छत्तीसगढ़ / कोरिया
16 ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के बाद आयोजित होंगी विशेष ग्राम सभाएं
मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हुए कार्यों का होगा सामाजिक अंकेक्षण
कोरिया । पारदर्शिता और जनहितकारी योजनाओं में जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से कोरिया जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों का सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर 4 अगस्त से सोनहत और बैकुण्ठपुर विकासखंड की आठ-आठ ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सोशल ऑडिट टीमों का गठन कर उन्हें नियत तिथि पर संबंधित पंचायतों में पहुंचकर कार्यों की जांच करने और तत्पश्चात ग्राम सभाओं का आयोजन कर ऑडिट रिपोर्ट पर चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को समस्त आवश्यक दस्तावेज सौंपने, स्वतंत्र पर्यवेक्षक नियुक्त करने तथा तकनीकी सहायकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक अंकेक्षण के लिए मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 तक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक के सभी स्वीकृत हितग्राहियों के कार्यों को सम्मिलित किया गया है।
सोनहत व बैकुंठपुर जनपद पंचायत में सोशल ऑडिट कार्यक्रम
एक टीम द्वारा ग्राम पंचायत चंदहा, दामुज, कटगोड़ी एवं चकडांड में चार से पांच दिन का सोशल ऑडिट कार्य किया जाएगा, जिसके बाद विशेष ग्राम सभाएं आयोजित होंगी।
दूसरी टीम बंशीपुर, सुंदरपुर, कुशहा एवं बोड़ार पंचायतों में सोशल ऑडिट कर ग्राम सभाओं का आयोजन करेगी। इसी तरह बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत में सोशल ऑडिट कार्यक्रम के तहत पहली टीम फूलपुर, जमगहना, गदबदी एवं बड़गांव में चार-चार दिनों तक ऑडिट कार्य कर ग्राम सभाएं आयोजित करेगी। दूसरी टीम रटगा, डोहड़ा, रनई एवं डुमरिया ग्राम पंचायतों में ऑडिट प्रक्रिया संपन्न कर विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करेगी।
ऑडिट टीम द्वारा मनरेगा में किए गए कार्यों के तहत वर्क फाइल, मस्टर रोल, माप पुस्तिका, प्रशासकीय स्वीकृति, वेज लिस्ट, एफटीओ लिस्ट, बिल-बाउचर सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की सार्वजनिक जांच की जाएगी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत पात्रता सूची, प्रशासकीय स्वीकृति, भुगतान रजिस्टर आदि दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने निर्देशित किया है कि सोशल ऑडिट की इस प्रक्रिया को गंभीरता से संपन्न किया जाए ताकि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे तथा हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
मिठाई दुकानों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से लिए गए नमूने
कोरिया। वर्षा ऋतु में खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम एवं सुरक्षित खाद्य सुनिश्चित करने हेतु पूरे प्रदेश में विशेष अभियान बने खाबो-बने रहिबो चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरिया जिले में भी 4 से 6 अगस्त तक स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, रेस्टोरेंट्स, मिठाई दुकानों एवं अन्य खाद्य प्रदायकों की जांच की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मिठाई और खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं। इनमें गणपति बिकानेर स्वीट्स, पटना से नारियल लड्डू और काजू कतली, बिकानेर स्वीट्स भंडार, आदर्श चौक, पटना से गोंद लड्डू, छप्पन भोग, जमगहना से बेसन लड्डू, मामाजी स्वीट्स से बूंदी और दिव्यांश स्वीट्स, खरवत से बेसन बर्फी शामिल हैं।
सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान का उद्देश्य मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पर रोक लगाना है। उपभोक्ताओं को जागरूक करना भी है ताकि वे ताजे, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें। विभाग ने खाद्य विक्रेताओं को भी निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ ही साफ-सुथरे बर्तनों, ताजे कच्चे माल और ढंके हुए खाद्य पदार्थों का उपयोग करें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री या अस्वच्छता की जानकारी होने पर विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष 2025-26: कोरिया जिले में होंगे विविध आयोजन
विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाने व्यापक तैयारी के निर्देश
कोरिया। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 -26 को 'रजत जयंती वर्ष' के रूप में 15 अगस्त से 31 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे राज्य में गौरव, आत्मावलोकन और संकल्प के साथ विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।
इसी क्रम में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने विभागवार प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
बैठक में शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में रजत जयंती वर्ष के आयोजनों को स्थानीय पर्व-त्योहारों और सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों से जोड़ते हुए जनभागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया।
