छत्तीसगढ़ / कांकेर
पीएम जनमन योजना : रेवती बाई कमार के पक्के मकान का सपना हुआ सच
रायपुर : केंद्र शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण के लिए शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) का लाभ प्रदेश के पीव्हीटीजी बसाहट वाले सुदूर अंचलों तक पहुंच रहा है। जिले के नरहरपुर विकासखंड में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) समूह के लोगों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में काफी सुधार हो रहा है। कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम-बादल निवासी श्रीमती रेवती बाई ऐसी हितग्राही हैं, जिनका प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) से उनका पक्का मकान का सपना साकार हो गया है।
कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड से लगभग 8 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम बादल की रहने वाली श्रीमती रेवती बाई ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ कच्चे एवं पुराने मकान में निवास करती थीं, जिसमें बरसात के दिनों में जीवन-यापन करने में अत्यधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था। साथ ही मिट्टी एवं खपरैल का घर होने के कारण बारिश में पानी का टपकना, जमीन में सीलन आने के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता था। योजना के तहत् अब पक्का मकान बनने के बाद इन सभी परेशानियों से निजात मिल गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना के तहत् ग्राम पंचायत स्तर पर वर्ष 2011 की सर्वे सूची एवं ग्रामसभा के माध्यम से आवास निर्माण हेतु वर्ष 2023-24 में स्वीकृत हुआ। इसके बाद उन्हें 02 लाख रुपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में मिली तथा मनरेगा के माध्यम से 95 दिवस की मजदूरी की राशि भी प्राप्त हुई।
श्रीमती रेवती ने बताया कि कच्चा जर्जर मकान में अपने परिवार के साथ बड़ी मुश्किल से गुजारा कर रही थीं, किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) जनमन योजना से आवास में एक कमरे सहित एक किचन, बरामदा एवं शौचालय का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि अब वे पहले से बेहतर जीवन यापन कर रही हैं। श्रीमती रेवती बाई ने पक्का आवास का सपना पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर 14 से
कांकेर। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार जिले के आम नागरिकों की आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान के लिए जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जारी निर्देशानुसार 14 अक्टूबर को विकासखण्ड कांकेर के कोकानपुर और नरहरपुर विकासखण्ड के सरोना कलस्टर के ग्राम पंचायत अभनपुर में जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित होगा।
इसी प्रकार 16 अक्टूबर को अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आमाबेड़ा में, चारामा विकासखण्ड के हाराडुला कलस्टर के ग्राम हल्बा में 17 अक्टूबर, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के कलस्टर कोड़ेकुर्से के ग्राम पंचायत हामतवाही में 18 अक्टूबर, चारामा विकासखण्ड के कलस्टर कोटतरा ग्राम मयाना में 23 अक्टूबर, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हरनपुरी स्कूल मैदान में 25 अक्टूबर और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड कलस्टर छोटेकापसी के ग्राम पंचायत बडे़कापसी में 28 अक्टूबर को जनपद स्तरीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा नरहरपुर विकासखण्ड के उमरादाह कलस्टर के ग्राम पंचायत चंवाड़ में 06 नवम्बर, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ताड़ोकी और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ऐसेबेड़ा कलस्टर के ग्राम पंचायत कारेकट्टा में 08 नवम्बर, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड हाटकोंदल कलस्टर के ग्राम पर्रेकोड़ो में 11 नवम्बर, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सिंगारभाट में 13 नवम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम सिरसिदा और कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के बांदे कलस्टर के ग्राम पंचायत सावेर में 20 नवम्बर, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुंगवाल में 21 नवम्बर, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत डुमाली में 22 नवम्बर, नरहरपुर विकासखण्ड के कलस्टर दुधावा के ग्राम पंचायत धनोरा में 29 नवम्बर, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कलगांव में 02 दिसम्बर, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जिरमतराई में 06 दिसम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत लखनपुरी में 07 दिसम्बर, दुर्गूकोंदल के ग्राम पंचायत भण्डारडिगी में 12 दिसम्बर, कांकेर के ग्राम पंचायत बारदेवरी और भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत संबलपुर में 13 दिसम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत केंवटी और अंतागढ़ के ग्राम बण्डापाल में 20 दिसम्बर, नरहरपुर के सुरही कलस्टर के ग्राम बिरनपुर में 27 दिसम्बर तथा दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के दमकसा कलस्टर के ग्राम पंचायत बरहेली में 21 जनवरी 2025 को जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। उक्त शिविर सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक लगाया जाएगा। शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संबंधित जनपद सीईओ को जनपद स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन के लिए निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने उक्त शिविर में अनुभाग स्तर, ब्लॉक स्तर एवं कलस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी के अलावा सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को भी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
