छत्तीसगढ़ / कोरिया
‘स्वस्थ तन स्वस्थ मन‘ योजना 2007 हेतु निजी चिकित्सकों से 30 सितम्बर तक आवेदन
कोरिया । आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में निवासरत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं हेतु ‘‘स्वस्थ तन स्वस्थ मन‘‘ (स्वास्थ्य सुरक्षा) योजना 2007 के क्रियान्वयन हेतु जिन स्थानों पर जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र तथा प्राथमिक चिकित्सा केंन्द्र स्थापित नहीं है। ऐसे स्थानों में स्थापित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण, स्वास्थ्य सलाह एवं स्वास्थ्य सुझाव माह में कम से कम दो बार एक या एक से अधिक किये जाने हेतु वर्ष 2025-26 में निर्धारित मानदेय पर एम.बी.बी.एस. एवं बी.ए.एम.एस. निजी चिकित्सकों से अपने लेटर पैड पर अभिलेखों सहित आवेदन 04 सितम्बर 2025 तक कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कोरिया में आमंत्रित किया गया हैं। इसमें जिले के चिकित्सकों को प्राथमिकता दी जाएगी, अनुबंधित चिकित्सकों को 50 सीटर छात्रावास-आश्रम हेतु 750 रुपये एवं 100 सीटर छात्रावास-आश्रम के लिए 1200 रुपये प्रति भ्रमण मानदेय शासन द्वारा देय है।
कोरिया : प्रधानमंत्री आवास ने किया, जगदीष का सपना साकार
हितग्राही ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का किया आभार
हर गरीब व्यक्ति का एक सपना होता है कि उसके पास एक पक्का आशियाना हो। यह ऐसी आस होती है जो व्यक्ति की उम्र के साथ-साथ बढ़ती जाती है। कोरिया जिले के वनांचल जनपद सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत अकलासरई में रहने वाले श्री जगदीष के लिए उनका पक्का मकान से बेहतर शायद ही कोई समझ सकता हो। उम्र के आखिरी पड़ाव में उनकी पक्के मकान की चाहत को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने पूरा कर दिया है।
पूर्व की स्थिति
सोनहत ग्राम पंचायत में रहने वाले श्री जगदीष का आरंभिक जीवन अपने पैतृक कार्य में बीता। इस दौरान उनके तीन बच्चे हुए जिनमें दो पुत्र युवावस्था आते तक असमय काल के गाल में समा गए। इन कठिन परिस्थितियों में जूझते हुए श्री जगदीष के लिए पक्के मकान का सपना असंभव सा हो गया था। अपने परिवार के साथ वह कठिन परिस्थिति में कच्चे मकान में निवासरत थे जो हर मौसम में उनके लिए कष्ट का कारण बनता था।
आवास ने बदली जीवन की राह
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत श्री जगदीष को वर्ष 2024 में सूचीबद्ध किया गया। आवास निर्माण के लिए उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हुई और उन्होंने परिश्रम करके अपना सपनों का आशियाना बनाया। इससे उनके परिवार को मनरेगा के तहत 90 दिवस की मजदूरी भी प्राप्त हुई और उस राशि का उपयोग इन्होंने अपने मकान निर्माण में किया।
उम्र के आखिरी पड़ाव में सुख
अपनी कठिन जीवन परिस्थितियों को साझा करते हुए श्री जगदीष ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से बने पक्के मकान ने उनका वर्षों का सपना पूरा किया है। अब वह अपनी पत्नी बच्चे और बहू के साथ सुकून से जीवन व्यतीत कर पा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति उन्होंने भावुक होकर हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कोरिया : पक्की छत और सुकून भरा जीवन, मुमताज के जीवन में खुषहाली की बयार
हर परिवार जो दूसरे के खेतों में परिश्रम करके अपना जीवन यापन करता हो और उसके पास खुद की नाम मात्र के लिए थोड़ी सी भूमि भी हो वह एक पक्के मकान का केवल सपना ही देख सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आवास योजना को लागू कर ऐसे कठिन जीवन संघर्ष वाले लाखों परिवारों के सपनों को भी आकार देने का कार्य किया है। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम गदबदी में रहने वाली मुमताज बेगम प्रधानमंत्री आवास के पक्के मकान में रहकर अपना सुखमय पारिवारिक जीवन जी रही हैं। कभी कच्चे घर में रहने वाले इस परिवार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़कर अब अपनी एक अलग सामाजिक पहचान बन गई है। यह परिवार अब अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए मेहनत करने में जुट गया है।
कठिन जीवन से शुरूआत
दूसरे के खेतों में परिश्रम करके जीवन यापन करने वाले मुमताज और उनके पति हैदर जमाल के पास सपने तो थे लेकिन उन्हे पूरा करने का संसाधन नहीं था। पहले गांव में ही एक कच्चे घर पर रहकर अपना जीवन चलाने वाले मुमताज और उनके पति हैदर रोजगार मूलक योजनाओं के हितग्राही थे। किसी तरह से मजदूरी करके और दूसरे के खेतों में काम करके यह परिवार अपनी आजीविका चला रहा था। ऐसे में अपना एक मकान होना उनके लिए दिवा स्वप्न था।
पहले बिहान फिर प्रधानमंत्री आवास से सुधरा जीवन
मुमताज बीते कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिषन बिहान से जुड़ी इससे उनके सामाजिक दायरे में बढ़ोत्तरी हुई और आपसी लेन-देन करते हुए वह थोड़ी आय अर्जित करने लगी। फिर प्रधानमंत्री आवास योजना ने इस परिवार के लिए ऐसा कार्य कर दिया जिसे इन्होने सपने में भी नहीं सोचा था। विगत वित्तीय वर्ष में इस परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित किया गया। आवास योजना के तहत मिली आर्थिक मदद से मुमताज और उनके पति हैदर ने परिश्रम से अपना एक सुंदर आषियाना बनाया और अब उनके पास खुद का मकान है।