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर अपने-अपने कार्यक्रमों की कार्ययोजना निर्धारित समय-सीमा में तैयार करें और विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों, उद्यमियों, हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्वैच्छिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।
31 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा रजत जयंती समारोह
शासन से प्राप्त मुख्य प्रस्तावित गतिविधियों में 15 अगस्त से 19 अगस्त तथा 1 से 6 नवम्बर के बीच संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी फिल्म फेस्टिवल, लोकनृत्य महोत्सव, शिल्प मेला, कलांजलि, देशभक्ति गीत प्रतियोगिता सहित सभी सांस्कृतिक उत्सवों को रजत जयंती थीम पर आयोजित किया जाएगा।
28 अगस्त से 31 अगस्त तथा 1 से 7 सितंबर के बीच स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बाल पंचायत, एआई साक्षरता सप्ताह, एलुमिनाई मीट, पुस्तक वाचन दिवस, टीकाकरण अभियान, महतारी सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 से 27 अगस्त के बीच पोषण मेला, महतारी सम्मेलन, महतारी मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित की जाएगी व 8 से 23 सितंबर को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग टेक फेस्ट, जॉब फेयर, सेमिनार, रजत जयंती पुस्तक मेला जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को जोड़ेगा।
1 से 21 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान मेला, हेल्थ क्विज, मेगा हेल्थ कैंप, अंगदान एवं रक्तदान महोत्सव आयोजित होंगे। वहीं 22 से 30 सितंबर के बीच उद्योग विभाग द्वारा कौशल प्रशिक्षण, आईटी, सीएसआर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा और 1 से 12 अक्टूबर के बीच खेलकूद व युवा कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न खेल प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन आदि का आयोजन किया जाएगा।
13 से 26 अक्टूबर के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विशेष ग्राम सभा, ग्राम स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिता, महिला उद्यमिता मेला और रजत जयंती पंचायत सम्मान जैसे आयोजन होंगे। 27 से 31 अक्टूबर के बीच नगरीय प्रशासन विभाग रजत जयंती वाटिका, शहर समागम, स्वच्छता सप्ताह, रंगोली सजावट प्रतियोगिता और गणेश-दुर्गा उत्सवों को रजत जयंती थीम से जोड़ेगा।
17 से 30 नवम्बर श्रमवीर स्वास्थ्य जांच शिविर, कौशल विकास प्रशिक्षण। 1 से 16 नवम्बर के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविधान दिवस, हर घर तिरंगा, साफ-सफाई आदि का आयोजन किया जाएगा। 17 से 30 नवम्बर के बीच कृषि विभाग किसान मेला, नमो ड्रोन दीदी प्रतियोगिता, महिला किसान सम्मेलन, अन्न उत्सव, हर्बल मेला तथा पक्षी महोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित करेगा। 1 से 7 दिसंबर वन ब पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम, 8 से 21 दिसंबर के बीच पर्यटन से सम्बंधित कार्यक्रम। 22 से 31 दिसंबर के बीच नवाचार और सुशासन की पहल के लिए अधिकारियों के लिए ब्रेनस्टारमिंग सेशन, 1 से 11 जनवरी 2026 गृह विभाग सड़क सुरक्षा माह, एक शाम शहीदों के नाम, कैदियों द्वारा उत्पाद प्रदर्शन और साइबर सुरक्षा अभियान चलाएगा।
12 से 18 जनवरी 2026 जनसंपर्क विभाग छत्तीसगढ़/25 वर्ष पर आधारित वेब सीरीज, पॉडकास्ट, ब्रेकफास्ट सीरीज, सोशल मीडिया कैंपेन आदि से आमजन को जोड़ेगा। इसके अलावा समाज कल्याण, खाद्य विभाग, जल संसाधन, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग विभाग जनजातीय गौरव दिवस, युवा संवाद, मोबाइल वेन द्वारा प्रचार जैसे कार्यक्रम चलाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव मनाना है, वहीं आगामी 25 वर्षों के छत्तीसगढ़ की दिशा और भविष्य का संकल्प लेना भी है। संस्कृति विभाग को आयोजन का नोडल विभाग बनाया गया है, वहीं जिले एवं विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नामांकित किए जाएंगे।
कलेक्टर ने दिए सड़क पर घूमते मवेशियों पर लगाम लगाने के आदेश
कोरिया। जिले की सड़कों पर घूमते मवेशियों से बढ़ रही दुर्घटनाओं और ट्रैफिक अवरोध को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कोरिया ने संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्यवाही माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा पारित आदेश और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है।
कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में भी कई बार निर्देश दिए गए, परंतु संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और जन-धन की हानि की घटनाएं बढ़ रही हैं।
प्रमुख निर्देशों में जिले की सभी सड़कों से घुमंतू मवेशियों को प्रतिदिन हटाया जाए।जनपद पंचायत और नगर पालिका अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मुनादी करवाएं। पशु चिकित्सा विभाग एमयूव्ही वाहन से माइकिंग कराए और मवेशियों के लिए रेडियम बेल्ट जैसे सुरक्षात्मक उपाय अपनाए।
