छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
तोरवा में छठ घाट आकर्षक लाइट से चमका
बिलासपुर । छठ महापर्व आज यानी 25 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। पहले दिन नहाय खाय के साथ पर्व का आगाज होगा। इस दिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के तोरवा स्थित छठ घाट पर शाम को अरपा मइया की महा आरती की जाएगी।
इसके लिए अरपा तट को आकर्षक लाइट से सजाया गया है, जिससे यहां का नजारा दिवाली जैसे हो गया है। इसके साथ ही चार दिनों तक पर्व की धूम रहेगी।
बता दें कि अरपा का छठ घाट देश का सबसे बड़ा स्थायी घाट है, जहां एक साथ 50 हजार से अधिक छठव्रती सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं।
तोरवा छठ घाट पर पाटलीपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज और सहजानंद समाज के संयुक्त तत्वाधान में महापर्व पिछले 25 सालों से मनाया जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष असीमदास ने बताया कि महापर्व को लेकर सिल्वर जुबली वर्ष मनाया जा रहा है। इसे लेकर तोरवा छठ घाट में एक हफ्ते से तैयारी चल रही है।
घाट की साफ-सफाई के बाद आकर्षक लाईटिंग की गई है। बुधवार (22 अक्टूबर) को महापर्व की सुरक्षा व्यवस्था और तैयारी को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, निगम आयुक्त अमित कुमार घाट का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां देश के सबसे बड़े छठघाट में एक साथ 50 हजार से अधिक लोग सूर्य को अर्घ्य देंगे। इस बार यह पर्व 25 अक्टूबर से शुरू होकर 28 अक्टूबर तक चलेगा।
हाईकोर्ट ने खारिज की चैतन्य बघेल की याचिका, ईडी की गिरफ्तारी बरकरार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जो शुक्रवार को सुनाया गया।
याचिका में चैतन्य बघेल की ओर से कहा गया था कि ईडी की कार्रवाई असंवैधानिक और नियम विरुद्ध है, लेकिन कोर्ट ने ईडी की प्रक्रिया को कानूनसम्मत माना और गिरफ्तारी को वैध ठहराया।
गौरतलब है कि ईडी ने 18 जुलाई को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई थी। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुई थी।
ईडी की जांच में सामने आया कि इस घोटाले से राज्य को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ और करीब ₹2,500 करोड़ की अवैध कमाई विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। एजेंसी के मुताबिक, चैतन्य बघेल को इस घोटाले से ₹16.70 करोड़ मिले, जिन्हें उन्होंने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया।
जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य बघेल ने व्यवसायी त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर धनशोधन की योजना बनाई थी। आरोप है कि उन्होंने विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फर्जी फ्लैट खरीद दिखाकर ₹5 करोड़ की नकदी प्राप्त की। ईडी के अनुसार, बैंकिंग ट्रेल इस बात की पुष्टि करता है कि लेन-देन की अवधि में ढिल्लों को शराब सिंडिकेट से भुगतान मिला था।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब चैतन्य बघेल की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता का मजबूत आधार बना-मत्स्य पालन
ग्रामीण समृद्धि की नई पहचान, तकनीक और परिश्रम से तरक्की की सफर
बिलासपुर, 17 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती महोत्सव 2025 का यह विशेष वर्ष, प्रदेश के समग्र विकास की गौरवशाली गाथा को रेखांकित करता है। इन 25 वर्षों में प्रदेश के सभी विभागों ने जनकल्याण और सामाजिक उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। इनमें बिलासपुर जिला का मत्स्य पालन विभाग एक ऐसी मिसाल बनकर उभरा है, जिसने जल संसाधनों के माध्यम से गांव-गांव में आजीविका, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्थिरता की मजबूत नींव रखी।
