छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
हेल्थ केयर एवं आई.टी. ट्रेड में 10 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम संपन्न
छात्राओं को दिए गए प्रमाण-पत्र
दंतेवाड़ा । शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, दंतेवाड़ा में व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत संस्थान के हेल्थ केयर एवं आई.टी. ट्रेड अन्तर्गत 10 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम विगत 15 अप्रैल को संपन्न हुआ। इस क्रम में 54 छात्राओं को इंटर्नशिप प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष पायल गुप्ता एवं उपाध्यक्ष कैलाश मिश्रा, कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्षा एवं जिला पंचायत सदस्य कमला विनय नाग ने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामनाएं की।
ग्राम फुडंरी की महिलाओं की दिक्कतें हुई कम
दंतेवाड़ा । जल जीवन मिशन भारत सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना है। जिसका लक्ष्य सभी घरों तक कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इसमें जल संरक्षण, जल स्रोत स्थायित्व तथा वर्षा जल भण्डारण पर मुख्य रूप से ध्यान देते हुए ग्राम पंचायतों द्वारा विकेंद्रीकृत किंतु एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के माध्यम से समुचित स्तर पर जल प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी उद्देश्य पूर्ति हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दंतेवाड़ा में भी प्रशासन द्वारा ’’जल जीवन मिशन’’ योजना को गांव के प्रत्येक घर के आंगन तक पहुंचाने हेतु प्रयत्नशील है।
इस क्रम में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में विकासखंड गीदम के ग्राम पंचायत फुण्डरी के एक बसाहट में भी खुशहाली आई है। जिला कार्यालय से 41 किमी दूर ग्राम पंचायत फुण्डरी घने जंगलों से घिरा हुआ पहाड़ी गांव हैै। इस ग्राम में कुल 06 बसाहट-रावतपारा, सन्नूपारा, ठोठापारा, पीदेपारा, स्कूलपारा, पटेलपारा है। इस गाँव में कुल घरों की संख्या 255 एवं कुल जनसंख्या 1408 है। इस प्रकार ग्राम पंचायत फुण्डरी में जल जीवन मिशन योजना को पहुंचाना चुनौतीपूर्ण कार्य था, चूंकि ग्राम में बसाहट व घर काफी दूर-दूर बसे होने के साथ ही यह घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण इस गांव तक बहुत सारी योजनाओं का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था।
लेकिन प्रशासन की सक्रियता से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम फुण्डरी में जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत एकल ग्राम योजना कुल 8385 मीटर पाईप लाईन का विस्तार कर सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन लगाया गया, जिसमें कुल 02 सोलर 09 मीटर स्टेजिंग और 40 का उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम के कुछ बसाहटों और शासकीय भवनों में में सोलर के माध्यम से आंशिक रूप से जल जीवन मिशन योजना को पहुंचाया गया, जिससे निरंतर स्वच्छ पीने का पानी प्राप्त हो रहा है।
जल जीवन मिशन ने दिया स्वास्थ्य, रोजगार और खुशहाल जीवन का सौगात
जल जीवन मिशन से न केवल स्वच्छ और शुद्ध पेयजल बल्कि अब ग्रामीण महिलाएं पानी की उपलब्धता को देखते हुए अपने अपने घरों में साग सब्जियों का उत्पादन कर अपनी आर्थिक आमदनी को बढ़ा रही है। इस क्रम में इसी ग्राम की महिला मत्तीबाई ने बताया कि इनका परिवार मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। घर के नजदीक पीने की पानी की व्यवस्था न होने के कारण उसे हमेशा घर से दूर उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर हैण्डपम्प या नदी व चुंआ से पीने का पानी लाना पड़ता था। बारिश में बाढ़ आने पर यह रास्ता भी बंद हो जाता था। उसके ही समान अन्य महिलाओं के लिए भी इस प्रकार सुबह-शाम पानी लाना कष्टदायक था।
लेकिन एक दिन ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के तहत घर-घर में नल लगाए जाने की जानकारी दी गई। फिर देखते ही देखते लगभग एक साल में इनके पारा में हर घर के आँगन में जल जीवन मिशन का नल लगाया गया और इस प्रकार सोलर के माध्यम से साफ पानी ग्राम के हर घरों में आने लगा। अब मत्तीबाई और सहित अन्य महिलाओं को पीने के पानी के लिए हैंडपंप या नदी नहीं जाना पड़ रहा है।
सबसे सराहनीय पहल तो यह हुई कि महिलाएं अब भरपूर पानी उपलब्ध होने से अपने घर बाडि़यों में साग सब्जियां लगा रही है। स्वयं मत्तीबाई ने भी अपने घर के बाड़ी में मौसमी सब्जी जैसे टमाटर, बैंगन, र्मिची, सेम लगाया और नजदीक के हाट बाजारों में उसका विक्रय कर अपने परिवार की आर्थिक आमदनी में सहयोग कर रही है। इसी कड़ी में महिलाएं कहती हैं कि घर में पीने के पानी मिलने से अब हमारे पास काफी समय बच जाता है और मौसमी सब्जी फसल तैयार होने में कम से कम दो महीने का समय लगता है तो अब हम स्व सहायता समूह का गठन करके आमदनी के लिए और भी काम शुरू करेंगे। इसी प्रकार अन्य महिला श्रीमती संगीता पुनेम का कहना है कि हर घर के आँगन में साफ पानी मिलने से समय की बचत हुई है।