लोक निर्माण विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा सड़कों पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए।सड़क पर मवेशी की उपस्थिति के कारण दुर्घटना होने या मवेशी की मृत्यु की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पशु क्रूरता अधिनियम के तहत लापरवाह पशु मालिकों पर कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें तथा की जा रही कार्यवाहियों की जानकारी समय-समय पर उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
यह आदेश पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, सभी अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, पशु चिकित्सा सेवाएं, आरटीओ, तहसीलदार, जनपद पंचायत एवं नगर पालिका अधिकारियों को भेजा गया है।
बैकुण्ठपुर एसडीएम का आदेश, आवारा पशु छोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
भारतीय न्याय संहिता व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई
कोरिया । अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी बैकुण्ठपुर श्रीमती दीपिका नेताम ने एक अहम आदेश जारी करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि के मद्देनजर आवारा पशुओं पर नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय मार्गों और अन्य सार्वजनिक सड़कों पर आवागमन में बाधा तथा जनहानि का प्रमुख कारण आवारा पशुओं का खुला विचरण है, जो पशुपालकों की लापरवाही से उत्पन्न हो रहा है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आवारा पशुओं की वजह से न केवल सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी बाधित हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों को अत्यंत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत यह आदेश पारित किया गया है।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी ने अपने आदेश में सभी पशु मालिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें तथा उन्हें बांधकर रखें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित पशु मालिकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत जेल एवं जुर्माना तथा पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश 30 जुलाई 2025 से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। चूंकि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करना आवश्यक था, अतः यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है।
प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि अपने एवं समाज की सुरक्षा हेतु पशुओं का समुचित प्रबंधन करें और सड़कों को सुरक्षित बनाए रखने में भागीदार बनें।
नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए शुरू हुआ त्रिदिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण
प्रतिनिधियों को संविधान, पंचायत राज, पेसा कानून व सतत विकास लक्ष्यों की दी जा रही जानकारी
कोरिया । जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत जिले के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का त्रिदिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सौभाग्यवती सिंह कुसरो, श्रीमती गीता राजवाड़े, श्रीमती शिवकुमारी, श्रीमती सुषमा कोराम, श्रीमती स्नेहलता उदय एवं श्रीमती संगीता सोनवानी सहित कई प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर सभापतियों एवं उप संचालक पंचायत श्रीमती ऋतु साहू ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रथम सत्र में श्रीमती ऋतु साहू ने प्रतिभागियों को भारतीय संविधान में वर्णित मौलिक अधिकारों, नागरिकों के कर्तव्यों तथा स्थानीय स्वशासन की अवधारणा पर व्याख्यान दिया। इसके बाद 73वें संविधान संशोधन और छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 पर डीपीआरसी संकाय सदस्य श्रीमती बीना यादव ने प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के तीसरे सत्र में पेसा अधिनियम पर जिला अंकेक्षक नेसार खान द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा अधिनियम की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है और जनप्रतिनिधि इसमें किस तरह योगदान दे सकते हैं।
इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इन लक्ष्यों का स्थानीयकरण कैसे किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने, गरीबी उन्मूलन और समावेशी विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
मध्यांतर के पश्चात डीपीएम गरूण प्रसाद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के 9 थीम/विषयों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे पंचायतों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से कार्यों की ऑनलाइन प्रविष्टि करनी है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।
पीएम आवास की प्रगति के लिए सतत संवाद आवश्यक : सीईओ चतुर्वेदी
कोरिया । जिला पंचायत कोरिया के मंथन कक्ष में बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन की केपीआई आधारित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने की।
सीईओ डॉ. चतुर्वेदी ने सभी ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों और आवास मित्रों से पंचायतवार लक्ष्य और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों से निरंतर संवाद कर उनकी समस्याएं जानना और उन्हें संसाधनों से जोड़ना आवश्यक है। तभी उनके पक्के आवास का सपना समय पर पूरा हो सकेगा।
15 सितंबर तक पूर्ण हो निर्माण कार्य :
सीईओ ने निर्देशित किया कि 15 सितंबर 2025 तक सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने मैदानी अमले को कहा कि वे प्रत्येक हितग्राही को 90 दिन का रोजगार सुनिश्चित कराएं और मास्टर रोल कम से कम 30 दिन का निकाला जाए।
अनुपस्थित रोजगार सहायकों पर कार्रवाई :
बैठक में 8 ग्राम रोजगार सहायकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि बरसात के दिनों में भी कार्य रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि ढलाई पूर्ण हो चुके आवासों में प्लास्टर कार्य कराकर योजना में प्रगति लाई जाए। उन्होंने जिओ टैगिंग, किश्त वितरण, राशि अंतरण और निर्माण की गुणवत्ता पर भी गहन समीक्षा की।
मनरेगा के कार्यों पर विशेष जोर :
मनरेगा योजना की समीक्षा में सीईओ ने निर्देशित किया कि वनाधिकार पट्टा धारकों को प्राथमिकता से कार्य दिए जाएं, महिला श्रमिकों को संगम अभियान से जोड़ते हुए आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए, सभी अपूर्ण कार्यों की ऑनलाइन एंट्री और प्रमाण पत्र एक सप्ताह में दर्ज कराना अनिवार्य किया जाए।
गुड गवर्नेंस और दस्तावेज संधारण के निर्देश :
उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर दस्तावेजों का संधारण, लेबर बजट की प्रतिलिपि संधारण, जॉब कार्ड अपडेट करने और उसका प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने मानव दिवस वृद्धि, जनजातीय महिलाओं को रोजगार, और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित कार्य बढ़ाने को भी कहा।
बैठक में जनपद पंचायत बैकुंठपुर और सोनहत के सीईओ, एसडीओ (आरईएस), कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), तकनीकी सहायक, आवास मित्र तथा रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने खेतों में पहुँचकर अन्नदाताओं से की बात
खाद-बीज की उपलब्धता, रोपाई की स्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन की ली जानकारी
कोरिया । जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने गुरुवार प्रातः ग्राम खुटरापारा का दौरा कर खेतों में पहुँचकर किसानों से प्रत्यक्ष संवाद किया। उन्होंने किसानों से खाद-बीज की उपलब्धता, धान रोपाई की प्रगति और कृषि योजनाओं के लाभ से जुड़ी जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।
खेत में कार्यरत किसान श्रीमती शांति बाई ने बताया कि वे लगभग 5 एकड़ में धान की खेती कर रही हैं और फिलहाल रोपाई कार्य में लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस समय खाद की कोई विशेष समस्या नहीं है, लेकिन अत्यधिक वर्षा के कारण धान बीज को नुकसान अवश्य हुआ है।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद किसानों को फसल विविधीकरण की ओर प्रेरित करते हुए दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। इस दौरान ग्रामीणों ने कृषि विभाग की योजनाओं और हितग्राही सामग्री के वितरण में असमानता की शिकायत भी की। कलेक्टर ने कृषि उपसंचालक राजेश भारती को तत्काल मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और आवश्यक सामग्री के वितरण की प्रक्रिया को सुधारने के निर्देश दिए।
इससे पहले कलेक्टर जामपारा स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पहुंचीं, जहां उन्होंने खाद की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की। सीधे किसानों से चर्चा कर वस्तुस्थिति से अवगत हुई। चर्चा के दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक को खाद वितरण की नियमित एंट्री करने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने किसानों को बताया कि समिति में अब नैनो डीएपी भी उपलब्ध है, जिसका वितरण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि इसके सही उपयोग की जानकारी कृषि कार्यालय या ग्राम सेवक से प्राप्त कर उचित तरीके से प्रयोग करें।
उन्होंने सभी समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे समय पर कार्यालय खोलें, किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करें।
कोरिया जिले में अब तक सामान्य से कम वर्षा, पटना तहसील सबसे आगे
कलेक्टर ने एसडीएम व तहसीलदारों को जल भराव क्षेत्रों का दौरा करने के दिए निर्देश
कोरिया। कोरिया जिले में इस वर्ष 1 जून से 16 जुलाई तक कुल 1788.60 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो जिले की सामान्य औसत वर्षा 1040.9 मिमी के मुकाबले औसतन 150.20 प्रतिशत अधिक है, हालांकि, तहसीलवार आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के विभिन्न हिस्सों में वर्षा वितरण असमान रहा है और कई क्षेत्रों में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई हैं।
