छत्तीसगढ़ / कांकेर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कन्हारपुरी के देव दशहरा में होंगे शामिल
उत्तर बस्तर कांकेर । प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 19 अक्टूबर को कांकेर विकासखण्ड के ग्राम कन्हारपुरी के देव दशहरा में शामिल होना प्रस्तावित है। इस अवसर पर उनके द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया जाएगा। इनमें 200 करोड़ 51 लाख के 08 कार्यों का भूमिपूजन और 28 करोड़ 07 लाख के 14 कार्यों को लोकार्पण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय द्वारा कार्यक्रम स्थल पर चारामा विकासखण्ड के ग्राम बासनवाही-टांहकापार मार्ग में महानदी पुल पर 28 करोड़ 06 लाख 90 हजार रूपए की लागत से बनने वाले उच्च स्तरीय पुल निर्माण, कांकेर विकासखण्ड के ईच्छापुर-घोटिया मार्ग में दूध नदी पर 06 करोड़ 53 लाख 09 हजार रूपए की लागत के सेतु निर्माण, हाटकर्रा से कोटगांव मार्ग में चिनार नदी पर 05 करोड़ 93 लाख 12 हजार रूपए की लागत से सेतुमय पहुंच मार्ग, कोदाभाट-माटवाड़ा मोदी मार्ग पर दूध नदी में 16 करोड़ 14 लाख 71 हजार रूपए की लागत के उच्च स्तरीय सेतुमय पहुंच मार्ग, चारामा विकासखण्ड के चारामा-कोरर मार्ग में गिधाली-रेतेडीह-कुर्रूटोला पहुुंच मार्ग पुल-पुलिया सहित लागत 10 करोड़ 17 लाख 92 हजार रूपए, कांकेर-दुधावा राजमार्ग में सतह समतलीकरण कार्य लागत 03 करोड़ 91 लाख 30 हजार रूपए, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के ग्राम जातेवाड़ा से मदले मार्ग पुल-पुलिया सहित लागत 05 करोड़ 40 लाख 02 हजार रूपए और भानुप्रतापपुर एवं कांकेर विकासखण्ड अंतर्गत कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग में मजबूतीकरण एवं उन्नयनीकरण कार्य लागत 124 करोड़ 33 लाख 55 हजार रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
इसी प्रकार जिले में 28 करोड़ 07 लाख रूपए से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का कार्यक्रम स्थल पर लोकार्पण भी किया जाएगा, इनमें नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम मरकाटोला में 01 करोड़ 52 लाख 97 हजार रूपए से निर्मित 50 सीटर प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास भवन, कांकेर विकासखण्ड अंतर्गत कोदाभाट-झुनियापारा-मोहपुर मार्ग में हटकुल नदी पर 06 करोड़ 81 लाख 11 हजार रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल, नरहरपुर विकासखण्ड के बांसपतर-तिरियारपानी मार्ग में टूरी नदी पर 04 करोड़ 49 लाख 73 हजार रूपए की लागत से निर्मित उच्च स्तरीय पुल एवं रिसेवाड़ा-भैंसमुड़ी मार्ग पुल-पुलिया सहित लागत 05 करोड़ 15 लाख 52 हजार रूपए, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम मुरडोंगरी में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 81 लाख 17 हजार रूपए, ग्राम बोरगांव में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 78 लाख 32 हजार रूपए, ग्राम कुरूष्टीकुर में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 01 करोड़ 42 लाख 48 हजार रूपए, नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम मानिकपुर के सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 77 लाख 57 हजार रूपए, ग्राम कोचवाही में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 93 लाख 29 हजार रूपए, ग्राम मुजालगोंदी में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 40 लाख 35 हजार रूपए, चारामा विकासखण्ड के ग्राम सराधुनवागांव में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 100 लाख 06 हजार रूपए, ग्राम तिरकादंड में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 01 करोड़ 11 लाख 47 हजार रूपए, ग्राम बासनवाही में सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना लागत 01 करोड़ 32 लाख 07 हजार रूपए और ग्राम तांसी में 01 करोड़ 49 लाख 59 हजार रूपए की लागत से निर्मित सिंगल विलेज नल-जल प्रदाय योजना का लोकार्पण किया जाएगा।
दिव्यांग सहायता शिविर आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर । भगवान महावीर दिव्यांग सहायता समिति, जयपुर एवं जिला प्रशासन कांकेर के संयुक्त सहयोग से 19 अक्टूबर, सोमवार को कांकेर के मिनी स्टेडियम परिसर में दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर एवं ट्राइसाइकिल प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें आवागमन में सुविधा मिल सके और वे दैनिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।
शिविर में शामिल होने के इच्छुक दिव्यांगजनों को आवश्यक दस्तावेजों के रूप में आधार कार्ड की छायाप्रति, मेडिकल प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। जिन दिव्यांगजनों का अभी तक दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बना है, उनके लिए शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड के माध्यम से अस्थायी प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी की जाएगी, इससे पात्र दिव्यांगजनों को प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे इस सहायता शिविर का लाभ उठाने के लिए निर्धारित तिथि को आवश्यक दस्तावेजों के साथ मिनी स्टेडियम परिसर कांकेर में उपस्थित हों।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सौर ऊर्जा की ओर बढ़े किसान राम सिंह जुर्री
