छत्तीसगढ़ / नारायणपुर
नारायणपुर जिले के 14 शिक्षकविहीन स्कूलों को मिले शिक्षक, बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
नारायणपुर जिले के 14 शिक्षकविहीन स्कूलों को मिले शिक्षक, बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति का सकारात्मक असर अब अबुझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के सुदूर और पहुँचविहीन गांवों में वर्षों से शिक्षकविहीन चल रहे विद्यालयों में अब योग्य शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। इससे इन क्षेत्रों में शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदल रही है और विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा की सौगात मिल रही है।
132 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, शिक्षा में आया संतुलन
जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद ने बताया कि जिले में कुल 132 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इसमें 1 व्याख्याता, 49 शिक्षक, 10 प्रधानपाठक और 72 सहायक शिक्षक शामिल हैं। जिले के 14 प्राथमिक शालाएं जो पूरी तरह शिक्षकविहीन थीं, अब उनमें शिक्षकों की नई पदस्थापना की गई है। साथ ही 108 एकल शिक्षक प्राथमिक शालाएं और 5 माध्यमिक शालाएं भी अब शिक्षकों की उपलब्धता से लाभान्वित हो चुकी हैं।
दूरस्थ इलाकों के स्कूलों को मिली नई ऊर्जा
ग्राम जड्डा, धोबिनपारा, ईकरभट्टी, मोहनार, कस्तुरमेटा, गट्टाकाल, हिरंगई, नेलांगुर, ताड़ोबेडा, पुसालामा और पदमेटा जैसे दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में अब शिक्षक पदस्थ हो चुके हैं। साथ ही जबगुंडा, थुलथुली, रेकावाया, लंका, काकवाड़ा, पुंगारपाल, हितवाड़ा जैसे कई उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इससे इन स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिली है और बच्चों की उपस्थिति में सुधार देखा जा रहा है।
शिक्षकों और पालकों को मिली राहत
पूर्व में शिक्षकविहीन स्कूलों में अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को अतिरिक्त भार लेकर पढ़ाना पड़ता था। इससे न केवल अध्यापन प्रभावित होता था, बल्कि पालक भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। अब नई पदस्थापना से शिक्षकों पर से बोझ कम हुआ है और पालकों में भी संतोष का वातावरण है।
सशक्त हो रही है शिक्षा व्यवस्था
शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने यह सिद्ध किया है कि सही योजना, निष्पक्ष क्रियान्वयन और दूरदर्शिता के साथ अगर काम किया जाए, तो सबसे कठिन क्षेत्रों में भी शिक्षा की रोशनी पहुँचाई जा सकती है। नारायणपुर जिले के उदाहरण से स्पष्ट है कि अब अबुझमाड़ जैसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी शिक्षा के क्षेत्र में ठोस बदलाव संभव है।
जिले के 4 हजार 351 किसानों को 25 करोड़ 66 लाख रुपए से अधिक का ऋण वितरण
नारायणपुर । जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर खेती-किसानी ने जोर पकड़ लिया है। जिला प्रशासन किसानों को खाद और बीज की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में लगातार जुटा हुआ है। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले में खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज का भंडारण कर लिया गया है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खरीफ सीजन के लिए 40 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 4 हजार 351 किसानों को कुल 25 करोड़ 66 लाख 38 हजार रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। प्रशासन की इस सक्रियता से जिले के किसान खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर उत्साहित हैं। ऋण और संसाधनों की उपलब्धता से खेती के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में खरीफ सीजन को लेकर किसानों की तैयारियाँ जोरों पर हैं। प्रशासन द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी व एमओपी सहित कुल 2,579.740 मेट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से अब तक 2,041.365 मेट्रिक टन खाद किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार बीज वितरण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। अब तक 1,358.900 मेट्रिक टन बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,318.400 मेट्रिक टन बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कृषि, मार्कफेड और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने उप संचालक कृषि को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ममगाईं ने किसानों से अपील की है कि वे साख समितियों से सुचारू रूप से खाद प्राप्त करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खाद की कालाबाजारी या अनियमितता करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने किया ईरकभट्टी प्राथमिक शाला का निरीक्षण
