छत्तीसगढ़ / सुकमा
रितु नाग ने बढ़ाया सुकमा का मान
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
सुकमा, 16 अक्टूबर 2025
सुकमा जिले की धरती एक बार फिर खेल के क्षेत्र में चमक उठी है। यहां की होनहार छात्रा रितु नाग ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। रितु की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सुकमा की बेटियां मेहनत और लगन से हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रितु की उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कोरबा जिले में 12 से 15 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रितु नाग ने बस्तर संभाग की हॉकी टीम में शामिल होकर बेहतरीन खेल दिखाया। उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया। इस सफलता से सुकमा ही नहीं, पूरे बस्तर संभाग का गौरव बढ़ गया है।
रितु नाग वर्तमान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, छिंदगढ़ में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, जिला खेल अधिकारी श्री विरूपाक्ष पौराणिक, सहायक खेल अधिकारी श्री कमल कोसरिया और पीटीआई शिक्षिका श्रीमती योगिता नायक को दिया है।
सुकमा में परियोजना सलाहकार मण्डल की बैठक आयोजित
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में करे कार्य- श्रीमती कुसुमलता कवासी
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना कोन्टा मुख्यालय सुकमा की बैठक बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में हुई। बैठक की अध्यक्षता जनपद पंचायत कोण्टा की अध्यक्ष एवं परियोजना सलाहकार मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता कवासी ने की। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हो कि जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि निर्माणधीन कार्य को गुणवत्ता पूर्वक समय सीमा में पूर्ण करे।
बैठक में विशेष केन्द्रीय सहायता राजस्व व पूंजीगत मद एवं संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत विगत वर्षों से अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्ष 2023-24 में पुनराबंटित कार्यों का अनुमोदन और वर्ष 2025-26 के लिए भेजी गई कार्ययोजना को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, श्रीमती माड़े बारसे, जनपद पंचायत सुकमा अध्यक्ष श्री संतोष ईडो, सांसद प्रतिनिधि श्री अरुण सिंह भदौरिया, डिप्टी कलेक्टर सुश्री निधि प्रधान, सहायक आयुक्त श्री हेमन्त कुमार सिंहा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत छिंदगढ़ में जनजागरूकता रैली का आयोजन
छिंदगढ़ में दीदियों की रैली से गूंजा संदेश
“हर बेघर को पक्का घर, हमारा अधिकार
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन को जागरूक करने हेतु आज जनपद पंचायत छिंदगढ़, जिला सुकमा में भव्य जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लंबित आवासों के त्वरित पूर्णता को सुनिश्चित करना और ग्रामीण परिवारों में पक्के घरों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
यह रैली कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सुकमा श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु ग्राम स्तर पर जनसहभागिता को मजबूत बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
रैली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (छत्स्ड), जनपद पंचायत छिंदगढ़ के विभिन्न स्व-सहायता समूहों की क्लस्टर स्तरीय दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दीदियों ने साप्ताहिक हाट बाजार क्षेत्र में बैनर, पोस्टर और नारों के माध्यम से लोगों को आवास योजना के लाभ और समय पर निर्माण पूर्ण करने के महत्व से अवगत कराया।
रैली में गूंजे प्रेरणादायी नारे
“हर बेघर को पक्का घर - प्रधानमंत्री आवास हमारा अधिकार” और “समय पर करें आवास पूर्ण, पाएं खुशहाल जीवन”
कार्यक्रम में एनआरएलएम टीम, जनपद पंचायत अधिकारीगण, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि क्षेत्र के प्रत्येक पात्र हितग्राही को शीघ्र ही पक्का घर प्रदान किया जाएगा और जिले को “पूर्ण आवासीय जिला” बनाने के लक्ष्य को साकार किया जाएगा।
कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और स्थायित्व से जुड़ा हुआ मिशन है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार बेघर न रहे।”
छत्तीसगढ़ की प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में विकास कार्यों की रफ्तार तेज
नक्सल पुनर्वास नीति के तहत बड़ेसट्टी में 1.10 करोड़ के विकास कार्य प्रगति पर प्रशासन की सतत निगरानी जारी
सुकमा, 08 अक्टूबर 2025
