छत्तीसगढ़ / रायपुर
सेवा, सुशासन और जनसंवाद के 12 वर्ष : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने वरिष्ठ नागरिक श्री रवि मिश्रा से की आत्मीय भेंट
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण और सांस्कृतिक चेतना को मिली नई दिशा
रायपुर, 22 जून 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘विशेष जनसंपर्क अभियान’ के अंतर्गत वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ में वरिष्ठ नागरिक एवं पुरातत्व के ज्ञाता श्री रवि मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने श्री मिश्रा का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया तथा उन्हें रामचरितमानस की प्रति भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजन अनुभव, ज्ञान और संस्कारों के अमूल्य स्रोत होते हैं। उनके मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को प्रेरणा और दिशा मिलती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विशेष जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा करना तथा उनके सुझाव प्राप्त करना है।
श्री रवि मिश्रा ने भी इस आत्मीय मुलाकात के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए देश के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के जैविक विष्णुभोग चावल की खुशबू पहुंची राजधानी रायपुर
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को भेंट किया गया महिला समूहों द्वारा उत्पादित विशेष चावल
श्री साव ने की ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना
रायपुर, 22 जून 2026
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा जैविक विष्णुभोग चावल अब राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह ने उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को जिले का प्रसिद्ध जैविक विष्णुभोग चावल भेंट किया। यह चावल अरपा बिहान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जैविक विधि से तैयार किया गया है।
इस अवसर पर श्री उपेन्द्र बहादुर सिंह ने उप मुख्यमंत्री को जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय स्तर पर पारंपरिक एवं विशिष्ट कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विष्णुभोग धान का जैविक उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और उनकी आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।
उन्होंने बताया कि महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद न केवल गुणवत्ता और शुद्धता के लिए पहचान बना रहे हैं, बल्कि स्थानीय कृषि परंपराओं को भी संरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ समूहों द्वारा उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे बाजार में उनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने महिला स्व-सहायता समूहों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं के ऐसे प्रयास आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ प्रदेश की विशिष्ट कृषि पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रहे हैं।
श्री साव ने जिले में संचालित इस अभिनव गतिविधि की प्रशंसा करते हुए महिला स्व-सहायता समूहों और जिला प्रशासन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा जैविक विष्णुभोग चावल आज ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय कृषि उत्पादों के संवर्धन का सफल उदाहरण बनकर उभर रहा है। यह पहल न केवल महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि जिले की विशिष्ट पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ने राजनांदगांव में 510 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रहा है राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री साय
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का प्रोत्साहन
सीएम हेल्पलाइन 1076, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और बिजली बिल समाधान योजना से जनता को मिल रही राहत
रायपुर, 22 जून 2026



किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और अन्य किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आम नागरिकों को बिजली बिल से दीर्घकालिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप आवास, बिजली, पानी, सड़क और डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामवासियों में जागृति लाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव महिला स्वहसहायता समूह की महिलाओं के साथ अप्रैल-मई की दोपहरी में यात्रा करती रही और एक अद्भुत कार्य किया गया। राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन होने से
फसल विविधीकरण के लिए किसान प्रेरित हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को मिनी किट वितरित किए गए।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर छत्तीसगढ़ से गूंजेगा हरित भारत का संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे 2036 पौधों के वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पलौद में होगा आयोजन
रायपुर, 22 जून 2026
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर 23 जून को छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीएसएफ कैंप, नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे होगा। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति से खिलाड़ियों, खेल संगठनों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ेगा।
2036 पौधों के रोपण का लक्ष्य
भारतीय ओलंपिक संघ के आह्वान पर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 2036 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
