्याप्त नहीं है। स्थानीय परिवारों का प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण आतिथ्य, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति, प्रभावी विपणन और निरंतर मार्गदर्शन भी उतने ही आवश्यक हैं। जशपुर में जिला प्रशासन और Homestays of India के सहयोग से इसी दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण परिवार अपने होमस्टे का सफलतापूर्वक संचालन कर सकें और पर्यटन से स्थायी आय अर्जित कर सकें। इस अनुभव के आदान-प्रदान से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में समुदाय आधारित पर्यटन, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय आजीविका के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ओडिशा पर्यटन विभाग का जताया आभार
जशपुर के प्रतिनिधियों ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आमंत्रित करने तथा अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करने के लिए ओडिशा पर्यटन विभाग का विशेष आभार व्यक्त किया। यह आयोजन ग्रामीण विकास और पर्यटन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
’सेवा संकल्प अभियान के तहत जशपुर वन मंडल के विभिन्न परिक्षेत्रों में किया गया पौधरोपण
जशपुरनगर । पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार एवं जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति संरक्षण के उद्देश्य से जशपुर वन मंडल अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में सेवा संकल्प अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में जशपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत स्थानीय एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम जशपुर में विशेष पौध रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने की। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह, वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार, सहित वन विभाग के कर्मचारी जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक रायमुनी भगत एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी एवं पौधों के संरक्षण-संवर्धन का संकल्प लिया। अपने उद्बोधन में विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। तभी वृक्षारोपण सार्थक होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का आधार बन सकेगा।
वनमण्डलाधिकारी जशपुर ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के सभी परिक्षेत्रों में चरणबद्ध रूप से वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण एवं पौध संरक्षण से जोड़ना है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ ली। एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम ने खेल, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के समन्वय का संदेश दिया।
एकलव्य विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण में तेजी, विद्यार्थियों को जल्द मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
जशपुरनगर । जिले के आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नए भवनों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर फरसाबहार एवं कांसाबेल विकासखंड के ढुढरूडांड में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के सर्वसुविधायुक्त भवनों का निर्माण किया जा रहा है। भवनों के पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आवासीय, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर, खेल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
बटईकेला से नए परिसर में संचालित होगा विद्यालय
कांसाबेल क्षेत्र में वर्तमान में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन बटईकेला में किया जा रहा है। नए परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यालय को विस्तृत एवं आधुनिक भवन में संचालित किया जाएगा। नए परिसर में विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं के साथ प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर आधारित शिक्षण, छात्रावास तथा खेल गतिविधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी प्रतिभा और कौशल को निखारने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नए भवनों के तैयार होने से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में शिक्षा, आवास, भोजन, खेल और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों की सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे विद्यार्थियों के लिए अध्ययन का अनुकूल वातावरण तैयार होगा और उनके शैक्षणिक, रचनात्मक एवं सह-पाठ्यचर्या कौशल के विकास को भी गति मिलेगी।
शिक्षा अधोसंरचना को मिल रही नई मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य हो रहे हैं। इसी क्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नए भवनों का निर्माण महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इन परिसरों में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। इससे जिले के दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर आधार तैयार होगा।
