छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
उद्यानिकी महाविद्यालय में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस
राजनांदगांव। पंडित किशोरी लाल शुक्ला उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र राजनांदगांव में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकार जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अधिष्ठाता डॉ. उमेश देशमुख, समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत उपस्थित थे। विश्व पर्यावरण दिवस इस वर्ष एक पेड़ मां के नाम थीम रखी गई। इसके तहत विद्यार्थी को अपनी मां के सम्मान में पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित भविष्य को बढ़ावा देना है।
वर्तमान में बढ़ती गर्मी और प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने इस स्थिति को और बिगाड़ा है। अधिष्ठाता डॉ. उमेश देशमुख ने कहा कि पेड़ ठंडक प्रदान करने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर प्रदूषण कम करते हैं। ये ऑक्सीजन देते हैं और परिसर की सुंदरता बढ़ाते हैं। विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में डॉ. किशन कुमार शर्मा, डॉ. मीनाक्षी मेश्राम, डॉ ममता पटेल, डॉ. सुरभि वर्मा, डॉ. यामिनी सपाहा और विद्यार्थीगण, कर्मचारीगण ने इस कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, शिक्षकगण, महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित थे।
विश्व पर्यावरण दिवस पर स्काउट-गाईड रोवर रेंजरों ने किया पौधरोपण
राजनांदगांव । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्काउट-गाइड रोवर रेंजरों द्वारा पौधरोपण किया गया। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पदेन सहायक जिला आयुक्त स्काउट डीआर देवांगन ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर राजनांदगांव में पौधरोपण किया। इसी तरह जिले के विभिन्न विद्यालयों के परिसर में दल स्तर पर पौधरोपण किया गया। डॉ आंबेडकर रोवर ओपन क्रू, सरोजिनी रेंजर ओपन टीम द्वारा पौधरोपण कर प्राकृतिक संसाधनों के महत्व एवं संरक्षण की उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी गई। स्काउट गाइड रोवर रेंजरों ने प्लास्टिक से होने वाली दुष्प्रभाव के बारे में भी बताया। अधिक से अधिक पौधरोपण कर वायु, जल, मृदा प्रदूषण के रोकथाम के लिए जनसामान्य को प्रेरित कियाग या।
पौधरोपण में आम, जामुन, नीम के बीज को एकत्र कर रोपित किया गया। इस अवसर पर विकासखण्ड सचिव स्काउट गाइड में डोंगरगढ़ से लेख राम वर्मा, डोंगरगांव से टोमन पटेल, छुरिया से नीलकंठ धुर्वे, राजनांदगांव से प्रवीण साव एवं शाला के स्काउट मास्टर, गाइड कैप्टन, रोवर स्काउट लीडर, रेंजर लीडर, शालाओं के स्काउट गाइड रोवर रेंजर उपस्थित थे।
कलेक्टर नीर और नारी कलश जल यात्रा कार्यक्रम में हुए शामिल
जल संरक्षण, भू जल संचयन, स्वच्छता हेतु ग्रामीणों को किया गया प्रोत्साहित
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम अचानकपुर भाटापारा में जल संरक्षण कार्यक्रम नीर और नारी कलश जल यात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह एवं पद्मश्री फूलबासन यादव उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले में स्वसहायता समूह एवं बिहान समूह की महिलाओं द्वारा नीर और नारी जल यात्रा के माध्यम से जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीर और नारी जल यात्रा से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता आ रही है। कलेक्टर ने जल संरक्षण, भू जल संचयन, स्वच्छता हेतु ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया। इस दौरान कलेक्टर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पौधरोपण किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत अचानकपुर भाटापारा के सरपंच व पंच, जनपद पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, बिहान महिला समूह की महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
औद्योगिक संस्थाएं पौधरोपण करने में अपना योगदान सुनिश्चित करें : कलेक्टर
कलेक्टर ने जिले में अधिक से अधिक पौधरोपण करने औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की ली बैठक