पहले हर महीने आता था 03 हजार से साढ़े 03 हजार रुपये तक का बिजली बिल, अब बिल में राहत मिलने की उम्मीद
उत्तर बस्तर कांकेर, 16 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने और बिजली खर्च में बचत करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसी कड़ी में ग्राम मुड़पार (दखनी) निवासी किसान श्री रामसिंह जुर्री ने अपने घर में 03 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। इस पहल से उन्हें आने वाले समय में बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद है।
किसान श्री राम सिंह जुर्री ने बताया कि उनके घर में पहले हर महीने लगभग 03 हजार से 03 हजार 500 रुपये तक प्रतिमाह का बिजली बिल आता था, जिससे घरेलू खर्च पर अतिरिक्त भार पड़ता था। बिजली खर्च में कमी लाने और सौर ऊर्जा का लाभ लेने के उद्देश्य से उन्होंने हाल ही में अपने घर में 03 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। श्री जुर्री ने कहा, “मैं एक किसान हूं। खेती-किसानी से परिवार का भरण-पोषण करता हूं। पहले हर महीने बिजली का बिल काफी ज्यादा आता था। इसलिए मैंने अपने घर में सोलर पैनल लगवाया है। उम्मीद है कि इससे बिजली बिल में कमी आएगी और परिवार को आर्थिक राहत मिलेगी।” सोलर पैनल हाल ही में स्थापित होने के कारण अभी उनका पहला बिजली बिल प्राप्त नहीं हुआ है। आगामी बिल आने के बाद बिजली खर्च में हुई वास्तविक बचत का आंकलन हो सकेगा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा को अपनाने की यह पहल स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के साथ-साथ परिवार के बिजली खर्च को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली पर्व पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
उत्तर बस्तर कांकेर । नवरात्रि, दशहरा एवं दीपावली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक कांकेर आशाराम नेताम, कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा एवं नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक सहित विभिन्न नगरीय निकायों के अध्यक्ष, पार्षद, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग नहीं करने तथा भारतीय परंपरा एवं संस्कृति के अनुरूप तबला, ढोलक, मंजीरा एवं अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग का सामूहिक निर्णय लिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने इस पहल को सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और शांतिपूर्ण आयोजन की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
ध्वनि नियंत्रण सबंधी न्यायालयीन निर्देशों का पालन करने की अपील
बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में जारी निर्देशों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर लागू प्रतिबंध सहित निर्धारित ध्वनि सीमा, अनुमत शोर स्तर एवं संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी आयोजकों से ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखते हुए पर्व मनाने की अपील की गई।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग से समाज में जाएगा सकारात्मक संदेश-विधायक नेताम’
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक आशाराम नेताम ने कहा कि शांति समिति की बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप प्राचीन और स्थानीय वाद्य यंत्रों का उपयोग करते हुए दुर्गा प्रतिमा विसर्जन करने का निर्णय सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ढोल, मंजीरा एवं तबला जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाए। सभी समाज प्रमुख अपने-अपने समाज एवं दुर्गा समितियों की बैठक लेकर इस निर्णय को अपनाने के लिए प्रेरित करें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
सभी विकासखंडों में भी आयोजित होंगी शांति समिति की बैठकें - कलेक्टर
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि बैठक में पर्वों के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सार्थक चर्चा हुई है। इसी क्रम में जिले के सभी विकासखंडों में भी शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें दुर्गा समितियों के सदस्यों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को डीजे के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने दुर्गा समितियों से भारतीय परंपरा के अनुरूप पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ प्रतिमा विसर्जन करने की अपील की। साथ ही सभी दुर्गा आयोजन समितियों को अपने सदस्यों की जानकारी संबंधित थाना में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विसर्जन के लिए समय एवं मार्ग निर्धारित करने तथा स्वयंसेवक तैनात करने पर जोर