प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हनुमान टेकड़ी
कुनकुरी में आज यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में दीप प्रज्वलन एवं प्रसाद अर्पण का कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के जिला एवं नगर पदाधिकारियों के सहयोग व सहभागिता से आयोजित किया गया। हनुमान टेकड़ी व्यवस्था समिति और नगरीय प्रशासन के सहयोग से मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित किए गए और प्रसाद अर्पित किया गया। इस पावन अवसर पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने प्रधानमंत्री जी को शुभकामनाएँ दीं और कार्यक्रम को सफल बनाया। हनुमान टेकड़ी व्यवस्था समिति कुन्कुरी की ओर से सभी सहयोगियों व नगरवासियों का हार्दिक आभार।
जशपुर के जंगलों से बाजार तक पहुंचा महुआ, JASHPURE और Jai Jungle के उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र
14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में महुआ की नई पहचान से रूबरू हुए लोग
महुआ नेक्टर, महुआ टी, कुकीज़, लड्डू और रागी-महुआ उत्पादों ने खींचा ध्यान
परंपरागत वन उपज को अनुसंधान, प्रसंस्करण और आधुनिक पैकेजिंग से मिल रहा नया बाजार
रायपुर, 19 सितंबर 2026


रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में जशपुर के JASHPURE और Jai Jungle के स्टॉल महुआ की बदलती पहचान और स्थानीय वन उपज के मूल्य संवर्धन की कहानी प्रस्तुत कर रहे हैं। मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे आगंतुकों ने जशपुर में महुआ से तैयार किए जा रहे आधुनिक खाद्य उत्पादों को देखा, उनके बारे में जानकारी ली और उत्पादों की गुणवत्ता, स्वाद तथा आकर्षक पैकेजिंग की सराहना की।
कभी मुख्यतः पारंपरिक उपयोग तक सीमित समझे जाने वाले महुआ को जशपुर में अब खाद्य नवाचार, प्रसंस्करण, अनुसंधान और जनजातीय आजीविका से जोड़कर नई संभावनाओं का आधार बनाया जा रहा है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में हॉल नंबर-3 के स्टॉल नंबर 4 एवं 5 पर महुआ नेक्टर, महुआ नेक्टर गोल्ड, वन्यप्राश, महुआ एनर्जी पाचक, महुआ टी, महुआ आधारित कुकीज़, रागी-महुआ उत्पाद, महुआ लड्डू और फूड-ग्रेड महुआ फूल सहित अनेक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
*स्थानीय वन उपज को मिला आधुनिक स्वरूप*
स्टॉल पर प्रदर्शित उत्पादों की विविधता के साथ उनकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और आधुनिक प्रस्तुति भी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। कई लोगों के लिए यह अनुभव खास रहा कि जशपुर जैसे वन एवं जनजातीय बहुल जिले की स्थानीय वन उपज से तैयार उत्पाद आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं।
महुआ के इन नए उत्पादों के माध्यम से जशपुर की स्थानीय वन संपदा को मूल्यवर्धित उत्पादों में बदलने और उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच मिल रहा है।
*पेड़ से बाजार तक विकसित हो रही पूरी वैल्यू चेन*
JASHPURE के माध्यम से जशपुर में स्थानीय वन उपज और पारंपरिक उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही Jai Jungle द्वारा लगातार अनुसंधान और उत्पाद विकास पर काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन जशपुर के सहयोग से संचालित Mahua Centre of Excellence और ‘Mahua Kosh’ में महुआ के खाद्य उपयोग, नए उत्पादों, फूड-ग्रेड कलेक्शन, डिहाइड्रेशन, प्रसंस्करण तकनीक और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है।
इस पहल में महुआ को केवल एक उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि पेड़ से बाजार तक पूरी वैल्यू चेन के रूप में देखा जा रहा है। स्वच्छ एवं फूड-ग्रेड संग्रहण से लेकर डिहाइड्रेशन, प्रसंस्करण, अनुसंधान, उत्पाद विकास, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे महुआ का मूल्य बढ़ाने के साथ इससे जुड़े जनजातीय परिवारों और महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है।
*पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम*
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में JASHPURE एवं Jai Jungle के स्टॉल का प्रतिनिधित्व जशपुर की अनेश्वरी भगत और गणपति बाई कर रही हैं। वे आगंतुकों को महुआ के संग्रहण, फूड-ग्रेड बनाने की प्रक्रिया और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक फूड प्रोसेसिंग से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दे रही हैं।
जशपुर की स्थानीय महिलाओं और समुदाय की भागीदारी इस पूरी पहल को जमीनी आधार दे रही है। इससे यह संदेश भी सामने आ रहा है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता मानकों तथा बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़कर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा दी जा सकती है।
*महुआ के पोषण संबंधी पहलुओं पर वैज्ञानिक अध्ययन की दिशा में कदम*