नारायणपुर । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह, जेल, पंचायत, ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विजय शर्मा एवं संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जिले के नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत संचालित ग्रामों का दौरा किया। उन्होंने ओरछा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कच्चापाल के आश्रित ग्राम ईरकभट्टी पहुंचकर प्राथमिक शाला निरीक्षण किया। मंत्रियों ने स्कूल के बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका परिचय पूछते हुए उत्साहवर्धन किया।
बच्चों से खुश होकर मंत्रियों ने कहा कि खूब पढ़ें और अपने क्षेत्र के साथ साथ राज्य का नाम भी रोशन करें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिहं मण्डावी, अध्यक्ष जनपद पंचायत ओरछा नरेश कोर्राम, उपाध्यक्ष मगंड़ूराम नूरेटी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुन्दरराज पी., कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, सहायक आयुक्त राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री एवं वनमंत्री ने ईरकभट्टी के जन चौपाल में हुए शामिल
नारायणपुर । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह, जेल, पंचायत, ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विजय शर्मा एवं संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने ईरकभट्टी के जनचौपाल में शामिल होकर ग्रामीणों से राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बस्तर संभाग के विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत सरपंच सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों में प्रमुखता से आदिवासियों की बहुलता बताई। उन्होंने नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजना जैसे सड़क, पुल पुलिया, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, मोबाईल टावर, बिजली, पेयजल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास निर्माण आदि की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप किये जा रहे कार्यों का जानकारी लेते हुए कहा कि किसी के झांसे में नहीं आना है और सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों को पूर्ण करने में सहयोग करने की बात कही।
उन्होंने ग्राम ईरकभट्टी की जनसंख्या एवं गांव में निवास करने वाले परिवारों की जानकारी ली। उन्होंने गांव के सभी माताओं को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। गांव की माताओं के द्वारा महतारी वंदन की राशि निकालने हेतु जिला मुख्यालय नारायणपुर जाना पड़ता है इसके लिए गांव में ही सीएससी सेंटर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में ईरकभट्टी पुलिस कैम्प स्थापित होने पर ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया जा रहा था, आज कि स्थिति में पुलिस कैम्प के माध्यम से गांव के बीमार व्यक्तियों को निःशुल्क ईलाज किया जा रहा है।
इससे ग्रामीणों में मानसिक रूप से परिवर्तन देखने को मिल रहा है। निश्चित ही नियद नेल्लानार योजनांतर्गत क्षेत्र के सभी ग्रामों को ईरकभट्टी के जैसे विकास किया जाएगा। जनचौपाल में समूह की महिलाओं के द्वारा उप मुख्यमंत्री शर्मा से राईस मिल खोलने की मांग किया गया। शर्मा ने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए घर में हांथ से कूटकर बनाई गई चांवल को पैकेजिंग कर उचित दामों में बेचने के लिए व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने ग्रामों में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास को बनाने के साथ साथ शौचालय भी बनाने के लिए अपील किया।