छत्तीसगढ़ / कोरबा
एकलव्य आवासीय विद्यालयों में लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश परीक्षा 12 को
कोरबा। जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा 7 वी, 8 वी, 9 वीं एवं 11 वीं में रिक्त सीटों में प्रवेश के लिए 07 जुलाई तक आवेदन पत्र मंगाये गये थे। प्रवेश परीक्षा 12 जुलाई को प्रातः 11 बजे से दोपहर एक बजे तक परीक्षा केन्द्र एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला में होगी। तथा प्रवेश पत्र का वितरण 11 जुलाई को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला में की जायेगी। किसी कारणवश प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं होने की स्थिति में परीक्षा तिथि 12 जुलाई को सुबह 09 बजे से 10 बजे तक परीक्षा केन्द्र से प्राप्त किया जा सकता है।
मानसून में होने वाले रोगों से बचाव के लिए अपनाए ये उपाय
सेहत पर नहीं पड़ेगा बारिश का असर
कोरबा । मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही लोगों को भीषण गर्मी की मार से राहत तो मिली हैं लेकिन मौसमी बिमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल बरसात के मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव होने से बैक्टीरिया का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ता है और वह सर्दी या फ्लू का शिकार हो जाता है।बच्चों से लेकर बड़ो तक किसी भी आयु के व्यक्ति को मौसमी बिमारियॉं हो सकती है। इसलिए बरसात के मौसम में अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और वह बिमारियों से लड़ने में सफल रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन. केशरी ने बताया कि वर्षाकाल में मच्छरों की भरमार होने के साथ ही इनसे जनित बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों से फैलने वाली बिमारियों में मलेरिया, डेंगू,हैजा, टाईफाईड, हेपेटाईटिस ए आदि शामिल हैं। बरसात के मौसम में मलेरिया से अधिक लोग ग्रस्त रहते हैं, बारिश का पानी भरे रहने पर उसमें मच्छरों की प्रजनन क्रिया होती है। डेंगू बुखार जानलेवा माना जाता है जो कि एडिज मच्छर के काटने से फैलता है। हैजा(डायरिया) एक जलजनित संक्रमण है जो शरीर में कालरा फैलाता है इस रोग के होने पर दस्त व निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है।डायरिया एक संक्रामक रोग है जो सभी विकासशील देशों में व्यापक है। यह तीन साल से कम उम्र के बच्चों को हर साल औसतन तीन बार होता है। डायरिया कुपोषण का एक प्रमुख कारण होता है और कुपोषित बच्चों को डायरिया से बिमार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। टाईफाइड बुखार दूषित भोजन व पानी से होता है। हेपेटाईटिस ए संक्रमण दूषित पानी व भोजन के कारण होता है। यह बिमारी लिवर को अधिक प्रभावित करती है। बारिश में त्वचा संबंधी कई तरह के रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। खुजली , जलन और रूखी त्वचा की समस्या होने लगती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नें बरसात के मौसम में बिमारियों से बचाव के उपाय बताए हैं। उन्होने बताया कि बेहतर स्वच्छता का उपयोग करें तथा खाना खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद साबुन से हॉथ धोना चाहिए। नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ रखना चाहिए।बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पीना उचित होता है सीधे नल का पानी नहीं पीना चाहिए।बाहर के स्ट्रीट फूड खाने के बजाय घर का बना ताजा भोजन ले।अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन से बचना चाहिए । सब्जियों तथा फलों को धोकर उपयोग करना चाहिए। कटे फल , दही , रायता जैसे कच्चे भोजन खाने से बचें तथा घर से बाहर गोलगप्पे, चाट तथा दही खाने से बचें। संक्रमण व बुखार से बचने के लिए अदरक, तुलसी , कालीमिर्च, दालचीनी, इलायची की चाय बनाकर पीनी चाहिए। मानसून में त्वचा संबंधी रोग की समस्या से बचाव के लिए बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदल लेने चाहिए। अधिक देर बारिश में न रहें तथा त्वचा को सूखा रखें।
कलेक्टर अजीत वसंत तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी
ने जिले के लोगों से अपील कर कहा है कि उपरोक्त सावधानिया बरतने से मौसमी बिमारियों के खतरों से बचा जा सकता है तथा किसी व्यक्ति को मलेरिया, डायरिया,टाईफाईड, हेपेटाईटिस तथा त्वचा रोग संबंधि लक्षण दिखाई दे तो वे चिकत्सालय, जाकर अपना उपचार करावें । उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा मितानिनों को निर्देशित किए है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान जल जनित बिमारियों के प्रसार को रोकने के उपाय के संबंध में जनसमुदाय/समाज के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। जिससे मौसमी बिमारियों से क्षेत्र की जनता को बचाया जा सके।
नाईट क्लब से निकली युवती ने की हाई वोल्टेज ड्रामा, वायरल हो रहा वीडियो
कोरबा। कोरबा के वन नाईट क्लब के बाहर दो पक्षों में मारपीट का मामला सामने आया है। यहां पर एक युवती का हाई वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला है। यहां पर शराब के नशे में युवक और युवतियां नजर आयी हैं। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