सामाजिक पहचान बना आवास
मुमताज और उनके पति हैदर ने बताया कि पहले बेघर होने का एक कष्ट उन्हें हमेषा चिंतित रखता था। ऐसे में बच्चों के भविष्य को लेकर भी दोनों पति-पत्नी बेहद परेषान रहते थे। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से मिले पक्के मकान की स्वीकृति और उसके बाद आवास निर्माण पूर्ण हो जाने से उनकी जीवनभर की चिंता एक बार में ही समाप्त हो गई है। अपना घर बन जाने के बाद मुमताज और हैदर अब एक सामाजिक पहचान के साथ सुखमय जीवन में आगे बढ़ रहे हैं।
कोरिया : ’महतारी वंदन से संगीता के घर में बढ़ा भरोसा, बच्चों की पढ़ाई हुई आसान’
’खेती-मजदूरी की आय के बीच हर माह मिलने वाली एक हजार रुपए की सहायता से पूरे हो रहे छोटे-छोटे खर्च’
ग्राम रनई की 29 वर्षीय श्रीमती संगीता के लिए परिवार की खुशियां उसके छोटे-छोटे सपनों में बसी हैं। पति श्री ओमप्रकाश के साथ खेती-बाड़ी और मजदूरी के काम में हाथ बंटाते हुए संगीता घर-गृहस्थी की जिम्मेदारियां संभालती हैं। परिवार की जरूरतें सीमित आय में पूरी करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने उनकी इस चिंता को कुछ हद तक कम किया है।
हर माह खाते में आने वाली एक हजार रुपए की राशि संगीता के लिए परिवार की जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण सहारा बन गई है। वह इस राशि का उपयोग घर के छोटे-छोटे जरूरी कामों और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं।
संगीता बताती हैं कि खेती और मजदूरी पर निर्भर परिवार में आमदनी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। ऐसे में जब बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब या दूसरी जरूरी चीजों की आवश्यकता होती है अथवा घर में कोई छोटा खर्च सामने आता है, तब महतारी वंदन योजना की राशि काफी उपयोगी साबित होती है।
“हर महीने मिलने वाली यह राशि हमारे लिए बहुत काम की है। प्रदेश की मुखिया श्री विष्णु देव साय जी का आभार, जिन्होंने हम जैसे वर्ग की महिलाओं की चिंता को दूर कर रहे हैं। इस राशि से घर के छोटे खर्चों में इससे मदद मिल जाती है और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी इसका उपयोग कर पाती हूं। इससे परिवार की जरूरतें संभालने में मेरा भी योगदान रहता है।”-संगीता
संगीता के लिए योजना की सबसे बड़ी खुशी यह है कि वह अपने परिवार की जरूरतों में आर्थिक रूप से सहभागी बन पा रही हैं। बच्चों की पढ़ाई को लेकर उनकी उम्मीदें अब और मजबूत हुई हैं। वह चाहती हैं कि उनके बच्चे खूब पढ़ें और आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें।
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने संगीता जैसी ग्रामीण महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने और बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने का अवसर दिया है। संगीता की कहानी इसी विश्वास को दर्शाती है कि जब महिलाओं के हाथ मजबूत होते हैं, तो पूरे परिवार के भविष्य की राह भी आसान होती है।
कोरिया : आदिवासी नवलसाय के परिवार में खुशहाली का कारण बनी आजीविका की डबरी
कोरिया जिले के दूरस्थ गांव सलगंवाखुर्द में रहने वाले आदिवासी परिवारों के लिए परंपरागत खेती और वनोपज ही मुख्य साधन हैं। अधिकांश किसान परिवारों की तरह नवलसाय का परिवार भी वर्षों से वन के किनारे बसा हुआ हैं। उनके पास खेत तो थे लेकिन सिंचाई की सुविधा न होने से उन्हें मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन नवलसाय के खेती के कार्य को अब फायदेमंद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद नवलसाय ने अपने पांच एकड़ खेतों में धान की फसल की खेती कर ली है।
असमय बारिश से सिर्फ नुकसान
कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम संलगंवाखुर्द में रहने वाले नवलसाय के पास केवल कृषि ही आजीविका का साधन है। उनके पास लगभग पांच एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी से उन्हे कोई विशेष लाभ नहीं हो पाता था। लेकिन जब से डबरी का कार्य पूरा हुआ है वह सिंचाई की सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
डबरी से राह हुई आसान
वनवासी किसान श्री नवलसाय ने बताया कि वह सिंचाई के साधन के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन पास में कोई प्राकृतिक जल संसाधन नहीं होने से उनकी समस्या बनी हुई थी। ऐसे में ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती नवलसाय के परिवारजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।
सिंचाई के साथ मछलीपालन
नवलसाय ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए दो किलोबीज डाल चुके हैं। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। नवलसाय ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार सब्जियों की फसल लगाने को तैयार हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है। अब उनका परिवार बेहतर आजीविका के ससाधनों की ओर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि नवलसाय जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : आलमसाय के खेतों में हरियाली और परिवार में खुशहाली का कारण बनी डबरी