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बारिश को ध्यान में रखते हुए जिले में अधिक से अधिक पौधरोपण करने के लिए औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले की पहचान जिला मुख्यालय से होती है। इसके लिए व्यवस्थित तरीके से पौधरोपण और रखरखाव करना बहुत जरूरी है। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना बनाकर पौधरोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थाएं अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए पौधरोपण करें। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने औद्योगिक संस्थाओं से अपने परिसर के साथ आस-पास के क्षेत्र और जिले में पौधरोपण के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि शहर में व्यवस्थित पौधरोपण के साथ पौधों की सुरक्षा करना बहुत जरूरी है। शहर के गार्डन, सड़क किनारे, डिवाईडर, चौक-चौराहे जैसे स्थानों में पौधरोपण कर सकते हैं। औद्योगिक संस्थान स्थान चिन्हांकित कर अपना पौधरोपण कर सकते है। इससे शहर बहुत सुन्दर दिखेगा और व्यवस्थित पौधरोपण होगा। उन्होंने औद्योगिक संस्थाओं को एक वर्ष तक के लिए चिन्हांकित क्षेत्रों में पौधरोपण कर रखरखाव करने कहा। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता वाले 8 से 10 फीट तक के बड़े पौधों का रोपण करने कहा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हांकित स्थानों में फलदार और छायादार पौधे रोपित करने के लिए कहा। उन्होंने वृक्षारोपण के लिए तिथि निर्धारित करने कहा।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि टोल नाका बचाने के लिए ठेकेदार एवं सप्लायर्स ग्रामीण क्षेत्र की छोटी सड़कों का उपयोग नहीं करें। इसके लिए लगातार जांच की जाएगी और ऐसे कार्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि औद्यागिक संस्थान शासकीय पानी टैंक से पानी को बिना अनुमति से नहीं लेने कहा। इसके लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति से पानी का उपयोग करने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। औद्योगिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी औद्योगिक संस्थाओं को संस्था में कार्यरत कर्मचारी एवं मजदूरों की मूल निवास के साथ संपूर्ण जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने सभी औद्योगिक संस्थाओं को अपने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को अच्छे से रखने कहा।पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने औद्योगिक संस्थाओं में कार्यरत मजदूरों का चरित्र सत्यापन कराने कहा।
जिसकी जानकारी पुलिस और संबंधित संस्थान के पास होना चाहिए। कार्यरत मजदूरों के संबंध में उनके मूल निवास, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज को रखना होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थान की सुरक्षा के लिए चारो तरफ अच्छी गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरा लगाने कहा। जिससे किसी प्रकार की घटना होने पर जांच कार्रवाई में मदद मिलेगी। संस्थान में सुरक्षा गार्ड लगाने कहा। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, आयुक्त नगर निगम अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम खेमलाल वर्मा, उद्योग एवं श्रम विभाग के अधिकारी तथा जिले के औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिलेंगी अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं
कलेक्टर ने शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में ली प्रेस वार्ता
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में प्रेस वार्ता ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल एवं मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में छात्रों की तुलना में अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे अन्य विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया। छत्तीसगढ़ में प्राथमिक स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य में 212 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 6,872 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। राजनांदगांव जिले में 6 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 94 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। राज्य में 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं शिक्षक विहीन और 255 एकल शिक्षकीय हैं। राजनांदगांव जिले में शून्य पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षक विहीन और 9 एकल शिक्षकीय हैं। राज्य के प्राथमिक स्कूलों में 7,296 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 5,536 शिक्षकों की आवश्यकता है। राजनांदगांव जिले में प्राथमिक स्कूलों में 126 शिक्षक एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन में और 122 शिक्षक ज्यादा दर्ज संख्या वाले स्कूलों में पदस्थ किये गये है एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 88 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना एकल शिक्षकीय 5 स्कूलों में एवं आवश्यकता वाली शालाओं में पदस्थापना की गई है।