बारिश से परेशान लोगों ने रोका मंत्रियों का काफिला, कहा: 'चलकर हमारी हालत देखो'
कोरबा । लगातार हो रही बारिश से परेशान कोरबा के पाली क्षेत्र के लोगों ने रविवार को डिप्टी सीएम अरुण साव और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन का काफिला रोक दिया। आक्रोशित ग्रामीणों और दुकानदारों ने सड़क पर उतरकर “चलकर हमारी हालत देखो” कहते हुए मंत्रियों को रोका और जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कहा हर साल घरों में घुसता है पानी
मंत्रीद्वय एक स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पाली पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम स्थल से पहले ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और काफिले को रोककर मुलाकात और समाधान की मांग करने लगे। लोगों ने बताया कि हर बारिश में घरों में नालियों का गंदा पानी घुसता है, जिससे बीमारी और नुकसान का खतरा बना रहता है।
पुलिस के रोकने पर भी नहीं माने लोग, कलेक्टर और SP को उतरना पड़ा
काफिले की गाड़ियाँ रुक गईं, पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन लोगों ने साफ कहा – “अब हम भरोसे नहीं मानेंगे, मंत्री को खुद आकर देखना होगा।”
स्थिति को बिगड़ते देख कलेक्टर अजीत वसंत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे और खुद लोगों से बातचीत की। ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें खुलकर रखीं, जिस पर कलेक्टर ने समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
VIP काफिला था शामिल, फिर भी नहीं रुका जनता का विरोध
इस वीआईपी काफिले में कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी सहित कई अन्य नेता भी शामिल थे। लेकिन जनता की नाराजगी के आगे राजनीतिक रसूख भी फीका पड़ गया।
24 घंटे में भारी बारिश, नालियों से निकला पानी भर रहा घरों में
कोरबा जिले में बीते 24 घंटे से हो रही तेज बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। पाली क्षेत्र में कई घरों में गंदा पानी घुस गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
यह घटना बताती है कि अब लोग सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई और ज़मीन पर उतर कर समस्या देखने की मांग कर रहे हैं। यह जनता का संदेश है – “अगर आप नेता हैं, तो पहले हालात देखें, फिर भाषण दें।”
बेडरूम में बेबी कोबरा मिलने से मचा हड़कंप, कांप उठे लोग, रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा
कोरबा: मानसून की सक्रियता के साथ रहवासी क्षेत्रों में सांप दिखाई देने लगे हैं। शहर के रामनगर में निवासरत एक परिवार में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोगों ने घर के बेडरूम में बेबी कोबरा को देखा। इसकी सूचना सर्प मित्र की टीम को दी गई। टीम के सदस्यों ने रेस्क्यू कर सांप को सुरक्षित स्थान में छोड़ा।
वहीं अब सांपों के अंडों से बच्चे भी बाहर निकलने लगे हैं। ताजा मामला रामनगर का है, जहां ललित साहू का परिवार निवासरत है। उनके घर के एक कमरे में कही से एक बेबी कोबरा घुस कर एक किनारे बैठ गया। जैसे ही घर वालों की नजर कोबरा के बच्चे पर पड़ी तो लोग डर से कांप उठे, जिसके फौरन बाद इसकी सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को दिया।
बेबी कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू
उन्होने टीम के सदस्य राजू बर्मन को भेजा, जिनके सहयोग से बेबी कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सर्प मित्र ने बताया कि आस पास ही फीमेल कोबरा ने कही अंडे दिए होंगे जो विकसित होने के पश्चात अब अंडों से बच्चे बाहर निकलना चालू हो गया हैं। आसपास के लोगों को सावधान रहने की ज्यादा जरूरत हैं, इसके बाद बेबी कोबरा को जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
सांप रेस्क्यू में बरतनी चाहिए सावधानी
जितेंद्र सारथी ने बताया इस वर्ष का यह बेबी कोबरा का पहला रेस्क्यू था और अब लगातार सभी अलग-अलग सांपों के बच्चे मिलेंगे। बड़े सांपों को रेस्क्यू से जितनी सावधानी बरतनी चाहिए उससे कही ज्यादा सांप के बच्चों को रेस्क्यू करते समय बरतना चाहिए। उन्होने बताया कि सांप के बच्चे बेहद ही आक्रामक होते हैं और डर के कारण काटते समय पूरा जहर शरीर में छोड़ देते हैं। इस वजह से सपोलों से ज्यादा डर रहता है।
कबीर की वाणी को आज घर-घर पहुचाने की आवश्यकता : अरुण साव
कबीर आश्रम के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की
कोरबा । उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण कुमार साव और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आज बांकीमोंगरा में आयोजित कबीर प्राकट्य दिवस समारोह में शामिल हुए। वे चौका आरती में शामिल होकर पूजा अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि कबीर ने सत्य का मार्ग दिखाया है। उनकी वाणी दुनिया में आज भी प्रासंगिक है। उनके अनुयायी देश ही नहीं दुनिया भर में है।
उपमुख्यमंत्री साव ने आगे कहा कि आज कबीर की वाणी को, उनके संदेश को घर-घर में पहुचाने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के लोगो द्वारा बताए समस्या का निराकरण की बात कही। साव ने कबीर आश्रम बांकी मोंगरा में आश्रम भवन निर्माण के लिए 10 लाख की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