हर किसान के लिए सिंचाई का संसाधन वह मदद है जिससे वह बंजर धरती को भी हरा भरा कर सकता है। लंबे समय से सिंचाई के लिए केवल वर्षाजल पर आश्रित रहने वाले मेहनती किसान श्री आलमसाय के साथ भी कुछ एैसा ही था। पिछड़ा वर्ग से आने वाले आलमसाय के पास जमीन तो थी पर जल नहीं था। उनके लिए मेहनत के बदले अच्छे लाभ का कोई साधन नहीं था। उनके खेतों में समय पर आवश्यक ंिसचाई की समस्या का कोई निदान नहीं मिल रहा था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन उनके खेती के कार्य को अब लाभप्रद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद आलमसाय ने अपने दो एकड़ खेतों में धान की फसल के साथ कई अन्य फसलों की खेती कर ली है।
बारिश के भरोसे होता था नुकसान
कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पुसला में रहने वाले आलमसाय के पास केवल कृषि ही आजीविका का साधन है। उनके पास लगभग दो एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी उनके लिए एक घाटे का सौदा साबित हो रहा था।
डबरी बनी बहुपयोगी संसाधन
आलमसाय ने ग्राम सभा में रोजगारमूलक योजना के अंतर्गत निजी डबरी की जानकारी प्राप्त होने पर अपने खेतों में डबरी बनाए जाने की मांग अपनी ग्राम पंचायत में रखी। ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती किसान आलमसाय ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।
सिंचाई के साथ मछलीपालन
किसान आलमसाय ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए तीन किलोबीज डाल चुके हैं। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। आलमसाय ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार रबी की फसल लगाने को तैयार हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है। अब उनका परिवार बेहतर आजीविका के ससाधनों की ओर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आलमसाय जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : सिंचाई का संसाधन मिलने से खुशहाली की राह पर पंचबहादुर का परिवार
किसान के लिए खेती का सबसे आवश्यक संसाधन है उसके खेतों में सिंचाई की सुविधा का होना। लंबे समय से सिंचाई के लिए केवल वर्षा जल पर आश्रित रहने वाले मेहनती किसान श्री पंचबहादुर जनजाति समुदाय से आते हैं। उनके लिए मेहनत के बदले अच्छे लाभ का कोई साधन नहीं था। उनके खेतों में समय पर आवश्यक ंिसचाई की समस्या का कोई निदान नहीं मिल रहा था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन उनके खेती के कार्य को अब लाभप्रद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद पंचबहादुर ने अपने पांच एकड़ खेतों में धान की फसल के साथ उड़द दलहन सहित अन्य फसलों की खेती कर ली है।
बारिष के भरोसे होता था नुकसान
कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम ओरगईं में रहने वाले पंचबहादुर पेषे से किसान हैं। उनके पास लगभग छह एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी उनके लिए एक घाटे का सौदा साबित हो रहा था।
डबरी बनी बहुपयोगी संसाधन
किसान पंचबहादुर ने कैलाशपुर ग्राम पंचायत में एक किसान के खेतों में बनी डबरी और उसके लाभ को देखकर डबरी बनाए जाने की मांग अपनी ग्राम पंचायत में रखी। ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती किसान पंचबहादुर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।
सिंचाई के साथ मछलीपालन
किसान पंचबहादुर ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए अब तक दो किलोबीज डाल चुके हैं और एक किलोबीज लाकर डालने की योजना है। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। पंचबहादुर ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार रबी की फसल में गेंहू लगाने की तैयारी में हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि पंचबहादुर जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : गणेश प्रसाद के खेतों में आई हरियाली से बदल रहा है उनका जीवन
जल ही जीवन है। लंबे समय से इस कहावत को कहा और सुना जा रहा है। इसी तरह हर किसान जिसके पास सिंचाई का कोई साधन नहीं है वह भी बिना जल के अधूरा जीवन जीने को मजबूर है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत बेलिया में रहने वाले गणेश प्रसाद के जीवन में भी खेती योग्य भूमि होने के बाद भी संकट के बादल बने रहते थे। सिंचाई की कोई सुविधा न होने से वह बारिश पर आश्रित रहते थे। ऐसे में उनके खेतों में अच्छी फसल के लिए कोई उम्मीद नहीं थी। मनरेगा से बने कूप ने उनके खेतों में हरियाली लौटा दी है। अब उनका जीवन खुषहाली की राह पर आगे बढ़ रहा है।
पानी का गंभीर संकट
कोरिया जिले के ग्राम पंचायत बेलिया में रहने वाले गणेश प्रसाद साहू का परिवार जलसंकट से जूझ रहा था। उनके आस पास कोई जलस्रोत ना होने से वह अपने घरेलू उपयोग और पेयजल के लिए भी सार्वजनिक हैंडपंप पर आश्रित थे। ऐसे में उनके घर के पास लगी लगभग दो एकड़ भूमि खाली अनुपयोगी पड़ी रहती थी। उससे यह परिवार कोई लाभ नहीं ले पाता था। ऐसे में मनरेगा के तहत बने कूप ने उनके जीवन में खुषहाली के बीज बोए हैं।
