’प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम बना तुलेन्द्री ठाकुर के आत्मनिर्भर बनने का आधार’
’मिनी राईस मिल की स्थापना से मिली नई पहचान, स्वयं के साथ चार लोगों को मिला रोजगार’
नारायणपुर, 27 जुलाई 2026
मेहनत, दृढ़ संकल्प और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण है नारायणपुर जिले के ग्राम गुरिया की निवासी श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर, जिन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (च्डम्ळच्) के माध्यम से मिनी राईस मिल स्थापित कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की, बल्कि क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए। तुलेन्द्री ठाकुर वर्षों से अपने पति श्री गजेन्द्र ठाकुर के साथ कृषि कार्य में हाथ बंटाकर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के कारण दो बच्चों की शिक्षा और घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में उन्होंने स्वयं का उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया।
कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नारायणपुर के अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया। उनका प्रकरण यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शाखा नारायणपुर को प्रेषित किया गया, जहाँ से 5 लाख रुपए की परियोजना स्वीकृत हुई। इसमें 50 हजार रूपए स्वयं का अंशदान तथा 4.50 लाख का बैंक ऋण प्राप्त हुआ।
वित्तीय सहायता मिलने के बाद श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर ने ग्राम गुरिया में ष्मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिलष् की स्थापना की, जिसमें सोलर पॉलिशर एवं आटा चक्की की सुविधा उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में यह इकाई आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों एवं नागरिकों को धान कुटाई, चावल पॉलिशिंग और गेहूँ पिसाई जैसी सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। साथ ही इस इकाई के माध्यम से जिले के चार स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिला है। शुरुआत में मशीनों के संचालन का कोई अनुभव नहीं होने के बावजूद श्रीमती तुलेन्द्री ठाकुर ने निरंतर सीखने और मेहनत के बल पर अपने कार्य में दक्षता हासिल की। आज उनकी इकाई क्षेत्र के किसानों के लिए भरोसेमंद सेवा केन्द्र बन चुकी है। धान प्रसंस्करण के साथ निकलने वाले कोंडा को तेल निर्माण के लिए तथा भूसे को ईंट निर्माण कार्य में बेचकर भी उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है, जिससे संचालन व्यय का सफलतापूर्वक प्रबंधन हो रहा है।
मिनी राईस मिल की सफलता का प्रभाव उनके व्यवसाय पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इकाई के संचालन से उनके वार्षिक कारोबार में लगातार वृद्धि हुई और वर्तमान में उन्हें प्रतिवर्ष लगभग ₹2.40 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। अब तक वे बैंक ऋण की बड़ी राशि का भुगतान भी कर चुकी हैं तथा योजना के अंतर्गत मिलने वाले 35 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का लाभ भी उन्हें प्राप्त होना है। तुलेन्द्री ठाकुर का मानना है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और शासन की योजनाओं का सही समय पर लाभ मिले, तो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है। वे अन्य महिलाओं और युवाओं से भी स्वरोजगार अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर उद्यमी बनने का आह्वान करती हैं। तुलेन्द्री ठाकुर अपनी सफलता का श्रेय छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, नारायणपुर तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नारायणपुर शाखा के सहयोग और अपने परिवार के निरंतर समर्थन को देती हैं। उनकी यह प्रेरक यात्रा आज जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, साहस और उद्यमिता का सशक्त उदाहरण बन गई है।