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए रायपुर, जगदलपुर और दुर्ग में पढ़ाई करने के लिए रहने के लिए व्यवस्था करने की मांग किया गया। वन मंत्री केदार कश्यप ने जनचौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले क्षेत्र में सड़क निर्माण होने से क्षेत्र के विकास में सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र का विकास और तेजी से होगा। उन्होने तालाब निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए उपस्थित ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत कच्चापाल को जिले के मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसीत किया जाएगा, जिससे प्रभावित होकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने अपने ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार की योजनाओं को पंचायतों में प्राथमिकता के साथ निवासियों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कृति को बचाने के लिए परंपरा, रहन सहन, खान पान को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ग्राम पंचायत कच्चापाल के युवाओं को राजधानी रायपुर भ्रमण कराने का आश्वासन दिया। वन मंत्री कश्यप ने ग्रामीणों की मांग पर ईरकभट्टी में देवगुड़ी निर्माण और घोटूल में बाउंड्रीवाल निर्माण करने के लिए वनमण्डलाधिकारी को निर्देशित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिहं मण्डावी, अध्यक्ष जनपद पंचायत ओरछा नरेश कोर्राम, उपाध्यक्ष मगंड़ूराम नूरेटी, ग्राम पंचायत की सरपंच रजमा नुरेटी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुन्दरराज पी., कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुरिया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, वनमण्डलाधिकारी ससिगानंदन के, सहायक आयुक्त राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जिले में अब तक 105.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
नारायणपुर। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने बरसात के दिनों में सतर्कता बरतने के लिए सभी एसडीएम, तहसीलदारों को निर्देशित किया है, साथ ही वर्षा मापी यंत्र को दुरुस्त रखने के निर्देश दिये हैं। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर जिले में 30 जून तक 105.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। तहसील नारायणपुर में 24 मिलीमीटर, छोटेडोंगर में 27.8 मिलीमीटर, ओरछा में 17.6 मिलीमीटर और कोहकामेटा में 18.3 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। चालू मानसून के दौरान जिले में 01 जून से अब तक 105.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
अबूझमाड़ में दो महिला नक्सली ढेर
नारायणपुर । डीआरजी नारायणपुर, कोंडागांव और एसटीएफ ने अबूझमाड़ में बड़ा ऑपरेशन चलाया है, बीते रात से डीआरजी STF संयुक्त बल के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई, जिसमें दो महिला माओवादी के शव बरामद किए गए है।
बता दें कि फ़ोर्स को नक्सलियों के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की होने की आसूचना मिली थी। मुठभेड़ स्थल से 315 बोर राइफल और अन्य हथियार भी बरामद हुए हैं।
मामला कोहकामेटा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि कोहकमेटा इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी है। इसी सूचना के आधार पर नारायणपुर से DRG और कोंडागांव से STF के जवानों को नक्सल ऑपरेशन पर निकाला गया था।
बुधवार की रात जब जवान नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचे तो नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं सुबह जब जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो 2 नक्सलियों के शव बरामद हुए। आज सुबह भी गोलीबारी हुई है। फिलहाल फोर्स मौके पर मौजूद है।
खनिज के अवैध परिवहनकर्ता दीपक निषाद के विरुद्ध प्रकरण दर्ज
नारायणपुर। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार खनिज एवं राजस्व विभाग के संयुक्त जांच दल द्वारा 13 जून 2025 को जिले में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान गौण खनिज रेत का अवैध उत्खनन करते पाये जाने पर 02 हाईवा वाहन को जप्त कर पुलिस थाना एड़का की अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज के अवैध परिवहनकर्ता दीपक निषाद, नारायणपुर जिला, हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 18 एम 4477 तथा हाईवा वाहन क्रमांक सीजी 27 आर 7464 के विरूद्ध खनिजों के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है। अवैध परिवहन के कुल 02 प्रकरण को बिना वैध अभिवहन पास के वाहन चालकों द्वारा खनिजों का परिवहन करते पाये जाने पर खनिज मय वाहनों को जप्त किया गया .