संत कबीर प्राकट्य दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि संत कबीर सर्वव्यापक है। उन्हें दुनिया के लोग मानते हैं। हम सभी को उनके बताए हुए रास्ते में चलना चाहिए। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, अध्यक्ष नगर पालिका बांकीमोंगरा श्रीमती सोनी विकास झा, पूर्व मंत्री ननकीराम कँवर, कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी सिद्धार्थ तिवारी,निगमायुक्त आशुतोष पांडेय और समाज के अमरूदास महंत, विष्णुदास महंत आदि उपस्थित थे।
दुगनी गति से हो रहा प्रदेश में विकास का कार्य : अरुण साव
अल्प समय में ही प्रदेश में मोदी की गारंटी को पूरा किया गया : लखनलाल देवांगन
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि व विधायी कार्य, तथा नगरीय प्रशासन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अपने एकदिवसीय प्रवास के दौरान नगर पंचायत पाली एवं नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में आयोजित विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को अनेक विकास कार्यो की सौगात दी। उन्होंने नगर पंचायत पाली में लगभग 5 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो के अंतर्गत 4 करोड़ 75 लाख 30 हजार के अनेक कार्यो का भूमिपूजन, 67 लाख 39 हजार के विकास कार्यो का लोकार्पण और नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में 2 करोड़ 10 लाख 42 हजार के विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्य किया। इस अवसर पर वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक पाली तनाखार तुलेश्वर मरकाम, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत अध्यक्ष पाली अजय जायसवाल, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा श्रीमती सोनी विकास झा, कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास के कार्यों को दुगनी गति से पूरा किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री साव ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार के कथनी और करनी में कोई अंतर नही है, सरकार ने आमजनो से जो भी वादा किया है उसे पूरा करने हेतु कटिबद्ध है। साव ने कहा कि राज्य की तरक्की और बेहतरी के लिए नई ओद्योगिक नीति का संचालन कर नौजवानो को रोजगार उपलब्ध करा उनके जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए युक्तियुक्तकरण का बड़ा फैसला लिया गया है।
युक्तियुक्तकरण नीति का लाभ पाली तानाखार विधानसभा के पोड़ी उपरोड़ा के सुदूरवर्ती क्षेत्रो के स्कूलों को मिला है। शिक्षकविहीन व एकलशिक्षकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला सहित पाली तानाखार क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। पाली तानाखार विधानसभा में सभी प्रकार के निर्माण व अन्य प्रशासनिक काम तेजी से हो रहा है। अनेक विकास कार्यो के लिए डीएमएफ से पर्याप्त राशि पाली तानाखार को मिल रहा है। आज पोड़ी उपरोड़ा के सुदूर वनांचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार हेतु 08 उपस्वास्थ्य केन्द्र निर्माण का भूमिपूजन किया गया है। प्रभारी मंत्री साव ने कहा कि कोरबा की तस्वीर बदल रही है , अब विकास कार्यो से जिले को नई पहचान मिल रही है। जनता के पैसे का उपयोग जनता के हित में किया जा रहा है। पाली नगर पंचायत में पिछले डेढ़ साल में लगभग 8 करोड़ के विकास कार्यो की स्वीकृति दी गई है।
नगर पंचायत पाली में 2 करोड़ के विकास कार्यो की घोषणा की-
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पालीवासियों को 2 करोड़ के विकास कार्य की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। जिसमें नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 01 करोड़ की राशि से नगरीय क्षेत्र पाली में एक पुल निर्माण, सर्व कलार समाज के लिए सामुदायिक भवन व साहू समाज की भक्त माता कर्मा सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25-25 लाख प्रदान करने की घोषणा की गई है एवं डीएमएफ अंतर्गत 01 करोड़ के विकास कार्यो के प्रस्ताव पर स्वीकृति देने की बात कही।
मार्ग में खड़े लोगों को पुल निर्माण की घोषणा होने की जानकारी मिलते ही जताई खुशी -
’गौरतलब है कि पाली नगर पंचायत के वार्ड नम्बर 03 पत्ता गोदाम के पास स्थित पुल के पुराने होने के कारण बारिश के दिनों में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन अवरुद्ध होने की शिकायत उपमुख्यमंत्री साव के समक्ष स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नगरवासियों द्वारा करते हुए नवीन पुल निर्माण की मांग की गई। सवेंदनशील उपमुख्यमंत्री साव ने पाली के कार्यक्रम में ही मंच से आमजनों की मांग को गम्भीरता से लेते हुए वार्ड नंबर 03 मेन रोड के पास नए पुल निर्माण की स्वीकृति की घोषणा करते हुए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पुल निर्माण की बात कही। इस सम्बंध में वार्ड 3 के लोगों को जानकारी नहीं होने पर वे उपमुख्यमंत्री साव से मिलने के लिए रास्ते में खड़े थे। इस दौरान कलेक्टर अजीत वसंत ने लोगों को बताया कि प्रभारी मंत्री जी द्वारा पुल निर्माण हेतु कार्यक्रम में ही घोषणा की जा चुकी है तो सभी ने खुशी प्रकट करते हुए आभार जताया।
