सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जनजागरूकता एवं यातायात नियमों के कड़ाई से पालन पर दिया गया जोर
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 30 जून 2026
जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा ने संबंधित विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री आनंद शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के 166 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 94 लोगों की मृत्यु हुई तथा 193 व्यक्ति घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 27 जून तक 98 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 63 लोगों की मृत्यु तथा 85 लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों ने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा कर वहां गति सीमा संबंधी बोर्ड, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, दिशा सूचक एवं अन्य आवश्यक यातायात संकेतकों की स्थापना प्राथमिकता के आधार पर की जाए। साथ ही सड़क किनारे उगी झाड़ियों की नियमित सफाई, क्षतिग्रस्त संकेतकों का सुधार तथा आवश्यकतानुसार सड़क सुरक्षा संबंधी अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, परिवहन संघों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। लोगों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए लगातार प्रेरित किया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके।