छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
बाइक अनियंत्रित होने से युवक की मौत
राजनांदगांव। सुरगी इलाके में तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई। हादसे में बाइक चला रहे युवक को सिर पर गंभीर चोटें आई थी, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया।
घटना शाम की है। सुरगी पुलिस ने बताया कि बालोद जिले के ग्राम संकरी में रहने वाला 37 वर्षीय तेजराम साहू अपनी बाइक से राजनांदगांव आ रहा था।
वह हल्दी-भोड़िया के बीच पहुंचा था, तभी उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई। हादसे में गंभीर रुप से घायल तेजराम को मेडिकल कॉलेज हास्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन हास्पिटल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
यह संकल्प है! भैया जी पैनल का घोषणापत्र जारी, मां बम्लेश्वरी के भक्तों को समर्पित नई पहलें
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8.100 बल्क लीटर महाराष्ट्र राज्य निर्मित देशी मदिरा संत्री जप्त
राजनांदगांव कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में अवैध शराब विक्रेताओं, परिवहनकर्ताओं, सार्वजनिक स्थल पर मद्यपान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री अभिषेक तिवारी ने बताया कि अवैध शराब विक्रेताओं के विरूद्ध धर-पकड़ अभियान के तहत आबकारी विभाग द्वारा थाना बागनदी ग्राम कोठीटोला में मोनूराम पुजेरी के कब्जे से महाराष्ट्र राज्य निर्मित 8.100 बल्क लीटर देशी मदिरा संत्री जप्त किया गया।
आरोपी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई। कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक वृत्त डोंगरगढ़ श्री अनिल सिंह, आबकारी मुख्य आरक्षक श्री लाल सिंह राजपूत, आबकारी आरक्षक श्री भोजराज बंजारे शामिल थे।
आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा विक्रय की रोकथाम के लिए होटल ढाबों एवं मदिरा दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सभी वृत्त प्रभारियों को होटल-ढाबों की नियमित जांच और अवैध मदिरा विक्रय के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये है।
राजनांदगांव को बनाएं स्वच्छता में नंबर वन - आज ही दें अपना फीडबैक
राजनांदगांव। क्या आप चाहते हैं कि जिला राजनांदगांव स्वच्छता में पूरे देश में चमक उठे, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत, जिला प्रशासन ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 मोबाइल ऐप के माध्यम से अधिक से अधिक फीडबैक देने की अपील की है। आपकी भागीदारी ही हमारे जिले को राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है आपका फीडबैक -
नागरिकों द्वारा दिया गया हर फीडबैक ग्राम स्तर पर स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय के उपयोग और स्वच्छता जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होता है। यही फीडबैक राष्ट्रीय स्तर पर हमारे जिले की स्वच्छता रैंकिंग तय करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। यह सिर्फ एक सरकारी सर्वे नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है जिसमें आपकी सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।
कैसे दें अपना फीडबैक, यह है बेहद आसान -
अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर से आसानी से लॉगिन करें। अपने ग्राम का चयन करें और दिए गए सरल प्रश्नों के उत्तर देना होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने की अपील -
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, यह जनभागीदारी से ही एक सच्चा जन-आंदोलन बन सकती है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2025 ऐप के जरिए अपने अमूल्य सुझाव और फीडबैक जरूर दें, ताकि जिला स्वच्छता की दौड़ में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सके। फीडबैक देने की अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए इंतजार न करें, आज ही अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आपका एक फीडबैक हमारे जिले का उज्ज्वल भविष्य। स्वच्छ राजनांदगांव - सशक्त छत्तीसगढ़।
