छत्तीसगढ़ / कांकेर
कलेक्टर कुंदन ने लगाई चौपाल, ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कुंदन कुमार ने मंगलवार 25 अगस्त को जिले के सुदूरवर्ती इलाकों का भ्रमण कर अंतिम छोर में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी तथा ग्रामीणों की दीर्घकालिक समस्याओं की जानकारी ली। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम को वे अंतागढ़ विकासखंड के बीहड़ क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बैहासाल्हेभाट पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और बारी-बारी से उनकी समस्याओं और मांगों को संजीदगी के साथ सुना।
इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से रु ब रु होते हुए कहा कि राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों का अंतिम छोर में पहुंच सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता के साथ हरसंभव ईमानदार प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों को कलेक्टर ने यह भी कहा कि उनके गांव बैहासाल्हेभाट को मॉडल विलेज (आदर्श ग्राम) के रूप में विकसित किया जाएगा और इसके लिए सभी अधिकारियों को ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी प्रत्येक समस्या से अवगत होने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा उन्होंने अंतागढ़ से नारायणपुर सड़क के गुणवत्तापूर्ण निर्माण में तेजी लाने, नवीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन स्वीकृत करने, नदी पर एनीकट निर्माण, स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने, महतारी सदन स्वीकृत करने जैसी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक पहल करने व आवश्यकतानुसार शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर अंतागढ़ ए एस पैंकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
इसके पहले, कलेक्टर कुंदन कुमार ने ब्लॉक मुख्यालय अंतागढ़ से नारायणपुर के बीच राजकीय राजमार्ग क्रमांक 05 पर चल रहे चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य का मौका मुआयना किया। उन्होंने अंतागढ़ से रावघाट प्रोजेक्ट मार्ग के बीच चल रहे कार्य का जायजा लेते हुए निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों की संख्या 10 से बढ़ाकर तत्काल 30 करने, साथ ही इन वाहनों को सड़क के प्रारंभिक, अंतिम और मध्य जगहों पर संलग्न करने के सख्त निर्देश कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार को दिए, ताकि निर्माण कार्य द्रुतगति से पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों की आवाजाही की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए सड़क मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नल से घर तक पानी की सुविधा कविता बोलीं- धन्यवाद विष्णुदेव साय भैया
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के नरहरपुर ब्लॉक के ग्राम पुरियारा निवासी कविता निषाद के लिए पहले घर के रोजमर्रा के कामों के साथ पानी की व्यवस्था करना भी एक बड़ी चुनौती थी। गांव में उनके घर से दूर स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ता था। इसमें समय और मेहनत दोनों लगते थे।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जब उनके घर तक नल कनेक्शन पहुंचा और नियमित पेयजल मिलने लगा, तो उनकी वर्षों पुरानी परेशानी दूर हो गई। अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। घर पर ही नियमित रूप से पानी उपलब्ध होने से उनका दैनिक जीवन आसान हुआ है।
कविता निषाद ने खुशी के कहा की पहले पीने के पानी के लिए दूर हैंडपंप जाना पड़ता था। अब जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर जल पहुंच रहा हैं, हमारे घर में नियमित पानी आ रहा है। हमारी यह बड़ी परेशानी दूर हो गई। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भैया को दिल से धन्यवाद देती हूं।
शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों की मूलभूत सुविधाएं को लेकर कलेक्टर गंभीर
उत्तर बस्तर कांकेर । शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने गंभीरता से लिया है। शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण एवं स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और अपर कलेक्टर कांकेर को खण्ड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा करने तथा उसका रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है।जिला शिक्षा अधिकारी को आज ही सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया है। इसी प्रकार अपर कलेक्टर कांकेर को जिला शिक्षा अधिकारी,समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा कार्यालय एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पदस्थ सभी स्थापना प्रभारियों की बैठक लेकर शिक्षकों की समस्या,मांगो तथा स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर समीक्षा करने तथा विस्तृत रिपोर्ट करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं।
शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों की मूलभूत सुविधाएं को लेकर कलेक्टर गंभीर
जिला शिक्षा अधिकारी एवं अपर कलेक्टर को खण्ड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने दिए निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर 26 अगस्त 2026
शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने गंभीरता से लिया है। शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण एवं स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और अपर कलेक्टर कांकेर को खण्ड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा करने तथा उसका रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी को आज ही सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर शिक्षकों की समस्याओं और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया है। इसी प्रकार अपर कलेक्टर कांकेर को जिला शिक्षा अधिकारी,समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा कार्यालय एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में पदस्थ सभी स्थापना प्रभारियों की बैठक लेकर शिक्षकों की समस्या,मांगो तथा स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर समीक्षा करने तथा विस्तृत रिपोर्ट करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं।
उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने खेल कार्यालय और बस स्टैंड परिसर का किया फॉलोअप विजिट
खेल अधिकारी और सीएमओ की सराहना की
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने मंगलवार की सुबह कांकेर शहर के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर फॉलोअप विजिट किया। कलेक्टर श्री कुमार द्वारा पिछले दो दिनों तक शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर दो दिनों के भीतर साफ-सफाई दुरुस्त करने के निर्देश सीएमओ कांकेर सहित संबंधित अधिकारियों को दिए गए थे। दिए गए निर्देशों का फॉलोअप लेने उन्होंने नरहरदेव स्कूल के खेल परिसर में बनाए गए शौचालय तथा जिला खेल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। फॉलोअप विजिट के दौरान कलेक्टर ने पाया कि निर्देश के परिपालन में बालिका शौचालय का तत्काल रिनोवेशन कराया गया है। इसी तरह विगत दिवस निरीक्षण के दौरान खेल कार्यालय के बैडमिंटन कोर्ट की साफ-सफाई और स्पोर्ट्स भंडार कक्ष में रखी खेल सामग्रियों का वितरण कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए थे, जिसके पालन में सामग्रियों को हटाने की प्रकिया प्रारंभ कर दी गई। उन्होंने जरूरतमंद खिलाड़ियों को खेल सामग्री अविलंब मुहैया कराने के निर्देश खेल अधिकारी को दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर ने नया बस स्टैंड परिसर का आकस्मिक मुआयना किया, इस दौरान उन्होंने पाया कि बस स्टैंड में दुकानों के आगे डस्टबीन रखवा दिए गए हैं तथा बारिश से बने गड्ढों में गिट्टी डालकर समतलीकरण का कार्य करा लिया गया है। उन्होंने एक हाईवा अतिरिक्त गिट्टी बोल्डर डलवाकर समतल करने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री पवन मेरिया को दिए। साथ ही दिए गए निर्देशों का त्वरित पालन करने के लिए सीएमओ की सराहना की और उनसे हाथ भी मिलाया।
उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर ने किया एसडीएम कार्यालय भानुप्रतापपुर का निरीक्षण
पुराने परिचित स्टाफ से की आत्मीय मुलाकात, लगाए गले
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने कांकेर जिले में पदस्थापना के बाद अनुविभाग मुख्यालय भानुप्रतापपुर का प्रथम प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम एवं तहसील कार्यालय का अवलोकन तथा निरीक्षण कर वहां पदस्थ स्टाफ से आत्मीय मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षों में जाकर निरीक्षण किया और स्टाफ से भेंट की। ज्ञात हो कि आज से लगभग 10 वर्ष पहले कलेक्टर श्री कुमार, भानुप्रतापपुर एसडीएम के तौर पर इसी कार्यालय में पदस्थ रहे। उन्होंने यहां सेवारत स्टाफ से मुलाकात की और आत्मीयता के साथ गले लगाकर पुरानी यादें ताजा की। इसके उपरांत वे भानुप्रतापपुर के रेलवे स्टेशन का दौरा किया तथा आवश्यक जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी सहित स्थानीय नागरिक और मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
