कोरिया : आदिवासी नवलसाय के परिवार में खुशहाली का कारण बनी आजीविका की डबरी
कोरिया जिले के दूरस्थ गांव सलगंवाखुर्द में रहने वाले आदिवासी परिवारों के लिए परंपरागत खेती और वनोपज ही मुख्य साधन हैं। अधिकांश किसान परिवारों की तरह नवलसाय का परिवार भी वर्षों से वन के किनारे बसा हुआ हैं। उनके पास खेत तो थे लेकिन सिंचाई की सुविधा न होने से उन्हें मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन नवलसाय के खेती के कार्य को अब फायदेमंद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद नवलसाय ने अपने पांच एकड़ खेतों में धान की फसल की खेती कर ली है।
असमय बारिश से सिर्फ नुकसान
कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम संलगंवाखुर्द में रहने वाले नवलसाय के पास केवल कृषि ही आजीविका का साधन है। उनके पास लगभग पांच एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी से उन्हे कोई विशेष लाभ नहीं हो पाता था। लेकिन जब से डबरी का कार्य पूरा हुआ है वह सिंचाई की सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
डबरी से राह हुई आसान
वनवासी किसान श्री नवलसाय ने बताया कि वह सिंचाई के साधन के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन पास में कोई प्राकृतिक जल संसाधन नहीं होने से उनकी समस्या बनी हुई थी। ऐसे में ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती नवलसाय के परिवारजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।
सिंचाई के साथ मछलीपालन
नवलसाय ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए दो किलोबीज डाल चुके हैं। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। नवलसाय ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार सब्जियों की फसल लगाने को तैयार हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है। अब उनका परिवार बेहतर आजीविका के ससाधनों की ओर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि नवलसाय जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।