नगरीय निकायों के विकास के लिए 400 करोड़ से अधिक राशि जारी की गई
प्रभारी मंत्री साव ने कहा कि शहर किसी भी प्रदेश को देखने का नजरिया होता है। शहर को सुंदर, स्वच्छ, सुविधा पूर्ण बनाने की संकल्प से प्रदेश सरकार द्वारा योजनाओं का संचालन किया जा रहा। अब से नगरीय निकायों के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार कर उसी अनुरूप निर्माण कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के माध्यम से वार्ड वार्ड जाकर शिविर आयोजित कर आमजनो के समस्या का समाधान किया एवं शिविरों में निर्माण की मांग से सम्बंधित प्राप्त आवेदनों हेतु नगरीय निकायों के लिए एकमुश्त 400 करोड़ से अधिक राशि जारी की गई है।
बांकीमोंगरा नगरीय निकाय में 11 करोड़ के विकास कार्यो की दी मंजूरी-
प्रभारी मंत्री साव ने बांकीमोंगरा नगरीय क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हेतु नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा को जल आवर्धन योजना में शामिल करते हुए 8 करोड़ की राशि एवं बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में 03 करोड़ के विकास कार्य की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने इस हेतु क्षेत्र में विकास कार्य चिंहित कर प्रस्ताव भेजने की बात कही।
बांकीमोंगरा में हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से किया गया लाभान्वित-
इस दौरान उपमुख्यमंत्री साव द्वारा प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही राजकुमार, श्रीमती बृन्दा बाई, श्रीमती सुकवारा बाई, श्रीमती समारीन बाई को आवास की चाबी सौंपी गई तथा मिशन क्लीन सिटी में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदी श्रीमती कुंजमती, श्रीमती राम बाई, श्रीमती सारिका यादव, श्रीमती सोमवारी बाई, श्रीमती इतवारा बाई एवं श्रीमती तुलसी कर्ष को प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंटकर सम्मानित किया गया।
लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने मोदी के गारंटी के तहत की गई वादों को पूरा करने का कार्य किया एवं अल्प समय में अनेक वादों को पूरा कर दिखाया है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2 साल के धान का बकाया बोनस , 3100 रुपए प्रति क्विंटल व 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी कर किसानों का मान बढ़ाया। महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। 5500 रुपए मानक बोरा में तेंदूपत्ता की खरीदी संग्राहक परिवारों को राहत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन देकर सुरक्षा का एहसास दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है। आज देश के अंदर बड़े बड़े सड़को का निर्माण हो रहा है। गरीब कल्याण योजना अंतर्गत आमजनों को मुफ्त राशन, गैस चूल्हा, टेपनल के माध्यम से हर घर जल, शौचालय जैसी सुविधाओं का लाभ दिला रही है। कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि नगरीय निकाय क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। आज नगरवासियों की अनेक मांग को जनता को समर्पित किया गया है। आगे भी सरकार द्वारा जनहित में सदैव कार्य किया जाएगा।
विधायक पाली तानाखार मरकाम ने कहा कि पाली तानाखार विधानसभा के दूरस्थ क्षेत्रों हाथी रहवास इलाकों में मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। डीएमएफ से स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस भवन , पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आज कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक स्थानों में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया है। जिससे दूर दराज के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव की सरकार द्वारा साय-साय विकास कार्य कराए जा रहे हैं। विगत सरकार की तुलना में 10 गुणा ज्यादा कार्य कराए जा रहे हैं।
विधायक कटघोरा पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री साय की अगुवाई में प्रदेश तरक्की के मार्ग में प्रशस्त है। जनहितकारी योजनाओं से सभी वर्ग के लोगों को लाभ मिल रहा है एवं नित नए सफलता के मुकाम हासिल कर रहा है।
कलेक्टर वसंत ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप प्रशासन द्वारा विभागीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। पीएम आवास, महतारी वंदन जैसे अनेक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया गया है। जिला खनिज संस्थान न्यास मद से अनेक जनहित के कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा की जिले में आवागमन की सुविधा को सुदृढ करने हेतु चारों विधानसभा में डीएमएफ से 143 करोड़ की राशि से सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
मजदूर की लाश मिली, बह गया था पुलिया में
कोरबा । जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में तेज बारिश के कारण पुलिया निर्माण स्थल पर काम कर रहा मजदूर तेज बहाव में बह गया था. वह गेवरा-डोंगरगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने के काम में लगा था. घटना के 40 घंटे बाद उदय कुमार सिंह की लाश कुछ दूरी पर नाले में SDRF और पुलिस टीम ने बरामद की.