उत्तर बस्तर कांकेर: त्यौहारों के मद्देनजर विभिन्न प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की जांच
परीक्षण हेतु 24 नमूने लिए गए
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत आगामी त्यौहारों को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, खाद्य विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा मिठाईयों में मिलावट रोकने के लिए जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं सेम्पल लिया गया तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही भी की जा रही है।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों नरहरपुर, चारामा, कांकेर, पखांजूर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ एवं दुर्गूकोंदल के मिठाई निर्माण स्थल, मिठाई दुकानों, कन्फेक्शनरी के थोक दुकानों, किराना दुकानों तथा होटलों में नियमित निरीक्षण व नमूना संकलन की कार्यवाही निरंतर जारी है। इस आशय की जानकारी देते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के जिला अभिहित अधिकारी सुस्मित देवांगन ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारी को खाद्य परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने, अखाद्य रंग का प्रयोग नहीं करने, स्वच्छ पेयजल उपयोग करने, अखबारी कागज का उपयोग नहीं करने निर्देशित किया गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान नमूना परीक्षण हेतु विभिन्न खाद्य पदार्थों का 24 सेंपल भी लिया गया, जिनमें मिठाईयां, पनीर, दूध, दही, नमकीन एवं घी आदि शामिल हैं। जिन्हें परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया। जांच उपरांत प्राप्त रिपोर्ट अनुसार नमूना जांच में यदि अमानक पाया जाएगा तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी एवं प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग द्वारा बिना लाईसेंस खाद्य कारोबार करने एवं एक्सपायरी खाद्य सामग्री विक्रय पर तीन खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रकरण दर्ज भी किए गए।
खाद्य विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की गई कि बाजार में बिकने वाले खुले व अमानक खाद्य सामग्री का उपयोग करने से बचें, अधिक रंगयुक्त मिठाईयों के उपयोग से बचें एवं मार्केट से कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसका लेबल जांच लें, खाद्य पदार्थ के निर्माण की तिथि एवं उपयोग की तिथि अवश्य देखकर खरीदें।
महतारी वंदन की राशि से बेटियों की भविष्य संवार रहीं पुष्पा विश्वकर्मा
विष्णु भैया की पहल बनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
उत्तर बस्तर कांकेर 25 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील सोच और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में संचालित महतारी वंदन योजना अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। महतारी वंदन योजना से मिल रही आर्थिक संबल माताओं के हाथों को मजबूती दे रहा है और वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं। कांकेर के शांतिनगर निवासी श्रीमती पुष्पा विश्वकर्मा के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी दोनों बेटियों के सपनों को सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प बन गई है।
श्रीमती पुष्पा ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि उन्हें नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने इस राशि को अपने घरेलू खर्च में उपयोग करने के बजाय अपनी दोनों बेटियों के सुकन्या समृद्धि खातों में जमा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज की छोटी-छोटी बचत ही कल बेटियों की पढ़ाई, उच्च शिक्षा और बड़े सपनों को पूरा करने में बड़ी मददगार बनेगी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि मेरे लिए सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि मेरी बेटियों के भविष्य को संवारने का एक अवसर है। इस राशि को उनकी बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए बचा रही हूं। महतारी वंदन की यह छोटी-सी राशि उनके लिए आने वाले कल की बड़ी उम्मीद बन चुकी है। पुष्पा विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को महतारी वंदन योजना के लिए धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि ‘विष्णु भैया का धन्यवाद’ यह राशि मेरी बेटियों के भविष्य के लिए काम आ रही है।
