छत्तीसगढ़ / कांकेर
कलेक्टर कुंदन के निर्देश पर कोयलीबेड़ा तहसील क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों में अधिकारियों का तीन दिवसीय भ्रमण
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिले के अधिकारियों द्वारा कोयलीबेड़ा तहसील क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामों में तीन दिवसीय व्यापक भ्रमण किया गया।
इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीयों सहित सम्बंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं फील्ड स्तर के कर्मचारी गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आंकलन किया।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे गांवों में पहुंचकर अपने-अपने विभागों से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही आकलन करें तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। इसके माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार कर समस्याओं का प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण किया जा सकेगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं मैदानी अमले ने ग्रामों का भ्रमण कर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आंगनबाड़ी, राशन, कृषि एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आवश्यकताओं की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि कोयलीबेड़ा तहसील क्षेत्र के अनेक ग्राम लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहने के कारण विकास की गति से अपेक्षाकृत पीछे रह गए थे। जिला प्रशासन द्वारा अब इन क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं का चिन्हांकन कर उनके निराकरण के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार तैयार किए जा रहे प्रस्तावों के माध्यम से संबंधित ग्रामों की लंबित एवं महत्वपूर्ण मांगों का चरणबद्ध तरीके से निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य विकास से वंचित रहे इन क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ना तथा क्षेत्रवासियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का बेहतर लाभ सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से जिले के 24 शिक्षक सम्मानित
शिक्षा दूत पुरस्कार से 21 प्राथमिक शाला शिक्षक और ज्ञानदीप पुरस्कार से 3 माध्यमिक शाला शिक्षक हुए सम्मानित
उत्तर बस्तर कांकेर, 05 सितम्बर 2026
शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला पंचायत कांकेर में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के 24 शिक्षकों को उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें प्राथमिक शालाओं के 21 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार तथा माध्यमिक शालाओं के 03 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से 03-03 शिक्षकों का विकासखंड स्तर पर चयन किया गया था। इसी प्रकार ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए माध्यमिक शाला के 03 शिक्षकों का जिला स्तर पर चयन किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 5 हजार रुपये तथा ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रशस्ति पत्र मोमेन्टो प्रदान की गई। इस प्रकार कुल 24 शिक्षकों को सम्मानित करते हुए 1 लाख 26 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
शिक्षकों को बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए : विधायक श्री नेताम
मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित होना शिक्षकों के लिए गौरव की बात है। शिक्षक बच्चों को गढ़ने का काम करते हैं और आज के कार्यक्रम में बच्चों के भविष्य को गढ़ने वाले शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य शिक्षक भी सम्मानित शिक्षकों से प्रेरणा लें और बच्चों का भविष्य संवारने के लिए निरंतर समर्पण के साथ कार्य करें।
विधायक श्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थी अपने शिक्षक को हमेशा याद रखते हैं। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है, इसलिए शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका उचित मार्गदर्शन भी करना चाहिए। शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर जोर देते हुए विधायक श्री नेताम ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे सामान्य परिवारों से आते हैं। उन्हें बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर उनके भविष्य को संवारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारे शासकीय स्कूल किसी भी तरह से निजी स्कूलों से कम नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को गढ़ने और उनका भविष्य संवारने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन करते हुए शिक्षक स्वयं को सम्मान का हकदार बनाएं।
शिक्षा के लिए शिक्षक गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें : कलेक्टर श्री कुंदन कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने कहा कि शिक्षा के प्रति शिक्षक गंभीर रहें और समर्पण भाव से कार्य करें। विद्यार्थियों के साथ अच्छा व्यवहार करें तथा स्कूल में निर्धारित समय पर पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे ग्रामीण परिवेश तथा गरीब एवं सामान्य परिवारों से आते हैं। उन्हें अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। कांकेर बस्तर का प्रवेश द्वार है और बस्तर के विकास का द्वार है। हमें शिक्षा के क्षेत्र में भी कांकेर जिले को अग्रणी बनाना है।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में जो भी कमियां हैं, वे आज के बाद दिखाई नहीं देनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों में शराब का सेवन कर आने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही मिशन 90 प्लस के लिए विशेष रूप से कार्ययोजना तैयार करने तथा तीन दिवस के भीतर प्लान बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित 21 शिक्षक