जलसंसाधन से बदलाव
हितग्राही श्री गणेष प्रसाद के आवेदन पर ग्राम पंचायत द्वारा उनके निजी भूमि में एक कूप निर्माण कार्य को प्रस्तावित किया गया। प्रषासकीय स्वीकृति के बाद लगभग ढाई लाख रूपए की लागत से गणेष प्रसाद के बाड़ी में एक कूप का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया। समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने से अब गणेश प्रसाद के खेतों में सिंचाई के लिए भरपूर जल है। इसका वह दैनिक जीवन में भी नियमित उपयोग कर रहे हैं।
बनी सिंचाई की सुविधा
कूप निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद से गणेष प्रसाद के गहरे कुंए में भरपूर जलभराव है। उन्होने बताया कि अब वह अपने बाड़ी में दलहन तिलहन की अलग-अलग फसलें ले रहे है। सिंचाई की सुविधा मिल जाने से उन्होने अपने सात एकड़ खेतों के लिए धान की नर्सरी समय पर लगाई और इस साल उनकी धान की फसल भी अच्छी है। इससे उन्हे अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। गणेष प्रसाद ने बताया कि वह अपने दो एकड़ की बाड़ी में आलू सहित अन्य सब्जी की फसलें लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि गणेश प्रसाद जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : राधेश्याम को मिला दैनिक उपयोग के लिए जल, खेतों की सिंचाई से दोहरा लाभ
पहले सिर्फ दैनिक उपयोग के लिए जल की समस्या से जूझ रहे एक किसान परिवार को कूप निर्माण की मदद से दोहरा लाभ होने लगा है। पहले केवल दैनिक निस्तार के लिए राधेष्याम के परिवार को अपने घर से दूर जाकर पानी लाना पड़ता था ऐसे मे ंसिंचाई की सुविधा के लिए तो वह सोच भी नहीं सकते थे। लेकिन मनरेगा के तहत हितग्राही मूलक कूप निर्माण कार्य से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आ गया है। अब उनके पास भरपूर मात्रा में जल उपलब्ध है जिससे उनकी दैनिक समस्या का निराकरण हुआ है और वह अपनी बाड़ी में भरपूर फसलें ले रहे हैं।
जलसंकट थी समस्या
कोरिया जिले के ग्राम पंचायत कैलाशपुर के आश्रित ग्राम ओरगईं में रहने वाले राधेश्याम साहू का परिवार जलसंकट से जूझ रहा था। उनके पास कोई जलसंसाधन ना होने से वह अपने घरेलू उपयोग और पेयजल के लिए भी घर से दूर एक हैंडपंप पर आश्रित थे। ऐसे में उनके घर के पास लगी लगभग एक एकड़ की बाड़ी भी बंजर पड़ी रहती थी। उससे यह परिवार कोई लाभ नहीं ले पाता था। ऐसे में मनरेगा के तहत बने कूप ने उनके जीवन में बदलाव की राह बना दी।
गहरे कूप में भरपूर जल
हितग्राही श्री राधेष्याम के आवेदन पर ग्राम पंचायत द्वारा उनके निजी भूमि में एक कूप निर्माण कार्य को प्रस्तावित किया गया। प्रषासकीय स्वीकृति के बाद लगभग ढाई लाख रूपए की लागत से राधेश्याम के बाड़ी में एक गहरे कुंए का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया। समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने से अब राधेष्याम के पास भरपूर जल है। इसका वह दैनिक जीवन में नियमित उपयोग कर रहे हैं।
जलसंसाधन से सिंचाई की सुविधा
कूप निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद से इस गहरे कुंए में भरपूर जलभराव है। राधेष्याम ने बताया कि अब वह अपने बाड़ी में अलग-अलग फसलें ले रहे है। सिंचाई की सुविधा मिल जाने से उन्होने अपने चार एकड़ खेतों के लिए धान की नर्सरी समय पर लगाई और इस साल उनकी धान की फसल से बंपर पैदावार की उम्मीद है। अब वह अपने खेतों में रबी की फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं। एक संसाधन ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि राधेश्याम साहू जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : राधेश्याम को मिला दैनिक उपयोग के लिए जल, खेतों की सिंचाई से दोहरा लाभ
पहले सिर्फ दैनिक उपयोग के लिए जल की समस्या से जूझ रहे एक किसान परिवार को कूप निर्माण की मदद से दोहरा लाभ होने लगा है। पहले केवल दैनिक निस्तार के लिए राधेष्याम के परिवार को अपने घर से दूर जाकर पानी लाना पड़ता था ऐसे मे ंसिंचाई की सुविधा के लिए तो वह सोच भी नहीं सकते थे। लेकिन मनरेगा के तहत हितग्राही मूलक कूप निर्माण कार्य से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आ गया है। अब उनके पास भरपूर मात्रा में जल उपलब्ध है जिससे उनकी दैनिक समस्या का निराकरण हुआ है और वह अपनी बाड़ी में भरपूर फसलें ले रहे हैं।
जलसंकट थी समस्या
कोरिया जिले के ग्राम पंचायत कैलाशपुर के आश्रित ग्राम ओरगईं में रहने वाले राधेश्याम साहू का परिवार जलसंकट से जूझ रहा था। उनके पास कोई जलसंसाधन ना होने से वह अपने घरेलू उपयोग और पेयजल के लिए भी घर से दूर एक हैंडपंप पर आश्रित थे। ऐसे में उनके घर के पास लगी लगभग एक एकड़ की बाड़ी भी बंजर पड़ी रहती थी। उससे यह परिवार कोई लाभ नहीं ले पाता था। ऐसे में मनरेगा के तहत बने कूप ने उनके जीवन में बदलाव की राह बना दी।
गहरे कूप में भरपूर जल
हितग्राही श्री राधेष्याम के आवेदन पर ग्राम पंचायत द्वारा उनके निजी भूमि में एक कूप निर्माण कार्य को प्रस्तावित किया गया। प्रषासकीय स्वीकृति के बाद लगभग ढाई लाख रूपए की लागत से राधेश्याम के बाड़ी में एक गहरे कुंए का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया। समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने से अब राधेष्याम के पास भरपूर जल है। इसका वह दैनिक जीवन में नियमित उपयोग कर रहे हैं।