रावघाट माइन्स प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने कलेक्टर से भेंट कर रखीं समस्याएं
उत्तर बस्तर कांकेर ।कलेक्टर कुंदन कुमार से रावघाट माइन्स श्रमिक विकास समिति के सदस्यों ने आज सौजन्य भेंट की तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं व बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर आवेदन सौंपा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि वे जल्द ही माइन्स प्रभावित ग्रामों का दौरा कर वहां के ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनेंगे व जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचल में निवासरत ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण उनकी पहली प्राथमिकता है।
अंतागढ़ विकासखण्ड के रावघाट परियोजना क्षेत्र की 08 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने आज शाम को कलेक्टर कुमार से सौजन्य भेंट की। माइन्स श्रमिक विकास समिति के बंशीलाल दुग्गा, प्यारेलाल उसेण्डी, बीरसिंह गावड़े, हेमराज देहारी तथा संतोष सुखदेवे ने बताया कि अंतागढ़ से नारायणपुर मार्ग अत्यंत जर्जर हो गया है, जिसकी मरम्मत का कार्य वर्तमान में जारी है जिसके कारण उक्त मार्ग पर वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है तथा ग्रामीणोें आवाजाही बंद है। इसी तरह सरण्डी में विद्युत सब-स्टेशन नहीं होने से क्षेत्र में पर्याप्त विद्युत की आपूर्ति नहीं हो रही है। वहीं माइन्स कंपनियों द्वारा स्थानीय लोगों को योग्यतानुसार रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों ने कलेक्टर को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र निराकरण करने के लिए उक्त क्षेत्र का भ्रमण करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि उक्त क्षेत्र की 08 ग्राम पंचायत भैंसगांव, बैहासाल्हेभाट, फूलपाड़, कोसरोंडा, तालाबेड़ा, कोलर, गवाड़ी तथा ग्राम पंचायत मंगतासाल्हेभाट के 37 गांव माइन्स प्रभावित हैं।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने सुनीं आम जनता की समस्याएं
उत्तर बस्तर कांकेर ।कलेक्टर कुंदन कुमार ने आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में जिले के दूरदराज इलाकों से आए ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा उचित निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने आवेदकों के बीच जाकर न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, बल्कि उनकी समस्याओं व मांगों को गंभीरता से सुना। इसके पश्चात प्रत्येक आवेदन की समीक्षा करते हुए जिला स्तर के अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर जनदर्शन में आज कुल 34 आवेदन प्राप्त हुए।
जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं व मांगों का त्वरित एवं स्पष्ट निराकरण किया जाए। साथ ही आवेदकों को यह भी साफ तौर पर बताएं कि वे पात्र हैं अथवा अपात्र। उन्होंने सभी अधिकारियों को ग्राम स्तर पर लगातार दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में गंभीरता दिखाने की बात कही। साथ ही कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता लाते हुए अंतिम छोर पर मौजूद लोगों तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया।
प्रत्येक शुक्रवार को दूरस्थ ब्लॉकों के स्वास्थ्य केन्द्रों में बैठेंगे सीएमएचओ-डीपीएम
इस दौरान कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि कांकेर जिले का सर्वांगीण विकास उनकी पहली प्राथमिकता है, किंतु विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण में फोकस रहेगा। कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा, अंतागढ़, दुर्गूकोंदल जैसे अंदरूनी क्षेत्रों का अब तक अपेक्षित विकास नहीं हुआ है, जहां खास तौर पर ध्यान देना होगा। इन गांवों में कैम्प लगाकर प्रत्येक ग्रामीण का आधार तथा जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाना बेहद जरूरी है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि माह के प्रत्येक शुक्रवार को दूरस्थ ब्लॉक मुख्यालयों में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत से अवगत होने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक दौरा करेगें। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि माह के प्रत्येक शुक्रवार को सीएमएचओ तथा डीपीएम कोयलीबेड़ा, आमाबेड़ा, दुर्गूकोंदल तथा अंतागढ़ व अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में रहकर पहले क्षेत्र का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेंगे तथा इसके बाद बैठक लेकर योजनावार समीक्षा करेंगे।
इस दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल है तथा इसमें प्राप्त शिकायतों को अधिकारी हल्के में न लें। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसमें प्राप्त आवेदनों को बारीकी से देखने व परीक्षण कर एल-1 तथा एल-2 स्तर पर निराकरण समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि चूंकि इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर होती है, इसलिए निराकरण की गुणवत्ता पूरी सतर्कता के साथ सभी अधिकारी करें। इसके अलावा उन्होंने स्कूल शिक्षा, राजस्व, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, खाद्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर द्वय जितेन्द्र कुर्रे, ए.एस. पैकरा, सभी अनुभाग के अनुविभागीय राजस्व अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर जनदर्शन में सरोना के दिव्यांग को मिली त्वरित राहत
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन लेकर पहुंचे नरहरपुर विकासखण्ड के सरोना निवासी दिव्यांग आवेदक संजय कुमार मरकाम ने यह सोचा नहीं था कि अर्जी देते ही उसकी मांग तत्काल पूरी होगी। जनदर्शन के दौरान कलेक्टर कुंदन कुमार को दिव्यांग मरकाम ने बैटरी चलित ट्रायसिकल के लिए आवेदन दिया, जिस पर उन्होंने त्वरित संज्ञान लेते हुए उप संचालक समाज कल्याण को मौके पर बैटरी चलित ट्रायसिकल प्रदाय करने के निर्देश दिए। फलस्वरूप कलेक्टर ने आवेदक को मौके पर ही निःशुल्क ट्रायसिकल प्रदाय की। इस त्वरित कार्यवाही पर आवेदक ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया है कि दिव्यांगों आवेदकों के प्रति संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता दिखाते हुए उनकी मांगों को फौरी तौर पर संज्ञान में लिया जाए।
नवपदस्थ कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्र में भ्रमण कर समस्याओं की ली जानकारी
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के नवपदस्थ कलेक्टर कुंदन कुमार ने आज सुबह नगरपालिका परिषद कांकेर के अंतर्गत विभिन्न समस्याओं को लेकर दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शहर में वन्य प्राणी (भालू) के किसी भी समय विचरण की समस्या को लेकर गोविन्दपुर क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कर वन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने बागोड़ एनीकट के समीप दशपुर इनटेक प्लांट का भ्रमण कर वहां की रिटेनिंग वॉल के टूट जाने से शहर में पेयजल की समस्या दूर करने तथा शहर के बस स्टैण्ड व पुराना बस स्टैण्ड के पास डेली मार्केट में पसरी गंदगी को तत्काल दुरूस्त कराने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए।
वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र में अलर्ट मैकेनिज्म तथा साइनेजेस लगाने के निर्देश
शहर के निरीक्षण के दौरान आज तड़के कलेक्टर कुंदन कुमार आज सुबह 7.30 बजे गोविन्दपुर स्थित ऑक्सीवन पहुंचे। वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने बताया कि आसपास पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण भोजन की तलाश में भालू शहर का रूख करते हैं। ज्यादातर तेल और मीठे की खुशबू से वे नगर के रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि शहर में भालू व अन्य जंगली प्राणी की आमदरफ्त होने से किसी भी अप्रिय स्थिति या अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। भविष्य में जान-माल की क्षति न हो, इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। उन्होंने एसडीओ फॉरेस्ट को निर्देशित किया कि चिन्हांकित विचरण क्षेत्रों में अलर्ट मैकेनिज्म (लोगों को सतर्क करने) एडवाइजरी जारी करें, जिसमें यह उल्लेख हो कि वन्य प्राणियों की आमदगी से क्या करें और क्या न करें। साथ ही वन की रेस्क्यू टीम और राजस्व तथा नगरीय निकाय के अधिकारियों के मोबाइल नंबर उल्लेखित फ्लैक्स व बैनर लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर जमीनी अमलों के जरिए सतत निगरानी करने तथा परस्पर बैठक लेकर समन्वय स्थापित करते हुए ठोस एवं जरूरी कदम उठाने हेतु निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने शीतलापारा वार्ड निवासी राकेश साहू के निवास में जाकर भेंट करते हुए चर्चा की। पिछले सप्ताह घर में भालू घुस गया था।
माहुरबंद तालाब का किया जाएगा जीर्णोद्धार, किया जाएगा सौंदर्यीकरण एवं विद्युतीकरण