अंतागढ़ विकासखंड से श्रीमती हेमलता मांझी, प्राथमिक शाला भैरगांव; श्री राधेश्याम ठाकुर, प्राथमिक शाला दर्रोखलारी तथा श्री मुकेश कुमार साहू, प्राथमिक शाला कुदुरपाल को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भानुप्रतापपुर विकासखंड से श्री शेख अमजद, प्राथमिक शाला नयापारा कुंडी; श्री हरिश्चंद्र ठाकुर, प्राथमिक शाला कोकड़े तथा श्री पुरुषोत्तम किरशाने, प्राथमिक शाला आमापारा भानबेड़ा को पुरस्कार प्रदान किया गया। चारामा विकासखंड से श्रीमती सरला सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला चारामा; श्री संतोष सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला रंगोपारा मरकाटोला तथा श्री शिव कुमार सिन्हा, शासकीय प्राथमिक शाला केकतीपारा को शिक्षा दूत पुरस्कार मिला। दुर्गूकोंदल विकासखंड से श्री नरेंद्र कुमार उयके, शासकीय प्राथमिक शाला मदले; श्री सुकदेव कोड़ोपी, शासकीय प्राथमिक शाला नेलचांग तथा श्री अनिल कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला चिहरो को पुरस्कार प्रदान किया गया। कांकेर विकासखंड से श्रीमती भगवती ठाकुर, शासकीय प्राथमिक शाला डुमाली छोटेपारा; श्रीमती त्रिवेणी जैन, शासकीय प्राथमिक शाला सरंगपाल तथा श्रीमती रिया मरकाम, शासकीय प्राथमिक शाला भट्टीपारा देवरी को शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोयलीबेड़ा विकासखंड से श्री तुमेश्वर कुमार विश्वकर्मा, शासकीय प्राथमिक शाला छिंदटोला; श्री रविंद्रनाथ सरदार, शासकीय पीएमश्री विद्यालय पी.टी.ई. 83 तथा श्रीमती दुर्गामनी नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला ढुढ़ापारा को पुरस्कार प्रदान किया गया नरहरपुर विकासखंड से श्री दिनेश कुमार साहू, शासकीय प्राथमिक शाला मावलीपारा; श्रीमती सविता नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला माखाड़ी तथा श्री झुमर सिंह नेताम, शासकीय प्राथमिक शाला नयापारा भिरौद को शिक्षा दूत पुरस्कार प्रदान किया गया। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित सभी 21 शिक्षकों को 5-5 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ शाल - श्री फल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान की गई।
*ज्ञानदीप पुरस्कार से तीन शिक्षक सम्मानित*
ज्ञानदीप पुरस्कार से चारामा विकासखंड की सुश्री खुशबू जैन शासकीय माध्यमिक शाला खैरवाही; कांकेर विकासखंड की श्रीमती रवी नाग शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डुमाली तथा दुर्गूकोंदल विकासखंड के श्री मधुराम नेताम शासकीय माध्यमिक शाला सुखई को सम्मानित किया गया।ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित प्रत्येक शिक्षक को 7 हजार रुपये की पुरस्कार राशि,शाल -श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं मोमेन्टो प्रदान की गई।
*गोंडी भाषा सीखकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने वाले शिक्षक मुकेश साहू हुए सम्मानित*
शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित अंतागढ़ विकासखंड के प्राथमिक शाला कुदुरपाल के सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री मुकेश कुमार साहू ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी पदस्थापना वर्ष 2010 में कुदुरपाल में हुई थी। उस समय क्षेत्र के अधिकांश बच्चे अपनी स्थानीय गोंडी भाषा में ही बातचीत करते थे तथा उन्हें हिंदी और अंग्रेजी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं था। उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने स्वयं सबसे पहले गोंडी भाषा सीखी। इसके बाद वे बच्चों से उनकी स्थानीय गोंडी भाषा में संवाद करने लगे और धीरे-धीरे उन्हें हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का ज्ञान देना शुरू किया। श्री साहू ने बताया कि इस प्रयास से बच्चों में भाषा को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपने गांव से बाहर अन्य स्थानों पर लोगों से बातचीत करने में भाषा संबंधी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा। शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित होने पर श्री मुकेश कुमार साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
शिक्षक सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, श्री शिशुपाल शोरी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, श्री महेश जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, श्री राजीव लोचन सिंह, श्री ईश्वर कावड़े, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश निषाद सहित शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को मिला ‘ईट राइट कैंपस’ का 5-स्टार एक्सेम्प्लरी प्रमाण-पत्र
उत्तर बस्तर कांकेर । स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन कांकेर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा ‘ईट राइट कैंपस’ के रूप में 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। यह प्रमाण-पत्र 2 सितंबर 2026 से 1 सितंबर 2028 तक प्रभावी है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
स्वस्थ भोजन की संस्कृति को बढ़ावा :
‘ईट राइट कैंपस’ पहल का उद्देश्य संस्थानों में सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देना तथा लोगों में संतुलित और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूकता विकसित करना है। जिला अस्पताल की कैंटीन का इस पहल के तहत ‘एक्सेम्प्लरी’ श्रेणी में 5-स्टार प्रमाणन प्राप्त करना कांकेर जिले में खाद्य सुरक्षा एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है।
कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अस्पताल परिसर में उपलब्ध खाद्य व्यवस्था को भी गुणवत्तापूर्ण बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मिलेगा।
FSSAI के मानकों पर खरा उतरा जिला अस्पताल कैंटीन :
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन का यह प्रमाणन भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित ‘ईट राइट कैंपस’ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। प्रमाण-पत्र पर FSSAI के कार्यकारी निदेशक यू.एस. ध्यानी के हस्ताक्षर हैं। इस उपलब्धि में FSDA कांकेर की कार्यान्वयन भागीदारी, Onecrew Services Private Limited की ऑडिटिंग भागीदारी तथा Gyancity Educational Trust की प्रशिक्षण भागीदारी रही।
जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम :
जिला अस्पताल कांकेर की कैंटीन को मिला यह प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन कांकेर की ‘स्वस्थ जिला’ की दिशा में प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण परिणाम है। प्रशासन का प्रयास है कि शासकीय संस्थानों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ भी उपलब्ध हों 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाणन कांकेर जिले के लिए गौरव की उपलब्धि है और यह स्वस्थ खान-पान एवं खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को नई पहचान प्रदान करता है।
कलेक्टर कुंदन ने कांकेर शहर का किया पैदल निरीक्षण
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कुंदन कुमार ने आज कांकेर शहर के नए बस स्टैंड क्षेत्र एवं मेला भाटा का पैदल निरीक्षण कर शहर की स्वच्छता व्यवस्था सहित विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर संबंधित अधिकारियों से कार्यों की प्रगति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शहर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने सड़कों की नियमित एवं बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क के बीच बने डिवाइडरों में लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई करने तथा शहर की स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रतिदिन सुबह वार्डों का निरीक्षण करने हेतु एसडीएम, तहसीलदार एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देशित किया।
कलेक्टर कुंदन कुमार ने मेला भाटा के समीप नवनिर्मित 5 हजार लीटर क्षमता की पेयजल टंकी का निरीक्षण किया और शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। टंकी का निर्माण पूर्ण होने के बावजूद इससे पेयजल आपूर्ति प्रारंभ नहीं होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने एक सप्ताह के भीतर टंकी से पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित सब इंजीनियर के मौके पर अनुपस्थित पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को संबंधित सब इंजीनियर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। नए बस स्टैंड के समीप स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते समय कलेक्टर की मुलाकात शहीद रामकुमार यादव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं से हुई। छात्राएं शिक्षक दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रही थीं। कलेक्टर ने छात्राओं से कविता, पहाड़ा एवं गीत आदि सुनाने को कहा। छात्राओं द्वारा ‘रेला’ पाठ सुनाए जाने पर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
कलेक्टर ने मेला भाटा स्थित दूधावा तालाब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली तथा तालाब विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आवश्यक कार्यों का विस्तृत एस्टीमेट तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद कांकेर एसडीएम सरस्वती बंजारे को कलेक्टर ने शहर में संचालित अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईटीआई : अष्टम चरण हेतु ऑनलाइन आवेदन 5 तक
उत्तर बस्तर कांकेर । राज्य की सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में सत्र 2026-27 एवं 2026-28 में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए अष्टम चरण की काउंसिलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कांकेर के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी ने बताया कि जिले की सभी 08 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं-महिला कांकेर, बालक कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, चारामा, दुर्गूकोंदल, नरहरपुर और पखांजूर में संचालित विभिन्न रोजगारोन्मुखी ट्रेडों की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि 03 से 05 सितम्बर तक वेबसाइट बहपजपण्ंकउपेेपवदेण्दपबण्पद पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूर्व के आवेदकों को अष्टम चरण के काउंसिलिंग में भाग लेने हेतु पुनः विकल्प का चयन करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए निकटतम शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था से सम्पर्क किया जा सकता है।
‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ के अवसर पर ‘शुष्क दिवस’ घोषित
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुंदन कुमार ने ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ के अवसर पर 04 सितम्बर शुक्रवार को ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। इस दिन जिले की समस्त देशी, विदेशी (कम्पोजिट), प्रीमियम मदिरा की फुटकर दुकानों, देशी, विदेशी (कम्पोजिट) मदिरा के फुटकर दुकान से संलग्न अहातों एवं एफ.एल.4 (क) व्यवसायिक क्लब व एफ.एल.7, सैनिक कैन्टीन को पूर्णतः बंद रखे जाने के लिए आदेशित किया गया है।
कलेक्टर ने शुष्क दिवस के दौरान जिले में जांच दल गठित कर अवैध मदिरा संग्रहण, विनिर्माण, परिवहन व विक्रय पर पूर्णतः नियंत्रण रखने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया है।
कलेक्टर ने जिला अस्पताल का किया आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर, 01 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने आज मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय कांकेर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लेकर मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर एवं आपातकालीन कक्ष, इंचार्ज रूम, ड्यूटी डॉक्टर कक्ष, ड्रेसिंग कक्ष, प्लास्टर रूम, ओपीडी पंजीयन, सर्जरी ओपीडी, आर्थाे ओपीडी, सीटी स्कैन एवं फिजियोथेरेपी कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ की नियमित रूप से ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए, विशेष रूप से मध्य रात्रि में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को तत्काल एवं यथोचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए शिफ्टवार मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने कहा गया, ताकि मरीजों को उपचार के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर ने फिजियोथेरेपी सेवाओं को शाम के समय भी संचालित करने के निर्देशित किया, ताकि मरीजों को सुविधा के अनुसार उपचार मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ईको मशीन को दो दिवस के भीतर सुधारने तथा आवश्यकता होने पर रिप्लेस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोई भी मशीन खराब होने पर तत्काल उसका सुधार कराया जाए। डॉक्टरों एवं चिकित्सा स्टाफ को निर्धारित वेशभूषा में रहने तथा अनिवार्य रूप से नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए गए। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, शौचालयों को स्वच्छ रखने और समस्त स्टाफ को अनुशासन में रहकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ चिकित्सा स्टाफ का व्यवहार ही जिला अस्पताल की छवि बनाता है। मरीज अस्पताल से संतुष्ट और खुश होकर लौटें, यह सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रेफर किए गए मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा रेफरल मरीजों का संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने जिला चिकित्सालय में शिकायत पेटी रखने तथा प्रत्येक पंजीयन रजिस्टर के पास कंप्यूटर की व्यवस्था कर मरीजों का डिजिटल प्रणाली से पंजीयन करने के निर्देश अस्पताल अधीक्षक को दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था को भी दुरूस्त रखने के लिए उनके द्वारा निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान वन मंडलाधिकारी कांकेर श्री शशिगानंदन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. विमल भगत भी मौजूद रहे।
कलेक्टर जनदर्शन में 45 आवेदन प्राप्त, शीघ्र निराकरण करने अधिकारियों को दिए निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कार्यालय में सोमवार आयोजित साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 45 आवेदकों ने अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी और अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे नेे जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के लिए निर्देशित किया।
जनदर्शन में विभिन्न ग्रामों से पहुंचे ग्रामीणों द्वारा प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्कूल भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का मरम्मत कार्य, सीसी सड़क एवं नाली निर्माण, आधार कार्ड एवं आबादी सर्वे सूची में नाम सम्मिलित करने, धान खरीदी केंद्र खुलवाने एवं किसान समृद्धि योजनांतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुदान राशि प्रदाय करने जैसे विभिन्न प्रकार की मांगों व समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को नियमानुसार त्वरित निराकरण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर सभी एसडीएम, जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद थे।
प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश, योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी और अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा की गई। उनके द्वारा मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाईन और कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त पत्रों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने कहा गया, साथ ही सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, जिला विपणन सहकारी संघ सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन के कार्य, बस्तर मुन्ने के अंतर्गत संतृप्तिकरण, एग्रीस्टैक पंजीयन एवं जर्जर स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड बनाने इत्यादि की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अंतागढ़ ए.एस. पैकरा, सभी एसडीएम, जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्युत मंडल भानुप्रतापपुर डिविजन के शहरी व ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत शिविर का आयोजन