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने सामूहिक निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि कांकेर जिले में हमेशा से शांति एवं सौहार्द्र की परंपरा रही है। इसे बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में डीजे के उपयोग को हतोत्साहित करने और सामाजिक कार्यक्रमों में भी इसके उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए समय एवं मार्ग निर्धारित किया जाए। विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर नहीं चलें तथा प्रत्येक दुर्गा समिति अपने स्वयंसेवक नियुक्त करे, जिनमें युवाओं की भी भागीदारी हो। स्वयंसेवकों के सहयोग से विसर्जन जुलूस को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण और मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में लापरवाही बरतने वाले वेंडर्स पर होगी कार्रवाई : कलेक्टर
उत्तर बस्तर कांकेर । पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जिले में योजना की प्रगति में तेजी लाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने योजना में प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं वेंडर्स को कार्य में तेजी लाने तथा हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वेंडर्स द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है तथा लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं किया जा रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे वेंडर्स को भविष्य में जिले में किसी भी कार्य का आवंटन नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।
वहीं, बेहतर कार्य करने वाले वेंडर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्हें मॉडल सोलर विलेज एवं यूएलए मॉडल के मॉडल प्रोजेक्ट में कार्य करने का अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले वेंडर्स को प्रोत्साहन मिलने से योजना के क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं हितग्राहियों की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सोलर वेंडर्स द्वारा बैंकों में सोलर सिस्टम स्थापना के लिए वित्तीय सहायता एवं ऋण संबंधी प्रक्रियाओं में आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित बैंक अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों के वित्तपोषण से जुड़े प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित विभागों, बैंकों एवं वेंडर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक परिवार योजना का लाभ लेकर सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल में बचत कर सकें।
रक्तदान कर मौसमी साहा ने दिया मानवता और जनसेवा का संदेश
उत्तर बस्तर कांकेर । सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में संचालित “सेवा संकल्प अभियान-सेवा मेरा योगदान” के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने के साथ ही जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए स्वैच्छिक रक्तदान हेतु प्रेरित किया गया।
इसी कड़ी में नरहरपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर में नरहरपुर निवासी मौसमी साहा ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और जनसेवा की मिसाल प्रस्तुत की। उनका यह कदम समाज के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और सेवा भाव का प्रेरणादायक उदाहरण है।
मौसमी साहा ने रक्तदान के माध्यम से यह संदेश दिया कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में आशा की नई किरण जगाने का माध्यम भी है। ऐसे प्रयास समाज में परोपकार, मानवीय संवेदना और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
जिला खनिज न्यास निधि के कार्यों में गुणवत्ता और तेजी लाने के निर्देश
धान खरीदी की तैयारियां 20 अक्टूबर से पहले पूर्ण करना सुनिश्चित करें
उत्तर बस्तर कांकेर, अक्टूबर 2026
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिला खनिज न्यास निधि अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के निर्माण में प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों में सूचना बोर्ड लगाने तथा उसमें निर्माण से संबंधित सम्पूर्ण विवरण का उल्लेख करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि इस योजना के अंतर्गत सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाए तथा निर्माण एजेंसियों की आईडी जनरेट किया जाए। अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि कर्त्तव्य बोध से कार्य करें तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, एसडीएम भानुप्रतापपुर श्री अनिकेत अशोक फड़तरे, अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे एवं श्री जी.