कांकेर नगर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अलबेलापारा वार्ड क्रमांक-01 में स्थित माहुरबंद तालाब पहंुचे, जहां पर वेे तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य से रू-ब-रू हुए। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में तालाब के चारों ओर बंड निर्माण कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने इस तालाब को और अधिक बेहतर ढंग से सौंदर्यीकरण करने के लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेते हुए ग्रास कारपेट, पेवर ब्लॉक तथा आकर्षक विद्युतीकरण कराने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया। उन्हांेने विशेष तौर पर जोर दिया कि गंदे पानी निकासी की व्यवस्था तालाब के किनारे अलग से किया जाए। इस अवसर कलेक्टर ने एसआरएलएम सेंटर का भी निरीक्षण कर गीला एवं सूखा कचरा का पृथक-पृथक प्रबंधन करने व स्वच्छता को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
बागोड़ एनीकट पर नदी का जल इनटेक वेल प्लांट की ओर डायवर्ट करने के निर्देश
इसके पश्चात कलेक्टर कुमार ने बागोड़ एनीकट के पास स्थापित इनटेक वेल प्लांट का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि प्लांट से लगा हुआ अपवाह क्षेत्र का स्तर ऊपर होने के कारण महानदी का पानी बाएं किनारे की ओर बह जाता है, जिसके कारण इनटेक वेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को दूरभाष पर निर्देशित किया कि एनीकट की रिटेनिंग वॉल की तत्काल मरम्मत कर नदी का अपवाह क्षेत्र गहरा करते हुए जल बहाव प्लांट की ओर डायवर्ट करें। उन्होंने कहा कि इस प्लांट से नगर के 4 हजार से अधिक परिवारों को पेयजल की आपूर्ति की जाती है, अतः अधिकारी इसे गंभीरता से संज्ञान में लें। इस दौरान कलेक्टर ने सीसी रोड से इंटेकवेल प्लांट पहंुच मार्ग पर रपटानुमा पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने सीएमओ को निर्देशित किया।
नए एवं पुराने बस स्टैण्ड और डेली मार्केट में पसरी गंदगी को जताई नाराजगी
शहर के मौका-मुआयना के दौरान कलेक्टर श्री कुमार नया बस स्टैण्ड पहुंचे, जहां पर साफ-सफाई की लचर व्यवस्था देख नाराजगी जाहिर की। उन्हांेने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के किनारे रखे डस्टबीन की तादाद बढ़ाने तथा मवेशियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने हेतु सीएमओ नगरपालिका को निर्देशित किया। इसके अलावा बस स्टैण्ड के पीछे बने सुलभ शौचालय के आसपास पसरी हुई गंदगी तथा गंदे पानी की समुचित निकासी नहीं होने पर कलेक्टर ने असंतोष जाहिर करते हुए तत्काल साफ-सफाई सुनिश्चित कराते हुए जिला मुख्यालय की गरिमा के अनुरूप शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के सख्त निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए। उन्होंने बस स्टैण्ड पर बैठे बुजुर्ग बंशीराम से बातचीत की, जिस पर पता चला कि वह पांच औलादों के पिता होने के बाद भी भीख मांगकर गुजर-बसर करते हैं। इस पर कलेक्टर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को आवश्यक सहयोग करने के लिए एसडीएम कांकेर को निर्देशित किया। इसके पश्चात वे पुलिस थाने के बगल से डेली मार्केट क्षेत्र का मुआयना करते हुए वहां पसरी गंदगी को देख बेहद नाराज हुए तथा एक सप्ताह के भीतर इन सभी जगहों पर सफाई व्यवस्था दुरूस्त कराने के निर्देश सख्त लहजे में दिए।
पुराने बस स्टैण्ड में नागरिकों व मीडिया प्रतिनिधियों साथ की ‘चाय पे चर्चा’
इस दौरान कलेक्टर कुमार पुराना बस स्टैण्ड पहुंचे, जहां होटल के पीछे दूध नदी के किनारे डंप किए गए कचरों को देखकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दुकानों के आगे डस्टबीन रखवाने और नदी के किनारे डंप कचरों को तत्काल हटवाने के निर्देश सीएमओ को दिए। इसी दौरान कलेक्टर ने टपरी पर चाय पीते हुए नागरिकों तथा मीडिया प्रतिनिधियों से शहर की गतिविधियों और समस्याओं पर अनौपचारिक चर्चा की। इस दौरान अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर श्रीमती सरस्वती बंजारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
दवाइयों और पोषण की चिंता हुई कम, प्रेमलता ने कहा- “मोर विष्णु भैया” ला धन्यवाद
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के अघन नगर निवासी श्रीमती प्रेमलता शर्मा के लिए महतारी वंदन योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके जीवन में बुढ़ापे का सहारा बनकर सामने आई है। उन्हें अब तक योजना की 29 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जिसका उपयोग वे अपने पोषण और दवाइयों की जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। श्रीमती प्रेमलता शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं। उनके बड़े बेटे ज्योतिष का कार्य करते हैं, जबकि छोटे बेटे मैकेनिक का काम करते हैं। उनके पति घर पर रहते हैं। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि से वे अपनी जरूरी दवाइयां और पोषण संबंधी जरूरतें पूरी कर पाती हैं। यह राशि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में संबल देती है। महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को स्नेहपूर्वक “मोर विष्णु भैया” ला बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है और बुढ़ापे में अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। प्रेमलता शर्मा जैसी अन्य माताओं के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक सहायता से बढ़कर सम्मान, आत्मनिर्भरता और भरोसे का संबल बन रही है।
जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन का जायजा लेने कुरूष्टिकुर और कानागांव में जिला पंचायत सीईओ ने किया निरीक्षण
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले में ग्रामीण अंचलों तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों का सतत निरीक्षण जारी है। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने ग्राम कुरूष्टिकुर एवं ग्राम कानागांव का दौरा कर नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों ग्रामों में जल आपूर्ति की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
ग्राम कुरूष्टिकुर में क्लोरीनेटर युक्त शुद्ध जल आपूर्ति :
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां उच्च स्तरीय जलागार (पानी टंकी) के माध्यम से ग्रामीणों के घरों तक निर्बाध रूप से पेयजल पहुंच रहा है। पानी को रोगाणुमुक्त और पीने योग्य बनाने के लिए टंकी में क्लोरीनेटर स्थापित किया गया है। गांव के पंप ऑपरेटर द्वारा नियमित और व्यवस्थित रूप से जल वितरण प्रणाली का संचालन किया जाना पाया गया। ग्राम कानागांव निरीक्षण के दौरान सौर ऊर्जा (सोलर पंप) के माध्यम से ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल की उपलब्धता पाई गई। जिला पंचायत सीईओ मंडावी ने जल आपूर्ति को और अधिक मजबूत करने तथा टंकी को पूर्ण क्षमता से भरने के लिए नए पंप स्थापित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
ज्ञात हो कि जिला प्रशासन द्वारा जल जीवन मिशन के तहत हर घर में समय पर और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। निरीक्षण के दौरान लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता कुंदन राना सहित सहायक अभियंता उपस्थित थे।
अंतागढ़-मद्रासीपारा मुख्य सड़क की हुई मरम्मत, लोगों को मिली राहत
उत्तर बस्तर कांकेर । दैनिक समाचार पत्र में ‘अंतागढ़-मद्रासीपारा मुख्य सड़क की बदहाली से लोगों को हो रही परेशानी’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार पर कलेक्टर कुंदन कुमार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके परिपालन में लोक निर्माण विभाग (भ/स) भानुप्रतापपुर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क की आवश्यक मरम्मत करा दी गई है।
उक्त सड़क की मरम्मत होने से क्षेत्र के रहवासियों एवं राहगीरों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से सड़क की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद अब मार्ग पर आवागमन सुगम हो गया है।
वन्य प्राणियों से बचाव के लिए हेल्पलाईन नम्बर जारी
उत्तर बस्तर कांकेर । कांकेर शहर एवं ग्रामीण अंचलों में वन्य प्राणी भालू, तेंदुआ की आमद को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा हेल्पलाईन नम्बर-90988-39898 तथा 74890-10658 जारी किया गया है,। नागरिकगण उक्त हेल्पलाईन नंबर पर फोन कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा भालुओं से सुरक्षा एवं बचाव के लिए नागरिकों से अपील की गई है कि अपने घर, मंदिर, सार्वजनिक पूजा स्थलों के आसपास कचरे के साथ खाद्य सामग्री न फेंके तथा कचरें को फेंकने के लिए कुडे़दान का उपयोग करें। घरेलू भोजन वन्य प्राणियों के आहर का हिस्सा नहीं है। आपके द्वारा फेकी या छोड़ी गई खाद्य पदार्थ के कारण वन्य प्राणी भालू शहर व गांव में आ जाते हैं। फेंकी गई भोज्य पदार्थ जंगली जानवर के रहवासी क्षेत्र में पहुंचने का कारण बनता है तथा धीरे-धीरे वह क्षेत्र में आने और रहने का आदि हो जाते हैं। खाद्य पदार्थ पन्नी, कागज अथवा प्लास्टिक में लपेटे होते हैं जिसे खाने से जंगली जानवर बीमार भी पड़ सकते हैं। जंगली जानवरों को जानबूझकर या गलती से खाना खिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए और लोगों के जीवन के लिए भी हानिकारक हो सकती है। शांत वन्य प्राणी भी आक्रमक हो सकते हैं, जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वन विभाग द्वारा नागरिकों से अपील करते हुए कहा गया है कि वन्य प्राणियों को निकलने के लिए पर्याप्त रास्ता छोड़े और उसके नजदीक न जाएं। वन्य प्राणियों को खाना खिलाना, खिलाने का प्रयास करना, उसे भगाना, पीछा करना, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन है। अगर रहवासी क्षेत्र में कोई जंगली जानवर दिखाई देता है तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। इसके लिए मोबाईल नम्बर 90988-39898 तथा 74890-10658 से सम्पर्क किया जा सकता है।