इस आयोजन के माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं को खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मानना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। इससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।
हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम खेल और प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा ‘हरित छत्तीसगढ़-हरित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।
नैनो उर्वरकों से खेती बन रही अधिक लाभकारी, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती
कम लागत, आसान उपयोग और बेहतर उत्पादन से किसानों का बढ़ रहा भरोसा
रायपुर, 22 जून 2026
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचार आधारित उर्वरकों के उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरक प्रदेश के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इनके उपयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ खेती की स्थिरता को भी बल मिल रहा है।
सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सरई टिकरा निवासी प्रगतिशील किसान श्री महेंद्र प्रसाद राजवाड़े ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों से वे धान, गेहूं तथा विभिन्न सब्जी फसलों में नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार इस तकनीक से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा खेती की लागत में भी कमी आई है।
श्री राजवाड़े ने बताया कि नैनो उर्वरकों का उपयोग सरल और सुविधाजनक है। कम मात्रा में उपयोग होने के कारण इसके परिवहन और भंडारण में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। छिड़काव के माध्यम से पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है और उनकी वृद्धि अधिक प्रभावी होती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों की उपयोग दक्षता पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में अधिक होती है। पर्णीय छिड़काव के माध्यम से पौधे पोषक तत्वों को सीधे ग्रहण कर लेते हैं, जिससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है और उत्पादन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो उर्वरकों का उपयोग किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो रहा है। कम परिवहन लागत, आसान उपयोग और बेहतर पोषण प्रबंधन के कारण किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर पा रहे हैं।
राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, नैनो उर्वरकों और आधुनिक खेती की तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इससे प्रदेश में टिकाऊ एवं उन्नत कृषि को बढ़ावा मिल रहा है।
श्री महेंद्र प्रसाद राजवाड़े ने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और नैनो उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है। उनका मानना है कि इससे न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता और कृषि भूमि की दीर्घकालीन उत्पादकता भी सुरक्षित बनी रहेगी। आधुनिक कृषि के इस मॉडल से किसान अधिक आय अर्जित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
विशेष लेख : ”नीली क्रांति” से समृद्धि की ओर: मछली पालन बना ग्रामीण विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार
- एल.डी.मानिकपुरी, डॉ. ओम प्रकाश डहरिया
(सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर, 22 जून 2026
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि के साथ-साथ सहायक व्यवसायों को भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन्हीं में से एक है मछली पालन, जो आज केवल भोजन का स्रोत नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुका है। कम लागत, कम समय में बेहतर उत्पादन और बाजार में लगातार बढ़ती मांग के कारण मछली पालन ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी किसानों से खेती को केवल धान उत्पादन तक सीमित न रखते हुए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे आयवर्धक व्यवसायों को अपनाने का आह्वान किया है। इसी सोच के अनुरूप भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही हैं, जिससे किसानों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसे सीमित भूमि और अपेक्षाकृत कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है। तालाब, जलाशय, नहर और अन्य जल स्रोतों का उपयोग कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। बढ़ती आबादी और पौष्टिक भोजन की मांग के कारण मछली की खपत लगातार बढ़ रही है। प्रोटीन, विटामिन और खनिजों से भरपूर मछली स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
मत्स्य पालन न केवल किसानों की आय बढ़ाता है, बल्कि मत्स्य बीज उत्पादन, आहार निर्माण, परिवहन, प्रसंस्करण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मत्स्य कृषकों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों के प्रसार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज उत्पादन, रोग नियंत्रण और विपणन संबंधी जानकारी दी जाती है। तकनीकी उन्नयन हेतु विशेष प्रशिक्षण भी संचालित किए जाते हैं। प्रगतिशील मत्स्य पालकों को राज्य के बाहर सफल मत्स्य पालन मॉडल देखने और नई तकनीकों को समझने के लिए अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाता है, जिससे वे अपने क्षेत्र में बेहतर तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
