छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

नन्हे हाथों ने रंगों से उकेरी स्वच्छ, हरित, शिक्षित और सशक्त राष्ट्र की संकल्पना

 सेवा संकल्प अभियान में रंगों से सजा बच्चों के सपनों का भारत

सूरजपुर/19 सितम्बर 2026

  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के विद्यालयों में चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छ, हरित, सशक्त एवं विकसित भारत की तस्वीर उकेरी। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रंगों और संदेशों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को अभिव्यक्त किया।
                विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों में स्वच्छ भारत, पर्यावरण संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, सभी के लिए शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल इंडिया, आर्थिक विकास और विकसित भारत-2047 जैसे विषय को प्रमुखता से दर्शाया गया। बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से बताया कि स्वच्छता, शिक्षा, समानता, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है।

स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, कूड़े का उचित निपटान करने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया। पोस्टर में धरती को स्वच्छ रखने तथा प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।विद्यार्थियों ने कलाकृतियों के माध्यम से पेड़ लगाने, जल बचाने, प्रदूषण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया। प्रदूषित और हरित पर्यावरण के अंतर को दर्शाते चित्रों ने पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों की संवेदनशीलता को सामने रखा।

शिक्षा और बाल अधिकारों के प्रति किया जागरूक
विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक  चित्रों से  बाल श्रम रोकने और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने का संदेश भी दिया। पोस्टर  के माध्यम से बताया गया कि  बच्चों के हाथों में मजदूरी के औजार नहीं, बल्कि किताब और कलम होनी चाहिए। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और शिक्षित पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनती है। कला रचनाओं के माध्यम से बच्चों ने समाज को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूक होने और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया। 

विद्यार्थियों ने चित्रित की विकसित भारत-2047 की तस्वीर
विकसित भारत-2047 की परिकल्पना पर केंद्रित चित्रों में विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, डिजिटल सेवाओं, अक्षय ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण, आधुनिक परिवहन, आर्थिक प्रगति और सबके लिए शिक्षा जैसे विषयों को स्थान दिया। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, अंतरिक्ष अभियान, इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक रेल जैसे चित्रों के जरिए बच्चों ने प्रगतिशील एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही स्वच्छता, पर्यावरण, शिक्षा, समानता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जहां बच्चों की कलाकृतियों में सेवा, संकल्प और सामाजिक चेतना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

Leave Your Comment

Click to reload image