जलसंसाधन से सिंचाई की सुविधा
कूप निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद से इस गहरे कुंए में भरपूर जलभराव है। राधेष्याम ने बताया कि अब वह अपने बाड़ी में अलग-अलग फसलें ले रहे है। सिंचाई की सुविधा मिल जाने से उन्होने अपने चार एकड़ खेतों के लिए धान की नर्सरी समय पर लगाई और इस साल उनकी धान की फसल से बंपर पैदावार की उम्मीद है। अब वह अपने खेतों में रबी की फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं। एक संसाधन ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि राधेश्याम साहू जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।
कोरिया : ’आशीर्वाद का दीया’ में जिलेवासी निभाएं सहभागिता- विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े
सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर बैकुंठपुर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े ने क्षेत्र एवं जिलेवासियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है।
विधायक श्री राजवाड़े ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने घर, प्रतिष्ठान, कार्यालय एवं संस्थान में एक दीया अवश्य प्रज्वलित करें और इस सामूहिक दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का हिस्सा बनें।
उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को अभिव्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोरिया जिले में 17 सितंबर को जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, अमृत सरोवरों और प्रमुख स्थलों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता से यह आयोजन जिले में जनभागीदारी का व्यापक संदेश देगा।
विधायक श्री राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक परिवार द्वारा जलाया गया एक दीप इस सामूहिक आयोजन में सहभागिता का प्रतीक बनेगा। उन्होंने क्षेत्र एवं जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ इस आयोजन में सहभागी बनें तथा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में कायाकल्प राज्य स्तरीय टीम द्वारा विस्तृत मूल्यांकन एवं निरीक्षण सम्पन्न
स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, मरीज सुविधाओं सहित विभिन्न गुणवत्ता मानकों का किया गया बारीकी से अवलोकन
कोरिया 11 सितम्बर 2026
जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में कायाकल्प अभियान अंतर्गत गुरुवार को राज्य स्तरीय मूल्यांकन टीम द्वारा अस्पताल का विस्तृत मूल्यांकन एवं स्थलीय निरीक्षण किया गया। राज्य स्तरीय टीम के जिला अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल प्रबंधन एवं समस्त स्टाफ द्वारा स्वागत किया गया।
कायाकल्प मूल्यांकन के लिए गठित राज्य स्तरीय टीम में डॉ. टी. के. टोंडर, उप संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ. नेतराम बेक, उप संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, श्री आनंद साहू, कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम, श्री महेश सिंह, राज्य सलाहकार, एनएचएम, श्री आसिम एक्का, संभागीय सलाहकार, एनएचएम तथा डॉ. उरया नाग, एचएसओ एण्ड डब्लूएचओ रायपुर शामिल रहे।
मूल्यांकन कार्यक्रम की शुरुआत जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली तथा कायाकल्प अभियान के अंतर्गत की गई तैयारियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण से हुई। हॉस्पिटल कंसल्टेंट द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अस्पताल में स्वच्छता एवं हाइजीन, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, मरीजों की सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, शौचालय व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण, अग्नि सुरक्षा, रिकॉर्ड एवं दस्तावेज संधारण तथा गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी टीम को दी गई।
इसके पश्चात राज्य स्तरीय मूल्यांकन टीम ने जिला अस्पताल के विभिन्न विभागों, वार्डों एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान टीम द्वारा स्वच्छता एवं सैनिटेशन, इंफेक्शन प्रिवेंशन एवं कंट्रोल, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, दवाओं एवं उपकरणों का रखरखाव, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, जल एवं विद्युत व्यवस्था, अस्पताल परिसर का सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्र, रिकॉर्ड संधारण तथा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुपालन का बारीकी से अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों को बेहतर, सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को टीम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, संक्रमण की रोकथाम, बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन, मरीजों की सुविधाओं में सुधार तथा सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण विकसित करने की दिशा में किए गए कार्यों का भी अवलोकन किया गया।