झारखंड के पलामू जिले निवासी उदय कुमार सिंह (पिता राजकुमार सिंह) कोरबा में गेवरा से डोंगरगढ़ के बीच बिछाई जा रही नई रेलवे लाइन के कार्य में लगा हुआ था. गुरुवार दोपहर कोरबी गांव में पुलिया निर्माण स्थल के नीचे काम करने के दौरान तेज बारिश होने लगी और वह तेज बहाव में आकर नाले में बह गया.
कोरबा जिले में लगातार झमाझम बारिश हो रही है. कटघोरा समेत पूरे क्षेत्र में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला है
मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए करें सख्त कार्यवाही : कलेक्टर
मादक पदार्थ बेचने वालों की दुकान सील की करें कार्यवाही -एसपी
कोरबा । जिले में अवैध मादक,नशीले पदार्थों की बिक्री और ड्रग तस्करी की रोकथाम के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन की बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने जिले में मादक पदार्थों की उपलब्धता, उपयोग,और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मादक पदार्थों के उपयोग,बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभागों के द्वारा लगातार छापामार कार्यवाही की जाए, तथा संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों के आस पास तथा प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू, सिगरेट सहित अन्य मादक सामग्री किसी भी स्थिति में न बेची जाएं और नशीली वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाने के लिए राजस्व, पुलिस, नगर निगम तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी आपस में समन्वय कर संयुक्त कार्यवाही करें। कलेक्टर अजीत कुमार वसंत ने नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन की बैठक में में निर्देश दिए कि सभी मेडिकल दुकानों में भीतर और बाहर कम से कम दो सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
कलेक्टर श्री वसंत ने निर्देशित किया कि यदि किसी दुकान में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त होती पाई गई,तो उसका गुमास्ता लाइसेंस निरस्त कर नियमानुसार दुकान को सील कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में सख्त कार्यवाही करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खाद्य एवं औषधि विभाग, नगर निगम, पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा, आदिवासी विकास, स्वास्थ्य और आबकारी विभाग मिलकर समन्वित अभियान चलाएं। उन्होंने जिले में शैक्षिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में मादक और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने निर्देश दिए कि जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले,नगर निगम आयुक्त श्रीआशुतोष पांडेय,एडिशनल एसपी,अपर कलेक्टर मनोज कुमार बंजारे,सभी एसडीएम,एसडीओपी, तहसीलदार थाना प्रभारी, सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
SECL खदान क्षेत्र में 152 फर्जी मकानों का खुलासा, मुआवजा वसूली के निर्देश
कोरबा। SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की दीपका खदान विस्तार परियोजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ग्राम मलगांव में मुआवजे के लिए दर्ज किए गए 152 मकानों में से अधिकांश 'मौजूद ही नहीं' पाए गए। इनमें से 78 मकानों की सूची खुद SECL दीपका प्रबंधन ने दी है, जिन्हें भौतिक रूप से मौके पर मौजूद नहीं पाया गया।
गूगल अर्थ से खुली पोल, 74 मकानों की पुष्टि नहीं
वहीं, कटघोरा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने बताया कि 74 मकानों की अलग सूची, जिसमें वर्ष 2018 से 2022 तक के गूगल अर्थ चित्र संलग्न थे, उन पर भी फील्ड वेरिफिकेशन में कोई निर्माण मौजूद नहीं मिला। यानी कुल मिलाकर 152 मकान काल्पनिक या कागज़ी स्तर पर दर्शाए गए थे।
मुआवजा और नौकरी पर उठे सवाल
इस फर्जीवाड़े के एवज में मुआवजा और नौकरियों का लाभ उठाया गया, जिसे अब वसूली के निर्देश दे दिए गए हैं। साथ ही एसडीएम ने मुआवजा निरस्त करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में जमीन किसी की, नौकरी किसी और को, और मुआवजा काल्पनिक मकानधारियों को दे दिया गया।
SECL की प्रक्रिया पर सवाल, वर्षों से चल रही है गड़बड़ी
माना जा रहा है कि यह घोटाला कोई नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रही प्रणालीगत लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा है। SECL के आंतरिक दस्तावेज और गूगल अर्थ जैसी सार्वजनिक तकनीकों ने सच्चाई उजागर की। सूचना का अधिकार (RTI) लागू होने के बाद कुछ हद तक पारदर्शिता बढ़ी, लेकिन चालाक लाभार्थी आज भी सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अब आगे क्या?
