चिरायु योजना से बदली जिंदगीरू नन्हे अभिषेक के चेहरे पर लौटी मुस्कान, अब सपनों की ओर बढ़ते कदम
कभी जन्मजात कटे होंठ की समस्या के कारण मासूम अभिषेक सोढ़ी की मुस्कान अधूरी थी। उम्र महज डेढ़ वर्ष और सामने एक ऐसी चुनौती, जिसे उसका परिवार अपने सीमित संसाधनों के कारण दूर कराने में असमर्थ था। लेकिन शासन की चिरायु योजना अभिषेक और उसके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई। जिले के कवाड़गांव निवासी अभिषेक की स्वास्थ्य जांच के दौरान चिरायु टीम ने उसके जन्मजात कटे होंठ की समस्या की पहचान की। समय पर हुई पहचान के बाद परिवार को आवश्यक जानकारी एवं परामर्श दिया गया। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए अभिषेक को रायपुर स्थित मेडीशाइन हॉस्पिटल रेफर किया गया।
रायपुर पहुंचने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अभिषेक की आवश्यक जांचें कीं। जांच के उपरांत चिकित्सकों की निगरानी में उसकी सफल प्लास्टिक सर्जरी की गई। खास बात यह रही कि चिरायु योजना के अंतर्गत अभिषेक का पूरा उपचार निःशुल्क किया गया। उपचार के बाद अब अभिषेक स्वस्थ है और उसके चेहरे पर खिली मुस्कान उसके परिवार के लिए सबसे बड़ी खुशी बन गई है। अभिषेक के परिवार के लिए यह सिर्फ एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि उनके बच्चे को बेहतर और सामान्य जीवन की ओर बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। जिस समस्या को लेकर परिवार चिंतित था, उसका समाधान शासकीय स्वास्थ्य योजना के माध्यम से संभव हुआ।
अभिषेक की कहानी यह बताती है कि समय पर बीमारी की पहचान, सही परामर्श और उचित उपचार किसी बच्चे के जीवन की दिशा बदल सकता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं चिरायु योजना के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार से जोड़ा जा रहा है। एक छोटे से स्वास्थ्य परीक्षण से शुरू हुआ अभिषेक का सफर सफल सर्जरी तक पहुंचा और अब उसकी मुस्कान में एक स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई देती है। चिरायु योजना ने अभिषेक को सिर्फ उपचार नहीं दिया, बल्कि उसे खुलकर मुस्कुराने और अपने सपनों की ओर बढ़ने का नया अवसर दिया है।