हितग्राही स्वयं भर सकते हैं महतारी वंदन योजना का फार्म
उत्तर बस्तर कांकेर : प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन शुरु हो गया है। महतारी वंदन योजना को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राज्य शासन द्वारा हितग्राहियों के लिए ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनों माध्यमों में फार्म भरने की सुविधा प्रदान की गई है। जिला स्तर पर नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में लगे शिविरों के साथ नगर पालिका कार्यालय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत भवनों सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को फार्म भरने में कोई परेशानी न हो। महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए विवाहित महिला को स्व प्रमाणित पासपोर्ट साइज फोटो, स्थानीय निवास प्रमाण पत्र अथवा राशन अथवा मतदाता परिचय पत्र, स्वयं व पति का आधार कार्ड, पेन कार्ड (यदि हो तो), विवाह प्रमाण पत्र सहित ग्राम पंचायत या नगरीय निकाय द्वारा जारी प्रमाण पत्र की आवश्कता होगी। वहीं जन्म के संबंध में 10 वीं अंकसूची अथवा वोटर आईडी अथवा ड्राइविंग लायसेंस की आवश्यकता होगी। साथ ही पात्र हितग्राही को बैंक पास बुक की छायाप्रति तथा स्वघोषणापत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। हितग्राही की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। उक्त योजना के लिए विधवा तलाकशुदा व परित्यक्ता महिलाएं भी पात्र होंगी।
हितग्राही स्वयं अपना आवेदन कैसे करें महतारी वंदन योजना का फार्म हितग्राही स्वयं अपने मोबाईल के माध्यम से भी आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए हितग्राही को अपने मोबाईल से वेबसाईटhttps://mahtarivandan.cgstate.gov.in में जाकर अपना आवेदन भरना होगा। आवेदन करने के पूर्व आवेदिका को यह जानकारी रखना आवश्यक है कि संबंधित हितग्राही महिला एवं बाल विकास विभाग के किस आंगनबाड़ी क्षेत्र, सेक्टर क्षेत्र एवं परियोजना के अन्तर्गत उनका निवास स्थान है। क्योंकि ऑनलाइन आवेदन में अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ-साथ इन जानकारियों को भी भरना आवश्यक होता है। ऑनलाइन आवेदन में आवेदिका को पहले से ही आवश्यक दस्तावेजों को मोबाइल में अलग-अलग पीडीएफ बना कर रख लेना चाहिए, क्योंकि उक्त दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना आवश्यक है।
बोर्ड परीक्षा को देखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर लगा प्रतिबंध
उत्तर बस्तर कांकेर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी समय सारिणी अनुसार 01 मार्च से 23 मार्च 2024 तक आयोजित होने वाले हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूल परीक्षा को देखते हुए जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न हो इसे ध्यान में रखते हुए उक्त आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 23 मार्च 2024 तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ कोलाहल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत तीव्र संगीत, हार्नटाइप, ध्वनि विस्तारक का उपयोग बिना अनुमति के तत्काल प्रभाव से संपूर्ण जिला में प्रतिषेध किया गया है। ध्वनि विस्तारक चलाए जाने की अनुमति हेतु कांकेर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी कांकेर, चारामा तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी चारामा, नरहरपुर तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी नरहरपुर, सरोना तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी सरोना, भानुप्रतापपुर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी दुर्गूकोंदल, अंतागढ़ तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी अंतागढ़, आमाबेड़ा तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी आमाबेड़ा, पखांजूर तहसील के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी पखांजूर, बांदे तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी बांदे तथा कोयलीबेड़ा तहसील के लिए तहसीलदार एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी कोयलीबेड़ा को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्र उपयोग करने की अनुमति हेतु संबंधित तहसील के प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रियंका गांधी आएंगी छत्तीसगढ़, महासम्मेलन में होंगी शामिल, करोड़ों की देंगी सौगात
कांकेर. कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी एक बार फिर 6 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आ रही हैं. वे कांकेर के गोविंदपुर स्थित मैदान में नगरीय निकाय एवं पंचायती राज महासम्मेलन में शामिल होंगी. उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व तमाम कांग्रेस के दिग्गज शामिल होंगे.