अपर कलेक्टर ने गणेश विसर्जन झांकी के संबंध में गणेशोत्सव समिति के सदस्यों की ली बैठक
राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गणेश विसर्जन झांकी और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में गणेशोत्सव समितियों की बैठक ली। अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने कहा कि राजनांदगांव में गणेश उत्सव झांकी बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। गणेश उत्सव झांकी देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। उन्होंने कहा कि गणेश विसर्जन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्धारित रूट से झांकियां निकालना होगा।
उन्होंने झांकी रूटचार्ट के संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सभी झांकियों को निर्धारित समय और एक डायरेक्शन में झांकी निकालनी होगी। जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की सुविधा पहुंच सके। मूर्तियों का विसर्जन निर्धारित स्थान में ही किया जाएगा। उन्होंने गणेश पंडाल सड़क पर नहीं लगाने के निर्देश दिए। पंडाल से नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।
अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने डीजे संचालन को उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि विस्तार यंत्रों के उपयोग के लिए जारी निर्देशों का पालन करने कहा। उन्होंने कहा कि झांकी में तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित डीजे संचालक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थल झांकियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए समितियों से कहा।
झांकी के दौरान फटाके फोडऩा, किसी भी तरह का हथियार व लाठी-डंडा लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा, एसडीएम खेमलाल वर्मा सहित गणेश उत्सव समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
70 प्रतिशत धान का किया गया उठाव, शेष धान का समयावधि में किया जाएगा उठाव
राजनांदगांव। जिले के धान उपार्जन केन्द्र ग्राम कलकसा, बीजाभाठा, सेवताटोला, सिंघोला एवं पटेवा में 1745072 क्विंटल धान भंडारित था। जिसमें से समस्त धान का निराकरण कस्टम मिलर एवं नीलामी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 70 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है।
शेष धान का उठाव समयावधि में कर लिया जाएगा। जिले में समस्त मिलर्स के भौतिक स्कन्द का सत्यापन अधिकारियों द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। चावल जमा की अंतिम तिथि शासन द्वारा नवंबर माह तक तय की गई है। समयावधि में चावल जमा का कार्य कर लिया जाएगा।
लगातार बारिश के कारण धान के उठाव की गति थोड़ी धीमी थी, लेकिन बारिश नहीं होने की स्थिति में धान का तेजी से उठाव किया जाता है। धान संग्रहण केन्द्रों में धान सुरक्षित कैप कवर से ढक कर रखा गया है।
आंगनबाड़ी केंद्र नन्हे बच्चों के लिए प्ले स्कूल की तरह
राजनांदगांव । नन्हे बच्चे देश का भविष्य हैं, उम्मीद और आशाओं के दीप हैं। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में नन्हे बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1 भोथीपार खुर्द, सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 सिंघोला एवं सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही है। ये आंगनबाड़ी केंद्र बौद्धिक ज्ञान का केन्द्र बन गए हैं और नन्हे बच्चों के लिए प्ले स्कूल व प्री-नर्सरी की तरह है। बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ ही, कविताएं व विविध तरह जानकारी दी जा रही है। दीवारों पर बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि लाने के लिए सुंदर पेंटिंग उकेरी गई हैं। बच्चों ने आलू कचालू बेटा कहां गए थे.., जैसे कविताएं एवं गीत याद कर लिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्र जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना अच्छा बच्चा देखा, आंगनबाड़ी का सच्चा ज्ञान लड़का-लड़की एक समान जैसे संदेश देकर जनसामान्य में जागरूकता ला रहे हैं। गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक आहार, गर्भावस्था सुनहरे दिन एवं इस दौरान देखभाल, आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि जिले में शासन की पूरक पोषण आहार, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है तथा गर्भवती माताओं को गरम भोजन प्रदान किया जा रहा है। साथ ही किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी के किचन रूम, स्टोर रूप में नियमित साफ-सफाई की जा रही है। बच्चे सीखने के लिए सक्रिय रहते है। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में दीवार पर मोर जन्म दिन के लिए एक अलग से कैलेण्डर बनाया गया है, ताकि बच्चों का जन्मदिवस याद रखते हुए मनाया जा सके। वहां बच्चों के लिए खेल घर एवं अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक भोथीपार खुर्द-3, एवं सिंघोला में बच्चों के शिक्षण एवं भोजन की अच्छी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती गोदावरी साहू एवं श्रीमती पूनम यादव तथा आंगनबाड़ी सहायिका व बड़ी संख्या में नन्हे बच्चे उपस्थित थे।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में विकसित की गई पोषण वाटिका
राजनांदगांव । बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका का निर्माण किया गया है। जिससे बच्चों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक साग-सब्जी एवं फल मिल रही है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम भोथीपार खुर्द के आंगनबाड़ी केन्द्र में खुबसूरत पोषण वाटिका किचन गार्डन की तर्ज पर विकसित की गई है। जहां खट्टा भाजी, भिण्डी, केला, भाटा, कांदा भाजी, जरी, अरबी, चेच भाजी, लेमन ग्रास, अमरूद, शहतूत, सीताफल, नारियल लगाए गए हैं। वहीं फलदार पौधों के साथ जिनिया, हरसिंगार, गुड़हल, गुलाब, मोंगरा जैसे मोहक फूल भी लगाए गए हैं।
ग्राम भोथीपार खुर्द के किचन गार्डन में अधिक से अधिक हरी पत्तेदार और आयरन से भरपूर सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। ग्रामवासियों को बच्चों को हरी साग-सब्जी एवं पौष्टिक आहार के लाभ के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। आंगनबाड़ी में उत्पादित साग- सब्जियों का उपयोग बच्चों का भोजन बनाने के लिए किया जा रहा है। विटामिन प्रोटीन, आयरन, खनिज एवं पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद है। आंगनबाड़ी केन्द्र सिंघोला की पोषण वाटिका में पपीता, केला, कटहल, अमरूद, भाजी में मुनगा, कांदा भाजी लगाया गया था। बच्चों को दाल, चावल के साथ केले की सब्जी परोसी गई थी। नाश्ते में पोहा एवं रेडी टू ईट दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रेवती साहू ने बताया कि बच्चे प्रतिदिन आते हैं और सक्रिय रहते है।
आंगनबाड़ी केंद्र नन्हे बच्चों के लिए प्ले स्कूल की तरह
राजनांदगांव । नन्हे बच्चे देश का भविष्य हैं, उम्मीद और आशाओं के दीप हैं। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में नन्हे बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1 भोथीपार खुर्द, सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 सिंघोला एवं सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही है। ये आंगनबाड़ी केंद्र बौद्धिक ज्ञान का केन्द्र बन गए हैं और नन्हे बच्चों के लिए प्ले स्कूल व प्री-नर्सरी की तरह है। बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ ही, कविताएं व विविध तरह जानकारी दी जा रही है। दीवारों पर बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि लाने के लिए सुंदर पेंटिंग उकेरी गई हैं। बच्चों ने आलू कचालू बेटा कहां गए थे.., जैसे कविताएं एवं गीत याद कर लिए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्र जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना अच्छा बच्चा देखा, आंगनबाड़ी का सच्चा ज्ञान लड़का-लड़की एक समान जैसे संदेश देकर जनसामान्य में जागरूकता ला रहे हैं। गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक आहार, गर्भावस्था सुनहरे दिन एवं इस दौरान देखभाल, आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि जिले में शासन की पूरक पोषण आहार, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है तथा गर्भवती माताओं को गरम भोजन प्रदान किया जा रहा है। साथ ही किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी के किचन रूम, स्टोर रूप में नियमित साफ-सफाई की जा रही है। बच्चे सीखने के लिए सक्रिय रहते है। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 3 भोथीपार खुर्द में दीवार पर मोर जन्म दिन के लिए एक अलग से कैलेण्डर बनाया गया है, ताकि बच्चों का जन्मदिवस याद रखते हुए मनाया जा सके। वहां बच्चों के लिए खेल घर एवं अन्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक भोथीपार खुर्द-3, एवं सिंघोला में बच्चों के शिक्षण एवं भोजन की अच्छी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती गोदावरी साहू एवं श्रीमती पूनम यादव तथा आंगनबाड़ी सहायिका व बड़ी संख्या में नन्हे बच्चे उपस्थित थे।
कहां गई 32 लाख की 'घास' ? मैदान में बचा सिर्फ कीचड़
राजनांदगांव। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए म्युनिसिपल स्कूल के खेल मैदान में 32 लाख से लॉन लास लगाई गई थी, जो गायब हो गई है। घास गायब होने के बाद
मैदान कीचड़ में तब्दील हो गया है। इसके चलते मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
डीएमएफ से मैदान में घास लगाने की जिम्मेदारी उद्यानिकी विभाग को दी थी। घास लगाने के बाद विभाग ने मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया और चुपके से मैदान को निगम को हैंडओवर कर दिया। स्थिति यह है कि मैदान से लगभग 80 प्रतिशत घास गायब हो चुकी है।
सुरक्षा घेरा तोड़कर ले गए चोर
वहीं मैदान की सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई जाली को भी चोर चोरी कर ले गए। सुरक्षा नहीं होने से मवेशी बची घास को चट कर रहे हैं। मैदान की हरीतिमा भी नहीं के बराबर है। मैदान के चारों ओर लोहे की जाली लगाई थी, जो पूरी तरह से गायब हो गई है।
यही नहीं रात नौ बजे के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। मैदान में जमकर शराब खोरी होती है। इसके बाद शराब की बोतलों, प्लास्टिक डिस्पोजल ग्लास, पानी पाउच को मैदान में फेंक देते हैं। इसके चलते सुबह मैदान में खेलने आने वाले खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विभागीय अधिकारियों की उदासीनता
निर्माण एजेंसी को मेंटेनेंस कराने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते खिलाड़ियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित एजेंसी को कुछ राशि का भुगतान शेष है। यही कारण है कि एजेंसी मेंटनेंस करने से हाथ पीछे खींच रही है। विभागीय अधिकारियों की भी इस ओर उदासीनता है।
लगभग 80 प्रतिशत घास गायब, सुरक्षा घेरा भी तहस-नहस
मैदान के अलग-अलग हिस्सों से लॉन घास पूरी तरह से उखड़ कर गायब हो चुकी है। सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है। यहीं कारण है कि देर रात तक जाम छलकते हैं। इसके बाद शराब की शीशियों को मैदान में फेंक देते हैं। सुबह खिलाड़ियों को मजबूरन मैदान से शराब की शीशियों को उठाकर फेंकना पड़ता है। यहीं नहीं कई बार असामाजिक तत्व शीशियों को फोड़ देते हैं।
