छत्तीसगढ़ / बालोद

सरबदा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की स्थापना, गांव की खुशहाली की मांगी मन्नत

बालोद/गुरुर। शारदीय नवरात्रि के अति पवित्र और पावन पर्व पर बालोद जिले के समृद्ध गुरुर क्षेत्र में स्थित ग्राम सरबदा का माहौल पूरी तरह से भक्ति, आस्था और अभूतपूर्व धार्मिक उत्साह के रंग में रंग गया है। गांव के दुर्गा उत्सव समिति तथा समस्त ग्रामवासियों के गरिमामयी संयोजन में पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना और गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जगज्जननी मां दुर्गा की अति मनमोहक प्रतिमा की स्थापना संपन्न हुई। प्रतिमा स्थापना के साथ ही समूचा गांव 'जय माता दी' और माता रानी के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमुदाय और श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति की प्रथम आरती उतारकर पूरे गांव, अंचल तथा देशवासियों के कल्याण, आरोग्य, आर्थिक समृद्धि और स्थायी शांति की मंगलकामना की।

इस वर्ष सरबदा के इस भव्य और गौरवमयी धार्मिक आयोजन में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापना का पूरा पुण्य लाभ एवं विशेष आर्थिक व भौतिक योगदान ताम्रध्वज सिन्हा, उनकी धर्मपत्नी नोमीन सिन्हा तथा पूजनीय माता नगेशिया बाई सिन्हा के द्वारा प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि सेना में अपनी सेवाएं देकर देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिक ताम्रध्वज सिन्हा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के अंतर्गत 'पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ' में मंडल मिर्रिटोला (जिला बालोद) के सह मीडिया प्रभारी के रूप में दायित्व संभाल रहे हैं। सीमा पर भारत माता की सेवा करने के उपरांत अब अपने गृह क्षेत्र में इस प्रकार के उत्कृष्ट धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में समर्पित इस सिन्हा परिवार की अनोखी पहल को पूरे गांव ने सहर्ष सराहा तथा अत्यंत सम्मान व श्रद्धा की दृष्टि से देखा।

नवरात्रि का यह पावन पर्व न केवल भक्ति का केंद्र बना, बल्कि इसके माध्यम से गांव में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और अखंड एकता का अत्यंत सुंदर व प्रेरक संदेश भी प्रसारित हुआ। गांव के सभी वर्गों के नागरिकों, बुजुर्गों, युवाओं तथा महिलाओं ने एक मंच पर एकजुट होकर पूरे नियम-निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जगदम्बा के चरणों में शीश नवाकर प्रार्थना की कि माता रानी की असीम कृपा से प्रत्येक परिवार में खुशहाली, निरोगी जीवन और परस्पर प्रेम सदा बना रहे।

कार्यक्रम के समापन पर दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों तथा समस्त ग्रामवासियों ने संयुक्त रूप से ताम्रध्वज सिन्हा, उनकी पत्नी नोमीन सिन्हा एवं माता नगेशिया बाई सिन्हा सहित पूरे परिवार का मंच से सहृदय धन्यवाद ज्ञापन किया। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे पावन धार्मिक एवं सामूहिक अनुष्ठानों में व्यक्तिगत और पारिवारिक सहयोग मिलने से गांव की सनातन परंपराएं, सांस्कृतिक मूल्य और आपसी सौहार्द न केवल जीवित रहते हैं, बल्कि उन्हें एक नई ऊर्जा और मजबूती मिलती है।


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