छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
कलेक्टर ने चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र का किया व्यापक दौरा, विकास कार्यों, जल संरक्षण और जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
एमसीबी : कलेक्टर ने चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्र का किया व्यापक दौरा, विकास कार्यों, जल संरक्षण और जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर का सख्त रुख : राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
5 साल पुराने मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
जनहित के मामलों में देरी नहीं चलेगी, समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित करें... कलेक्टर संतन देवी जांगड़े
एमसीबी/12 मई 2026
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने जिले के सभी विभागों के लंबित प्रकरणों, जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं और जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, चिरमिरी नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आचला, समस्त एसडीएम, जनपद सीईओ, तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग के कार्यों पर विशेष गंभीरता दिखाते हुए कहा कि आविवादित नामांतरण एवं बंटवारा के प्रकरण किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहने चाहिए तथा 15 जून से पूर्व समस्त प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विवादित मामलों में समय अधिक लग सकता है, लेकिन नियमित सुनवाई और सतत कार्रवाई अनिवार्य रूप से जारी रहनी चाहिए। वहीं तहसील मनेंद्रगढ़, भरतपुर, नागपुर एवं कुंवारपुर के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन के 52 लंबित मामलों तथा फौती नामांतरण के सभी प्रकरणों का निराकरण 15 जून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए।इसके साथ ही राजस्व शिविरों की समीक्षा के दौरान भरतपुर तहसील में 7 प्रकरण समय-सीमा के बाहर तथा 3 समय-सीमा के भीतर लंबित पाए गए। खड़गवां में 4, कोटाडोल में 6 तथा कुंवारपुर में 12 प्रकरण लंबित मिले, जिनमें 8 समय-सीमा से बाहर हैं। इन मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं डायवर्सन प्रकरणों की समीक्षा में मनेंद्रगढ़, भरतपुर, केल्हारी एवं चिरमिरी तहसीलों में लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। विवादित खाता विभाजन के मामलों में केल्हारी में 16 तथा चिरमिरी में 3 प्रकरण लंबित पाए गए। वहीं त्रुटि सुधार के कुल 59 प्रकरणों की समीक्षा करते हुए भरतपुर में 20 तथा केल्हारी में 7 लंबित मामलों को जल्द निराकृत करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भरतपुर, चिरमिरी, केल्हारी, नागपुर एवं मनेंद्रगढ़ तहसीलों में समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत किया जाए। समीक्षा में केल्हारी में 3, नागपुर में 1 तथा चिरमिरी में 1 प्रकरण समय-सीमा से बाहर पाया गया। इसके साथ ही न्यायालयीन मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कोर्ट केसों की सुनवाई में तेजी लाई जाए तथा 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आगामी तीन माह बाद बजटवार एवं शीर्षवार विस्तृत समीक्षा की जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपना संपूर्ण एवं अद्यतन डाटा तैयार रखें।बैठक में नक्शा आबंटन, जिला पंचायत, व्यक्तिगत शौचालय, पीएम आवास, वन अधिकार पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। स्कूल शिक्षा विभाग के 95 स्कूलों में अपार आईडी निर्माण हेतु विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए।वहीं वन अधिकार पत्र वितरण की समीक्षा के दौरान जनपदवार हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा में मृदा परीक्षण के लक्ष्य 4300 के विरुद्ध 4238 परीक्षण पूर्ण होने पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही दलहन, तिलहन एवं धान फसलों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा किसानों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खाद एवं बीज की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने डीएपी, सुपर फास्फेट सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बड़े, छोटे एवं सीमांत किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।वहीं समाज कल्याण विभाग के 26 हजार 246 हितग्राहियों में 1108 लंबित प्रकरण पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में श्रम विभाग, समितिवार योजनाएं, आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना एवं टीकाकरण अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने 14 वर्ष से अधिक एवं 15 वर्ष से कम आयु के बच्चियों के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।आईसीडीएस विभाग अंतर्गत महतारी वंदन योजना एवं भरतपुर एनआरसी के 603 प्रकरणों की समीक्षा की गई। बिहान, सुशासन तिहार एवं पीएमएवाई-यू की प्रगति की जानकारी लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। वहीं पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण कार्यों तथा धान उठाव की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं खनिज एवं वन विभाग की समीक्षा में वन विभाग की प्रगति लगभग 88 प्रतिशत पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मनरेगा भुगतान, नामांतरण, बंटवारा, फौती, त्रुटि सुधार, पीएम जनमन योजना, सिकल सेल एवं टीबी मुक्त पंचायत अभियान, मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं प्रबंधन, जल जीवन मिशन, अंत्यव्यवसायी योजनाएं तथा राशन कार्ड प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत हितग्राहीवार जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिले के प्रत्येक शासकीय कार्यालय में वॉटर हार्वेस्टिंग संरचना निर्माण कर उसकी फोटोग्राफ जमा कराने के निर्देश भी दिए गए। वहीं सुशासन तिहार पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का तत्काल एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने आरटीआई ऑनबोर्डिंग, जनमांगों के प्राथमिकता आधारित समाधान तथा आम जनता से जुड़े प्रकरणों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक के अंत में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