भालुओं से घर को सुरक्षित रखने के आसान उपाय :
वन्य प्राणी (भालू) से घर को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजा को मजबूत करें। भालू घर के आसपास भोजन की गंध महसूस करेगा तो कमजोर दरवाजा एवं किवाड़ को धक्का देकर खोल सकता है। अपने घरों के बाउंड्री वाल, दीवार की ऊंचाई 7 से 8 फीट रखंे, जो भालू को घरों में प्रवेश करने से रोक सकते हैं। भोजन को घर के अंदर सुरक्षित रखें। महुआ, गुड़, फल, मिठाई, पका हुआ भोजन, मांस, मछली, अनाज के खुले बोरे इत्यादि को सुरक्षित रूप से भंडारित करें। घर के आंगन में स्थित मंदिरों के सामने तेल लगे दीये व प्रसाद खुले में न छोड़ें, दीया बुझने के बाद इसे सुरक्षित अंदर रख लें और मंदिर का दरवाजा, खिड़की मजबूती से बंद करें। कचरे की व्यवस्था बदलें, घर के बाहर खुली बाल्टी में बचे हुए खाद्य सामग्री रखना भालू को घर तक बुलाने जैसा है।
भोजन के बचे हुए हिस्से को भी रात में बाहर न छोड़ें। खुले में कूड़ा न फेंकें, फल तथा सब्जी के सड़े हुए अवशेष घर के बाहर न रखें, मजबूत ढक्कन वाले डस्टबीन का उपयोग करें, कचरे को नियमित रूप से घर से बाहर निर्धारित कचरा शेड तक पहुंचाएं। यदि घर में पालतू पशु- गाय, बकरी, सूअर, मुर्गियां इत्यादि हों तो उन्हें घर के खुले बरामदे में न रखें। बकरी एवं मुर्गियों के लिए लोहे की मजबूत जाली वाला घर बनाना बेहतर होगा। घर के चारों तरफ साफ-सुथरा रखें तथा घर से लगे हिस्से में घनी झाड़ियों कांटा, पेड़ों के नीचे गिरे फल को पड़े न रहने दें। रात में प्रकाश की व्यवस्था घर के सामने और पीछे लगाना उपयोगी हो सकता है।
कांकेर बस्तर का प्रवेश द्वार, बस्तर की संस्कृति यहां से होती है शुरू : कुंदन कुमार
उत्तर बस्तर कांकेर । नव पदस्थ कलेक्टर कुंदन कुमार ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर बस्तर संभाग का प्रवेश द्वार है और यहीं से बस्तर की संस्कृति शुरू होती है। अपनी शासकीय सेवा यात्रा की जानकारी देते हुए उन्होने कहा इससे पहले वे मुंगेली, सरगुजा एवं बलरामपुर जिले में कलेक्टर के दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उनकी पहली पदस्थापना सहायक कलेक्टर के रूप में राजनांदगांव में हुई तत्पश्चात कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वे कवर्धा जिले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा शुगर मिल के प्रबंध निदेशक के तौर पर भी पदस्थ रहे। तदुपरांत जिला पंचायत दुर्ग एवं कोरबा में सीईओ के पद पर अपनी सेवाएं दी। संचालक नगरीय प्रशासन, आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल तथा नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ के पद पर भी पदस्थ रहे।
मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि आज सुबह कांकेर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर वन्यप्राणी (भालू) विचरण क्षेत्रों का अवलोकन एवं पीड़ित परिवार से मिले, शहर की साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था सहित अन्य नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और स्थिति में सुधार लाने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। जिसमें आंगनबाड़ी भवन, आहाता, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत सहित विभिन्न आधारभूत संरचना का निर्माण शामिल हैं। जिले में मलेरिया के रोकथाम के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, कुपोषण दर में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। नल जल योजना से घरों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। धान खरीदी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गिरदावरी कार्य को भी त्रुटिरहित संपादित किया जाएगा। नियद नेल्लानार, बस्तर मुन्ने, बस्तर विकास प्राधिकरण जैसी योजनाओं से कांकेर जिले की विकास को गति प्रदान की जाएगी। प्र्रेसवार्ता के शुरूआत में शहर के मीडिया प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कंुदन कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे एवं बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।