उपरोक्त सभी प्रकरण में छ0ग0 गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 (5) एवं खान एवं खनिज विकास तथा विनियमन अधिनियम 1957 की धारा 21 (5) के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ममगाईं के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज अमलों द्वारा निरन्तर जांच किया जायेगा।
विभिन्न पुरस्कार हेतु आवेदन 26 तक
नारायणपुर। छत्तीसगढ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाडियों, प्रशिक्षकों तथा निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलकरण से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों, प्रशिक्षको और निर्णायकों को प्रदान किये जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाडियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया हो या अधिकृत अतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दश का प्रतिनिधित्व किया गया हो।
इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाडियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलकृत किया जाता है, जिनके द्वारा जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो। ऐसे खिलाडी जिन्होंने विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला, पुरूष खिलाडियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रशिक्षकों तथा निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलकृत किया जाता है। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबंधित ने ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो जिसके आधार पर उन्हें सम्मानित किये जाने हेतु विचार किया जाए, उन्हे शहीद विनोद चौबे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खिलाड़ियों से वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 हेतु शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौथे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, प्रेरणा निधि, डाईट मनी एवं नगद राशि प्रदान किए जाने हेतु 26 जून तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं योग्य खिलाड़ी इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालयीन अवधि में कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।
शिक्षा की रोशनी से दमकेगा बच्चों का भविष्य
नारायणपुर । जिले के ओरछा विकासखण्ड में बसा एक शांत और हरा-भरा गांव थुलथुली। चारों ओर घने जंगलों और पहाडिय़ों से घिरा यह गांव अपनी सादगी में बसी कहानियों का गवाह रहा है। यहां के बच्चे भी बाकी बच्चों की तरह हँसते-खेलते हैं, लेकिन उनकी हँसी स्कूल की दहलीज़ पर पहुंचते ही जैसे धीमी पड़ जाती थी। शासकीय बालक आश्रम शाला, थुलथुली में भवन तो था, कक्षाएँ थीं, पर शिक्षकों की कमी थी। स्कूल खुलता तो था, पर खाली कमरों में बच्चों के सपनों की आवाज़ खो जाती थी। माता-पिता चिंतित थे, वे चाहते थे कि उनके बच्चे पढ़ें-लिखें, जीवन में कुछ बनें। लेकिन शिक्षा, उनके लिए एक अधूरा सपना बन गई थी।
लेकिन कहते हैं अंधेरा चाहे जितना भी गहरा हो, एक छोटी सी रोशनी भी उसे चीर सकती है। इस रोशनी का नाम है युक्तियुक्तकरण। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई इस योजना का उद्देश्य है स्कूलों में बच्चों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना करना। यही योजना थुलथुली तक भी पहुँची और एक नई सुबह की शुरुआत हुई। इस बदलाव के नायक बने सहायक शिक्षक श्री शोभीराम मरकाम। पहले वे प्राथमिक शाला कुर्सीनवार में पदस्थ थे, लेकिन जैसे ही उन्हें थुलथुली में पदस्थापना का अवसर मिला, उन्होंने इसे केवल एक नौकरी नहीं, एक मिशन की तरह अपनाया। श्री मरकाम कहते हैं कि जब मुझे थुलथुली में पदस्थ होने का मौका मिला, तो लगा जैसे मेरे जीवन का उद्देश्य मिल गया।
उनका मानना है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है, बल्कि वह बच्चों को अनुशासन, नैतिकता और एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा दिखाती है। उन्होंने बच्चों को न केवल अक्षरज्ञान देना शुरू किया, बल्कि उनमें उम्मीदें जगाईं, सपनों के पंख दिए। शिक्षक मरकाम कहते हैं कि एक सच्चा शिक्षक वह होता है जो अपना सम्पूर्ण ज्ञान और क्षमता अपने शिष्य के भविष्य को निखारने में लगा दे। उनका परिवार भी उनकी इस नियुक्ति से खुश है, और गांव के लोग उन्हें आशा की किरण मानते हैं।
