एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा: कलेक्टर ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग की बैठक ली
एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने सभी विभाग समन्वय से करें कार्य - कलेक्टर
एक माह तक विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने, शिविर लगाने एवं जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश
जांजगीर-चांपा, 10 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिले में 14 वर्ष से आयु वर्ग की बालिकाओं के एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान में तेजी लाने तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाने, अधिक से अधिक शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा ग्राम स्तर पर छात्राओं, पालकों एवं अभिभावकों से संपर्क कर एचपीवी टीकाकरण के लाभों की जानकारी दें तथा अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने अभियान की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग को नियमित समीक्षा, प्रभावी समन्वय एवं मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिले के सभी पालकों से अपील की है कि वे अपनी बालिकाओं का निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है तथा भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 14 वर्ष की आयु वर्ग के बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। यह टीका महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है। जिले में लगभग 11,380 पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जाना है। यह टीकाकरण रविवार एवं शासकीय अवकाश को छोड़कर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए वही किशोरियां पात्र हैं जिन्होंने अपना 14 वां जन्मदिन पूरा कर लिया हो, लेकिन 15वां जन्मदिन अभी न मनाया हो। आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र अथवा अन्य वैध दस्तावेज मान्य हैं। दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित शपथ-पत्र भी स्वीकार किया जाएगा।