मत्स्य सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उत्पादन और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को नाव और जाल उपलब्ध कराकर पारंपरिक मछली पकड़ने की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आइस बॉक्स, तराजू और अन्य आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता से छोटे मछुआरों को बेहतर बाजार और अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को स्पॉन संवर्धन और झींगा सह मछली पालन के लिए विशेष सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। भारत सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, रोजगार सृजन और मछुआरों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से संचालित इस योजना के तहत अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मत्स्य बीज उत्पादन बढ़ाने तथा नए तालाबों के निर्माण के लिए आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मत्स्य पालन के लिए आधारभूत संरचना मजबूत हो रही है। मछलियों की बेहतर वृद्धि के लिए संतुलित आहार व्यवस्था, रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) जैसी आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सजावटी मछली पालन इकाइयों तथा जलाशयों में केज कल्चर को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। शीत संयंत्र, प्रशीतित वाहन, आइस बॉक्स युक्त मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा और लाइव फिश सेंटर जैसी सुविधाओं से मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए बेहतर विपणन सुनिश्चित किया जा रहा है। मत्स्यजीवियों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। बंद अवधि के दौरान मछुआरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए बचत सह राहत योजना संचालित है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार का भी योगदान रहता है। दुर्घटना, मृत्यु या अपंगता की स्थिति में मछुआरों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए समूह बीमा योजना लागू है, जिससे संकट की घड़ी में उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके।
मछली पालन आज ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। सरकार की विभिन्न योजनाएँ किसानों, युवाओं, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लोगों को स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान कर रही हैं। आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएँ सृजित हो रही हैं। यदि किसान और इच्छुक हितग्राही इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो वे अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मछली पालन न केवल आय बढ़ाने का साधन है, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
नैनो उर्वरक के प्रयोग से युवा किसान पुनम की खेती बनी लाभकारी
रायपुर , 22 जून 2026
’ ग्राम दावड़ीबेड़ा (चिखलपुटी) के युवा किसान पुनम नेताम आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं। उन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर अपनी फसलों में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया है। पिछले दो वर्षों से वे धान, मक्का और सब्जियों की खेती में नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
कोंडागांव जिले के किसान पुनम नेताम ने बताया कि गत वर्ष उन्होंने 10 एकड़ भूमि में मक्का की खेती की थी। नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि अच्छी हुई और उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। उनका कहना है कि नैनो उर्वरक का छिड़काव सीधे पौधों की पत्तियों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्व शीघ्रता से पौधों तक पहुंचते हैं। इससे उर्वरक की उपयोग क्षमता बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से समय के साथ मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
पुनम ने बताया कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने अन्य किसानों से भी वैज्ञानिक पद्धतियों और नैनो उर्वरकों के उपयोग को अपनाने की अपील की। राज्य एवं केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता तथा कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन से जिले के किसान आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर हो रहे हैं और खेती को अधिक लाभकारी बना रहे हैं।
हल्बा समाज संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय
रेवाडीह में सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख की घोषणा
रायपुर, 22 जून 2026

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है। समाज ने न केवल अपनी समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखा है, बल्कि देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
डॉ. सिंह रविवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज की मजबूत संगठनात्मक संरचना उसे देशभर में एक अलग पहचान दिलाती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तक हर क्षेत्र में प्रेरणादायी भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वनधन विकास केंद्र और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं पीएम जनमन धरती आबा उत्कर्ष ग्राम अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने तथा समाज की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
सुकमा में ‘खेती बचाओ अभियान’ के तहत जैविक एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित
सांसद श्री महेश कश्यप ने किसानों को वितरित किए कृषि इनपुट, मत्स्य पालकों को मिले जाल और आइस बॉक्स
सुकमा को जैविक जिला बनाने का किया आह्वान, 500 से अधिक किसानों ने लिया भाग
रायपुर, 22 जून 2026

सुकमा जिले में किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सुकमा के संयुक्त तत्वावधान में ‘खेती बचाओ अभियान’ के तहत एक दिवसीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
किसानों को मिला योजनाओं का लाभ