भू-अभिलेख शाखा, बैकुंठपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीलवार वर्षा की स्थिति इस प्रकार है-पटना तहसील में अब तक 621.70 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य का 58.80 प्रतिशत है। यह जिले में सर्वाधिक प्रतिशत वर्षा वाला क्षेत्र रहा, जबकि विगत वर्ष जून माह में 262 मिमी तथा 1 जुलाई से 16 जुलाई 2024 के बीच 413.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। बैकुंठपुर में 1 जून 2025 से अभी तक 451.20 मिमी वर्षा हुई, जो औसत का 43.36 प्रतिशत है। विगत वर्ष 2024 के जून माह में 71.6 तथा 16 जुलाई 2024 तक 199 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। सोनहत तहसील में 444.80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य का 38.02 प्रतिशत है। जबकि जून 2024 में 104.5 तथा 16 जुलाई 2024 में 227.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी वहीं, पोड़ी-बचरा तहसील क्षेत्र में 1 जून 2025 से अभी तक केवल 270.90 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य का मात्र 30.22 प्रतिशत है और इसे सबसे कम वर्षा वाला क्षेत्र माना गया है, जबकि विगत वर्ष जून माह में 81.5 और 1 जुलाई से 16 जुलाई 2024 के बीच 145.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। आज जिले में औसतन 30.65 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
जिले की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने बैकुंठपुर एवं सोनहत एसडीएम सहित सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों का सघन निरीक्षण करने और जल भराव वाले इलाकों, नदी-नालों के पास के संवेदनशील स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा जारी चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर सतर्कता से ध्यान दें और खेती-बाड़ी की योजना उसी अनुसार बनाएं। साथ ही जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी गई है।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र बना ग्रामीणों की जरूरतों का समाधान केंद्र
कोरिया जिले की 75 से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग सहित कई सेवाएं
कोरिया। शासन की महत्वाकांक्षी योजना अटल डिजिटल सेवा केंद्र अब कोरिया जिले के ग्रामीण अंचलों में आवश्यकताओं की पूर्ति का सरल और प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। जिले की 75 से अधिक ग्राम पंचायतों में संचालित इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, बीमा, प्रमाण पत्र, पंजीयन एवं अन्य आवश्यक डिजिटल सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो रही हैं।
गांव में बैंक जैसी सुविधा मिलने लगी है। बिना लाइन, बिना समय गंवाए। जनपद बैकुण्ठपुर के ग्राम गिरजापुर निवासी श्रीमती कुसुम साहू ने बताया कि उन्हें खेती के लिए दो हजार रुपये की जरूरत थी, जिसे निकालने वे बैंक न जाकर पंचायत भवन स्थित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पहुंचीं और आधार आधारित बैंकिंग से आसानी से राशि आहरित की। उन्होंने कहा, ‘अब गांव में ही बैंक, बीमा और प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं मिल रही हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है।‘
सेवाओं की लंबी सूची, सब एक ही छत के नीचे
आधार आधारित डीजी पेमेंट व कियोस्क बैंकिंग, किसान पंजीयन, फसल व जीवन बीमापैन कार्ड बनवाना, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र, मोबाइल और टीवी रिचार्ज, बीमा पॉलिसियों का ग्राम स्तर पर पंजीयन आदि कार्य होने लगा है।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों की स्थापना तीन चरणों में की गई। पहले चरण में बैकुण्ठपुर व सोनहत की 10-10 तथा खड़गवां की 3 पंचायतें, दूसरे चरण में प्रत्येक जनपद की 11-11 पंचायतें, तीसरे चरण में बैकुण्ठपुर की 16 और सोनहत की 6 पंचायतें, प्रशासनिक नेतृत्व में तेजी से बढ़ रही डिजिटल पहुँच।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि शासन की मंशानुरूप व कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अटल केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही दर्जनभर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और निकट भविष्य में इन सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।
जिला पुलिस नोडल अधिकारी की नियुक्ति और परीक्षा केंद्रों में होगी सख्ती
20 जुलाई से शुरू हो रही परीक्षाओं के लिए व्यापम ने जारी किए दिशा-निर्देश
कोरिया । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने 20 जुलाई 2025 से शुरू हो रही आगामी परीक्षाओं के सुचारू एवं पारदर्शी संचालन हेतु सभी जिला कलेक्टरों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इस बार व्यापक बदलाव किए गए हैं। व्यापम अध्यक्ष रेणु जी पिल्ले द्वारा जारी पत्र में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को मिलकर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