जिले में 4 हजार 946 तालाब मछली पालन
वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, उस समय बिलासपुर जिले में मछली पालन मुख्यतः पारंपरिक विधियों तक सीमित था। ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन एक सहायक आजीविका के रूप में देखा जाता था। केवल 3 हजार 333 तालाब मछली पालन के लिए पट्टे पर दिए गए थे और मत्स्य उत्पादन 21 हजार 120 मीट्रिक टन था। विगत 25 वर्षों में मत्स्य पालन विभाग, बिलासपुर ने योजनाबद्ध प्रयासों और नवाचारों के माध्यम से इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। आज जिले में 4 हजार 946 तालाब मछली पालन के लिए उपयोग में हैं। पट्टे पर जल क्षेत्र की सीमा 5 हजार 679 हेक्टेयर से बढ़कर 10 हजार 960 हेक्टेयर तक पहुँच गई है। ग्रामीण तालाबों की संख्या 227 से बढ़कर 4 हजार 884 हो चुकी है। इस विस्तार का सबसे बड़ा प्रभाव मत्स्य उत्पादन पर पड़ा है, जो अब 48 हजार 488 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है।
आधुनिक पद्धतियों से मछली पालन के लिए कृषकों और युवाओं में आकर्षण
यह केवल आँकड़ों की प्रगति नहीं है, बल्कि यह उन हजारों मछुआ परिवारों की समृद्धि का सूचक है, जिनके जीवन में इन योजनाओं ने स्थायित्व और सम्मान जोड़ा। जिले में मत्स्य पालन को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण से विकसित करने हेतु कई नवीन विधियों को अपनाया गया है। इसमें प्रमुख हैं- प्लेकटान ग्रोवर तकनीक-810 इकाइयाँ, झींगा पालन इकाइयाँ-517, केज कल्चर यूनिट्स-436, बायोफ्लॉक एवं पॉन्ड लाइनर पद्धति-जिनसे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हुआ। इन आधुनिक पद्धतियों ने विशेष रूप से छोटे कृषकों और युवाओं को आकर्षित किया है, जो अब मत्स्य पालन को एक लाभकारी उद्यम के रूप में देख रहे हैं।
जिले में 8 हजार 980 से अधिक हितग्राहियों को बीमा सुरक्षा
मत्स्य पालन विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ हर मछुआरे तक पहुँचे। आज जिले में 8 हजार 980 से अधिक हितग्राही बीमा सुरक्षा और बचत सह राहत योजना जैसी योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता की पहुँच को भी सुलभ बनाया गया है।
छत्तीसगढ़ का पहला हाइटेक फिश मार्केट
वर्ष 2016 में तोरवा क्षेत्र में राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास बोर्ड की सहायता से 1 करोड़ रूपए की लागत से छत्तीसगढ़ का पहला हाइटेक फिश मार्केट विकसित किया गया। इसमें 15 थोक दुकानें, 27 फुटकर दुकानें, आइस प्लांट और सजीव मछली विक्रय जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह बाजार न केवल व्यवसायिक केंद्र बना, बल्कि मछली विक्रेताओं को सम्मानजनक मंच भी प्रदान करता है। परंपरागत जल स्रोतों के साथ-साथ नदी आधारित मत्स्य पालन को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया गया है। शिवनाथ नदी के ग्राम जोंधरा स्थित एनीकट में 300 हेक्टेयर जल क्षेत्र को मछुआ सहकारी समिति को 10 वर्षों के लिए पट्टे पर आबंटित किया गया है, जिससे संगठित मत्स्य उत्पादन को गति मिली है।
मछली पालन में छत्तीसगढ़ राज्य का अग्रणी जिला होने का गौरव
विकासखंड कोटा के ग्राम भैसाझार निवासी श्री इग्नियश मिंज ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि तकनीक और मेहनत का समन्वय कैसे बड़े परिणाम ला सकता है। उन्होंने फगेशियस मत्स्य पालन में प्रति वर्ष 55 मीट्रिक टन उत्पादन प्राप्त किया है। उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मछली परिवहन वाहन भी प्रदान किया गया, जिसका वितरण उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा किया गया। जिले ने मछली पालन के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का अग्रणी जिला होने का गौरव प्राप्त किया है। यह केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि नीतियों को जमीन पर उतारने की जीवंत मिसाल है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव 27 नवंबर को, 28 को आएगा निर्णय