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार बुधवार को ग्राम पंचायत बड़ेसट्टी में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। प्रशासनिक टीम ने ग्राम स्तर पर जारी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बड़ेसट्टी ग्राम पंचायत को यह गौरव प्राप्त है कि यह छत्तीसगढ़ की पहली नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बनी है। इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप नक्सल पुनर्वास नीति के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा पंचायत में 1रू करोड़ 10 लाख के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका कार्य तेजी से प्रगति पर है।
निरीक्षण के दौरान समग्र योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केंद्र, सीसी रोड, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत भवन के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। गांव के सर्वांगीण विकास की दिशा में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की भी शुरुआत की गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त हो रही है। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि “बड़ेसट्टी पंचायत की विकास यात्रा अब नई दिशा में अग्रसर है। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह ग्राम पंचायत आदर्श विकास मॉडल के रूप में उभरे।”
निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ सुकमा सुश्री निधि प्रधान, तहसीलदार सुकमा श्री अम्बर गुप्ता तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे
नियद नेल्लानार: नक्सल प्रभावित अचकट गांव में हर घर पहुंचा पीने का शुद्ध पानी
30 सितंबर 2025

नक्सलवाद को खत्म कर सुकमा जिले में आधारभूत सुविधाओं को तेजी से विकसित करने की नियद नेल्लानार योजना का असर अब अचकट गांव में भी दिख रहा हैं। सुकमा के नक्सल प्रभावित ईलाके के अचकट गांव के हर घर में अब पीने के शुद्ध पानी के लिए नल लग गए हैं। घरों में लगे नलों में पानी आ जाने से अब ग्रामवासियों की पानी की पुरानी समस्या का समाधान हो गया हैं। अचकट गांव नक्सल प्रभावित कोंटा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कामाराम का आश्रित ग्राम हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 95 किलोमीटर दूर बसे इस गांव के लोगों को अब तक हैंडपंप और कुएं के पानी पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के मौसम में पानी की भारी किल्लत का सामना करना ग्रामीणों के लिए आम समस्या थी। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए जिला प्रशासन ने 2 सोलर टैंक और 38 स्टैंड पोस्ट की स्थापना कर गांव में रहने वाले लगभग 120 ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्य से अचकट गांव के प्रत्येक परिवार को सीधे घर पर ही पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने भी इस योजना पर प्रसन्नता जाहिर की। ग्रामीण श्रीमती सुकमती सोड़ी ने कहा कि पहले हमें दूर से पानी लाना पड़ता था, जिससे कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती थीं। अब घर में नल कनेक्शन लगने से हमें स्वच्छ पानी मिल रहा है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के बहुत आभारी हैं।
इसी तरह श्री सोड़ी मुकेश, श्री विजय सोड़ी और श्री गणेश सोड़ी ने भी इस योजना की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन स्तर में बड़ा सुधार बताया।
स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान से सुकमा की महिलाओं को मिल रहा व्यापक स्वास्थ्य लाभ
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में जिले में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान करना है।
अभियान के तहत 17 से 26 सितम्बर तक जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रोंकृ जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल 106 स्वास्थ्य शिविर और 14 विशेष शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में हजारों महिलाओं एवं पुरुषों ने विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कराए। उच्च रक्तचाप जांच में पुरुष 1459 और महिलाएँ 4752 सहित कुल 6211 मरीजों की जांच हुई। मधुमेह जांच में पुरुष 859 और महिलाएँ 4314 सहित कुल 5173 मरीज शामिल हुए। कैंसर जांच (मुख, स्तन व गर्भाशय) में पुरुष 437 और महिलाएँ 2601 सहित कुल 3038 जांचें की गईं। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच कुल 1224 हुई। इसी तरह टीबी जांच में पुरुष 521 और महिलाएँ 2130 सहित कुल 2651 तथा सिकल सेल जांच में पुरुष 593 और महिलाएँ 2128 सहित कुल 2721 मरीजों की जांच की गई।