Jai Jungle के निदेशक समर्थ जैन ने बताया कि ग्राहकों से महुआ के सेवन के बाद आयरन और हीमोग्लोबिन से जुड़े सकारात्मक अनुभवों की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन अनुभवों को वैज्ञानिक रूप से समझना आवश्यक है और महुआ में मौजूद आयरन की मात्रा के साथ-साथ शरीर में उसकी उपलब्धता एवं उपयोगिता का व्यवस्थित अध्ययन किया जाना अगला महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन से यदि इन अनुभवों के पीछे ठोस आधार सामने आता है, तो महुआ पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण वन उपज के रूप में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर सकता है। उनका लक्ष्य जशपुर के जंगलों में उपलब्ध इस वन उपज को अनुसंधान, बेहतर प्रसंस्करण और नए उत्पादों के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुंचाना है।
*जनजातीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में पहल*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्थानीय एवं जनजातीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार से जुड़ाव पर जोर दिया जा रहा है। जशपुर में महुआ को लेकर किए जा रहे प्रयास इसी दिशा में स्थानीय संसाधनों को आर्थिक अवसरों में बदलने की संभावनाओं को सामने रखते हैं।
14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में मिल रही प्रतिक्रिया यह दर्शा रही है कि जशपुर के स्थानीय संसाधन और जनजातीय उत्पाद आधुनिक गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं उत्पाद विकास के साथ राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। यह पहल ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में जशपुर की बढ़ती संभावनाओं को भी रेखांकित करती है।
तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का अंतिम दिन रविवार, 20 सितंबर को है। रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड स्थित हॉल नंबर-3 के स्टॉल नंबर 4 एवं 5 पर आगंतुक JASHPURE एवं Jai Jungle के उत्पादों और महुआ से जुड़े नवाचारों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने किया जशपुर का दो दिवसीय दौरा
जशपुरनगर । प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, छत्तीसगढ़ रायपुर के अरूण पाण्डेय द्वारा 15 एवं 16 सितम्बर 2026 को जशपुर वनमण्डल का प्रवास किया गया। प्रवास के दौरान उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गतिविधियों तथा प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण से संबंधित कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विस्तृत चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये।
तपकरा परिक्षेत्र मेंअधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक :
15 सितम्बर 2026 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरूण पाण्डेय द्वारा तपकरा वन परिक्षेत्र का भ्रमण किया गया। इस दौरान तपकरा परिक्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर क्षेत्र में संचालित वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन एवं अन्य विभागीय कार्यों की जानकारी ली गई।
बैठक में उन्होंने मैदानी स्तर पर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिये।
उन्होंने विभागीय योजनाओं एवं कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पण्ड्रापाठ में वन अमले की बैठक :
इसके पश्चात प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा सन्ना वन परिक्षेत्र अंतर्गत पण्ड्रापाठ का निरीक्षण किया गया। यहां उन्होंने क्षेत्रीय परिस्थितियों एवं वन विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, वनाग्नि नियंत्रण, पौधरोपण एवं मैदानी स्तर पर विभागीय गतिविधियों को प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।
वनांचल विज्ञान केन्द्र हेतु प्रस्तावित स्थल का अवलोकन :
16 सितम्बर 2026 को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरूण पाण्डेय द्वारा जशपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम झरगांव में प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण हेतु चयनित स्थल का अवलोकन किया गया। इस दौरान स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग, उपलब्ध भूमि, आसपास के क्षेत्र तथा केन्द्र के प्रस्तावित उपयोग एवं विकास की संभावनाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने प्रस्तावित वनांचल विज्ञान केन्द्र को जशपुर जिले की प्राकृतिक, वनस्पतिक, जैव विविधता एवं स्थानीय पर्यावरणीय विशेषताओं से जोड़ते हुए विकसित किये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वनमण्डल कार्यालय में आयोजित बैठक में विस्तृत चर्चा :
स्थल निरीक्षण के पश्चात वनमण्डल कार्यालय जशपुर के सभागार में वनांचल विज्ञान केन्द्र के निर्माण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में केन्द्र की अवधारणा, स्थल विकास, अधोसंरचना, विषयगत प्रदर्शनी, शैक्षणिक गतिविधियां, जैव विविधता संरक्षण, स्थानीय वन संसाधनों एवं पारंपरिक ज्ञान के समावेश सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
विभिन्न विभागों एवं विशेषज्ञों की सहभागिता :