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ (हाईकोर्ट बार एसोसिएशन) ने वर्ष 2025-27 के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 27 नवंबर को चुनाव होगा और 28 नवंबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव समिति के अनुसार 17 अक्टूबर को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 27 और 28 अक्टूबर को दावा-आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी, जिनका निराकरण होने के बाद 30 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक नामांकन पत्र वितरित और जमा किए जाएंगे, जबकि 7 नवंबर नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि होगी।
नामांकन पत्रों की जांच 11 नवंबर को होगी और 12 नवंबर शाम 5 बजे तक उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची प्रकाशित की जाएगी। उम्मीदवार अपने नाम 13 से 14 नवंबर तक वापस ले सकेंगे, जिसके बाद 18 नवंबर को अंतिम सूची जारी होगी। 27 नवंबर को मतदान और 28 नवंबर को मतगणना होगी, जबकि 1 दिसंबर को विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव वरुणेंद्र मिश्रा ने अधिवक्ता सदस्यों को सूचित किया है कि केवल वे सदस्य, जिन्होंने अगस्त 2025 तक का मासिक शुल्क जमा कर दिया है, उनके नाम ही मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जो सदस्य अब तक शुल्क नहीं जमा कर पाए हैं, वे 16 अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक शुल्क जमा कर सकते हैं, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके।
चुनाव प्रक्रिया के संचालन हेतु एडवोकेट अनूप मजूमदार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि बी. एन. नंदे और शिशिर दीक्षित को सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन सदस्यीय अपीलीय समिति भी गठित की गई है, जो चुनाव संबंधी विवादों पर निर्णय लेगी।
पक्के घर की पहली दिवाली, दुलारी बाई ने कहा अब जीवन हुआ रोशन
नया घर से मिला सुरक्षित जीवन
, 15 अक्टूबर
कभी बारिश की बूंदों से टपकती छत और मिट्टी की दीवारों के बीच जीवन गुज़ार रही बिलासपुर के धुरीपारा मंगला की दुलारी बाई के जीवन में एक बड़ी खुशहाली तब आई, जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका पक्का आशियाना बना। इस बार वे पहली बार अपने पक्के घर में दिवाली मनाएंगी इससे उनके त्यौहार का उत्साह दुगुना हो जाएगा। योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
नया घर न केवल सुरक्षा का प्रतीक
धुरीपारा मंगला की दुलारी अपने परिवार के साथ वर्षों से एक कच्चे घर में रह रही थीं। बरसात के दिनों में घर में पानी भर जाता था और दीवारों पर नमी से होने से रहना मुश्किल हो जाता था। आमदनी इतनी नहीं थी कि पक्का घर बनवा सकें ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत उन्हें सरकारी सहायता मिली। दुलारी बाई के पति स्वयं राज मिस्त्री हैं उन्होंने स्वयं अपना मजबूत घर बना लिया है। उनका नया घर न केवल सुरक्षा का प्रतीक है बल्कि आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया। इस बार वे पहली बार अपने पक्के घर में दिवाली मनाएंगी ये उनके लिए बड़ी खुशी है।
घर में बिजली, पानी और शौचालय की मुश्किलों से मिली निजात
दुलारी खुश होकर बताती हैं कि अब बच्चों के लिए एक अलग कमरा है, रसोई साफ-सुथरी है और बरसात का डर खत्म हो गया है। घर में बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा ने उनके जीवन को आसान बना दिया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से कई गरीब परिवारों को लाभ मिला है, जिससे उन्हें कच्चे घर की मुश्किलों से निजात मिली है।
मध्यान्ह भोजन में परोसी सड़ी चटनी: शिक्षिका निलंबित, दो को नोटिस...