डी. वाहिले सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों में प्रगति की समीक्षा की तथा इसमें तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। पीएम सूर्य घर की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी इसमें सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सभी जिला अधिकारियों एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को भी अपने घरों में पीएम सूर्य घर योजनांतर्गत अपने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्य में लगे वेंडर की बैठक लेने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए गए। जनपद सीईओ को अपने क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक लेकर उन्हें इस योजना की जानकारी देने और अपने घरों में सोलर पैनल लगाने प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया गया। इसी प्रकार सभी विकासखण्डों में चिन्हांकित गांवों को सोलर मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए कहा गया।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आगामी माह से शुरू होने वाले समर्थन मूूल्य पर धान खरीदी के लिए किए जा रहे तैयारियों की भी समीक्षा की गई और जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, 20 अक्टूबर से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जनपद सीईओ को अपने क्षेत्र के सभी धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर केंद्रों तक पहुंच मार्ग को दुरूस्त करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों को शीघ्र निराकृत करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है।
एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन 16 अक्टूबर को
उत्तर बस्तर कांकेर,अक्टूबर 2026
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोड़ेजुंगा कांकेर में एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन 16 अक्टूबर को सुबह 11 से अपरान्ह 03 बजे तक किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा 340 रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी श्री बी.आर. ठाकुर ने बताया कि उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सुरक्षा जवान के 250 पद, सुपरवाईजर के 50 पद, बीमा सखी के 10 और फील्ड ऑफिसर के 30 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक आवेदक उक्त रोजगार मेला में उपस्थित होकर अथवा ई-रोजगार के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदनhttps://erojgar.cg.gov.in/ पर अपना सम्पूर्ण बायोडाटा के साथ आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर नियोक्ता द्वारा प्राथमिक चयन कर साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसकी सूचना फोन के माध्यम से आवेदक को दिया जाएगा।
सेवा की कहानी : नक्सल भय से विस्थापन तक और अब अपने घर में सुकून का बसेरा
उत्तर बस्तर कांकेर । कभी नक्सली हिंसा और भय के कारण अपना पैतृक गांव छोड़ने को मजबूर हुए माहला के ग्रामीण अब फिर से अपने गांव लौटकर नए सिरे से जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में खुशहाली और सुरक्षा का नया आधार बन रही हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला निवासी श्रीमती बिसरी बाई नरेटी की है, जिनका अपने पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से साकार हुआ है।
नक्सली हिंसा के भय से छोड़ना पड़ा था गांव
ग्राम माहला कभी नक्सली गतिविधियों से बुरी तरह प्रभावित रहा था। नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाकर ग्रामीणों की हत्या किए जाने और कई लोगों को जान से मारने की धमकियां दिए जाने के कारण गांव में भय का वातावरण था। ऐसी परिस्थितियों में अनेक ग्रामीणों को अपना घर-बार छोड़कर पखांजूर में बसने के लिए मजबूर होना पड़ा। नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने और परिस्थितियों में सुधार के बाद अब ग्रामीण अपने पैतृक गांव लौटकर फिर से बसने लगे हैं। उनके लिए अपने गांव में दोबारा जीवन शुरू करना केवल घर वापसी नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्के घर का सहारा
गांव में लौटकर बस रहे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम माहला के 35 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें श्रीमती बिसरी बाई नरेटी भी शामिल हैं। श्रीमती बिसरी बाई नरेटी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 01 लाख 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके साथ ही आवास निर्माण कार्य में नियोजित श्रम के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया। योजना के सहयोग से उनका पक्का घर बनाने का सपना पूरा हुआ और आज वे अपने स्वयं के आवास में रह रही हैं।
अपने घर में लौटीं खुशियां, भविष्य के प्रति बढ़ा भरोसा