मुआवजा वसूली की प्रक्रिया शुरू
नौकरी प्राप्त लाभार्थियों की जांच संभव
परिसंपत्तियों का दोबारा सर्वेक्षण
दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कोरबा की खदान परियोजनाओं में मुआवजा और पुनर्वास योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं, लेकिन इस ताजा खुलासे ने SECL प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सरकारी योजनाओं पर जनता का विश्वास और अधिक डगमगा सकता है।
अब पर्यावरण बना ऊर्जा का साथी, न बिजली जाती है, न जेब पर भार पड़ता है
हर दिन सूरज से ऊर्जा, हर महीने बचत की गारंटी
कोरबा । ऊर्जा क्रांति की दिशा में लिए गए दूरदर्शी निर्णय आज आमजन के जीवन में राहत, सुकून और स्थायित्व का नया उजास भर रहे हैं। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की ऐसी जनकल्याणकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएं अब केवल विकास की कहानियाँ नहीं, बल्कि आम परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली वास्तविकताएं बन चुकी हैं। ये योजनाएं न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ठोस कदम साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने देशभर में लाखों परिवारों को राहत दी बल्कि परिवारों को खुशियां दी जिसमें बिजली के साथ बचत भी है, और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बचत बड़ी बात है। यह योजना केवल पर्यावरणीय संरक्षण और स्थायी ऊर्जा के भी उपयोग की ओर एक सशक्त कदम भी है।
कोरबा जिले के डीडीएम रोड निवासी आयुष अग्रवाल की कहानी इस योजना के जीवंत उदाहरण है। कभी बिजली का बिल आयुष अग्रवाल के लिए एक चिंता का विषय था। डीडीएम रोड पर स्थित उनके घर में भारी बिजली की खपत है वो बताते है उनका संयुक्त परिवार है जिसमें सब एक साथ रहते है और सभी प्रकार के घरेलू उपकरणों का उपयोग किया जाता है जिससे बिल ज्यादा आता था। घर की मासिक बजट व्यवस्था प्रभावित होती थी। आयुष बताते हैं, “पंखा, कूलर, फ्रिज और ए.सी जैसे जरूरी उपकरण के उपयोग से बिजली की खपत ज्यादा होती थी। उनके यहां आम दिनों में भी 7 सौ यूनिट की खपत रहती ही है, गर्मियों में ये 12 सौ से 13 सौ तक हो जाती है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में उन्हें उनके अपने जीजा जी से जानकारी मिलने के बाद आयुष ने योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने ताऊ जी के नाम से आवेदन कर 10 किलोवाट का पैनल लगवाया, योजना के तहत उन्हें सौर ऊर्जा पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी प्रदान की गई। आवश्यक प्रक्रिया जिला प्रशासन कोरबा और ऊर्जा विभाग की सहायता से सुचारू रूप से पूर्ण की गई और उनके घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित कर दिए गए।
सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन से मुझे पूरा भरोसा मिला। अब आयुष के घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। पहले जहां हर महीने हजारों रुपये खर्च होते थे, अब वही पैसा बचत के रूप में जमा हो रहा है। इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों ही स्तरों पर राहत मिली है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी काफी लाभ हुआ है। आयुष कहते हैं, “अब मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं प्रदूषण फैलाने वाले साधनों पर निर्भर नहीं हूं। हम पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चल रहे हैं, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है।”
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने आयुष जैसे हजारों लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। अब वे न केवल अपनी जरूरत की बिजली स्वयं उत्पन्न कर रहे हैं, बल्कि आवश्यकता से अधिक उत्पादन होने पर बिजली को ग्रिड में भेजने की योजना पर भी विचार कर रहे हैं। यह योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक नई ऊर्जा क्रांति है जो आर्थिक स्वतंत्रता के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में देश को आगे बढ़ा रही है।
विद्यार्थियों की बढ़ेगी पहचान, नियमित शिक्षक से पढ़ाई हुई आसान
युक्ति युक्तकरण से सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के शिक्षकविहीन स्कूल को मिला शिक्षक