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल, त्डव् डॉ. कार्तिकेय सिंह, बीएमओ डॉ. अनित बक्सला (पोड़ी बचरा) सहित विभिन्न वार्डों के प्रभारी, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मूल्यांकन टीम को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ निरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कायाकल्प मूल्यांकन कार्यक्रम के दौरान अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा समन्वित रूप से व्यवस्थाओं को प्रस्तुत किया गया। स्वच्छ, सुरक्षित, व्यवस्थित एवं मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को मूल्यांकन के दौरान प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कायाकल्प अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण एवं गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल बैकुण्ठपुर में भी इन मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता, समन्वय एवं टीम भावना के साथ कायाकल्प राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं निरीक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
जोखिमपूर्ण भवनों की जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय रहते करें आवश्यक कार्रवाई - कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव’
’छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल एवं बड़े शैक्षणिक भवनों का कराएं तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट’
’अवैध एवं मिलावटी शराब के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश’
कोरिया 11 सितम्बर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और नागरिकों की सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्रीमती यादव ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल, छात्रावास, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्रों तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। निरीक्षण के दौरान भवन की संरचनात्मक स्थिति, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, निकासी मार्ग सहित विद्यार्थियों एवं नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक मानकों की जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन भवनों की स्थिति जर्जर अथवा जोखिमपूर्ण पाई जाती है, उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। ऐसे भवनों में बच्चों, विद्यार्थियों अथवा नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’घटना के बाद कार्रवाई नहीं, पहले से जोखिम की पहचान जरूरी’
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित खतरों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त किया जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों, छात्रावासों एवं सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों को केवल चिन्हित करने के बजाय उनके निराकरण की भी नियमित समीक्षा की जाए।
’अवैध एवं मिलावटी शराब के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई के निर्देश’
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले में अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस तथा जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने कहा।
उन्होंने निर्देशित किया कि अवैध शराब के निर्माण अथवा बिक्री की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच एवं निगरानी बढ़ाई जाए। अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
’सीमावर्ती क्षेत्रों एवं परिवहन मार्गों पर बढ़ाएं निगरानी’
कलेक्टर ने दूसरे राज्यों से जिले में अवैध शराब की संभावित आवक को रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों तथा प्रमुख परिवहन मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। पुलिस एवं आबकारी विभाग को आपसी समन्वय से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त जांच एवं कार्रवाई करने कहा गया।
’लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही’
कलेक्टर श्रीमती यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्परता, सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सेवा संकल्प अभियान में सहभागी बनें, सेवा और जनभागीदारी से विकसित कोरिया के संकल्प को साकार करें - कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव’
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होंगे सेवा एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम’
कोरिया 11 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शासकीय कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का सामूहिक प्रयास है।