बिलासपुर । सरकारी स्कूल में बच्चों को सड़ा और बदबूदार भोजन परोसने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मंगला में मध्यान्ह भोजन में सड़े टमाटर और मिर्च से बनी चटनी परोसने के आरोप में प्रभारी शिक्षिका भावना तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 12 सितंबर की है, जब दोपहर के भोजन के दौरान छात्रों ने चटनी से तेज दुर्गंध की शिकायत की। स्कूल की प्रधान पाठक सावित्री शर्मा ने चटनी का स्वाद चखने पर उल्टी कर दी और तुरंत भोजन रुकवाया। मामले की सूचना मिलने पर संयुक्त संचालक आरपी आदित्य ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच में पुष्टि हुई कि चटनी बनाने में सड़ी हुई सामग्री का उपयोग किया गया था। इसके बाद मध्यान्ह भोजन प्रभारी भावना तिवारी को निलंबित कर दिया गया, जबकि तत्कालीन बीईओ सुनीता ध्रुव और शिक्षिका भावना बाजपेयी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
विभाग ने इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण
बिलासपुर, 9 अक्टूबर 2025
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए डबल लॉक का भौतिक सत्यापन, संबंधित पंजियों का परीक्षण तथा स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग,पेंशन भुगतान एवं लेखा कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कोषालय में अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव, दस्तावेजों के अद्यतन एवं वित्तीय अनुशासन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी, डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे, खजांची ज्ञानू भारद्वाज, सुरेंद्र देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला पंचायत की बैठक 15 अक्टूबर को
बिलासपुर, 9 अक्टूबर 2025
जिला पंचायत की बैठक 15 अक्टूबर को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक शाम 4 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, खनिज विभाग, जल संसाधन विभाग, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण, कृषि एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन, जिला पंचायत के आय-व्यय की जानकारी एवं अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
छात्रावास मरम्मत कार्यों की निविदा निरस्त
बिलासपुर, 09 अक्टूबर 2025
आदिवासी विकास विभाग द्वारा छात्रावास एवं आश्रमों की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य के लिए जारी निविदा निरस्त कर दी गई है। गत 4 अगस्त को इन कार्यों के लिए निविदा सहायक आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी किया गया था। सहायक आयुक्त ने अपरिहार्य कारणों से 9 सितम्बर को आदेश जारी कर इसे आगामी आदेश तक के लिए निरस्त कर दिया है।
कोटा में 20 राशन दुकान आवंटन के लिए 13 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित
बिलासपुर, 09 अक्टूबर 2025
कोटा विकासखण्ड के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 20 राशन दुकान आवंटन के लिए 13 अक्टूबर 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक समिति अथवा समूह उक्त तिथि तक अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय कोटा में निर्धारित प्रारूप में आवेदन दे सकते हैं। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय कोटा के खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन क्षेत्रों के लिए राशन दुकान आबंटित किये जाने हैं, उनमें कोटा शहर में वार्ड नम्बर 10-11 मिलाकर एक, रतनपुर शहर के वार्ड नम्बर 5,वार्ड नम्बर 9 एवं वार्ड नम्बर 11 में एक-एक, खुरदूर, नवागांव (सो) सोनपुरी, चंगोरी, छेरकाबांधा, देवनपुर, बहेरामुड़ा, खैरझिटी, सक्तिबाहरा, कोनचरा, सीस, खैरा, लमकेना, नेवारीबहरा, आमामुड़ा और भरदैयाडीह शामिल हैं। एसडीओ राजस्व ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कार्यरत सहकारी समितियां, महिला स्व सहायता समूह, ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, वन सुरक्षा समितियां एवं अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियां आवेदन के लिए पात्रता रखते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कोटा राजस्व अनुविभाग कार्यालय सहित तहसील एवं जनपद कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