उक्त बैठक में मुख्य वन संरक्षक दिलराज प्रभाकर, भा.व.से., वनमण्डलाधिकारी जशपुर शशि कुमार, भा.व.से., उपवनमण्डलाधिकारी जशपुर करण सिंह, सं.व.सं., अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विश्वास राव महस्के, कल्याण आश्रम महामंत्री योगेश बापट, जशपुर, गिरीश कुबेर, रायपुर, डॉ. राहुल मुंगीकर, पुणे, सुबोध पाण्डेय, रायपुर, राजेश गुप्ता, जशपुर, संजीवन कुमार, जशपुर, गोवर्धन होता, जशपुर उपस्थित रहे।
कांसाबेल में दिव्यांगजन प्रमाणीकरण व यूडीआईडी शिविर 23 को
जशपुरनगर । समाज कल्याण विभाग जशपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी शिविर 23 सितम्बर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कांसाबेल में प्रातः 11.00 बजे से आयोजन किया जा रहा है।
जनपद पंचायत कांसाबेल अन्तर्गत समस्त दिव्यांगजनो का प्रमाणीकरण तथा पूर्व में जारी प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जावेगा। उक्त शिविर में आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार नम्बर में रजिस्टर्ड मोबाईल (जिसमें ओटीपी आता हो), फोटोग्राफ (जिसमें दिव्यांगता प्रदर्शित हो) जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
दिव्यांगजनो से अपील की जाती है कि यदि आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर लिंक नहीं है तो मोबाईल नंबर अपडेट करने की आवश्यकता है तो पूर्व से ही आधार केन्द्र में मोबाईल नंबर अपडेट करवा लेवें। जिससे दिव्यांगजनो को यूडीआईडी शिविर में प्रमाण पत्र बनाने में सुविधा होगी।
जिले के दिव्यांगजन जिनका दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है माह के प्रत्येक मंगलवार को जिला अस्पताल जशपुर के रूम नं. 11 में उपस्थित होकर दिव्यांगजन प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी कार्ड बना सकते है। अधिक जानकारी हेतु मोबाईल नम्बर 7000968047 पर संपर्क कर सकते है।
सीएम हेल्पलाइन बनी सहारा, फिर शुरू हुई बुजुर्ग की वृद्धा पेंशन
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। जशपुर जिले के तपकरा निवासी बुजुर्ग त्रिपुआरी शर्मा के लिए भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन उनकी समस्या के समाधान का माध्यम बनी।
त्रिपुआरी शर्मा की वृद्धा पेंशन बंद हो गई थी, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उम्रदराज होने के कारण पेंशन उनके लिए रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा थी। पेंशन बंद होने से वे चिंतित थे और समस्या के समाधान की उम्मीद कर रहे थे।
समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक जांच एवं कार्रवाई की गई। विभागीय स्तर पर प्रकरण का निराकरण करते हुए श्री शर्मा की वृद्धावस्था पेंशन पुनः शुरू कर दी गई।
पेंशन दोबारा शुरू होने से त्रिपुआरी शर्मा को बड़ी राहत मिली। उन्होंने अपनी समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की व्यवस्था की सराहना की और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी समस्या का समाधान होने से उन्हें काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसे माध्यम आम नागरिकों को अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनका समाधान प्राप्त करने में मददगार साबित हो रहे हैं।
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि शासन की संवेदनशीलता और प्रशासन की तत्परता से पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकार एवं योजनाओं का लाभ दोबारा दिलाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत
जशपुरनगर । आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। निर्धारित 50 सीटों में से प्रथम चरण में 41 नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। वर्तमान में दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जारी है। मेडिकल कॉलेज की निर्धारित 50 सीटों में से 42 सीटें राज्य कोटा, 7 सीटें केंद्रीय कोटा और 01 सीट सेंट्रल पूल के अंतर्गत भरी जाएंगी।
झारगांव पॉलीटेक्निक कॉलेज में शुरू हुई वैकल्पिक व्यवस्था :
मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन के निर्माण तक झारगांव स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज भवन में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास की व्यवस्था भी की गई है। मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक एवं व्यावहारिक अध्ययन के लिए जिला चिकित्सालय में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कार्यालय जिला चिकित्सालय के समीप निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर अस्पताल भवन में संचालित किया जाएगा। विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज के लिए प्रोफेसर के 14, एसोसिएट प्रोफेसर के 20 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 25 पदों सहित अन्य आवश्यक पदों की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
चराईडांड में बनेगा मेडिकल कॉलेज का स्थायी भवन :
जशपुर को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कुनकुरी के चराईडांड में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के स्थायी भवन निर्माण के लिए 359 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही यहां 220 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मेडिकल कॉलेज के स्थायी भवन और अत्याधुनिक अस्पताल के पूर्ण होने से जिले में चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी और मजबूती मिलेगी। इससे जशपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मिल रही नई मजबूती :
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से जशपुर जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की शुरुआत और स्थायी भवन के निर्माण के लिए स्वीकृति इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। जिले के फरसाबहार क्षेत्र में सत्य साईं ट्रस्ट द्वारा सत्य साईं मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं संजीवनी एंबुलेंस की संख्या में पर्याप्त वृद्धि की गई है तथा गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण भी जारी है। इसके अलावा जिले में नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। इन संस्थानों के प्रारंभ होने से जशपुर में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा तथा जिलेवासियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
सफलता की कहानी : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति में सहूलियत मिल रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
जिला जशपुर के ग्राम पुरनानगर की निवासी एनीमा खलखो ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके लिए काफी सहायक साबित हो रही है। वे इस राशि का उपयोग अपने बच्चे की पढ़ाई और पोषण से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। साथ ही घर की छोटी-मोटी जरूरतों को भी इसी राशि से पूरा कर लेती हैं। उन्होंने बताया कि वे हर माह अपने छोटे बच्चे के भविष्य के लिए 500 रुपये की बचत भी करती हैं।
एनीमा खलखो ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें आर्थिक सहारा मिला है और अब वे स्वयं तय करती हैं कि इस राशि का उपयोग किस प्रकार करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से जशपुर के युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
जशपुरनगर । भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से देश के युवाओं को अपने विचार, नवाचार एवं नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करने तथा विकसित भारत के निर्माण के लिए अपने दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
जशपुर जिले में भी इस अभियान को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मेरा युवा भारत (डल् ठींतंज) के माध्यम से जशपुर जिले के युवा इस पहल से जुड़कर विकसित भारत के विजन को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
युवा मेरा युवा भारत पोर्टल पर आयोजित क्विज में 25 सितंबर 2026 तक भाग लेकर अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। इस प्रतियोगिता की प्रक्रिया क्विज से शुरू होकर जिला स्तर, राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाएगी। विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता एवं विचारों को व्यापक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का उद्देश्य युवाओं को केवल कार्यक्रमों के सहभागी के रूप में नहीं, बल्कि नीति निर्माण, नवाचार एवं राष्ट्र विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में तैयार करना है। इसके अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सामाजिक विकास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं के विचारों एवं सुझावों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
मेरा युवा भारत, जशपुर ने जिले के सभी पात्र युवाओं, युवा संगठनों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े युवाओं से 25 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व अधिक से अधिक संख्या में क्विज में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह युवाओं के लिए जिला से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा एवं नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
43 हेक्टेयर में रोपण के साथ मिलेगा फेंसिंग, ड्रिप और 4 साल तक रखरखाव अन्तवर्तीय खेती पर अनुदान’
जशपुरनगर । देश को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से संचालित ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम’ योजना जशपुर जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस योजना के तहत जिले को 100 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके विरुद्ध अब तक 43 हेक्टेयर भूमि पर ऑयल पाम का सफल रोपण किया जा चुका है।
योजना अंतर्गत जशपुर जिले के घोलेंग वि. खंड-जशपुर, भुरसा कोना, वि. खण्ड-बगीचा एवं टिकलीपारा, वि. खण्ड-फरसाबहार में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मेगा प्लांटेशन रखा गया था जिसमें अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। इस कार्यक्रम में सहायक संचालक उद्यान एवं विकास खण्ड के अधि./कर्मचारी उपस्थित रहे।