अपने घर में रहने का सुख मिलने से श्रीमती बिसरी बाई नरेटी के जीवन में स्थिरता आई है। अब उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवास में रहने का अवसर मिला है। उन्होंने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्राम माहला में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से परिवारों को आवास उपलब्ध कराना पुनर्वास और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शासन की योजनाओं के लाभ से ग्रामीण अपने पैतृक गांव में दोबारा बसकर जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।
सेवा सेतु शिविर बना मददगार, साढ़े चार माह के बच्चे का मौके पर ही हुआ आधार पंजीयन
उत्तर बस्तर कांकेर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की पहल ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है। इसी कड़ी में ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर में बुधान्दंड निवासी सुनीता निषाद, पति महेश निषाद, ने अपने साढ़े चार माह के बच्चे का तत्काल आधार पंजीयन कराया।
सुनीता निषाद ने बताया कि छोटे बच्चे की देखभाल के कारण वे आधार पंजीयन कराने के लिए शहर नहीं जा पा रही थीं। ऐसे में जब सेवा सेतु शिविर उनके गांव के आसपास ही आयोजित हुआ, तो वे अपने बच्चे को लेकर शिविर पहुंचीं और उनका काम आसानी से हो गया। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए काफी सुविधाजनक है। गांव के पास ही शिविर आयोजित होने से उन्हें शहर जाने की परेशानी से राहत मिली। उन्होंने इस सुविधा के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा सेतु शिविर बना ग्रामीण महिलाओं के लिए राहत का माध्यम, माहला में मिली सोनोग्राफी की सुविधा
उत्तर बस्तर कांकेर । कोयलीबेड़ा निवासी सावित्री आंचले ने ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर में सोनोग्राफी जांच कराई। उन्होंने बताया कि जब पहली बार सोनोग्राफी मशीन कोयलीबेड़ा क्षेत्र में पहुंची थी, उस समय वे वहां मौजूद नहीं थीं। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर में भी सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जानकारी मिलते ही वे शिविर में पहुंचीं और अपनी जांच कराई।
सावित्री आंचले ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ही सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण जांच की सुविधा मिलना उनके लिए काफी सुविधाजनक रहा। इससे उन्हें जांच के लिए दूर शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ी और समय व आने-जाने के खर्च की बचत हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की पहल और कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित सेवा सेतु शिविर के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा सेतु शिविर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, तीन हितग्राहियों को मिले सोनाली नस्ल के चूजे
उत्तर बस्तर कांकेर । ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत शासकीय अनुदान पर देशी मुर्गी के चूजे वितरित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के दौरान तीन हितग्राहियों को सोनाली नस्ल के 28 दिवसीय 45-45 चूजे वितरित किए गए।
कुक्कुट पालन से बढ़ेगी आय, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना ग्रामीण परिवारों को घर के आसपास ही मुर्गी पालन के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करती है। इस योजना के तहत वितरित सोनाली नस्ल के चूजों का पालन कर हितग्राही अंडे एवं मुर्गियों के माध्यम से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इससे परिवारों को आजीविका का एक अतिरिक्त साधन मिलेगा और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। पशुधन विकास विभाग द्वारा योजना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि इच्छुक परिवार पशुपालन गतिविधियों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
सेवा सेतु शिविर में हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ
ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के अवसर पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी तथा कलेक्टर कुन्दन कुमार की उपस्थिति में हितग्राहियों को चूजे वितरित किए गए। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ उन्हें आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे हितग्राहियों को अपनी मेहनत के बल पर अतिरिक्त आय अर्जित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से सविता सरकार को मिली 20 हजार की सहायता
उत्तर बस्तर कांकेर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महला में आयोजित सेवा सेतु शिविर में पी.व्ही. 107 निवासी सविता सरकार को मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 20 हजार की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी एवं कलेक्टर कुन्दन कुमार ने उन्हें चेक वितरित किया। सविता सरकार इस राशि का उपयोग अपने घर के जारूरी कामों में करेंगी। उन्होंने सहायता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से मिली यह राशि उनके सपने को पूरा करने में सहायक होगी।
वरिष्ठ श्रमिकों को आर्थिक संबल देने की पहल