पत्र के अनुसार, प्रत्येक जिले में परीक्षा संचालन हेतु नोडल अधिकारी एवं समन्वयक के साथ-साथ एक उप पुलिस अधीक्षक या उससे उच्च स्तर के अधिकारी को ‘जिला पुलिस नोडल अधिकारी‘ नियुक्त किया जाएगा। इनकी निगरानी में परीक्षा से जुड़ी संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
व्यापम द्वारा प्रत्येक 10 परीक्षा केंद्रों पर एक तीन सदस्यीय उड़नदस्ता दल का गठन किया जाएगा, जिसमें कम से कम एक पुलिसकर्मी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यह दल केवल परीक्षा कक्ष ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र परिसर एवं मुख्य द्वार के बाहर तक भी निगरानी रखेगा। दलों को परीक्षा समाप्त होने के दो घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट समन्वयक केंद्र में जमा करनी होगी।
व्यापम ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों में प्रत्येक अभ्यर्थी की हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर व मैनुअल तलाशी से जांच की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक केंद्र में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिसकर्मी तैनात होंगे, जो परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 2.30 घंटे पूर्व अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी केवल महिला पुलिसकर्मी द्वारा ही की जाएगी। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद भी ये पुलिसकर्मी बारी-बारी से केंद्र परिसर एवं उसके बाहर निगरानी करते रहेंगे।
अभ्यर्थियों के लिए दिशानिर्देश
परीक्षा प्रारंभ होने के 2 घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य।मुख्य द्वार परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी हल्के रंग के आधी बांह के कपड़े पहनकर आएं और फुटवियर में चप्पल का ही प्रयोग करें। कान में किसी प्रकार के आभूषण पूरी तरह वर्जित हैं। परीक्षा शुरू होने के पहले 30 मिनट और समाप्ति के अंतिम 30 मिनट के दौरान परीक्षा केंद्र से बाहर जाना मना होगा। संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां, पर्स, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि परीक्षा कक्ष में लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कोरिया बना प्रदेश का पहला जिला जिसने बिहान योजना अंतर्गत सीआईएफ का 100 प्रतिशत वितरण किया
कोरिया । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना में कोरिया जिले ने एक और उपलब्धि हासिल की है। सामुदायिक निवेश कोष (सीआईएफ) के शत-प्रतिशत वितरण के साथ कोरिया प्रदेश का पहला जिला बन गया है जिसने निर्धारित लक्ष्य को तय समय-सीमा से पूर्व ही पूर्ण किया।
2.55 करोड़ रुपये की सहायता मात्र दो माह में वितरित
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार द्वारा कोरिया जिले को 425 स्व-सहायता समूहों को 60,000 प्रति समूह की दर से कुल 2.55 करोड़ सीआईएफ वितरण का लक्ष्य दिया गया था। इस राशि को जिला और ब्लॉक स्तर की टीमों ने केवल दो माह में ही पूर्ण रूप से वितरित कर दिया। जिले के अधिकतर समूह कृषि कार्यों से जुड़े हैं और जून-जुलाई के दौरान बीज, खाद, मजदूरी जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु उन्हें धन की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए मई माह में ही राशि वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जिससे लगभग 2550 महिलाओं को उनकी आजीविका गतिविधियों के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिल सकी। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि यह उपलब्धि बिहान टीम द्वारा समर्पण पूर्वक किए गए कार्यों का परिणाम है। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा निश्चित ही कलेक्टर कोरिया के मार्गदर्शन में कार्य किया जा रहा और बिहान टीम इस उपलब्धि की हकदार हैं।
प्रधानमंत्री पोषण निर्माण योजना के तहत कन्या विद्यालय में सामुदायिक सहभागिता से हुआ ‘न्योता भोज‘
कोरिया । प्रधानमंत्री पोषण निर्माण योजना अंतर्गत शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में मंगलवार को सामुदायिक सहभागिता के साथ 'न्योता भोज' का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के सेवा निवृत्त शिक्षक नंदलाल सोनी एवं वर्तमान प्राचार्य ए. एल. गुप्ता का सराहनीय सहयोग रहा।
यह कार्यक्रम कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी गुप्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन को अधिक पोषक एवं समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक स्वैच्छिक पहल है, जिसमें कोई भी व्यक्ति या संगठन किसी विशेष अवसर पर विद्यार्थियों के लिए भोज का आयोजन कर सकता है या खाद्य सामग्री का योगदान दे सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं दी गईं तथा छात्राओं को पढ़ाई और पोषण के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी गई। विद्यालय के समस्त शिक्षक -शिक्षिकाएं और छात्राएं इस आयोजन में शामिल रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर की अपील का असर दिखने लगा, जनप्रतिनिधि बन रहे निक्षय मित्र
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति ने अपने मानदेय से गोद लिए 16 टीबी मरीज, 6 माह तक देंगे पोषण आहार
कोरिया । कलेक्टर चंदन त्रिपाठी द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त पोषण आहार उपलब्ध कराने हेतु की गई निक्षय मित्र बनने की अपील का असर दिखे लगा है। अब जनप्रतिनिधि भी इस पुनीत कार्य में सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी की अध्यक्षता में गुरुवार को कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े एवं सभापति सुषमा कोराम द्वारा जिले के 16 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें 6 माह तक पोषण आहार देने का संकल्प लिया गया। ये सभी सहायता अपने-अपने जिला पंचायत मानदेय से प्रदान की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा ने 6 मरीजों को गोद लिया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े ने 5 मरीजों की जिम्मेदारी ली। जिला पंचायत सभापति सुषमा कोराम ने भी 5 मरीजों को गोद लेकर सहायता की शुरुआत की।
मोहित पैकरा ने कहा कि ‘टीबी मरीजों की सेवा मानवता की सेवा है। कोई भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि निक्षय मित्र बनकर इस कार्य में जुड़ सकता है।‘ वहीं वंदना राजवाड़े ने कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, सीईओ डॉ. चतुर्वेदी और सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि 'आपके प्रयासों से हम अपने क्षेत्र के लोगों की मदद कर पा रहे हैं।‘ सभापति सुषमा कोराम ने कहा, ‘कोरिया जिले के हर अभियान का हिस्सा बनकर हम जनसेवा के लिए तत्पर हैं।‘
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि वर्तमान में जिले में 113 टीबी मरीज नियमित दवा ले रहे हैं। सामान्य टीबी की दवा का कोर्स 6 माह तक चलता है, और इस अवधि में मरीजों को पर्याप्त पोषण आहार की आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी की जांच एवं उपचार पूर्णतः निःशुल्क है।
कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जे.आर. प्रधान, जिला क्षय अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक असरफ अंसारी, बीएमओ डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिक्षकों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए गुणवत्ता सुधार के निर्देश
कोरिया। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी की अध्यक्षता में एकलव्य आदर्श आवासी विद्यालय, घूघरा (सोनहत) में शिक्षकों की गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछली परीक्षाओं में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों का आंकलन करते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों से वर्तमान शैक्षणिक सत्र की कार्ययोजना की जानकारी ली।
कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि छात्रों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षण में नवीन तकनीकों जैसे ऑडियो, वीडियो और मैपिंग का उपयोग किया जाए। विषयवार चर्चा के दौरान उन्होंने सभी शिक्षकों को अपने पढ़ाने के स्तर में नवाचार लाने और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, श्बच्चे कच्ची मिट्टी जैसे होते हैं, उन्हें जिस माहौल में ढाला जाएगा, वे वैसा ही बनेंगे।श् इसलिए उन्हें सकारात्मक और सृजनात्मक वातावरण देना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों से अंग्रेज़ी में संवाद करें और उन्हें अंग्रेज़ी बोलने का अभ्यास कराएं।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के कुछ प्रेरणादायक शिक्षकों का उदाहरण देते हुए बताया कि थोड़ी सी अतिरिक्त मेहनत और समझदारी से कैसे छात्रों के मनोबल को बढ़ाया जा सकता है, जिससे अच्छे परिणाम भी देखने को मिलते हैं। उन्होंने शिक्षकों को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का भ्रमण कर शिक्षण वातावरण एवं प्रबंधन की शैली से प्रेरणा लेने की सलाह दी।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक अपनी समस्याएं जिला प्रशासन के समक्ष रखें, उनका समाधान किया जाएगा, लेकिन अच्छे परिणाम देने की ज़िम्मेदारी शिक्षकों की है। उन्होंने जानकारी दी कि विद्यालय में शीघ्र ही स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, छात्रावासों में सोलर पंप और एग्जॉस्ट फैन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्रों को पढ़ाई में कोई असुविधा न हो।
बैठक के उपरांत कलेक्टर ने 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और भविष्य की तैयारी को लेकर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को 100 प्रतिशत लक्ष्य लेकर समूह अध्ययन करने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर त्रिपाठी ने बालक एवं बालिका छात्रावासों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य जांच, भोजन व्यवस्था और वातावरण को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ऊषा लकरा, जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता, एसडीएम सोनहत राकेश साहू, जनपद सीईओ सोनहत, विद्यालय प्राचार्य वी.के. सिंह एवं विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
