छत्तीसगढ़ / सुकमा

किसान क्रेडिट कार्ड से आसान हुई खेती की राह, साहूकारों पर निर्भरता घटी

 सुकमा । छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चिपुरपाल निवासी किसान राजेश कुमार नाग के लिए किसान क्रेडिट कार्ड खेती-किसानी में आर्थिक सहारा बनकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि पहले खेती के लिए खाद-बीज और अन्य कृषि आवश्यकताओं की व्यवस्था करने के लिए बड़े साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था, जिस पर अधिक ब्याज देना पड़ता था। इससे खेती की लागत और आर्थिक दबाव दोनों बढ़ जाते थे।

राजेश नाग ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड बनने के बाद बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए ऋण की सुविधा मिल रही है, जिससे साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है। उन्होंने कहा कि समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध होने से खाद-बीज की व्यवस्था करना आसान हुआ है और धान की फसल लेने में भी काफी सुविधा मिल रही है। उनके अनुसार, केसीसी ने खेती को अधिक व्यवस्थित तरीके से करने में मदद की है।

किसान राजेश कुमार नाग ने किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केसीसी की सुविधा के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैंक के माध्यम से कृषि ऋण की उपलब्धता से किसानों को खेती के समय आर्थिक संबल मिल रहा है। प्रशासन द्वारा किसानों को बैंकिंग एवं कृषि योजनाओं से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है।

 

 

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