इस सफलता का श्रेय वे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को देते हैं, जिनकी पहल ने प्रशासनिक सुधार से बढ़कर एक सामाजिक बदलाव की शुरुआत की। शिक्षक शोभीराम नेताम भी मानते हैं कि युक्तियुक्तकरण उन गांवों में शिक्षा लौटा रही है। थुलथुली की कहानी आज केवल एक गांव की नहीं रही, यह एक विचार की कहानी है कि जब नीयत नेक हो और प्रयास सच्चे, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं होता। थुलथुली अब साक्षी है उस परिवर्तन की, जहाँ शिक्षकों की लगन से पूरे गांव की त$कदीर बदलेगी।
निचले स्तर की वास्तविकता से अवगत होने ग्रामीणों से अवश्य मिले : राज्यपाल डेका
नारायणपुर। प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब उसकी मॉनिटरिंग और फॉलोअप मैदानी स्तर पर हो। राज्यपाल ने कहा कि निचले स्तर की वास्तविकता से अवगत होने ग्रामीणों से अवश्य मिले और कमियों की जानकारी लें, साथ ही योजना अथवा गतिविधि के क्रियान्वयन की तुलनात्मक जानकारी भी प्राप्त करें।
बैठक के दौरान महामहिम राज्यपाल डेका ने विशेष रूप से जल संरक्षण पर फोकस करते हुए कहा कि जिले के शासकीय भवनों के साथ-साथ निजी भवनों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर की अनिवार्यता हो। डबरी, तालाब, चेक डैम में जल संचयन के अलावा बड़े स्तर के जलाशयों में भी जल स्तर बना रहे, इस पर पहल करने की जरूरत है। उन्होंने जिले को तीन सेक्टर शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास में बढ़ावा देने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि संवेदनशील जिले में समन्वय के साथ बेहतर कार्य कर रहे हैं। जंगल को बचाने के लिए अबुझमाड़ क्षेत्र के निवासियों में जागरूकता लाने की आवश्कता है। विभागीय समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के माध्यम से एनसीसी बच्चों की जानकारी ली तथा उन्हें जुड़ो सिखाने हेतु प्रोत्साहित करने निर्देशित किये। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेते हुए प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मिडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करने की बात कही। राज्यपाल ने महिलाओं को समूह के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों से जोड़कर कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। विशेष कर स्थानीय मांगों के अनुरूप गतिविधियां शुरू करने निर्देशित किये। उन्होंने जिले में बकरी एवं मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए विभागीय अधिकारियों को ग्रामीणों तक जानकारी पहुंचाने के लिए कहा। जिले में इसके अलावा रेडक्रॉस के माध्यम से स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं की स्क्रीनिंग कर सेहत व खानपान संबंधी जागरूक करने तथा सड़क सुरक्षा को कारगर बनाने यातायात नियमों के पालन के लिए स्कूलों व कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के साथ-साथ आमजनता को जागरूक करने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पहल किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम‘ कोई योजना नहीं, बल्कि मिशन है। पौधे लगाने के साथ ही उसके जीवित रहने पर भी उतना ही ध्यान दें और लोगों को पर्यावरण की मानव जीवन में महत्ता के लिए पेड़ों की आवश्यकता व उसके महत्व की जानकारी दें। उन्होंने सड़कों के किनारे, खाली जगहों पर पौधे लगाने के साथ-साथ शासकीय कार्यालयों में भी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित व सुरक्षित करने की बात जिला स्तरीय अधिकारियों से कही। इसके अलावा बारिश के पानी को संरक्षित करने ठोस कार्ययोजना बना कर, उसे अमल में लाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने योग को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी लेते हुए कहा कि योग में निरंतरता बहुत जरूरी है। इसी तरह टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर कहा कि जिले में प्रत्येक