छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी नागरिकों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

 एमसीबी । आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनदर्शन आयोजित किया गया। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच कर समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में राशन, भूमि विवाद, मुआवजा, वन अधिकार पट्टा, अवैध कब्जा, सड़क पर गंदा पानी बहाए जाने, बिजली दुर्घटना में मुआवजा, अल्पबचत एजेंसी की सिक्योरिटी राशि, परीक्षा फॉर्म तथा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे सहित विभिन्न मामलों से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए।

मनेंद्रगढ़ निवासी मंगल प्रसाद ने राशन नहीं मिलने की शिकायत की। माड़ीसरई निवासी राम लखन अहीरवार ने भूमि संबंधी समस्या, जबकि खोंगापानी निवासी अनीष अंसारी ने पूर्व में प्रस्तुत आवेदन के शीघ्र निराकरण की मांग की। नागपुर निवासी तारा देवी जायसवाल ने उचित मूल्य दुकान संचालक के व्यवहार और नहर की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत रखी।

खड़गवां निवासी अनीता ने रोपा लगाने के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से दिव्यांग होने के मामले में मुआवजा दिलाने की मांग की। मनेंद्रगढ़ निवासी बेचू बंसल ने सड़क मार्ग पर सेफ्टी टैंक का गंदा पानी बहाए जाने की शिकायत की। चनवारीडांड निवासी आदित्य नंदन पासवान ने डाकघर में अभिकर्ता के रूप में कार्य करने तथा पूर्व की अल्पबचत एजेंसी की सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने संबंधी आवेदन दिया।

 
 
 
 

शिक्षा से जुड़े मामले में खड़गवां निवासी करुणा तिर्की ने कम उपस्थिति के कारण परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलने की समस्या रखी। छरछा निवासी बालगोविंद ने वन अधिकार के तहत प्राप्त भूमि पर कब्जे के प्रयास की शिकायत की। चिरमिरी निवासी अब्दुल रसीद ने भूमि मुआवजा दिलाने तथा प्रभावित लोगों का सर्वे कराने की मांग की। नागपुर के हितग्राहियों ने एनएच-43 के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण अथवा विस्तृत जांच की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदन केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।

 
 
 
 

कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

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