विधानसभा सत्र हेतु अपर कलेक्टर नोडल अधिकारी नियुक्त
उत्तर बस्तर कांकेर : छत्तीसगढ़ षष्ठम विधानसभा का द्वितीय बजट सत्र 05 फरवरी सोमवार से 01 मार्च 2024 तक आहूत किया गया है। विधानसभा सत्र के दौरान त्वरित जानकारी प्राप्त करने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा अपर कलेक्टर श्री एस. अहिरवार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पोर्टल में संस्था, पाठ्यक्रम परिवर्तन हेतु आवेदन 07 फरवरी तक
उत्तर बस्तर कांकेर : जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के विद्यार्थियों का पंजीयन, स्वीकृति व भुगतान विभागीय पोर्टलhttps://postmatric-scholarship.cg.nic.in/के माध्यम से किया जा रहा है। आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त ने बताया कि पात्रता रखने वाले ऐसे विद्यार्थी जो संस्था परिवर्तन, संस्था व पाठ्यक्रम दोनों में परिवर्तन करना चाहते हैं। वे 07 फरवरी तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी कांकेर (कलेक्ट्रेट कांकेर) की छात्रवृत्ति शाखा में आवेदन कर सकते हैं।
07 फरवरी तक भरे जाएंगे राज्य व्यावसायिक परीक्षा फार्म
उत्तर बस्तर कांकेर : जिले की सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में राज्य व्यावसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) के अंतर्गत प्रवेश हेतु 07 फरवरी तक परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे। महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार सत्र अगस्त 2023 छमाही व्यवसाय के नियमित पात्र परीक्षार्थी एवं पूरक पात्र परीक्षार्थी माह फरवरी 2024 में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने की पात्रता रखते हों, वे निर्धारित परीक्षा शुल्क सहित 07 फरवरी तक कार्यालयीन अवधि में संबंधित आई.टी.आई. में उपस्थित होकर परीक्षा फार्म भर सकते हैं।
बाल विवाह रोकथाम के लिए किया जा रहा हैं लोगों को जागरूक
कांकेर , कांकेर जिला में बाल विवाह को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत डाईट कॉलेज में प्राचार्य आनंद कुमार गुप्ता की अनुमति से यूनिसेफ के स्वयंसेवकों के माध्यम से बाल विवाह के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साथ बाल विवाह के विषय में शपथ दिलाई गई। यूनिसेफ के जिला समन्वयक अभिनय सिंह ठाकुर, यूनिसेफ स्वयंसेवक संदीप कुमार साहू तथा साथी बोस के द्वारा बाल विवाह रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता गतिविधियां किये जा रहे है।
महतारी वंदन योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर : राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का जिले में बेहतर क्रियान्वयन एवं इसके नियम-निर्देशों से मैदानी अमलों को अवगत कराने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर एडीएम श्री एस. अहिरवार एवं जिला पंचायत सीईओ श्री सुमित अग्रवाल ने योजना के संबंध में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में उपस्थित महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाइजर, सभी जनपद पंचायत के सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को योजना की जानकारी देते हुए इसके नियम व शर्तों, पात्रता हेतु शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड एवं ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लिए जाने के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. चंद्राकर ने कार्यशाला में महतारी वंदन योजना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत् सुधार, परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका सुदृढ़ करने यह योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 01 हजार रूपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना 01 मार्च 2024 से लागू की जाएगी। आवेदन की प्रक्रिया 05 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है। इस संबंध में बताया गया कि 20 फरवरी तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर पात्र हितग्राहियों के खाते में 08 मार्च से राशि डीबीटी के जरिए अंतरित की जाएगी। जो पात्र हितग्राही उक्त अवधि में किसी कारणवश आवेदन करने से छूट जाते हैं वे उक्त तिथि के बाद भी आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि योजना के तहत आवेदन एक सतत् प्रक्रिया है।
पात्रता हेतु शर्तें
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री राठौर ने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत ऐसी श्रेणी की महिला पात्र होगी, जो छत्तीसगढ़ राज्य की स्थानीय निवासी हो, आवेदन के कैलेण्डर वर्ष की 01 जनवरी को आवेदिका की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं भी योजना के लिए पात्र होंगी।