अभियान के अंतर्गत महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी विशेष सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें 125 महिलाओं की प्रथम एएनसी जांच, 991 महिलाओं की द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ जांच, 4026 महिलाओं को पोषण एवं देखभाल पर परामर्श, 3830 महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता पर परामर्श और 268 गर्भवती महिलाओं को एमसीपी कार्ड का वितरण किया गया है।
जिला अस्पताल सुकमा में मोतियाबिंद ऑपरेशन भी अभियान का हिस्सा है। 17 से 26 सितम्बर तक पुरुष 28 एवं महिलाएँ 55 सहित कुल 83 मरीजों का सफल नेत्र ऑपरेशन किया गया। इनमें रायगुड़ा (नियाद नेल्ला नार क्षेत्र) से आए 9 मरीज भी शामिल रहे।
अभियान को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह कुश्वाहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गीतू हरित सहित स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भूमिका रही।
प्रिंट रिच वातावरण से बच्चों में सीखने की जगी रुचि : डीईओ मंडावी
सुकमा । कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार जिले के विद्यालयों में प्रिंट रिच वातावरण तैयार करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की जा रही है। इसी के तहत 90 स्कूलों में बाला (Building as Learning Aid) पेंटिंग का कार्य कराया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी श्री जीआर मंडावी ने निरीक्षण किया।
सीखने का माध्यम बनी दीवारें :
निरीक्षण के दौरान श्री मंडावी, सहायक कार्यक्रम समन्वयक श्री आशीष राम और शिक्षार्थ टीम के साथ शाला बालक आश्रम कुड़मेलपारा पहुंचे। यहाँ उन्होंने दीवारों पर उकेरी गई शैक्षणिक पेंटिंग, बहुभाषीय शिक्षा से जुड़े अंश और बच्चों के लिए निर्मित अध्ययन-अनुकूल वातावरण का बारीकी से अवलोकन किया।
बच्चों से आत्मीय संवाद :
प्राथमिक शाला कुड़मेलपारा में उन्होंने बच्चों से बारहखड़ी और पहाड़ों पर प्रश्न पूछे। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर दिए, जिससे उनका उत्साह स्पष्ट झलक रहा था। निरीक्षण के पश्चात श्री मंडावी ने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन भी किया, जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और आत्मीयता दोनों दिखाई दीं।
पूर्व निरीक्षण का संदर्भ :
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने पूर्व में ही इस विद्यालय का दौरा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके बाद स्कूल में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
बैठक और कार्यशालाएँ :
निरीक्षण के बाद श्री मंडावी ने हायर सेकेंडरी स्कूल सुकमा में आयोजित प्राचार्य बैठक में भाग लिया। इस दौरान बस्तर ओलंपिक पंजीयन और शिक्षा विभाग के अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके उपरांत आयोजित एफएलएन कार्यशाला में उन्होंने शिक्षकों और शिक्षार्थ के मास्टर ट्रेनर्स से संवाद कर आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त कीं।
मनरेगा और आवास योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूर्ण करने पर जोर
सुकमा । जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री मुकुन्द ठाकुर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, बिहान, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में 20 अक्टूबर तक शासन से प्राप्त लक्ष्य के अंतर्गत लंबित 3867 आवासों को पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री आवास योजना एवं विशेष परियोजनाओं के तहत स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूरा कराने पर बल दिया गया। आवास प्लस सर्वे की पूर्णता प्रमाण पत्र भेजने और जिन ग्राम पंचायतों में सर्वे नहीं हुआ है, उनकी जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। मनरेगा योजना के तहत कृषि सम्बन्धी कार्यों की स्वीकृति किये जाने के निर्देश दिया गया जिसमे पशु शेड, मुर्गी शेड, सुवर पालन, बकरी शेड आदि कार्यों को लिया जावे। जिले के नगद भुगतान वाले ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत बैंक खाता खोलने निर्देशित किया गया है ताकि हितग्राहियों को सीधे बैंक खाता के माध्यम से भुगतान किया जा सके।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान, श्री रविशंकर वर्मा, सर्व सीईओ, एपीओ, एसडीओ, पीओ, बीपीएम, उप अभियंता, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सुकमा में एनडीएमए टीम का दौरा, बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्यों की सराहना
सुकमा। जिले में हाल ही में आई बाढ़ आपदा के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लेने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव श्री एस. राकेश कुमार गृह मंत्रालय, नई दिल्ली अपनी टीम के साथ सोमवार को सुकमा पहुँचे।
