छत्तीसगढ़ / महासमुंद

सौर सुजला योजना के माध्यम से जिले में 61 किसानों के खेतों में स्थापित हुए सोलर पंप

 महासमुंद । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में सेवा, समर्पण और जनकल्याण के साथ किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने तथा आधुनिक तकनीक को गांवों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहा है। इसी सोच के अनुरूप देश में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को आधुनिक एवं किफायती तकनीक से जोड़ने तथा कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। महासमुंद जिले में सौर सुजला योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुंची सौर ऊर्जा इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

सौर सुजला योजना के अंतर्गत जिले में 61 कृषकों के यहां सोलर पंप स्थापित किए गए। सोलर पंप स्थापित होने से ऐसे किसानों को विशेष लाभ मिला, जिनके खेतों में जल स्रोत उपलब्ध होने के बावजूद बिजली के अभाव में वे कृषि कार्य नहीं कर पा रहे थे। अब सौर ऊर्जा से संचालित पंप के माध्यम से किसान अपने खेतों में सिंचाई कर विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। इससे खेती की संभावनाएं बढ़ी हैं और किसानों को कृषि से अतिरिक्त लाभ अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

जिले के बसना विकासखंड के ग्राम केंवटापाली निवासी किसान चेतन साहू बताते हैं कि उनके खेत में 3 एच.पी. क्षमता का सोलर पंप स्थापित किया गया है। सोलर पंप की सुविधा मिलने के बाद अब वे अपने खेत में सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। वे बताते हैं कि पहले सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता अथवा महंगे ईंधन पर निर्भरता जैसी समस्याएं खेती के सामने चुनौती बनी हुई थीं। सोलर पंप स्थापित होने के बाद खेत में सिंचाई की सुविधा अधिक सुगम हुई। उन्होंने सौर ऊर्जा से सिंचाई कर अपने खेत में धान का उत्पादन किया और लगभग 65 हजार रुपए का लाभ अर्जित किया।

सौर सुजला योजना ने किसानों को परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा की हैं। सौर पंप के माध्यम से किसान अपने उपलब्ध जल स्रोत का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं। इससे सिंचाई सुविधा में सुधार के साथ-साथ खेती को अधिक व्यवस्थित तरीके से करने का अवसर मिल रहा है।

 

 

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