कार्यशाला में मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत किसानों और मत्स्य पालकों को आवश्यक सामग्री वितरित की। इस दौरान 4 मत्स्य पालकों को मत्स्याखेट के लिए आधुनिक जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किए गए, जिससे वे मछलियों का सुरक्षित भंडारण कर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का निःशुल्क वितरण किया गया, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में सहायता मिलेगी।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी, मछलीपालन एवं पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खाद निर्माण, फसल विविधीकरण, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी दी। किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर पर्यावरण-अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सुकमा को जैविक जिला बनाने का आह्वान
सांसद श्री महेश कश्यप ने किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा की तरह सुकमा को भी जैविक जिला बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं तथा कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी मार्गदर्शन से जिले के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
500 से अधिक किसानों ने लिया भाग
कार्यशाला में जिले के तीनों विकासखंडों से आए 500 से अधिक किसान भाई-बहनों ने सक्रिय सहभागिता की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर, सहायक संचालक मछलीपालन श्री उदय सबनक तथा उप संचालक कृषि श्री पी.आर. बघेल के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
खेती बचाओ अभियान’ किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, लागत में कमी और उत्पादन में वृद्धि के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की
विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक
रायपुर, 22 जून 2026

मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है।
मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।
बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव श्री भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए रायगढ़ से 17 श्रद्धालु रवाना, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की तीर्थ यात्रा योजना से श्रद्धालुओं का सपना हो रहा साकार
रायपुर, 22 जून 2026

छत्तीसगढ़ सरकार की तीर्थ यात्रा योजना के तहत रायगढ़ जिले के 17 श्रद्धालु सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के लिए रवाना हुए। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने यात्रियों से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनकी सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रा योजना केवल यात्रा नहीं, बल्कि लोगों की वर्षों पुरानी धार्मिक आकांक्षाओं को पूरा करने का माध्यम बन रही है।
’श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, जताया सरकार के प्रति आभार’
सोमनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक एवं अन्य कारणों से कई लोगों के लिए देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता, लेकिन इस योजना ने उन्हें पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का अवसर प्रदान किया है। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।
’आस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं समाज के उन वर्गों तक भी धार्मिक अवसर पहुंचा रही हैं, जो सामान्य परिस्थितियों में ऐसे तीर्थ स्थलों की यात्रा नहीं कर पाते।
’श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई’
यात्रा रवाना होने से पूर्व श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने यात्रियों से संवाद कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं श्रद्धालुओं के परिजन उपस्थित रहे। सभी ने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए मंगलमय यात्रा के लिए विदाई दी। पूरे वातावरण में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिला।
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
रायपुर, 22 जून 2026
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा (अम्बिकापुर) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन उत्साह, अनुशासन और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय के सिटी ऑफिस, दर्रीपारा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन वैश्विक थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग) पर आधारित रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र लाकपाले ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तनावपूर्ण जीवनशैली में योग स्वस्थ, संतुलित एवं ऊर्जावान जीवन का आधार है। वृद्धावस्था में भी सक्रिय एवं स्वस्थ बने रहने के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए युवाओं से योग को अपनी जीवनशैली में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उन्हें स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन की दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम में योग विशेषज्ञ श्रीमती ममता तिवारी ने विशेष वक्ता के रूप में योग एवं प्राणायाम के वैज्ञानिक तथा व्यावहारिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न योगासनों की सही विधियों का प्रदर्शन करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास अनेक बीमारियों से बचाव, मानसिक शांति और दीर्घायु प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक श्री खेमकरण अहिरवार ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि योग स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक चेतना को भी सुदृढ़ करता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग के सकारात्मक संदेश को पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों ने योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से प्राणायाम, सूर्य नमस्कार तथा विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। पूरे आयोजन के दौरान स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर प्रोफेसर रोहिताश देशमुख, प्रोफेसर नीरज श्रीवास्तव, डॉ. रंजीत हरवंश, डॉ. हरिशंकर प्रसाद तोंडे, डॉ. रेशम प्रधान, डॉ. धीरज कुमार यादव, डॉ. अतुल कुमार वर्मा, श्री टैमन लाल देवांगन, श्री असीम, डॉ. समन नारायण उपाध्याय, डॉ. किशोर सिंह, डॉ. अमृता कुमारी पांडा, डॉ. प्रिया रॉय, श्री विवेक कृष्णा, श्री चौन सैय, श्री भुवन एवं श्री प्रकाशमणि सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