ऐसी महिलाएं जिन्हें सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं से प्रतिमाह रू 01 हजार से कम की राशि प्राप्त हो रही है, उन्हें अतिरिक्त उतनी राशि की सहायता स्वीकृति की जाएगी, जिससे उन्हें कुल राशि रू. 01 हजार की मासिक राशि प्राप्त हो सके।
ये नहीं होंगे पात्र
ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग, उपक्रम, मंडल, स्थानीय निकाय में स्थायी/अस्थायी/संविदा पदों पर कार्यरत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ग के अधिकारी या कर्मचारी हो। जिनके परिवार का कोई भी सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद या विधायक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मण्डल के वर्तमान एवं पूर्व अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष हो।
कैसे करें आवेदन
योजना के तहत आवेदन महतारी वंदन योजना के ऑनलाईन पोर्टल ीजजचेरूध्ध्ूूूण्उंीजंतपअंदकंदण्बहेजंजमण्हवअण्पद तथा योजना के मोबाइल एप द्वारा भी भरे जा सकेंगे। आवेदन भरे जाने की प्रक्रिया ओ.टी.पी. पर आधारित होगी। आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क होगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम पंचायत, नगरीय निकायों में पहुंचकर भी फॉर्म भर सकते हैं।
ये दस्तावेज होना आवश्यक
आवेदन करने हेतु स्वसत्यापित स्वयं की पासपोर्ट फोटो, स्थानीय निवासी दस्तावेज जैसे निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र, स्वयं का एवं पति का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड, विवाह का प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में समाज द्वारा अथवा वार्ड और ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10 वीं एवं 12वीं की अंकसूची, स्थानांतरण प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस (इनमें से एक), पात्र हितग्राही का बैंक खाते का विवरण एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति शपथ पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
आपत्तियों के निराकरण के लिए बनंेगी समितियां
योजना के तहत प्रदर्शित अनंतिम सूची पर प्राप्त आपत्तियों का निराकरण आपत्ति निराकरण समिति द्वारा किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकाय स्तर पर संबंधित अधिकारियों की समिति बनाई जाएगी, जिनके द्वारा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा। साथ ही अंतिम सूची जारी होने के पश्चात अपात्र हितग्राहियों को यदि यह लगता है कि आपत्ति निराकरण समिति के द्वारा अपात्र किये जाने से संतुष्ट नहीं है, तो अपात्र हितग्राही समस्त दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी के समक्ष अपील आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा। अंतिम सूची में पात्र हितग्राहियों को ग्राम सचिव या वार्ड प्रभारी द्वारा योजना में लाभान्वित होने संबंधी स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा।
बैंक खाता नहीं होने पर भी कर सकते हैं आवेदन
पात्र हितग्राही को राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड डीबीटी आधारित बैंक खाते में किया जाएगा। आवेदक महिला के पास स्वयं के नाम से आधार लिंक बैंक खाता होना चाहिए। खाता नहीं होने की दशा में महिला हितग्राही को इस संबंध में पावती से सूचित किया जाएगा और आवेदिका फॉर्म भरने के बाद निर्धारित समय-सीमा में स्वयं का बैंक खाता खुलवाना होगा।
योजना के क्रियान्वयन हेतु समय-सीमा निर्धारित
कार्यशाला में बताया गया कि योजना के तहत 05 फरवरी से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी और आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई है। इसके बाद 21 फरवरी को अनन्तिम सूची जारी की जाएगी। 25 फरवरी तक अनन्तिम सूची पर आपत्ति की जा सकेगी तथा प्राप्त आपत्तियों का निराकरण 29 फरवरी तक किया जाएगा। अंतिम सूची का प्रकाशन 01 मार्च को किया जाएगा। आवेदनों की स्वीकृति उपरांत योजना के तहत लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि 08 मार्च से अंतरित की जाएगी।
हमर राज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर विनोद नागवंशी ने अपने हजारों समर्थकों कि उपस्थित में नामांकन दाखिल किया
काँकेर : हमर राज पॉर्टी से इंजीनियर विनोद नागवंशी ने काँकेर लोकसभा से किया नामांकन दाखिल
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे कोमल हूपेंडी भाजपा में हुए शामिल, मुख्यमंत्री ने पार्टी का गमछा पहनाकर किया स्वागत
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे कोमल हूपेंडी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष भाजपा में हुए शामिल
स्वाधीन जैन कांकेर जिला सदस्यता - प्रभारी
स्वाधीन जैन बने कांकेर जिला के सदस्यता अभियान प्रभारी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रस्तावित प्रवास का कलेक्टर-एसपी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेकर तैयारियां शुरू कि दिए आवश्यक निर्देश...