किसानों को मिल रही विशेष सुविधाएं और अनुदान :
रोपण सामग्री :- ऑयल पाम के उच्च गुणवत्ता युक्त रोपण के लिये पौध के व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 9x9 मी. की दूरी पर 143 पौधे प्रति हेक्टेयर रोपण एवं इम्पोर्टेड पौध सामग्री हेतु राशि रू. 29000/- प्रति हे. अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
आधुनिक सिंचाई और सुरक्षा- योजना के तहत ऑयल पाम रोपण करने वाले कृषकों को फसल की सुरक्षा के लिए फेंसिंग- 54485/- प्रति हे. प्रति सफल बोर पर - 50000/- तथा बेहतर जल प्रबंधन हेतु ड्रिप सिंचाई की सुविधा पर 14130/- प्रति हे. अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
डीजल इलेक्ट्रिक पम्प- 02 हे. अथवा उससे अधिक रोपित करने वाले ST/SC/Small/Marginal/Women हितग्राहियों को 10000/- प्रति पम्प एवं अन्य हितग्राहियों को 8000/- प्रति पम्प अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।
रखरखाव- पौधों के शुरुआती विकास और किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए ऑयल पॉम के रखरखाव हेतु प्रति हे. प्रथम वर्ष 5250/- इसी प्रकार क्रमशः द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष में 5250/- अनुदान खाद, दवा एवं उर्वरक गेप फिलिंग, सिंचाई कार्यों हेतु दिये जाने का प्रावधान है।
अंतर्वर्ती (इंटरक्रॉपिंग)ः- रोपित किये गये ऑयल पाम के बाग के बीच में अंतवर्तीय फसल लगाये जाने हेतु प्रति हे. प्रथम वर्ष 5250/- इसी प्रकार क्रमशः द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष में 5250/- अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। जिससे किसान एक ही खेत से दोहरा लाभ कमा सकते हैं।
उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस लाभकारी खेती से जोड़ा जा रहा है। जिले को प्राप्त भौतिक लक्ष्यों में से शेष लक्ष्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
केन्द्रीय विद्यालय में जीवन कौशल कार्यशाला का हुआ आयोजन’
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 10 सितंबर 2026 को केन्द्रीय विद्यालय जशपुर में विद्यार्थियों के लिए जीवन कौशल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय की कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में दैनिक जीवन की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से सकारात्मक सोच विकसित करना तथा मानसिक एवं सामाजिक रूप से स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला के दौरान जीवन कौशल के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें आत्म-जागरूकता, सहानुभूति, समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, सृजनात्मक सोच, प्रभावी संप्रेषण, अंतर्वैयक्तिक संबंध, तनाव से निपटना, भावनाओं पर नियंत्रण एवं आलोचनात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे विद्यार्थियों को इन जीवन कौशलों को व्यवहारिक रूप से समझाने के लिए व्याख्यान, मॉडलिंग, खेल-कूद एवं विभिन्न गतिविधियों का उपयोग किया गया। गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक सोच बनाये रखना, उचित निर्णय लेना, अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना तथा दूसरों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने के बारे में बताया गया। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जीवन कौशल केवल शैक्षणिक सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और स्वस्थ सामाजिक जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के साइकोलॉजिस्ट, सीनियर नर्सिंग अधिकारी एवं मनोसामाजिक कार्यकर्ता सहित संबंधित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 4 परिवारों को कुल 16 लाख रूपए की मिलेगी आर्थिक सहायता
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदाओं एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 4 प्रकरणों में प्रभावित परिजनों के लिए कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। यह सहायता राशि शासन के नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को प्रदान की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय विकास राम, पिता स्वर्गीय मनोज साय की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी माता श्रीमती लीलावती भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील सन्ना के ग्राम छिछली (र) निवासी स्वर्गीय बंधन राम, पिता सुखू राम की 16 अगस्त 2025 को सांप काटने की वजह से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती पुसनी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार से तहसील सन्ना के ग्राम भंवर निवासी स्वर्गीय विधिचंद बड़ाईक, पिता सगडू की 31 दिसंबर 2025 को ईब नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी पति श्रीमती लक्ष्मी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय शिवम राम, पिता शंकर राम भगत की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता शंकर राम भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
