छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

*करोड़पति बनने का दिव्य स्वपन दिखाने वाला झांसे बाज तेलंगाना से गिरफ्तार**

 *करोड़पति बनने का दिव्य स्वपन दिखाने वाला झांसे बाज तेलंगाना से गिरफ्तार**


*पुराने सिक्के एवं नोट के बदले करोड़ों रुपये दिलाने का झांसा देता था*

*आरोपियों द्वारा इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर पुराने सिक्के एवं नोट के बदले भारी रकम दिलाने का दिया जाता था झांसा।*
 
*आरोपियों ने प्रार्थी को अपने झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों/यूपीआई/क्यूआर कोड में 1,68,269 रूपये की है, ठगी ।*

*तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तेलंगाना पहुंची साइबर पुलिस टीम जहां आरोपियों को किराये के कमरे में घटना को अंजाम देते रंगे-हाथ पकड़ा गया।* 

*गिरफ्तार आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 05 नग मंहगे मोबाईल (एप्पल, आईफोन, वीवो, रेडमी) कीमती करीबन् ढ़ाई लाख की संपत्ति किया गया जप्त।*

*आरोपी घटना कारित करने करते थे, फर्जी मोबाईल सीम एवं अलग-अलग फर्जी बैंक खाता का उपयोग।*

*आरोपी द्वारा और भी लोगों के साथ अन्य दीगर राज्यो में भी इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया है।*
 
*गिरफ्तार आरोपी - मोहम्मद नजीम, मोहम्मद रोहिल निवासी भरतपुर, राजस्थान वर्तमान आरमुर जिला निजामाबाद, तेलगाना।*
कवर्धा-
जिला कबीरधाम में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी के मामलों में संलिप्त आरोपियों की पतासाजी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर पुलिस थाना कबीरधाम द्वारा लगातार तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में पुराने सिक्के एवं नोट के बदले लाखों-करोड़ों रुपये दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को तेलंगाना राज्य से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।

मामले में प्रार्थी द्वारा माह अगस्त 2026 में इंस्टाग्राम रील्स देखते समय 05 रुपये के वैष्णो देवी छाप सिक्के के बदले 85 लाख रुपये तथा 05 रुपये के ट्रैक्टर छाप नोट के बदले 01 करोड़ रुपये दिए जाने संबंधी विज्ञापन देखा गया। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं को मुंबई से बोलना बताया गया तथा पुराने सिक्के एवं नोट की फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से मंगाई गई। इसके बाद आरोपियों द्वारा पुराने सिक्के एवं नोट खरीदने के नाम पर भुगतान प्राप्त होने का झांसा देकर प्रार्थी से आधार कार्ड, फोटो एवं विभिन्न शुल्क के नाम पर राशि जमा कराई गई। आरोपियों द्वारा सरकारी शुल्क, जीपीएस रिचार्ज, इंजन वेरीफिकेशन, कस्टम ड्यूूटी, रसीद, बीमा एवं अन्य बहानों से अलग-अलग मोबाइल नंबरों, यूपीआई, क्यूआर कोड एवं बैंक खातों के माध्यम से लगातार राशि की मांग की गई। प्रार्थी द्वारा अलग-अलग किश्तों में कुल 1,68,269/- रूपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने के बाद भी आरोपियों द्वारा और राशि की मांग की जाती रही। इस संबंध में साइबर पुलिस थाना कबीरधाम में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

     मामले की विवेचना के दौरान पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  हेमसागर सिदार एवं  अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पर्यवेक्षण अधिकारी साइबर थाना उप पुलिस अधीक्षक  अखिलेश कुमार कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं प्रभावी कार्यवाही कर बैंकिग डिटेल एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पतासाजी करने के लिए टीम जिला निजामाबाद, तेलंगाना राज्य रवाना हुई। जांच के दौरान आरोपी नजीम खान पिता ईशा खान एवं उसके साथी मोहम्मद रोहिल, निवासी जिला भरतपुर, राजस्थान, वर्तमान निवास आरमूर, जिला निजामाबाद तेलंगाना, को फतेहपुर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ में पुराने नोट एवं सिक्के खरीदने वाले “राज ज्ञानी” के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल तैयार कर लोगों को पुराने सिक्के एवं नोट के बदले भारी रकम मिलने का झांसा देने तथा अलग-अलग क्यूआर कोड, बैंक खातों के माध्यम से रकम प्राप्त करने कर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाना स्वीकार किये जाने से तथा घटना मे प्रयुक्त तकनीकी साक्ष्य बरामद होने से आरोपी नजीम खान एवं मोहम्मद रोहिल को विधिसंगत् गिरफ्तारी कार्यवाही कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
 
प्रकरण में आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में सउनि चंद्रकांत तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, आरक्षक आकाश राजपूत, मो. इरफान एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

अपील- साइबर पुलिस थाना कबीरधाम द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम एवं फेसबुक पर पुराने सिक्के, पुराने नोट, नौकरी, निवेश अथवा अन्य वस्तुओं के बदले असामान्य रूप से अधिक रकम दिलाने वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर सरकारी शुल्क, जीपीएस शुल्क, वेरिफिकेशन शुल्क, बीमा अथवा अन्य  के नाम पर ऑनलाइन राशि ट्रांसफर न करें।

किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा National Cyber Crime Reporting Portal  पर शिकायत दर्ज करें।

 

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