23 जून को धरसींवा में इकठ्ठे होंगे प्रदेशभर के पत्रकार
रायपुर: प्रदेश में लगातार पत्रकारों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई, बदले की नीयत से किये जा रहे फर्जी FIR और प्रताड़ना के खिलाफ प्रदेशभर के पत्रकार संगठन सामूहिक रूप से लामबंद हो रहे हैं, बस्तर में आंदोलन लगातार जारी है, बिलासपुर में भी पत्रकार साथियों ने एक दिवसीय प्रदर्शन कर आक्रोश जताया है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी दुर्लभ उड़न गिलहरी, संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता
स्वस्थ और समृद्ध वन पारिस्थितिकी तंत्र का मिला प्रमाण
रायपुर, 22 जून 2026

भारतीय उड़न गिलहरी (विशेषकर इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) एक दुर्लभ और निशाचर (रात में सक्रिय) जीव है स यह मुख्य रूप से घने जंगलों में पाई जाती है स छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में रिजर्व क्षेत्र में वन भ्रमण के दौरान दुर्लभ इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल (भारतीय उड़न गिलहरी) दिखाई दी है। इस दुर्लभ जीव की मौजूदगी को वन संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक आवासों के संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। वन विभाग द्वारा जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल बनता जा रहा है।
क्या है उड़न गिलहरी की विशेषता
पेड़ों के बीच हवा में करती है सफर इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल वास्तव में पक्षियों की तरह उड़ती नहीं है। इसके आगे और पीछे के पैरों के बीच विशेष झिल्ली होती है, जिसकी मदद से यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक आसानी से फिसलते हुए लंबी दूरी तय करती है।
रात में रहती है सक्रिय
यह एक रात्रिचर जीव है, जो दिन में पेड़ों के खोखलों में आराम करती है और रात के समय भोजन की तलाश में बाहर निकलती है।
स्वस्थ जंगलों की पहचान
उड़न गिलहरी केवल घने और प्राकृतिक रूप से सुरक्षित जंगलों में ही पाई जाती है। इसलिए इसका दिखाई देना इस बात का संकेत है कि उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व का वन क्षेत्र जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से समृद्ध है।
वन विभाग की प्रतिबद्धता को मिली नई पहचान
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप संचालक श्री वरुण जैन ने कहा कि उड़न गिलहरी का दिखाई देना वन विभाग के लिए गर्व का विषय है। यह रिजर्व क्षेत्र में किए जा रहे संरक्षण कार्यों की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और संरक्षण के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
जागरूकता और इको-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
वन विभाग का मानना है कि इस दुर्लभ प्रजाति के दस्तावेजीकरण से प्रदेश की जैव विविधता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय समुदायों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। इससे इको-पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर हुई और समृद्ध
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इंडियन फ्लाइंग स्क्विरल का दिखाई देना केवल एक वन्यजीव की उपस्थिति नहीं, बल्कि राज्य में चल रहे संरक्षण प्रयासों की सफलता की कहानी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि योजनाबद्ध संरक्षण, सतत निगरानी और वन विभाग की प्रतिबद्धता से दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ की यह प्राकृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संरक्षण और प्रेरणा का महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।
प्रदेश का सबसे मॉडल शहर बनेगा रायगढ़ : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर
मरीन ड्राइव, आईएसबीटी, ऑक्सीजोन और जल संरक्षण परियोजनाओं का लिया जायजा
रायपुर, 22 जून 2026

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मरीन ड्राइव, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी), एफसीआई ऑक्सीजोन, मिट्ठूमुड़ा तालाब, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन तथा कयाघाट पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थल पर पहुंचकर अवलोकन किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को प्रदेश के सबसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि सड़क, परिवहन, पर्यावरण, जल संरक्षण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी ये परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद रायगढ़ विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।

’नवंबर तक पूरा होगा मरीन ड्राइव’
प्रगति नगर स्थित निर्माणाधीन मरीन ड्राइव का निरीक्षण करते हुए वित्त मंत्री ने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य बॉक्स कल्वर्ट एवं डायवर्सन निर्माण कार्य समय पर पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और संबंधित एजेंसियों की सराहना की।उन्होंने कहा कि मरीन ड्राइव केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि रायगढ़ की नई पहचान बनने जा रही है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी, यातायात व्यवस्था सुगम होगी तथा नागरिकों को एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल भी मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को आगामी नवंबर तक परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।