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि राज्य के प्राथमिक शालाओं में 3,608 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 1,762 शिक्षक ही अतिशेष हैं। हमारे जिले में प्राथमिक शालाओं में 248 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 88 शिक्षक ही अतिशेष हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ ही एक ही परिसर में विद्यालय होने से आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थापना व्यय में भी कमी आएगी। यह युक्तियुक्तकरण कोई कटौती नहीं, बल्कि गुणवत्ता और समानता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। पूरे राज्य में मात्र 241 स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले में 5 शालाओं का समायोजन किया जा रहा है। राज्य के कुल 10 हजार 538 स्कूलों में से 10 हजार 297 स्कूल यथावत संचालित रहेंगे, जबकि राजनांदगांव जिले में 1335 स्कूलों में से 1330 स्कूल यथावत संचालित होंगे। सिर्फ उन्हीं स्कूलों का समायोजन किया गया है, जिनमें छात्रों की संख्या बहुत कम है और पास में बेहतर विकल्प मौजूद हैं। एक ही परिसर में स्थित विद्यालयों को समाहित कर क्लस्टर मॉडल विकसित किया गया। अतिशेष शिक्षकों का पुनरू समायोजन कर एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थापना की गई।
युक्तियुक्तकरण से लगभग 90 प्रतिशत बच्चों को तीन बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी और बच्चों को पढ़ाई में गुणवत्ता के साथ ही निरंतरता भी बनी रहेगी। बच्चों के ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाईब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा। राजनांदगांव जिला अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घोटिया में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के लिए कुल 103 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या है, यहां स्वीकृत 11 पदों के विरूद्ध मात्र 3 व्याख्याता कार्यरत हैं एवं 8 पद रिक्त हैं। दूसरी ओर ठाकुर प्यारेलाल शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव में 84 विद्यार्थियों की तुलना में 10 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि दर्ज संख्या के अनुसार यहां केवल 4 शिक्षकों की आवश्यकता है। महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय राजनांदगांव में 497 विद्यार्थियों की तुलना में 26 व्याख्याता कार्यरत हैं, जबकि कम दर्ज संख्या आबंटित कालखंड 4 से कम होने के कारण 6 व्याख्याता को अतिशेष मानकर युक्तियुक्तकरण में शामिल किया गया है। राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड डोंगरगांव में शासकीय प्राथमिक शाला सेवताटोला में दर्ज संख्या 38 कार्यरत शिक्षक संख्या 5 है। जिसमें 3 अतिशेष, शासकीय प्राथमिक शाला मटिया कार्यरत शिक्षक संख्या 4 अतिशेष 2, शासकीय प्राथमिक शाला बडग़ांव दर्ज संख्या 88 कार्यरत शिक्षक 5 अतिशेष 2, शासकीय प्राथमिक शाला चमारराय टोलागांव दर्ज संख्या 50 कार्यरत शिक्षक 4 अतिशेष 2 है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के स्वास्थ्य मेले में दाई-बबा दिवस का हुआ आयोजन
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में जिले के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोतीपुर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य मेले में दाई-बबा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महापौर मधुसुदन यादव, स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन शैकी बग्गा, वार्ड पार्षद कमलेश बन्धे, पार्षद मनोहर यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन उपस्थित थे। महापौर मधुसुदन यादव ने कहा कि दाई-बबा दिवस का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर बुजुर्गों के सम्मान एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करना हैं। दाई-बबा दिवस का थीम हमारे बुजुर्ग हमारी धरोहर रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि सीएचओ, महिला एवं पुरूष स्वास्थ्य संयोजक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिन बच्चों को दादा-दादी या नाना-नानी को स्वास्थ्य मेले में लाने के लिए प्रेरित करें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बुधवार को आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले में दाई-बबा दिवस का आयोजन किया गया। जिले में कुल 7454 बुजुर्गों का रक्तचाप, रक्तशर्करा, मोतियाबिंद व अन्य स्वास्थ्य की जांच, मानसिक स्वास्थ्य व संज्ञानात्मक परीक्षण किया गया। साथ ही कुल 234 आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनाया गया। प्रत्येक बुजुर्ग के लिए स्वास्थ्य कार्ड, जिसमें उनकी जांच रिपोर्ट, बीएमआई व सुझाव दर्ज किये गये। जिन बुजुर्गों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उनका कार्ड बनवाया गया। इस अवसर पर डॉ. विकास राठौर, डॉ. पूजा मेश्राम, डॉ. शैलेष जोशी, डॉ. दीपान्शु शर्मा, शहरी सुपरवाईजर कौशल शर्मा, पंकज झा, श्रीमती नूतन साहू, श्रीमती मंजू साहू, अरविंद वर्मा, नेतराम मंडावी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी व वरिष्ठ नागरीकगण उपस्थित थे।
लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला संपन्न
किशोर न्याय अधिनियम
राजनांदगांव । किशोर न्याय अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण के लिए कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती हर्षी अग्रवाल एवं अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती हर्षी अग्रवाल ने किशोर न्याय अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चें बालक हंै, जिनके सर्वोत्तम हित में ध्यान रखते हुए विशेष किशोर पुलिस इकाई के बाल कल्याण अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के अमले को समन्वित होकर कार्य करना होगा। अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा ने कहा कि किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करना होगा। साथ ही पुलिस प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लंबित प्रकरणों की सतत रूप से समीक्षा करने कहा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिले में संचालित शासकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह एवं बाल गृहों में बच्चों का देखरेख किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किया जा रहा है। गृह के परिवीक्षा अधिकारी एवं केसवर्कर द्वारा बालकों के परिजनों से सतत संवाद करते हुए काउंसलिंग सेवा प्रदाय कर बालकों के प्रकरण की शीघ्र निपटान हेतु परिजनों को तैयार करते हुए किशोर न्याय बोर्ड एवं बालक कल्याण समिति से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का निराकरण कराया जा रहा है। जिला स्तरीय कार्यशाला उपरान्त और भी तीव्र गति से लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु विभागीय अमले द्वारा कार्य किया जाएगा।
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक व राज्य समन्वयक विपिन ठाकुर ने बचपन बचाओं आन्दोलन एवं राज्य स्तरीय स्त्रोत व्यक्ति द्वारा कार्यशाला में उपस्थित समस्त प्रतिभागियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों अनुसार कार्य दायित्व से अवगत कराया गया तथा प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु विधि सम्मत सुझाव भी दिए। कार्यशाला में डीएसपी दिलीप सिसोदिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, सहायक संचालक शिक्षा विभाग श्रीमती संगीता राव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एनएस रावटे, जिले के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, एक्सपर्ट पैनल सदस्य अमलेंदु हाजरा सहित बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, परीवीक्षा अधिकारी तथा जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी चन्द्रकिशोर लाड़े, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती स्मिता उइके उपस्थित रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर मोर गांव मोर पानी महाभियान कार्यक्रम का हुआ आयोजन
- जिला पंचायत अध्यक्ष ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण किया तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई
राजनांदगांव। छुरिया विकासखंड के ग्राम सड़क चिरचारी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित मोर गांव मोर पानी महाभियान कार्यक्रम में शामिल हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि जल ही जीवन है और हम सभी को वर्षा के जल का संरक्षण करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को घरों में सोखता गड्ढा का निर्माण कर वर्षा के जल को संरक्षित कर जल संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की। जनपद पंचायत छुरिया के अध्यक्ष संजय सिन्हा ने कहा कि वर्षा जल का संरक्षण करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण का कार्य करना चाहिए और दूसरों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना चाहिए। जिला पंचायत सभापति श्रीमती अनीता मंडावी ने जल संरक्षा के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधरोपण किया तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई। इस दौरान रैली निकालकर ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सभापति जनपद पंचायत छुरिया पल्लीस्वामी नायडू, जनपद सदस्य श्रीमती भानबाई मंडावी व श्रीमती राधिका, सरपंच सड़क चिरचारी गुलचरण कतलाम, पूर्व जनपद सदस्य आनंद वेलकर व धर्मवीर चन्द्रवंशी, राजेश्वर धु्रव, एसडीओ जीपी लारिया, मोहित पौडोती, चन्द्रशेखर धु्रव, फतेश देवांगन, सुश्री हेमलता बाघमारिया, प्रोग्रामर बिहान गंजीर सहित विभिन्न ग्रामों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।
देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भी खाई कसम
देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की भी खाई कसम
सीसीपीएल जंग के लिये राजनांदगांव पैंथर्स को मिला सभी का आशीर्वाद
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (सीसीपीएल) की शुरुआत 6 जून से शहीद वीरनारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रायपुर में हो रही है। प्रतियोगिता में राजनांदगांव पैंथर्स की टीम अजय मंडल के नेतृत्व में अपनी दावेदारी पेश कर रही है।
राजनांदगांव पैंथर्स की शुभकामनाएं देने के लिये भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें स्थानीय नेताओं के साथ जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। ने जा रहा है। लीग में प्रमुख दावेदारी हेतु राजनांदगांव पैंथर्स की टीम इस वर्ष भी अपने कप्तान अजय मंडल के नेतृत्व में पुख्ता दावा करने जा रही है।
पिछले वर्ष सीजन (वन) में राजनांदगांव पैंथर्स की टीम एक रोचक मुकाबले में बिलासपुर बुल्स से सेमीफाइनल में परास्त हो गयी थी। इस वर्ष लीग में शानदार आगाज करने होटल एबीस ग्रीऩ में एक रंगारंग कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के इस साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के डायरेक्टर एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन के संरक्षक बलदेव सिंह भाटिया, प्रमुख उद्योगपति एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन के संरक्षक बहादुर अली, सीएससीएस के डायरेक्टर विजय शाह, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के संरक्षक खूबचंद पारख, सीसीपीएल के चेयरमैन प्रमोदशंकर शर्मा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, समाजसेवी सुरेश एच लाल, समाजसेवी सौरभ कोठारी, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, समाजसेवी राजेश जैन सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेलप्रेमी एवं पत्रकार साथी उपस्थित थे।
अतिथियों का स्वागत जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कोठारी, सचिव योगेश बागड़ी, उपाध्यक्ष घनश्याम लाल, अजय पांडे, हरजीत भाटिया, भरत काथरानी, जीवनप्रकाश गौतम,कोषाध्यक्ष दिनेश जैन, प्रवक्ता लक्ष्मण लोहिया, संतोष जैन, सुभाष अग्रवाल, किशोर जैन, रोहित पारख, विनोद जैन, ऋषभ बाफना, सोनू जससल, दिलीप खंडेलवाल, राजा माखिजा, अजय तिवारी इत्यादि ने किया।
ज्ञातव्य है कि पिछले सीजन वन में सीसीपीएल का यह आयोजन अत्यंत ही सफल रहा था। इस वर्ष विजेता टीम को 15 लाख रुपए एवं उपविजेता टीम को 11 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। दिग्विजय स्टेडियम के मैदान में राजनांदगांव पैंथर्स की टीम लीग जीतने के इरादे के साथ कड़ा अभ्यास कर रही है। कार्यक्रम में सीसीपीएल के अध्यक्ष श्री शर्मा ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सीसीपीएल की तैयारीयों एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा राजनांदगांव पैंथर्स टीम की जर्सी का रंगारंग अनावरण किया गया, तत्पश्चात राजनांदगांव पैंथर्स की पूरी टीम एवं सपोर्टिंग स्टाफ का प्रस्तुतीकरण संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सीएससीएस के डायरेक्टर बलदेव सिंह भाटिया ने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए जिला क्रिकेट एसोसिएशन के समस्त सदस्यों को बधाई प्रेषित की। श्री भाटिया ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की बालक एवं बालिका दोनों ही वर्गों की टीमों की उपलब्धि पर प्रकाश डाला। भारी संख्या में उपस्थित खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अभिषेक सिंह ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की टीमों के उल्लेखनीय प्रदर्शन पर संपूर्ण संघ को बधाई प्रेषित की वहीं राजनांदगांव पैंथर्स टीम को सीसीपीएल में विजेता बनने शुभकामनाएं प्रदान की। श्री सिंह ने इस ग्रेंड कार्यक्रम आयोजित करने जिला क्रिकेट एसोसिएशन के प्रयासों को सराहा। सीएससीएस के डायरेक्टर विजय शाह ने अपने संबोधन में सीसीपीएल के इस दूसरे सीजन पर नई