भूतपूर्व सैनिकों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की सुरक्षा की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ में भूतपूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के प्रभावी एवं विधिसम्मत क्रियान्वयन की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिमें कहा कि उक्त GAD पत्र में पात्र भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ESM के लिए निर्धारित पदों को गैर-ESM अभ्यर्थियों से भरने तथा backlog सधिमंडल ने राज्यपाल महोदय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के 11 सितंबर 2026 के पत्र क्रमांक RULE/955/2026-GAD-3 की विधिक समीक्षा कराने तथा आवश्यकता होने पर उसमें संशोधन अथवा उसे निष्प्रभावी करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन माप्त करने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। भूतपूर्व सैनिकों ने आशंका जताई कि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में भूतपूर्व सैनिक नियम, 1985 के Rule 4(3), Rule 6A, 10 प्रतिशत क्षैतिज ESM आरक्षण तथा UR/SC/ST/OBC के वर्टिकल आरक्षण के बीच समन्वय को स्पष्ट रूप से सुनिश्चित करना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसी ESM पद को गैर-ESM अभ्यर्थी से भरने से पहले Rule 6A के तहत उपलब्ध चयन-मानकों में छूट के प्रावधानों का विधिवत परीक्षण किया जाए। साथ ही प्रत्येक मामले में निर्णय के कारणों को अभिलेख में दर्ज किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पात्र भूतपूर्व सैनिक अभ्यर्थियों की उपलब्धता और निर्धारित नियमों का समुचित परीक्षण किया गया है।
ज्ञापन में backlog पर पड़ने वाले प्रभाव तथा क्षैतिज एवं वर्टिकल आरक्षण के समन्वय का roster-wise परीक्षण अनिवार्य किए जाने की भी मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ESM आरक्षण से जुड़े पदों के संबंध में किसी भी प्रशासनिक निर्णय से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था और भूतपूर्व सैनिकों के वैधानिक अधिकार प्रभावित न हों।
हाईकोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला
भूतपूर्व सैनिकों ने ज्ञापन में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के WPS No. 296/2020, Santosh Kumar Mandal v. State of Chhattisgarh, दिनांक 6 अगस्त 2026 के निर्णय का भी उल्लेख किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उक्त न्यायिक निर्णय तथा 11 सितंबर 2026 के GAD पत्र के बीच विधिक सामंजस्य को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। साथ ही प्रशासनिक निर्णय के पीछे के कारणों को पारदर्शी तरीके से अभिलेखित किए जाने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सैनिक बोर्ड की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास एवं आरक्षण से जुड़े मामलों में संबंधित संस्थागत व्यवस्था की भूमिका को उचित रूप से बनाए रखा जाना चाहिए।
राज्यपाल महोदय से आग्रह किया गया कि 11 सितंबर 2026 के GAD पत्र के आधार पर की जा रही अथवा प्रस्तावित कार्रवाई की विधिसम्मत समीक्षा कराई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि ESM आरक्षण को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई से पहले Rule 4(3), Rule 6A, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा संबंधित वर्टिकल आरक्षण का roster-wise परीक्षण अनिवार्य किया जाए। आवश्यकता होने पर GAD पत्र को वापस लेने, निष्प्रभावी करने अथवा संशोधित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की गई।
भूतपूर्व सैनिक प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी अतिरिक्त आरक्षण अथवा नए लाभ की नहीं है, बल्कि भूतपूर्व सैनिक नियम, 1985 एवं न्यायालय द्वारा निर्धारित विधिक स्थिति के अनुरूप मौजूदा ESM आरक्षण के प्रभावी, पारदर्शी और एकरूप अनुपालन की है।
प्रतिनिधिमंडल में पवन निषाद, गोवर्धन शर्मा, सुनील वर्मा, जेपी नायक, रवि साहू, डेमन साहू, राकेश सोनी, सोहनलाल साहू, रोमनाथ वर्मा, खेमराज शर्मा, पंकज कुमार, गणपत साहू, राजेश कुमार, अमरजीत सिंग, भूपेंद्र साहू एवं गजेन्द्र साहू उपस्थित रहे।