क्या बोलें जिम्मेदार अधिकारी
'खेल मैदान में डीएमएफ से लॉन घास लगाई थी। घास लगाने के बाद मैदान को नगर निगम को हैंड ओवर कर दिया है। मेंटेनेंस की जिम्मेदारी अब निगम की ही है।' -राजेश कुमार शर्मा, सहायक संचालक, उद्यानिकी
'म्युनिसिपल स्कूल मैदान में लॉन घास लगाई गई है। मेंटेनेंस के लिए कार्ययोजना बनाएंगे। सुरक्षा के इंतजाम भी करेंगे। खिलाड़ियों को किसी तरह परेशानी नहीं हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।' -यूके रामटेके, ईई नगर निगम
6 मवेशियों को कुचलकर अज्ञात वाहन फरार, नेशनल हाईवे में हुआ हादसा
राजनांदगांव । मानपुर के कोरकोट्टी में नेशनल हाईवे पर अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंद दिया। हादसे में 6 मवेशियों की मौत हो गई। जिसमें गाय और बैल शामिल हैं। हादसे की जानकारी लगते हुए ग्रामीण घटना स्थल पर एकत्रित हो गए। उन्होंने चक्काजाम का प्रयास किया। हालांकि पुलिस की समझाइश के बाद सभी शांत हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने 6 गाय-बैलों को कुचल दिया। हादसा कोहका पंचायत के आश्रित ग्राम कोरकोट्टी में हुआ। । वाहन इतनी तेज रफ्तार में था कि टक्कर मारने के बाद तुरंत भाग गया। मृत मवेशी गांव के हीरे सिंह, परमेश्वर दुग्गा, टीरू राम और लाल दास के हैं। घटना के बाद गांव में गुस्सा है। मानपुर और कोहका थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
डोंगरगढ़ मंदिर चुनाव, भैय्या जी पैनल ने दिखाया दम, पूरे पैनल ने क्रमवार भरा नामांकन, मां बम्लेश्वरी के दरबार में मांगा आशीर्वाद
डोंगरगढ़ मंदिर चुनाव, भैय्या जी पैनल ने दिखाया दम, पूरे पैनल ने क्रमवार भरा नामांकन, मां बम्लेश्वरी के दरबार में मांगा आशीर्वाद
प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश के लिए 15 से काउंसलिंग
राजनांदगांव । प्रयास आवासीय विद्यालय के कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों की वर्गवार 15 से 18 जुलाई 2025 तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढिय़ारी जिला रायपुर में काउंसलिंग का आयोजन किया गया है। काउंसिलिंग के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
इसके तहत 15 जुलाई को अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालक, 16 जुलाई को अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह बालिका, 17 जुलाई को अनुसूचित जाति बालक-बालिका तथा 18 जुलाई को अन्य पिछड़ा वर्ग बालक-बालिका एवं सामान्य व अल्पसंख्यक वर्ग के बालक-बालिका की काउंसिंलिग होगा। काउंसिलिंग में विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र, सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण-पत्र, वर्ष 2024-25 में कक्षा 8वीं में प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण होने का प्रमाण-पत्र, यदि परिवार नक्सल हिंसा से सीधे प्रभावित है, तो इस आशय का संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रमाण-पत्र, शाला स्थानांतरण प्रमाण-पत्र या शाला छोडऩे का प्रमाण-पत्र, विद्यार्थी की मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा जाँच प्रमाण-पत्र, सिकलसेल जांच प्रमाण-पत्र, 2 स्वयं का पासपोर्ट साईज का रंगीन फोटो प्रस्तुत करना होगा। मेरिट सूची में दर्शित विद्यार्थी के साथ एक अभिभावक व पालक को काउंसिलिंग स्थल में प्रवेश की पात्रता होगी। निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में रिक्त सीट के आधार पर संस्था आबंटित किया जाएगा। विद्यार्थी काउंसिलिंग फार्म भरकर लाए।
किसानों को दी गई समसामयिक सलाह
खरीफ में धान फसल में खरपतवारों का उचित प्रबंधन