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जशपुर जिले में जन्म-मृत्यु पंजीयन के लिए अब आधार ऐप मान्य
जशपुरनगर । भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई, नई दिल्ली द्वारा नागरिकों की सुविधा और डेटा गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए नए आधार ऐप को लॉन्च किया गया है। यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय, जशपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार यूआईडीएआई के परिपत्र 30 अप्रैल 2026 के अनुसार नए आधार ऐप में नागरिकों को अपने पहचान विवरण की गोपनीयता बनाए रखने की सुविधा मिलेगी। इस ऐप के माध्यम से अब नागरिक अपना 12 अंकों का आधार नंबर साझा किए बिना भी अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
नए आधार ऐप की सबसे बड़ी विशेषता वेरिफिएबल क्रेडेंशियल है। इसके तहत नागरिक अपनी पहचान संबंधी जानकारी को पूर्ण या आंशिक रूप से डिजिटल रूप में सुरक्षित तरीके से प्रदर्शित और साझा कर सकेंगे। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आधार अधिनियम 2016 के तहत इस ऐप से प्राप्त डिजिटल रिकॉर्ड की विधिक मान्यता भी सुनिश्चित की गई है।
जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जन्म अथवा मृत्यु पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच, मिलान एवं ऑनलाइन प्रविष्टि के समय यदि कोई हितग्राही या आवेदक नए आधार ऐप के माध्यम से अपना पहचान विवरण डिजिटल रूप में प्रस्तुत करता है, तो उसे पहचान के पूर्णतः वैध और कानूनी साक्ष्य के रूप में अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाए।
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हितग्राही द्वारा डिजिटल रूप में क्रेडेंशियल प्रस्तुत किए जाने की स्थिति में उनसे मूल 12 अंकों का भौतिक आधार कार्ड या उसकी छायाप्रति जमा करने के लिए अनावश्यक रूप से विवश न किया जाए। भौतिक आधार कार्ड, आधार पत्र, ई-आधार, मास्क्ड ई-आधार और एम-आधार पूर्व की भांति पहचान के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नागरिकों को असुविधा होने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रार और उप-रजिस्ट्रार व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सभी पंजीयन इकाइयों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह पहल नागरिकों को कागज रहित और सुरक्षित सेवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जशपुर-आस्ता-कुसमी मार्ग पर पुल-पुलिया चौड़ीकरण व घाट कटिंग का कार्य प्रगति पर
जशपुरनगर । “घाट कटिंग से उप स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच मार्ग कटा, कई माह से आवागमन बंद” शीर्षक से प्रकाशित खबर के संबंध में लोक निर्माण विभाग, जशपुर के कार्यपालन अभियंता ने स्पष्टीकरण जारी किया है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जशपुर-आस्ता-कुसमी मार्ग पर सी.आर.एफ. योजनांतर्गत पुल-पुलिया चौड़ीकरण एवं घाट कटिंग का कार्य प्रगति पर है। मार्ग के कि.मी. 41/2 एवं कि.मी. 41/4 में लगभग 125 मीटर घाट कटिंग का कार्य किया गया है।
घाट कटिंग के बाद संबंधित क्षेत्र में जी.एस.बी. कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कि.मी. 41/4 में बहेरना मुख्य मार्ग से उप स्वास्थ्य केन्द्र बहेरना तक सी.सी. रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत कराया गया है। घाट कटिंग कार्य के दौरान सी.सी. रोड का कुछ हिस्सा कटिंग क्षेत्र में आने के कारण प्रभावित हुआ है। विभाग द्वारा आम लोगों के आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कर दी गई है।
जशपुर में बारिश से क्षतिग्रस्त सुलेसा-दनगरी मार्ग का PWD ने किया निरीक्षण, मरम्मत के निर्देश
जशपुरनगर । समाचार पत्र में प्रकाशित खबर ष्जशपुर में ठेकेदार की लापरवाही से सड़क बही, कई गांवो का संपर्क टूटाष् के संबंध में लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग जशपुर ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थल का निरीक्षण किया है। विभाग द्वारा मार्ग को शीघ्र सुधार कर आवागमन बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग (भ/स) संभाग जशपुर के कार्यपालन अभियंता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सुलेसा-दनगरी मार्ग लंबाई 12.26 कि.मी. के निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिसमें मिट्टी एवं जीएसबी का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
विगत दिनों हुई अत्यधिक वर्षा एवं कच्ची नाली में तेज बहाव के कारण मार्ग का लगभग 60 मीटर हिस्सा कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। मामले की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने 01 सितंबर को स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित उप अभियंता, ठेकेदार प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि मार्ग को सुधार एवं मरम्मत कर आवागमन को सुचारू रूप से प्रारंभ करने हेतु संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। शीघ्र ही मरम्मत कार्य पूर्ण कर सड़क को आवागमन के लिए बहाल कर दिया जाएगा।