कोरबा । इस गाँव में शिक्षा की मशाल जल चुकी है...स्कूल खोलकर यहाँ के विद्यार्थियों को शिक्षा से न सिर्फ जोड़ा जा चुका है..अब वर्षों से शिक्षकविहीन इस विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति से विद्यार्थियों के साथ गाँव के लोगों में खुशियों का वातावरण है। शिक्षकविहीन की श्रेणी में आने वाले इस विद्यालय में राज्य शासन के फैसलों के बाद अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की अपनाई गई प्रक्रिया ने यहाँ ज्ञान की नई रोशनी और उम्मीदों का दीया जला दिया है।
कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था।
अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि विद्यालय शहर से बहुत दूर है और अभी नई नियुक्ति के साथ ही लेमरू में ठहरने की व्यवस्था कर वहाँ से नियमित विद्यालय आते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश में आवागमन थोड़ा चुनौती है, आने वाले समय में रास्ता पक्का हो जाने के साथ ही समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग प्रक्रिया में उन्होंने इस विद्यालय का चयन किया है। विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इससे पहले दूरस्थ क्षेत्र श्यांग के स्कूल में भी पदस्थ रहकर अध्यापन कर चुके हैं, अब सांचरबहार के शासकीय प्राथमिक शाला में नियुक्त है।
कलेक्टर ने एतमानगर के निर्माणाधीन जल शोधन संयंत्र का किया औचक निरीक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में यह परियोजना शासन की एक बड़ी पहल
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के एतमानगर में निर्माणाधीन जल शोधन संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्माण की समय-सीमा, कार्य में आ रही बाधा एवं समाधान संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी ली। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा टी आर भारद्वाज, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने मल्टीविलेज स्कीम परियोजना अंतर्गत निर्माण किए जा रहे 285 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले इस संयंत्र का निर्माण कार्य पूर्ण होने की अनुमानित समय सीमा की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो एवं निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने निर्माण कार्य मे आने वाली तकनीकी या अन्य समस्या के सम्बंध में अविलम्ब जानकारी देने की बात कही। जिससे समय रहते समस्या का निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी पहल है, जिससे जनस्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय और समयबद्ध प्रयासों से यह कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए।
गौरतलब है की एतमानगर समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन इस संयंत्र की जल शुद्धिकरण क्षमता 285 लाख लीटर प्रतिदिन है। लगभग 385 करोड़ की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना के माध्यम से 03 विकासखंडों के 245 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत बागों बांध से जल लाकर शोधन केंद्र में शुद्ध कर 742 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिये 3 विकासखंडों के 245 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। योजना के अंतर्गत 8 एमबीआर जल टंकियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे 72,619 घरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट एवं एनपीके उर्वरक बेहतर
कोरबा । वर्षा प्रारंभ होते ही जिले में कृषि कार्य जोरो पर है। मौसम की अनुकुल परिस्थिति को देखते हुए इस वर्ष अच्छी फसल होने की संभावना है। जिले में किसानों को सहकारी समितियो के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, बीज एवं उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के डॅबल लॉक एवं सहकारी समितियों में यूरिया 846, डी.ए.पी. 318, एम.ओ.पी. 64, एस.एस.पी. 449 एवं एन.पी.के. 73 मेट्रिक टन की उपलब्धता है। इसी प्रकार जिले की समितियों मे अब तक कुल 9602 मेट्रिक टन उर्वरक भंडारण कराया जाकर अद्यतन 8183 मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण कृषकों को किया जा चुका है। कृषकों के द्वारा डी.ए.पी के उपयोग को अधिक प्राथमिकता दिया जाता है जबकि इस वर्ष में डी.ए.पी. के सीमित आवक के कारण डी.ए.पी. के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरक यथा सिंगल सुपर फास्फेट, एनपीके 20ः20ः0ः13, 12ः32ः16, लिक्विड एन.पी.के., नैनो डी.ए.पी. का पर्याप्त भंडारण जिले में किया जा रहा है। डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में इन उर्वरकों का उपयोग कर कृषक अधिक उपज प्राप्त कर सकते है। एनपीके 20ः20ः0ः13 अमोनियम फास्फेट सल्फेट उर्वरक में नाइट्रोजन 20 प्रतिशत, फास्फोरस 20 प्रतिशत एवं सल्फर 13 प्रतिशत उपलब्ध होता है।
