छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

मोखला में साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह मनाया, प्रदेशभर से साहित्यकार जुटे राजनांदगांव।साकेत साहित्य परिषद सुरगी द्वारा ग्राम मोखला में 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह, परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया

 मोखला में साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह मनाया, प्रदेशभर से साहित्यकार जुटे


राजनांदगांव।साकेत साहित्य परिषद सुरगी द्वारा ग्राम मोखला में 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह, परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

 कार्यक्रम तीन सत्र में आयोजित हुआ

भाषाविद डा.विनोद वर्मा,बांसगीत कलाकार विक्रम यादव, लोक संगीतकार गोविंद साव एवं कवि आनंद राम सार्वा को साकेत सम्मान

प्रथम सत्र में परिचर्चा


प्रथम सत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की चुनौतियां और छत्तीसगढ़ी भाषा विषय पर परिचर्चा आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग रायपुर के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा उपस्थित थे एवं अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सचिव डा. बलदाऊ राम साहू ने की। विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं प्रख्यात छत्तीसगढ़ी ब्लागर संजीव तिवारी, दुर्ग, आत्मा राम कोशा अमात्य जिला समन्वयक राजनांदगांव छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की उपस्थिति रही। साकेत साहित्य परिषद सुरगी के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर ने स्वागत भाषण एवं वरिष्ठ साहित्यकार कुबेर सिंह साहू ने आधार वक्तव्य प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने काफी प्रभावित किया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया साहित्य के लिए जहां सहायक सिद्ध हुए हैं वहीं अनेक चुनौतियां भी उत्पन्न की है। लोगों की किताबें पढ़ने की आदत में अत्यंत कमी आ गई है। वहीं छत्तीसगढ़ी भाषा की बात करें तो यह भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भरपूर उपयोग कर रही है। आज छत्तीसगढ़ी साहित्यकार एवं साहित्य प्रेमी सोशल मीडिया और एआई का बखूबी प्रयोग कर रहा है और इस प्रकार छत्तीसगढ़ भाषा भी वक्त के अनुसार अपने आपको ढाल रहा है। आज संजीव तिवारी और कुछ गिने चुने नवाचारी छत्तीसगढ़ी ब्लागर की बदौलत छत्तीसगढ़ी भाषा गूगल और एआई में पढ़ी- लिखी जा रही है।


साकेत साहित्य का अलख जगा रहे हैं - प्रभात मिश्रा

इस अवसर पर प्रभात मिश्रा ने कहा कि सुरगी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में जिस प्रकार से विगत 27 वर्ष से साकेत साहित्य परिषद संचालित है यह इस क्षेत्र के साहित्यकारों के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। साहित्य के माध्यम से जिस प्रकार से समाज में जन जागरण, संस्कृति संवर्धन एवं युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ा जा रहा है वह काबिले तारीफ है। विपरीत परिस्थितियों में भी साहित्य का अलख जगा रहे है।

द्वितीय सत्र में सम्मान समारोह हुआ

द्वितीय सत्र में साकेत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।इस सत्र के मुख्य अतिथि सचिन सिंह बघेल, अध्यक्ष, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित राजनांदगांव थे एवं अध्यक्षता जितेन्द्र मुदलियार, अध्यक्ष,शहर कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पप्पू चंद्राकर प्रतिनिधि, अध्यक्ष, जनपद पंचायत राजनांदगांव, देव कुमारी साहू जिला पंचायत सदस्य, रोहित चंद्राकर, उपाध्यक्ष,जिला भाजपा,राजनांदगांव, मधु सुकृत साहू पूर्व जिला पंचायत सदस्य, मेघराज चंद्राकर जी जनपद सदस्य भर्रेगांव,श्रीमती चुम्मन साहू सरपंच मोखला, हेमशंकर साहू सरपंच प्रतिनिधि, तुकज साहू समाजसेवी मोखला, गुरूचरण सिन्हा समाजसेवी सुरगी ,डा . हेमंत साहू समाज सेवी ,मोखला गिरधर निषाद समाज सेवी मोखला की उपस्थिति रही।

साकेत साहित्य परिषद ग्रामीण अंचल के साहित्यकारों को
मुख्य धारा से जोड़ रहे हैं- सचिन सिंह बघेल

सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि सचिन सिंह बघेल ने कहा कि जिस प्रकार से साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने अल्प संसाधन के बावजूद साहित्य गतिविधियों को जीवंत बनाये हुए हैं वह पतझड़ में बहार लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साकेत साहित्य परिषद सुरगी के 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह में शामिल होने का अवसर मिला। इससे पूर्व भी   कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ है। साकेत के कार्यक्रम में आकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। परिषद ने ग्रामीण अंचल के साहित्यकारों को मुख्य धारा से जोड़ कर रखने में सफल रहे हैं। छुपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहे हैं वहीं साहित्यकारों एवं लोक कलाकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं।

 साकेत साहित्य परिषद संस्कारधानी राजनांदगांव की समृद्ध साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रही है- जितेन्द्र मुदलियार

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जितेन्द्र मुदलियार ने कहा कि साकेत साहित्य परिषद सुरगी  संस्कारधानी राजनांदगांव की समृद्ध साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। साकेत साहित्य परिषद सुरगी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों में एक जज्बा है जिसके चलते यह संस्था अनवरत 27 वर्ष से संचालित है जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। वैचारिक सत्र में डा.बसंती वर्मा, चेतन भारती, संतोष शर्मा, शिव बालक दास की विशेष उपस्थिति रही।