बौरीडांड-अंबिकापुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए मुआवजा वितरण प्रक्रिया शुरू, 111 भूमि स्वामियों को मिलेगा लाभ
एमसीबी/12 मई 2026
जिले में बहुप्रतीक्षित बौरीडांडकृअंबिकापुर (सरगुजा) रेल दोहरीकरण परियोजना को लेकर भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रगति पर है और अब पात्र भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि वितरण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। परियोजना से कुल 09 ग्राम कृ उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ एवं बेलबहरा प्रभावित हैं। रेल दोहरीकरण कार्य के लिए कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई है, जिसमें 111 निजी भूमिस्वामियों की 5.225 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 28 प्रकरणों में 1.755 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है।
इस परियोजना के लिए कुल 4 करोड़ 78 लाख 47 हजार 777 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा 05 मई 2026 को अवार्ड पारित किए जाने के बाद अब प्रभावित हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी तहसीलदार, उप तहसील नागपुर के माध्यम से संकलित की जा रही है, ताकि मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्रता से सीधे खातों में किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित सभी भूमि स्वामियों को नियमानुसार पारदर्शी, त्वरित एवं सुगम प्रक्रिया के तहत मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्रीय रेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को भी गति देगी।
बौरीडांड-अंबिकापुर रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए मुआवजा वितरण प्रक्रिया शुरू, 111 भूमि स्वामियों को मिलेगा लाभ
एमसीबी/12 मई 2026
जिले में बहुप्रतीक्षित बौरीडांडकृअंबिकापुर (सरगुजा) रेल दोहरीकरण परियोजना को लेकर भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई प्रगति पर है और अब पात्र भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि वितरण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। परियोजना से कुल 09 ग्राम कृ उजियारपुर, बरबसपुर, दर्रीटोला, सरोला, सेमरा, लाई, उदलकछार, शंकरगढ़ एवं बेलबहरा प्रभावित हैं। रेल दोहरीकरण कार्य के लिए कुल 6.980 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई है, जिसमें 111 निजी भूमिस्वामियों की 5.225 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 28 प्रकरणों में 1.755 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है।
इस परियोजना के लिए कुल 4 करोड़ 78 लाख 47 हजार 777 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई है। जिला प्रशासन द्वारा 05 मई 2026 को अवार्ड पारित किए जाने के बाद अब प्रभावित हितग्राहियों के बैंक खातों की जानकारी तहसीलदार, उप तहसील नागपुर के माध्यम से संकलित की जा रही है, ताकि मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्रता से सीधे खातों में किया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना से प्रभावित सभी भूमि स्वामियों को नियमानुसार पारदर्शी, त्वरित एवं सुगम प्रक्रिया के तहत मुआवजा वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना क्षेत्रीय रेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं को भी गति देगी।
जिले में 18 मई को रोजगार मेला, 118 पदों पर सीधी भर्ती का मौका
एमसीबी/11 मई 2026
जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 18 मई 2026 को भव्य रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति का अवसर प्रदान करेगा। प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन
जिला रोजगार कार्यालय मनेंद्रगढ़ में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा, जिसके लिए जिलेभर से युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इस कैंप में शामिल होने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस रोजगार मेले में शिक्षक, लाइब्रेरियन, ऑफिस असिस्टेंट, चपरासी एवं टेक्नीशियन ट्रेनी जैसे पद शामिल हैं। विभिन्न स्कूलों एवं संस्थानों जैसे अलेख पब्लिक स्कूल, विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल, अलास्का पब्लिक स्कूल तथा डॉ. आरएनएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन द्वारा शिक्षकों के पदों पर भर्ती की जाएगी।
शिक्षक पद के लिए अभ्यर्थियों के पास ग्रेजुएशन, बी.एड. या शिक्षा में डिप्लोमा आवश्यक है, जबकि कुछ पदों के लिए एम.एससी. एवं एम.एड. योग्यता भी मांगी गई है। लाइब्रेरियन के लिए बी.लाइब एवं ग्रेजुएशन, ऑफिस असिस्टेंट के लिए 12वीं एवं कंप्यूटर ज्ञान तथा चपरासी के लिए न्यूनतम 8वीं पास योग्यता निर्धारित की गई है।
इसके अलावा, शिरामिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 टेक्नीशियन ट्रेनी पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसके लिए 10वीं, 12वीं, आईटीआई या डिप्लोमा धारक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इस पद हेतु ड्राइविंग लाइसेंस भी अनिवार्य रखा गया है।