उपभोक्ताओं से लिए जायेंगे आवेदन, योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी
उत्तर बस्तर कांकेर 31 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार द्वारा दिए गए निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, इन शिविरों में योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, साथ ही सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक उपभोक्ताओं से आवेदन पत्र भी लिए जाएंगे।
जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों में उपभोक्ताओं को योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान करने के साथ ही इच्छुक उपभोक्ताओं से आवेदन प्राप्त करने के लिए विद्युत मंडल कांकेर डिविजन के अलावा भानुप्रतापपुर डिविजन में भी शिविरों का आयेाजन किया जाएगा। इस योजनांतर्गत 01 सितंबर मंगलवार को नगर पंचायत क्षेत्र अंतागढ़ के सामुदायिक भवन नगर पंचायत कार्यालय के पास शिविर लगाया जाएगा। इसी प्रकार 02 सितंबर बुधवार को नगर पंचायत क्षेत्र भानुप्रतापपुर अंतर्गत जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के सभाकक्ष और 03 सितंबर गुरुवार को ग्राम पंचायत कोरर के सामुदायिक भवन में शिविर लगाया जाएगा। सोलर प्लांट लगवाने के इच्छुक उपभोक्ता उक्त शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने पर 01 किलोवाट क्षमता के लिए 45 हजार रुपए, 02 किलोवाट क्षमता के लिए 90 हजार रुपए और 03 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित करने पर 01 लाख 08 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। उपभोक्ता इस अवसर का फायदा उठाते हुए अपने घरों में सोलर प्लांट लगवा सकते हैं।
उत्तर बस्तर कांकेर : प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश
योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा
उत्तर बस्तर कांकेर, 31 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी और अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रेजेन्टेशन के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा की गई। उनके द्वारा मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाईन और कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त पत्रों को समय-सीमा के भीतर निराकृत करने कहा गया, साथ ही सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, जिला विपणन सहकारी संघ सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में प्रगति की समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास, जल जीवन मिशन के कार्य, बस्तर मुन्ने के अंतर्गत संतृप्तिकरण, एग्रीस्टैक पंजीयन एवं जर्जर स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण, आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड बनाने इत्यादि की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अंतागढ़ श्री ए.एस. पैकरा, सभी एसडीएम, जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।
होटल से टूर ऑपरेटर, होमस्टे, इको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और सोशल मीडिया तक 10 श्रेणियों में होंगे ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026
प्रत्येक विजेता को 11 हजार रूपए एवं मेमेंटो
पुरस्कार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026, इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं it@visitcg.in पर भेज सकेंगे आवेदन
उत्तर बस्तर कांकेर, 31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 11 हजार रूपए की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर
‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं, जिनमें सर्वश्रेष्ठ होटल, सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर, सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड, सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप, उद्यमिता पुरस्कार,CTB Star Performer – सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट, CTB Star Performer पर्यटक सूचना केंद्र, सर्वश्रेष्ठ होमस्टे, सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड और सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड शामिल हैं।
बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें MICE सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, CSR गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान
‘सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड’ के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।
युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच
पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप, उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है। यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।
रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान
CTB Star Performer की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार
सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता
सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है। नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों, विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान
छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे। इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।
15 सितंबर तक करें आवेदन
पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइटhttps://tourism.cgstate.gov.in/पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। अधिक जानकारी के लिए प्रबंधक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड से मोबाइल नंबर-94594-60947 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग, निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान
‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है। यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने राखी बनाकर कमाए 46 हजार से अधिक रूपए
उत्तर बस्तर कांकेर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से जिले की ग्रामीण महिलाएं स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर विभिन्न विकासखण्डों के महिला स्व-सहायता समूहों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर का उपयोग करते हुए आकर्षक राखियों का निर्माण एवं विक्रय कर स्थानीय बाजारों और स्टॉलों के माध्यम से 04 हजार से अधिक राखियां बेची हैं, जिससे समूह की महिलाओं ने 46 हजार 970 रूपए की आय अर्जित की है।
विकासखण्ड कांकेर के गढ़पिछवाड़ी संकुल संगठन की महिलाओं ने घर में उपलब्ध सामग्री जैसे सब्जियों के बीज, मक्का, मोती और रंग-बिरंगे धागों का उपयोग कर लगभग 600 राखियां तैयार कीं। इन राखियों को स्थानीय स्तर पर विक्रय कर समूह की महिलाओं ने लगभग 18 हजार 270 रुपए की आय अर्जित की है। लोगों ने प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्री से तैयार इन राखियों को लोगों ने काफी पसंद किया।
इसी तरह नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम उमरादाह के हरि ओम स्व-सहायता समूह और ग्राम दुधावा के जय कर्मा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी कलात्मक परिचय देते हुए मिलकर राखियां तैयार कीं। समूहों द्वारा निर्मित 1,556 राखियों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ समूह सदस्यों के बीच भी विक्रय किया गया, जिससे उन्हें 13 हजार 700 रूपए की आय प्राप्त हुई। विकासखण्ड दुर्गूकोंदल में हाटकोंदल समूह, ग्राम तरहुल के करुणा समूह, ग्राम कोड़े के शीतला समूह और ग्राम चौरगांव के जय अम्बे स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर 2,500 राखियां तैयार कीं। राखियों के विक्रय के लिए विभिन्न सार्वजनिक एवं स्थानीय स्थानों पर स्टॉल लगाए गए, जहां आमजनों ने उत्साहपूर्वक राखियों की खरीदारी की। इस पहल से समूहों ने लगभग 15 हजार रूपए की आय अर्जित की।
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
जिला पंचायत कांकेर के मार्गदर्शन और ‘बिहान’ योजना की टीम के सतत सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार करने, बाजार उपलब्ध कराने और अपनी मेहनत को आय में बदलने का अवसर मिल रहा है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों को जनसामान्य का उत्साहजनक समर्थन मिला, इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने हुनर के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रही हैं। शासन-प्रशासन के सहयोग व मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान के लिए समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि ‘विष्णु भैया का धन्यवाद’।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन
उत्तर बस्तर कांकेर । कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा दिए गए निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने के साथ ही उनसे आवेदन प्राप्त करने के लिए जिले के शहरी क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ एवं योजना के नोडल अधिकारी हरेश मंडावी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों में उपभोक्ताओं को योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान करने के साथ ही उनसे आवेदन प्राप्त करने के लिए 01 सितंबर मंगलवार को नरहरपुर के तहसील कार्यालय परिसर में शिविर लगाया जाएगा। इसी प्रकार 02 सितंबर बुधवार को न्यू कम्युनिटी हॉल कांकेर में और 03 सितंबर गुरुवार को नगर पंचायत चारामा में बस स्टैंड के बाजू स्थित गांधी मैदान में शिविर लगाया जाएगा। सोलर प्लांट लगवाने के इच्छुक उपभोक्ता उक्त शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने पर 01 किलोवाट क्षमता के लिए 45 हजार रुपए, 02 किलोवाट क्षमता के लिए 90 हजार रुपए और 03 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित करने पर 01 लाख 08 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। उपभोक्ता इस अवसर का फायदा उठाते हुए अपने घरों में सोलर प्लांट लगवा सकते हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन
योजना की जानकारी दी जायेगी, उपभोक्ताओं से आवेदन भी लिए जायेंगे
उत्तर बस्तर कांकेर 29अगस्त 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार द्वारा दिए गए निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने के साथ ही उनसे आवेदन प्राप्त करने के लिए जिले के शहरी क्षेत्रों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ एवं योजना के नोडल अधिकारी श्री हरेश मंडावी से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों में उपभोक्ताओं को योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान करने के साथ ही उनसे आवेदन प्राप्त करने के लिए 01 सितंबर मंगलवार को नरहरपुर के तहसील कार्यालय परिसर में शिविर लगाया जाएगा। इसी प्रकार 02 सितंबर बुधवार को न्यू कम्युनिटी हॉल कांकेर में और 03 सितंबर गुरुवार को नगर पंचायत चारामा में बस स्टैंड के बाजू स्थित गांधी मैदान में शिविर लगाया जाएगा। सोलर प्लांट लगवाने के इच्छुक उपभोक्ता उक्त शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत आवासीय परिसरों मं सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत सोलर प्लांट लगवाने पर 01 किलोवाट क्षमता के लिए 45 हजार रुपए, 02 किलोवाट क्षमता के लिए 90 हजार रुपए और 03 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित करने पर 01 लाख 08 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान किया जा रहा है। उपभोक्ता इस अवसर का फायदा उठाते हुए अपने घरों में सोलर प्लांट लगवा सकते हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित
जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर बनाए गए नोडल अधिकारी
उत्तर बस्तर कांकेर 28 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार द्वारा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है। जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी और अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित कांकेर के कार्यपालन अभियंता श्री सतीश किण्डो, भानुप्रतापपुर के कार्यपालन अभियंता श्री सुरेश ठाकुर तथा पखांजूर के कार्यपालन अभियंता श्री जी.एन.देवांगन को इस समिति का सचिव नियुक्त किया गया है। योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति एवं त्वरित क्रियान्वयन के लिए जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं समस्त नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी इस निगरानी समिति के साथ समन्वित रूप से कार्य करेंगे।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने निगरानी समिति के समस्त अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि यह योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। अतः निगरानी समिति के सभी सदस्य व्यक्तिगत रुचि लेते हुए शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें। साथ ही योजना के क्रियान्वयन में प्रगति से अवगत करायें।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन ऊर्जा विभाग द्वारा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रुफटाप सोलर प्लांट की हिस्सेदारी बढ़ाने एवं आवासीय परिसरों स्वयं की बिजली का उत्पादन कर बिजली के क्षेत्र में उपभोक्ता को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है।
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने सुदूरवर्ती ग्राम बैहासाल्हेभाट में लगाई चौपाल
ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर सुनीं समस्याएं
कहा- समस्याओं का समाधान करने जिला प्रशासन तत्पर, हरसंभव ईमानदार प्रयास किए जाएंगे
उत्तर बस्तर कांकेर, 26 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने मंगलवार 25 अगस्त को जिले के सुदूरवर्ती इलाकों का भ्रमण कर अंतिम छोर में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी तथा ग्रामीणों की दीर्घकालिक समस्याओं की जानकारी ली। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम को वे अंतागढ़ विकासखंड के बीहड़ क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बैहासाल्हेभाट पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और बारी-बारी से उनकी समस्याओं और मांगों को संजीदगी के साथ सुना।
इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से रु ब रु होते हुए कहा कि राज्य शासन की जनहितकारी नीतियों का अंतिम छोर में पहुंच सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता के साथ हरसंभव ईमानदार प्रयास किए जाएंगे। ग्रामीणों को कलेक्टर ने यह भी कहा कि उनके गांव बैहासाल्हेभाट को मॉडल विलेज (आदर्श ग्राम) के रूप में विकसित किया जाएगा और इसके लिए सभी अधिकारियों को ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी प्रत्येक समस्या से अवगत होने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा उन्होंने अंतागढ़ से नारायणपुर सड़क के गुणवत्तापूर्ण निर्माण में तेजी लाने, नवीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन स्वीकृत करने, नदी पर एनीकट निर्माण, स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने, महतारी सदन स्वीकृत करने जैसी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक सकारात्मक पहल करने व आवश्यकतानुसार शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने की बात कही। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर अंतागढ़ श्री ए एस पैंकरा, एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक सहित ब्लॉक स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
*अंतागढ़-नारायणपुर मार्ग मरम्मत कार्य का लिया जायजा, दिए जरूरी निर्देश*
इसके पहले, कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने ब्लॉक मुख्यालय अंतागढ़ से नारायणपुर के बीच राजकीय राजमार्ग क्रमांक 05 पर चल रहे चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य का मौका मुआयना किया। उन्होंने अंतागढ़ से रावघाट प्रोजेक्ट मार्ग के बीच चल रहे कार्य का जायजा लेते हुए निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों की संख्या 10 से बढ़ाकर तत्काल 30 करने, साथ ही इन वाहनों को सड़क के प्रारंभिक, अंतिम और मध्य जगहों पर संलग्न करने के सख्त निर्देश कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार को दिए, ताकि निर्माण कार्य द्रुतगति से पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों की आवाजाही की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए सड़क मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।