और वे अपने बच्चों को समय से स्कूल भेजकर वनोत्पाद संग्रहण जैसे तेंदूपत्ता, महुआ, टोरा, ईमली इत्यादि संग्रहण कर, सब्जी बाड़ी, खेती, मजदूरी काम इत्यादि कर अपना आर्थिक जीवन संवार रही हैं। इस प्रकार जल जीवन मिशन योजना के माध्यम से ग्राम फुडंरी के ग्राम वासियों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। जिससे अब उन्हें साफ पेयजल के साथ साथ अच्छा स्वास्थ्य और आजीविका भी मिला साथ ही जल का पुनः उपयोग और जल संरक्षण का कार्य भी हो रहा। इस तरह ग्रामीण जन जीवन आमूलचूल परिवर्तन लाने में जल जीवन मिशन अपने नाम के अनुरूप सार्थक सिद्ध हो रहा है।
आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चयन परीक्षा हेतु आवेदन आमंत्रित
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल निर्धारित
दंतेवाड़ा । शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दंतेवाड़ा में शिक्षा 2024-25 में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन किया जाना है। जिस हेतु आवेदन फार्म वितरण 10 मार्च से प्रारम्भ हो चुकी है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 अप्रैल 2025 निर्धारित है और प्रवेश परीक्षा आयोजन की तिथि 23 अप्रैल 2025 समय 10 बजे से 12 बजे तक रहेगी। आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रिक्त सीट के विवरण अनुसार कक्षा छठवीं में अनु. जनजाति 28, अनु. जाति 05, पि.वर्ग, सामान्य 02। कक्षा नवमी में अनु. जनजाति 06, अनु. जाति 05, पि.वर्ग, सामान्य 00 तथा कक्षा ग्यारहवीं में अनु. जनजाति के लिए 07 एवं अनु. जाति हेतु 03 और पि.वर्ग, सामान्य 00 सीट रिक्त है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों की मरम्मत अभियान जारी
मोफलनार, टेकनार, सुरनार, मुलेर, ग्राम में किया गया हैंडपंप संधारण
दंतेवाड़ा । गर्मी के तेवर तेज होने के साथ ही जल समस्या इन दिनों विकराल रूप धारण करने लगी है। गर्मी के कारण जल स्तर लगातार घटता जा रहा है। गर्मियों में पेयजल संकट की समस्या के निदान के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। बढ़ती गर्मी के बीच जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ ग्राम पंचायतों में हैंडपंप मरम्मत कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके लिए प्रत्येक विकासखंड में हैंडपंप मरम्मत दल नियुक्त किया गया है।
जो शिकायत प्राप्त होने पर मरम्मत करने मौके पर पहुंचेंगे। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा गर्मी में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। मरम्मत दल प्रत्येक विकासखंड के हरेक पंचायत और गांव में जाकर खराब पड़े हैंडपंप की मरम्मत करने के साथ-साथ लोगों को जल जागरूकता के लिए भी प्रोत्साहित करेगा। इस क्रम में ग्राम मोफलनार, टेकनार, सुरनार, मुलेर, में मरम्मत दल द्वारा हैंडपंप संधारण किया गया।
मुख्य महाप्रबंधक संजीव साही ने दी बधाई व शुभकामनायें
दंतेवाड़ा में दो इनामी समेत 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दंतेवाड़ा । जिले में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। शनिवार को कुल 8 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इनमें दो इनामी नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
इन सभी नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस के मुताबिक, ये नक्सली अलग-अलग क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय थे और कई मामलों में वांछित थे।
पुनर्वास नीति का असर
एसपी गौरव रॉय ने बताया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और आत्मसमर्पण योजनाओं का असर अब दिखने लगा है। नक्सली हिंसा से त्रस्त होकर युवा अब मुख्यधारा में लौटने के लिए आगे आ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की नीति के तहत जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
भरोसा खोते जा रहे हैं नक्सली संगठन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण की यह घटना सिर्फ सुरक्षा बलों की सफलता नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नक्सली संगठन अब अपने ही कैडरों का विश्वास खोते जा रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की अपील
प्रशासन और पुलिस ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ें। सरकार की योजनाएं उन्हें एक बेहतर और सुरक्षित जीवन देने के लिए तैयार हैं।
दंतेवाड़ा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में मुठभेड़, महिला नक्सली का मिला शव
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिला के सरहदी क्षेत्र में आज सुबह 9 बजे से माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ चल रही है. मुठभेड़ स्थल से एक महिला नक्सली के शव के अलावा एक INSAS राइफल, गोला-बारूद के साथ अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई है.