“मध्यस्थता राष्ट्र ‘ अभियान को सफल बनाने प्रधान न्यायाधीश ने अधिवक्ता संघ ने ली बैठक
कोरिया । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यस्थता एवं सुलाह परामर्श समिति (एम०सी०पी०सी०) नई दिल्ली के मार्गदर्शन में तथा छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश /जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शैलेश कुमार तिवारी ने ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए अभियान के अंतर्गत न्यायालय में लंबित प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से निराकरण हेतु अधिवक्ता संघ बैकुण्ठपुर के साथ बैठक ली।
एस.ओ.पी. के अनुसार मध्यस्थता के माध्यम से लंबित प्रकरणों के निराकरण किये जाने के लिए 90 दिवस का समय सीमा निर्धारित किया गया है। राष्ट्र के लिए 01 जुलाई से 07 अक्टूबर तक अभियान चलाया जाना है। प्रधान जिला न्यायाधीश शैलेश कुमार तिवारी ने बैठक में कहा कि मध्यस्थता एक वैकल्पिक विवाद समाधान की प्रक्रिया है, जो न्यायिक प्रक्रिया से अलग है, जिसमें एक तीसरे स्वतंत्र व्यक्ति मध्यस्थ दो पक्षों के बीच अपने सहयोग से उनके समान हितों के लिए एक समझौते पर सहमत होने के लिए उन्हें तैयार करता है। जिसमें पक्षकार अपनी सहमति से लंबित प्रकरणों को सौहार्दपूर्ण निपटा सकते हैं। मध्यस्थता के माध्यम से दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, ऋण वसूली, बेदखली संपत्ती विभाजन, भूमि अधिकरण सहित अन्य सिविल मामले एवं राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों का निपटारा संभव है।
बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश ने मध्यस्थता कार्यवाही में आने वाली समस्याओं के संबंध में अधिवक्तागण से चर्चा किया और अधिक से अधिक न्यायालय में लंबित प्रकरणों को मध्यस्थता के माध्यम से निराकरण किये जाने का अपील किया। अधिवक्ता संघ के द्वारा उक्त अभियान को सफल बनाने हेतु पर्याप्त सहयोग दिये जाने का आश्वासन दिया।
उक्त बैठक में विशेष न्यायाधीश बैकुण्ठपुर, आशीष पाठक, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर कुजूर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बी.पी. मोहन्ती, सचिव मृत्युंजय तिवारी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, समस्त अधिवक्ता एवं लीगल डिफेंस सिस्टम के चीफ अजय सिंह, डिप्टी एवं असिस्टेंट उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण, महोरा के स्वास्थ्य कर्मी गैरहाजिर, वेतन काटने के निर्देश
कोरिया । जिला कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह व उनकी टीम जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करना एवं व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानना था।
निरीक्षण के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर खांडा, गिरजापुर, महोरा, सरभोका तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेंगनी का जायजा लिया गया। खांडा केंद्र में साफ-सफाई, बागवानी व्यवस्था और फ्लेक्स बैनर को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। गिरजापुर केंद्र में आरसीएच रजिस्टर, एनसीडी रजिस्टर, औषधि संधारण एवं एचआरपी मरीजों की सूची का समुचित प्रबंधन न होने पर सुधारात्मक निर्देश दिए गए। इसी तरह टेंगनी केंद्र में आईपीडी रजिस्टर, एएनसी जांच, दवा वितरण कक्ष, स्टोर एवं प्रसव कक्ष की जांच की गई। सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। प्रभारी को जरूरी व्यवस्थागत सुधार करने को कहा गया।
वहीं सरभोका केंद्र में एनसीडी रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेजों का महीनों से संधारण नहीं किया गया था। साथ ही अस्पताल में पर्याप्त साफ-सफाई भी नहीं पाई गई। इस लापरवाही पर सभी संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।सबसे गंभीर स्थिति महोरा केंद्र में पाई गई, जहां निरीक्षण के समय एक भी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं था। इस पर उनके एक दिन का वेतन काटने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सभी केंद्रों को आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदना कार्ड निर्माण हेतु लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही निरीक्षण दल ने पटना क्षेत्र की दवा दुकानों का भी जायजा लिया। दुकानों में सीसीटीवी कैमरा, नारकोटिक्स दवाओं का संधारण, क्रय-विक्रय बिल, एवं एक्सपायरी दवाओं की स्थिति की जांच की गई। सभी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय मिले। दुकानदारों को वैध प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवा न देने एवं नारकोटिक दवाओं के संधारण में कठोरता बरतने के निर्देश दिए गए। इस निरीक्षण दल में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह, औषधि निरीक्षक विकास लकड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।