मरीज की नियमित स्क्रीनिंग व उपचार का सतत् फॉलोअप लें और पूरी निष्ठा से स्वास्थ्य विभाग का अमला अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन करे। इसके अलावा उन्होंने ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को पुनः स्कूलों में लाने, नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत नशे पर ठोस लगाम लगाने हेतु सतत् निगरानी और आदिवासी बाहुल्य नारायणपुर जिले में शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं को समाज के निचले स्तर पर विद्यमान लोगों तक पहुंचाने पर विशेष रूप से बल दिया। बैठक के उपरांत राज्यपाल रमेन डेका ने टीबी के मरीजों को निक्षय पोषण कीट वितरण किया एवं उनकों स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए समय पर दवाई लेने हिदायत दी।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो, डीएफओ ससिगानंदन के, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत् लगाया जामुन का पौधा
नारायणपुर । महामहीम राज्यपाल रमेन डेका ने जिले के एकदिवसीय प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय गार्डन में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ के तहत् जामुन का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, साथ ही सभी को अपने परिजनों के नाम पर पौधे लगाने प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, डीएफओ ससिगानंदन के, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
सुशासन तिहार में दिव्यांग सोनी कोर्राम एवं कारेबाई को मिला व्हीलचेयर
नारायणपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर पूरे प्रदेश में 8 अप्रैल से 31 मई तक तीन चरणों में सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसमस्याओं की त्वरित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार 29 मई को ओरछा में समाधान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत ढांेढरबेड़ा, कोडोली, मण्डाली, मुरूमवाड़ा, हिकुल, पिड़ियाकोट, थुलथुली, हांदावाड़ा, पोचावाड़ा, रेकावाया, डुंगा, जाटलूर, आदेर, ओरछा, गोमागाल, गुदाड़ी और लंका के ग्रामीणजन शामिल होकर अपनी अपनी समस्याओं का निराकरण कराया।
समाधान शिविर में ग्राम पंचायत मण्डाली के आश्रित ग्राम कोंयगेर निवासी सोनी कोर्राम और ओरछा निवासी दिव्यांजन कारेबाई को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से व्हीलचेयर प्रदाय किया गया, वे दोनो व्हीलचेयर पाकर गदगद हुए। सोनी कोर्राम और कारेबाई ने सुशासन तिहार के प्रथम चरण में सहायक उपकरण व्हीलचेयर के लिए आवेदन दिया था। सोनी कोर्राम और कारेबाई ने बताया कि विकलांगता के कारण चलने में असमर्थ थी, जिसके कारण उन्हें कही भी आने जाने और घर में हलचल करने में समस्या होती थी, जिसके लिए उन्होंने सुशासन तिहार में अपनी समस्या से अवगत कराते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा उनकी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनकी समस्या का निराकरण किया गया। सोनी कोर्राम और कारेबाई को 29 मई को ओरछा में आयोजित समाधान शिविर में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सहायक उपकरण व्हीलचेयर प्रदाय की।
व्हीलचेयर मिलने पर सोनी कोर्राम और कारेबाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें घर आस-पास आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सुशासन तिहार में अपनी समस्या के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
महतारी वंदन के सहयोग राशि से मनकाय कर रही किराने दुकान का संचालन
नारायणपुर । प्रदेश मे महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज मे महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा महतारी वंदन योजना लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओ को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