नगर की सुख समृद्धि व खुशहाली हेतु देवस्थान श्री राघव मंदिर मे ज्योति कलश स्थापना की गई.
संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2025 की तैयारियां जोरो पर
कमिश्नर एवं आईजी ने बस्तर पंडुम की तैयारियों का किया अवलोकन और दिए आवश्यक निर्देश
दंतेवाड़ा । जनजातीय विरासतों, कला एवं संस्कृति के धरोहरों का संरक्षण,संवर्धन और उन्हें एक नवीन मंच देने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय के हाई स्कूल ग्राउंड में बस्तर पंडुम-2025 की तैयारियां पूरे जोरो पर इस क्रम में आज बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह और आईजी सुंदरराज पी. ने आज अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित आगामी होने वाले संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2025 की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कमिश्नर श्री सिंह ने कहा कि मुख्य अतिथि के आगमन से लेकर स्टॉल, पेयजल, टॉयलेट, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को आयोजन स्थल पर सभी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, कलाकार और प्रशासनिक अधिकारी होगे। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा दिया जायेगा।
इस मौके पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा कमिश्नर एवं आईजी को कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में विस्तार पूर्वक अवगत कराया। इसमें पार्किंग व्यवस्था, अति विशिष्ट अतिथियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था, बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के रहवास खान-पान के अलावा कार्यक्रम स्थल में विभागों द्वारा प्रदर्शित किये जाने वाले स्टालों के संयोजन जैसे विभिन्न बिन्दु शामिल रहें। इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एडिशनल एसपी आर.के.बर्मन सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
भक्त माता कर्मा जयन्ती के अवसर पर किरन्दुल में सांस्कृतिक कार्यक्रम पंडवानी का किया गया भव्य आयोजन
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
दन्तेवाड़ा तथा बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र ग्राम गिरसापारा, इकेली, नेलगोड़ा, बोड़गा के मध्य जंगल पहाड़ी में हुई मुठभेड़।
दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर पांच नक्सली ढेर
दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा पर मंगलवार की सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पांच नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है। लेकिन तीन के शव बरामद हो गए हैं। साथ ही हथियार भी बरामद किए हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय ने बताया कि जिला दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान पर निकले सुरक्षा बल की टीम के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई है।
सुबह 8 बजे के लगभग हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से गोलीबारी चलती रही। जहां पुलिस ने लगातार नक्सलियों के ऊपर ताबड़तोड़ गोलीबारी की। इस दौरान तीन नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ तीन नक्सलियों के शव भी बरामद किए गए हैं।फिलहाल मुठभेड़ स्थल पर तलाशी अभियान चल रहा है।
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है। फिलहाल, सर्चिंग जारी है। बताया जाता है कि नक्सलियों के बड़े कैडर के जमा होने की सूचना पर करीब 500 जवान कोर इलाके में पहुंचे हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, करीब पांच नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, इंद्रावती नदी के पार बड़ी संख्या में नक्सलियों के जमा होने की सूचना पर दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों की टीम एक दिन पहले मुठभेड़ स्थल पर रवाना की गई है। जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर रखा है।
बीते दिनों 30 नक्सली हुए थे ढेर
वहीं दूसरी तरफ 20 मार्च को छत्तीसगढ़ में जवानों ने एक बड़ी सफलता मिली थी। बीजापुर और कांकेर जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों की अलग-अलग मुठभेड़ हुई। बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए और बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान बलिदान हो गया। वहीं, कांकेर में चार नक्सली ढेर हुए हैं। सभी 30 नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे।
31 मार्च से पहले नक्सलमुक्त होगा देश
30 नक्सलियों के मारे जाने पर केंद्रीय गृहमंत्री ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा था कि नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षाबलों के दो अलग-अलग ऑपरेशन्स में 30 नक्सली ढेर कर दिए हैं।
उद्यमिता विकास कार्यक्रम संपन्न