राजनांदगांव। खरीफ फसलों की बोनी के साथ ही किसानों के लिये अनावश्यक रूप से खेतों में उगने वाले खरपतवार एक बहुत बड़ी समस्या बन जाती है। अच्छे गुणवत्ता के बीज एवं आदान सामग्रियों के उपयोग करने के बाद भी खरपतवारों से निपटना बहुत कठिन होता है। खरपतवार फसल के बीज उगने से लेकर फसल कटाई तक हर अवस्था में फसलों को प्रभावित करते है तथा नमी, पोषक तत्व व स्थान आदि के लिए फसलों के साथ प्रतिस्पर्धा करके फसलों की वृद्धि एवं गुणवत्ता में कमी करते है। इसके अतिरिक्त खरपतवार फसलों को प्रभावित करने वाले कीट एवं रोग व्याधियों के जीवाणु को भी शरण देते है, जिससे कृषकों को विपरीत परिस्थितियों भारी आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। खरपतवार फसलों की उपज में 10 से लेकर 85 प्रतिशत तक की कम कर सकते है।
खरपतवार विभिन्न प्रकार के होते है, परन्तु सकरी एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार बहुतायत में खरीफ में उगते है। जैसे धान के खेतों में जंगली सांवा, सवई घास, जंगली कोदो, दूब घास आदि घास वर्गीय प्रमुख खरपतवार है तथा कनकौवा, कांटेदार चौलाई, पत्थरचट्टा, भंगरैया, महकुआ आदि चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार है। साथ ही खरीफ के दलहनी एवं तिलहनी फसलों में महकुंआ, हजारदाना,दूधी, सांवा, कनकौवा, सफेद मुर्ग तथा मोथा विशेष रूप से फसलों को प्रभावित करते है। फसलों के विभिन्न क्रांतिक अवस्थाओं में कृषकों को समझदारी के साथ खरपतवारों के नियंत्रण के लिये प्रयास करने चाहिए। धान की सीधी बुवाई वाले खेतों में 15 व 45 दिन बाद रोपा धान में 20 व 40 दिन बाद तथा खरीफ दलहनी फसलों में 15 व 20 दिन तथा तिलहनी फसलों में बुआई के 30 व 45 दिन में फसलों की महत्वपूर्ण क्रांतिक अवस्था में खेतों को खरपतवाररहित रखना चाहिए। इन खरपतवारों की रोकथाम के लिये बुआई के पूर्व ही यांत्रिक विधियों से नियंत्रण कार्य किया जाना चाहिए, जैसे-स्टीलसीड बैड तकनीक, मृदा सूर्यीकरण तकनीक, मल्चिंग पॉलीथिन, यांत्रिक विधि के तहत पहिये पर आधारित कृषि यंत्र, कोनोवीडर, हाथ से निंदाई, जैविक के तहत मल्चिंग, पुआल आदि माध्यम से किया जा सकता है। परन्तु खरपतवारों की अधिकता होने पर रासायनिक खरपतवार नाशी का उपयोग विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार किया जा सकता है।
इस प्रकार करें खरपतवारनाशी दवाओं का उपयोग:-
धान के फसलों में खरपतवारों के नियंत्रण के लिये अंकुरण के पूर्व घास कुल एवं चौड़ी पत्ती वाली खरतपवार के लिये पेण्डीमेथॉलीन 1 किलो ग्राम हेक्टेयर सभी प्रकार के खरपतवार के लिये पेण्डीमेथॉलीन + पाइराजोसल्फ्यूरान 900 + 20 ग्राम हेक्टेयर या प्रेटीलाक्लोर + पाइराजोसल्फ्यूरान 600 + 15 ग्राम हेक्टेयर का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। इसी तरह अंकुरण पश्चात 18-20 दिन बाद सभी प्रकार के खरपतवार के लिये बिसपायरीबैक सोडियम 25 ग्राम हेक्टेयर या एजिमसल्फ्यूरान 35 ग्राम प्रति हेक्टेयर या पैनाक्सूलाम + सायहेलोफॉप 120 ग्राम हेक्टेयर से उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ घास वाली खरपतवार के लिये फेनाक्सायप्रॉप सेफनार 60 ग्राम हेक्टेयर या सायहेलोफॉप 75 से 80 ग्राम हेक्टेयर का इस्तेमाल किसान भाई कर सकते है।
खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए अन्य उपाय -
धान के खेतों में रोपाई के 20 दिन बाद तथा 40 दिन बाद हाथ या खुरपी की सहायता से खरपतवारों को निकाल देने से काफी नियंत्रण होता है। साथ ही शक्ति चलित या हस्त चलित कृषि यंत्रों जैसे-पैडी विडर या कोनो विडर का उपयोग कर भी खरपतवार नियंत्रित किये जा सकते है।
खरपतवार नाशी का उपयोग करते समय सावधानियां -
खरपतवार नाशी छिड़काव हेतु नैकशैक स्प्रेयर के साथ फ्लैटफेन नोजल का प्रयोग करें, किसी भी फसल में खरपतवार नाशी प्रयोग करते समय खेत में नमी होना चाहिए तथा खरपतवारनाशियों का छिड़काव शाम के समय या हवा अधिक तेेज न होने की स्थिति में ही करे। शरीर को सुरक्षित रखने के लिये विशेष पोषाक पहन कर रसायन का छिड़काव करना चाहिए।
91 श्रद्धालु 6 से 9 अगस्त तक जाएंगे तीर्थ यात्रा पर
