जिला अस्पताल में जलभराव पीडब्ल्यूडी की लापरवाही पर उठे सवाल
मानसून की पहली तेज बारिश ने एक बार फिर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण एवं रखरखाव कार्यों की पोल खोल दी है। जिला चिकित्सालय में हुई बारिश के कारण अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि बारिश का पानी अस्पताल के एक्स-रे कक्ष तक पहुंच गया जिससे वहां स्थापित महंगी एक्स-रे मशीन के खराब होने का खतरा उत्पन्न हो गया। यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो मरीजों की जांच व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। क्षेत्र के जुझारू भाजपा नेता राजेश श्यामकर ने सोमवार सुबह लगभग 9 बजे जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। अस्पताल की स्थिति देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार का जलभराव होना गंभीर लापरवाही का प्रमाण है। यदि समय रहते उचित रखरखाव और जल निकासी की व्यवस्था की गई होती तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। श्री श्यामकर ने कहा कि अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जलभराव से न केवल मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि अस्पताल की चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होने की आशंका है। विशेष रूप से एक्स-रे मशीन तक पानी पहुंचना बेहद गंभीर मामला है। यदि मशीन खराब होती है तो मरीजों को आवश्यक जांच के लिए भटकना पड़ेगा और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि यदि आने वाले दिनों में फिर से तेज बारिश होती है और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। इससे अस्पताल के अन्य वार्डों एवं महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। श्री श्यामकर ने प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जिला चिकित्सालय परिसर की तत्काल जांच कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं स्थायी उपाय किए जाएं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।