दंतेवाड़ा । एनएमडीसी डीएवी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के परिसर में यूथ हब-दंतेवाड़ा के सहयोग से वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में विगत दिवस एक दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वरोजगार और नवाचार को बढ़ावा देना था, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकें।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के प्रोजेक्ट लीड, रवि कान्त भारती ने कार्यक्रम के दौरान वर्तमान परिदृश्य में सरकारी नौकरियों की सीमित उपलब्धता और बढ़ती बेरोजगारी को एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में युवाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक कर उन्हें अपने व्यवसाय का स्वामी बनने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने स्टार्टअप और नवाचार की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए, प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन की अनिवार्यता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं में से एक एनएमडीसी डीएवी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूटके प्रतिनिधि ने अपने संबोधन में कहा कि अध्ययनरत छात्रों के लिए उद्यमिता आर्थिक समृद्धि का मूलमंत्र है। ऐसे कार्यक्रम न केवल युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि उन्हें नवाचार और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसर भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की समन्वयक, सुश्री हेमलता ने कार्यक्रम में बताया कि छत्तीसगढ़ में युवाओं और महिलाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर अपने स्वयं के व्यवसाय स्थापित करने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में 90 प्रतिभागियोंने हिस्सा लिया। साथ ही उन्हें व्यवसाय योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, मार्केटिंग, डिजिटल टूल्स, सरकारी योजनाओं तथा विभिन्न व्यावसायिक अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विश्व जल दिवस पर विशेष कार्यक्रम
जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर लिया गया संकल्प
दंतेवाड़ा । शासकीय आदर्श आवासीय महाविद्यालय, गीदम में भूगोल एवं समाजशास्त्र विभाग अंतर्गत विश्व जल दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र संयोजक डॉ. संजीव कुमार मांजरे द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने जल संरक्षण, जल प्रदूषण की रोकथाम और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला सलाहकार (वॉश कार्यक्रम), जिला दंतेवाड़ा, सुरेश कुमार अनंत द्वारा विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें जल प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।
विश्व जल दिवस का परिचय एवं इतिहास
विश्व जल दिवस प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1993 में की गई थी। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ और सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना, जल संकट की गंभीरता को समझाना और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हर वर्ष विश्व जल दिवस की एक थीम निर्धारित की जाती है, जिसके आधार पर जल संरक्षण के प्रयासों को दिशा दी जाती है। 2025 में विश्व जल दिवस की थीम ’’जलवायु परिवर्तन और जल प्रबंधन’’ रखी गई है, जो यह दर्शाती है कि जल संसाधनों को संरक्षित करने के लिए हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने की दिशा में कार्य करना होगा।
बैठक में वक्ताओं ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व को समझाते हुए बताया कि विश्व स्तर पर जल संकट लगातार बढ़ रहा है, और यदि हमने अभी से जल बचाने के प्रयास नहीं किए, तो भविष्य में पीने योग्य पानी की गंभीर कमी हो सकती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भागीदारी निभानी होगी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जल संरक्षण पर भाषण, निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। साथ ही विजेताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने ’’जल बचाओ, जीवन बचाओ’’ की शपथ ली और जल संरक्षण का संदेश समाज में फैलाने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक वनस्पतिशास्त्र सुरेन्द्र महला, सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी सुशांत ठाकुर, सहायक प्राध्यापक राजनीति विज्ञान सुरेश यादव, महाविद्यालय प्राध्यापक श्रीमती हिरकने, सहायक प्राध्यापक भूगोल हरि शंकर साहू, सहायक प्राध्यापक गणित संतोष यशोदा साहू, सहायक प्राध्यापक भौतिकी राजेश प्रधान, सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र यायाति साहू उपस्थित रहे।
दुर्घटना में घायल हितग्राही को दिया गया बैटरी चलित ट्रायसायकल
दंतेवाड़ा । समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दुर्घटना में ठोठापारा चितालंका, निवासी सुदरूराम इच्छाम पिता स्व. मुराराम इच्छाम, का जुलाई वर्ष 2021 में सड़क दुर्घटना हो जाने से दाहिना पैर बुरी तरह से घायल हो गया था और इलाज करवाने के बावजूद भी ठीक नहीं होने से वर्ष अगस्त 2024 में चिकित्सकों की सलाह पर उनका पैर कटवाना पड़ा। जिसका इलाज भद्राचलम में हुआ वर्तमान में वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं, पर उन्हें दैनिक क्रियाकलाप करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था इसे देखते हुए समाज कल्याण विभाग की दिव्यांगजनों को निःशुल्क बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदाय योजना के तहत लाभ लेने हेतु दिनाँक 21 मार्च 2025 को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के समक्ष अपनी समस्या उक्त ग्रामीण ने रखी और कलेक्टर द्वारा समाज कल्याण विभाग को दिव्यांग की समस्या का निराकरण तत्काल करने के निर्देश दिए गए। फलस्वरूप आज 24 मार्च 2025 को अपर कलेक्टर राजेश कुमार पात्रे के हाथों सुदरू राम इच्छाम को एक नग बैटरी चलित ट्राय साइकिल एवं एक नग व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।