एमएसटीसी पोर्टल से होगा रेत खदानों का आवंटन
बोलीकर्ताओं का 13 अक्टूबर को बिलासपुर में प्रशिक्षण
बिलासपुर, 09 अक्टूबर 2025
रेत खदान के इच्छुक बोली कर्ताओं को पोर्टल के बारे में जानकारी देने के लिए 13 अक्टूबर को बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। कलेक्टोरेट कार्यालय बिलासपुर के नजदीक स्थित जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाभवन में दोपहर 2 बजे से ये प्रशिक्षण शुरू होगा। उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर किशोर गोलघाटे ने बताया कि इस बार गौण खनिज साधारण रेत का आवंटन एमएसटीसी पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा। आवंटन की कार्यवाही ई-नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) प्रक्रिया के अनुसार होगी। प्रशिक्षण में इच्छुक बोलीकर्ताओं को ई-नीलामी से जुड़ी तमाम प्रक्रिया जैसे कि निविदा जारी करना, निविदा में भाग लेने के लिए बोलीकर्ताओं का पंजीयन, बोली लगाने की प्रक्रिया, तकनीकी अर्हताधारी बोलीकर्ताओं का चयन, लॉटरी प्रक्रिया, अधिमानी बोलीदार का चयन आदि पोर्टल के माध्यम से होने वाली समस्त जानकारी बताई जायेगी। रेत खदान के इच्छुक बोलीकर्ता इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकते हैं। संभाग स्तरीय इस प्रशिक्षण बिलासपुर सहित संभाग के अन्य जिलों जैसे कि मुंगेली, जीपीएम, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा, सक्ती, रायगढ़ एवं सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलों के इच्छुक बोलीदारों के लिए आयोजित की गई है। उप संचालक ने इच्छुक बोलीदारों को इस प्रशिक्षण में हिस्सा लेकर जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया है।
शिक्षा में डिजिटल क्रांति- 1100 विद्यालयों को मिलेगी स्मार्ट टीवी की सौगात
बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण, डिजिटल एवं ई-क्लास को मिलेगा बढ़ावा
बिलासपुर, 9 अक्टूबर 2025

शासकीय विद्यालयों में विशेष कर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले के लगभग 1100 विद्यालयों में स्मार्ट टी०व्ही उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा में डिजिटल क्रांति के तहत बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के 25 स्कूलों में स्मार्ट टीवी वितरण किया गया, जिससे बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें।
बिल्हा विकासखण्ड में 50 स्मार्ट टी०व्ही श्री नरेश अग्रवाल प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा के द्वारा प्रदान किया गया है, जिसके प्रथम चरण में आज 25 स्मार्ट टी०व्ही विद्यालयों को प्रदान किया गया है। इस प्रकार शेष विद्यालयों को शीघ्र ही स्मार्ट टी०व्ही० उपलब्ध कराया जायेगा। शिक्षा को बढ़ावा देने एवं उसे बच्चों में रुचि कर बनानें के उद्देश्य से जन सहयोग के माध्यम से जिले मार्ट टी०व्ही सेट उपलब्ध्ण कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी, जिससे बच्चों का विद्यालय ओर अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ेगी।
सम्पर्क फॉउडेशन नई दिल्ली द्वारा लगभग 1100 विद्यालयों को निःशुल्क सम्पर्क टी०व्ही डिवाईस भी उपलब्ध कराया जा रहा हैं, जिसके माध्यम से बच्चे मनोरंजक ढंग से शिक्षा प्राप्त कर सकेगें। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर, कमिश्नर नगर निगम बिलासपुर प्रबंधक मंगल पावर एवं इस्पात बिल्हा, डी०एम०सी० समग्र शिक्षा बिलासपुर सहित अधिकारी उपस्थित रहे ।
ज्ञातव्य है कि इसके पूर्व 7 अक्टूबर को प्रथम चरण में नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा शहरी क्षेत्र के 31 शासकीय प्राथमिक शालाओं को स्मार्ट टी०व्ही० का वितरण किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की पहल से जन सहयोग द्वारा विद्यालयों को लगातार स्मार्ट टी० व्ही० उपलब्ध लगातार कराया जा रहा है। बच्चों को डिजिटल एवं ई-क्लास के माध्यम से रुचिकर कर शिक्षा प्रदान की जायेगी जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ेगी।