राजनांदगांव । श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना अंतर्गत 6 से 9 अगस्त 2025 तक जिले के 55 वर्ष से अधिक एवं 75 वर्ष से कम आयु वर्ग के 91 श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, छुरिया से 17-17 एवं नगर पालिक निगम राजनांदगांव से 9 तथा नगर पालिका डोंगरगढ़ से 4, नगर पंचायत डोंगरगांव से 4, नगर पंचायत छुरिया से 4, नगर पंचायत लालबहादुर नगर से 2 श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा करायी जाएगी।
रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य
राजनांदगांव । उप संचालक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव ने बताया कि वर्ष 2024 के पूर्व पंजीयनधारी आवेदकों को अपने रोजगार पंजीयन को आधार कार्ड से लिंक करवाना अनिवार्य है। पंजीयनधारी आवेदक अपने रोजगार पंजीयन में आधार को अगस्त 2025 तक मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ रोजगार एप, ऑनलाईन सुविधा केन्द्र अथवा वेबसाईट erojgar.cg.gov.in के माध्यम से लिंक करा सकते है। रोजगार पंजीयन कार्ड पर अधिकारी के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। नवीन पंजीयन, अतिरिक्त योग्यता एवं नवीनीकरण के लिए ऑनलाईन सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव, दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क किया जा सकता है।
अग्निवीर वायुसेना भर्ती : 31 तक ऑनलाईन पंजीयन
ऑनलाईन लिखित परीक्षा 25 सितंबर को
राजनांदगांव । भारतीय वायुसेना द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के केवल अविवाहित महिला एवं पुरूष उम्मीदवारों से अग्निवीर वायु सैनिक के पदों पर भर्ती के लिए 31 जुलाई 2025 तक वायुसेना के वेबसाईट https://agnipathvayu.cdac.in पर ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है तथा ऑनलाईन लिखित परीक्षा का आयोजन 25 सितंबर 2025 को होगा। अग्निवीर वायु सैनिक के पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र आवेदक निर्धारित तिथि तक ऑनलाईन पंजीयन एवं आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।
अग्निवीर वायु सैनिक के पदों पर भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता किसी भी मान्यता प्राप्त केन्द्रीय एवं राज्य की शिक्षा बोर्ड व संस्था से गणित, भौतिकी एवं अंग्रेजी विषय व त्रिवर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा 50 प्रतिशत अंकों एवं अंग्रेजी विषय में 50 प्रतिशत अंक सहित उत्तीर्ण या अन्य संकाय के उम्मीदवार इंटरमीडिएट, 10+$2 परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों एवं अंग्रेजी विषय में 50 प्रतिशत अंक सहित उत्तीर्ण होना चाहिए। उम्मीदवार को 2 जुलाई 2005 से 2 जनवरी 2009 के बीच का जन्म होना चाहिए। उम्मीदवार की ऊंचाई पुरूष हेतु 152 सेमी एवं महिला हेतु 152 सेमी, सीना पुरूष आवेदकों हेतु 77 सेमी एवं फुलाने पर 82 सेमी, महिला आवेदक हेतु समानुपात में, वजन ऊंचाई एवं आयु के समानुपात में, सामान्न श्रवण क्षमता, दृष्टि क्षमता एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
उम्मीदवार को चयन हेतु कम्प्यूट आधारित ऑनलाईन लिखित परीक्षा तत्पश्चात शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं चिकित्सा परीक्षा में उत्तीर्ण करना होगा। उत्तीर्ण उम्मीदवार को 4 वर्ष के लिए चयन किया जाएगा तथा अग्निवीर वायु भर्ती के नियमानुसार वेतन एवं अन्य भत्ता देय होगा। जिसमें प्रथम वर्ष 30 हजार रूपए एवं भत्ता की राशि देय होगी। 4 वर्ष के सेवा उपरांत उम्मीदवार को सेवा निधि पैकेज, जीवन बीमा कव्हरेज तथा अग्निवीर कौशल विकास प्रमाण पत्र का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए वायुसेना के वेबसाईट, दूरभाष क्रमांक 07552661955 तथा जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव, कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 से संपर्क किया जा सकता है।