महतारी वंदन योजना ने आम महिलाओं को आत्मनिर्भर तथा स्वालंबन की दिशा में अग्रसर किया है। 1000 रूपये की प्रतिमाह प्रदाय राशि ने अनेक महिलाओं का जीवन बदल दिया, ऐसी ही जिले की ग्राम पंचायत कुंदला के आश्रित ग्राम बासिंग की श्रीमती मनकाय वडडे, पति रैजुराम वडडे जो अपने हुनर को आर्थिक तंगी के कारण अपने भीतर दबा कर रखी थी, महतारी वंदन योजना ने जीवन की दिशा बदल दी आर्थिक सक्षमता ने उड़ान भरी और हुनर उपयोग कर इच्छा शक्ति ने दिशा प्रदान किया और श्रीमती मनकाय वडडे ने महतारी वंदन के सहयोग मासिक राशि 1000 रूपये से किराना दुकान संचालन का कार्य प्रारंभ किया। आज आस पास के ग्रामों में उसकी मेहनत को पहचान मिलने लगी और मनकाय वड्डे आर्थिक रूप से सक्षम होकर प्रतिमाह लगभग 04 से 06 हजार रूपये तक की राशि आय के रूप में प्राप्त कर पा रही है। श्रीमती मनकाय वड्डे प्रदेश के यश्स्वी मुख्यमंत्री, विष्णु देव साय को धन्यवाद देती है कि आपने सपनों को पंख दिया।
अबूझमाड़ के बोटेर मुठभेड़ में बलीदानी डीआरजी के दो जवानों को दी गई अंतिम विदाई
नारायणपुर । नारायणपुर, बीजापुर,दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्र अंर्तगत अबूझमाड़ के बोटेर इलाके में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने 27 नक्सलियों को मार गिराया है। सभी 27 शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सलियों में 1.5 करोड़ का इनामी बसवा राजू भी शामिल है। इसी दौरन बुघवार शाम लगभग 7 बजे डीआरजी बीजापुर का जवान रमेश हेमला आईईडी की चपेट में आकर मौके पर बलीदान हो गया . इससे पूर्व कल प्रात. नक्सली हमले का बहादुरी से सामना करते हुए नारायणपुर जिले के औरछा थाना क्षेत्र के ग्राम भटबेडा निवासी, डीआरजी टीम का जवान खोटलूराम कोर्राम बलीदान हो गए। दोनों बलीदानी डीआरजी के जवानों का पार्थिव शरीर नारायणपुर जिला मुख्यालय लाया जाकर उन्हें आज गुरूवार को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
मुठभेड़ में मारा गया एक करोड़ का इनामी शीर्ष नक्सली बसव राजू
डीआरजी जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेरा, 26 से ज्यादा नक्सली ढेर...
नारायणपुर । नारायणपुर जिले में बुधवार को डीआरजी के जवानों ने बड़ा कारनामा कर दिखाया है। एंटी नक्सल ऑपरेशन में जिस नक्सली नेता की देश भर की सुरक्षा एजेंसियों को तलाश थी उसे DRG के जवानों ने मार गिराया। नक्सलियों का चीफ एक करोड़ के ईनामी नम्बाला केशव राव उर्फ बसव राजू उर्फ गगन्ना को मार गिराया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अबूझमाड़ इलाके में हो रही इस मुठभड़े में अब तक 26 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है। मुठभेड़ में एक जवान के बलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है।
नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है। माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है। बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है। डीआरजी के जावानों ने नक्सलियों के बड़े कमांडरों को घेर रखा है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। करीब 26 नक्ललियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है।
एक करोड़ का इनामी नक्सली भी हुआ ढेर
खबर मिल रही है कि इस मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी शीर्ष नक्सली बसव राजू भी मारा गया है। कई अन्य बड़े नक्सली नेताओं के भी मारे जाने की खबर है। मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। माड़ के दुर्गम इलाके में बुधवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण गोलीबारी जारी थी। इस अभियान को एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर अबूझमाड़ जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां उनका मजबूत गढ़ माना जाता है। इस सफलता से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
बसव राजू पर ही देशभर में नक्सल संगठन के संचालन की जिम्मेदारी थी। तो कहा जा सकता है कि, अबूझमाड़ में नक्सलवाद को गहरी चोट सुरक्षाबलों ने बुधवार की इस मुठभेड़ के जरिए पहुंचाई है। नक्सल संगठन के शीर्ष नेतृत्व को ढेर कर दिया गया है। इस मुठभेड़ में 26 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं, इनमें कई अन्य (CC) सेंट्रल कमेटी के मेम्बर्स के भी मारे जाने की खबर है। वहीं इस मुठभेड़ में 1 जवान घायल हुआ है, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस बल का 1 सहयोगी इस मुठभेड़ में शहीद हुआ है।