’रायगढ़ को मिलेगा अत्याधुनिक बस टर्मिनल’
वित्त मंत्री ने निर्माणाधीन अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना आगामी चार दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड में एक साथ 30 बसों के संचालन की सुविधा होगी, जबकि अतिरिक्त 40 बसों के लिए भी पर्याप्त पार्किंग एवं स्थान आरक्षित रहेगा।
यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 550 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं बसों के रखरखाव और मरम्मत के लिए पृथक वर्कशॉप क्षेत्र भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बस टर्मिनल रायगढ़ को प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा तथा यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
’हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती’
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने एफसीआई परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट का भी अवलोकन किया। लगभग सात एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस हरित परिसर को उन्होंने रायगढ़ के पर्यावरणीय भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा के लिए ऑक्सीजोन में दो प्रवेश द्वार विकसित करने के निर्देश दिए। श्री चौधरी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में ऐसे हरित क्षेत्रों का विकास समय की आवश्यकता है। यह परियोजना शहरवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शहर में आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ-साथ हरित परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बस्तर संभाग में शुद्ध पेयजल के लिए सघन क्लोरीनेशन अभियान, 28 हजार से अधिक हैंडपंप होंगे जीवाणुमुक्त
विशेष संधारण अभियान से लगभग तीन हजार हैंडपंपों की हुई मरम्मत
रायपुर 22 जून 2026

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जगदलपुर मंडल द्वारा बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में सघन क्लोरीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। वर्षा ऋतु के पूर्व शुरू किए गए इस अभियान के तहत स्थापित हैंडपंपों और नल-जल योजनाओं का व्यापक स्तर पर क्लोरीनेशन किया जा रहा है।
महिला जल वाहिनी की सक्रिय भागीदारी
अभियान के दौरान मैदानी अमले द्वारा संबंधित क्षेत्रों के सभी गांवों में स्थापित पेयजल स्रोतों को जीवाणुरहित बनाने की प्रक्रिया की जा रही है। इसमें स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। जल प्रबंधन से अधिकतर महिलाओं के जुड़े होने के कारण महिला जल वाहिनी की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
जल प्रदाय टंकियों की हुई सफाई
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मंडरिया ने बताया कि आगामी 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के साढ़े 28 हजार से अधिक हैंडपंपों तथा एक हजार से अधिक नल जल योजनाओं के क्लोरीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही जल प्रदाय योजनाओं की जलापूर्ति टंकियों की सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
बदले गए 5 हजार से अधिक राइजर पाइप
अधीक्षण अभियंता श्री मंडरिया ने बताया कि क्लोरीनेशन अभियान के साथ-साथ हैंडपंपों की संधारण स्थिति की भी निगरानी की जा रही है। अप्रैल माह से चलाए गए विशेष संधारण अभियान के तहत लगभग तीन हजार हैंडपंपों की मरम्मत की गई तथा 5 हजार 600 से अधिक राइजर पाइप बदले गए हैं। वर्तमान में भी लगभग साढ़े पांच हजार से अधिक राइजर पाइप और अन्य आवश्यक स्पेयर पार्ट्स जिलों को उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आवश्यकता के अनुसार हैंडपंपों का सुधार कार्य जारी रखा जा सके।
सांसद श्री महेश कश्यप ने सुकमा जिला अस्पताल का किया निरीक्षण
‘मिशन दृष्टि’ के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुके मरीजों को वितरित किए फल
अप्रैल से अब तक 152 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन
रायपुर, 22 जून 2026

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने रविवार को सुकमा जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
नेत्र रोग वार्ड पहुंचकर मरीजों का बढ़ाया उत्साह
निरीक्षण के दौरान सांसद श्री कश्यप ने जिला अस्पताल के नेत्र रोग वार्ड का अवलोकन किया। यहां उन्होंने ‘मिशन दृष्टि’ योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुके मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों को फल वितरित कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दीं।
जगरगुंडा क्षेत्र के मरीजों को मिल रहा लाभ
सांसद ने विशेष रूप से जगरगुंडा क्षेत्र के दूरस्थ, संवेदनशील और वनांचल इलाकों से आए 42 मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि उन्हें शासन की ओर से निःशुल्क उपचार, दवाएं, भोजन और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।
152 सफल ऑपरेशन, स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ा विश्वास
जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू देवांगन के नेतृत्व में अप्रैल 2026 से अब तक कुल 152 मरीजों के सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था को दर्शाती है।
अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मिशन दृष्टि’ जैसी पहलें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं की नई मिसाल बना सुकमा
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में भी लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिल रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे तथा श्री अरुण सिंह भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।