टीम ने कुन्ना-मिचवार और झापरा पुलिस कैम्प सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और जिला प्रशासन, पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे त्वरित प्रबंधन और बेहतर इंतज़ामों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुँचे। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ, अस्थायी आवास और खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया। टीम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ जानीं और प्रशासनिक स्तर पर उनके निराकरण का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
आदि कर्मयोगी अभियान : जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल
सुकमा । जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 1385 ग्रामीण, वॉलेंटियर, एनजीओ सदस्य एवं विभिन्न विभागों के कर्मचारीदृअधिकारियों को ग्राम स्तर पर विकास योजना निर्माण एवं समुदाय के उन्मुखीकरण हेतु प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण प्रक्रिया ब्लॉक प्रोसेस लैब (विकासखंड प्रक्रिया प्रयोगशाला) के माध्यम से संचालित हो रही है।
जिला मास्टर ट्रेनर्स (डीएमटी) द्वारा विकासखंड मास्टर ट्रेनर्स (बीएमटी) को प्रशिक्षित किया गया , जिससे वे ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग कर सकें। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जलशक्ति तथा वन विभाग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को दक्ष बनाना है, ताकि योजनाओं का लाभ समुदाय तक पारदर्शी और सुगम रूप से पहुंचे।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। यह प्रशिक्षण युवाओं और संस्थानों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर साबित होगा। सुकमा जिला जनजाति बाहुल्य है और विशेषकर पिछड़ी जनजाति समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। समुदाय की सक्रिय सहभागिता से शासन की योजनाएं अधिक प्रभावशाली होंगी और आमजन तक उनका लाभ सहजता से पहुंचेगा।
नियद नेल्लानार योजना : ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान
सुकमा । ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से 15 से 18 सितम्बर तक मरईगुड़ा वन सेक्टर में विशेष जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में सिंगाराम, कन्हईगुड़ा, क्रिस्टाराम, बंडा, पोटकपल्ली, मरईगुड़ा, गोलापल्ली और किंदेलपाड़ सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। शिविर में सभी विभागों के अधिकारी पोटाकेबीन मरईगुड़ा में स्टॉल लगाकर उपस्थित रहे, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं और आवेदन सीधे विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
जनपद सीईओ कोंटा गिरीश निंबालकर ने बताया कि शिविर में कुल 1335 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 959 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से जन्म प्रमाण पत्र हेतु 373, वन अधिकार पत्र हेतु 200 तथा आधार कार्ड हेतु 112 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया। इसके अलावा ग्रामीणों ने आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वोटर आईडी, श्रम कार्ड, पेंशन योजना, निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच सह उपचार एवं जनधन खाता जैसे विभिन्न योजनाओं के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किए।
ग्रामीणों ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा घर-गांव के पास ही सभी विभागों को लाकर सेवा देना वास्तव में सराहनीय कदम है। इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली और शासन की योजनाओं का लाभ सहज रूप से मिल सका।
सुकमा में सीआरपीएफ की मानवीय पहल से प्रसूता और नवजात की बची जान
सुकमा। एक समय घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में विख्यात पुवर्ती अब सकारात्मक बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहा है। गुरुवार को इसी बदलाव की मिसाल तब देखने को मिली जब थाना जगरगुंडा के अंतर्गत ग्राम पुवर्ती निवासी महिला श्रीमती मांडवी सुक्की पत्नी श्री मांडवी कोसा गर्भावस्था के दौरान गंभीर दर्द की स्थिति में पुवर्ती फिल्ड अस्पताल पहुँची। महिला की हालत नाजुक देखते हुए 150वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पुवर्ती ने तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस की व्यवस्था की और उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगरगुंडा पहुँचाया। नियत समय में चिकित्सा सुविधा मिलने से प्रसूता और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।
इस पुनीत कार्य ने न केवल एक माँ और शिशु को जीवनदान दिया, बल्कि स्थानीय जनता के बीच प्रशासन और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास भी और मजबूत किया। कैम्प में तैनात डॉक्टर ग्रामीणों का नियमित निःशुल्क उपचार करते हैं और दवाइयाँ भी मुफ्त उपलब्ध कराते हैं, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अब सीधे गाँव तक हो गई है।
बदलाव की नई कहानी लिख रहा पुवर्ती :
कभी नक्सल कमांडर हिड़मा के नाम से भयभीत करने वाले इस क्षेत्र में अब विकास और शांति की तस्वीर उभर रही है। ग्रामीण जहाँ पहले दहशत में जीते थे, वहीं अब सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ पहुँच रही हैं। गाँव में आंगनबाड़ी भवन और स्कूल खुल चुके हैं और शिक्षा की नई रोशनी घर-घर तक पहुँच रही है।
जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास से पुवर्ती में बदलाव की बयार बह रही है। स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, आधारभूत सुविधाएँ और सुरक्षा इन सबके समन्वय ने यह साबित कर दिया है कि शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता और समर्पण से सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में भी विकास और विश्वास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।
बाल विवाह रोकना ही नहीं, बच्चियों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देना भी जरूरी : सोरी
सुकमा । जिला प्रशासन सुकमा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित शबरी ऑडिटोरियम में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ विषय पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसने न केवल सामाजिक जागरूकता को नई दिशा दी बल्कि पोषण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी केंद्र में रखा।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रतिभागियों को बाल विवाह की रोकथाम, उसके दुष्प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले दीर्घकालीन असर के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इसके साथ ही पोषण माह के अंतर्गत एक सेल्फी जोन भी तैयार किया गया, ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के महत्व को आत्मसात कर सकें। कार्यक्रम की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए अतिथियों से पोस्टर पर हस्ताक्षर भी लिए गए।
महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं है, बल्कि बच्चियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देना भी है। एक शिक्षित और सशक्त बच्ची ही कल का मजबूत समाज और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ बनाएगी। मैं विश्वास दिलाती हूँ कि महिला आयोग इस मुहिम में जिला प्रशासन और समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा, ताकि ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़’ का सपना जल्द ही साकार हो सके। इस अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने कार्यशाला को संबोधित कर बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के बारे में अपने अनुभव साझा किए।
उल्लेखनीय है कि “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत 10 मार्च 2024 से की गई थी, जिसका उद्देश्य है समाज में व्यापक जागरूकता फैलाना, समुदाय को बाल विवाह की रोकथाम में सक्रिय करना तथा किशोरी बालिकाओं के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करना। इसी दिशा में जिला प्रशासन सुकमा द्वारा यह विशेष प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा, बालिका संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, महिला सशक्तिकरण, किशोरी बालिकाओं की शिक्षा, स्वच्छता अभियान एवं पूरक पोषण आगार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। इसके साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ दिलाया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंगम्मा सोयम, उपाध्यक्ष श्री महेश कुंजाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुकमा श्री संतोष इड़ो, जनपद पंचायत अध्यक्ष छिंदगढ़ देवली बाई, नगर पालिका उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम, श्रीमती संजना नेगी, श्रीमती गीता कवासी, माड़े बारसे, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शिवदास नेताम, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेंद्र सिंह, डीएसपी सुश्री मोनिका श्याम, महिला थाना प्रभारी श्रीमती पद्मा जगत, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, सरपंच-सचिव एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिला अस्पताल सुकमा में वृक्षारोपण, हरियाली और पोषण का संदेश