50 घंटे तक चला ऑपरेशन, 1 जवान घायल, 1 सहयोगी शहीद : गृहमंत्री
नक्सलियों के खिलाफ बस्तर में पुलिस को मिली इस सबसे बड़ी सफलता पर बात करते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि, नारायणपुर, बीजापुर के संयुक्त क्षेत्र में मुठभेड़ हुई है। श्री शर्मा ने बताया कि, 50 घंटों से सर्च ऑपरेशन चल रहा था। बड़े कैडर के नक्सलियों के मारे जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि, मुठभेड़ अब खत्म हो गई है, केवल मुठभेड़ स्थल पर सर्च ऑपरेशन जारी है। उन्होंने बताया कि, एक जवान घायल है लेकिन वह खतरे से बाहर है। वहीं पुलिस बल का एक यहयोगी इस मुठभेड़ में शहीद हुआ है। गृहमंत्री श्री शर्मा ने इस बड़ी सफलता पर सुरक्षा बलों के जवानों को बधाई दी है।
विस अध्यक्ष रमन सिंह ने दी बधाई
नारायणपुर में चल रहे ऑपरेशन में मारे गए 26 नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इस बड़े ऑपरेशन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी के घायल होने के अलावा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। मैं केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और विजय शर्मा जी को भी बधाई देता हूं।
सीएम साय ने भी जवानों को दी बधाई
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर लगातार कामयाबी मिल रही है। 27 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। इस सफल ऑपरेशन के लिये उन्होंने जवानों को बधाई दी है।
सुशासन तिहार में दिव्यांग नीलकंठ की समस्या पर हुई त्वरित सुनवाई
समाधान शिविर में प्रभारी सचिव ने सौंपी व्हीलचेयर, आवाजाही में अब नहीं होगी परेशानी
नारायणपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर पूरे प्रदेश में 8 अप्रैल से 31 मई तक तीन चरणों में सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसमस्याओं की त्वरित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करना है।
इसी कड़ी में नारायणपुर जिले के ग्राम एड़का निवासी दिव्यांग नीलकंठ ने सुशासन तिहार के पहले चरण में कृत्रिम उपकरण व्हीलचेयर के लिए आवेदन दिया था। नीलकंठ ने बताया कि विकलांगता के कारण चलने में असमर्थ था, जिसके कारण उन्हें कही भी आने जाने और घर में हलचल करने में समस्या होती थी, जिसके लिए उन्होंने सुशासन तिहार में अपनी समस्या से अवगत कराते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा उनकी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनकी समस्या का निराकरण किया गया। नीलकंठ को 09 मई को एड़का में आयोजित समाधान शिविर में प्रभारी सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने कृत्रिम उपकरण व्हीलचेयर प्रदाय की गई।
व्हीलचेयर मिलने पर नीलकंठ ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें अपने आस-पास में आने-जाने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सुशासन तिहार में अपनी समस्या के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
25 तक दावा आपत्ति
नारायणपुर । वनमण्डलाधिकारी जिला नारायणपुर में भारी एवं हल्का वाहन चालक के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती हेतु पात्र अभ्यर्थियों की वाहन चालन हेतु कौशल एवं प्रायोगिक परीक्षा 01 से 04 अपै्रल 2025 तक परीक्षा स्थल शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर के परेड ग्राउण्ड खेल मैदान में आयोजित की गई थी। परीक्षा उपरांत, परीक्षा परिणाम तैयार किया गया है।
परीक्षा परिणाम जारी कर विभागीय वेबसाईड www.cgforest.com में अपलोड़ कर दिया गया है, जो अभ्यर्थी को परीक्षा परिणाम के विरूद्ध दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना चाहते हैं वे 25 अपै्रल तक कार्यालयीन दिवस में प्रातः 10 बजे से सांय 5 बजे तक वनमण्डल कार्यालय नारायणपुर में उपस्थित होकर अथवा वनमण्डल नारायणपुर के ई-मेल dfonpurl@gmail.com/dfo-narayanpur.cg@ gov.in में अपना दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के पश्चात् प्रस्तुत दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।