एसईसीएल ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ के तहत व्यापक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन अभियान शुरू किया
बिलासपुर । भारत की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनियों में से एक साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), जो कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक इकाई है, ने ‘स्पेशल कैंपेन 5.0’ के तहत एक बड़े पैमाने पर स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य कार्यस्थलों पर स्वच्छता को बढ़ावा देना, डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त करना और अपशिष्ट के सतत एवं जिम्मेदार निपटान को सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत एसईसीएल द्वारा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्रों, कार्यशालाओं, कार्यालयों और आवासीय परिसरों सहित 203 स्थानों पर फैले 37 लाख वर्गफीट क्षेत्र में सफाई, सुव्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है।
यह अभियान भारत सरकार की स्वच्छता और सुशासन की पहल के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अभियान के मुख्य फोकस क्षेत्रों में गहन स्वच्छता गतिविधियाँ, लगभग 3,000 मीट्रिक टन कबाड़ सामग्री का सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल निपटान, और 8,500 से अधिक फाइलों (भौतिक एवं ई-फाइलों) की व्यापक समीक्षा शामिल है, जिससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि हो सके। साथ ही 2,700 सत्यापित ई-फाइलों को बंद कर दस्तावेजी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जाएगा।एसईसीएल अपने कर्मचारियों को “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” जैसे नवाचारपूर्ण विचारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है, ताकि संसाधनों का रचनात्मक एवं सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके।
यह पहल एसईसीएल के प्रमुख संचालन क्षेत्रों — बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ — में सक्रिय रूप से लागू की जा रही है, जहाँ टीमें कोयला क्षेत्र में पर्यावरणीय और प्रशासनिक उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान न केवल स्वच्छता और डिजिटल दक्षता को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक कदम है, बल्कि इसका उद्देश्य कार्यस्थलों को अधिक स्वच्छ, हरित और उत्पादक बनाना भी है। स्पेशल कैंपेन 5.0 का क्रियान्वयन चरण 31 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और कुशल प्रशासन की संस्कृति को स्थायी रूप से स्थापित करना है।
सीवीओ, कोल इंडिया ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने किया दीपका क्षेत्र का दौरा
बिलासपुर । एसईसीएल दौरे के दूसरे दिन आज दिनांक 07 अक्तूबर 2025 को कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने दीपका क्षेत्र का दौरा किया। श्री त्रिपाठी ने क्षेत्र के प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की और तत्पश्चात माइन व्यू पॉइंट का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने क्षेत्र की विस्तृत माइन योजना के माध्यम से चल रहे खनन कार्यों एवं भावी योजनाओं की समीक्षा की। “एक पेड़ माँ के नाम” एवं “एक पेड़ सतर्कता के नाम” अभियान के अंतर्गत, उन्होंने नए साइलो परिसर के निकट एक पौधा रोपित किया।
