कुपोषण मुक्त जिले के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर दें विशेष ध्यान: कलेक्टर
गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, पोषण वाटिका विस्तार और योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के दिए निर्देश
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 30 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विकासखंडवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कुपोषण मुक्त जिले के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में प्रभावी सुधार लाने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने गंभीर कुपोषित बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजने तथा वहां से लौटने के बाद भी उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक सप्ताह कुपोषित बच्चों की प्रगति की समीक्षा कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा, ताकि समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर ने स्वयं के भवन एवं आहाता वाले सभी 423 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर पौष्टिक फल एवं सब्जियों की उपलब्धता से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण मिल सकेगा। उन्होंने महतारी वंदन योजना के शेष 2,009 हितग्राहियों का ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आभा आईडी एवं अपार आईडी पंजीयन में तेजी लाने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 10 तथा सहायिका के 34 रिक्त पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, किशोरियों एवं महिलाओं से इस विषय पर खुलकर संवाद करने तथा पहली माहवारी को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ स्वीकार करने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया।
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री डी.पी. सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 839 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जिनमें 829 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 805 सहायिकाएं कार्यरत हैं। जिले के 135 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका विकसित की जा चुकी है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत जिले में 93 हजार 801 हितग्राही पंजीकृत हैं, जिनमें से 91 हजार 792 हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है। बैठक में विभाग के सभी परियोजना अधिकारी एवं सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित रहे।