किसानों को उपज परिवहन और विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में मिली सुविधा
महासमुंद । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की यात्रा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना इसी सोच का हिस्सा है। गांवों तक सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और विकास की गति तेज होती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में महासमुंद जिले के बसना विकासखण्ड अंतर्गत ग्रामीण अंचल में गेर्राभांठा-खटखटी मार्ग का निर्माण ग्रामीणों के लिए आवागमन की नई सुविधा लेकर आया है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नाबार्ड योजनांतर्गत 2.275 किलोमीटर लंबे गेर्राभांठा-खटखटी मार्ग का पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इस सड़क के निर्माण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्ग से बेहतर संपर्क मिला है और किसानों, विद्यार्थियों सहित आम नागरिकों के आवागमन में सुविधा बढ़ी है।
गेर्राभांठा से खटखटी मार्ग की कुल लंबाई 2.275 किलोमीटर है। इस मार्ग के निर्माण के लिए 323.91 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी तथा निर्माण कार्य 30 अप्रैल 2024 को पूर्ण किया गया। यह मार्ग गेर्राभांठा एवं खटखटी क्षेत्र को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित बसना-खटखटी-गदहाभांठा-दुरुगपाली मार्ग से जोड़ता है। इस प्रकार सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र को प्रमुख मार्ग एवं अन्य संपर्क मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त हुई है।
निर्माण से पहले गेर्राभांठा-खटखटी मार्ग कच्चा एवं मिट्टीकृत मार्ग था। बरसात के दिनों में आवागमन में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों को कृषि कार्य, बाजार, धान संग्रहण केन्द्र, विद्यालय तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में असुविधा होती थी। अब इस मार्ग का निर्माण 7.50 मीटर की कुल चैड़ाई में किया गया है, जिसमें 3.75 मीटर चैड़ी डामरीकृत सड़क सतह का निर्माण किया गया है। पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों को वर्षभर सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध हुई है। मार्ग के निर्माण में सड़क के साथ आवश्यक जल निकासी एवं आवागमन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 08 नग पाइप पुलियों का निर्माण भी किया गया है। पुल-पुलियों के निर्माण से वर्षा जल की निकासी बेहतर होने के साथ सड़क की उपयोगिता एवं आवागमन सुलभ हुई है।
पक्की सड़क बनने के बाद किसानों के लिए अपनी कृषि उपज को संग्रहण केन्द्र तक पहुंचाना आसान हुआ है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि कार्यों में लगने वाला समय और आवागमन की कठिनाई कम हुई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ किसानों को अपनी उपज के परिवहन में सुविधा प्राप्त हुई है। सड़क निर्माण का सकारात्मक प्रभाव गांव के विद्यार्थियों पर भी पड़ा है। कच्चे मार्ग के स्थान पर पक्की सड़क बनने से विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिली है। विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क की बेहतर स्थिति से आवागमन अधिक सुगम हुआ है।