वेतनमान पद के अनुसार 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है।
रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प पूर्णतः निःशुल्क है, प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु आवेदकों को ईरोजगार पोर्टल में https://erojgar.cg.gov.in/या गुगल प्ले स्टोर में cgrojgar panjiyan app के माध्यम से पंजीकृत होना अनिवार्य है। पोर्टल में पंजीकृत आवेदको को ही प्लेसमेंट कैम्प सम्मिलित किया जायेगा। आवेदक अपने साथ समस्त शैक्षणिक तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र के साथ निवास-जाति/रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण-पत्र/आधार कार्ड तथा पासपोर्ट साईज फोटो के साथ प्लेसमेंट कैम्प हेतु निर्धारित तिथि एवं स्थान पर उपस्थित होने सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने सभी योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाए।
भीषण गर्मी में राहत: हैंडपंप मरम्मत से ग्रामीणों को मिली सुविधा
एमसीबी : भीषण गर्मी में राहत: हैंडपंप मरम्मत से ग्रामीणों को मिली सुविधा
14 मई से शुरू होगा भव्य ‘क्रिकेट समर कैंप’ - जिले की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
एमसीबी : 14 मई से शुरू होगा भव्य ‘क्रिकेट समर कैंप’ - जिले की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े आज मीडिया से करेंगी रूबरू, दोपहर 2 बजे कलेक्टोरेट में होगी प्रेस वार्ता
एमसीबी : नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े आज मीडिया से करेंगी रूबरू, दोपहर 2 बजे कलेक्टोरेट में होगी प्रेस वार्ता
सरकार अब दफ्तरों तक सीमित नहीं, गांव-गांव पहुंचकर कर रही समस्याओं का समाधान : श्याम बिहारी जायसवाल
एमसीबी । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर - संवाद से संपूर्ण समाधान” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस विशाल शिविर ने प्रशासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और त्वरित समाधान की नई मिसाल पेश की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को मौके पर ही राहत और समस्याओं का समाधान मिलने से शिविर जनविश्वास का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित समस्त सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह और जनभागीदारी का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के ग्रामीण सुबह से ही अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर शिविर स्थल पहुंचने लगे थे।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 01 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करना तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। ग्राम मझौली में आयोजित यह शिविर “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करता नजर आया, जहां लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमन्त बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि शासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहान योजना, मनरेगा श्रमिक कार्ड, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग, समाज कल्याण विभाग, आधार सेवा केन्द्र, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एग्रीकल्चर, आधार केवाईसी, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, खनिज विभाग, वन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, क्रेडा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पीएमजीएसवाई, जल संसाधन विभाग, मत्स्य विभाग, आदिवासी विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आयुष विभाग, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नेत्र विभाग, आयुष्मान कार्ड तथा राजस्व विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म भी संपन्न कराई गई, जिससे कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार और संवेदनशीलता का विशेष वातावरण देखने को मिला।
जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह हितग्राहियों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास चाबी, पांच हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति स्थापित हुई है। आज सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” जनहित, संवेदनशीलता और जवाबदेही की मिसाल बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी सोच के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंच रही है, समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रही है। यही कारण है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण ही आज छत्तीसगढ़ को विकास और विश्वास की नई दिशा दे रहा है। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा। अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है, उसमें से कई आवेदनों को मौके पर ही त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित आवेदनों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदक की समस्या का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा, ताकि आमजन को समयबद्ध राहत मिल सके।
कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच जया सिंह मरावी, तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के लिए सर्वोच्च न्यायालय की विशेष पहल
एमसीबी : समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 के लिए सर्वोच्च न्यायालय की विशेष पहल
जिले में SIS ग्रुप द्वारा पंजीयन शिविर का होगा आयोजन, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण के बाद स्थायी रोजगार
एमसीबी : जिले में SIS ग्रुप द्वारा पंजीयन शिविर का होगा आयोजन, युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण के बाद स्थायी रोजगार
ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने प्रशासन तैयार 30 जून 2026 तक जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित
एमसीबी : ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट से निपटने प्रशासन तैयार 30 जून 2026 तक जिला व उपखंड स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ गठित
राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो आदतन आरोपियों पर 6 माह का जिलाबदर आदेश
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए दो आरोपियों के विरुद्ध जिलाबदर की कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत पारित आदेश के अनुसार चिरमिरी निवासी राजन सिंह चौहान तथा मनेन्द्रगढ़ निवासी शकील अहमद उर्फ मस्सा को आगामी 6 माह के लिए जिला एवं आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों से निष्कासित किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 202510330100023/धारा-5/2025-26 के तहत राजन सिंह चौहान और दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 202511330100013/धारा-5/2025-26 के तहत शकील अहमद उर्फ मस्सा को 27 अप्रैल 2026 की सुबह 10 बजे से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 27 अप्रैल 2026 से 26 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। जिला बदर अवधि के दौरान दोनों आरोपियों को केवल एमसीबी जिले ही नहीं, बल्कि उससे लगे सीमावर्ती जिलों कोरिया, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, सीधी एवं सिंगरौली की सीमाओं में भी बिना विधिसम्मत अनुमति प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक पहल माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को अपराध नियंत्रण के प्रति प्रशासन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।
देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न
इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी से केशल राम साहू बने अधिमानी बोलीदार
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
जिला में खनिज संसाधनों के पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। इस प्रक्रिया के माध्यम से शासन द्वारा रेत खदानों के आवंटन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रतिस्पर्धात्मक व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीकी प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया गया।
देवाड़ांड-1 रेत खदान के लिए आयोजित इस ई-नीलामी प्रक्रिया में कुल 74 इच्छुक बोलीदारों ने भाग लिया, जो इस खदान के प्रति व्यापक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक महत्व को दर्शाता है। तकनीकी परीक्षण एवं दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के बाद 73 बोलीदारों को पात्र तथा 1 बोलीदार को अपात्र घोषित किया गया। इसके पश्चात पात्र बोलीदारों के बीच रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया संचालित की गई, जहां एक असाधारण स्थिति उत्पन्न हुई जब सभी पात्र प्रतिभागियों द्वारा समान एवं न्यूनतम बोली प्रस्तुत की गई।
ऐसी विशेष परिस्थिति में शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत निष्पक्षता बनाए रखने के लिए 27 अप्रैल 2026 को इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी प्रणाली का उपयोग किया गया। यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित वातावरण में संपन्न हुई, जिससे किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप या पक्षपात की संभावना समाप्त हो सके। इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी के परिणामस्वरूप श्री केशल राम साहू का चयन देवाड़ांड-1 रेत खदान के अधिमानी बोलीदार के रूप में किया गया। खनिज विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पूरी ई-नीलामी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप अत्यंत पारदर्शी, निष्पक्ष एवं तकनीकी सुरक्षा मानकों के साथ संपन्न कराई गई है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य खनिज संसाधनों के आवंटन में सुशासन सुनिश्चित करना तथा राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ बनाना है। अधिकारियों के अनुसार अधिमानी बोलीदार के चयन के उपरांत अब आवश्यक वैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूर्ण की जाएंगी, ताकि देवाड़ांड-1 रेत खदान का संचालन समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके। खदान संचालन शुरू होने से क्षेत्र में रेत की उपलब्धता बेहतर होगी, जिससे निर्माण कार्यों में सुगमता आएगी और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायता मिलेगी। इस पहल से न केवल शासन को राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। खदान संचालन से परिवहन, श्रम एवं सहायक सेवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन द्वारा अपनाई गई यह पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया सुशासन, संसाधन प्रबंधन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
एमसीबी के 'JOSH' मॉडल की प्रदेशभर में गूंज मुख्य सचिव ने दिए सभी जिलों में क्रियान्वयन के निर्देश
जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन बना राज्य स्तरीय नवाचार, स्वच्छता के साथ युवाओं को मिला रोजगार का नया अवसर
एमसीबी/28 अप्रैल 2026
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की अभिनव पहल “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH) अब पूरे छत्तीसगढ़ के लिए स्वच्छता और स्वरोजगार का मॉडल बन गई है। राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अपेक्स समिति की बैठक में जिले के इस नवाचार की सराहना करते हुए मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।
यह एमसीबी जिले के लिए गौरव का विषय है कि स्थानीय स्तर पर शुरू की गई यह पहल अब राज्यव्यापी अभियान का स्वरूप लेने जा रही है।
खड़गवां से हुई थी शुरुआत, अब पूरे प्रदेश में विस्तार
विदित हो कि 5 जनवरी 2026 को खड़गवां से जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा “जर्नी ऑफ सैनिटेशन हाइजीन (JOSH )” का शुभारंभ किया गया था। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन में जिले के तीनों जनपद पंचायतों में संस्थागत, व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, उपयोग बढ़ाने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से इसकी रूपरेखा तैयार की गई।
स्वच्छता के साथ रोजगार सृजन का प्रभावी मॉडल
जिला समन्वयक राजेश जैन ने बताया कि स्वच्छता प्रहरियों द्वारा अब तक लगभग 200 यूनिट शौचालयों की सफाई की जा चुकी है, जिससे करीब 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित हुई है। यह पहल न केवल ग्रामीण स्वच्छता को मजबूत कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए आय का स्थायी माध्यम भी बन रही है।
सफाई के साथ मरम्मत भी
JOSH मॉडल के अंतर्गत स्वच्छता प्रहरी केवल शौचालयों की सफाई ही नहीं कर रहे, बल्कि क्षतिग्रस्त एवं अनुपयोगी शौचालयों की मरम्मत भी कर रहे हैं। इसमें जाम यूरिनल पैन, पाइप लाइन, चैंबर, टाइल्स फिटिंग जैसी तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे शौचालय उपयोगी और टिकाऊ बन रहे हैं।
मात्र 200 रुपये सेवा शुल्क, स्वच्छता का सशक्त अभियान
स्वच्छता प्रहरी हितग्राहियों से प्रति यूनिट केवल 200 रुपये सेवा शुल्क लेकर बेहतर सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
कई विभागों से समन्वय, संस्थागत स्वच्छता को बढ़ावा
इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिवासी विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत शौचालयों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित हो सके।
एमसीबी बना नवाचार का मॉडल
जिले की यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय नवाचार, यदि प्रभावी नेतृत्व और जनसहभागिता के साथ लागू हो, तो वह राज्य स्तर पर नीति का आधार बन सकता है। JOSH अब केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि स्वच्छता, सम्मान और स्वरोजगार का ऐसा मॉडल बन चुका है, जिसने एमसीबी जिले को पूरे प्रदेश में नई पहचान दिलाई है।
ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत एमसीबी जिले में पांडुलिपि सर्वे अभियान प्रारंभ
एमसीबी/ 27 अप्रैल 2026
ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में पांडुलिपि (हस्तलिखित ग्रंथ) सर्वेक्षण शुरू किया गया जिसके अंतर्गत तीन मास्टर ट्रेनर एवं 137 सर्वेक्षको को नियुक्त कर सभी ग्राम पंचायत मे सर्वे प्रारंभ करने की निर्देश दिए जिले के कलेक्टर डी राहुल वेंकट ने जिला स्तरीय कमेटी गठन कर सभी सर्वेक्षको की ऑनलाइन बैठक लेकर अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताएं कि यह हस्तलिखित ग्रंथ कम से कम 60 -70 वर्ष प्राचीन होना चाहिए साथ ही पुस्तकालय, मंदिरों, निजी संग्रहको के यहां जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक हो गई है मिलने की संभावना अधिक है
इस अभियान के अंतर्गत चिरमिरी निवासी प्रदीप कुमार बेहरा, व्याख्याता के घर ज्ञानभारतम् अभियान की सचिव/जिला नोडल अधिकारी डॉ विनोद पांडेय, चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय और रितेश श्रीवास्तव ने प्रदीप बेहरा के घर पहुंच कर लगभग सन 1850 की उड़िया भाषा की लगभग 6 पांडुलिपि का डिजिटलीकरण कराया तथा सभी ने पांडुलिपि संग्रहण लिए बेहरा की प्रशंसा की। महापौर महोदय ने जन जागरूकता अभियान के तहत सभी लोगों से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। कलेक्टर महोदय ने भी पांडुलिपि संग्रहण करने के लिए श्री बेहरा को बधाई दी है़े।
भीषण गर्मी में ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत: भरतपुर के कई गाँवों में खराब हैंडपंप हुए दुरुस्त
एमसीबी/27 अप्रैल 2026
जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कमर कस ली है। प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैंडपंपों को युद्ध स्तर पर सुधारा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
इन गाँवों में हुआ त्वरित सुधार
विभागीय टीम ने हाल ही में विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत घाघरा, बेला और लरकोडा का दौरा किया। यहाँ लंबे समय से खराब और बंद पड़े हैंडपंपों का न केवल निरीक्षण किया गया, बल्कि मौके पर ही उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा चालू किया गया।
प्राथमिकता पर पेयजल आपूर्ति
भीषण गर्मी की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए है। (PHE) विभाग की इस मुस्तैदी से ग्रामीणों को अब स्वच्छ पेयजल के लिए दूर नहीं भटकना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की है।
जिलेभर में अभियान जारी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी हैंडपंप सुधार का कार्य निरंतर प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य है कि इस भीषण तपिश में किसी भी ग्रामीण को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।