उर्वरक में सल्फर की उपलब्धता होने के कारण फसलों में क्लोरोफिल एवं प्रोट्रीन का निर्मा ण में महत्व पूर्ण भूमिका निभाती है तथा फसलों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। संतुलित पोषक तत्वों की पूर्ति से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। सिंगल सुपर फॉस्फेट में स्फूर की मात्रा 16 प्रतिशत के साथ-साथ सल्फर 11 प्रतिशत एवं कैल्सियम 21 प्रतिशत होने के कारण मृदा अम्लीयता को सुधार कर फसलों के जड़ का विकास कर पोषक तत्वों के उपलब्धता को बढ़ाती है। धान के पकने की अवधि के आधार पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा डी.ए.पी. उर्वरक के स्थान पर अन्य उर्वरकों के साथ संतुलित मात्रा तैयार किया गया है। जिसके उपयोग से फसलों की उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। शासन के दिशा निर्देशानुसार उर्वरक विक्रय हेतु पी.ओ.एस. मशीन की अनिवार्यता एवं निर्धारित दर पर उर्वरकों का विक्रय सुनिश्चित करने हेतु संबंधितो को निर्देशित किया गया है। कृषकों से अपील की गई है कि नत्रजन एवं स्फूर उर्वरकों के साथ-साथ म्यूरेट ऑफ पोटाश का उपयोग अवश्य करं,े जिससे फसलों में कीड़े बिमारी की समस्या अपेक्षाकृत कम आती है। साथ ही जिंक ईडीटीए एवं बोरॉन का छिड़काव निर्धारित अनुपात में अवश्य करें जिससे फसलों की गुणवत्ता एवं उपज में वृद्धि से किसान भाई अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकते है।
खेत में फांसी के फंदे पर लटका शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस को हत्या का शक
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक की फांसी के फंदे पर पेड़ में लटकी हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया है। युवक को जिस नायलोन रस्सी के सहारे जिस ढंग से बांधा गया था, उससे मामला संदेहास्पद बन गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना करतला थाना अंतर्गत ग्राम बोतली का है। ग्राम से लगभग 200 मीटर की दूरी पर चैनपुर के खेत में युवक की लाश मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। थोडी ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
अनन्तिम मूल्यांकन पत्रक जारी
दावा-आपत्ति 4 तक
कोरबा । कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना कटघोरा के आंगनबाड़ी एवं पालना केन्द्र में कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन मंगाये गये थे। आवेदन पत्रों के जांच एवं परीक्षण उपरांत अनन्तिम मूल्याकन पत्रक जारी किया गया है। मूल्यांकन पत्रक पर दावा आपत्ति 04 जुलाई तक आमंत्रित किया गया है। दावा आपत्ति कार्यालयीन दिवस पर प्रातः 10.30 बजे से शाम 05 बजे तक परियोजना कार्यालय कटघोरा में जमा किया जा सकता है। मूल्यांकन पत्रक परियोजना कार्यालय कटघोरा तथा जनपद पंचायत कटघोरा, नगर पालिका परिषद कटघोरा एवं दीपका के सूचना पटल पर देखे जा सकते हैं। दावा आपत्ति में नवीन दस्तावेज स्वीकार नहीं किया जायेगा।
लेमरू, भैंसामुड़ा, रामपुर और केंदई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर 27 को
कोरबा । धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत 27 जून को विकासखंड कोरबा के ग्राम लेमरू कलस्टर में सम्मिलित ग्राम कुटुरूवां, अरसेना, सुर्वे, बड़गांव, देवपहरी, कनसरा, जाताडांड, डोकरमना, कुदरीचिंगर, गढ़उपरोड़ा, बहेरा, रांपा, केरीझेरिया, अरेतरा, लेमरू, कुउबहार, विमलता, रपता और नकिया के लिये हाई स्कूल लेमरू, विकासखंड करतला के ग्राम भैंसामुड़ा कलस्टर में सम्मिलित ग्राम भैंसामुड़ा, बधवाभांठा (सलिहाभाठा), जोगीपाली (क) और ढनढनी के लिए ग्राम भैंसामुड़ा, विकासखंड पाली के ग्राम रामपुर कलस्टर में सम्मिलित ग्राम रामपुर, अण्डीकछार, कसियाडीह, झांझ, मुरली और बम्हनीकोना के लिए ग्राम रामपुर और विकासखंड पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम केन्दई कलस्टर में सम्मिलित ग्राम अरसिया, नवापारा, धजाक, गिधमुड़ी, कोठीखर्रा, केन्दई, ठुठीपीपर, उचलैंगा, खिरटी, केतमा, पुटा, मदनपुर, मोरगा, पतुरियाडांड और ग्राम साखो के लिए ग्राम केन्दई में जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर आयोजित किया जायेगा।