पौधरोपण के दौरान त्रिपाठी ने दीपका में पर्यावरण का काम संभाल रही पर्यावरण प्रबंधक कीर्ति केजी से भी संवाद किया और उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एवं सशक्तिकरण की सराहना की। खदान निरीक्षण के पश्चात् त्रिपाठी ने दीपका, गेवरा, कुसमुण्डा एवं कोरबा क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ एक संवाद सत्र में भाग लिया। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक कोल इंडियन देश की प्रगति का सशक्त आधार है। उन्होंने सभी से निडर होकर , भय त्याग करके काम करने को कहा । अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए श्री त्रिपाठी ने अपने प्रेरक नारे “जो जीता वही कोल इंडियन” को दोहराया और सभी को सतर्कता, उत्कृष्टता एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।दौरे के दौरान श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन), श्री हिमांशु जैन, मुख्य सतर्कता अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियादें सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए। बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सारधा के सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर हो जाने के कारण नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र बनाये जाने की मांग की। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में ग्राम बैमा निवासी दिव्यांग लक्ष्मीनारायण ने शौचालय निर्माण के लिए सहायता दिलाने हेतु आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वे 90 प्रतिशत दिव्यांग है, उनके घर में शौचालय नहीं होने के कारण शौच के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है। सीईओ जिला पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तखतपुर ब्लॉक के बुटेना निवासी लखराम साहू ने कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि पूर्व में वे ग्राम खैराखुर्द में निवास करते थे जहां उन्हें हर महीने विकलांगता पेंशन मिलती थी। किसी कारणवश खैराखुर्द छोड़कर वे ग्राम बुटेना में निवासरत है। पिछले कई माह से वर्तमान गांव में पेंशन प्राप्त करने के लिए नाम जुड़वाने आवेदन दे चुके है परंतु अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ तखतपुर को उनका आवेदन सौंपते हुए इसका समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बोदरी तहसील के ग्राम पोड़ी निवासी 74 वर्षीय वृद्ध रामसहाय दिवाकर ने वृद्धा पेंशन राशि दिलाने की मांग की।
कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ बिल्हा को कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा। गोकने नाला के स्टाप डेम में गेट लगवाने के लिए जनपद पंचायत तखतपुर के उपाध्यक्ष राकेश तिवारी द्वारा मांग की गई है ताकि डेम में जलभराव हो सके इससे आसपास रहने वाले 20 से 25 गांव का जलस्तर बढ़ेगा। इसके साथ ही निस्तारी की समस्या भी दूर होगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। जनदर्शन में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल एवं निगम आयुक्त अमित कुमार ने भी लोगों की समस्याएं सुनी। लगभग 62 लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने की एफआईआर की अनुशंसा, संकुल समन्वयक सस्पेंड
बिलासपुर । बिल्हा ब्लाक में फर्जी मेडिकल बिल के आधार पर 40 लाख रुपए निकालने के मामले में शिक्षा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर आरपी आदित्य ने बिल्हा ब्लाक में पदस्थ शिक्षक और संकुल समन्वयक साधे लाल पटेल को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही राशि गबन के मामले में शिक्षक के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी। जेडी ने इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखते हुए अनुशंसित भी किया है। यह पूरी कार्रवाई जांच कमेटी ने रिपोर्ट के आधार पर की है।
जांच तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई है। बीईओ आफिस के कर्मचारियों को भी दोषी माना गया है। साथ ही संबंधितों से 6 लाख 74 हजार 70 रुपए वसूली करने भी कहा है।
ज्वाइंट डायरेक्टर के मुताबिक सभी पर कार्रवाई होगी। बिल्हा ब्लॉक में पदस्थ और संकुल समन्वयक शिक्षक साधे लाल पटेल ने अपने और परिजनों के नाम पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में 40 लाख का फर्जी मेडिकल बिल जमा किया। फर्जी मेडिकल बिल को विभाग ने राज्य कार्यालय को फारवर्ड कर राशि भी मंगा ली।