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना छत्तीसगढ़ के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार की एकमुश्त सहायता दी जाती है। यह राशि श्रमिकों को जीवन के इस पड़ाव पर आर्थिक संबल प्रदान करने में सहायक है। सेवा सेतु शिविर के माध्यम से सविता सरकार तक योजना का लाभ पहुंचना शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने की पहल को दर्शाता है।
नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा में शिक्षा की नई अलख, मावा मोदोल लाइब्रेरी से युवाओं को मिलेगी सफलता की नई उड़ान
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की पहुंच मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है।
जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशन में कोयलीबेड़ा ब्लॉक में शनिवार को मावा मोदोल लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। इस निःशुल्क अध्ययन सुविधा से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में शांत, व्यवस्थित और अनुकूल वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के साथ उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगी।
75 सीटों पर पांच पालियों में मिलेगी अध्ययन सुविधा
मावा मोदोल लाइब्रेरी में एक समय में 75 विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लाइब्रेरी का संचालन सुबह 09 बजे से शाम 07 बजे तक पांच पालियों में किया जाएगा। इससे अलग-अलग समय पर अधिक से अधिक विद्यार्थी अध्ययन सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। लाइब्रेरी के शुभारंभ के दौरान ही 300 से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। यह आंकड़ा क्षेत्र के युवाओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर भविष्य बनाने के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
पीएससी से लेकर शिक्षक भर्ती तक की पुस्तकों की व्यवस्था
जिला प्रशासन द्वारा लाइब्रेरी में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी पुस्तकों की व्यवस्था की गई है। यहां छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी पीएससी), कर्मचारी चयन मंडल, बैंकिंग, पुलिस भर्ती, वन विभाग, शिक्षक भर्ती तथा अन्य स्थानीय भर्तियों से संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही ऐतिहासिक महत्व की पुस्तकों को भी रखा गया है, जिससे विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान और इतिहास संबंधी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। लाइब्रेरी में शांत एवं अनुकूल अध्ययन वातावरण तथा पुस्तकालय संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थी नियमित पढ़ाई कर अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों की दूरस्थ शहरों पर निर्भरता कम करना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराना है।
सांसद और विधायक की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ
मावा मोदोल लाइब्रेरी के शुभारंभ अवसर पर कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग एवं अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रम देव उसेंडी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षा को ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से अपने लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
शिक्षा से बदलेगी दूरस्थ अंचल की तस्वीर
कोयलीबेड़ा जैसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्र में निःशुल्क लाइब्रेरी की स्थापना केवल पढ़ने की जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय युवाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पर्याप्त संसाधनों के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों को इससे नई उम्मीद मिलेगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए। मावा मोदोल लाइब्रेरी के माध्यम से क्षेत्र में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की राह आसान बनाने की उम्मीद है।
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कांकेर के न्यू बस स्टैंड स्थित डोम परिसर में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय विभागों एवं बिहान समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रंगोलियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज कांकेर ने प्रथम, कृषि विभाग ने द्वितीय तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कांकेर ने तृतीय स्थान प्राप्त कियज्ञं कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न रंगोलियों का अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों की रचनात्मकता और प्रयासों की सराहना की। रंगोलियों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, नक्सल मुक्त भारत और विकसित भारत जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन, आरसीसी ओवरहेड टैंक, जल संरक्षण थीम, सोलर टैंक जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा भानुप्रतापपुर पीजी कॉलेज द्वारा नक्सल मुक्त भारत की थीम पर रंगोली तैयार की गई। इसमें ‘हिंसा का अंत, सुरक्षा की जीत’ के संदेश के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समृद्धि और खुशहाली के माध्यम से विकास की परिकल्पना को दर्शाया गया। इदरु केंवट कन्या महाविद्यालय कांकेर द्वारा विकसित भारत और डिजिटल इंडिया, आईटीआई कांकेर द्वारा स्किल इंडिया, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा विष्णुप्रसाद शर्मा विद्यालय गोविंदपुर द्वारा हर घर बिजली की पहुंच थीम पर रंगोली बनाई गई। शासकीय विधि महाविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण, शासकीय महिला आईटीआई द्वारा आत्मनिर्भर भारत तथा सेंट माइकल स्कूल द्वारा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा और पीएम विद्यालयों की अवधारणा को प्रदर्शित किया गया।
इसी तरह खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बस्तर ओलंपिक, श्रम विभाग द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ भारत-समृद्ध भारत तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित विषयों पर रंगोलियां बनाई गईं। सड़क से समृद्धि और गांवों को विकास की राह से जोड़ने का संदेश भी प्रस्तुत किया गया। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री की कृषि संबंधी योजनाओं और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। बिहान समूह की महिलाओं ने लखपति दीदी की अवधारणा को रंगोली के माध्यम से दर्शाया, जबकि संगम महिला क्लस्टर हल्बा की महिलाओं ने भी सहभागिता की। कमला नेहरू पब्लिक स्कूल द्वारा स्वच्छ भारत की थीम पर रंगोली बनाई गई।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों, युवाओं और महिला समूहों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, रंगोलियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक दायित्वों और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को दिया शिक्षा, संस्कार और संवेदनशीलता का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बहुत ही सुंदर और संदेशपरक रंगोलियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में कांकेर जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की चर्चा हो रही है। चाहे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम हो या सुदूर वनांचलों में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर, जिले में जनभागीदारी के माध्यम से सेवा और विकास के नए प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी सोनोग्राफी जैसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के निर्देश अनुरूप संचालित इस अभियान में सभी विभाग सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कार और जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जिस प्रकार बिना नाविक के जहाज अपनी सही दिशा तय नहीं कर सकता, उसी प्रकार जीवन में सही मार्गदर्शन और लक्ष्य के बिना आगे बढ़ना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारना माता-पिता, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता की बात मानने, गुरुजनों का सम्मान करने तथा जरूरतमंद और वंचित लोगों के प्रति दया, संवेदना एवं सहयोग की भावना रखने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का सीमित उपयोग करने सोशल मीडिया से दूरी बनाये रखने और आमने-सामने संवाद की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और सकारात्मक संवाद करना व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह समय सीखने, पढ़ने और अपने भविष्य को गढ़ने का है। पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ छुट्टियों में ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक पुस्तकें भी पढ़ें, ताकि उनकी सोच का विस्तार हो और वे जीवन मंय बेहतर निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए महेश जैन ने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगोलियों के माध्यम से अपने सपनों और कल्पनाओं को सुंदर रंगों में साकार किया है। इन रंगोलियों में केवल कलात्मक प्रतिभा ही नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति उनकी सोच भी दिखाई देती है। ऐसे आयोजन बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जनपद सदस्य सुश्री शिल्पा साहू सहित एल्डरमेन, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग से बचाव के लिए किसानों को दी गई सामयिक सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर । धान की फसल में पेनिकल माइट (मकड़ी) एवं गर्दन झुलसा रोग के प्रकोप से उत्पादन और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने तथा समय पर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों को इन समस्याओं के लक्षणों की पहचान कर समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाने की जानकारी दी है।
पेनिकल माइट के लक्षण एवं नुकसान