कलेक्टर-एसपी ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
कांकेर|प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जिले में आगामी 06 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में प्रवास प्रस्तावित कार्यक्रम में वे शिरकत करेंगे।
इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्थानीय गोविंदपुर के खेल मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम 06 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस दौरान वृहत मंचीय कार्यक्रम का आयोजन होगा।
इसे लेकर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला, एसपी दिव्यांग पटेल ने आज सुबह 11 बजे गोविंदपुर स्थित समारोह स्थल का जायज़ा लिया, साथ ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान अधिकारी द्वय ने तैयार किए जा रहे मुख्य मंच, वीआईपी लाउंज, ग्रीन हाउस, दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा, लोकार्पण-शिलान्यास स्थल, हितग्राहियों की बैठक व्यवस्था सहित विभिन्न स्थलों का सघन अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर डीएफओ आलोक बाजपेई, अपर कलेक्टर एस. अहिरवार, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल, एसडीएम मनीष साहू, अतिरिक्त सीईओ वीरेंद्र जायसवाल सहित जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
फ्लोरोसिस की रोकथाम व प्रबंधन के लिए कलेक्टर ने ली बैठक
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज फ्लोरोसिस की रोकथाम व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अंतर्विभागीय समन्वय बैठक ली गई, जिले के पेयजल में मौजूद फ्लोराइड की मात्रा पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से ऐसे ग्रामों और जल स्रोतों की जानकारी मांगी, जहां पानी में फ्लोराइड का स्तर अधिक व नुकसानदायक हो।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय सीमा मीटिंग के उपरांत आयोजित अंतर्विभागीय बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश शांडिया ने बताया कि फ्लोरोसिस एक सार्वजनिक लोक स्वास्थ्य समस्या है, जो लंबे समय तक पीने के पानी, खाद्य उत्पादों एवं औद्योगिक उत्सर्जन के माध्यम से फ्लोराइड के अत्यधिक सेवन के कारण होता है, जिसके चलते दंत फ्लोरोसिस, स्केलेटल फ्लोरोसिस एवं नान-स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी प्रमुख स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां होती हैं। उन्होंने बताया कि जब फ्लोराईड के स्तर में अत्यधिक वृद्धि होती है, तो यह दांतों और हड्डियों में विकृति, दर्द और हड्डियों के कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैद्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 07 जिलों में फ्लोराइड की अधिकता पाई जाती है जिनमें कांकेर जिला भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के पेयजल स्त्रोतों में फ्लोराईड की मात्रा 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर सीमा से अधिक मिलने पर उस क्षेत्र के समस्त पेयजल स्त्रोतों का परीक्षण प्रयोगशाला से पेयजल स्त्रोत के फ्लोराइड के स्तर की जांच कराई जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग के समन्वय से फ्लोरोसिस से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने, चयनित क्षेत्र में फ्लोरोसिस नियंत्रण के व्यापक प्रबंधन, फ्लोरोसिस के रोकथाम, निदान और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए। इस पर कलेक्टर ने ऐसे गांवों और उनके पेयजल स्रोतों को चिन्हांकित कर सूची उपलब्ध कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्रों के स्कूलों , बच्चों सहित समुदाय में फ्लोरोसिस की जांच करने हेतु सीएमएचओ को निर्देशित किया, जिससे मरीजों का चिन्हांकन कर समय पर उनका समुचित उपचार किया जा सके। साथ ही फ्लोरोसिस नियंत्रण के लिए फ्लोराइड की अधिकता से होने वाली बीमारियों की पहचान एवं जागरूकता लाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ आलोक वाजपेयी, अपर कलेक्टर एस अहिरवार, बीएस उईके, जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल, जितेंद्र कुर्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।