तकनीकी, डीआरएस उपलब्धता तथा बीसीसीआई के ख्याति प्राप्त अंपायर्स, कामेंटेटर आब्जर्वर की उपस्थिति में आयोजन को सफल बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में वर्ष 2024 -25 में उल्लेखनीय प्रदर्शन हेतु बालिका खिलाड़ी महक नरवासे , विकल्प तिवारी, अर्षवीर भाटिया, अयान खान, कुमुद साहू, शिवानी यादव, नवलीन कौर एवं शिविका अग्रवाल को एवं सराहनीय कार्य हेतु सुजीत द्विवेदी, कोच की सेवाएं देने हेतु अनीश राठौर, मनोज तिवारी, हिमांशु यादव, राम शास्त्री, संतोष यादव,विप्लव दामले एवं नीरज यादव तथा प्रतियोगिताओं में विशेष सहयोग हेतु विक्रम बाजपेई, सियाराम सिन्हा को अतिथियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समस्त अतिथियों एवं उपस्थित खेल प्रेमियों ने व्हाइट बोर्ड में लिखकर राजनांदगांव पैंथर्स की टीम को शुभकामनाएं प्रेषित की है। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कोठारी ने समस्त अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए जिला क्रिकेट एसोसिएशन के कार्यों का संक्षिप्त में विवरण दिया। अंत में भव्य आतिशबाजी के मध्य अतिथियों ने सीसीपीएल में राजनांदगांव पैंथर्स की जीत हेतु शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए गुब्बारे आसमान में छोड़े। उक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के प्रवक्ता लक्ष्मण लोहिया ने दी है।
मनगट्टा-बनबघेरा के जंगल में जुआ खेलते जुआरी गिरफ्तार
राजनांदगांव । मनगट्टा-बनबघेरा के जंगल में सोमनी थाना, कोतवाली, चिखली चौकी, पुलिस लाइन और सायबर सेल राजनांदगांव की संयुक्त टीम ने दबिश देकर जुआ खेल रहे डेढ़ दर्जन जुआरियों को पुलिस ने नगदी रकम 47 हजार 300 रुपए और 52 पत्ती ताश, 2 नग की-पेड मोबाइल, 8 नग एनराईड मोबाइल, 17 नग दो पहिया वाहन कुल जुमला कीमती 9 लाख 11 हजार 300 रुपए के साथ गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार जुआरियों में शुभम देवांगन 27 वर्ष निवासी नंदई रोड कुआ राजनांदगांव, रामेश्वर यादव निवासी जमातपारा वार्ड राजनांदगांव, दिनेश यादव 34 वर्ष निवासी गुरूनानक चीक राजनांदगांव, लक्ष्मण साहू 42 साल निवासी पेंड्री वार्ड नं. 20 राजनांदगांव, जयप्रकाश 52 साल निवासी बजरंगपुर नवागांव राजनांदगांव, श्यामु सोनकर 51 साल निवासी सागर नगर राजनांदगांव, गुपेश कुमार निर्मलकर 44 साल निवासी अर्जुन्दा महरापारा बालोद, सुनील जांगडे 39 साल निवासी स्टेशनपारा 16 खोली राजनांदगांव, उत्तम भारती 42 साल निवासी कुंआ चौक नंदई राजनांदगांव, मोहम्मद अख्तर 36 साल निवासी छुईखदान टिकरीपारा खैरागढ़ जिला, ताजु शेख 54 साल निवासी कोहका रूंगटा कॉलेज कुरूद रोड सुपेला भिलाई जिला दुर्ग, खेमचंद साहू 40 साल निवासी बजरंगपुर नवागंव राजनांदगांव, अश्वनी कुमार लोधी 2 साल निवासी ग्राम शाखा कोर्राय छुईखदान जिला केसीजी, सुरेन्द्र साहू 32 साल निवासी चमारराय टोलागांव राजनांदगांव एवं दीपक राजपूत 32 साल निवासी क्लब चौक बसंतपुर राजनांदगांव के फड़ एवं पास से नगदी रकम 47 हजार 300 रुपए, घटनास्थल से 52 पत्ती ताश, 02 नग की-पैड मोबाईल, 8 नग एनरॉइड मोबाईल, 17 नग दो पहिया वाहन कुल जुमला 9 लाख 11 हजार 300 रुपए के जब्त कर आरोपियों के विरूद्ध छग जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3 के तहत कार्रवाई किया गया।
महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ कॉरिडोर सील… टुकड़ियों में बंटे माओवादियों को अब घेरेंगे तीन राज्य
राजनांदगांव । बस्तर में माओवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच अब छत्तीसगढ़ की सीमा पर भी उन्हें घेरने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ कॉरिडोर में भी सुरक्षा बलों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस कॉरिडोर को सील कर दिया गया है। हाल ही में राजनांदगांव में इंटर स्टेट कॉर्डिनेशन मीट में तीनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने साझा रणनीति तैयार की है। बस्तर से भागे माओवादी टुकड़ियों में बंट गए हैं। इनको दोबारा इस क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए मध्यप्रदेश की सीमा में हाक फोर्स, महाराष्ट्र के सी-60 कमांडो और छत्तीसगढ़ में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना है। यह छोटी-छोटी टुकड़ियों में छिपे हैं। इनको खत्म करने के लिए ही रणनीति को बदला गया है। यह कारिडोर माओवादियों का डंपिंग एरिया है।
छोटी-छोटी टीम में बंटे, लगातार ठिकाना बदल रहे