पेनिकल माइट के प्रकोप से धान की पर्णच्छद (लीफ शीथ) का रंग भूरा पड़ने लगता है तथा पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे धब्बे दिखाई देते हैं। अधिक प्रकोप होने पर दाने अनियमित आकार के हो जाते हैं। दानों में दूध भराव नहीं होने से वे पोचे या बदरा रह जाते हैं। कई बार दाने तोते की चोंच जैसे आकार के दिखाई देते हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘पैरट बीकिंग’ कहा जाता है। यह सूक्ष्म मकड़ी धान की पत्ती के भीतर पर्णच्छद में छिपकर रस चूसती है। इसके कारण पर्णच्छद पर दालचीनी रंग के या भूरे-चॉकलेटी चकत्ते बन जाते हैं। पत्ती के बाहरी आवरण को खोलकर इसकी उपस्थिति की पहचान की जा सकती है। दानों में दूध भरने की अवस्था में इसका प्रकोप अधिक नुकसान पहुंचाता है। प्रभावित स्थानों पर फफूंद का संक्रमण भी हो सकता है, जिससे दानों का विकास बाधित होता है और बालियों में बदरा दानों की संख्या बढ़ जाती है।
पेनिकल माइट के प्रबंधन के उपाय
किसानों को पेनिकल माइट के नियंत्रण के लिए सलाह देेते हुए बताया गया है कि नत्रजन उर्वरकों सहित सभी उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करें। बीज दर उचित रखें तथा पौधों के बीच लगभग 15 से 15 सेंटीमीटर की दूरी बनाए रखें। फसल की कटाई के बाद अवशेषों को मिट्टी में दबाएं। लगातार धान की फसल लेने के बजाय फसल चक्र अपनाएं। विशेषकर दलहनी एवं तिलहनी फसलों को शामिल करना लाभकारी हो सकता है। फसल की नियमित निगरानी करें तथा पर्णच्छद को खोलकर माइट की उपस्थिति की जांच करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए पंजीकृत एवं अनुशंसित कीटनाशक या माइटनाशक का ही उपयोग करें। दवा का चयन, मात्रा और छिड़काव का समय स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह तथा उत्पाद के लेबल के अनुसार निर्धारित करें।
गर्दन झुलसा रोग के लक्षण
धान में गर्दन झुलसा रोग का संक्रमण पत्तियों, पर्णच्छद, तने के गांठ वाले हिस्से, बाली की गर्दन तथा बाली के अन्य भागों पर दिखाई दे सकता है। प्रारंभ में पत्तियों पर छोटे, लगभग 1 से 3 मिलीमीटर के धब्बे बनते हैं। ये धब्बे आंख या नाव के आकार के होते हैं। इनका मध्य भाग धूसर तथा किनारे भूरे या गाजरी-भूरे रंग के होते हैं। तने और बाली की गर्दन पर संक्रमण होने से नुकसान अधिक होता है। बाली की गर्दन प्रभावित होने पर दानों में आधा या बिल्कुल भी भराव नहीं हो पाता, जिससे बालियां बदरा रह जाती हैं। कई बार बालियां पकने से पहले ही संक्रमित स्थान से टूट जाती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गर्दन झुलसा रोग का प्रबंधन
गर्दन झुलसा रोग की रोकथाम के लिए रोग प्रतिरोधी या सहनशील किस्मों का चयन सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। किसानों को धान की कर्मामासुरी, दन्तेश्वरी, इंदिरा सोना एवं आईआर-64 जैसी किस्मों के संबंध में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से उपयुक्तता की पुष्टि कर खेती करने की सलाह दी गई है। रोग के नियंत्रण के लिए एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 प्रतिशत $ डाइफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत जैसे कवकनाशी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले धान में संबंधित रोग के लिए उसके वर्तमान पंजीकरण, लेबल पर दी गई मात्रा, प्रतीक्षा अवधि और स्थानीय कृषि विभाग की अनुशंसा की पुष्टि करना आवश्यक है। छिड़काव निर्धारित सुरक्षा उपायों के साथ ही करें तथा अलग-अलग दवाओं को बिना विशेषज्ञ की सलाह के न मिलाएं।
किसानों से नियमित निगरानी की अपील
कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें और समय पर प्रबंधन उपाय अपनाएं। नियमित निगरानी, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल चक्र तथा उपयुक्त किस्मों का चयन करके फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना से सविता सरकार को मिली 20 हजार की सहायता
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महला में आयोजित सेवा सेतु शिविर में पी.व्ही. 107 निवासी श्रीमती सविता सरकार को मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 20 हजार की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने उन्हें चेक वितरित किया। श्रीमती सविता सरकार इस राशि का उपयोग अपने घर के जारूरी कामों में करेंगी। उन्होंने सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से मिली यह राशि उनके सपने को पूरा करने में सहायक होगी।
वरिष्ठ श्रमिकों को आर्थिक संबल देने की पहल
मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना छत्तीसगढ़ के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार की एकमुश्त सहायता दी जाती है। यह राशि श्रमिकों को जीवन के इस पड़ाव पर आर्थिक संबल प्रदान करने में सहायक है। सेवा सेतु शिविर के माध्यम से सविता सरकार तक योजना का लाभ पहुंचना शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने की पहल को दर्शाता है।