कलेक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान गांव, वार्ड, विकासखंड एवं जिला स्तर पर विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ अभियान का शुभारंभ होगा। उन्होंने जिलेवासियों से आग्रह किया कि इस अवसर पर अपने घर, प्रतिष्ठान या संस्था में आशीर्वाद एवं शुभकामना के प्रतीक के रूप में एक दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराएं।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत विभिन्न दिवसों में ‘सेवा सेतु’, स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, ‘आंगन उत्सव’, जनजागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक गतिविधियां, नुक्कड़ नाटक, ‘सेवा ज्योति यात्रा’ एवं बाइक रैली सहित अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
’हर वर्ग की सहभागिता से अभियान बनेगा जनआंदोलन’
कलेक्टर श्रीमती यादव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, रंगकर्मियों, साहित्यकारों, किसानों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की भागीदारी से सेवा संकल्प अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद की सहायता करना, पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना तथा समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा छोटा-सा प्रयास किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
’योजनाओं से बदली जिंदगी की कहानियां सामने लाने पर पहल’
कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अनेक परिवारों के जीवन में उम्मीद और खुशहाली की नई रोशनी आई है। किसी किसान को सिंचाई की सुविधा मिली, किसी परिवार को पक्का आवास मिला, किसी महिला को आर्थिक संबल मिला, किसी युवा को रोजगार एवं स्वरोजगार का अवसर मिला, तो किसी जरूरतमंद को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिला है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से ऐसे सकारात्मक बदलाव और सफलता की कहानियों को समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके हितग्राहियों की प्रेरक कहानियां अन्य पात्र नागरिकों तक पहुंचे और वे भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।
’विकसित कोरिया से विकसित भारत की ओर’
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि सेवा, सहयोग और जनभागीदारी को एक साथ जोड़कर कोरिया जिले को विकास, संवेदना और सहभागिता की नई पहचान दी जा सकती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ें, सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
उन्होंने कहा कि आपकी सक्रिय सहभागिता ही इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। आइए, सेवा संकल्प अभियान से जुड़ें और शासन की योजनाओं से जीवन में आए सुखद बदलाव की नई कहानियां मिलकर लिखें।
’पिकअप से अवैध शराब बेच रहे आरोपी को आबकारी विभाग ने किया गिरफ्तार’
’6.09 लीटर अवैध शराब और पिकअप वाहन जब्त, आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया’
कोरिया 09 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई करने के निर्देश आबकारी विभाग को दिए हैं। निर्देशों के पालन में जिला आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 124 आपराधिक प्रकरणों में 306 लीटर अवैध शराब तथा 280 किलोग्राम शराब निर्माण सामग्री (लाहन) जब्त की गई है। साथ ही अवैध शराब के परिवहन में प्रयुक्त एक पिकअप, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी सहित चार वाहन भी जब्त किए गए हैं।
इसी क्रम में आबकारी विभाग को बंजारीडांड से सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप वाहन के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर अवैध शराब पहुंचाकर बिक्री की जा रही है। सूचना पर आबकारी टीम ने तत्काल वाहन की लोकेशन पता कर मौके पर पहुंचकर गवाहों की उपस्थिति में पिकअप वाहन क्रमांक सीजी 16 सीएच 9445 की विधिवत तलाशी ली।
तलाशी के दौरान चालक की सीट के पास रखी बोरी में 26 बोतल अवैध शराब पाई गई। इनमें 21 पाव गोवा व्हिस्की, 2 पाव देशी मदिरा प्लेन तथा 3 बोतल कंगारू बीयर शामिल थीं। पूछताछ में वाहन चालक राधेश्याम ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से ग्राहकों की मांग पर शराब दुकानों से शराब की बोतलें लाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। उसने यह भी बताया कि घटना के दिन कुछ बोतलें जंगल क्षेत्र में ग्राहकों को बेचकर आया था।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने वाहन जब्त कर प्रकरण की विवेचना की। आरोपी राधेश्याम पिता शिवप्रसाद तेली, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बंजारीडांड, थाना पोड़ी-बचरा, जिला कोरिया के विरुद्ध 6.09 लीटर अवैध शराब के परिवहन एवं बिक्री के मामले में छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय बैकुंठपुर में प्रस्तुत किया गया। सीजेएम न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में कोरिया जेल भेजने का आदेश दिया।
’5 लीटर से अधिक अवैध शराब परिवहन पर वाहन राजसात करने का प्रावधान’
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 5 लीटर से अधिक मात्रा में अवैध शराब के परिवहन के मामलों में जब्त वाहन को राजसात करने के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 47 के तहत प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है। दोषसिद्धि होने पर आरोपी को एक से तीन वर्ष तक के कारावास तथा 25 हजार से 1 लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है। अपराध की पुनरावृत्ति पर दो से पांच वर्ष तक का कारावास तथा 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