इनको मिला साकेत सम्मान 2026

मुख्य अतिथि सचिन सिंह बघेल ने छत्तीसगढ़ी भाषा में विशिष्ट योगदान हेतु डा. विनोद वर्मा भाषाविद, साहित्यकार बिलासपुर को साकेत साहित्य सम्मान, बांसगीत वादन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु विक्रम यादव,खैरा, राजनांदगांव को साकेत कला साधना सम्मान, छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु लोक संगीतकार गोविंद साव, राजनांदगांव को साकेत कला साधना सम्मान और ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े वरिष्ठ गीतकार,कवि आनंद राम सार्वा कुतुलबोड़ भांठागांव को साकेत सृजन सम्मान के अंतर्गत शाल , श्रीफल, प्रतीक चिन्ह एवं पेन भेट कर सम्मानित किया गया। वहीं सुप्रसिद्ध व्यंग्य सर्जक गिरीश ठक्कर जो कि स्वास्थ्यगत कारण से छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के प्रांतीय सम्मेलन बेमेतरा  नहीं जा पाये थे उनको भी

मोखला में साकेत साहित्य परिषद के मंच में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग, रायपुर के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने सम्मानित किया। सम्मानित साहित्यकारों एवं लोक कलाकारों के
सम्मान पत्र का वाचन क्रमशः रोशन साहू, धर्मेंद्र पारख मीत, माला गौतम एवं मदन मंडावी ने किया।


तृतीय सत्र में कवियों ने समां बांधा

तृतीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि प्रख्यात कवि पद्मलोचन शर्मा मुंहफट राजनांदगांव एवं अध्यक्षता डा. अशोक आकाश वरिष्ठ साहित्यकार बालोद ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विभिन्न साहित्य समितियों के अध्यक्षगण एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित थे। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में चेतन भारती,गजेन्द्र हरिहारणो दीप, अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, हीरा दास साहू,गोपाल मानिकपुरी,डा. चंद्रशेखर शर्मा, जितेन्द्र पटेल,चंद्रिका प्रसाद देशमुख, पुष्पकर सिंह राज दर्वेश आनंद,  हर्ष कुमार साहू,डा. पदमा साहू पर्वणी, इंद्रजीत दादर,  डा. एस. एल. गंधर्व, शंकर शरण खोबरागड़े ,रोहित तारम, दर्वेशआनंद,अनिल कसेर, मनीष साहू  रूपा साहू, अनिल कसेर, मनीष साहू मन,सेवक सिन्हा,देवजोशी गुलाब,तुकेश पटेल,अलखराम यादव,नंदकुमार नादान,करिश्मा श्रीवास्तव, सोनिया नायडू,कोमल सिंह गुरू, दूज राम साहू,शैलेष  गुप्ता, बेदराम पटेल, मोती राम भलेन्द्र, रूप लाल सेंद्राम, शिव बालक दास साहू, संतोष शर्मा, मनीष शर्मा, राजेश दुबे, धर्मेंद्र कुमार श्रवण, पुसन साहू की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका प्रशंसनीय योगदान रहा

साकेत साहित्य परिषद सुरगी के 27 वां वार्षिक सम्मान समारोह, परिचर्चा एवं कवि सम्मेलन को सफल बनाने में  अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू अंकुर ,लखन लाल साहू लहर पूर्व अध्यक्ष,उपाध्यक्ष संतूराम गंजीर, उपाध्यक्ष पवन यादव पहुना ,सचिव राजकुमार चौधरी रौना,कोषाध्यक्ष सचिन निषाद,संरक्षक कुबेर सिंह साहू ,संरक्षक वीरेंद्र कुमार तिवारी वीरू,संरक्षक प्यारेलाल देशमुख ,सहसचिव डोहर दास साहू, मीडिया प्रभारी कुलेश्वर दास साहू एवं सदस्यों में महेंद्र कुमार बघेल मधु, फागू दास कोसले, अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, डामन लाल यादव डोंगरी,नंद किशोर साव नीरव, रोशन साहू,धर्मेंद्र पारख मीत,दिलीप साहू अमृत,फकीर प्रसाद साहू फक्कड़ , कैलाश साहू कुंवारा,आनंद राम सार्वा, रूपल साहू, भूखन वर्मा, श्रीमती सुषमा शुक्ला ,श्रीमती माला गौतम, बलराम सिंहा,याद दास साहू, मदन मंडावी,गुमान सिंह साहू, युनुस अजनबी , राजेश जगने, भूपेंद्र साहू सृजन, भूपेंद्र साहू प्रभात,शिव प्रसाद लहरे,अमृत दास साहू,सेवंत देशमुख, सुश्री चंचल साहू , महावीर साहू, दिलीप यादव सहित अन्य लोगों का योगदान सराहनीय रहा।


तीन सत्र तक चले इस कार्यक्रम में रायपुर, बिलासपुर,राजनांदगांव, खैरागढ़, डोंगरगांव, दुर्ग,भिलाई, अंबागढ़ चौकी, मोहला,बालोद,गुरूर, छुरिया, डोंगरगढ़, डौंडी लोहारा सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में साहित्यिकारों की उपस्थिति रही।


मंच संचालन एवं आभार व्यक्त

प्रथम सत्र का संचालन महेन्द्र कुमार बघेल मधु, आभार राज कुमार चौधरी रौना,द्वितीय सत्र का संचालन लखन लाल साहू लहर, सुषमा शुक्ला, आभार सचिन निषाद,तृतीय सत्र कवि सम्मेलन का संचालन वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू,रोशनलाल साहू शिक्षक, पवन यादव पहुना एवं आभार ओमप्रकाश साहू अंकुर अध्यक्ष , साकेत साहित्य परिषद सुरगी ने किया।

 


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