सुकमा। जिला अस्पताल सुकमा परिसर में बुधवार को कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव एवं जिला वन अधिकारी श्री अक्षय भोसले के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत अमरूद, सीताफल, जामुन एवं आंवला जैसे फलदार वृक्ष लगाए गए। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में ये पौधे अस्पताल परिसर को हरियाली और पोषण दोनों से समृद्ध करेंगे।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद सुकमा की उपाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी यादव, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), पीपीआईए फेलो, चिकित्सकगण, अस्पताल स्टाफ तथा वन विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी ने मिलकर पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अब गांव गांव तक
ग्रामीणों को मिलेगा निःशुल्क बिजली का लाभ दृ कलेक्टर के निर्देशन में शुरू हुआ जागरूकता अभियान
सुकमा । जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में बुधवार को अपर कलेक्टर श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ आने वाले दिनों में जिले के सभी विकासखंडों और ग्रामों का भ्रमण करेगा तथा ग्रामीणों को योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी ग्रामीणों को योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे और इच्छुक हितग्राहियों का मौके पर ही पंजीयन भी करेंगे।
कलेक्टर श्री ध्रुव ने बताया कि यह योजना ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का उद्देश्य है सभी पात्र परिवारों को इस योजना का लाभ मिले।
दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम : आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम, सफलता की कहानियाँ बनी प्रेरणा
सुकमा। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान द्वारा संचालित “दीदी के गोठ” रेडियो कार्यक्रम लगातार ग्रामीण अंचलों में नई ऊर्जा भर रहा है। इसी क्रम में 18 सितम्बर, गुरुवार को दोपहर 2 बजे इस कार्यक्रम का प्रसारण सभी जनपद एवं ग्राम पंचायतों में किया गया।
“दीदियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी” शीर्षक से प्रस्तुत इस विशेष कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ अपनी सफलता की गाथा स्वयं सुनाती हैं। कार्यक्रम की यही विशेषता इसे अधिक प्रेरणादायी और प्रभावशाली बनाती है। स्व-सहायता समूह के महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास से मिली उपलब्धियों को साझा कर यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छूने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है।
स्वच्छता ही सेवा, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व अंगीकार अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ
पीएम आवास योजना (शहरी) अंतर्गत हितग्राहियों का हुआ गृह प्रवेश
सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को स्वच्छता ही सेवा 2025 अभियान, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना तथा अंगीकार 2025 अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण वर्चुअली जुड़े, जिसमें सुकमा जिले से भी नगर पालिका परिषद् सुकमा सहित स्थानीय प्रतिनिधि व अधिकारी जुड़े थे।
कार्यक्रम के दौरान सुकमा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत हितग्राहियों का गृह प्रवेश हुआ। नगर पालिका परिषद् सुकमा क्षेत्र के 27 हितग्राहियों तथा दोरनापाल क्षेत्र के 14 हितग्राहियों को सांकेतिक गृह प्रवेश की जाबी जनप्रतिनिधियों द्वारा सौंपी गई। इस अवसर पर सभी हितग्राहियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद् सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, उपाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बारसे, नगरीय निकाय के पार्षदगण, जनप्रतिनिधि श्री नूपुर वैदिक, श्री संजय सोढ़ी, एसडीएम सुकमा श्री सूरज कश्यप, सीएमओ श्री पी.के. कोराम, नगर पालिका परिषद् के पार्षदगण तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और आवासीय सुरक्षा वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। स्वच्छता ही सेवा अभियान से लोगों में स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से प्रत्येक परिवार को पक्के घर की सुविधा मिलेगी, जो सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
सुकमा जिले में हुए इस वर्चुअल आयोजन से हितग्राहियों में विशेष उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया। नागरिकों ने सरकार की योजनाओं के प्रति आभार जताया।