पुलिस अधिकारी ने कहा कि तीनों राज्यों की पुलिस इस बड़े इलाके में अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच रही है। माओवादी पहले जंगल में कैंप किया करते थे, लेकिन सुरक्षा बलों की धमक के बाद अब वे छोटी-छोटी टीमों में बंट गए हैं। छोटी-छोटी टुकड़ियों में मूवमेंट कर रहे माओवादी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। हम इस पर भी जोर दे रहे हैं कि वे आत्मसमर्पण कर दें।
पुलिस की रेड में जंगल से 15 जुआरी गिरफ्तार
राजनांदगांव । राजनांदगांव में जुआ और सट्टा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सोमनी, थाना कोतवाली, चौकी चिखली और पुलिस लाइन राजनांदगांव की संयुक्त टीम ने मनगटा-बनबघेरा जंगल में छापा मारा। यहां 52 पत्ती ताश से जुआ खेल रहे 15 लोगों को पकड़ा गया।
सोमनी थाना प्रभारी सत्यनारायण देवांगन के अनुसार, पकड़े गए जुआरियों में बसंतपुर के शुभम देवांगन, रामेश्वर यादव, दिनेश यादव, लक्ष्मण साहू, जय प्रकाश, श्यामू सोनकर, गुपेश कुमार, सुनील जांगड़े, उत्तम भारती, मोहम्मद अख्तर, ताजू शेख, खेमचंद साहू, अश्विनी कुमार, सुरेंद्र साहू और दीपक राजपूत शामिल हैं।
पुलिस ने फड़ और आरोपियों के पास से 47,300 रुपए कैश, 52 पत्ती ताश, 2 कीपैड मोबाइल, 8 एंड्रॉइड मोबाइल और 17 दोपहिया वाहन जब्त किए। कुल जब्त सामान की कीमत 9,11,300 रुपए है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
विभिन्न विकास कार्यों के लिए 93 लाख 42 हजार रूपए की स्वीकृति
राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 93 लाख 42 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुन्दरा व पनेका में मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए 31.61-31.61 लाख रूपए तथा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बिल्हरी में दो सीसी रोड निर्माण के लिए 2.60-2.60 लाख रूपए एवं ग्राम बिल्हरी, रामाटोला, मुसराकला, मोहारा अछोली में अटल डिजीटल सुविधा केन्द्र व सीएससी भवन निर्माण के लिए 5-5 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
12 विद्यालयों में हाई मास्क लाईट के लिए 64 लाख 53 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण अंतर्गत क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए राजनांदगांव विकासखंड के 12 विद्यालयों में हाई मास्क लाईट लगाने के लिए 64 लाख 53 हजार 384 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत उच्च माध्यमिक शाला भर्रेगांव, सुकुलदैहान, धनगांव, डीलापहरी, रीवागहन, भानपुरी, सिंघोला, सोमनी, सुरगी, टेड़ेसरा एवं हाई स्कूल गठुला, परमालकसा में हाई मास्क लाईट लगाए जाएगे। प्रत्येक विद्यालय में हाई मास्क लाईट के लिए 5 लाख 37 हजार 782 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
तहसील स्तरीय राजस्व शिविर 4 से 14 जून तक
राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जनसामान्य के सुविधा की दृष्टिगत जिले में 4 जून से 14 जून 2025 तक तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन संबंधित तहसील परिसर में किया जाएगा। इसके अंतर्गत तहसील मुख्यालय राजनांदगांव में 4 जून, तहसील मुख्यालय डोंगरगढ़ में 5 जून, तहसील मुख्यालय डोंगरगांव में 6 जून, तहसील मुख्यालय घुमका में 7 जून, तहसील मुख्यालय लाल बहादुर नगर में 12 जून, तहसील मुख्यालय कुमरदा में 13 जून एवं तहसील मुख्यालय छुरिया में 14 जून 2025 को तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर ने शिविर के आयोजन के लिए संबधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को नोडल अधिकारी एवं संबंधित तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
तहसील स्तरीय राजस्व शिविर में अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार सीमांकन, डायवर्सन, आरबीसी 6-4, किसान किताब, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाये जाने से संबंधित आवेदन प्रमुख रूप से प्राप्त कर अतिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया जाना संभव हो, उसे तत्काल शिविर स्थल में ही निराकृत किया जाएगा। शिविर में संबंधित न्यायालय के रीडर, भुईयां ऑपरेटर द्वारा त्वरित किये जा सकने वाले न्यायालयीन संबंधी कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएंगे। शिविर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार उपस्थित रहेंगे।
तहसील कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित
राजनांदगांव। मानसून सत्र 2025 में प्राकृतिक आपदा एवं बाढ़ से बचाव तथा राहत व्यवस्था हेतु तहसील कार्यालय राजनांदगांव के कक्ष क्रमांक 4 कानूनगो शाखा में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07744-225403 है। नायब तहसीलदार राजनांदगांव राकेश कुमार नागवंशी को बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है, उनका मोबाईल नंबर 9009118443 है।