’कैशलेस व्यवस्था की ओर बढ़ रहा आबकारी विभाग’
आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकानों में ऑनलाइन एवं कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्राहकों को दुकानों पर यूपीआई, बारकोड और एटीएम के माध्यम से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालांकि कुछ दुकानों में नेटवर्क संबंधी समस्या भी सामने आती है। आबकारी अधिकारी ने जानकारी दी है कि ग्राहक ‘मनपसंद’ मोबाइल एप के माध्यम से जिलेवार, दुकानवार, ब्रांडवार एवं लेबलवार विक्रय दर की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बोतल पर लगे होलोग्राम को स्कैन कर ग्राहक दुकान का नाम, विक्रय दर के साथ-साथ बोतल के ओरिजनल अथवा डुप्लीकेट होने की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। डुप्लीकेट शराब पाए जाने पर ग्राहक उसका वीडियो बनाकर ‘मनपसंद’ एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई कर शिकायतकर्ता को इसकी सूचना दी जाती है।
आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण, बिक्री अथवा परिवहन की सूचना देने के लिए व्हाट्सऐप नंबर 9424102102 जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर अवैध शराब से संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं।
’बिना सूचना छात्र के आश्रम से अनुपस्थित रहने पर अधीक्षक निलंबित’
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने की कार्रवाई, उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं देने पर जताई नाराजगी’
’एसडीएम सोनहत को पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश, जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई’
कोरिया 09 सितम्बर 2026/
आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला में छात्र के बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने तथा इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देने के मामले को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने गंभीरता से लिया है।
कलेक्टर ने आश्रम अधीक्षक श्री अशोक एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सोनहत को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 08 सितंबर 2026 को आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला के छात्र प्रिंस, पिता बिजेन्द्र सिंह, कक्षा 4वीं, सुबह 7 बजे से बिना किसी सूचना के आश्रम में उपस्थित नहीं था। छात्र के आश्रम में नहीं होने की जानकारी आश्रम अधीक्षक श्री अशोक एक्का द्वारा उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए कलेक्टर ने कार्रवाई की है।
कलेक्टर ने श्री अशोक एक्का के उक्त कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
’एसडीएम सोनहत करेंगे पूरे मामले की जांच’
कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सोनहत को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच में छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की परिस्थितियों, आश्रम प्रबंधन की भूमिका तथा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
निलंबन अवधि में श्री अशोक एक्का का मुख्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, कोरिया कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। निलंबन आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा।
कलेक्टर ने आश्रमों एवं छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, नियमित उपस्थिति और सतत निगरानी को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं देखरेख में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी -कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए आवेदन 30 सितंबर तक
कोरिया, 08 सितंबर 2026
जवाहर नवोदय विद्यालय पार्श्व चयन परीक्षा के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2027-28 में कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश के लिए निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 8वीं तथा कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए कक्षा 10वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन के पात्र हैं। विद्यार्थी इंटरनेट सुविधा वाले कंप्यूटर अथवा मोबाइल के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर एवं सेवा सेतु केंद्र (लोक सेवा केंद्र) के माध्यम से भी निःशुल्क आवेदन किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट-https://navodaya.gov.in/तथा कक्षा 9वीं के लिए आवेदन लिंकhttps://cbseitms.nic.in/2026/nvsix_9व कक्षा 11वीं आवेदन लिंक
https://cbseitms.nic.in/2026/nvsxi_11
है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 जबकि परीक्षा तिथि 10 अप्रैल 2027 है। सहायता केन्द्र जवाहर नवोदय विद्यालय, केनापारा, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया है। विद्यालय प्रबंधन ने पात्र विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्राप्त हो सके।