कुछ राशि का भुगतान होता इसके पहले ही शिकायत हो गई और कुछ बिल को रोक दिया गया। मामले में जांच कमेटी बनाई गई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से बिल जारी करने की पुष्टि की गई।
जांच के दौरान में श्रीमती शिल्पा शर्मा कार्या सहायक ग्रेड 3 वि.खं.शि.अधि. बिल्हा की ओर से कहा गया है है कि साधेलाल पटेल शिक्षक संकुल समन्वयक द्वारा भुगतान हेतु जिला कोषालय बिलासपुर प्रेषित किए जाने हेतु काफी दबाव डाला गया। सभी देयक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा द्वारा स्वीकृत तो किए गए लेकिन भुगतान हेतु कोषालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
दुर्गोत्सव झांकियों का भव्य विसर्जन
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में इस वर्ष दुर्गोत्सव झांकियों के विसर्जन ने पूरे शहर को भक्ति और उत्सव के रंगों में सराबोर कर दिया।
शहर की गलियां देर रात तक रौनक से भरी रहीं। शुक्रवार को बारिश की वजह से जो झांकियां नहीं निकल पाई थीं, उनका विसर्जन शनिवार को किया गया।
लगातार दूसरे दिन झांकियों के निकलने से शहर में फिर से उत्सव जैसा माहौल बन गया। कोतवाली रोड, सदर बाजार, गोल बाजार और जुना बिलासपुर जैसे प्रमुख मार्गों पर झांकियों का आकर्षक नजारा देखने हजारों की भीड़ उमड़ी। जगह-जगह लोगों ने झांकियों का फूल-मालाओं और नारियल से स्वागत किया।
पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट से जगमगाया गया था। ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों में झांकियों की सतरंगी छटा ने सोशल मीडिया पर भी खूब ध्यान खींचा।
झांकियों में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक संदेश देने वाले दृश्य भी शामिल थे। सनाढ्य ब्राह्मण समाज, वंदे मातरम समिति, यादव समाज, अष्टभुजी गणेशोत्सव समिति मसानगंज, दुख भंजन युवा समिति सरकंडा, महामाया फ्रेंड्स क्लब, मां बिलासा केंवट समिति जुना बिलासपुर, महादेव क्लब और बिलासपुर साउंड संघ जैसे कई संगठनों ने भव्य झांकियों के साथ विसर्जन यात्रा में भाग लिया।
नगर विधायक अमर अग्रवाल और कई जनप्रतिनिधियों ने भी झांकियों का दर्शन किया और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। युवाओं की टोलियों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और DJ की धुनों पर देर रात तक नृत्य कर माहौल को उत्सवमय बना दिया।
विसर्जन मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
विसर्जन कार्यक्रम के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई। पुलिस प्रशासन की ओर से कोतवाली रोड से लेकर पचरीघाट विसर्जन स्थल तक यातायात डायवर्जन किया गया था। जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस, आरक्षक और होमगार्ड के जवान तैनात रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला और लगातार निगरानी रखी। बिलासपुर नगर निगम और स्वच्छता कर्मियों ने भी तत्परता से सफाई व्यवस्था संभाली ताकि उत्सव के बाद शहर की सुंदरता बनी रहे।
भक्तिमय माहौल में समर्पण का भाव
विसर्जन के दौरान हर ओर ‘जय माता दी’, ‘मां दुर्गा की जय’ के जयकारे गूंजते रहे। देवी की आरती, धुन और नाच-गाने के साथ श्रद्धालु भाव-विभोर होते दिखे। कई जगह महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया।
कोतवाली रोड पर लगी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जहां देवी दुर्गा की प्रतिमाओं के साथ महिषासुर वध का दृश्य देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो उठे। देर रात तक श्रद्धालु अपने परिवार के साथ झांकियों का आनंद लेते रहे। अंत में सभी प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन पचरीघाट स्थित सरोवर में किया गया। पुलिस, गोताखोर और SDRF की टीम लगातार मौजूद रही ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस तरह भव्य और सुरक्षित तरीके से बिलासपुर का दुर्गोत्सव समापन की ओर पहुंचा। श्रद्धा, आस्था और अनुशासन का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसने बिलासपुर की सांस्कृतिक एकता को और भी मजबूत कर दिया।